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Sumeet KumarSumeet KumarFollow20 Jul 2024, 09:40 am
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बाराबंकी गैस संकट के बीच शादी बनी मिसाल, दूल्हे की शर्त पर दुल्हन का जवाब

Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी में भीषण गर्मी और रसोई गैस की किल्लत के बीच जिले में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई है। Here सात फेरे लेने से पहले दूल्हे ने दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन दुल्हन ने समझदारी दिखाते हुए न सिर्फ शर्त स्वीकार की, बल्कि रिश्तों में सहयोग और समझ की एक मिसाल भी पेश कर दी। जिससे एक बार फिर साफ हो गया कि रिश्तों की मजबूती बड़े वादों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे हालात में एक-दूसरे का साथ निभाने से तय होती है। मामला बाराबंकी में थाना लोनी कटरा क्षेत्र के खैरा बीरू गांव का है, जहां रहने वाले दूल्हे अशोक की शादी लक्ष्मी से तय हुई थी। शादी की तैयारियों के बीच दूल्हे को रसोई गैस सिलेंडर लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दिनों तक गैस एजेंसी के चक्कर लगाने, लंबी लाइन में खड़े रहने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया। इसी से प्रभावित होकर दूल्हे ने जयमाल से ठीक पहले दुल्हन के सामने एक शर्त रख दी। उसने पूछा कि यदि भविष्य में गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी? यह सवाल सुनकर कुछ पल के लिए वहां मौजूद बाराती और घराती चौंक गए। लेकिन दुल्हन लक्ष्मी ने बिना हिचकिचाए जवाब दिया कि वह न सिर्फ चूल्हे पर खाना बना सकती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर खेत में काम करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। दुल्हन के इस आत्मविश्वास भरे जवाब ने माहौल को सहज कर दिया। दूल्हा संतुष्ट हुआ और इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल की रस्म संपन्न हुई। शादी समारोह खुशी और उत्साह के साथ आगे बढ़ा। ग्रामीणों के अनुसार, भले ही यह शर्त सुनने में अलग लगे, लेकिन इसमें एक गहरा संदेश छिपा है। आज के समय में जहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दरार आ जाती है, वहीं इस जोड़े ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और एक-दूसरे का साथ निभाने की मिसाल पेश की है। यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे एक दिलचस्प और प्रेरणादायक घटना के रूप में देख रहे हैं। यह कहानी साफ तौर पर दिखाती है कि घरेलू समस्याएं कितनी भी बड़ी क्यों न हों, आपसी समझ, सहयोग और विश्वास से हर चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है。
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अमरोहा में आधी रात बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश से गर्मी से मिली राहत

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा में आधी रात बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश से गर्मी से मिली राहत अमरोहा में बुधवार आधी रात के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देर रात तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और बारिश के चलते कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं के कारण कुछ जगहों पर पेड़ की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आईं। देर रात हुई इस बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
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कोडरमा में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग परेशान, 1000 मेगावाट प्लांट भी ढीली सप्लाई

Koderma, Jharkhand:कोडरमा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। इसके अलावे जिले में 1000 मेगावाट का पावर प्लांट होने के बावजूद बिजली कटौती लोगों को ज्यादा खल रही है। वीओ :- 1 कोडरमा जिले में 1000 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट से उत्पादित बिजली राज्य के अन्य जिलों के अलावे दूसरे प्रदेशों में भेजी जाती है, लेकिन जिस जिले में यह पावर प्लांट अवस्थित है, उस जिले में अगर 24 घंटे में 10 घंटे से भी कम बिजली मिले तो यह बात ज्यादा परेशान करती है। पावर प्लांट के कारण जिले के औसत तापमान में भी तकरीबन 5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है। ऐसे में यहाँ के लोग ज्यादा गर्मी झेलने के बावजूद बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। बाइट :- स्थानीय निवासी वीओ :- 2 अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण घर और प्रतिष्ठानों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शोभा की वस्तु बन कर रह गए हैं। इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। आम लोगों की माने तो तार बदलने का कार्य जाड़े के मौसम में भी किया जा सकता है, लेकिन इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती कर मेंटेनेंस का कार्य न्याय संगत नहीं है। बाइट :- स्थानीय निवासी वीओ :- 3 इधर अघोषित बिजली कटौती के कारण सोलर के प्रति लोगों की निर्भरता भी बढ़ी है। सोलर पैनल व्यवसाय से जुड़े लोग भी प्रधानमंत्री सौर्य घर योजना से जुड़कर लोगों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की सलाह दे रहे हैं। बाइट :- स्थानीय व्यवसाई वीओ :- 4 जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 90 मेगावाट की बिजली की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में महत्त्व 60 से 65 मेगावाट ही बिजली की सप्लाई मिल रही है। ऐसे में लोड शेडिंग के जरिए जिले के अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। विभाग के एसडीओ गजेंद्र टोप्पो ने कहा कि शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाके में लोड बढ़ने के साथ बिजली आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में हर तरह के प्रयास किया जा रहे हैं। बाइट :- गजेंद्र टोप्पो, एसडीओ, इलेक्ट्रिक फाइनल वीओ :- एक तरफ पूरे झारखंड में देह झुलसने वाली गर्मी पड़ रही है, तो दूसरी तरफ एसी और फ्रिज के जरिए लोग गर्मी से राहत पाने की जुगत में है, लेकिन बिजली कटौती लोगों को गर्मी से राहत देने में नाकाम साबित हो रहा है।
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पश्चिम चंपारण के जीएमसीएच में डॉक्टरों की भारी कमी, मरीजों को मिल रहा भारी दबाव

Bettiah, Bihar:पश्चिम चंपारण का जीएमसीएच सरकार की अनदेखी की वजह से आंसू बहा रहा है लाखों की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है पश्चिम चंपारण पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के लाखो की बड़ी आबादी इस बड़े अस्पताल पर निर्भर है लेकिन इस अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी कमी है 2019 में एमजेके अस्पताल गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में तब्दील हुआ . अस्पताल का नाम तो बड़ा हो गया लेकिन इसके दर्शन आज भी छोटे है. ऊंची ऊंची इमारतें है लेकिन कर्मचारी नहीं है। जीएमसीएच में लगभग छह सौ छात्र छात्राएं डॉक्टर बनने का सपना लेकर पढ़ाई कर रहे है लेकिन वो कैसे डॉक्टर बनेंगे यह तो भविष्य के गर्भ में है क्योंकि उनको पढ़ाने वाले प्रोफेसर और प्राध्यापकों की भारी कमी है मेडिकल कॉलेज सिर्फ 21 प्रोफेसर के भरोसे चल रहा है छह सौ छात्र छात्राओं पर मात्र 21 प्रोफेसर है। बतादे की MBBS के 13 विभाग है और PG के आठ विभाग है इसके लिए 57 पद स्वीकृत है लेकिन मात्र यहां पर 20 पदों पर ही बहाली है 37 पद खाली है। कॉलेज में PG MBBS के लिए प्रोफेसर सह प्राध्यापक का 127 पद स्वीकृत है इसमें 86 पद रिक्त है। वहीं कर्मचारियों के लिए 197 पद है लेकिन 133 पद रिक्त है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि कॉलेज में डॉक्टर बनने का सपना लिए आए छह सौ छात्र छात्राएं भविष्य में कैसे डॉक्टर बनेंगे उनकी दक्षता कैसी होगी उस पर सवाल खड़े हो रहे है। जीएमसीएच अस्पताल की बात करें तो अस्पताल चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है जीएमसीएच अस्पताल में 972 पद स्वीकृत है लेकिन इस अस्पताल में 653 पद रिक्त पड़े है मात्र 319 चिकित्सकों और कर्मचारियों के भरोसे यह अस्पताल चल रहा है यहां पर 319 चिकित्सक और स्वास्थ कर्मचारी 24 घंटे मरीजों की सेवा दे रहे है लेकिन ये सभी लगातार काम से भारी दबाव और डिप्रेशन में है। जीएमसीएच 2025 में पूरे बिहार में नार्मल डिलेवरी के मामले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था चिकित्सकों और कर्मचारियों के भारी किल्लत के बावजूद 2025 में इस अस्पताल में 11859 प्रसव हुआ था जिसमें 2287 सिजेरियन हुआ था इस अस्पताल में एक दिन में 64 नार्मल डिलेवरी और 26 सिजेरियन डिलीवरी हुआ है जो पूरे बिहार में एक रिकॉर्ड है। बिहार का यह जीएमसीएच जिस पर लाखों की बड़ी आबादी निर्भर है जहां 2025 में 6 लाख मरीजों का इलाज हुआ है उस अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मचारियों की भारी किल्लत सरकार पर सवाल खड़े कर रहे है. अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी 24 घंटे कार्य कर बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रहे है लेकिन सरकारी उदासीनता की वजह से कई विभागों रिक्त पड़े है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर सुधा भारती ने बताया कि कॉलेज में प्रोफेसर प्राध्यापक और कर्मचारी की भारी कमी है लेकिन उसके बावजूद छह सौ छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा दी जा रही है. वही जीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी है इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर सुविधा दे रही है प्रतिदिन हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बिहार के स्वास्थ विभाग को जीएमसीएच को देखना होगा इसकी कमियों को दूर करना होगा कॉलेज में रिक्त पदों को भरना होगा तो अस्पताल में भी रिक्त पदों पर बहाली करनी होगी ताकि लाखों की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ सुविधा मिल सके।
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उत्तरी दिल्ली में हल्की बारिश से गर्मी में अस्थायी राहत, लू की संभावना

Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली में मौसम ने भले ही राहत की ठंडी फुहार दी हो, लेकिन ये सुकून ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं दिख रहा। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ एक अस्थायी राहत है। एक तरह से गर्मी के लंबे दौर के बीच छोटा सा ब्रेक। बुधवार सुबह की रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है। जहां पिछले दिनों तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर लोगों का जीना मुश्किल कर रहा था, वहीं आज अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री रहने का अनुमान है। सड़कों पर भी मौसम के बदले मिजाज का असर साफ देखने को मिला—लोग सुबह की ठंडी हवा का आनंद लेते नजर आए, बाजारों में हल्की चहल-पहल बढ़ी और माहौल कुछ खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग का साफ कहना है कि दिल्ली में धूप-छांव और हल्की बारिश का ये सिलसिला 4 मई तक जारी रह सकता है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर गर्मी अपने तेवर दिखा सकती है। यानी आने वाले दिनों में तापमान दोबारा तेजी से बढ़ने की संभावना है और लू का असर भी लौट सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है, जिसमें हल्की बारिश और आंधी देखने को मिलती है। लेकिन ये मानसून की दस्तक नहीं है, इसलिए इससे स्थायी राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। यानि साफ है, फिलहाल मौसम ने राहत की सांस दी है, लेकिन गर्मी की असली परीक्षा अभी बाकी है। दिल्लीवासियों को आने वाले दिनों में फिर से तपती धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
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पंचकूला नगर निगम चुनाव 2026: मतदान 10 मई को, 20 वार्डों में 204 बूथ

Panchkula, Haryana:पंचकूला नगर निगम चुनाव-2026 के लिए मतदान 10 मई 2026 को होना है। 20 वार्डों में 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता है, जिसमें 1 लाख 8 हजार 927 पुरूष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। रिटर्निंग आफिसर ने बताया कि वार्ड नंबर 1 में 5 हजार 713 पुरूष और 4 हजार 977 महिलाएं और 1 अन्य, वार्ड नंबर 2 में 5 हजार 658 पुरूष और 5 हजार 442 महिलाएं, वार्ड नंबर 3 में 4 हजार 857 पुरूष और 4 हजार 645 महिलाएं, वार्ड नंबर 4 में 5 हजार 258 पुरूष और 5 हजार 215 महिलाएं, वार्ड नंबर 5 में 5 हजार 454 पुरूष और 5 हजार 421 महिलाएं, वार्ड नंबर 6 में 4 हजार 359 पुरूष और 4 हजार 349 महिलाएं, वार्ड नंबर 7 में 5 हजार 786 पुरूष और 4 हजार 713 महिलाएं, वार्ड नंबर 8 में 5 हजार 61 पुरूष और 3 हजार 850 महिलाएं, वार्ड नंबर 9 में 4 हजार 675 पुरूष और 4 हजार 341 महिलाएं, वार्ड नंबर 10 में 5 हजार 963 पुरूष, 4 हजार 572 महिलाएं और 1 अन्य, नंबर 11 में 5 हजार 692 पुरूष और 5 हजार 218 महिलाएं, नंबर 12 में 5 हजार 930 पुरूष, 5 हजार 521 महिलाएं, वार्ड नंबर 13 में 5 हजार 940 पुरूष, 5 हजार 558 महिलाएं, वार्ड नंबर 14 में 6 हजार 197 पुरूष, 5 हजार 660 महिलाएं, वार्ड नंबर 15 में 4 हजार 779 पुरूष, 4 हजार 23 महिलाएं, वार्ड नंबर 16 में 5 हजार 778 पुरूष, 5 हजार 220 महिलाएं और 3 अन्य, वार्ड नंबर 17 में 6 हजार 328 पुरूष, 5 हजार 829 महिलाएं, वार्ड नंबर 18 में 5 हजार 610 पुरूष, 4 हजार 930 महिलाएं, वार्ड नंबर 19 में 5 हजार 12 पुरूष, 4 हजार 520 महिलाएं, वार्ड नंबर 20 में 4 हजार 877 पुरूष, 4 हजार 443 महिलाएं शामिल हैं। उन्होने बताया कि मतदान के लिए 20 वार्डों में कुल 204 बूथ स्थापित किए गए हैं। वार्ड नंबर-1 में 10 बूथ, वार्ड-नंबर 2 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 3 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 4 में 11 बूथ, वार्ड नंबर 5 में 11 बूथ, वार्ड नंबर 6 में 9 बूथ, वार्ड नंबर 7 में 11 बूथ, वार्ड नंबर 8 में 8 बूथ, वार्ड नंबर 9 में 8 बूथ, वार्ड नंबर 10 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 11 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 12 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 13 में 10 बूथ, वार्ड नंबर 14 में 12 बूथ, वार्ड नंबर 15 में 8 बूथ, वार्ड नंबर 16 में 11 बूथ, वार्ड नंबर 17 में 13 बूथ, वार्ड नंबर 18 में 12 बूथ, वार्ड नंबर 19 में 9 बूथ, वार्ड नंबर 20 में 11 बूथ स्थापित किए गए हैं。
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चेन्नई की लathिका मिस वेदान्थावादी बनीं, कोथंडावर घुड़दौड़ उत्सव में जीत

Noida, Uttar Pradesh:Koothandavar Chariot Festival: Chennai-based Lathika selected as Miss Vedanthavadi. Ahead of the Koothandavar chariot festival, in the Miss Vedanthavadi pageant held as part of the celebrations, Lathika from Chennai was crowned Miss Vedanthavadi. At the Sri Koothandavar Temple located in Vedanthavadi village near Keel Pennathur in Tiruvannamalai district, Tamil Nadu, the Koothandavar festival is celebrated grandly every year during the Tamil month of Chithirai for 20 days. Accordingly, the 204th annual festival began on the 3rd with a Mahabharata discourse and is currently being conducted in a grand manner. For the festival, hundreds of transgender women from various places including Tiruvannamalai, Chennai, Mumbai, Kolkata, Delhi, Villupuram, Salem, and Puducherry have gathered in Vedanthavadi. On the 26th day, last night, several events took place including women preparing pongal and offering it to the deity in a procession, the “pen azhaippu” (inviting the bride) ceremony, and the symbolic “thali tying” ceremony for transgender women. This was followed by a grand beauty pageant for transgender participants. Television and film actor Sabari attended the event and inaugurated the Miss Vedanthavadi competition. In this beauty contest, many transgender participants showcased themselves gracefully in a variety of outfits, captivating the audience. In the competition, Lathika from Chennai won the first prize. Bhavya from Puducherry secured the second prize. and Sai Sri from Chennai won the third prize. The winners were crowned and felicitated. A large number of people from Tiruvannamalai, Vedanthavadi, Mangalam, Avalurpet, and nearby villages attended and enjoyed the pageant. Lathika, who won the first prize, spoke to reporters: “I am very happy to have won the first prize. I will continue to participate in this festival and competition every year without fail. I aspire to achieve great success in modeling. I sincerely thank the people of Vedanthavadi village for organizing this festival so wonderfully every year.”
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मंडana में 41 जोड़ों का आदर्श सामूहिक विवाह, सामाजिक एकता की मिसाल

Kota, Rajasthan:एंकर इंट्रो: कोटा जिले के मंडाना क्षेत्र से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है, जहाँ सामाजिक एकता और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला。 वीओ मंडाना क्षेत्र के नयारोड सिंहपुरा स्थित क्षेत्रीय बाहरवां मीणा विकास समिति द्वारा 41वां आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में 37 जोड़ों का विधिवत पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न हुआ。 सम्मेलन स्थल को शाही अंदाज में सजाया गया, जहां स्वागत गैलेरी, वर-वधु के लिए विशेष टेंट, स्टेज और वरमाला के लिए चकरी स्टेज की आकर्षक व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन में कूलर, पंखे और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई, वहीं महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग भोजन व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री करोड़ीलाल मीणा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिससे आने वाले मेहमानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। समिति के सदस्यों ने बताया कि सम्मेलन में अनुशासन बनाए रखने के लिए शराब पीकर आने वाले व्यक्तियों पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया था। एंकर आउट्रो: सामूहिक विवाह जैसे आयोजन न सिर्फ सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगाते हैं—मंडाना क्षेत्र का यह आयोजन इसी दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।
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नीमकाथाना में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी तेज

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर लोकेशन नीमकाथाना जनगणना 2027 को लेकर नीमकाथाना में तैयारियां तेज。 प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर तहसील कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता।तहसीलदार देवीलाल चौधरी मीडिया से रूबरू हुए。 एंकर जनगणना 2027 को लेकर नीमकाथाना में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर तहसील कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें तहसीलदार देवीलाल चौधरी मीडिया से रूबरू हुए।नीमकाथाना तहसील कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में तहसीलदार देवीलाल चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण, यानी मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक चलेगा। इसके साथ ही स्व-गणना की सुविधा 1 मई से 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जिसमें नागरिक भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे。 उन्होंने बताया कि नीमकाथाना क्षेत्र के कुल 93 राजस्व ग्रामों को 323 ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए 53 पर्यवेक्षक और 315 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। सभी कार्मिकों को 4 मई से 12 मई तक तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका आयोजन सीताराम मोदी आचार्य राजकीय महाविद्यालय में किया जाएगा।तहसीलदार ने कहा कि जनगणना का कार्य देश के विकास और योजनाओं के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना में बढ़-चढ़कर भाग लें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि देश में पहली बार जनगणना के इतिहास में स्व-गणना का विकल्प दिया गया है, जिससे आमजन मोबाइल और लैपटॉप के जरिए आसानी से अपनी जानकारी भर सकेंगे।इस दौरान फील्ड ट्रेनर्स अरविन्द, सुरेश यादव, धर्मेन्द्र शर्मा, संजीव शर्मा, शशिकान्त शर्मा, जनगणना लिपिक श्रीकान्त शर्मा और शाखा प्रभारी मुकेश कुमार जांगिड सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे。 बाइट तहसीलदार देवीलाल चौधरी。
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