icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
136118
NNAVODEET Follow24 Jul 2024, 12:30 pm

कुरुक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक

Kurukshetra, Haryana:

कुरुक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में संयुक्त संघर्ष पार्टी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक। किसान नेता गुरनाम चढूनी बोले हम देश में खराब हो गई राजनीति का करने आए शुद्धिकरण, कहा संयुक्त संघर्ष पार्टी हरियाणा में लड़ेगी चुनाव। गुरनाम चढूनी ने कहां भाजपा व जजपा के अलावा किसी से भी कर सकते हैं गठबंधन या फिर तीसरे मोर्चे का हो सकता है गठन। गुरनाम चढूनी ने कहा केंद्रीय बजट में किसानों के हक की कोई बात नहीं, आम जनता, मजदूरो, बेरोजगारी पर बजट में कुछ नहीं।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

यमुनानगर में सास की तेरहवीं के दौरान हरप्रीत कौर की संदिग्ध मौत, जांच शुरू

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर में एक दर्दनाक और संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जिस घर में सास की तेरहवीं की रस्म निभाई जा रही थी, उसी घर में 30 वर्षीय हरप्रीत कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीओ : हरप्रीत कौर की शादी वर्ष 2016 में गांव बेड़थल निवासी राजीव चौहान से हुई थी। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज और घरेलू विवादों को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले भी उसके साथ मारपीट हुई थी। रविवार को सास की तेरहवीं में मायके वाले भी शामिल हुए थे। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान भी हरप्रीत के साथ विवाद हुआ। परिवार उसे अपने साथ ले जाना चाहता था, लेकिन समझाइश के बाद वापस लौट गया। रात करीब 10 बजे हरप्रीत ने अपने भाई से फोन पर बात की। इसके कुछ देर बाद उसकी बेटी ने वीडियो कॉल कर बताया कि मां की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें लगातार उल्टियां हो रही हैं। परिजन तुरंत यमुनानगर पहुंचे, लेकिन तब तक हरप्रीत को निजी अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वीओ : मायके पक्ष का आरोप है कि हरप्रीत को जहरीला पदार्थ दिया गया या ऐसी परिस्थितियां बनाई गईं, जिनसे उसकी मौत हुई। पुलिस ने पति राजीव चौहान, ननद डॉली, ननद रीतू और देवरानी नेहा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइट : हरदेव सिंह, मृतका के पति। बाइट : सुनीता देवी, मृतका की मां।
0
0
Report

कैमूर में रील पर पुलिस रेड: पिस्तौल नहीं, लाइटर निकला

Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर जिले में एक सोशल मीडिया रील पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई अब प्रशासन के लिए गले की फांस बन गई है। दरअसल, भगवानपुर थाना क्षेत्र में एक युवक का कथित पिस्तौल के साथ रील बनाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने आधी रात को भाकपा (माले) के प्रखंड सचिव मोहम्मद फिरोज राईन के घर पर छापेमारी की। हालांकि, पुलिसिया कार्रवाई के बाद जो सच सामने आया, उसने पूरे मामले को पलट कर रख दिया। वह कथित हथियार असल में पिस्तौल नहीं, बल्कि पिस्तौल के आकार का एक सिगरेट लाइटर था। इस पुलिसिया रेड को असंवैधानिक और प्रताड़ना बताते हुए वामपंथी संगठनों और अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कैमूर कलेक्ट्रेट भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रखी। बाद में भभुआ एसडीएम और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और जाम खुलवाया। माले नेता फिरोज राईन और किसान सभा के प्रांतीय सचिव अशोक बैठा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना किसी जांच या वारंट के आधी रात को घर में घुसकर अभद्र व्यवहार किया और उनके भाई को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में वह लाइटर भी दिखाया, जिसे पुलिस पिस्तौल समझ बैठी थी। कार्यकर्ताओं ने नए एसपी से मांग की है कि बिना पुख्ता जांच के इस तरह की दमनकारी कार्रवाई करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
0
0
Report
Advertisement

हर घर नल जल योजना की पोल, छह माह से पानी संकट से ग्रामीण

Munger, Bihar:हर घर नल का जल योजना की खुली पोल, छह माह से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण,पेयजल संकट से फूटा जनाक्रोश मुंगेर। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तहत संचालित 'हर घर नल का जल' योजना की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के जमालपुर प्रखंड के गंगा तटवर्ती क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत इन्द्रुख पश्चिमी के वार्ड संख्या-8 डकरा सतखजुरिया में पिछले पांच से छह माह से पेयजल संकट गहराया हुआ है। नल से नियमित पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-80 पार कर वार्ड संख्या-6 से पानी लाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच पेयजल की यह समस्या ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है。 सोमवार को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा सड़क पर उतर आए तथा सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर शीघ्र जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है और वे महीनों से बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं。 प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण उचित भाई पटेल, राहुल कुमार पटेल, सुरजीत कुमार , मोना देवी,आशा देवी, बबीता देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव में जलापूर्ति के लिए लगी तीन हॉर्स पावर (3 एचपी) की मोटर कुछ माह पहले जल गई थी। इसके बाद पीएचईडी द्वारा उसकी जगह केवल एक हॉर्स पावर (1 एचपी) की मोटर लगा दी गई। कम क्षमता की मोटर लगाए जाने के कारण पानी का दबाव काफी कम हो गया है। नतीजतन वार्ड के अधिकांश घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। कई घरों में महीनों से नलों से एक बूंद पानी नहीं निकला है, जबकि कुछ घरों में बेहद कम मात्रा में पानी पहुंचता है, जिससे दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं पातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार पीएचईडी के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का कहना है कि विभाग केवल आश्वासन देता है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। पेयजल संकट के कारण महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते तीन एचपी की मोटर दोबारा नहीं लगाई गई और नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग-80 को जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि 'हर घर नल का जल' योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन डकरा सतखजुरिया में यह योजना पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर उच्च क्षमता की मोटर लगाने, जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को इस गंभीर पेयजल संकट से राहत मिल सके।
0
0
Report

राम मंदिर चंदा चोरी पर CBI जांच की मांग, विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव विरोध

Raipur, Chhattisgarh:नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने राम मंदिर चंदा चोरी पर स्थगन प्रस्ताव पर कहा- राम मंदिर पर विपक्ष चर्चा करना चाहती थी, विपक्ष ने किसी पर आरोप नहीं लगाया. छत्तीसगढ़ के भांजे राम के घर में चोरी हुई है, यह निंदा प्रस्ताव सदन में इसीलिए लाया गया था. सदन में हमारी बातों को नहीं सुना गया. राम मंदिर चंदा चोरी मामले में CBI जांच होनी चाहिए मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- शून्यकाल में अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी का स्थगन लाया गया. भाजपा, RSS ने भूमिपूजन के दौरान गांव गांव से करोड़ो रुपए इकट्ठा किया. करोड़ो रुपए के दान का हिसाब अब तक नहीं मिला. राम मंदिर चंदा चोरी में भाजपा, RSS के लोग शामिल है. मैने भी राम मंदिर के लिए चंदा दिया था. भगवान राम छत्तीसगढ़ के भांजे है, इसलिए वन गमन पथ बनाया गया. पहले वोट की चोरी और अब चढ़ावा की चोरी राम मंदिर चंदा चोरी स्थगन मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- यह मामला उत्तर प्रदेश का है, सरकार जांच कर रही है. सदन में वहां की बात को उठाने का कोई औचित्य नहीं था. लोक महत्व के मुद्दे विधानसभा में उठाए जाते है. छत्तीसगढ़ का राम मंदिर चोरी से कोई संबंध नहीं है. विधानसभा की नियम, परंपरा अलग है. छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी चंदा दिया, सबका स्वागत है राम मंदिर चंदा चोरी मामले में स्थगन और हंगामा मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा- कांग्रेस को संविधान, कानून, विधानसभा व्यवस्था से मतलब नहीं है. अपनी राजनीति करने कांग्रेस ने विस के काम को बाधित किया. कांग्रेस का ऐसा करना दुर्भाग्यजनक है. कांग्रेस ने हमेशा ऐसा किया इसलिए आज हाशिए पर जा रही है बाईट इस सीक्वेंस में है- बाईट- भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ बाईट- अरुण साव, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ बाईट- डॉ चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष बाईट- श्यामबिहारी जायसवाल, कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़.....
0
0
Report
Advertisement

सीतामढ़ी में दहेज हत्या: नवविवाहिता का शव बाइक पर ले जाते दिखे

Sitamarhi, Bihar:सीतामढ़ी से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक नवविवाहिता का शव बाइक पर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि दहेज हत्या के बाद ससुराल पक्ष चोरी-छिपे शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा था, तभी मायके वाले मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेकर बाइक से सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचे। मामला सीतामढ़ी जिले के सुप्पी प्रखंड के घरबारा गांव की है। मृतका की पहचान मधु कुमारी के रूप में हुई है, जिसका मायका रुन्नीसैदपुर प्रखंड के माणिक चौक में है। परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल वालों ने मधु की गला दबाकर हत्या कर दी है।
0
0
Report
Advertisement

उत्तराखंड के GI टैग उत्पाद एक जगह प्रदर्शित, पहचान बढ़ी

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड की पहचान सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पाद भी अपनी पहचान रखते हैं। राज्य के 30 से अधिक उत्पादों को GI टैग मिल चुका है। GI टैग से जुड़ी जानकारी अब एक ही जगह मिलेगी। हल्द्वानी स्थित Forest Training Academy में GI टैग प्राप्त उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में उत्तराखंड के लाल चावल, ऐपन कला, भोटिया दन, भट की दाल, बेडू, पारंपरिक पिछौड़ा, तांबे से बने उत्पाद, नैनीताल की अरोमा कैंडिल और च्यूरा ऑयल समेत कई GI टैग प्राप्त उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। अकाद्मी के निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षुओं के साथ-साथ आम लोगों को GI टैग उत्पादों की जानकारी देना है। GI टैग उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक पहचान और गुणवत्ता का प्रमाण होता है, जिससे राज्य की पारंपरिक विरासत की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलती है और इन उत्पादों से जुड़े कारीगरों की जीविका भी बढ़ती है。
0
0
Report
Advertisement

कांग्रेस ने परिवर्तन संकल्प यात्रा से भाजपा पर सीधा हमला, 2027 की तैयारी तेज

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। परिवर्तन संकल्प यात्रा के जरिए पार्टी गांव-गांव पहुंचकर जनता से सीधा संवाद बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कालसी ब्लॉक के कार्यकर्ताओं की बैठक कर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है। देहरादून जिले के कालसी ब्लॉक स्थित बाढ़बाला के होटल ग्रीन व्यू में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। बैठक में आगामी परिवर्तन संकल्प यात्रा की रणनीति पर चर्चा की गई। प्रीतम सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएं और जनता को कांग्रेस की नीतियों से अवगत कराएं। बैठक के दौरान प्रीतम सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग खुद को हिंदूवादी सरकार बताते हैं, वे राम मंदिर तक में चोरी होने से नहीं रोक पाए और भगवान बद्रीनाथ धाम को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई से जनता परेशान है तथा वर्ष 2027 में भाजपा की विदाई तय है। बैठक के दौरान कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण की। पार्टी नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए दावा किया कि परिवर्तन संकल्प यात्रा को प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। बाईट: प्रीतम सिंह, चकराता विधायक। फिलहाल कांग्रेस परिवर्तन संकल्प यात्रा के जरिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने में जुटी है। अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में यह अभियान कितना असर छोड़ता है।
0
0
Report

STF ने हरियाणा से डिजिटल अरेस्ट मामले के आरोपी को गिरफ्तार किया

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून, उत्तराखंड | राज्य STF की साइबर टीम ने FIR नंबर 21/2025 के तहत दर्ज 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर धोखाधड़ी मामले में हरियाणा से एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करके बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी उस बैंक खाते का धारक था जिसमें साइबर धोखाधड़ी से हासिल ₹50 लाख जमा किए गए थे। इससे पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नैनीताल के रहने वाले पीड़ित ने अगस्त 2025 में रुद्रपुर स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर जालसाजों ने महाराष्ट्र साइबर क्राइम यूनिट के अधिकारी बनकर पीड़ित को बताया कि उनके नाम पर खुले एक बैंक खाते का इस्तेमाल ₹60 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के लिए किया गया है। पीड़ित के बैंक खातों के ऑनलाइन सत्यापन (वेरिफिकेशन) के बहाने, जालसाजों ने उन्हें 12 दिनों तक व्हाट्सएप कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" में रखा और धोखे से कई बैंक खातों में कुल ₹1.47 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए। जांच के दौरान पता चला कि धोखाधड़ी की रकम में से ₹50 लाख गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी लंबे समय से फरार था और आखिरकार STF की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल सबूतों और लगातार निगरानी के आधार पर उसे हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के अंबाला जिले में शाह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत रविदास मंदिर के पास स्थित पिलखानी गांव के निवासी भूपिंदर सिंह के रूप में हुई है: उत्तराखंड STF SSP अजय सिंह।
0
0
Report

महासमुंद: मध्यान्ह भोजन रसोइया महासंघ का प्रदर्शन, मानदेय 50% बढ़ाने की मांग

Mahasamund, Chhattisgarh:महासमुंद जिला मुख्यालय में आज मध्यान्ह भोजन रसोइया महासंघ के सैकड़ों रसोइयों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंची महिला रसोइयों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ी रसोइयों के कारण कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस दौरान नाराज रसोइयों ने कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते रहे। मध्यान्ह भोजन रसोइया महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर से जुड़े रसोइयों की मांग है कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार उनके मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। साथ ही कलेक्टर दर पर मानदेय देने, स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर रसोइयों को कार्य से नहीं हटाने तथा सभी रसोइयों को ई-श्रम कार्ड और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जैसी मांगों को तत्काल पूरा किया जाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वर्षों से वे बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाद में प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top