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'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
New Delhi, Delhi:देश के प्रधानमंत्री के आवाहन के बाद 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत जगह-जगह वृक्षारोपण किया जा रहा है। खानपुर वार्ड की निगम पार्षद ममता यादव, अंबेडकर नगर थाने के एसएचओ रामपाल, बीजेपी के तमाम कार्यकर्ता और दिल्ली पुलिस के जवानों ने पार्क के अंदर वृक्षारोपण किया।
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धौलपुर सड़क हादसे में 9 माह की बच्ची की मौत, छह लोग घायल
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा करौली-धौलपुर हाईवे पर सदर थाना क्षेत्र में पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास हुआ। बताया जा रहा है कि आगरा जिले के नगला लालदास गांव निवासी श्रद्धालु कैलादेवी मंदिर से मासूम तान्या का मुंडन संस्कार कराकर टेंपो से वापस लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों को गंभीर हालत में आगरा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 9 माह की तान्या ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अজ্ঞात वाहन की तलाश शुरू कर दी है0
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सरिस्का में ST-22 बाघिन के साथ दो नन्हे शावक दिखे
Alwar, Rajasthan:सरिस्का में खुशियों की दहाड़: बाघिन ST-22 के साथ दिखे दो नन्हे शावक अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक बार फिर रोमांच से भर देने वाली खबर सामने आई है। जंगल की खामोश वादियों में अब नन्हे कदमों की आहट गूंजने लगी है। तालवृक्ष रेंज में गश्त कर रही टीम की नजर उस पल ठहर गई, जब बाघिन ST-22 अपने दो नन्हे शावकों के साथ दिखाई दी। महज एक से डेढ़ महीने के ये शावक अपनी मां के साए में जंगल की दुनिया से पहला परिचय ले रहे हैं। वन विभाग के अनुसार दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। तपती गर्मी को देखते हुए जंगल के जल स्रोतों और वॉटर पॉइंट्स को लगातार भरा जा रहा है, ताकि बाघिन और उसके शावकों को किसी तरह की परेशानी न हो। अब सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है — जिनमें 11 वयस्क बाघ, 17 बाघिनें और 26 शावक शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल वन विभाग की मेहनत का परिणाम है, बल्कि जंगल के फिर से जीवंत होने की कहानी भी बयां करता है। मौत से जीवन तक की कहानी एक वक्त था जब साल 2005 में सरिस्का पूरी तरह बाघ विहीन हो चुका था। शिकारियों ने जंगल की इस शान को खत्म कर दिया था और सन्नाटा छा गया था। लेकिन फिर उम्मीद ने उड़ान भरी। साल 2008 में रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से बाघों को ट्रैंक्युलाइज कर हेलीकॉप्टर के जरिए सरिस्का लाया गया। यह प्रयोग ऐतिहासिक साबित हुआ। धीरे-धीरे बाघों की संख्या बढ़ी और जंगल ने फिर से अपनी दहाड़ वापस पा ली। आज का सरिस्का — उम्मीदों का जंगल आज सरिस्का न सिर्फ बाघों से आबाद है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहां अब बाघों की साइटिंग आम होती जा रही है, जो कभी असंभव लगती थी। सरिस्का में बाघों की आबादी के साथ यह खुशखबरी कि ST-22 के दो शावक भी स्वस्थ हैं, इसे जंगल की नई शुरुआत के रूप में दिखाती है।0
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नौतपा के दूसरे दिन पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी, उमस से जनजीवन प्रभावित
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान में नौतपा के दूसरे दिन भी भीषण गर्मी और उमस का असर जारी है। तापमान में 1 से 2 डिग्री की मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी कम नहीं होने दी। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा कठिन बने हुए हैं, जहां दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं。 ग्रामीणों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती छह दिनों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा, जबकि अंतिम तीन दिनों में मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश की संभावना भी बन रही है। ऐसे में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नौतपा समाप्त होने के साथ ही गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल तेज धूप और उमस ने आमजन का जनजीवन प्रभावित कर रखा है。0
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यमुनानगर फर्कपुर में कलीराम हत्या: गुलजार गिरफ्तार, 23 साल पुराने विवाद पर जांच
Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के थाना फर्कपुर क्षेत्र में हुई कलीराम हत्यााकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में गुलजार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में करीब 23 साल पुराने पैसों और प्लॉट विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य पहलुओं की जांच करेगी। पुलिस के मुताबिक 15 मई 2026 को थाना फर्कपुर क्षेत्र में सूचना मिली थी कि कलीराम नाम के व्यक्ति की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई है। मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को कुछ तकनीकी सुराग मिले, जिसके आधार पर बाड़ी माजरा निवासी गुलजार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान गुलजार ने कलीराम की हत्या करना कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार को लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उसे बरामद करने की कोशिश की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में आरोपी के साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। इसके लिए आरोपी का रिमांड लिया जाएगा ताकि हत्या से जुड़े हर एंगल की गहराई से जांच की जा सके। बाइट रजत गुलिया, डीएसपी यमुनानगर.. “15 मई 2026 को थाना फर्कपुर एरिया में प्रॉपर्टी डीलर कलीराम नाम के व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी आधार पर गुलजार नाम के व्यक्ति को राउंडअप किया गया। पूछताछ में उसने हत्या करना कबूल किया है। शुरुआती जांच में पुराने पैसों और प्लॉट विवाद की बात सामने आई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और रिमांड लेकर आगे जांच की जाएगी कि हत्या में कौन सा हथियार इस्तेमाल हुआ और क्या कोई अन्य व्यक्ति भी इसमें शामिल था.”0
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यमुना जल समझौते की DPR भेजी, केंद्र मंजूरी के बाद शुरू होगा काम
Jaipur, Rajasthan:यमुना जल समझौते की डीपीआर राजस्थान और हरियाणा ने केंद्र को भेजी,केंद्र की मंजूरी के बाद लगेगी अंतिम मुहर जयपुर-यमुना जल समझौते के लिए राजस्थान के लिए बड़ी खबर सामने आई है.दोनों राज्यों ने केंद्र सरकार को DPR बनाकर भेज दी है.अब केंद्र सरकार की मंजूरी का इतंजार है.केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यमुना जल समझौते पर काम शुरू होगा.. शेखावाटी अंचल को राहत मिलेगी- यमुना जल समझौते पर राजस्थान और हरियाणा सरकार ने DPR फाइनल कर दी है. दोनों राज्यों ने DPR बनाकर केंद्र सरकार को भेज दी है.अब केंद्र सरकार DPR का परीक्षण करेगी.उसके बाद समझौते पर केंद्र सरकार अंतिम मुहर लगाएगी,जिसके बाद यमुना जल समझौते के जरिए राजस्थान के शेखावाटी अंचल में पानी का संकट दूर होगा.जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जी मीडिया से खास बातचीत में कहा कि इस प्रोजेक्ट से शेखावाटी अंचल को बडी राहत मिलेगी.केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट शुरू होगा.सुरेश रावत ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को सीएम की सोच बताया. 35 साल का सूखा दूर होगा- यमुना जल समझौत से प्रोजेक्ट से शेखावाटी इलाके में 35 साल का सूखा दूर होगा.चुरू,सीकर और झुन्झुनू जिले में पाएगी आ पाएगा.दोनों राज्यों के लिए सालों से जल समझौते पर विवाद चल रहा था,लेकिन अब पूरी तरह से विवाद खत्म हो गया है.केंद्र और दोनों राज्यों में बीजेपी शासित सरकारों के कारण जल समझौते का विवाद खत्म हो गया है.अब जल्द ही केंद्र सरकार डीपीआर पर मुहर लगाएगी,ताकि काम शुरू हो. कब-कब अटका दोनों राज्यों में जल समझौता- 1994 में अपर यमुना रिवर बोर्ड की 22वीं बैठक में यमुना जल समझौते को लेकर राजस्थान का हिस्सा तय हुआ था.इस प्रोजेक्ट में ताजेवाला हैडवर्क्स से राजस्थान को पानी मिलना है.उस दौरान मानसून अवधि में 1917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित हुआ था.2003 में केन्द्रीय जल आयोग को हरियाणा की नहरों का रिमॉडलिंग का प्रस्ताव को भेजा गया था.इससे पहले फरवरी 2002 में सीडब्ल्यूसी में हरियाणा की सहमति शर्त के साथ दी गई थी,जिसके बाद सहमति के लिए 2003 में एमओयू के लिए हरियाणा को भेजा गया.लेकिन हरियाणा राज्य ने सहमति प्रदान नहीं की.2017 में राजस्थान के हिस्से के पानी की फिर से मांग की गई.भूमिगत पाइपलाइन आधारित फिजिबिलिटी रिपोर्ट CWC को भेजी.2018 में केंद्रीय जल आयोग ने रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की.हथिनी कुंड बैराज से भूमिगत पाइप लाइन से जल वितरण का सुझाव दिया गया. 2023 के बाद जल समझौते की रफ्तार बढी- 28 दिसंबर,2023 को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की हरियाणा के साथ बैठक हुई.4 जनवरी, 2024 को फिर से दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई.7 और 16 फरवरी, 2024 को फिर से दिल्ली में बैठक हुई. 17 फरवरी, 2024 को दिल्ली में राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए.14 मार्च, 2024 को राजस्थान ने विभागीय टास्क फोर्स गठित की 30 अप्रैल और एक मई 2024 को टास्क फोर्स ने हथिनी कुंड का निरीक्षण किया.माना जा रहा कि जल्द ही केंद्र सरकार डीपीआर फाइनल करेगा. चार भूमिगत पाइप लाइने बिछेगी- हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से चार भूमिगत पेयजल लाइनें निकलेंगी. तीन लाइनों से शेखावाटी का गला तर किया जाएगा.जल संसाधन विभाग की मानें तो एक लाइन हरियाणा-राजस्थान के बॉर्डर इलाकों को पेयजल उपलब्ध करवाएगी.उधर, हरियाणा के दादरी, भिवानी और हिसार के लिए भी पेयजल का इंतजाम होगा.हरियाणा से चूरू तक करीब 265 किलोमीटर लंबी लाइनें डाली जाएंगी.पूर्व के आकलन के अनुसार पूरी योजना पर 31 हजार करोड़ रुपए खर्च होने थे.लेकिन अब संयुक्त डीपीआर बनने के बाद तय होगा कि प्रोजेक्ट पर कितना खर्चा जाएगा.0
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पानीपत के चेक बाउंस केस: विशेष लोक अदालत से हजारों मामलों का समाधान उम्मीद
Panipat, Haryana:30 मई को पानीपत कोर्ट में चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत, हजारों केसों के निपटारे की उम्मीद पानीपत, 26 मई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत द्वारा 30 मई 2026 को जिला न्यायालय परिसर में चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस विशेष लोक अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) वर्षा शर्मा ने बताया कि जिला अदालत में चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के लिए दो विशेष अदालतें कार्यरत हैं। इनमें अनुराधा एवं तरुण वर्मा की अदालतें शामिल हैं। इन अदालतों में लंबित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से समाप्त कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन पक्षों को अदालत से नोटिस प्राप्त हो, वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित हों। वहीं, जिन्हें नोटिस नहीं मिला है, वे भी स्वयं अदालत पहुंचकर अपनी फाइल निकलवा सकते हैं और समझौते के आधार पर मामला समाप्त करा सकते हैं। सीजीएम वर्षा शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। चेक बाउंस मामलों के समाधान के लिए संबंधित पक्ष प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामले आएंगे। एक अदालत में लगभग 4000 मामले लंबित हैं और दोनों अदालतों को मिलाकर करीब 8000 मामलों में से बड़ी संख्या में केस लोक अदालत में रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि चेक बाउंस के अधिकांश मामले वित्तीय विवाद से जुड़े होते हैं और यदि शिकायतकर्ता को उसकी राशि मिल जाती है तो वह आगे मामला नहीं बढ़ाना चाहता। ऐसे मामलों में समझौते और मध्यस्थता की काफी संभावना रहती है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी ऐसे मामलों में आपसी सहमति और मीडिएशन को बढ़ावा देने के निर्देश दे चुके हैं。 बाइट वर्षा शर्मा सीजीएम0
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यमुना जल समझौते की DPR से राजस्थान-हरियाणा को राहत, शेखावाटी में पानी पहुंचेगा
Jaipur, Rajasthan:यमुना जल समझौते की डीपीआर राजस्थान और हरियाणा ने केंद्र को भेजी,केंद्र की मंजूरी के बाद लगेगी अंतिम मुहर आशीष चौहान, जयपुर-यमुना जल समझौते के लिए राजस्थान के लिए बड़ी खबर सामने आई है.दोनों राज्यों ने केंद्र सरकार को DPR बनाकर भेज दी है.अब केंद्र सरकार की मंजूरी का इतंजार है.केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यमुना जल समझौते पर काम शुरू होगा...आखिरकार यमुना जल समझौते से राजस्थान को क्या फायदा होगा..देखिए इस खास रिपोर्ट में! शेखावाटी अंचल को राहत मिलेगी-यमुना जल समझौते पर राजस्थान और हरियाणा सरकार ने DPR फाइनल कर दी है.दोनों राज्यों ने DPR बनाकर केंद्र सरकार को भेज दी है.अब केंद्र सरकार DPR का परीक्षण करेगी.उसके बाद समझौते पर केंद्र सरकार अंतिम मुहर लगाएगी,जिसके बाद यमुना जल समझौते के जरिए राजस्थान के शेखावाटी अंचल में पानी का संकट दूर होगा.जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जी मीडिया से खास बातचीत में कहा कि इस प्रोजेक्ट से शेखावाटी अंचल को बडी राहत मिलेगी.केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट शुरू होगा.सुरेश रावत ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को सीएम की सोच बताया. बाइट-सुरेश सिंह रावत,जल संसाधन मंत्री 35 साल का सूखा दूर होगा-यमुना जल समझौत से प्रोजेक्ट से शेखावाटी इलाके में 35 साल का सूखा दूर होगा.चुरू,सीकर और झुन्झुनू जिले में पाएगी आ पाएगा.दोनों राज्यों के लिए सालों से जल समझौते पर विवाद चल रहा था,लेकिन अब पूरी तरह से विवाद खत्म हो गया है.केंद्र और दोनों राज्यों में बीजेपी शासित सरकारों के कारण जल समझौते का विवाद खत्म हो गया है.अब जल्द ही केंद्र सरकार डीपीआर पर मुहर लगाएगी,ताकि काम शुरू हो. बाइट-सुरेश सिंह रावत,जल संसाधन मंत्री कब-कब अटका दोनों राज्यों में जल समझौता-1994 में अपर यमुना रिवर बोर्ड की 22वीं बैठक में यमुना जल समझौते को लेकर राजस्थान का हिस्सा तय हुआ था.इस प्रोजेक्ट में ताजेवाला हैडवर्क्स से राजस्थान को पानी मिलना है.उस दौरान मानसून अवधि में 1917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित हुआ था.2003 में केन्द्रीय जल आयोग को हरियाणा की नहरों का रिमॉडलिंग का प्रस्ताव को भेजा गया था.इससे पहले फरवरी 2002 में सीडब्ल्यूसी में हरियाणा की सहमति शर्त के साथ दी गई थी,जिसके बाद सहमति के लिए 2003 में एमओयू के लिए हरियाणा को भेजा गया.लेकिन हरियाणा राज्य ने सहमति प्रदान नहीं की.2017 में राजस्थान के हिस्से के पानी की फिर से मांग की गई.भूमिगत पाइपलाइन आधारित फिजिबिलिटी रिपोर्ट CWC को भेजी.2018 में केंद्रीय जल आयोग ने रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की.हथिनी कुंड बैराज से भूमिगत पाइप लाइन से जल वितरण का सुझाव दिया गया. बाइट-सुरेश Singh रावत,जल संसाधन मंत्री 2023 के बाद जल समझौते की रफ्तार बढी-28 दिसंबर,2023 को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की हरियाणा के साथ बैठक हुई.4 जनवरी, 2024 को फिर से दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई.7 और 16 फरवरी, 2024 को फिर से दिल्ली में बैठक हुई.17 फरवरी, 2024 को दिल्ली में राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए.14 मार्च, 2024 को राजस्थान ने विभागीय टास्क फोर्स गठित की 30 अप्रैल और एक मई 2024 को टास्क फोर्स ने हथिनी कुंड का निरीक्षण किया.माना जा रहा कि जल्द ही केंद्र सरकार डीपीआर फाइनल करेगा. चार भूमिगत पाइप लाइने बिछेगी-हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से चार भूमिगत पेयजल लाइनें निकलेंगी.तीन लाइनों से शेखावाटी का गला तर किया जाएगा.जल संसाधन विभाग की मानें तो एक लाइन हरियाणा-राजस्थान के बॉर्डर इलाकों को पेयजल उपलब्ध करवाएगी.उधर, हरियाणा के दादरी, भिवानी और हिसार के लिए भी पेयजल का इंतजाम होगा.हरियाणा से चूरू तक करीब 265 किलोमीटर लंबी लाइनें डाली जाएंगी.पूर्व के आकलन के अनुसार पूरी योजना पर 31 हजार करोड़ रुपए खर्च होने थे.लेकिन अब संयुक्त डीपीआर बनने के बाद तय होगा कि प्रोजेक्ट पर कितना खर्चा जाएगा.0
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हांसी बिजली विभाग के अनुबंधित कर्मचारियों का धरना पांचवे दिन जारी; मेडिकल अनफिटों पर दबाव
Hansi, Haryana:हांसी में बिजली विभाग के अनुबंधित कर्मचारियों का बिजली विभाग के खिलाफ हांसी एसडीओ ऑफिस के सामने पाँचवे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों का आरोप है कि बिजली विभाग अपनी मनमानी और मेडिकल रूप से अनफिट कर्मचारियों से जबरन काम कराने के विरोध में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी उनकी शिकायतों को लगातार अनसुना कर रहे हैं。 आपको बता दे कि गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग के बीच हड़ताल पर बैठे अनुबंधित कर्मचारियों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उपभोक्ताओं को कटौती या तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने साफ कहा कि मेडिकल रूप से अनफिट कर्मचारियों का तबादला किया जाए या उन्हें फील्ड ड्यूटी से राहत दी जाए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा गंभीर रूप से अस्वस्थ और मेडिकल अनफिट घोषित किए गए एचकेआरएन कर्मचारियों को भी कड़ी धूप और जोखिम भरे फील्ड कार्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि मेडिकल अनफिट कर्मचारियों से जबरदस्ती फील्ड ड्यूटी न करवाई जाए और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए。 वहीं हांसी बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरिंदर मेहरा ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विभाग द्वारा सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है ताकि बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को किसी प्रकार की दिक्कत है, तो विभाग उसकी समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास करेगा।0
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बलरामपुर में 23 दिन बाद कब्र से निकला शव, हत्या की आशंका पर पोस्टमार्टम
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में पुलिस की मौजूदगी में 23 दिन बाद कब्र से निकाला गया मृतक शव, हत्या की आशंका में पीएम के लिए भेजा गया। बलरामपुर में एक युवक की मौत का मामला अब रहस्यमयी होता जा रहा है। सड़क हादसे में मौत बताए जाने के 23 दिन बाद प्रशासन ने युवक के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को सड़क दुर्घटना का रूप देने का आरोप लगाया है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर सदर एसडीएम और सीओ ललिया की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। मामला थाना ललिया क्षेत्र का है, जहां मृतक सुनील कुमार अपने ससुराल रमनगरा गांव में मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गया था। अगले दिन परिजनों को सूचना मिली कि उसका सड़क हादसा हो गया है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजन जब जिला अस्पताल पहुंचे तो युवक बेहोशी की हालत में मिला और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। हालत गंभीर होने पर उसे बहराइच मेडिकल कॉलेज और बाद में लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई लवकुश कुमार ने आरोप लगाया कि सुनील को जबरन अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई थी, जबकि वह शराब नहीं पीता था। परिजनों का कहना है कि यह हत्या का मामला है, जिसे सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई। संदेह होने पर परिवार ने पुलिस से पोस्टमार्टम कराने की मांग की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 23 दिन बाद शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर मौजूद सदर एसडीएम हेमंत गुप्ता ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।0
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महराजगंज में ईंधन संकट: लंबी कतारों के बीच प्रशासन की सख्त कार्रवाई
Maharajganj, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही किसी पंप पर डीजल-पेट्रोल पहुंचने की खबर मिलती है, वहां रातोंरात लंबी कतारें लग जाती हैं। लोग गैलन, बोतलें और कृषि वाहन लेकर घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं । जनपद में तेल की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं और पेट्रोल डीजल की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालो के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए है साथ ही एसडीएम के निर्देशन में विशेष जांच टीम बनाई गई है और जिलाधिकारी ने बताया है कि जिले में पर्याप्त डीजल और पेट्रोल मौजूद है ।0
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ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने से गांवों में तेज़ विकास, पारदर्शिता बढ़ेगी
Basti, Uttar Pradesh:प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले का ग्राम प्रधानों ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। प्रधानों का कहना है कि इस निर्णय से गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और तेजी से ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा. प्रधानों के अनुसार, पहले पंचायतों में प्रशासक के रूप में एडीओ पंचायत की नियुक्ति होने पर किसी भी विकास कार्य की स्वीकृति के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. इससे सड़क, नाली, खड़ंजा, आवास और अन्य जरूरी कार्यों में देरी होती थी. अब ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी मिलने से फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर होगा. ग्राम प्रधानों ने कहा कि गांव की जनता अपनी समस्याओं को लेकर सीधे प्रधान के पास पहुंचती है, लेकिन अधिकार सीमित होने के कारण कई बार तत्काल समाधान नहीं हो पाता था. अब नई व्यवस्था लागू होने से जनता की समस्याओं का जल्द निस्तारण संभव होगा और पंचायत स्तर पर पारदर्शिता व जवाबदेही भी बढ़ेगी. प्रधानों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले को गांवों के विकास और ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करने वाला सराहनीय कदम बताया है。0
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बरनाला वार्ड-15 में भाजपा प्रत्याशी के पति पर हमला, फर्जी वोटिंग के आरोप
Barnala, Bathinda, Punjab:नगर निगम बरनाला के वार्ड नंबर 15 में चल रहे मतदान के दौरान आम आदमी पार्टी और भाजपा उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच ज़बरदस्त लड़ाई देखने को मिली। इस झड़प के दौरान भाजपा उम्मीदवार दीपइंदर कौर के पति जसवीर सिंह के सिर में गंभीर चोट भी आई। घायल को तुरंत बरनाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन बाहरी लोगों द्वारा वार्ड में फर्जी वोट डाले जा रहे थे। जब इसे रोका गया, तो उन्होंने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरी पगड़ी उतार दी गई और मेरे सिर पर तेज़धार हथियारों से हमला करके चोटें पहुंचाई गईं। जबकि चुनाव लड़ रही मेरी पत्नी और अन्य लोगों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आम आदमी पार्टी सरेआम धक्काशाही (गुंडागर्दी) पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन चुनावों में सरेआम फर्जी वोट डलवाए जा रहे हैं और चुनाव आयोग व पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनकर देख रहा है। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।0
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हाईकोर्ट ने गर्भपात के बाद दूसरी गर्भावस्था पर 90 दिन मातृत्व अवकाश का दिया अधिकार
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है कि गर्भपात के बाद दोबारा गर्भवती होने वाली महिला कर्मचारी को पूरे 90 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए। कोर्ट ने एफसीआई रायपुर की महिला कर्मचारी के वेतन से काटे गए रुपए वापस करने का आदेश विभाग को दिया। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच ने मातृत्व अवकाश को महिला का मौलिक अधिकार बताया। कहा कि यदि किसी महिला कर्मचारी का गर्भपात हो जाता है और उसके बाद वह दोबारा गर्भवती होती है, तो उसके नए मातृत्व अवकाश का अधिकार छीन नहीं सकती।जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने मातृत्व अवकाश नियम 1961 का हवाला देते हुए कहा कि मातृत्व अवकाश कोई कृपा नहीं, बल्कि महिला का संवैधानिक अधिकार है, जो अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से जुड़ा है। कोर्ट ने जोर दिया कि विभाग लीव बैलेंस न होने का हवाला देकर मातृत्व लाभ से वंचित नहीं कर सकता।प्रकरण के अनुसार एफसीआई रायपुर की महिला कर्मचारी 2019 में गर्भवती हुई। जांच में उसको जुड़वां बच्चों की पुष्टिहुई। लेकिन जटिलताओं के कारण एक भ्रूण का मिसकैरेज हो गया। महिला ने मातृत्व अवकाश, मेडिकल बिल और संबंधित लाभों के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने केवल 68 दिनों का बिना वेतन अवकाश मंजूर किया। लीव बैलेंस न होने का हवाला देते हुए उनके वेतन से 80,254 रुपये की कटौती कर दी गई, बाकी मेडिकल बिल (लगभग 3.76 लाख रुपए) भी लंबित रखे गए।0
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गंगा दशहरा पर गाजीपुर में भक्तों का सैलाब, ददरी घाटों पर सुरक्षा चाकचैबंद
Ghazipur, Uttar Pradesh:ग़ाज़ीपुर गंगा दशहरा पर लहुरी काशी गाजीपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, ददरी घाट समेत अन्य गंगा तटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी हर-हर गंगे के जयघोष से गूंज उठे गंगा घाट, मां गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना घाटों पर सुरक्षा के लिए नावों से की गई बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और लगातार होता रहा अनाउंसमेंट दान-पुण्य कर श्रद्धालुओं ने लिया गंगा दशहरा का पुण्य लाभ नगर पालिका की बेहतर व्यवस्था की श्रद्धालुओं ने जमकर की सराहना गंगा दशहरा के पावन अवसर पर लहुरी काशी गाजीपुर पूरी तरह भक्ति और आस्था में डूबा नजर आया। ददरी गंगा घाट समेत जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रशासन और नगर पालिका परिषद की ओर से घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे। दरअसल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले गंगा दशहरा पर्व पर मंगलवार की सुबह से ही गाजीपुर के ददरी गंगा घाट समेत विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। हिंदू मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। यही वजह है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दान-पुण्य किया और मां गंगा से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए ददरी गंगा घाट पर नगर पालिका परिषद की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। नावों के माध्यम से घाटों की बैरिकेडिंग की गई थी और गोताखोरों की तैनाती भी की गई। साथ ही माइक से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने की अपील की जा रही थी। वही गंगा घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि हर साल हम लोग गंगा दशहरा पर स्नान करने आते हैं। इस बार घाट पर बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के भी अच्छे इंतजाम हैं। दोपहर तक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही। श्रद्धालुओं ने नगर पालिका द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस बार घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पहले से बेहतर रही।0
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बुलंदशहर में CO कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल, किसानों का धरना जारी
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के द्वारा CO शिकारपुर ऑफिस के घेराव को देखते हुए CO ऑफिस के बाहर भारी पुलिस बल किया तैनात पुलिस कर्मियों ने CO ऑफिस को जाने वाले मार्ग को बेरीकैट लगाकर और रस्सीयों से रास्ता बांधकर चारो तरफ से किया बंद किसानों के धरने को देखते हुए चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात पुलिस का दावा है किसी भी कीमत पर CO ऑफिस के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा किसानों को किसानों को रोकने के लिए दर्जनों थानों सहित लगभग 400 पुलिस कर्मी मौजूद किसान संगठन का आरोप - शिकारपुर सीओ किसानों से करते है दुर्व्यवहार, किसानों को फ़र्ज़ी केसों में फ़साने की देते है धमकी, फ़र्ज़ी केसों में अनजान लोगों को बना देते है गवाह, पूर्व में किसान संगठन के पदाधिकारी बुलंदशहर एसएसपी से मिलकर भी शिकारपुर सीओ की कर चुके है शिकायत, CO सिकंदराबाद, CO स्याना , CO खुर्जा सहित भारी पुलिस फोर्स मोके पर मौजूद शिकारपुर CO ऑफिस का है मामला0
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