icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Kotputli-Bharod के युवा उद्योगपतियों ने 1.6 MW सोलर प्लांट से ऊर्जा और उद्योग दोनों में नई ऊँचाइयाँ छूई

AYAmit YadavJust now
Jaipur, Rajasthan:इवेंट: 6 जून 2026 कोटपूतली में आयोजन। माँ भगवती एंटरप्राइजेज ने उद्योग क्षेत्र में मानक ऊँचाइयाँ बनाईं। कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के युवा उद्योगपति श्री कमलजीत सिंह शेखावत और अनिल सिंह शेखावत के नेतृत्व में खनिज एवं निर्माण सामग्री उद्योग में निरंतर प्रगति हो रही है। माँ भगवती एंटरप्राइजेज और नेसोसिलिकेट मिनरल्स मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. उच्च गुणवत्ता वाले व्हाइट फेल्डस्पार पाउडर का निर्माण एवं आपूर्ति करते हैं, जिनकी सप्लाई कजारिया सेरामिक्स के सिकंदराबाद, मालूताना और गैलपुर प्लांटों समेत अन्य सिरेमिक-टाइल इकाइयों को नियमित रूप से की जाती है। कंपनी ने गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के दायरे में अपनी खास पहचान बनाई है। इसके अतिरिक्त, माँ भगवती एंटरप्राइजेज उच्च गुणवत्ता की व्हाइट डस्ट और ग्रेन्स (दाना) का उत्पादन भी करती है; व्हाइट डस्ट दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और पूरे एनसीआर क्षेत्र में और ग्रेन्स मोरबी, गुजरात के प्रमुख सिरेमिक उद्योगों को सप्लाई होते हैं। श्री कमलजीत सिंह शेखावत तथा अनिल सिंह शेखावत ने 1.6 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिला है। उद्योगिक विकास के साथ-साथ वे गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं, जिससे स्थानीय रोजगार, हरित ऊर्जा के प्रोत्साहन और क्षेत्र के सामाजिक-हित के कामों को बढ़ावा मिलता है। नेसोसिलिकेट मिनरल्स मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. एवं माँ भगवती एंटरप्राइजेज आज राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुकी हैं।
0
0
Report

विश्व पर्यावरण दिवस पर पारादीप में हैनताल जंगल उन्नयन के लिए साझा पहल शुरू

Paradeep, Odisha:ପାରାଦୀପ ମୁନିସିପାଲିଟି ତରଫରୁ ସମସ୍ତ ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ନିବେଦନ କରାଯାଇଛି l ରାତି-ଦିନ ପାରାଦୀପ କାଉଡିଆ ନଦୀ ର ଦୁଇ ପାର୍ଶ୍ଵରେ ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି କରିବା ପାଇଁ ହଜାର ହଜାର ଚାଳା ରୋପଣ କରାଯାଇଛି l ବିଗତ ୧୯୯୯ ମହାବାତ୍ୟା ସମୟରେ ହୁଡୁହୁଡ, ଫାଇଲିନ ହେଉ, ଏହି ସବୁ ବାତ୍ୟା ସମୟରେ ସମୁଦ୍ର ର ପାଣି ଓ ପବନ କୁ ରୋକିବାରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲା hentaal ବନ l ଏଯାହା ଆଜି ବିଲୁପ୍ତ ଅବସ୍ଥାରେ ରହିଥିବା ବେଳେ କିପରି ଆଉଥରେ ନୂତନ ହେନ୍ତାଳ ବନ ରଚିତି ପାଇଁ ପ୍ରୟାସ ଚାଲିଛି eବଂ ଶିଳ୍ପ ସଂସ୍ଥାକୁ ନେଇ ପରିବେଶ କୁ କିପରି ସୁଧାର ଆଣାଯାଇ ପାରିବା ଏ ସମସ୍ତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟା କରାଯାଇଛି l ପାରାଦୀପ ପୌରାଧ୍ୟକ୍ଷ ବସନ୍ତ ବିଶ୍ୱାଳ, ପାରାଦୀପ କାର୍ଯ୍ୟ ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ABHISEK PANDaଙ୍କ ସହିତ ବିଭିନ୍ନ ୱାର୍ଡର ପାରିଷଦ, ସ୍ଥାନୀୟ ଏନଜିଓ ସଂସ୍ଥା ର ସଦସ୍ୟମାନେ ହଜାର ହଜାର ଚାରା ରାପଣ କରାଯାଇଛି l ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି ପାଇଁ କାଉଡିଆ ନଦୀ ର ପାର୍ଶ୍ଵ ରେ ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି କରିବା ପାଇଁ ଉଦ୍ୟମ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି l ୧୯୯୯ ମହାବାତ୍ୟା କିମ୍ବା ହୁଡହୁଡ ଦୂରଦର୍ଶନ ସମୟରେ ସମୁଦ୍ର ପାଣି ଓ ପବନ କୁ ରୋକିବାରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲା ହେନ୍ତାଳ ବନ l ଆମ ପୃଥିବୀ ଓ ପରିବେଶ କୁ ସ୍ୱଚ୍ଛ ଓ ସରସ୍ କରିବା ପାଇଁ ସମସ୍ତଙ୍କଠାରୁ ଗୋଟିଏ ଗୋଟିଏ ବୃକ୍ଷ ରୋପଣ କରିବାକୁ ଆମନ୍ତ୍ରଣ କରାଯାଇଛି l
0
0
Report
Advertisement

विश्व पर्यावरण दिवस: खरवा नर्सरी में पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Bewar, Uttar Pradesh:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खरवा नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नर्सरी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी ली और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया。 कलेक्टर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जरूरी है。 उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार सकारात्मक पहल कर रहा है। आमजन की सहभागिता से ही हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मानंद जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, सरपंच सुरेंद्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
0
0
Report

विश्व पर्यावरण दिवस: कानपुर देहात के मंत्रियों ने पौधारोपण कर संदेश दिया

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:विश्व पर्यावरण दिवस पर कानपुर देहात में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कानपुर देहात में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद रहे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। बड़े काफिले के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मंत्रियों और अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और लोगों से भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई। मंत्रियों ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है और हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए, तभी वृक्षारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष व्यवस्थाएं भी की गई थीं। कार्यक्रम स्थल पर बड़े-बड़े कूलर लगाए गए थे ताकि लोगों और अतिथियों को गर्मी से राहत मिल सके। इसी बीच मंच से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी आधार हैं।
0
0
Report

तालाब में डूबकर दो बच्चियों की मौत, गांव में मातम पसर गया

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गयी। दोनों बच्चियां गांव के तालाब में नहाने गई थीं, तभी गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मंझनपुर थाना क्षेत्र के जलौली शरीफपुर गांव में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गांव की रहने वाली संजना पुत्री राजेश सरोज और रागिनी पुत्री राकेश सरोज तालाब में नहाने के लिए गई थीं। नहाते समय दोनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। तालाब के पास मौजूद लोगों ने जब बच्चियों को डूबते देखा तो परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। सूचना पर पहुंची मंझनपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और दैवीय आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक ही गांव की दो मासूम बच्चियों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कह रहा है
0
0
Report
Advertisement

विश्व पर्यावरण दिवस: गंगोत्री धाम में विशाल वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग -विश्व पर्यावरण दिवस पर गंगोत्री धाम में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान गंगोत्री नेशनल पार्क ,गंगोत्री नगर पंचायत, गंगोत्री मंदिर समिति, वन विभाग, साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने मिलकर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया एवं स्वच्छता का संदेश दिया।आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गंगोत्री धाम में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट, पार्क प्रभारी राजवीर रावत, वन विभाग के कर्मचारी, गंगोत्री नगर पंचायत के प्रतिनिधि, मंदिर समिति के सदस्य तथा साधु-संतों ने सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही गंगोत्री नगर में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।
0
0
Report

गाजीपुर एनकाउंटर: कमलेश बिंद मारा गया, पत्नी ने इंसाफ माँगा

Noida, Uttar Pradesh:गाजीपुर शादी के 37वें दिन कमलेश बिंद एनकाउंटर में ढेर, पत्नी बोली- मेहंदी भी नहीं छूटी, जंगल ले जाकर पुलिस ने मारी गोली पत्नी का आरोप- मेरे सामने थाने में पीटा, फिर जंगल ले जाकर मार दिया হाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी, पत्नी मनीषा का छलका दर्द होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित था कमलेश बिंद कमलेश पर था 1 लाख का इनाम, पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया पत्नी बोली- मेरे सुहाग का इंसाफ चाहिए पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव, परिजनों ने उठाए सवाल कटरा गैंग पर शिकंजा, बाकी आरोपी अब भी फरार गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी और एक लाख के इनामी कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद अब यह मामला सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है… बल्कि भावनाओं, आरोपों और सवालों का बड़ा मुद्दा बन गया है। जिस युवक की 37 दिन पहले शादी हुई थी। आज उसकी पत्नी हाथों की मेहंदी दिखाकर इंसाफ मांग रही है। पत्नी का आरोप है कि पुलिस ने कमलेश को पहले हिरासत में लेकर पीटा और फिर जंगल में ले जाकर एनकाउंटर कर दिया। वहीं पुलिस का दावा है कि कमलेश मुठभेड़ में मारा गया और वह विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। दरअसल गाजीपुर में बुधवार रात हुए पुलिस एनकाउंटर ने पूरे जिले में हलचल मचा दी。 होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड का आरोपी और एक लाख का इनामी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। लेकिन अब इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं। एनकाउंटर में मारा गया कमलेश बिंद की शादी अभी महज 37 दिन पहले हुई थी। 19 अप्रैल को तिलक और 27 अप्रैल को बिहार के मोहनिया में धूमधाम से शादी हुई थी。 दुल्हन मनीषा अभी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है… लेकिन शादी के एक महीने बाद ही उसके सिर से सुहाग का साया उठ गया। मेरे पति निर्दोष थे। पुलिस उन्हें जबरदस्ती उठाकर लाई थी। मेरे सामने थाने में मारा, फिर जंगल ले जाकर गोली मार दी। मेरे हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी। रोते-बिलखते मनीषा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि 30 मई को पुलिस ने उसे और उसकी जेठानी को थाने में बैठाकर रखा… और उसकी आंखों के सामने कमलेश के साथ मारपीट की गई। हालांकि पुलिस का दावा बिल्कुल अलग है। पुलिस के मुताबिक कमलेश बिंद होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित था। उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था, और मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में वह मारा गया。 बता दें कि 29 मई की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। कमलेश बिंद भी उन्हीं आरोपियों में शामिल था। फिलहाल इस एनकाउंटर के बाद गांव में मातम पसरा है।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
0
0
Report

रायपुर में अवैध खनन-परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 11 हाईवा जब्त

Begun, Rajasthan:रायपुर जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज और राजस्व विभाग की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पटेवा-नवापारा और आरंग के मंदिरहसौद क्षेत्र में रेत, मुरूम और गिट्टी का अवैध परिवहन करते कुल 11 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। सभी वाहनों को वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित थानों में अभिरक्षा में रखा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
0
0
Report
Advertisement

छतरपुर एक्सीडेंट के बाद बवाल: 8 आरोपियों के खिलाफ FIR, पुलिस दबिश तेज

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर में एक्सीडेंट के बाद बवाल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला से मारपीट और पुलिस पर पथराव करने वाले 8 आरोपियों पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के टोरिया मोहल्ला में हुई इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। देर रात खुद एसपी रजत सकलेचा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने इस मामले में 6 नामजद आरोपियों समेत कुल 8 लोगों पर केस दर्ज किया है। 2 आरोपी अभी अज्ञात हैं। इन पर IPC की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा के साथ-साथ SC/ST एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। महिला से मारपीट के मामले में SC/ST एक्ट लगाया गया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये कार्रवाई उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो सोचते हैं कि भीड़ की आड़ में पुलिस पर हमला करके बच निकलेंगे। एसपी ने बताया अभी तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और इनके बारे में पहले कितने मामले दर्ज हैं वह सब निकाले जा रहे हैं, बाकी की तलाश के लिये पुलिस दल बनाकर तलाश शुरू कर दी है। वहीं घटना में घायल महिला ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया कि उन्होंने एक्सिडेंट के बाद उनके साथ मारपीट की और तीन साल की बच्ची को छुडाकर जमीन पर पटक दिया।
0
0
Report

पानीपत के होटलों में फायर सेफ्टी बड़े खुलासे: अनेक होटल बिना एनओसी

Panipat, Haryana:पानीपत के होटलों में बड़ा खुलासा: फायर सिस्टम जीरो, लोगों की जान खतरे में पानीपत। दिल्ली में हाल ही में हुए होटल हादसे के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर में फायर सेफ्टी को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में पानीपत दमकल विभाग ने शहर के विभिन्न होटलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। दमकल विभाग की टीम को कई होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगभग नदारद मिला। कई स्थानों पर आग बुझाने वाले सिलेंडर एक्सपायर पाए गए, जबकि कुछ होटल प्रबंधकों को यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके पास फायर एनओसी है या नहीं। इतना ही नहीं, कई होटलों के पास भवन का स्वीकृत नक्शा भी उपलब्ध नहीं मिला。 फायर अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश होटलों में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाई गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी होटल में आग जैसी बड़ी घटना हो जाए तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कई जगहों पर आपातकालीन निकास मार्ग तक नहीं हैं。 अधिकारी के अनुसार अब तक करीब 10 से 12 होटलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। होटल संचालकों को कमियों को दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि तय अवधि में सुधार नहीं किया गया तो उन्हें रेड जोन नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद संबंधित होटल को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है。 गुरमेल सिंह ने बताया कि शहर में सैकड़ों होटल संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें से केवल 25 से 30 होटलों के पास ही वैध फायर एनओसी होने की जानकारी सामने आई है। कई होटलों में आग बुझाने वाले सिलेंडरों की समय पर रिफिलिंग तक नहीं करवाई गई, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा साबित हो सकता है。 उन्होंने कहा कि होटल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे फायर कंसल्टेंट की सहायता से समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों की जांच कराएं और उन्हें कार्यशील स्थिति में रखें। इसके अलावा बिजली पैनलों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) फायर एक्सटिंग्विशर, एबीसी फायर एक्सटिंग्विशर और पानी की समुचित फायर लाइन जैसी व्यवस्थाएं भी अनिवार्य हैं। फायर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भवन का नक्शा संबंधित विभागों जैसे नगर निगम, टाउन प्लानर, एचएसवीपी (पूर्व हुडा) अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत होने के बाद ही फायर विभाग एनओसी जारी करता है। पुराने होटलों को भी वर्तमान सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार करने होंगे。 उन्होंने चेतावनी दी कि यदि होटल संचालकों ने समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की तो विभाग सख्त कार्रवाई करते हुए मामला सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजेगा。
0
0
Report

विश्व पर्यावरण दिवस पर खण्ड विकास परिसर में हुआ पौधरोपण

Manoj KumarManoj KumarFollow6m ago
Bbrasi, Uttar Pradesh:पौधे मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते -अरुण चहनिया ।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम की प्रेरणा के तहत शुक्रवार को मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने चहनिया ब्लाक मुख्यालय परिसर पौधरोपण किया।इस दौरान ब्लाक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी मां व धरती माता के नाम एक पेड़ जरुर लगाये पेड़ पौधे से कई फायदे हैं पेड़ वायु प्रदुषण को कम करने और ऊर्जा संरक्षण में मदद करते हैं। वृक्षों से हमे आक्सिजन मिलता है जो हर एक संजीव वस्तु के लिए जरूरी है आक्सिजन के बिना कोई भी मनुष्य जीव जंतु पृथ्वी पर जीवित नहीं रह सकता। वृक्ष मानव जीवन चक्र में एक महत्वपूर्ण भमिका निभाते हैं, इनसे न केवल भोजन सम्बन्धी आवश्यकता की पूर्ति होती है, बल्कि जीव जगत से नाजुक संतुलन बनाने में भी यह आगे रहते हैं। हमारे शरीर को निरोगी बनाने में पौधों का अत्यधिक महत्व होता है, यही वजह है कि भारतीय पुराणों, उपनिषदों, रामायण एवं महाभारत जैसे पौराणिक ग्रन्थों में इसके उपयोग के अनेक साक्ष्य मिलते हैं।पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए माताओं-बहनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना बृक्ष हमारे जीवन का प्राण तत्व है। इसके बिना जीवन और विकास कि कल्पना नहीं की जा सकती है। पौधें भूमि के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। पेड़ पौधे हमारे जीवन साथी है । आज धरती पर बढ़ रहें तापमान व प्रदुषण जैसी गंभीर चुनौतीयो का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में पेड़ ही हमारे जीवन को हरा भरा और खुशहाल बना सकते हैं। पौधों कि सुरक्षा करते हुए पार्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए एक एक पौधे अपने मां के नाम जरुर लगाएं। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी जावेद अंसारी , एकाउंट विजय कुमार,वन विभाग जितेंद्र यादव, अभिषेक यादव, जयंत सिंह, नित्यानंद सिंह, संकठा राजभर,सतीश गुप्ता,कृष्णा गुप्ता, क्षेत्र पंचायत सदस्य रविकांत चौहान, अजीत सिंह, आदि लोग मौजूद रहे।
0
0
Report
Advertisement

गला रेतकर किशोर की हत्या, खेत में मिला शव,गांव में पसरा सन्नाटा

Amethi, Uttar Pradesh:गला रेतकर किशोर की हत्या, खेत में मिला शव दो माह पहले मिली थी जान से मारने की धमकी, परिजनों ने गांव के लोगों पर लगाया आरोप अमेठी। जायस थाना क्षेत्र के पूरे बख्शी बहादुर गांव में 16 वर्षीय किशोर की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दिए जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शुक्रवार सुबह उसका खून से लथपथ शव घर से करीब 100 मीटर दूर खेत में मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान हरेन्द्र (16) पुत्र जागेश्वर निवासी पूरे बख्शी बहादुर के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार सुबह गांव के बाहर खेत में किशोर का शव पड़ा मिला। उसके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर जायस पुलिस के साथ अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी.सी., क्षेत्राधिकारी तिलोई तथा फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतक की मां ने बताया कि करीब दो माह पहले गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। आरोप है कि तभी से उनके बेटे को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात गांव में आयोजित एक जन्मदिन समारोह में हरेन्द्र शामिल हुआ था। देर रात तक वह वहीं मौजूद था, लेकिन शुक्रवार सुबह उसका शव खेत में मिला। परिजनों ने कुछ लोगों को नामजद करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

दमोह में पानी की समस्या पर मंत्री का अनसुना रवैया, लोग गाड़ियों सामने खड़े

Damoh, Madhya Pradesh:पानी के लिए परेशान लोग सुनाना चाह रहे थे मंत्री को पीड़ा, लंबे काफिले के साथ निकले मंत्री ने नहीं खोला गाड़ी का शीशा तक.. दमोह में पीने के पानी के लिए महीनों से भटक रहे लोग अपने इलाके के नेता और सूबे के पशुपालन मंत्री लखन पटेल को अपनी समस्या बताने के लिए कई घंटों का इंतजार कर रहे थे लेकिन मंत्री ने उनकी पीड़ा को जरा भी नहीं समझा और लंबे काफिले के साथ पहुंचे मंत्री अपनी गाड़ी का शीशा तक खोलने में घबरा गए और फिर पुलिस ने लोगों को सड़क से हटा दिया भोलेभाले लोगों की मन की बात मन में ही रह गई और यहां के लोग फिर हलक की प्यास बुझाने पानी के इंतजाम के जुट गए। दरअसल पशुपालन मंत्री लखन पटेल दमोह के किशन तलैया में पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, यहाँ की गरीब बस्ती के लोगों को जब पता चला कि उनके घरों के सामने से मंत्री जी निकलने वाले है तो लोग सड़क किनारे खड़े हो गए और बड़ी सभ्यता से वो मंत्री की गाड़ी को रुकवा रहे थे लेकिन मंत्री इतने घबराए कि अपने जिले की जनता से गाड़ी से उतरकर मिलना तो दूर गाड़ी में बैठे बैठे भी उन्होंने बात करना मुनासिब नहीं समझा, जबकि मंत्री अकेले नहीं थे बल्कि उनके आगे पुलिस की फालोगार्ड और पीछे 15 से 20 गाड़ियों का काफिला था इन गाड़ियों में उनके समर्थक थे लेकिन मंत्री को शायद अपने ही शहर की जनता से डर लग रहा था, मंत्री पटेल यहां आ निकल तो गए लेकिन उन्हें कार्यक्रम से वापस भी लौटना था लिहाजा उन्होंने पुलिस बल और इलाके के एसडीएम सहित कुछ अफसरों को वहां भेजा जहां लोगों की भीड़ मंत्री जी की गाड़ी रोक रही थी। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मजबूरी ही थी कि वो लोगों को समझाते रहे ताकि मंत्री के लौटने समय लोग फिर न उन्हें रोकने लगें। मंत्री को रोककर परेशानी बताने वाले लोग किशन तलैया से लगी बस्ती के लोग है जो दशकों से यहां रह रहे है और आज भी सड़क बिजली पानी जैसी सुविधाओं से महरूम है, सड़क बिजली न भी मिले तो ठीक है लेकिन पानी तो बेहद जरूरी है और अब जब मंत्री ने तक नहीं सुनी तो लोग खासे निराश है क्योंकि उन्हें मंत्री से बड़ी उम्मीद थी। प्रशासनिक अफसर समय टालना चाह रहे थेे और एस डी एम ने लोगों को बड़ी बड़ी बातें दी और उन्हें मना लिया लेकिन मंत्री का काफिला वापस होते ही उनके तेवर बदल गए , इस बस्ती के लोगों की पानी की समस्या को लेकर वो समाया समाधान की दलील तो से रहे है लेकिन जगह फारेस्ट की होने का हवाला देकर यहां पानी की समस्या के समाधान पर खुद कन्नी काट गए। इस मामले में पीड़ित नागरिकों की दलील और मांग के साथ परेशानी खत्म होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top