icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
136118
NNAVODEET Follow24 Jul 2024, 12:30 pm

कुरुक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक

Kurukshetra, Haryana:

कुरुक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में संयुक्त संघर्ष पार्टी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक। किसान नेता गुरनाम चढूनी बोले हम देश में खराब हो गई राजनीति का करने आए शुद्धिकरण, कहा संयुक्त संघर्ष पार्टी हरियाणा में लड़ेगी चुनाव। गुरनाम चढूनी ने कहां भाजपा व जजपा के अलावा किसी से भी कर सकते हैं गठबंधन या फिर तीसरे मोर्चे का हो सकता है गठन। गुरनाम चढूनी ने कहा केंद्रीय बजट में किसानों के हक की कोई बात नहीं, आम जनता, मजदूरो, बेरोजगारी पर बजट में कुछ नहीं।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बद्रीनाथ विधायक ने जिलासू आली मोटरमार्ग बहाली के लिए 25 लाख की घोषणा की

Karnaprayag, Uttarakhand:पोखरी ब्लाक के दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली जिलासू आली मोटरमार्ग बीते कई समय से बाधित होने के कारण क्षेत्रीय जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जन समस्याओं को देखते हुए बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने आज लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ इस मोटरमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान विधायक और प्रशासन की टीम को मौके पर पहुँचने के लिए दो किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी पड़ी; विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में धनराशि की कोई कमी नहीं आएगी, उन्होंने जिलासू आली मोटरमार्ग निर्माण के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की.
0
0
Report

कासगंज में रोटी पर थूक लगाकर बनाने वाला वीडियो वायरल, आरोपी की पूछताछ जारी

GZGAURAV ZEEJust now
Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज यूपी के कासगंज में रोटी पर थूक लगाकर रोटी बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस अब आरोपी से पूंछताछ कर रही है。 दरअसल मामला जनपद कासगंज की सदर कोतवाली क्षेत्र के एक होटल का है एक व्यक्ति रोटी बनाते समय उस पर थूक लगाता हुआ दिखाई दे रहा है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है यह घटना कासगंज कोतवाली क्षेत्र के एक Local ढाबा या होटल का है पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी व्यक्ति की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया और आरोपी से पूछताछ जारी है।
0
0
Report
Advertisement

सिस्टम की 'हेल्पलाइन' ही बेहाल: 15 हजार की गुहार पर यूपी पुलिस का 'प्रहार'!

Ajeet MishraAjeet MishraFollowJust now
Basti, Uttar Pradesh:बस्ती/लखनऊ | अजीत मिश्रा (खोजी) उत्तर प्रदेश में सुशासन का दम भरने वाली सरकार की नाक के नीचे जो हुआ, उसने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और जनसेवा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाई गई '1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' आज खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। विडंबना देखिए, जो बेटियां दूसरों की शिकायतें दर्ज कर उन्हें न्याय दिलाती थीं, आज जब उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो उन्हें न्याय की जगह खाकी की 'बदसलूकी' मिली। सड़कों पर घसीटी गईं 'शक्ति' स्वरूपा बेटियां राजधानी की सड़कों से आई तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों को यूपी पुलिस ने जिस तरह से खदेड़ा और उनके साथ धक्का-मुक्की की, वह शर्मनाक है। क्या 15 हजार रुपये वेतन और 50 मिनट के ब्रेक की मांग करना इतना बड़ा अपराध है कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाए? मिशन शक्ति के विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करने वाली सरकार को अपनी इन बेटियों का दर्द क्यों नहीं दिख रहा? 1076: भरोसे का कत्ल और 'जाली' रिपोर्ट का खेल सूत्रों की मानें तो 1076 हेल्पलाइन अब केवल खानापूर्ति का केंद्र बनकर रह गई है। एक तरफ जनता का इस हेल्पलाइन से भरोसा पहले ही उठ चुका है क्योंकि शिकायतों पर जमीनी कार्रवाई के बजाय 'जाली रिपोर्ट' लगाकर फाइलें बंद कर दी जाती हैं। अब इस विभाग के कर्मचारियों का भी सिस्टम से मोहभंग हो गया है। जब विभाग के भीतर ही शोषण का बोलबाला हो, तो वे जनता को क्या राहत दिलाएंगे? महंगाई के दौर में 15 हजार के लिए 'जंग' आज के दौर में जहां महंगाई आसमान छू रही है, वहां 15 हजार रुपये की मामूली तनख्वाह के लिए इन लड़कियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। 10-10 घंटे की शिफ्ट और नाममात्र का ब्रेक—यह आधुनिक बंधुआ मजदूरी नहीं तो और क्या है? प्रशासन की यह तानाशाही बता रही है कि अपराध और भ्रष्टाचार का घड़ा अब भर चुका है और यह कभी भी फूट सकता है। खोजी सवाल: क्या मुख्यमंत्री तक इन बेटियों की आवाज पहुंचने से पहले ही पुलिस के दम पर दबा दी जाएगी? 'जाली रिपोर्ट' के खेल में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? क्या यही है उत्तर प्रदेश का 'महिला सशक्तिकरण'? प्रशासन को समझना होगा कि लाठी के दम पर आवाजें दबाई जा सकती हैं, लेकिन असंतोष की आग को नहीं बुझाया जा सकता।
0
0
Report

तीन पीढ़ियों के बाद चित्रकूट के परिवार ने मुस्लिम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया

Chakala Sitapur, Madhya Pradesh:टॉपलीड- चित्रकूट में तीन पीढ़ियों बाद एक परिवार की घरवापसी, मुस्लिम धर्म छोड़कर विधि-विधान से अपनाया हिंदू धर्म, चित्रकूट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक मुस्लिम परिवार ने तीन पीढ़ियों बाद फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पहले हिंदू था, लेकिन तीन पीढ़ी पहले मुस्लिम धर्म अपना लिया था। अब विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ परिवार ने घरवापसी की है। इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा तेज है। चित्रकूट जनपद के पहाड़ी ब्लॉक के दरसेटा गांव में एक परिवार ने तीन पीढ़ियों बाद घरवापसी करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया। जानकारी के अनुसार, यह परिवार पहले हिंदू था, लेकिन तीन पीढ़ी पहले मुस्लिम धर्म अपना लिया था। बताया जा रहा है कि शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश यात्रा से प्रभावित होकर परिवार ने यह फैसला लिया। विधि-विधान से हवन-पूजन और यज्ञोपवीत संस्कार के साथ परिवार ने पुनः हिंदू धर्म को स्वीकार किया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने अपनी परंपराओं को अपनाते हुए यह निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को “घरवापसी” बताया है, जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
0
0
Report

पारादीप पोर्ट ने 2025-26 में रिकॉर्ड कारोबार के साथ विश्व मानक हासिल किया

Paradeep, Odisha:ପାରାଦୀପ ବନ୍ଦର ସଫଳତା ହାସଲ କରିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛି । ଆନ୍ତର୍ଜାତିକ ବଜାରରେ ଲୁହାପଥର ର ମାନ୍ଦାବସ୍ଥା ସତ୍ତ୍ୱେ ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ସଫଳତା ହାସଲ କରିଛି । ଆଜି ପାରାଦୀପ ବନ୍ଦର ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ପି ଏଲ ହାରାନାଦ ଏକ ସାମ୍ବାଦିକ ସମ୍ମିଳନୀ ମାଧ୍ୟମରେ ଏହି ସୂଚନା ପ୍ରଦାନ କରିବା ସହିତ ୨୦୨୫-୨୬ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ପାଖାପାଖି ୨୫ଶହ କୋଟି ଟଙ୍କାର ବ୍ୟବସାୟ କରିଛି ବୋଲି ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି। ଆସନ୍ତା ୨୦୩୦ ମସିହା ପୂର୍ବରୁ ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ସମ୍ପୁର୍ଣ୍ଣ ମେକାନାଇଜ୍ଡ ମୋଡ୍ ରେ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମ ହେବାକୁ ଯାଉଛି। ବର୍ତମାନ ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ବ୍ୟବସାୟୀକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ୧୦୦ ଟଙ୍କା ରୋଜଗାର ପାଇଁ ମାତ୍ର ୩୧ ଟଙ୍କା ବ୍ୟୟ କରୁଛି। ୨୦୩୦ ସୁଦ୍ଧା ଏହା ଆହୁରି କମିଯିବ ଏବଂ ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ରେ କେପ୍ ସାଇଜ ଭେସେଲ ଲାଗିବାରେ ସୁବିଧା ହେବ। ଏହାଛଡା ପାରାଦ୍ଵୀପ ବନ୍ଦର ଦୈନିକ ୩୫,୦୫୯ ମିଲିୟନ ଟନ ପଣ୍ୟ ଲୋଡିଂ ଓ ଅନଲୋଡିଂ କରି ଭାରତର ଅନ୍ୟ ବନ୍ଦର ମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଏକ ନମ୍ବର ମାନ୍ୟତା ହାସଲ କରିଛି। ଏଥିପାଇଁ ଷ୍ଟିଭେଡୋର ସଂସ୍ଥା, ବନ୍ଦର କର୍ମଚାରୀ, ଶ୍ରମିକ ,ଓଡ଼ିଶା ସରକାର ଓ କେନ୍ଦ୍ର ଜାହାଜ ଚଳାଚଳ ମନ୍ତ୍ରାଳୟର ସହଯୋଗ କୁ ବନ୍ଦର ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ପି.ଏଲ୍.ହରାନାଦ୍ ପ୍ରଶଂସା କରିଛନ୍ତି।
0
0
Report
Advertisement

सीहोर में बेमौसम बारिश से गेहूं फसल भारी नुकसान, किसान मुआवजे की मांग

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर “सीहोर में बेमौसम बारिश का कहर: ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह, किसानों ने मांगा मुआवजा” सीहोर में बेमौसम बारिश ने किसानों पर कहर बनकर बरसी है। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में रखा गेहूं पूरी तरह भीग चुका है और अब सड़ने लगा है, जिससे उसकी गुणवत्ता तेजी से गिर रही है। किसानों का कहना है कि भीगे हुए गेहूं की कीमत अब बाजार में काफी कम हो गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुए किसान अब शासन और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने समर्थन मूल्य पर जल्द से जल्द गेहूं खरीदी शुरू करने की भी गुहार लगाई है。
0
0
Report
Advertisement

चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट से तेजस्वी यादव पर बिहार की बदहाली का आरोप लगाया

Patna, Bihar:लोकेशन— पटना *चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट पर कहा* नेता प्रतिपक्स तेजस्वी यादव अपने ही राज्य को चुनाव के कारण राज्य को बदनाम कर रहे है। दूसरे राज्य में जाकर उनको बताना पड़ रहा है कि बिहार सबसे गरीब राज्य है। बिहार को गरीब बनाए रखने वाला कौन था इसका भी जवाब तेजस्वी को देना चाहिए। बताना चाहिए था कि मेरी पार्टी और मेरा परिवार इसके लिए जिम्मेदार है। बिहार को पिछड़ा बनने के लिए RJD के 90 के दशक का शासन काल जिम्मेदार है। जिसके कारण एक बड़ी आबादी बिहार छोड़कर पलायन कर गई थी। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए आप बिहार के बारे में ऐसी सोच रखते हैं और दूसरे राज्य में जाकर यह बताते हैं। सीएम नीतीश के सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जाने पर चिराग ने कहा कि जो भी नई सरकार बनेगी वह नीतीश जी के मान सम्मान में कोई कमी नहीं करेगी।
0
0
Report
Advertisement

पटना के स्कूलों में किताब-कॉपी महंगाई से अभिभावक परेशान

Patna, Bihar:पटना में निजी स्कूलों में नए सेशन की शुरुआत हो गयी है. नए सेशन में निजी स्कूलों की किताब-कॉपि के दामों में भारी बढ़ोतरी ने पैरेंटस की चिंता बढ़ा दी है. इस बार जहां स्कूल फीस में 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है, वहीं किताब-कॉपि की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. NCERT की किताबों की तुलना में निजी प्रकाशनों की किताबें 10 से 15 गुना तक महंगी बिक रही हैं, जिससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है. प्राइवेट स्कूलों में NCERT के साथ-साथ प्राइवेट प्रकाशनों की साइड बुक चलाने का चलन तेजी से बढ़ा है. इन किताबों की कीमतें NCERT की तुलना में कई गुना अधिक होती हैं. इतना ही नहीं स्कूल हर साल किताबों के एडिशन बदल देते हैं, जिससे पुरानी किताबों का इस्तेमाल संभव नहीं हो पाता और हर बार नया सेट खरीदना मजबूरी बन जाता है. यह सिर्फ CBSE पैटर्न के स्कूलों की हकीकत नहीं है बल्कि ICSE पैटर्न से पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की हालत तो इससे भी ज्यादा बदतर है जहाँ स्कूल सीधे हर साल सेशन शुरू होने के समय टेक्स्ट बुक की सूची जारी कर परिजनों की जेब पर डाका डालते हैं. स्कूल बुक बेचने वाले कहते हैं कि स्कूलों के बुक लिस्ट ही वे बच्चों को बेचते हैं पर हर साल बुक लिस्‍ट में शामिल किताबों की कीमत आसमान छूने लगती है और परिजन स्कूलों की फरमान मानने को मजबूर होते हैं. पटना के डॉन बास्को स्कूल ICSE पैटर्न से गाइडेड है लिहाजा इस बुक पॉइंट पर क्लास नर्सरी से 8 तक के बच्चों की किताब स्कूल के बुक लिस्ट के मुताबिक़ बिकती है. आप पहले दुकान के बाहर एक दीवाल पर लगे बुक लिस्ट को देखिये. इस बुक लिस्ट पर कीमत भी लिखी हुई है. डॉन बास्को स्कूल की बुक लिस्ट में ICSE की बुक शामिल नहीं होती. सिर्फ क्लास 8 में मैथ और अंग्रेजी की दो किताब ICSE की होती है. और नर्सरी क्लास हो या 8 के बच्चे उनको किताबों की कीमत 9 से 10 हजार चुकानी पड़ती है. अभिभावक कहते हैं सीधे लूट है. पर पढ़ाना मजबूरी है. नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही दो बच्चों वाले परिवारों के लिए नया सत्र किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. स्कूल फीस में प्रति स्टूडेंट सालाना कम से कम 12,000 से 15,000 रुपए का अतिरिक्त बोझ भी उनके कंधों पर डाल दिया जाता है. इस अतिरिक्त हर साल बदलने वाली महंगी किताब, नई यूनिफॉर्म, गैर जरूरी स्टेशनरी और स्कूल प्रबंधक के मनमाने हिडन चार्ज शामिल हैं, जिन घरों में दो बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां खर्च सीधा दोगुना यानी 30 हजार के पार पहुंच जाता है. पटना के कुछ स्कूलों ने बुक के लिए बुक शॉप को जिम्मा दे रखा है तो कईयों ने अपने स्कूल में काउंटर खोल रखा है. अभिभावकों को उसी जगह से किताब लेना है जहाँ का नाम बुक लिस्ट में दिया गया है . इसी दूकान से स्टेशनरी भी लेने की अनिवार्यता है. पैरेंटस को एक कार्ड थमा दिया जाता है और कहा जाता है कि ख़ास दूकान से जाकर किताब-कापी प्राप्त कर लें. साथ ही स्कूल की ओर से वर्दी और बैग के लिए भी इसी दूकान से लेने की वाध्यता होती है. यह पटना का ज्ञान गंगा बुक शॉप है जहाँ पटना के सभी नामी स्कूलों की बुक से लेकर कॉपी , ड्रेस , बैग बेचा जाता है. आज आपको बुक लिस्ट की वास्तविकता टेस्ट करके बताइंगे कि बुक लिस्ट में स्कूल के द्वारा प्राइवेट प्रकाशकों की किताब क्यों शामिल की जाती है. यह 7वीं क्लास की अंग्रेजी की किताब निजी प्रकाशक की है और इसकी कीमत देखिए 699 है जबकि NCERT की इस किताब की कीमत 65 रुपए है. इसी तरह व्याकरण की किताब निजी प्रकाशक की 595 रुपए की है जबकि NCERT में यह 65 रुपए में उपलब्ध है. 7वीं के बच्चों को रंगोली किताब 52 पेज की इसकी कीमत 250 रुपए है. इससे सातवी क्लास के बच्चों को स्कूल क्या पढ़ाता है वह तो स्कूल जाने पर ऐसे किताब देखते ही अभिभावक समझ जाते हैं कि उनकी जेब पर यह चपत है. इस दुकान में मौजूद अभिभावकों को सुनिए कि वे क्या कह रहे हैं. दरअसल, स्कूल नए सत्र में फीस के साथ ही परिजनों से लूट के लिए षड्यंत्र बनाते हैं जिसमें सबसे बड़ा किताब की सूची है. एक परिजन कहते हैं कि बुक शॉप क्या करे उसे तो स्कूलों को किताबों के जरिए की गयी लूट का हिस्सा पहुंचाना पड़ता है. साजिश तो स्कूल रचता है और सरकार का इस लूट की ओर ध्यान ही नहीं है.
0
0
Report

भोपाल में NCERT नकली किताबों का रैकेट, छापेमारी के बाद भी बिक्री

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल में किताबों वाली लूट: एक किताब 65 रूपये की उसे 350 में बेचा जा रहा है। पालकों की शिकायत के बाद जिस बुक सेलर से NCERT की नकली किताबें जप्त की वंहा प्रशासन के जाते ही फिर से नकली NCERT किताब bánची जाने लगी। ज़ी मीडिया के कैमरे में बुक सेलर बोला NCERT की सरकारी किताब में नहीं मुनाफा, जिसे SDM ने जप्त कर प्रतिबंधित किया, उसे बेचने में मुनाफा खुल्ला बोला। बुक सेलर—'हम इसे बेचेंगे'। भोपाल के MP नगर स्थित एक बड़े दुकान में नकली किताबें बेची जा रहीं थीं। MP नगर SDM के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में किताबें जब्त की गईं। मामले की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली किताबों का रैकेट चल रहा है। MP नगर जोन-1 स्थित एक किताब दुकान पर छापेमारी हुई, जहां NCERT नकली किताबें असली के नाम पर बेची जा रहीं थीं। यह किताबें देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं; अभिभावक इसे पहचान नहीं पाते। इनके साथ निजी प्रकाशक गोल्डन की नकली किताबें भी बेची जा रहीं थीं, इनमें मधुर हिंदी व्याकरण, मैथ ट्रिक्स, मॉय टॉक्स बुक्स, सोशल साइंस क्योरोसिटी वर्कबुक आदि। SDM एलके खरे ने NCERT नकली किताबों को दिखाते हुए कहा कि पालकों को लूटा जा रहा है; निजी स्कूल और प्रकाशक मिलकर नकली किताबें बेच रहे हैं। छापेमारी के शॉट्स SDM टीम के किताब सेलर से जुड़े दिखे। आगे पाठ पीछे सपाट... छापेमार कार्रवाई खत्म होने के बाद भी बुक सेलर वही गोल्डन पब्लिकेशन की नकली किताबें बेचते पकड़े गए। ज़ी मीडिया संवाददाता प्रमोद शर्मा ने दुकानदार से पूछा नकली किताब क्यों बेच रहे हो तो उसने कहा नकली किताब में विस्तृत जानकारी है और इससे मुनाफा है। दुकान पर मौजुद पालक आर.के. मिश्रा ने कहा कि नकली किताबें महँги बेचकर लूट हो रही है। इस दौरान एक युवक भी नकली किताब बेचने के समर्थन में दिखा। दुकान पर नकली किताबें बेचने का मामला सामने आया।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top