icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement

ऊर्जा मंत्री नागर ने जल संरक्षण का आह्वान किया; गाँव में सफाई पर ठेकेदार कार्रवाई

Kota, Rajasthan:ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ग्रामीणों से जल संग्रहण और जल स्रोतों के रखरखाव व संरक्षण की अपील की ​बोरीना गांव में नाला चौक होने और गंदगी मिलने पर वीडीओ और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई मंत्री ने चेतावनी दी कि 8 दिन बाद दोबारा दौरा करने पर यदि कीचड़ मिला, तो निलंबन और सख्त कार्रवाई तय है ​नागर ने अमृतकुआ में अधिकारियों से कहा कि जब तक सरकारी सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक गांवों का विकास संभव नहीं है ​फर्जी बिल उठाने वाली कंपनियों को तुरंत ब्लैकलिस्ट करने तथा लापरवाही बरतने वालों से रिकवरी करने के आदेश दिए ​चौपाल और निरीक्षण के दौरान जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल और प्रधान जयवीर सिंह भी मौजूद रहे। मंत्री नागर बुधवार को कुराडिया खुर्द, श्यामपुरा और मंडाप गांव पहुंचे
0
0
Report

फर्रুখाबाद: फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र से जीवित पूर्व सरपंच की पहचान बहाल की मांग

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद जिंदा पूर्व प्रधान मृत घोषित, पहचान बहाली को छह माह से भटक रहे , फर्रुखाबाद : गांव मुडेल के पूर्व प्रधान को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं। इस गड़बड़ी के कारण उनका आधार कार्ड ब्लॉक हो गया और बैंक खाता भी बंद कर दिया गया है। इससे किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। पूर्व प्रधान पिछले छह माह से अपनी पहचान साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित पूर्व प्रधान रामभजन निवासी मुडेल, मंझगांव तहसील के हैं। रामभजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया, जिससे सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। पूर्व प्रधान रामभजन ने बताया कि उनके खाते में किसान सम्मान निधि आना बंद हो गई और बैंक से संदेश भी नहीं आए। जब वह बैंक पहुंचे तो पता चला कि मृत्यु दर्ज होने के कारण उनका खाता बंद कर दिया गया है। आधार कार्ड ब्लॉक होने से उन्हें राशन, खाद और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि नवंबर से लगातार संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। हाल ही में कायमगंज तहसील कार्यालय में जानकारी करने पर पता चला कि उनका 16 अक्टूबर 2025 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उन्होंने इसकी प्रति भी प्राप्त कर ली है। रामभजन ने कुछ ग्रामीणों और ब्लॉक के कर्मचारियों पर मिलीभगत कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी पहचान बहाल कराने की मांग की है। रामभजन ने बताया कि वह 2000 में प्रधान रहे थे। पिछले पंचायत चुनाव में भी दावेदारी की थी, लेकिन 38 वोट से हार गए थे। खंड विकास अधिकारी कायमगंज ने बताया कि जानकारी नहीं है। वह मामले की जांच कराएंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

सीवान में युवक की गला रेत कर हत्या, गांव में दहशत फैल गई

Siwan, Bihar:सीवान में एक युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। युवक राकेश कुमार राय घर में सो रहा था,इसी दौरान उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। घटना सिसवन थाना क्षेत्र के हरिहर छपरा गांव की है।मृतक की पहचान हरिहर छपरा गांव निवासी शिवकुमार राय के पुत्र राकेश कुमार राय के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव उसके घर में खून से लथपथ अवस्था में मिला। अज्ञात बदमाशों ने सोए अवस्था में युवक की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हत्या को कारणों में जुटी हुई है。
0
0
Report

SIR के तहत 6.5 करोड़ नाम हटाने पर बहस, अवैध प्रवासियों पहचान के लिए समिति

Noida, Uttar Pradesh:केंद्र सरकार ने सबसे पहले एक दस्तावेज़-आधारित SIR (विशेष पहचान प्रक्रिया) लागू की, जिसके तहत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों से लगभग 6.5 करोड़ नाम हटा दिए गए। अब वह एक ऐसी समिति बनाना चाहती है जो इन हटाए गए नामों की जाँच करे और अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और देश-निकाले के लिए एक स्थायी व्यवस्था तैयार करे। #SIR का इस्तेमाल उन भारतीयों का एक स्थायी वर्ग बनाने के लिए किया जाएगा जिन्हें इस व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। वोट देने का अधिकार ही गरीबों के पास ताकतवर लोगों के खिलाफ एकमात्र हथियार है। इसके बिना, सरकार उनके साथ मनमानी करेगी। हम पहले से ही ऐसी खबरें देख रहे हैं कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने से मना किया जा रहा है। कानून के अनुसार, SIR के तहत किसी का नाम हटाए जाने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति देश का नागरिक नहीं है। अभी भी 27 लाख लोगों के मामलों पर सुनवाई चल रही है, और उनमें से कई लोग 'फॉर्म 6' के ज़रिए मतदाता के तौर पर अपना नाम दर्ज करवाने के लिए दोबारा आवेदन कर सकते हैं। खुद ECI (चुनाव आयोग) ने भी इस बारे में कोई आँकड़ा जारी नहीं किया है कि उसने कितने लोगों को इस आधार पर सूची से बाहर किया है कि वे विदेशी थे। उपलब्ध आँकड़ों से पता चलता है कि SIR के ज़रिए सूची से बाहर किए गए ज़्यादातर लोग मुसलमान, महिलाएँ, गरीब और प्रवासी हैं। सरकार के अपने आँकड़े दिखाते हैं कि हमारी जनसांख्यिकी और जनसंख्या अब स्थिर हो चुकी है, और हमारा TFR (कुल प्रजनन दर) 2.0 है। तो फिर हमें इस समिति की ज़रूरत क्यों है? इसलिए, ताकि मुसलमानों के खिलाफ लगातार शक और डर का माहौल बनाए रखा जा सके। इस सरकार को भारतीयों का समय दस्तावेज़ों की जाँच-पड़ताल में बर्बाद करवाना बहुत पसंद है। कभी यह KYC या SIR के नाम पर होता है, तो कभी किसी पोर्टल पर कोई दस्तावेज़ अपलोड करने के नाम पर। लेकिन, यह सरकार एक साधारण सी परीक्षा भी ठीक से आयोजित नहीं कर पाती। सरकार आम लोगों की जाँच-पड़ताल करती है, लेकिन हम आम लोग सरकार की जाँच-पड़ताल नहीं कर सकते।
0
0
Report
Advertisement

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिरला ने व्यवस्थाओं में सुधार निर्देश दिए

Kota, Rajasthan:कोटा। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर मरीजों और उनके परिजनों को हो रही परेशानियों का जायजा लिया। इस दौरान केडीए आयुक्त, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान ओम बिरला ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम को लेकर नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के एंट्रेंस गेट को चौड़ा करने, सड़क के बीच डिवाइडर बनाने तथा डबल स्टोरी पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों और परिजनों को यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिल सके। लोकसभा अध्यक्ष ने अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की तथा उपलब्ध सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। मरीजों द्वारा बताई गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार जल्द करने के निर्देश दिए। ओम बिरला ने कहा कि हाड़ौती के सबसे बड़े अस्पताल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और मरीजों की सुविधा से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
0
0
Report

जोधपुर में नकली बीज रोकने को कृषि विभाग ने बड़ा अभियान चलाकर 27,178 बैग रोके

Jodhpur, Rajasthan:एंकर राजस्थान में किसानों को नकली और अमानक बीजों से बचाने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जोधपुर संभाग के चार जिलों में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विभाग ने हजारों बैग संदिग्ध मूंगफली बीज की बिक्री पर रोक लगा दी है। कृषि विभाग ने गोदामों और बीज विक्रेताओं पर छापेमारी करते हुए नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। देखिए यह खास रिपोर्ट। वीओ-1 कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश के बाद जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में कृषि विभाग की टीमों ने एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 68 बीज विक्रेताओं और कृषि आदान प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जोधपुर के रीको मण्डोर स्थित विनायक कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में मूंगफली बीज का भंडारण मिला। जांच के दौरान बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और प्रमाणन से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर विभाग को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए 32 अलग-अलग लॉट के नमूने लिए और 27 हजार 178 बैग मूंगफली बीज की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी। कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जी.आर. मटोरिया के अनुसार किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती तो संबंधित कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाइट – डॉ. जी.आर. मटोरिया, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग वीओ-2 छापेमारी के दौरान बोरानाड़ा स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज का भी निरीक्षण किया गया। यहां मूंगफली पॉड्स और पैकिंग सामग्री मिली, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ट्रक में भरी मूंगफली का बीज विक्रय से कोई संबंध नहीं था। इसके बाद संबंधित सामग्री को मुक्त कर दिया गया, जबकि अन्य सामग्री के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई। बाइट – डॉ. जी.आर. मटोरिया, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग वीओ-3 कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। यही कारण है कि प्रदेशभर में नकली और अमानक बीज कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। बाइट – डॉ. जी.आर. मटोरिया, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग फाइनल वीओ किसानों की खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच कृषि विभाग की यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग का दावा है कि नकली और अमानक बीजों पर लगाम लगाने के लिए आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रहेंगे। फिलहाल कृषि विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि जब्त किए गए बीज गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं。 लोकेश ओला ज़ी मीडिया जोधपुर。 not -
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top