icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सीएम के निर्देश: स्कूल समय के दौरान कोचिंग पर रोक, पारदर्शिता के लिए कड़ा नियम

Patna, Bihar:सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अपने सोशल मिडिया हैंडल पर छात्र हित को लेकर कोचिंग संचालन के समय को लेकर शिक्षा विभाग को नया नियम बनाने के निर्देश जारी किए. सीएम ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों को स्कूल कालेज के समय यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग को नए नियमावली बनाने के कड़े निर्देश जारी किए . मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस बात की जानकारी दी कि निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी को रोकने और मुख्यधारा की शिक्षा को मजबूत करने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है. इस घोषणा से पूरे प्रदेश के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है. दरअसल , 2024 में भी शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर प्रमुख सचिव ने इस तरह के आदेश जारी किया था और शिक्षा विभाग के 2010 के नियमावली को संशोधित करते हुए कोचिंग संचालको को स्कूल और कालेज के शिक्षण समय में कोचिंग के कार्यकलाप पर रोक लगा दिया था . जिसके बाद बिहार के कोचिंग संचालक संघ मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया और पटना हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया . अब बिहार के सीएम के एलान के बाद एक बार फिर कोचिंग संचालक एकजुट हो रहे हैं और फिर से सरकार के खिलाफ आहै कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं . आपको बता दें कि नए निर्देशों के तहत पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक कड़ा नियम लागू किये जाने का निर्देश दिया गया है . इतना ही नहीं सीएम के निर्देश के बाद कोचिंग सेंटरों को अपने यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा. इस कदम से जिला प्रशासन के पास कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, जिससे उनकी उपस्थिति और सुविधाओं की निगरानी की जा सकेगी. मुख्यमंत्री के नए निर्देश के अनुसार, सरकारी व निजी स्कूलों और कॉलेजों के लिए निर्धारित स्कूल ऑवर्स के दौरान राज्य में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जा सकेगा. सीएम का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के समय कोचिंग चलने से छात्र अपनी नियमित कक्षाओं से गायब होते हैं और उनका शैक्षणिक आधार कमजोर होता है. लेकिन छात्र इस बात से इनकार करते हैं . पटना के कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का कहना है की स्कूल और कालेज की पढ़ाई से वे अपना कैरियर नहीं बना सकते और इसके लिए उन्हें एडवांस शिक्षा की जरुरत होती है . छात्रो का कहना है की आज की तारीख में NEET या ADVANCE-JEE के लिए जिस तरह की शिक्षा चाहिए उसके लिए कोचिंग की जरुरत होती है और सरकार यहाँ कोचिंग की टाइमिंग निर्धारित करेगी तो उन्हें पलायन कर दुसरे राज्यों में जाना पडेगा और वहां का खर्चा उनके परिजन को एफोर्ड करने में परेशानी आएगी . ऐसे में सरकार कोचिंग पहने वालो का डेटा तो ले लेकिन कोचिंग को समय में बांधे नहीं . WT छत्राओं के साथ WT छात्रों के साथ दरसल , समय की यह पाबंदी कड़ाई से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है. पर कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक और कोचिंग एसोसिएशन ऑफ भारत ने इसपर कडा एतराज जताया है . patna में कोचिंग चलने वाले शिक्षक बिपिन सिंह ने कहा की सरकार को नियमावली बनाने से पहले शिक्षको से बात करनी चाहिए तो वही कोचिंग एशोसिएशन के सचिव सुधीर कुमार सिंह कहते हैं की यह निर्णय हाईकोर्ट के स्टे का अवमानना है . BYTE बिपिन सिंह गोल कोचिंग सुधीर कुमार सिंह सचिव कोचिंग एशोसिएशन और भारत बहरहाल , सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस नए नियमावली से न केवल स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन में भी एक आवश्यक जवाबदेही तय की जा सकेगी.
0
0
Report

मालवा से पश्चिम बंगाल तक ड्रग रूट का खुलासा, करोड़ों का नशा ध्वस्त

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच। दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर नीमच पहुंचे रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। डीआईजी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मालवा से सप्लाई होने वाले इस अवैध नशे के तार सीधे पश्चिम बंगाल यानी वेस्ट बंगाल तक जुड़े हुए हैं, जहां तस्कर थोक मात्रा में करोड़ों का नशा सप्लाई कर रहे थे। हाल ही में मंदसौर में पकड़ी गई 20 किलो हाई-क्वालिटी ब्राउन शुगर की जांच में मालवा और पश्चिम बंगाल के इस खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इस साल अब तक नशा बनाने वाली 3 बड़ी अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मालवा-वेस्ट बंगाल ड्रग रूट पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने कुख्यात तस्कर दिलावर खान के पूरे नेटवर्क और चिकलाना में चल रही अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का फोकस अब सिर्फ माल ढोने वाले छोटे कैरियर पर नहीं है, बल्कि मालवा से लेकर बंगाल तक इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले असली सप्लायरों और खरीदारों (बायर्स) पर है, जिन्हें पुलिस लगातार दबोच रही है। नशे के इस काले साम्राज्य की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने अब सफेमा (SAFEMA) कानून के तहत ड्रग्स माफियाओं की करोड़ों की अचल संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, जिनके केस तैयार कर बॉम्बे भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही, राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं पर छिपे वांटेड तस्करों पर इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। डीआईजी ने पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता का भरोसा देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध पाया गया, तो उस पर भी सबसे कठोर ऐक्शन लिया जाएगा。
0
0
Report
Advertisement

हिमाचल डोप टेस्ट विवाद चंडीगढ़ तक पहुँचा; भारती और अजय वर्मा का टेस्ट आज

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में डोप टेस्ट का विवाद अब चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती और हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराया। अजय वर्मा ने पहले एक प्रेस वार्ता में नीरज भारती को चुनौती दी थी। इसके बाद भारती ने भी चुनौती स्वीकार की और दोनों ने आज टेस्ट कराया। गौर हो कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीरज भारती को नशेड़ी कहा था और इसके बाद ही डोप टेस्ट का विवाद शुरू हुआ。 दोनों की रिपोर्ट शाम तक आने वाली है, और नीरज भारती ने दावा किया है कि वे दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। नीरज भारती ने कहा कि उन्हें और अजय वर्मा दोनों को भरोसा है कि रिपोर्ट में कुछ नहीं आएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने यह टेस्ट करवाया है।
0
0
Report

12 घंटे के सड़क जाम के बीच प्रदीप बाखला मौत: ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े

Ansar Nagar, Jharkhand:12 घंटे से सड़क जाम: प्रदीप बाखला की मौत पर परिजनों की चीख-पुकार, मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमरिया-बगरा-बालूमाथ मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में संधली गांव निवासी प्रदीप बाखला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात से शुरू हुआ सड़क जाम 12 घंटे बाद भी जारी है। परिजन और ग्रामीण मुआवजा तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि कोयला वाहन के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें प्रदीप बाखला की जान चली गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे और अन्य परिजन हैं। घटनास्थल पर परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल गमगीन बना हुआ है। ग्रामीण चतरा उपायुक्त को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं। वहीं सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अंचल अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जल्द ही सड़कों पर स्पीड मीटर और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
0
0
Report
Advertisement

अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र में तेंदुआ पिंजरे में कैद, लोगों में राहत

Almora, Uttarakhand:Almora - अल्मोड़ा नगर से सटे कैंट क्षेत्र में बुधवार को एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में तेंदुए के फंसने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। तेंदुए की आवाजाही से क्षेत्र के लोग पिछले कई दिनों से दहशत में थे। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर वन विभाग ने 6 जून को ईदगाह के पास पिंजरा लगाया था। चार दिन की निगरानी के बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे विभाग द्वारा निर्धारित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

हिरन नदी में 11 वर्षीय प्रिंस रैकवार की डूबकर मौत; दो बच्चों की बचत

Jabalpur, Madhya Pradesh:हिरन नदी में 11 वर्षी बालक की डूबने से मौत; नहाने के दौरान हादसा. एंकर: जबलपुर के पाटन के थाना गांव में हिरन नदी में नहाने के दौरान तीन बालक डूब गए थे, जिनमें मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया. वहीं गांव का प्रिंस रैकवार, जो लगभग 11 साल का था, नदी में डूब गया और उसकी मौत हो गयी. स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन बालक की मौत हो चुकी थी. उसे पाटन अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि प्रिंस रRackवार अपने नाना-नानी के पास रहकर पढ़ाई करता था. बुधवार दोपहर लगभग 12:00 बजे वह अपने साथियों के साथ हिरन नदी में नहाने के लिए गया था. इसी दौरान तीनों डूबने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया, पर प्रिंस रैकवार गहरे पानी में चला गया था. उसकी खोजबीन की गई और उसे बाहर निकालने तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद परिजन सदमे में हैं; पाटन पुलिस ने बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया है. बाइट: सूर्यकांत शर्मा, एडिशनल एसपी, जबलपुर
0
0
Report

बस्तर में तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता और सुविधाओं की मांग पर प्रदर्शन

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर जिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया, भोजन अवकाश में विभिन्न विभागों के तृतीय वर्ग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, तृतीय वर्ग कर्मचारियों का कहना है कि 1 जनवरी से महंगाई भत्ता मिलना चाहिए था लेकिन राज्य सरकार कोई पहल नहीं कर रही है, इसके अलावा बजट में प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया था लेकिन यह भी वादा पूरा नहीं किया जा रहा, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजप ने मोदी गारंटी के रूप में वादों को पूरा करने की घोषणा की थी लेकिन अब तक वादा पूरा नहीं हो पाया है। संघ के पदाधिकारियों ने आगामी दिनों में अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का भी ऐलान किया।
0
0
Report
Advertisement

अमरोहा पुलिस ने 15.5 करोड़ रुपये के नशे के पदार्थ नष्ट किए

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा पुलिस ने नशा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दहन के तहत करीब 15.5 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण कराया है। विभिन्न थानों में दर्ज 47 अभियोगों से संबंधित कुल 2002.352 किलोग्राम अवैध डोडा, गांजा, चरस, हेरोइन, नशीली दवाइयों और पाउडर को न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में नष्ट किया गया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। 16 अप्रैल, 4 जून और 5 जून 2026 को नियमानुसार गठित समिति की मौजूदगी में जब्त मादक पदार्थों को मुरादाबाद जनपद के फतेहपुर विश्नोई स्थित सुशीला बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट प्राइवेट लिमिटेड में सुरक्षित एवं विधिक प्रक्रिया के तहत नष्ट कराया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 15.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। अमरोहा पुलिस की यह कार्रवाई नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
0
0
Report

रीवा में प्रेम विवाह के बाद पति-पत्नी की मौत का दर्दनाक हादसा

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। यहां एक प्रेम कहानी का अंत बेहद दुखद तरीके से हुआ, जहां पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी ने भी अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि रीवा के युवा कारोबारी प्रदीप सोनी की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत ने उत्तराखंड में आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, रीवा के अनंतपुर निवासी और सराफा कारोबारी परिवार से जुड़े प्रदीप सोनी रविवार को अपने घर में अकेले थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिन पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले स्थित अपने मायके गई हुई थीं। रविवार दोपहर तक प्रदीप का मोबाइल बंद रहा, जिससे परिजनों को चिंता हुई। जब परिवार के लोग घर पहुंचे और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर जाकर देखा गया कि प्रदीप बाथरूम में मृत अवस्था में पड़े थे। प्रारंभिक जानकारी में उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से होना बताई जा रही है। इधर, पति की मौत की खबर जैसे ही उत्तराखंड में मौजूद वैशाली खड़ायत को मिली, वह गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार, सूचना मिलने के कुछ समय बाद वह बिना किसी को बताए घर से निकल गईं। काफी तलाश के बाद जाजरदेवल थाना क्षेत्र के नैनीसैनी गधेरे के पास एक तालाब में उनका शव मिला। मौके से उनका मोबाइल फोन और पर्स भी बरामद हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक, प्रदीप और वैशाली ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था और दोनों के बीच बेहद गहरा भावनात्मक रिश्ता था। परिवार का कहना है कि दोनों अक्सर एक-दूसरे के बिना जीवन की कल्पना न कर पाने की बात करते थे। एक बार बातचीत के दौरान वैशाली ने कहा था कि "जब तक जिएंगे साथ जिएंगे और साथ मरेंगे।" उस समय इसे सामान्य वैवाहिक बातचीत समझा गया था, लेकिन आज वही बात दर्दनाक हकीकत बन गई। प्रदीप के पिता और शहर के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी परमानंद सोनी ने बताया कि उनकी बहू वैशाली अपने पति से बेहद प्रेम करती थी और बेटे की मौत का सदमा सहन नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि आत्महत्या किसी भी परिस्थिति में सही कदम नहीं है, लेकिन वैशाली अपने पति से इतना जुड़ी हुई थी कि यह दुख बर्दाश्त नहीं कर पाई।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top