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2047 तक नौकरशाही की भूमिका: AI से प्रशासन में बदलाव की चर्चा

Jaipur, Rajasthan:एंकर-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को भी पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि वर्ष 2047 तक सरकारी अफसरों और सिविल सेवक की भूमिका क्या होगी। क्या उसकी भूमिका आज जैसी रहेगी या पूरी तरह बदल जाएगी। इसी बड़े मुद्दे को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के समापन सत्र में उठाया। उन्होंने कहा कि AI को अपनाना समय की जरूरत है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी उसका जिम्मेदारी और बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना है। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर 'जयपुर डिक्लेरेशन' जारी किया गया, 17 उत्कृष्ट डिजिटल परियोजनाओं को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया और राजस्थान सरकार ने सम्मेलन से मिले नवाचारों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की घोषणा की। राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नलStateवर्धन राठौड़ ने कहा कि दुनिया जहां केवल AI की चर्चा कर रही है, वहीं भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिम्मेदार और समावेशी AI की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सम्मेलन में सामने आए सभी सुझावों, नवाचारों और श्रेष्ठ मॉडलों का अध्ययन किया जाएगा और उपयोगी मॉडलों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब असली काम शुरू होगा। मुख्य सचिव वी. शर्मा ने कहा कि सम्मेलन के दौरान करीब 200 विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं लगभग 100 डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी समाधानों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडल देखने और सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया कि "ई-गवर्नेंस अब केवल सिस्टम मैनेजमेंट नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रबंधन बन गया है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों के लिए 1.65 लाख ग्राम पंचायतों से आवेदन मिले। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंच चुका है। समापन समारोह में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। इसके साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। अंत में अतिरिक्त सचिव सरिता चौहान ने आभार व्यक्त किया और पुरस्कार विजेताओं के साथ सामूहिक फोटो सेशन आयोजित हुआ। समापन कार्यक्रम में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। यह सम्मेलन राजस्थान में डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI के अनुभव साझा करने का अवसर बना। बहरहाल, दो दिन चली इस कॉन्फ्रेंस में भविष्य के शासन की तस्वीर बार-बार उभरकर सामने आई। चर्चा केवल नई तकनीकों की नहीं, बल्कि इस सवाल की भी रही कि AI के दौर में सरकारें और प्रशासन खुद को कैसे बदलें। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का यह सवाल सबसे ज्यादा गूंजा कि "2047 में ब्यूरोक्रेसी की भूमिका क्या होगी, होगी भी या नहीं...यही संदेश भी बन गया कि आने वाले वर्षों में सुशासन की कसौटी केवल डिजिटल नहीं, बल्कि तकनीक और मानवीय विवेक के बीच संतुलन बनाए रखने पर होगी।
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AI से सरकारी कामकाज में क्रांतिकारी बदलाव: जयपुर ई-गवर्नेंस समापन

Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल/जयपुर दो दिनों तक डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर मंथन के बाद 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का जयपुर में समापन हो गया। समापन सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के उस सवाल की रही, जिसमें उन्होंने कहा वर्ष 2047 तक सरकारी अफसरों और सिविल सेवक की भूमिका क्या होगी। क्या उसकी भूमिका आज जैसी रहेगी या पूरी तरह बदल जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है, लेकिन असली चुनौती इसे बुद्धिमानी और मानवीय संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल करने की है। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित समापन समारोह में डॉ. सिंह ने कहा कि तकनीक जिस रफ्तार से बदल रही है, उससे शासन की पारंपरिक कार्यप्रणाली भी तेजी से बदल रही है। उन्होंने वीसीआर और एसटीडी बूथ का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी ये जीवन का अहम हिस्सा थे, लेकिन कुछ ही वर्षों में इतिहास बन गए। इसी तरह प्रशासन को भी भविष्य के अनुरूप खुद को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले करीब दो हजार पुराने और अप्रासंगिक नियम खत्म किए हैं। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और नागरिकों का भरोसा बढ़ा है। मुख्य सचिव की खुलकर तारीफ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि जयपुर में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन कराने का सुझाव उन्हीं का था, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ। उन्होंने राजस्थान सरकार और आयोजन टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। "केवल AI नहीं, जिम्मेदार AI चाहिए" राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि दुनिया जहां केवल AI की चर्चा कर रही है, वहीं भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "जिम्मेदार और समावेशी AI" की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सामने आए सभी सुझावों, नवाचारों और श्रेष्ठ मॉडलों का अध्ययन किया जाएगा और उपयोगी मॉडलों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब असली काम शुरू होगा। दो दिन में 200 विशेषज्ञ, 100 डिजिटल समाधान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सम्मेलन के दौरान करीब 200 विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं लगभग 100 डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी समाधानों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडल देखने और सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया कि "ई-गवर्नेंस अब केवल सिस्टम मैनेजमेंट नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रबंधन बन गया है। गांव तक पहुंचा डिजिटल नवाचार। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वार्मा ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों के लिए 1.65 लाख ग्राम पंचायतों से आवेदन मिले। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंच चुका है। जयपुर डिक्लेरेशन जारी समापन समारोह में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। इसके साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। अंत में अतिरिक्त सचिव सरिता चौहान ने आभार व्यक्त किया और पुरस्कार विजेताओं के साथ सामूहिक फोटो सेशन आयोजित हुआ। 17 परियोजनाओं को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार सम्मेलन में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 भी प्रदान किए गए। सात श्रेणियों में 17 परियोजनाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें 10 स्वर्ण, 6 रजत और 1 जूरी पुरस्कार शामिल हैं। स्वर्ण पुरस्कार पाने वाली प्रमुख परियोजनाओं में एग्री स्टैक, ई-जागृति, महाकुंभ-2025 डिजिटल प्रबंधन, ई-संजीवनी में AI आधारित क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, केरल हाईकोर्ट की जिला न्यायालय केस मैनेजमेंट प्रणाली, ICMR-MINDS, ISRO की साइबर सुरक्षा परियोजना, मध्य प्रदेश की ई-नगरपालिका साइबर सिक्योरिटी और बैंक ऑफ बड़ौदा का डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम शामिल रहे। रजत पुरस्कार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और पंचायती राज मंत्रालय की विविध डिजिटल परियोजनाओं को मिले, जबकि सर्वे ऑफ इंडिया को रियल टाइम पोजिशनिंग सर्विस के लिए जूरी अवॉर्ड प्रदान किया गया। स्वर्ण विजेताओं को 10 लाख रुपये तथा रजत विजेताओं को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति-पत्र दिए गए।
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शहर में अपराध के विरोध में बंद आह्वान, मशाल जुलूस के साथ समर्थन

Jamshedpur, Jharkhand:बिष्टुपुर में विधायक सरयू राय अपने समर्थकों के साथ मशाल जुलूस में शामिल हुए। वहीं भाजपा की ओर से शहर के सभी मंडलों में अलग-अलग स्थानों पर मशाल जुलूस निकालकर लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू के नेतृत्व में सीतारामडेरा से भी मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान सरयू राय और पूर्णिमा साहू ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और शहर में बेहतर कानून-व्यवस्था की मांग को लेकर 3 जुलाई का बंद बुलाया गया है। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करने और इसे सफल बनाने की अपील की。
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श्रीरामपूर में दिनदहाड़े गैंगवार, 19 साल के शुभम यादव पर हमला

Shirdi, Maharashtra:भरदिवसा श्रीरामपूर शहरातील भरवस्तीत गॅंग वॉर... मागील भांडणाच्या कारणावरून तरुणावर धारदार शस्त्राने हल्ला, गोळीबार झाल्याचेही चर्चा.... शहरातील पूर्णवाद नगर परिसरातील चौकात घडली घटना.... 2 ते 3 दुचाकीवरून आलेल्या हल्लेखोरांनी चौकात थांबलेल्या युवकावर केला प्राणघातक हल्ला... शुभम यादव वय वर्ष 19 हल्ल्यात जखमी झालेल्या युवकाचे नाव.... हल्ल्यात गंभीर जखमी झालेल्या यादव याच्यावर अहिल्यानगर येथील रुग्णालयात उपचार सुरू.... घटनेची माहिती मिळताच पोलीस अधिकाऱ्यासह फोरेन्सिक टीम घटनास्थळी दाखल... हल्ल्याच्या थरार सीसीटीव्ही कॅमेऱ्यात कैद.... हल्ल्याच्या घटनेसंदर्भात श्रीरामपूर शहार पोलिसात गुन्हा दाखल करण्याचे काम सुरू....
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तमनार CHP चौक हिंसा केस: राजेश मरकाम गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

Darogapara, Chhattisgarh:तमनार थाना क्षेत्र के चर्चित CHP चौक हिंसा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजेश मरकाम को तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 से गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में लिबरा स्थित CHP चौक पर धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी चल रही थी। 27 दिसंबर 2025 को आंदोलन हिंसक हो गया। आरोप है कि राजेश मरकाम सहित अन्य लोगों ने आंदोलनकारियों को उकसाकर पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कराया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस का शासकीय वॉकी-टॉकी व मोबाइल फोन लूट लिया गया। पुलिस के मुताबिक, उग्र भीड़ ने शासकीय वाहनों और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी तथा प्लांट परिसर में भी नुकसान पहुंचाया। इस पूरे मामले में थाना तमनार में कुल 16 अपराध दर्ज किए गए। अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।राजेश मरकाम थाना तमनार में दर्ज अपराध में नामजद आरोपी था। 1 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम बरपाली में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घटना के दौरान आंदोलनकारियों के साथ शामिल होने की बात स्वीकार की। विवेचना में आंदोलनकारियों को दुष्प्रेरित करने की भूमिका सामने आने पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 भी जोड़ी गई। गिरफ्तारी आरोपी राजेश मरकाम पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
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नकाबपोश बदमाशों के लूट-घटना: दुकानदार के कैश मोबाइल ले गए, CCTV कैद

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर- नकाबपोश बदमाशों पर दुकान में घुसकर व्यापारी के साथ मारपीट करने का आरोप, व्यापारी ने नकाबपोश बदमाशों पर नगदी और मोबाइल फोन ले जाने का लगाया आरोप, बदमाशों पर दुकानदार को दुकान खाली करने की चेतावनी देने का आरोप, व्यापारी का आरोप दुकान में रखा कैश और मोबाइल लेकर मौके से फरार हुए बदमाश, दुकान में घुसते और घटना को अंजाम देने के बाद भागते हुए सीसीटीवी में कैद हुए नकाबपोश बदमाश, पीड़ित ने पुलिस से की मामले की शिकायत, पुलिस के मुताबिक पारिवारिक विवाद से जुड़ा है मामला, अस्थायी तौर पर पारिवारिक सदस्य द्वारा दिये गए गोदाम को खाली नहीं कर रहा पीड़ित परिवार, गोदाम खाली नहीं करने पर नकाबपोश साथियों के साथ पहुंचा था पारिवारिक व्यक्ति, मामले की जाँच जारी, सदर कोतवाली क्षेत्र के सूफीगंज इलाके का मामला।
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करनैलगंज पंचायत के दौरान मारपीट: दोनों पक्षों के लोग घायल

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पहाड़ापुर गांव की रहने वाली अकीला पुत्री सिद्दीकी की शादी आज तीन साल पहले बसुहा कचानापुर के रहने वाले समीम पुत्र शमी अल्लाह के साथ हुई थी। शादी होने के बावजूद से ही दोनों के बीच रिश्ते में कठिनाई बनी हुई थी और आज गुरुवार देर शाम दोनों के अलग होने को लेकर करनैलगंज रेलवे स्टेशन के पास करनैलगंज कस्बे में स्थित मजार के पास दोनों पक्ष की तरफ से पंचायत चल रही थी। इसी पंचायत के दौरान दोनों पक्षों में आपसी कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई है। एक दूसरे के साथ लोगों ने लाठी डंडे और ईंट पत्थर के साथ मारपीट की है जहां दोनों गुटों की तरफ से एक-एक लोगों को चोट आई है। जिनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्नलगंज में इलाज कराया गया है। दोनों पक्षों की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस द्वारा पूरे मामले को लेकर के जांच की जा रही है। मारपीट के बाद दोनों पक्षों की पंचायत खत्म हो गई है और इस पूरे विवाद के दौरान पंचायत में शामिल होने के लिए आए लोग भी भाग खड़े हुए हैं।
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