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Sumeet KumarSumeet KumarFollow20 Jul 2024, 11:42 am
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झुंझुनूं के लालपुर में पुश्तैनी जमीन विवाद पर राजस्व टीम के सामने ड्रामा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं से इस वक्त की बड़ी खबर लालपुर में सीमा ज्ञान करने पहुंची राजस्व टीम के सामने दो घंटे तक हंगामा विरोध के बीच ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़े युवक, आत्महत्या की दी धमकी अफरा-तफरी में एक महिला बेहोश, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे पुश्तैनी जमीन के विवाद में एक ही परिवार के लोग आमने-सामने तहसीलदार बोले— राजकार्य में बाधा डालने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई झुंझुनूं जिले के लालपुर गांव में एक पुश्तैनी जमीन के विवाद ने ऐसा मोड़ ले लिया कि सीमा ज्ञान करने पहुंची राजस्व टीम और पुलिस के सामने करीब दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विरोध कर रहे कुछ युवक आत्महत्या की धमकी देते हुए सड़क किनारे रखे बिजली के ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़ पड़े। जबकि एक महिला मौके पर ही बेहोश हो गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार जमीन के एक खातेदार ने अपनी भूमि का सीमा ज्ञान करवाने के लिए झुंझुनूं तहसीलदार के समक्ष आवेदन किया था। आवेदन पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ने राजस्व विभाग को सीमा ज्ञान कराने के निर्देश दिए थे। कुछ दिन पहले जब पटवारी मौके पर पहुंची तो एक पक्ष के लोगों ने विरोध करते हुए कार्य नहीं होने दिया। इसके बाद तीन दिन पहले स्वयं तहसीलदार महेंद्र मूंड मौके पर पहुंचे। लेकिन उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा। इसी क्रम में जब अब तहसीलदार महेंद्र मूंड एक बार फिर राजस्व टीम के साथ लालपुर पहुंचे। इस बार उनके साथ बगड़, मंडावा और मलसीसर थाना क्षेत्रों से 15 से अधिक पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। राजस्व टीम ने जैसे ही जमीन का सीमा ज्ञान शुरू करने की कोशिश की। तभी 10 से 12 महिलाएं और कई पुरुष मौके पर पहुंच गए और जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने के साथ ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान विरोध कर रहे एक-दो युवक बिजली के ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़ पड़े और आत्मघाती कदम उठाने की धमकी देने लगे। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें ट्रांसफॉर्मर तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। इसी अफरा-तफरी के बीच एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। करीब दो घंटे तक राजस्व अधिकारियों, पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस, विरोध और समझाइश का दौर चलता रहा। आखिरकार किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए राजस्व टीम और पुलिस जाब्ता बिना सीमा ज्ञान किए वापस लौट गया। बताया जा रहा है। विवाद एक पुश्तैनी जमीन को लेकर है। जिसमें एक ही परिवार के सदस्य आमने-सामने हैं। बताया जा रहा है कि भाइयों की संयुक्त जमीन में से एक भाई ने करीब 15 वर्ष पहले अपने हिस्से की करीब नौ बीघा जमीन बेच दी थी। विरोध कर रहे पक्ष का दावा है कि जमीन बेचने वाला भाई दूसरे परिवार में गोद चला गया था। इसलिए उसे जमीन बेचने का अधिकार नहीं था। जबकि दूसरा पक्ष 15 साल पहले ही अपने हिस्से की जमीन बेच चुका है। घटना के दौरान हुए हंगामे, महिलाओं के विरोध, ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़ते युवकों और मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा बनी हुई है। तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि राजकार्य में बाधा डालने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और गांव का माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए टीम को वापस बुलाया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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केदारनाथ में बारिश का दौर जारी: सांगानेर के सेवक बाबा के दरबार पहुंचे

Jaipur, Rajasthan:मौसम में बदलाव के बाद बारिश का दौर बाबा केदारनाथ में जारी रहा. सांगानेर से समाज सेवक समूह का जत्था केदारनाथ के दरबार पहुंचा. बाबा के दर्शन कर प्रदेश में सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना. 9 जून को जयपुर सांगानेर से समाज सेवक समूह का जत्था केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था जो 12 जून को बाबा के दरबार में पहुंच दर्शन लाभ किया. समाज सेवकों ने बाबा केदारनाथ के अभिषेक कर पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की. समाज सेवक राजू बागड़ा, भाजपा नेता आलोक पारीक, विवेक बागड़ा, अनसुल सोमानी, विनय कुमार, दीपक शर्मा समेत लोग बाबा के मंदिर पहुंचे. समाज सेवकों का मानना है कि जीवन में बाबा केदारनाथ के दर्शन लाभ जरूर करना चाहिए. बाबा के दर्शन से मन में जो मनोकामनाएं पूर्ण होती है साथ ही जीवन के सार का अहसास होता है.
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फर्जी डिग्री नेटवर्क: SOG ने 25 यूनिवर्सिटियों के खिलाफ जांच शुरू की

Jaipur, Rajasthan:फर्जी डिग्रियों का देशव्यापी नेटवर्क! 25 से ज्यादा यूनिवर्सिटी SOG के निशाने पर, राजस्थान में विधायक ने भी ली फर्जी डिग्री राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों को लेकर राजस्थान एसओजी हर दिन नए खुलासे कर रही है। एसओजी ने फर्जी डिग्र्यों और फर्जी सर्टिफिकेट क़ो लेकर बड़े खुलासे भी किए है।राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने पिछले दो सालों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान फर्जी डिग्री, फर्जी सर्टिफिकेट और डमी कैंडिडेट के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वाले करीब 100 से 150 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी की रडार पर देशभर की 25 से ज्यादा यूनिवर्सिटी आ चुकी हैं, जिन पर बैकडेट में डिग्री और प्रमाणपत्र जारी करने के गंभीर आरोप हैं। SOG की जांच में सामने आया है कि सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों को लाखों रुपये लेकर फर्जी डिग्रियां, अंकतालिकाएं, बीपीएड डिग्रियाँ, खेल प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे थे। इन दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों ने सरकारी विभागों में नौकरी तक हासिल कर ली। फर्जी डिग्री नेटवर्क की जांच के बीच एक बड़ा राजनीतिक मामला भी सामने आ चुका है। बागीदौरा से भाजपा विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ भी फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर शिक्षक बनने के आरोपों में SOG ने मामला दर्ज किया है।SOG जांच के अनुसार जयकृष्ण पटेल विधायक बनने से पहले सरकारी शिक्षक थे। आरोप है कि उन्होंने राजस्थान, गुजरात और सिक्किम की यूनिवर्सिटियों से अलग-अलग बीएड डिग्रियाँ हासिल कीं और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक भर्ती में लाभ लिया। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया था। मामला सामने आने के बाद पटेल ने वर्ष 2023 में शिक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था,SOG अब यह जांच कर रही है कि क्या विधायक द्वारा प्रस्तुत की गई डिग्रियाँ और शैक्षणिक दस्तावेज नियमों के अनुरूप थे या नहीं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़ा सबसे हाई-प्रोफाइल मामला साबित हो सकता है। इन यूनिवर्सिटियों पर SOG की नजर - चूरू की OPJS यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद मध्यप्रदेश की सत्य साईं यूनिवर्सिटी उत्तराखंड की हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी रायपुर की कलिंगा यूनिवर्सिटी, सिक्किम की EIILM यूनिवर्सिटी गुजरात की कालोरेक्स टीचर्स यूनिवर्सिटी, चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी, सोलन की मानव भारती यूनिवर्सिटी, भोपाल की रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज एमपी सहित 25 से ज्यादा यूनिवर्सिटी शामिल हाल ही में SOG ने फर्जी FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम) प्रमाणपत्र मामले में भी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी को संदेह है कि विदेश से MBBS करने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने नकली प्रमाणपत्रों के जरिए मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश प्राप्त किया। इस मामले में भी कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जाँच जारी है। SOG अधिकारियों के अनुसार अब जांच केवल फर्जी डिग्री रखने वालों तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में विश्वविद्यालयों के अधिकारी, दलाल, दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और अन्य प्रभावशाली लोग किस स्तर तक शामिल थे। जांच में कई राज्यों तक फैले संगठित रैकेट के संकेत मिले हैं। लगातार हो रहे खुलासों ने प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं, शैक्षणिक संस्थानों और प्रमाणपत्र सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे हो सकते हैं। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और कई संदिग्ध डिग्रियों व नियुक्तियों की दोबारा जांच की जा रही है。 राजस्थान में फर्जी डिग्री घोटाले की यह जांच अब सिर्फ कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह देशभर में फैले उस नेटवर्क की परतें खोल रही है जिसने शिक्षा और सरकारी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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जलभराव और अतिक्रमण: महुआ गांव के मार्ग पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया

Tonk, Rajasthan:टोंक आम रास्ते पर जलभराव से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अतिक्रमण हटाने की मांग टोंक जिले की ग्राम पंचायत छान के महुआ गांव में आम रास्ते पर पानी भरने की समस्या से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव में आने-जाने का एकमात्र मुख्य रास्ता है, जिससे 100 से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। रास्ते में लगातार पानी भरा रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है और कई बार लोग फिसलकर पानी में गिर भी जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे रास्ते पर जलभराव बना रहता है। स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आम रास्ते से अतिक्रमण हटाकर पानी की उचित निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा。
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लक्ष्मणगढ़ में संपत्ति विवाद बना खूनी संघर्ष; भाई-भाई के झगड़े में दंपती घायल

Alwar, Rajasthan:लक्ष्मणगढ़ में संपत्ति विवाद बना खूनी संघर्ष, भाई-भाई के झगड़े में दंपती घायल अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में एमवी बोर्डिंग के पास संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित गोविंद शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके छोटे भाई ब्रह्मानंद शर्मा पिछले तीन दिनों से उनके परिवार पर लगातार हमले कर रहे थे。 शुक्रवार को हुए विवाद के दौरान ब्रह्मानंद, उसकी पत्नी उर्मिला और उसके दो बच्चों ने मिलकर गोविंद शर्मा और उनकी पत्नी मधु शर्मा पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पत्थरों और लोहे के पाइप से वार किए, जिससे दंपती के सिर में गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों का उपचार कराया गया है。 गोविंद शर्मा का कहना है कि उनका छोटा भाई लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति में सहायक प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत है और अलवर में उसका खुद का मकान भी है, इसके बावजूद वह लक्ष्मणगढ़ स्थित पैतृक मकान पर कब्जा करना चाहता है। पीड़ित ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है, वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बाइट: गोविंद शर्मा (घायल परिजन)
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बहादुरगढ़ नगर परिषद ने अवैध कब्जों के खिलाफ बुल्डोजर चलाया, भारी विरोध

Jhajjar, Haryana:बहादुरगढ़ नगर परिषद ने तोड़े अवैध निर्माण। कबीर बस्ती और ढेहा बस्ती के अवैध निर्माण पर चला बुल्डोजर। तोड़फोड़ के दौरान लोगों ने किया भारी विरोध। भारी पुलिसबल के बीच हुई तोड़फोड़। विरोध के चलते बीच में रुकी तोड़फोड़ की कार्यवाही। वेस्ट जुआ ड्रेन के साथ सरकारी जमीन पर कब्जा कर बना रखी है अवैध बस्ती। एंकर:- बहादुरगढ़ नगर परिषद की टीम ने शुक्रवार को अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर की कबीर बस्ती और ढेहा बस्ती में वेस्ट जुआ ड्रेन के साथ सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। हालांकि, इस दौरान स्थानीय लोगों के तीखे विरोध के चलते तोड़फोड़ की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा। नगर परिषद की टीम भारी पुलिस बल के साथ सुबह ही वेस्ट जुआ ड्रेन कर साथ बसी बस्ती में पहुंच गई थी। जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माणों को गिराना शुरू किया, स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तोड़फोड़ के दौरान सबसे अधिक समस्या तब हुई जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने बुलडोजर के आगे आकर विरोध करना शुरू कर दिया। मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की भारी कमी देखी गई, जिससे नगर परिषद के तोड़फोड़ दस्ते को अपना काम जारी रखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महिला पुलिस बल की सीमित संख्या के कारण स्थिति को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने अवैध निर्माण और अवैध कब्जों की कई बार शिकायत की है, समाधान शिविर तक अवैध कब्जों की शिकायत पहुंच चुकी है। वेस्ट जुआ ड्रेन के किनारे बसी अवैध बस्ती आए दिन समस्याओं का कारण बनती है। नगर परिषद की टीम इससे पहले भी कई बार यहां अतिक्रमण हट चुकी है, लेकिन तोड़फोड़ के कुछ ही समय बाद लोग फिर से वहां निर्माण कर लेते हैं। इस अवैध कब्जे के कारण आसपास के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विरोध के कारण भले ही फिलहाल तोड़फोड़ रोक दी गई हो, लेकिन नगर परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन को मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा। परिषद के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले दिनों में पूरी तैयारी और अतिरिक्त महिला पुलिस बल की मांग के साथ शेष अवैध निर्माणों को हटाने के लिए फिर से मौके पर पहुंचेंगे।
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DERC ने FPPAS बढ़ाने को मंजूरी, दिल्ली बिजली बिल 1–3.3% तक बढ़ सकता है

Delhi, Delhi:*ब्रेकिंग: दिल्ली में बिजली बिल होगा महंगा!* दिल्ली के लोगों को जल्द बिजली के बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है. दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. बिजली दरों में 1% से 3.30% तक बढ़ोतरी हो सकती है. 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल बढ़ सकते हैं. कमर्शियल, औद्योगिक और गैर-सब्सिडी वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. 0 से 200 यूनिट और 200 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं पर फिलहाल खास असर नहीं पड़ेगा. दिल्ली सरकार की पूरी या 50% बिजली सब्सिडी पाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में कोई अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा. वैश्विक ऊर्जा संकट महंगा कोयला और बिजली खरीद की बढ़ी लागत बिजली कंपनियों पर लगा 10% सरचार्ज की सीमा (कैप) भी हटा दी गई है, जिससे गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के बिल पर ज्यादा असर पड़ सकता है. सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं को राहत रहेगी, लेकिन ज्यादा बिजली खर्च करने वाले और गैर-सब्सिडी उपभोक्ताओं को जल्द महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है. गर्मी में दिल्ली वासियों को लगा बिजली का झटका DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को बिजली बिलों में PPAC चार्ज बढ़ाने को दी मंजूरी बिजली दरों में बढ़ोतरी से दिल्ली के दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रीज के लिए बिजली दरें पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होगी 15-20% महंगी दिल्ली से फैक्ट्रियां हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हो सकती हैं शिफ्ट 1. कमर्शियल रेट: दिल्ली vs हरियाणा vs UP दिल्ली 3 kVA+: Rs 8.50/kVAh Rs 250/kVA/माह ~Rs 47,500/माह UP 2-5 kW: Rs 8.50/यूनिट 5kW+: Rs 10.00/यूनिट 11kV: Rs 8.12/kVAh Rs 430/kVA/माह ~Rs 44,000/माह हरियाणा 11 kV: Rs 6.95/kVAh सामान्य: Rs 6.50-7.50/यूनिट Rs 290/kVA/माह ~Rs 38,000/माह अंतर: - दिल्ली vs हरियाणा: दिल्ली 20-25% महंगी। हरियाणा में Rs 6.95 vs दिल्ली में Rs 8.50 - दिल्ली vs UP: दिल्ली 5-8% महंगी। UP का फिक्स्ड चार्ज ज्यादा है पर यूनिट रेट कम 2. इंडस्ट्रीज/HT रेट: बड़ी फैक्ट्री के लिए दिल्ली Rs 7.75/kVAh Rs 250/kVA/माह~Rs 18 लाख/माह UP 6 साल से टैरिफ नहीं बढ़ा अनुमानित: Rs 6.50-7.30/यूनिट पुराना: Rs 300/kVA ~Rs 17-18 लाख/माह हरियाणा 11 kV: Rs 6.95/kVAh MSME को Rs 2/यूनिट सब्सिडी Rs 290/kVA/माह ~Rs 16.8 लाख/माह अंतर: - दिल्ली vs हरियाणा: दिल्ली 7-10% महंगी। हरियाणा में Rs 6.95 vs दिल्ली में Rs 7.75 - दिल्ली vs UP: दिल्ली थोड़ी महंगी या बराबर। UP ने 6 साल से रेट नहीं बढ़ाया, पर फ्यूल सरचार्ज अलग लगता है 3. दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों के बिजली बिल में अंतर A. दुकানা: करोल बाग की दुकान का बिल गुड़गांव से Rs 9,500/माह ज्यादा। नोएडा से Rs 3,500/माह ज्यादा B. फैक्ट्री: बवाना की फैक्ट्री का बिल मानेसर से Rs 1.2 लाख/माह ज्यादा. C. रैंकिंग: हरियाणा सबसे सस्ता > UP > दिल्ली > सबसे महंगा
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