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Kaithal136027

कैथल में वकीलों ने नए आपराधिक कानूनों का किया विरोध

Jul 15, 2024 11:10:56
Kaithal, Haryana

कैथल के वकीलों ने नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों को क्रूर बताते हुए उनका विरोध किया। नई कैथल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया और अदालत परिसर से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद वकीलों ने उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

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Jan 27, 2026 13:10:09
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Jan 27, 2026 13:09:52
Balrampur, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी द्वारा कृषि भवन का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के विभिन्न पटलों के कार्यों का जायजा लेते हुए संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, आत्मा योजना, पीएम कुसुम योजना, कृषि विज्ञान केंद्रों के जागरूकता कार्यक्रम, कृषि पाठशाला, हाइब्रिड धान बीज वितरण, फार्मर रजिस्ट्री एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। संबंधित रजिस्टरों एवं अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। किसानों को आधुनिक एवं तकनीकी खेती से जोड़ने के उद्देश्य से अंतर्जनपदीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत गन्ना किसानों को नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
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Jan 27, 2026 13:08:13
Shahabad, Uttar Pradesh:ब्लाक टोडपुर के ग्राम चठिया में कन्या जूनियर हाई स्कूल में ग्राम चौपाल का आयोजन जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में किया गया। ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी ने सर्व प्रथम विद्यालय के प्रधानाचार्य से बच्चों, शिक्षकों की संख्या एवं मिड डे मील के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा ग्रामवासियों से कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए किताबे, ड्रेस, भोजन के साथ साप्ताह में एक बार फल व दूध के साथ खेेलकूद सामग्री आदि उपलब्ध कराई जा रही है, इसलिए अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए स्कूल जरूर भेजें तथा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकृत कराये और नियमित आंगनबाड़ी केन्द्र पर भेजें। इस अवसर जिलाधिकारी ने स्कूल के बच्चों से पहाड़ा एवं अंग्रेजी में नाम लिखवाकर शिक्षा की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा शिक्षकों को निर्देश दिये कि पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अलग से क्लास लगाकर उन्हें पढ़ाये। ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय परिसर में सभी विभागों के कैम्प लगाये गये है और गांव के जो महिला व पुरूष 70 वर्ष से अधिक आयु के है और उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है वह आज ही अपना पंजीकरण कराकर आयुष्मान योजना का लाभ प्राप्त करें और जिन लोगों के राशन कार्ड नहीं बने है वह भी आवेदन करें। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास एवं शौचालय के पात्र लोग भी आवेदन करें तथा जो दिव्यांग अपना रोजगार के लिए दुकान खोलना एवं ठेला आदि लगाना चाहते है वह 10 हजार रू0 तक के लिए ऋण के लिए आवेदन करें और अपना रोजगार स्थापित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चे निराश्रित है उनका बाल सेवा योजना के तहत पंजीकरण करायें ताकि उन्हें सरकार से प्रत्येक माह ढाई हजार रूपये पेंशन का लाभ दिलाया जा सके। उन्होने प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रांव के प्रत्येक घर में कनेक्शन करायें। ग्राम चौपाल में ग्रामवासियों ने गांव में विद्युत लाइन डलवाने तथा लो वोल्टेज की समस्या बताने पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांव की विद्युत लाइन ठीक कराये तथा लो वोल्टेज की समस्या का निराकरण करायें। इस संबंध में डीएम ने ग्रामवासियों से कहा कि वोल्टेज की समस्या ठीक होने के बाद सभी विद्युत बिल का समय पर भुगतान अवश्य करें। ग्रामवासियों द्वारा गंाव मंे बारात घर की मांग पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत की भूमि तलास कर बारात घर निर्माण कराया जायेगा। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने नव निर्मित अन्नपूर्णना भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केन्द्र में विद्युत कनेक्शन न होने तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की फर्श टूटी मिलने पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान राजवती से कहा कि तत्काल आंगनबाड़ी केन्द्र में विद्युत कनेक्शन के साथ पंखे लगवायें तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की टूटी फर्श ठीक करायें। उन्होने आरोग्य केन्द्र के निरीक्षण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 भावनाथ पाण्डे को निर्देश दिये कि सभी व्यवस्थायें कराने के साथ आयुष्मान आरोग्य मन्दिर को प्रसव केन्द्र के रूप में संचालित करायें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालय में वृक्षारोपण भी किया। ग्राम चौपाल में पीडी अशोक कुमार मौर्य, जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह, प्रभारी
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PCPranay Chakraborty
Jan 27, 2026 13:07:41
Noida, Uttar Pradesh:लोकेशन-जवाजा ,ब्यावर जिला-ब्यावर विधानसभा-ब्यावर संभाग प्रभारी अभिजीत दवे जिला संवाददाता स्थानीय संवाददाता भगवान सिंह रावत, जवाजा जवाजा, ब्यावर ब्रेकिंग न्यूज ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में माइनिंग विभाग की ड्रोन सर्वे टीम पर हमला करने का मामला सामने आया है। अवैध खनन की जांच के लिए पहुंची टीम के ड्रोन सर्वे के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए ड्रोन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में अवैध खनन माफिया द्वारा सर्वे रुकवाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण में अतीतमंड गांव के सरपंच दुष्यंत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। माइनिंग विभाग की टीम के साथ मारपीट का वीडियो हुआ वायरल।
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ASANIMESH SINGH
Jan 27, 2026 13:07:09
Ujjain, Madhya Pradesh:चारधाम यात्रा क्षेत्र—गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ—के बाद अब देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों और मंदिर परिसरों में गैरहिंदुओं के प्रवेश को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में उज्जैन में भी संत समाज से यह सवाल पूछा गया कि क्या मंदिर या मंदिर परिसर में गैरहिंदुओं को प्रवेश मिलना चाहिए, और क्या वहां उनकी दुकानें होनी चाहिए? इस मुद्दे पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेषानंद गिरी जी महाराज ने अपनी राय रखी। स्वामी शैलेषानंद गिरी जी ने कहा कि मंदिरों की पवित्रता और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। मंदिर और उसके आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है, इसलिए वहां नियम और मर्यादाएं स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय में परंपरा, आस्था और स्थानीय व्यवस्था को ध्यान में रखना जरूरी है। महामंडलेश्वर ने यह भी कहा कि यह विषय संवेदनशील है और इस पर फैसला संवाद और संत समाज की सहमति से होना चाहिए, ताकि किसी की आस्था आहत न हो और शांति बनी रहे। फिलहाल, इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा जारी है और अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की बात कही जा रही है。
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Jan 27, 2026 13:06:04
Shahabad, Uttar Pradesh:कोतवाली शाहाबाद और मझिला थाना के क्षेत्र एक गांवों से दो किशोरियों के लापता होने के खबरें हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मझिला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी की माँ के अनुसार 20 जनवरी की रात उसकी 16 वर्षीय पुत्री को सीतापुर जनपद के महोली थाना क्षेत्र के ग्राम ब्रह्मावली निवासी रिश्तेदार कादिल का पुत्र पंकज अपने साथ बहला फुसलाकर कहीं भगा ले गया है। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी की भाभी के अनुसार वह 22 जनवरी को अपने पुत्र का इलाज करवाने शाहजहांपुर गयी थी। घर पर 17 वर्षीय ननद अकेले थी। 24 जनवरी को वह वापस घर आई तो उसकी ननद घर पर नहीं मिली। उसने पड़ोसियों और अन्य जगह पर ननद को काफ़ी ढूंढा लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। किशोरियों के लापता होने के दोनों मामलों में सम्बंधित थाना पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है । पुलिस ने बताया किशोरियों की तलाश की जा रही है।
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DKDeepesh Kumar
Jan 27, 2026 13:05:45
Noida, Uttar Pradesh:बरेली, UP: बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बारे में ADM बरेली, सौरभ दुबे का कहना है, "...हमें सोशल मीडिया से पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दे दिया है, और हम सब हैरान रह गए... हम बात करने के लिए उनके घर भी गए...वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे...हमने उनसे कहा कि अगर कोई दिक्कत है, तो हमें बताएं...कल से उनका बर्ताव ऐसा है कि वह हमारी बात को पूरी तरह से अनसुना कर रहे हैं...वह सुन नहीं रहे हैं, शायद कुछ लोगों के बहकावे में आकर...कल उन्होंने कहा कि हमने उन पर दबाव डाला, हमने उन्हें बंधक बनाया। यह बात पूरी तरह से यकीन करने लायक नहीं है...DM लगातार हमसे कह रहे हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट से बात करके उन्हें समझाएं...यहां हर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर को यकीन नहीं हो रहा कि सिटी मजिस्ट्रेट ऐसा रुख अपना सकते हैं।"
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PCPranay Chakraborty
Jan 27, 2026 13:05:06
Noida, Uttar Pradesh:रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशवपुरा एनीकट के नीचे पहाड़ी ढलान क्षेत्र में एक मादा जरख (हायना) मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। सूचना मिलते ही नाका प्रभारी राजकुमार शर्मा फील्ड स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और मृत वन्यजीव को सुरक्षित रूप से मंडल कार्यालय लाया गया। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण पहाड़ी से गिरने के चलते प्राकृतिक बताया गया है। वन्यजीव संरक्षण के प्रोटोकॉल एवं दिशा-निर्देशों के तहत नियम अनुसार मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। गठित मेडिकल बोर्ड में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भंवरलाल मीणा, डॉ. पंकज गुप्ता एवं गरदड़ा पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. जितेन्द्र गौड शामिल रहे। मेडिकल बोर्ड द्वारा विधिवत पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान जिला प्रशासन की ओर से सहायक कलेक्टर श्री बनवारीलाल बैरवा (ACM), पुलिस प्रशासन की ओर से थाना कोतवाली बून्दी के श्री सुरजमल, तथा वन विभाग की ओर से उप वन संरक्षक, सहायक उप वन संरक्षक, नाका प्रभारी भैरूपुरा आंतरी सहित अन्य फील्ड स्टाफ मौके पर मौजूद रहे। पोस्टमार्टम उपरांत NTCA प्रोटोकॉल के अनुसार दिनांक 27 जनवरी 2026 को अपराह्न लगभग 3:15 बजे मृत मादा जरख का विधिवत दाह संस्कार किया गया।
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PTPawan Tiwari
Jan 27, 2026 13:04:36
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर जनपद के विकास खंड बलरामपुर के ग्राम कटिया के निकट बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड (बी-पैक्स) देवरांवा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य समारोह के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेयरमैन डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने फीता काटकर समिति का विधिवत उद्घाटन किया और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बी-पैक्स जैसी सहकारी समितियां किसानों, ग्रामीण जनमानस और स्थानीय अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। यह पहल न केवल ग्रामीण विकास को गति देगी, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने इसे सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को ऋण सुविधा, कृषि आदान-प्रदान, सरकारी योजनाओं का लाभ, भंडारण व्यवस्था और ग्रामीण उत्थान से संबंधित जानकारियां दी गईं। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस समिति को क्षेत्र के किसानों के लिए मील का पत्थर बताया। इस अवसर पर डी.पी. सिंह बैस, संजय शुक्ल, विनोद वर्मा, राम बेचन वर्मा, राम उजागर यादव, राघवराम प्रधान, पतिराम वर्मा, मनीष श्रीवास्तव, नान बाबू चौहान, मंशारामा यादव, जानकी प्रसाद, जानकी वर्मा, रमि नरेश यादव (प्रधान भरौड़ी), पहलवान गौतम (पूर्व प्रधानाचार्य), कुलदीप प्रजापति (प्रधान), एलडीबी चेयरमैन घनश्याम तिवारी, पूर्व प्रधान देवरांवा अमरेंद्र प्रताप ‘लल्लू’, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश गुप्ता, शिखा (प्रधानाचार्य कठिया), राम अभिलाख यादव (मुख्य प्रवक्ता), तिलक राम चौहान, कुंदन चौधरी, राम राज सिंह, राम कुमार यादव, गजेन्द्र कुमार यादव (प्रभारी सचिव), रविशंकर चौधरी (सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक), राजेश कुमार (अपर जिला सहकारी अधिकारी, बलरामपुर) और विजय कुमार मिश्रा (अपर जिला सहकारी अधिकारी, सदर बलरामपुर) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस सकारात्मक संदेश के साथ हुआ कि बी-पैक्स देवरांवा आने वाले समय में किसानों और ग्रामीण समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान का सशक्त आधार बनेगा।
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DSDurag singh Rajpurohit
Jan 27, 2026 13:03:47
Barmer, Rajasthan:आदरनीय, यह डिजिटल/वेबसाइट के उपयोग के लिए भी हैं, अच्छी क्वालिटी के फोटो संलग्न हैं। बाड़मेर में OMR शीट घोटाला और पेपर लीक के खिलाफ़ भड़के युवा बाड़मेर में युवाओं का हालिया प्रदर्शन किसी एक परीक्षा या एक भर्ती तक सीमित असंतोष नहीं है, बल्कि यह उस गहरे अविश्वास की अभिव्यक्ति है जो बीते एक दशक में राजस्थान की भर्ती प्रणाली को लेकर लगातार मजबूत होता गया है। OMR शीट में कथित हेरफेर, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं ने युवाओं को इस बिंदु पर ला खड़ा किया है, जहां वे अब सुधार नहीं बल्कि संस्थागत पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर, महावीर पार्क के पीछे आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि OMR शीट बदलने जैसे आरोप केवल तकनीकी चूक नहीं हो सकते। परीक्षा के बाद यदि उत्तर पत्रक की शुचिता पर सवाल उठते हैं, तो पूरी चयन प्रक्रिया स्वतः संदिग्ध हो जाती है। शोधकर्ताओं और परीक्षा सुधारों पर काम करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, OMR आधारित परीक्षाओं में सबसे बड़ी चुनौती पोस्ट-एग्जाम इंटीग्रिटी होती है, यानि परीक्षा समाप्त होने के बाद डेटा की सुरक्षा। यदि इस चरण में पारदर्शिता नहीं हो, तो परिणामों पर भरोसा करना असंभव हो जाता है। इस प्रदर्शन में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु के विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोدारा समेत कई नेता जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पेपर लीक: एक पैटर्न, कोई अपवाद नहीं प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने यह भी रेखांकित किया कि पेपर लीक अब “अपवाद” नहीं रहा, बल्कि एक दोहराया जाने वाला पैटर्न बन चुका है। पिछले वर्षों में सामने आए मामलों से यह स्पष्ट हुआ है कि लीक अक्सर परीक्षा से ठीक पहले या कुछ घंटे पहले होते हैं इसमें संगठित गिरोहों की भूमिका सामने आती है लाभ सीमित लोगों को मिलता है, जबकि नुकसान लाखों अभ्यर्थियों को इसका सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव यह है कि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों में हताशा और व्यवस्था के प्रति अविश्वास गहराता है। संस्थाओं पर अविश्वास: RPSC और चयन बोर्ड कटघरे में युवाओं की प्रमुख मांग है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को मौजूदा स्वरूप में भंग किया जाए। उनका तर्क है कि बार-बार घोटालों के बावजूद जवाबदेही तय नहीं होती जाँचें लंबी खिंचती हैं, लेकिन ठोस सजा नहीं दिखती संस्थागत सुधार की बजाय अस्थायी समाधान अपनाए जाते हैं लोक प्रशासन पर किए गए अध्ययनों में भी यह माना गया है कि जब किसी चयन संस्था की विश्वसनीयता गिरती है, तो केवल नियम बदलना पर्याप्त नहीं होता, संस्था की संरचना, तकनीकी प्रणाली और निगरानी तंत्र तीनों में बदलाव जरूरी होता है। CBI जांच की मांग: क्यों राज्य जांच पर भरोसा नहीं प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग रखी। इसके पीछे तर्क है कि राज्य स्तर की जांच एजेंसियां अक्सर प्रशासनिक दबाव में होती हैं कई मामलों में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती दोषियों तक पहुंचने से पहले मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है इसीलिए युवाओं ने 2014 से 2025 तक की सभी भर्तियों की समग्र और स्वतंत्र जांच की मांग रखी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गड़बड़ियां व्यक्तिगत स्तर पर हुईं या पूरे सिस्टम में समाई हुई हैं。 समस्या कहां है युवाओं के अनुसार भर्ती परीक्षाओं पर हुए विभिन्न शैक्षणिक अध्ययनों के आधार पर तीन प्रमुख कमजोरियां सामने आती हैं: 1. डिजिटल और फिजिकल सिक्योरिटी गैप _ प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर OMR स्कैनिंग तक कई स्तरों पर जोखिम 2. जवाबदेही का अभाव: निर्णय लेने वालों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय न होना 3. राजनीतिक और आर्थिक दबाव: भर्ती प्रक्रियाओं का बाहरी प्रभावों से मुक्त न होना यह आंदोलन क्या संकेत देता है बाड़मेर का यह प्रदर्शन केवल नाराजगी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यह उस पीढ़ी की आवाज़ है जो कह रही है कि अगर भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी, तो सामाजिक न्याय और समान अवसर की अवधारणा ही खोखली हो जाएगी। अब सवाल यह नहीं है कि घोटाले हुए या नहीं, सवाल यह है कि क्या व्यवस्था खुद को सुधारने के लिए तैयार है, या युवाओं का यह अविश्वास और गहराएगा? one टू वन राजेंद्र कड़वासरा, युवा नेता और एक बुजुर्ग शिक्षाविद् के साथ
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MIMohammad Imran
Jan 27, 2026 13:03:22
Jaipur, Rajasthan:जेडीए के ज़ोन बढ़े, निगरानी कमजोर: जयपुर में अवैध कॉलोनियों की बढ़ती समस्या लेख | जयपुर | 17 जनवरी 2026 जयपुर शहर को सुनियोजित विकास की ओर ले जाने के उद्देश्य से जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने हाल के वर्षों में ज़ोन की संख्या 35 से बढ़ाकर 70 कर दी। उम्मीद थी कि ज़ोन बढ़ने से निगरानी मजबूत होगी और अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। वर्तमान में JDA की प्रवर्तन शाखा केवल 27 ज़ोन संभाल रही है, जबकि डेवलपमेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर (DEO) के अधीन महज़ 8 ज़ोन हैं। स्थिति यह हैकि कई अधिकारियों को एक साथ 3-3 ज़ोन का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया गया है। नतीजतन, प्रत्येक ज़ोन में औसतन 40 से 50 शिकायतें लंबित पड़ी हैं, जिन पर समय पर कार्रवाई नहीं हो पा रही। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आता है कि मास्टर प्लान लागू होने से पहले ही शहर के नए और पुराने दोनों इलाकों में अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। कॉलोनाइज़र बिना स्वीकृति के भूखंड काट रहे हैं, सड़कें और बुनियादी ढांचा विकसित कर रहे हैं, लेकिन प्रवर्तन तंत्र की कमजोर पकड़ के चलते ये गतिविधियां निर्बाध जारी हैं। JDA सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग की सहायता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई मामलों में पुलिस बल की मांग पहले ही कर दी जाती है, लेकिन समय पर फोर्स उपलब्ध नहीं होने से सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाइयां टल जाती हैं। इसका सीधा लाभ अवैध निर्माण करने वालों को मिल रहा है। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ज़ोन संरचना के साथ-साथ प्रवर्तन स्टाफ की संख्या और संसाधन नहीं बढ़ाए गए, तो ज़ोन बढ़ाने का निर्णय केवल कागज़ी सुधार बनकर रह जाएगा। अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल से न केवल शहर की यातायात, सीवरेज और जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ेगा, बल्कि भविष्य में इन्हें नियमित करने का बोझ भी आम नागरिकों पर ही आएगा। आज स्थिति यह है कि सवाल उठ रहे हैं— क्या ज़ोन बढ़ाने का उद्देश्य वास्तव में निगरानी बढ़ाना था, या यह केवल प्रशासनिक आंकड़ों तक सीमित रह गया? और सबसे अहम, लंबित शिकायतों और अवैध निर्माण की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? जयपुर जैसे तेजी से फैलते शहर में यदि समय रहते प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो सुनियोजित विकास की अवधारणा केवल दस्तावेजों तक सिमटकर रह जाएगी।
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