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क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े चोरी के मोबाइल बेचने वाले 3 सप्लायर, 60 मोबाइल बरामद
New Delhi, Delhi:दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने डाबड़ी से चोरी के मोबाइल बेचने वाले 3 सप्लायर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के निवासी मोरजेन हुसैन व मिठू शेख और बांग्लादेशी मोहम्मद आसिक शामिल हैं। जिनके पास से 60 महंगे चोरी के मोबाइल बरामद हुए। आरोपियों पर पहले से ही विभिन्न राज्यों में चोरी के मामले दर्ज हैं। मोरजेन हुसैन को 2012 में फेक करेंसी मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपी चोरी के मोबाइल नेपाल व बांग्लादेश में सप्लाई करते थे।
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भाजपा की भोपालगढ़ नगरपालिका चुनाव में जीत, समर्थकों में जश्न
Jodhpur, Rajasthan:जिला रिपोर्टर राकेश भारद्वाज विधानसभा भोपालगढ़ इनफॉर्मर किशोर जाखड़ भोपालगढ़ जोधपुर भोपालगढ़ नगरपालिका चुनाव में भाजपा के देवेश चौधरी को मिली जीत के बाद भोपालगढ़ शहर में खुशी का माहौल नजर आया, जीत के बाद भाजपा व रालोपा के नेताओ ने भोपालगढ़ में विजय जुलूस निकाला, जीत के बाद भोपालगढ़ में असली हीरो महेश जाखड़ बने, जिन्होंने कांग्रेस की बाड़ेबंदी से कांग्रेस के पार्षद सन्तोष नायक को निकालकर बीजेपी के खेमे में लाकर दिया, कांग्रेस के 13 पार्षद होने के बाद भाजपा के 9 पार्षद होने पर भी बोर्ड बना दिया, इस दौरान प्रभारी सी आर चौधरीं,पूर्व विधायक कमसा मेघवाल,पुखराज गर्ग सहित कई नेताओं ने जीत का जश्न मनाया, बाइट भूपेन्द्र देवासी,भाजपा नगरपालिका प्रभारी बाइट रामसा सिंघड़,रालोपा जिलाध्यक्ष बाइट पुखराज गर्ग,पूर्व विधायक भोपालगढ़0
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सुप्रिया श्रीनेत ने राजभर के यूपी विभाजन बयान पर योगी से स्पष्टीकरण मांगा
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान 'यूपी 4 हिस्सों में बंटेगा, पूर्वांचल राज्य बना तो राजभर का बेटा बनेगा मुख्यमंत्री...', पर कहा, "राजभर किसके बतौर यह बात कह रहे हैं? इसका स्पष्टीकरण सीएम योगी दें कि क्या वह यूपी के हिस्से करने जा रहे हैं? राजभर तो उन्हीं की सरकार में मंत्री हैं."0
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रामगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष: मदनलाल सैनी 1 मत से विजयी
Sikar, Rajasthan:जिला-सीकर विधानसभा-फतेहपुर नगरपालिका-रामगढ़ शेखावाटी रामगढ़ शेखावाटी नगरपालिका अध्यक्ष निर्वाचन में कांग्रेस 01 मत से विजयी. कांग्रेस प्रत्याशी मदनलाल सैनी को मिले 18 मत, निर्दलीय मकसूद भाटी को 17 मत. नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस 35 वार्ड में से 18 वार्ड में विजयी प्राप्त हुई थी। भाजपा 10 वार्ड और 7 निर्दलीय विजयी हुए थे। मगर कांग्रेस के ही मकसूद भाटी ने हाईब्रिड से निर्दलीय नामांकन करने के साथ भाजपा के समर्थन से रामगढ़ पालिका अध्यक्ष निर्वाचन काफी करीबी पहुंच गया था। नगरपालिकाध्यक्ष निर्वाचन में सबसे पहले निर्दलीय हारून चेजारा अकेला ही मतदान करने आया। इसके बाद एक लग्जरी बस में विधायक हाकम अली की अगुवाई में कांग्रेसी पार्षद मतदान करने पहुंचे। कांग्रेसी नवनिर्वाचित पार्षदों के मतदान के बाद नगर भाजपा अध्यक्ष संजय सैनी की अगुवाई में भाजपाई पार्षद मतदान के लिए पहुँचे। सबसे बाद दोपहर एक बजे एसपी ख्यालिया, संजय सैनी के सानिध्य में पूर्व पालिकाध्यक्ष मुज्जमिल भाटी मतदान करने नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर मतदान किया। मतदान के पश्चात निर्वाचन अधिकारी भारती फूलफकर ने कांग्रेस के मदनलाल सैनी को 18 व निर्दलीय मकसूद के 17 मत आने पर कांग्रेस के मदनलाल को विजय घोषित किया। नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिये किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए प्रशासन काफी सख्त दिखाई दिया। मतदान स्थल नगरपालिका कार्यालय से लेकर आसपास के सभी क्षेत्र में बेरिकेट्स के साथ पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था। वहीं थानाधिकारी अमरसिंह, पूर्व थानाधिकारी प्रकाशचन्द्र निरंतर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। कांग्रेस प्रत्याशी के विजयी होते ही प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा में नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष मदनलाल सैनी को उनके घर पहुंचाया। कांग्रेस के विजयी होते ही कांग्रेसी समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर पटाखे छोड़कर खुशियाँ मनाई। उल्लेखनीय है कि देर रात को पूर्व पालिकाध्यक्ष व नवनिर्वाचित पार्षद मुज्जमिल भाटी को कांग्रेसी बाड़ाबंदी से निकालने के लिए उसके भाई व परिवार वालों ने पुलिस में परिवाद दिया था।0
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अलवर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड पहली बार; सुमन लता अग्रवाल महापौर
Alwar, Rajasthan:अलवर नगर निगम में पहली बार भाजपा का बोर्ड अलवर। अलवर नगर निगम के इतिहास में सोमवार को नया राजनीतिक अध्याय जुड़ गया। नगर निगम के पहले निर्वाचित महापौर के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी एवं वार्ड नंबर 7 की पार्षद सुमन लता अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 19 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। सुमन लता अग्रवाल को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की कमलेश शर्मा के खाते में 23 वोट आए। इसी के साथ अलवर नगर निगम में पहली बार भाजपा का बोर्ड बनना तय हो गया। नगर निगम के कुल 65 पार्षदों में भाजपा के 28, कांग्रेस के 23, 13 निर्दलीय और एक BSP पार्षद हैं। महापौर चुनाव में बहुमत के लिए 33 वोट जरूरी थे। भाजपा ने अपने 28 पार्षदों के साथ 13 निर्दलीय और एक BSP पार्षद का समर्थन हासिल किया और सुमन लता अग्रवाल के पक्ष में कुल 42 वोट पड़े। वहीं कांग्रेस के सभी 23 पार्षदों ने अपनी प्रत्याशी कमलेश शर्मा का समर्थन किया। नगर परिषद से नगर निगम तक अग्रवाल परिवार की सियासी पारी सुमन लता अग्रवाल की जीत को उनके परिवार की स्थानीय राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उनके पति अजय अग्रवाल अलवर नगर परिषद में सभापति रह चुके हैं। अब सुमन लता अग्रवाल के महापौर निर्वाचित होने के बाद अग्रवाल परिवार को अलवर के नगरीय निकाय की कमान संभालने का मौका मिला है। जीत के बाद विकास और सफाई को बताया प्राथमिकता महापौर निर्वाचित होने के बाद सुमन लता अग्रवाल ने अलवर की जनता, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और पार्टी के पार्षदों का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष राठौड़, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राजस्थान सरकार के मंत्री संजय शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता सहित पार्टी की पूरी टीम का धन्यवाद किया। सुमन लता अग्रवाल ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने अलवर शहर के विकास और मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही। शहर को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाना, सड़कों और गलियों में बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था करना तथा बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। 42 वोटों के साथ भाजपा ने दर्ज किया बहुमत महापौर चुनाव के नतीजों में भाजपा का बहुमत साफ नजर आया। भाजपा के 28 पार्षदों के साथ 13 निर्दलीय और एक BSP पार्षद का समर्थन मिलने से सुमन लता अग्रवाल के पक्ष में 42 वोट पड़े। दूसरी ओर कांग्रेस के 23 पार्षद एकजुट रहे और कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। इस जीत के साथ अलवर नगर निगम में भाजपा ने पहली बार अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की。0
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जयपुर निकाय चुनाव: शाहपुरा-जोबनेर में एक वोट ने बदला समीकरण
Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में पार्षदों की जीत के बाद सत्ता की दूसरी बाजी में असली खेल निर्दलीयों और क्रॉस वोटिंग के संकेतों ने दिखाया। जयपुर जिले के 18 निकायों में प्रमुख पदों के नतीजे आए तो 12 कुर्सियां भाजपा और 6 कांग्रेस के खाते में गईं। लेकिन सबसे दिलचस्प कहानी शाहपुरा और जोबनेर ने लिखी। शाहपुरा में कांग्रेस के 23 और भाजपा के सिर्फ 20 पार्षद थे, फिर भी अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा ने 28 वोट लेकर महज एक वोट से जीत ली। जोबनेर में भाजपा के 7 पार्षद थे, लेकिन अध्यक्ष प्रत्याशी को 9 वोट मिले और यहां भी जीत का अंतर सिर्फ एक वोट रहा। यानी वार्डों में जनता ने जो अंकगणित बनाया था, अध्यक्ष चुनाव में कई जगह उसका समीकरण बदल गया। जयपुर जिले के निकाय चुनाव में पार्षद चुनाव के बाद अब Sh urban सत्ता की दूसरी तस्वीर भी सामने आ गई है। नगर निगम जयपुर को छोड़कर जिले के 18 नगर पालिका-परिषदों में निकाय प्रमुखों का फैसला हुआ और भाजपा ने 12 निकायों में अध्यक्ष-सभापति की कुर्सी हासिल की, जबकि कांग्रेस 6 निकायों में सफल रही। यानी प्रमुख पदों के लिहाज से भाजपा ने जिले के दो-तिहाई निकायों पर कब्जा किया। दिलचस्प यह है कि कई निकायों में पार्षद चुनाव का सीधा गणित अध्यक्ष चुनाव तक आते-आते बदल गया। जयपुर जिले में निकाय प्रमुख चुनाव में जीत के अंतर की तस्वीर भी दिलचस्प रही। शाहपुरा नगर परिषद इस चुनाव का सबसे दिलचस्प राजनीतिक उदाहरण बना। यहां 55 सदस्यीय सदन में कांग्रेस 23 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी और भाजपा के 20 पार्षद थे। 12 निर्दलीय थे। अध्यक्ष चुनाव में तस्वीर पलट गई। भाजपा के रविश खटाना को 28 वोट, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 27 वोट मिले। यानी भाजपा प्रत्याशी को अपने दल की संख्या से 8 वोट अधिक मिले और अध्यक्ष की कुर्सी एक वोट से भाजपा के खाते में चली गई। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को भी कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों की संख्या से चार वोट अधिक मिले। जोबनेर का परिणाम भी सीटों और सत्ता के अंतर की कहानी कहता है। 20 सदस्यीय पालिका में भाजपा 7, कांग्रेस 5 और निर्दलीय 8 जीते थे। किसी के पास बहुमत नहीं था। अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की सरोज गुर्जर को 9, कांग्रेस को 8 और निर्दलीय प्रत्याशी को 3 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी अपने मूल संख्या बल से दो वोट अधिक लेकर सिर्फ एक वोट से अध्यक्ष बनीं। यदि जीत-हार के आंकडे पर नजर डाले तो भाजपा के आशीष दुसाद ने चौमूं में सर्वाधिक 21 वोट के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस की ओर से खेजरोली में सुनीता सैनी की 11 वोट की जीत सबसे बड़ी रही। दूसरी तरफ शाहपुरा और जोबनेर में फैसला महज एक-एक वोट से भाजपा के पक्ष में हुआ। भाजपा के जीते प्रत्याशियों में चौमूं नगर परिषद के आशीष दुसाद सबसे बड़े अंतर से जीते। उन्हें 33 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 12 वोट मिले। अंतर 21 वोट का रहा। इसके बाद फुलेरा में राजू शर्मा 10 वोट, बस्सी में निर्मला खोलिया 9_vote और किशनगढ़-रेनवाल में सुमिता अग्रवाल 9 वोट से जीतीं। बगरू में संतोष चौहान 7 वोट, कालाडेरा में उर्मिला कुमावत 6 वोट और जमवारामगढ़ में राकेश कुमार वर्मा 5 वोट से जीते। सांभर में पवन कुमार मोदी और वाटिका में कमला देवी की जीत का अंतर 3-3 वोट रहा। सबसे नजदीकी मुकाबले जोबनेर और शाहपुरा में रहे। जोबनेर में सरोज गुर्जर ने 9 वोट लेकर एक वोट से जीत दर्ज की। शाहपुरा नगर परिषद में रविश खटाना को 28 और कांग्रेस को 27 वोट मिले। यानी यहां भी कुर्सी सिर्फ एक वोट से तय हुई। वहीं चाकसू में भाजपा की पुष्पा देवी निर्विरोध प्रमुख चुनी गईं। उधर जयपुर जिले की 18 निकायों में से कांग्रेस के छह विजेताओं में सबसे बड़ी जीत खेजरोली में सुनीता सैनी की रही। उन्हें 18 वोट मिले, जबकि भाजपा को 7 वोट मिले। जीत का अंतर 11 वोट रहा। मनोहरपुर में अर्जुन मोहनपुरिया ने 21 वोट लेकर भाजपा प्रत्याशी को 7 वोट से हराया। कानोता में राम किशन 13 वोट लेकर 6 वोट, नरायना में अब्दुल रजाक 15 वोट लेकर 5 वोट और दूदू में गरिमा कंवर 14 वोट लेकर 3 वोट से जीतीं। कांग्रेस की सबसे करीबी जीत फागी में सुरेश की रही। उन्हें 11 और भाजपा प्रत्याशी को 9 वोट मिले, यानी जीत केवल 2 वोट की रही। बहरहाल, जयपुर जिले के नतीजों में भाजपा की बढ़त केवल उन निकायों तक सीमित नहीं रही जहां उसके पास शुरुआती मजबूत संख्या थी। शाहपुरा, जोबनेर और वाटिका जैसे निकायों में अध्यक्ष चुनाव के वोटों ने गठजोड़ और निर्दलीयों की अहमियत दिखाई। खासकर शाहपुरा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद प्रमुख पद नहीं ले सकी। दूसरी तरफ कांग्रेस ने दूदू, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नरायना और फागी में प्रमुख पद हासिल किए। इसका राजनीतिक अर्थ इतना स्पष्ट है कि पार्षद चुनाव के बाद शुरू हुआ दूसरा मुकाबला बोर्ड बनाने का भाजपा के पक्ष में 12-6 रहा। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
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जमुई वायरल वीडियो: ADG अनूपम का बयान, 3 नाबालिग समेत 7-8 युवक गिरफ्तार
Noida, Uttar Pradesh:पटना ब्रेकिंग जमुई वायरल वीडियो मामले में ADG लॉ एंड ऑर्डर K.S. अनुपम का बड़ा बयान जमुई में लड़की से दुर्व्यवहार और छेड़खानी मामले में अब तक 3 नाबालिग गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में 2 की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74, 75 और POCSO की धारा 8, 12 के तहत केस दर्ज मामले की जांच के लिए SIT का गठन, जमुई SDPO के नेतृत्व में जांच घटना का वीडियो वायरल करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई नाबालिग की पहचान/चेहरा उजागर कर वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी होगी कार्रवाई POCSO और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जाएगी घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब 3 KM दूर पहाड़ी इलाके में शाम 6:25-6:30 बजे के बीच की बताई गई पुलिस घटना स्थल की पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी जांच करेगी जाँच में 7-8 युवकों के नाम सामने आए, सभी की भूमिका की जांच जारी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है घटना में शामिल पाए जाने वाले हर व्यक्ति पर कानून के तहत कार्रवाई होगी0
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जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के आरोपियों पर सरकारी कार्रवाई
Noida, Uttar Pradesh:पटना (बिहार): जमुई में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई पर संजय सरावगी (बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष) / पूरे बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय / जमुई की नाबालिग लड़की वाली घटना पर राहुल गांधी का ट्वीट0
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सागवाड़ा नगरपालिका के अध्यक्ष पद पर आशा पाटीदार की जीत, भाजपा का लाभ
Dungarpur, Rajasthan:सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव, भाजपा की आशा पाटीदार बनीं अध्यक्ष डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की आशा पाटीदार ने जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद हासिल किया। मतदान में आशा पाटीदार को 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी भूमिका पंचाल के पक्ष में 8 वोट पड़े। वहीं बीएपी के 4 पार्षदों ने मतदान नहीं किया। निर्वाचन अधिकारी की ओर से परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा खेमे में जश्न का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आशा पाटीदार का स्वागत किया और जीत की बधाई दी। इसके बाद आशा पाटीदार खुली गाड़ी में सवार होकर शहर में निकलीं और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान समर्थकों में उत्साह नजर आया। आशा पाटीदार ने जीत को लेकर जनता का आभार जताया। आशा ने कहा कि हमारा लक्ष्य नगर के सभी 35 वार्डो में जीत का था। लेकिन कुछ कम रहे। फिर भी शहर के हर छोटे काम बिजली, पानी जैसी समस्याओं से शुरुआत करेंगे। नगर के विकास के काम को लेकर सभी पूरे किए जाएंगे। विकास में किसी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। वही इस मौके पर सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा ने चुनाव में भाजपा की ओर से जारी संकल्प पत्र में किए वायदों को पूरा करने का भरोसा सागवाडा की जनता को दिया है। बयान- 1 आशा पाटीदार नव निर्वाचित अध्यक्ष नगरपालिका सागवाडा बयान-2 शंकरलाल डेचा विधायक सागवाडा अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर0
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बीकानेर में कांग्रेस ने मेयर चुनाव जीता; अनिल कल्ला 50 वोट से जीत
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर को मिला नया मेयर, कांग्रेस के अनिल कल्ला ने जीता मेयर चुनाव अनिल कल्ला को मिले 50 वोट, बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट 80 में से 50 वोट हासिल कर अनिल कल्ला ने दर्ज की जीत 42 पार्षदों वाली कांग्रेस को मिले 8 अतिरिक्त वोट, बीजेपी के 27 पार्षदों के साथ महज़ 30 वोट मिले,आंकड़े में आगे निकली कांग्रेस बीजेपी की ओर से निर्दलीयों के समर्थन को लेकर किए गए दावों के बीच 30 वोट पर सिमटे सुरेंद्र सिंह शेखावत जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न, निगम के बाहर जुटे समर्थक अब सवाल-बीजेपी के पक्ष में बताए जा रहे सियासी समीकरण आखिर मतदान में क्यों नहीं दिखे? बीकानेर नगर निगम की मेयर की कुर्सी पर अब कांग्रेस का कब्जा हो गया है कई दिनों से चल रही सियासी उठापटक, दावों और रणनीति के बाद आज तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मेयर चुनाव में 50 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट मिले यानी 80 पार्षदों वाले सदन में कांग्रेस ने अपने मूल संख्याबल से 8 वोट ज्यादा हासिल किए यह नतीजा इसलिए भी अहम है क्योंकि चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नवरतन डागा के नामांकन को लेकर खींचतान सामने आई थी डागा के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस ने एकजुटता का दावा किया था और अब मतदान के आंकड़ों ने उस दावे की तस्वीर भी सामने रख दी है। 50 वोट की जीत, कांग्रेस की एकजुटता- बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का बहुमत था ऐसे में सबसे बड़ा सवाल था कि क्या पार्टी अपने सभी पार्षदों को एकजुट रख पाएगी मतदान हुआ तो अनिल कल्ला को 50 वोट मिले यानी कांग्रेस के अपने 42 पार्षदों के अलावा 8 अतिरिक्त वोट भी उनके खाते में आए अनिल कल्ला की जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल देखने को मिला समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया अनिल कल्ला ने जीत का श्रेय कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पार्षदों और बीकानेर की जनता के प्रति आभार जताते हुए दिया। डागा प्रकरण के बाद बदली तस्वीर - मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नवरतन डागा के नामांकन ने सियासी हलचल बढ़ा दी थी। बाद में डागा ने नामांकन वापस लिया और कांग्रेस की ओर से एकजुटता का संदेश दिया गया अब 50 वोट मिलने के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर फिलहाल विराम की तस्वीर दिखाई दे रही है इस पूरे घटनाक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका भी चर्चा में रही कांग्रेस के लिए अब अगली चुनौती इस एकजुटता को निगम के कामकाज में बनाए रखने की होगी। बीजेपी के दावों पर उठे सवाल- दूसरी तरफ बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट मिले बीजेपी के पास 27 पार्षद थे चुनाव से पहले पार्टी की ओर से अतिरिक्त समर्थन जुटाने के दावे और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की चर्चा थी लेकिन अंतिम मतदान में शेखावत 30 वोट पर ही रह गए यही वजह है कि अब बीजेपी के भीतर भी चुनावी समीकरणों को लेकर मंथन की चर्चा है क्या कुछ पार्षदों ने अपेक्षित तरीके से मतदान नहीं किया? क्या निर्दलीय पार्षदों का समीकरण बीजेपी के पक्ष में नहीं बन पाया? इन सवालों के जवाब अब पार्टी के भीतर की समीक्षा में तलाशे जाएंगे हालांकि मतदान की गोपनीयता के चलते व्यक्तिगत तौर पर किस पार्षद ने किसे वोट दिया, यह सार्वजनिक रूप से निर्धारित नहीं किया जा सकता। लेकिन क्या बीजेपी में क्रॉस वोटिंग हुई या जिन निर्दलीयों ने समर्थन दिया उन्होंने वोट नहीं दिया ये बड़ा सवाल है ! कल्ला ने उठाया प्रशासन पर सवाल जीत के बाद पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने भी बीजेपी और प्रशासन को लेकर गंभीर आरोप लगाए।ल कल्ला ने पिछले दिनों प्रशासनिक कार्रवाई और पार्षदों पर दबाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले पर निर्वाचन आयोग को संज्ञान लेना चाहिए इन आरोपों पर प्रशासन या बीजेपी की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा कल्ला ने कहा कि अब शहर के विकास के लिए काम किया जाएगा। यानी चुनावी मुकाबला खत्म होने के बाद कांग्रेस के सामने अब अपने बोर्ड के जरिए शहर से जुड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती है। जीत के बाद जश्न, अब विकास की बारी- अनिल कल्ला की जीत के बाद निगम के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटी जुलूस की अनुमति नहीं होने के चलते पुलिस अनिल कल्ला को वाहन से उनके घर तक लेकर गई समर्थकों में जीत का उत्साह नजर आया अब बीकानेर की राजनीति में मेयर चुनाव का अध्याय तो खत्म हो गया है कांग्रेस 50 वोट के आंकड़े को अपनी एकजुटता के तौर पर देख रही है जबकि बीजेपी को 30 वोट मिलने के बाद पार्टी के चुनावी समीकरणों की समीक्षा करनी होगी अब निगाहें इस बात पर हैं कि नई कांग्रेस बोर्ड की राजनीतिक एकजुटता शहर के विकास के एजेंडे में कितनी दिखाई देती है0
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छतरपुर के बक्सवाहा CHC में शराब मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर जिले के बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, उसी अस्पताल परिसर में अंग्रेजी शराब की बोतल पाई गई है। जिसके बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल बक्सवाहा सीएचसी परिसर में एक अंग्रेजी शराब की बोतल पड़ी हुई मिली। यह तस्वीर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शराब की बोतल अस्पताल के अंदर पहुंची कैसे? इसे अस्पताल परिसर में कौन लेकर आया और क्या अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी थी? अस्पताल में मरीजों के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहते हैं। महिलाएं और बच्चे भी इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में परिसर के अंदर शराब की बोतल मिलना सुरक्षा व्यवस्था की लचरता को उजागर करता है। यदि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बाहरी व्यक्ति शराब लेकर प्रवेश कर सकता है, तो मरीजों की सुरक्षा कितनी प्रभावी है, यह जांच का विषय है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में अस्पताल परिसर में शराब की बोतल का मिलना महज एक बोतल मिलने का मामला नहीं, बल्कि अस्पताल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठता बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है। वही इस मामले मे सीएमएचओ जांच कराने की बात कही है。0
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गोपालपुरा प्रकरण में FIR न हो सका, बहुजन समाज ने छह सूत्री मांग रखीं
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुरा गांव से जुड़ा मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम को लेकर कथित जातिसूचक टिप्पणी किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता अजय सिंह एवं बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष छह सूत्रीय मांगें रखी हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिकायत की गई, लेकिन करीब 50 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बता दे कि, सोमवार को दर्जनों की संख्या में बहुजन समाज के लोगों ने एकत्रित होकर अम्बेडकर चौराह से कलेक्ट्रेट परिसर तक जुलुस निकाला इस दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को ज्ञापन सौपते हुए बताया कि, 3 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से गोपालपुरा निवासी राम मोहन पुत्र बाबूराम का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में डॉ. भीमरावे आंबेडकर और एक समुदाय को लेकर आपत्तिजनक एवं जातिसूचक टिप्पणी की गई। उनका कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद चौकी में प्रार्थना पत्र दिया गया। कार्रवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक जालौन को भी शिकायत दी गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा 3 अगस्त को ही माधौगढ़ थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। वहीं, अधिवक्ता अजय सिंह का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बाद लगातार कार्रवाई की मांग की जाती रही, लेकिन लगभग 50 दिन बीतने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई। मामले को लेकर बहुजन समाज की ओर से प्रशासन को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया है। इसमें कथित घटना में शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST Act समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई है। वहीं इस मांगपत्र के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती है तो बहुजन समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बीती 14 सितंबर को भी धरना-प्रदर्शन के संबंध में प्रतिनिधिमंडल प्रशासन को अवगत करा चुका है। अब दोबारा छह सूत्रीय मांगपत्र के माध्यम से कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कार्रवाई न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन धरना किया जायेगा।0
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गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आस्था का सैलाब, श्रद्धालु पहुंच रहे
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, बोले- बाबा के दरबार में मिलती है शांति, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सहारनपुर,में गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आज छड़ी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज से संगतें यहां पहुंचती रहीं। श्रद्धालु हाथों में नीले निशान और छड़ियां लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर निशान चढ़ाए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारे लगाए। इस मेले में नेजा और 26 छड़ियां शोभायात्रा के साथ म्हाड़ी तक पहुंचीं। तीन दिवसीय मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।श्रद्धालुओं का कहना है कि गोगा जी महाराज की म्हाड़ी से उनकी आस्था वर्षों से जुड़ी हुई है। कई परिवार ऐसे हैं, जो पीढ़ियों से इस मेले में शामिल होते आ रहे हैं। परिवार के बुजुर्गों के बाद अब नई पीढ़ी भी इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ा रही है। श्रद्धालु शिवा पालीवाल ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से गोगा जी महाराज के मेले में आ रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 20-25 वर्षों से वह लगातार यहां पहुंच रहे हैं। मेले में बड़ी संख्या में लोग अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के दरबार में पहुंचकर उन्हें शांति की अनुभूति होती है और वह देश-दुनिया में सुख-शांति की कामना करते हैं।उन्होंने बताया कि मेले में कुछ श्रद्धालु रात से ही पहुंचने लगते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार बाबा को प्रसाद व भेंट चढ़ाते हैं। भीड़ के बावजूद व्यवस्था में सहयोग करते हुए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।वहीं श्रद्धालु नेहा पालीवाल ने बताया कि वह भी लंबे समय से गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के दरबार में आकर उन्हें खुशी और शांति मिलती है और वह परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं।मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। आस्था, परंपरा और श्रद्धा के इस संगम में बड़ी संख्या में लोग बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना की प्रार्थना कर रहे हैं。0
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जमुई घटना पर श्रेयशी सिंह का बयान जारी
Noida, Uttar Pradesh:जमुई से MLA और बिहार सरकार में मंत्री श्रेयशी सिंह का बयान जमुई की घटना पर0
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श्रीगंगानगर में पार्षद के साथ फायरिंग का मामला, विजय कुमार की तलाश में पुलिस
श्रीगंगानगर के श्री विजयनगर से बड़ी खबर कांग्रेस पार्षदों को फायरिंग कर उठा ले जाने से जुड़ा मामला वार्ड नंबर 13 से विजय कुमार पार्षद ने जारी किया वीडियो वीडियो में पार्षद बोला में सकुशल अपने घर लौट गया हूं हालांकि प्रशासन ने 5:00 तक मतदान का बढ़ाया है समय वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की टीमें विजय कुमार पार्षद को ढूंढने का कर रही है प्रयास0
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भीलवाड़ा के मांडल में पुरानी रंजिश पर हमला, 10-12 घायल, मंगलसूत्र छीना
Jaipur, Rajasthan:जितेंद्र सिंह गौड़ खबर लोकेशन: रावो का खेड़ा, मांडल, भीलवाड़ा के मांडल से खबर , घर में घुसकर परिवार पर हमला, 10-12 लोगों पर मारपीट का आरोप。 पुरानी रंजिश को लेकर लाठी, सरियों व लकड़ियों से हमला, तीन लोग घायल。 बहू को घसीटकर गाड़ी में डालने और मंगलसूत्र छीनने का भी आरोप。 परिवार के सदस्यों को मंदिर में बांधकर रखने व धमकी देने की रिपोर्ट。 मकान-जमीन के कागजात या 9 लाख रुपए मांगने का भी लगाया आरोप。 मांडल थाना पुलिस ने BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर शुरू की जांच,0
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