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NNAVODEET Follow15 Jul 2024, 04:27 am
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बोकारो के गोमिया में 30 हाथियों का झुंड, QRT टीम रातभर खदेड़ती रही

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के गोमिया वन क्षेत्र में 30 हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है जिसमें तीन हाथी गर्भवती। वन विभाग के अनुसार करीब 30 हाथियों का झुंड गोमिया के जंगल में विचरण कर रहा है। इस झुंड में 3 गर्भवती हथिनियां और 1 छोटा बच्चा भी शामिल है। रात में कुछ हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर बोकारो से रामगढ़ की ओर प्रवेश कर गया। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की QRT टीम रातभर गश्त कर रही है। टीम के सदस्य विजय गुप्ता, संतोष कुमार, राजेश कुमार, सुनील किस्कू और अनिल प्रजापति हाथियों के लोकेशन पर नजर रखकर उन्हें मशाल, पटाखे और आवाज के जरिए जंगल की ओर खदेड़ रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि रात में अकेले घर से न निकलें, हाथी दिखने पर शोर न मचाएं और तुरंत वन विभाग या QRT टीम को सूचना दें। पिछली घटनाओं को देखते हुए वन विभाग अलर्ट पर है ताकि कोई बड़ी घटना न घटे।
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वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू: गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में तारीफ, विपक्ष पर तुष्टिकरण वार

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। वहीं जम्मू-कश्मीर के एक पुस्तकालय में कथित तौर पर आतंकी से जुड़ी किताब रखे जाने के मामले को लेकर विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर खुशी जताते हुए कहा कि वैभव सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है। उन्होंने कहा कि देश के दिग्गज क्रिकेटरों ने भी वैभव की प्रतिभा की खुलकर सराहना की है और माना है कि ऐसे खिलाड़ी कभी-कभी ही जन्म लेते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि वैभव ने बेगूसराय में कई वर्षों तक क्रिकेट का अभ्यास किया है और आने वाले समय में वह दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करेगा।इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के एक पुस्तकालय में कथित तौर पर आतंकी से जुड़ी किताब रखे जाने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति के लिए तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की जा रही है। उनका कहना था कि जनता के विरोध के बाद ऐसी किताबों को हटाना पड़ा, जो लोकतांत्रिक जागरूकता का परिणाम है।गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के गंभीर मुद्दों पर विपक्ष के प्रमुख नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आतंकवादी का महिमामंडन स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस तरह की किसी भी कोशिश का विरोध होना चाहिए। बाइट – गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री
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ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के गायब होने से सियासी घमासान; SIT से बयान की मांग

Noida, Uttar Pradesh:On Govind Giri Maharaj- कौशल किशोर ठाकुर जी, संत एवं कथावाचक, सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर हैं- एक व्यक्ति का पूरे तरह से गायब होना शंका का विषय है...ट्रस्ट में जो दान आता है उसके रख रखाव की जिम्मेदारी होता है कोषाध्यक्ष की. लेकिन कोषाध्यक्ष का कोई बयान नहीं आया है...जिसकी संवैधानिक जिम्मेदारी होती है वो कहां गायब हैं. इसलिए एसआईटी से निवेदन है कि तत्काल कोषाध्यक्ष का पता लगाया जाए और एसआईटी के समक्ष उनके भी बयान लिए जाएं कि इसमें और बड़े-बड़े कितने दोषी हैं. जो अनियमतताएं बरती गई है. उसमें उनका कितना रोल होता है. वो एसआईटी के समक्ष आएँ और अपना बयान दर्ज कराएँ
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शिवहर के फतेहपुर नये टोल में विवाद के बाद खूनी संघर्ष, एक की मौत

Sheohar, Bihar:शिवहर में जलावन की लकड़ी रखने के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। नगर परिषद के वार्ड-23 स्थित फतेहपुर नया टोला में चचेरे भाइयों के बीच हुई मारपीट में 50 वर्षीय अमरेंद्र सहनी की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के निर्देश पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और गांव के साथ-साथ अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। सदर एसडीपीओ अनुशील कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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बेगूसराय में अज्ञात वाहन से दुर्घटना: युवक की मौत, परिवार में मातम

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में सड़क हादसे में घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर के पास की है। मृतक की पहचान मल्हीपुर गांव निवासी विनय महतो के पुत्र सुमित कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सुमित कुमार अपने एक दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से किसी काम से बाजार जा रहे थे। इसी दौरान रघुनाथपुर के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सुमित कुमार की मौत हो गई। जबकि दूसरे घायल युवक का इलाज जारी है। सुमित कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही साहेबपुर कमाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं अज्ञात वाहन की पहचान और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
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झारखंड: श्रावणी मेले के लिए 56 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी तेज

Ranchi, Jharkhand:झारखंड सरकार श्रावणी मेले के सफल आयोजन की तैयारी के लिए जुटी है। इस बार 56 लाख श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है और कांवरिया पथ से लेकर देवघर में सुव्यवस्थित इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। 20 जुलाई को मंत्री की अध्यक्षता में आयोजन की फाइनल बैठक आयोजित है। श्रावणी मेले के आयोजन को लेकर झारखंड सरकार के कला संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया, हर वर्ष श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद रहती है इस बार लगभग 56 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है, पिछले साल के श्रावणी मेले से बेहतर तैयारी के लिए कई बैठकें हुई हैं, तैयारी की समीक्षा हो रही है। 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस श्रावणी मेले की फाइनल समीक्षात्मक बैठक 20 जुलाई को आयोजित की गई है। कुछ नई योजनाओं पर काम हो रहा है पर वो इस बार के श्रावणी मेले में धरातल पर नहीं दिखेगा, आने वाले वर्षों में temporary structure में श्रावणी मेला आयोजन को permanent structure पर ले जाने का विचार है, उस दिशा में काम शुरू है। इस बार विभागों का समन्वय है ताकि बाबा नगरी आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देकर वापस भेजना चाहते हैं। हर साल कांवरिया पथ पर बालू बिछाकर यात्रा के बजाए उसके परमानेंट व्यवस्था की दिशा में जाना चाहते हैं। स्थाई व्यवस्था की तरफ जाना चाहीए। सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन में समय लगता है। उम्मीद है आने वाले वर्ष में और बेहतर होगा। बाइट: सुदिव्य सोनू, मंत्री वहीं झारखंड के पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने बताया, जिला प्रशासन डिटेल्ड होमवर्क के साथ तैयारियों में जुटा है, लगातार इसे लेकर जिला प्रशासन काम कर रहा है। मंत्री की अध्यक्षता में कई बैठकें हुई हैं, फिर से बैठकें होगी। डिटेल्ड प्लानिंग पर काम चल रहा है। श्रद्धालुओं को श्रावणी मेले में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो, दिल्लकत नहीं हो। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर व्यवस्था को जा रही है। श्रावणी मेले की भव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है। बाइट: मुकेश कुमार, पर्यटन सचिव, झारखंड झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, पिछले 6 साल से श्रावणी मेले का स्वरुप बदला है। सीएम के निर्देश पर और उनके देखरेख में व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहती है। खासकर इसको लेकर नगर विकास मंत्री भी बेहतर आयोजन में जुटे हैं। पिछले वर्ष भी मेले की क्लोज मॉनिटरिंग पर्यटन मंत्री ने खुद किया था। सभी से तालमेल बना कर व्यवस्था सुदृढ़ का प्रयास रहा है। बाइट: मनोज पांडेय, प्रवक्ता, झामुमो बीजेपी नेता दीपक बंका ने कहा, श्रावणी मेले सिर्फ झारखंड नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला है, यह लोकआस्था और जन-जन की भावना से जुड़ा त्योहार है। झारखंड सरकार इसको लेकर पूरी व्यवस्था करे। कानून व्यवस्था की अच्छी रहे, श्रद्धालुओं और पैदल कांवर लेकर सुल्तानगंज से आने वालों के लिए उचित व्यवस्था हो। चिकित्सा व्यवस्था का इंतजाम हो ताकि शिव भक्त को कोई दिलकत न हो। बाइट: दीपक बंका, नेता, बीजेपी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले की तैयारी में झारखंड का कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग जुटा हुआ है। बेहतर आयोजन हो, श्रद्धालु यहां आने वाले नहीं हो इसको लेकर मंत्री से सचिव तक मिनिटिंग कर दिशा-निर्देश दे रहे हैं रांची से कुमार चन्दन की रिपोर्ट
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मानसून आपदा से निपटने के लिए आमेर प्रशासन ने पूरी तैयारी की

Jaipur, Rajasthan:मानसून की आपदा से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, जिला प्रशासन ने सभी प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश. आमेर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी. भारी बारिश, जलभराव और मिट्टी कटाव से निपटने के लिए व्यापक तैयारी के साथ तैयार रहे, जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर, पंपसेट और राहत संसाधन तैयार. मौसम विभाग ने जुलाई माह के शुरुआती दो सप्ताह तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. राजधानी के विभिन्न स्थानों पर आपदा केंद्र और कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. आमेर में कंट्रोल रूम भी बना और आपदा से निपटने की सारी तैयारियां की गई हैं. जिला कलेक्टर के निर्देश पर सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नगर निकायों और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित खतरे वाले स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं के दिशा निर्देश दिए गए हैं. विशेष रूप से आमेर, जमवारामगढ़, चंदवाजी, अचरोल, शाहपुरा और पहाड़ी समेत नदी-नालों से जुड़े क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश हैं. जहां पिछले वर्षों में जलभराव, सड़क धंसने, मिट्टी कटाव या पुलिया क्षतिप्रस्त होनें की घटनाएं सामने आई थीं, वहां विशेष निगरानी रखने और तत्काल कार्रवाई के लिए मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश हैं. आमेर क्षेत्र में पहाड़ी इलाकों, कच्ची ढलानों और बरसाती नालों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. तेज बारिश के दौरान पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस व प्रशासनिक टीमों की तैनाती की योजना है. पर्यटक स्थलों और अधिक आवाजाही वाले मार्गों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. प्रशासन द्वारा आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र पर संसाधनों की सूची: आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र के प्रभारी संजय कुमार मीणा ने बताया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए आमेर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के तहत संसाधन और सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिसमें 1 टैक्टर ट्राली 04, 2 मड पम्प 04, 3 गैस कटर 01, 4 लाइफ जैकेट 3, 5 रस्सा 200 मी., 6 पिकअप 01, 7 श्रमिक 10, 8 मिट्टी के भरे कट्टे 19,990, 9 मिट्टी के खाली कट्टे 12,700, कुल कट्टे 32,690, 10 जीप/बोलेरो नहीं, 11 जे.सी.बी 1, 12 डमपर नहीं, 13 अन्य/पोर्टेबल पम्प 01. मानसून में बारिश जैसी आपदा से निपटने के लिए अन्य आवश्यक राहत उपकरण तैयार रखे गए हैं. इन संसाधनों को जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं. प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग करने और स्थिति की नियमित रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को बिना देरी शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं. बाइट— संजय कुमार मीणा, सहायक अभियंता आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र प्रभारी
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तीजन बाई के निधन पर मालिनी अवस्थी: भारतीय लोक कला ने वैश्विक पहचान पाई

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: पद्म विभूषण से सम्मानित और मशहूर पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन पर लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा, "आज हमें बहुत दुखद और चौंकाने वाली खबर मिली कि आदरणीय तीजन बाई जी का निधन हो गया है। उन्होंने भारत की सबसे सशक्त परंपराओं में से एक - कहानी कहने और गspatha गायन की कला - को आगे बढ़ाया और हमारी धरती की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुँचाया। यह उस दौर की बात है जब किसी युवा महिला के लिए अपने गाँव और समाज से बाहर निकलकर सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति देना बहुत हिम्मत का काम था। आज भले ही कई कलाकार हैं, लेकिन आदरणीय तीजन बाई जी ने 1980 के दशक में 'फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया' के ज़रिए फ्रांस और अमेरिका में भारतीय लोक संस्कृति का मान बढ़ाया। पंडवानी के ज़रिए उन्होंने गायन और नाटकीय प्रस्तुति का मेल करके महाभारत की कहानी को जीवंत कर दिया। मेरा मानना ​​है कि बहुत कम लोग ही ऐसी महारत हासिल कर पाते हैं कि वे जीते-जी ही किंवदंती (लेजेंड) बन जाते हैं, जिनकी वजह से किसी कला विधा को वैश्विक पहचान मिलती है, और वे इतने विनम्र और स्नेहपूर्ण स्वभाव के बने रहते हैं। उन्हें जानना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है; मैंने उन्हें पहली बार मंच पर तब देखा था जब मैं बहुत छोटी थी, और बाद के वर्षों में हम रायपुर (छत्तीसगढ़) से लेकर भोपाल और दिल्ली तक कई जगहों पर मिले... मेरी बस यही उम्मीद है कि भारतीय संस्कृति में कहानी कहने की यह परंपरा वैसे ही फलती-फूलती रहे जैसा उन्होंने सपना देखा था…
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