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समस्तीपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान: 23 लाख के 91 मोबाइल बरामद, पदाधिकारियों को सम्मान

Samastipur, Bihar:ऑपरेशन मुस्कान के तहत समस्तीपुर पुलिस ने 23 लाख रुपये मूल्य के 91 मोबाइल बरामद कर धारकों के बीच किया वितरित। इस अभियान में बेहतर काम करने वाले इंस्पेक्टर राम कुमार और सब इंस्पेक्टर रिचा सिंह को एसपी करेंगे पुरस्कृत। समस्तीपुर पुलिस ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार कारवाई करते हुए चोरी और गुम हुई मोबाइल फोन को बरामद कर उसके धारकों के बीच वितरित कर रही है। इस क्रम में पुलिस के द्वारा 23 लाख रुपये बाजर मूल्य के 91 मोबाइल फोन को बरामद कर उसके धारकों के बीच वितरित किया है। इस सम्बंध में एसपी अरविंद प्रताप सिंह का बताना है की इस अभियान के लिए जिले में अलग - अलग टीम गठित किए गए हैं। ऑपरेशन मुस्कान के तहत विभिन्न चरणों में अब तक 4 करोड़ 24 लाख रुपये मूल्य के 1820 मोबाइल फोन बरामद कर उसके धारकों के बीच वितरित कर चुकी है। डीएसपी साइबर और तकनीकी टीम की मदद से इन मोबाइल फोन को बरामद किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा पटोरी थाना के द्वारा 24 मोबाइल बरामद किए गए हैं। दलसिंह सराय और रोसड़ा थाना के द्वारा 22 - 22 मोबाइल बरामद किए गए हैं। वही सदर और साइबर थाना के द्वारा 10 - 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस अभियान में बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस बार इस अभियान के प्रभारी इंस्पेक्टर राम कुमार और दलसिंह सराय सब इंस्पेक्टर रिचा सिंह के द्वारा बेहतर कार्य किए गए हैं। उनके इस कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा。
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रोहतक: इनेलो सचिव मंजीत कन्हेली के थाने में हाथापाई का वीडियो वायरल

RTRAJ TAKIYAJust now
Rohtak, Haryana:इनेलो प्रदेश सचिव का थाने में झगड़े का वीडियो एसएचओ से हाथापाई, मंजीत कन्हेली पर बहन की हत्या का चल रहा केस रोहतक में इनेलो के प्रदेश सचिव मंजीत कन्हेली का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें मंजीत कन्हेली शिवाजी कॉलोनी थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते दिख रहे है। साथ ही पुलिस व मंजीत के बीच हाथापाई भी हो रही है। हालांकि यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है, जिसमें कोई केस तक दर्ज नहीं हुआ था बताया जा रहा है कि शिवाजी कॉलोनी थाने में अक्टूबर 2025 में सुनारियां गांव की एक पंचायत आई थी, जिसमें इनेलो नेता मंजीत कन्हेली को भी बुलाया था। मामले में थाने के अंदर ही पुलिस के साथ मंजीत की गहमा-गहमी हो गई। मंजीत कन्हेली व पुलिस के बीच बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई तक होने लगी। जिसका वीडियो भी बनाया जा रहा था。 झगड़े के बाद लोगों ने बीच बचाव करते हुए मामले को शांत करवाया। थाने के अंदर झगड़ा होने के बाद भी मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया और ना ही कोई वीडियो उस समय बाहर आया। अब पहले अभय चौटाला द्वारा डीसी को धमकाने व विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा 4 दिन पहले डीसी को धमकाने व एसपी को गाली देने के बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। इनेलो के प्रदेश सचिव मंजीत कन्हेली पर अपनी ही बहन की 2025 में एमडीयू गेट के बाहर हत्या करने का केस चल रहा है। मंजीत कन्हेली की बहन किसी लड़के के साथ प्रेम करती थी और मंजीत कन्हेली इसके खिलाफ था। इसी बात को लेकर मंजीत ने अपनी बहन को बहाने से बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी। यह मामला कोर्ट में चल रहा है और मंजीत मामले में जमानत पर बाहर है。 एसएचओ ने क्यों दर्ज नहीं किया केस अक्टूबर 2025 में थाने के अंदर हुए झगड़े में पुलिस की तरफ से कोई केस क्यों दर्ज नहीं किया गया। पुलिस के साथ थाने में ही झगड़ा होना अपने आप में बड़ी बात है। फिर एसएचओ की ऐसी क्या मजबूरी रही कि उन्होंने केस दर्ज करने की बजाय मामले को ही खत्म कर दिया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी。 पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास इनेलो के प्रदेश सचिव मंजीत कन्हेली ने कहा कि पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। कुछ लोग उसे इस वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल भी कर रहे है। यह अक्टूबर 2025 का वीडियो है और मामला थाने में ही खत्म भी हो गया था。 मंजीत कन्हेली ने कहा कि अब इस वीडियो को सोशल मीडिया पर डालकर पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर जल्द ही पुलिस में शिकायत भी करेंगे। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी इसके बारे में जानकारी देंगे।
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अलीगढ़ के खिलाड़ियों के लिए 60 करोड़ रुपये का इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जल्द उद्घाटन

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बना अत्याधुनिक इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स लगभग तैयार हो चुका है दावा किया जा रहा है कि यह अलीगढ़ मंडल का पहला इतना भव्य और विश्वस्तरीय खेल परिसर होगा, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण मिलेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इसका उद्घाटन कर सकते हैं अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत निर्मित इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स खिलाड़ियों के लिए नई सौगात बनकर तैयार है लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बने इस कॉम्पलेक्स में ओलंपिक स्टैंडर्ड स्विमिंग पूल, इंटरनेशनल बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट और हाईटेक जिम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी यहां उच्च कोटि के प्रशिक्षकों की देखरेख में खिलाड़ी अपने खेल कौशल को निखार सकेंगे कॉम्पलेक्स में लगभग 550 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है और निर्माण कार्य अंतिम चरण में है मुख्यमंत्री से समय मांगा गया है, जिसके बाद इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा
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जोधपुर: रात 8 बजे के बाद शराब बेचने पर रोक, 11 विशेष दल तैनात

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री का सिलसिला नहीं थम रहा है। हाल ही में आबकारी विभाग ने निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप में पांच शराब दुकानों के लाइसेंसीस निरस्त करने के आदेश जारी किए थे। वहीं एक आबकारी इंस्पेक्टर को भी एपीओ किया गया था। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों की अवहेलना कर शराब बिक्री जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बताय जा रहा है कि कुछ दुकानों पर शटर बंद कर तथा पीछे के रास्तों और खिड़कियों के माध्यम से ग्राहकों को शराब बेची जा रही है। बुद्धवार रात कालिका पेट्रोलिंग टीम ने भी विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय के बाद हो रही बिक्री का खुलासा किया। स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला आबकारी अधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने और रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए 11 विशेष दलों का गठन किया गया है। ये दल शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार गश्त करेंगे तथा शराब दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि विंडो, पीछे के रास्तों या किसी भी अन्य माध्यम से अवैध बिक्री पाए जाने पर संबंधित लाइसेंसधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन से लेकर निरस्तीकरण तक की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी。
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आगर गांव में युवक ने पुलिस कार्रवाई ना होने पर मोबाइल टावर चढ़ा

Thanagazi, Rajasthan:थानागाजी alवर से बड़ी खबर आगर गांव का मामला युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर पुलिस द्वारा मारपीट करने वाले आरोपियों पर कार्यवाही नहीं करने के मामले को लेकर आक्रोशित होकर युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर मोबाइल टावर पर चढ़कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग पुलिस द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होती देख गांव का पूरा बाजार किया बंद बड़ी संख्या में महिला पुरुष कार्रवाई करवाने की मांग को लेकर टावर के नीचे जमा ग्रामीणों का आरोप पुलिस के द्वारा मारपीट के आरोपियों पर कार्यवाही नहीं की गई उल्टा पीड़ित को ही बंद करने एवं पीड़ित के घर वालों को बंद करने की धमकी देकर मामला रफा दफा करने का लगाया आरोप जानकारी के अनुसार थानागाजी के आगर गांव के अंदर विशाल श्याम जागरण का था आयोजन कुछ लोगों के द्वारा इस जागरण के अंदर व्यवधान डाला जा रहा था इस मामले को लेकर पीड़ित के साथ मारपीट की गई थी इस संबंध में पुलिस की कार्यशैली से नाराज युवक टावर पर चढ़ गया
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कोटा के आरके पुरम में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या; सुसाइड नोट मिला

Kota, Rajasthan:कोटा। शहर के आरके पुरम थाना इलाके में एक युवक द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान आंवली रोजड़ी निवासी दीपक जांगिड़ के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची आरके पुरम थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मर्जी से आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी है। सुसाइड नोट में दीपक ने साफ किया कि उसकी मौत के लिए किसी को भी परेशान न किया जाए। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग दर्ज कर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
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निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी, महिला की मौत

Dungarpur, Rajasthan:मामला ओबरी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में कल रात आई तेज आंधी ओर बारिश के दौरान शुरू हुआ। निर्माणाधीन दीवार गिर गई और कुरी देवी, जो जितेंद्र डोडियार के घर में साथ में काम कर रहीं थीं, दीवार के नीचे दब गईं। मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला गया, उन्हें ओबरी अस्पताल लाया गया, पर हालत गंभीर होने के कारण रेफर कर दिया गया। सागवाड़ा अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम सुबोध सिंह चारण और तहसीलदार रक्षा बुनकर मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। पुलिस ने शव को सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद आज शव परिजनों को सौंप दिया गया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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वर्क फ्रॉम होम के झांसे: राजस्थान में महिलाएं करोड़ों की ठगी का शिकार

Jaipur, Rajasthan:सोशल मीडिया पर घर बैठे मोटी कमाई और वर्क फ्रॉम होम के आकर्षक विज्ञापन लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। साइबर ठग बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों, छात्रों और अतिरिक्त आय की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। राजस्थान में पिछले एक महीने के दौरान ही वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 8 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में करीब 72 प्रतिशत पीड़ित महिलाएं हैं। साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन डालते हैं, जिनमें घर बैठे प्रतिमाह 40 से 80 हजार रुपये कमाने का दावा किया जाता है। नौकरी दिलाने के नाम पर पहले रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, आईडी वेरिफिकेशन या ट्रेनिंग शुल्क मांगा जाता है। कई मामलों में लोगों से बैंक खाते, ओटीपी और यूपीआई से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर ली जाती है। रकम जमा कराने या जानकारी लेने के बाद ठग मोबाइल नंबर बंद कर गायब हो जाते हैं। महिलाएं क्यों बन रही हैं साइबर ठगों का सॉफ्ट टार्गेट? मनोचिकित्सकों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को निशाना बनाने के पीछे साइबर अपराधियों की सुनियोजित रणनीति होती है, मनोचिकित्सकों के अनुसार, गृहिणियां और युवतियां परिवार की आर्थिक मदद करने तथा आत्मनिर्भर बनने की इच्छा रखती हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलने पर वे ऐसे विज्ञापनों में रुचि दिखाती हैं। साइबर ठग इसी मनोवैज्ञानिक लाभ उठाते हैं और भरोसा जीतने के लिए लगातार बातचीत, फर्जी दस्तावेज और नकली कंपनियों की वेबसाइटों का सहारा लेते हैं। बाइट - डॉ. अनीता गौतम, मनोचिकित्सक साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि महिलाएं अक्सर सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर्स को गंभीरता से लेती हैं और कई बार सामने वाले पर जल्दी विश्वास कर लेती हैं। ठग पहले छोटे-छोटे टास्क देकर या शुरुआती भुगतान दिखाकर भरोसा पैदा करते हैं, फिर बड़ी रकम निवेश या जमा कराने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि महिलाएं साइबर अपराधियों के लिए "सॉफ्ट टार्गेट" बन जाती हैं। बाईट - डॉ. सीबी शर्मा, रिटायर्ड आईपीएस एंड साइबर एक्सपर्ट साइबर ठग सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर 45 से 80 हजार रुपए मासिक कमाई का लालच देकर लोगों को जोड़ते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, आईडी वेरिफिकेशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर रकम वसूली जाती है। भुगतान होने के बाद ठग संपर्क तोड़ देते हैं या फिर नए-नए टास्क देकर और पैसे जमा करवाते हैं। कई मामलों में बैंक डिटेल, ओटीपी और स्क्रीन शेयरिंग की जानकारी लेकर खातों से रकम भी निकाल ली जाती है। राजस्थान के प्रमुख ठगी के मामले भरतपुर: 29 महिलाओं से ₹1 करोड़ की ठगी भरतपुर जिले में रोजगार और स्व-रोजगार देने के नाम पर 29 महिलाओं से करीब 1 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया। इस घटना में पीड़ित महिलाओं ने अपने गहने और खेत तक गिरवी रख दिए थे, जिससे मानसिक तनाव के कारण कुछ महिलाओं की तबीयत भी बेहद गंभीर हो गई थी。 2. शाहपुरा (जयपुर): 317 महिलाओं से ठगी जयपुर के शाहपुरा क्षेत्र में स्व-रोजगार और कुटीर उद्योग लगाने के नाम पर एक बड़ा रैकेट सामने आया, जहां 317 महिलाओं से करीब 1.89 लाख रुपये ऐंठे गए। आरोपी महिलाओं को काम का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे लेकर फरार हो गए। 3. जयपुर एयरपोर्ट जॉब स्कैम जयपुर एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ और अन्य पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस आरोपी ने एआई (AI) और डिजिटल एडिटिंग के जरिए फर्जी आईडी कार्ड बनाकर 30 से अधिक बेरोजगारों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की थी। 4. कोटा जॉब स्कैम कोटा कोचिंग हब और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी महिलाओं को रोजगार का झांसा देकर लाखों की ठगी की गई, जिसके विरोध में पीड़ित महिलाओं ने थानों के बाहर भारी प्रदर्शन और बवाल किया था. 5. झुंझुनू: सरकारी नौकरी के नाम पर ₹14.85 लाख की ठगी झुंझुनू के सिंघाना में कोर्ट में बाबू (क्लर्क) की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 14.85 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में एक रेलवे कर्मचारी और उसकी पत्नी ने मिलकर साजिश रची थी। ऐसे होती है ठगी- सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन दिखाया जाता है。 व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर संपर्क कराया जाता है。 रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस जमा करवाई जाती है。 कुछ मामलों में बैंक डिटेल, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग करवाई जाती है。 पैसे मिलते ही ठग संपर्क खत्म कर देते हैं और मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं。 साइबर विशेषज्ञों की सलाह नौकरी के नाम पर कभी भी अग्रिम शुल्क जमा न करें。 कंपनी की वेबसाइट, पता और पंजीकरण की जांच अवश्य करें。 बैंक खाता, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा न करें。 किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें。 स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें。 संदिग्ध कॉल, ई-मेल या ऑफर की सत्यता जांचें。 ठगी होने पर तुरंत 1930, 1945 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं。 विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब तकनीक के साथ-साथ लोगों की भावनाओं और आर्थिक जरूरतों को भी हथियार बना रहे हैं। ऐसे में विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि आत्मनिर्भर बनने की चाह साइबर ठगों के जाल में न फंस जाए।
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आसाराम को कोर्ट से मिली जेल सुविधाओं की राहत, स्वास्थ्य पर विशेष व्यवस्था

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में प्रदान की गई सुविधाओं को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मामला की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने आसाराम की आयु और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए। आसाराम की ओर से अधिवक्ता RS सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि वह लंबे समय से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं तथा वृद्धावस्था के कारण विशेष देखभाल और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता है। याचिका में दो समय बाहरी भोजन, अल्कलाइन वॉटर, बेड, सेवक, अलग कक्ष तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की सुविधा जारी रखने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पूर्व में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई सुविधाओं को बरकरार रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार आसाराम को दो समय बाहरी भोजन, अल्कलाइन पानी, बेड, सेवक और अलग कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही चिकित्सक डॉ. सचित भोला और डॉ. अरुण त्यागी द्वारा जेल में जाकर उपचार करने तथा एक माह तक आरोग्यम अस्पताल में उपचार के लिए जाने की अनुमति भी दी गई है। सुनवाई के बाद आसाराम को राहत मिलने पर उनके समर्थकों में संतोष का माहौल देखा गया।
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जोधपुर नगर निगम: जनगणना के पहले चरण में विशाल घर-घर सर्वे तेज़ी से आगे

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर जनगणना 2027 के पहले चरण में हाउसहोल्ड गणना का कार्य जारी है जोधपुर शहरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा हाउसहोल्ड जनगणना का कार्य प्रगति पर है ।कार्य की प्रगति संतोषजनक है और प्रशासन को उम्मीद है कि यह कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि जनगणना कार्य को अधिक प्रभावी और कर्मचारियों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रारंभिक योजना में संशोधन किया गया है। राहुल जैन ने बताया कि जिले में 1616 हाउसहोल्ड ब्लॉक्स निर्धारित किए गए थे, लेकिन फील्ड वेरिफिकेशन के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर 1663 कर दी गई। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि किसी भी कर्मचारी पर अत्यधिक कार्यभार न पड़े और जनगणना का कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन ने जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी विशेष ध्यान रखा है। सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके कर्मचारियों, गर्भवती महिला कर्मचारियों, छोटे बच्चों की देखभाल करने वाले कर्मियों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को इस कार्य से छूट प्रदान की गई है। इससे अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर तरीके से कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि जिले में नियुक्त प्रगणकों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। सुबह तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 185 प्रगणकों ने अपना निर्धारित कार्य पूर्ण कर लिया था। इससे स्पष्ट है कि जनगणना कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जोधपुर नगर निगम क्षेत्र में इस जनगणना के तहत लगभग 3 लाख 68 हजार हाउसहोल्ड्स का सर्वेक्षण किया जाना है। अब तक करीब 2 लाख 40 हजार हाउसहोल्ड्स का प्रतिपलन (एन्यूमरेशन) पूरा किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का बड़ा हिस्सा है। उनका मानना कि जिस गति से कार्य चल रहा है और कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है, उसे देखते हुए जनगणना का यह चरण निर्धारित समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा。
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जोधपुर के होटल-रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी चेकिंग: कई जगह लापरवाही सामने

Jodhpur, Rajasthan:दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में आग लगने की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे के बाद जोधपुर में भी होटल और रेस्टोरेंट्स की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। जी मीडिया की टीम ने जब शहर के विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट्स का रियलिटी चेक किया तो कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त मिली तो कहीं इमरजेंसी एग्जिट ही अवरुद्ध पाए गए। अब नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। देखिए यह खास रिपोर्ट। वीओ-1 दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद जोधपुर में भी आग से सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल शुरू हो गई है। जी मीडिया की टीम ने शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट्स का रियलिटी चेक किया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, इमरजेंसी एग्जिट, हाइड्रेंट सिस्टम और कर्मचारियों को दिए गए फायर सेफ्टी प्रशिक्षण की जांच की गई। जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह व्यवस्थित मिला, लेकिन कई जगह गंभीर लापरवाही भी देखने को मिली। कुछ रेस्टोरेंट्स में फायर एक्सटिंग्विशर तो लगे हुए थे, लेकिन उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। वहीं कुछ स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट के रास्ते सामान रखकर बंद कर दिए गए थे, जो किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं。 वॉक थ्रू - लोकेश ओला वीओ-2 रियलिटी चेक की रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन भी सतर्क हो गया है। निगम आयुक्त राहुल जैन ने शहरभर में व्यापक जांच अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। अब होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कॉलेज, निजी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि दिल्ली में हुई घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। जोधपुर में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए सभी संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिनके पास फायर एनओसी नहीं है या फायर फाइटिंग सिस्टम कार्यशील नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बाइट - राहुल जैन, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर वीओ-4 नगर निगम की टीम यह भी जांच करेगी कि संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी है या नहीं, फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित हैं या नहीं और उपलब्ध उपकरण कार्यशील स्थिति में हैं या नहीं। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां नोटिस जारी कर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। फाइनल वॉक थ्रू - लोकेश ओला
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