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Sushil Kumar BaxlaSushil Kumar BaxlaFollow25 Jul 2024, 05:39 am
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गोरखपुर में अज्ञात बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में मौत: पहचान अब भी नहीं

Gorakhpur, Uttar Pradesh:चौरीचौरा में ट्रेन की चपेट में आने से बुजুর्ग की मौत, शिनाख्त नहीं। गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र में भोपा रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार को ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना रेलवे क्रॉसिंग गेट संख्या 147-बी के पास की है। सूचना मिलने पर आरपीएफ और चौरीचौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बुजुर्ग की पहचान कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन देर तक शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस बुजुर्ग की पहचान कराने में जुटी है。
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गुरदासपुर के दीनानगर में भीषण सड़क हादसा: कार चालक सन्नी भगत की मौत

Gurdaspur, Punjab:गुरदासपुर के दीनानगर के अंतर्गत गांव मियाणी के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में कार चालक सन्नी भगत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सड़क किनारे खड़े सफेदे के पेड़ से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। मृतक की पहचान बहरामपुर निवासी सन्नी भगत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सन्नी भगत अपनी कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान गांव मियाणी के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और कार बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े सफेदे के पेड़ से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग के कारण कार बुरी तरह जल गई। इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर फैल गई। सन्नी भगत की अचानक मौत से परिवार और परिचितों में गम का माहौल है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है।
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लुधियाणा दरासी मैदान में 121 फीट ऊँचा रावण पुतला तैयार

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਫੂਕਿਆ ਜਾਵੇੇਗਾ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਪਿਛਲੇ ਤਿੰਨ ਦਹਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ’ਤੇ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਦੇ ਨਾਲ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅੱਗ Pooरे ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਦਸਹਿਰਾ ਭਾਵੇਂ 20 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਮਨਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਪਰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਬਣਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਵੀ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣੇ ਦਸਹਿਰਾ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿੱਚ ਇਸ ਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਆਗਰੇ ਤੋਂ ਆਏ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਪੂਰੀ ਟੀਮ ਨਾਲ ਪਿਛਲੇ 20 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਾਰ ਰਾਵਣ ਦੀ ਰੰਗਲੀ ਪੁਸ਼ਾਕ ਅਤੇ ਧੁੰਨੀ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੇ ਚੰਗਿਆੜੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਹੋਣਗੇ。 ਯੂ ਪੀ ਦੇ ਆਗਰਾ ਸ਼ਹਿਰ ਤੋਂ ਸਿਵਲ ਇಂಜਨੀਅਰ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਿਛਲੇ 30 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਮਸ਼ਹੂਰ ਦਰੇਸੀ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਰਾਵਣ, ਮੇਘਨਾਦ ਅਤੇ ਕੁੰਭਕਰਨ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਬਣਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਨੇ ਦਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਤਲੇ ’ਤੇ 12 ਫੁਟ ਤੱਕ ਦਾ ਛਤਰ ਲਾਇਆ ਜਾਏਗਾ। ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਧੁੰਨੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਛੱਤਰੀ ਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਜੋ ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਨਾਲ ਚੰਗਿਆੜੇ ਛੱਡੇਗੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਅਤੇ ਕੰਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੇ ਰੰਗ-ਬਿਰੰਗੇ ਚੰਗਿਆੜੇ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਹੋਣਗੇ। ਇਸ ਵਾਰ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਪੋਸ਼ਾਕ ਵੀ ਰੰਗੀਲੀ ਬਣਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਕਾਲੇ, ਨੀਲੇ, ਚਾਂਦੀ ਰੰਗੇ ਅਤੇ ਸੋਨੇ ਰੰਗੇ ਕਾਗਜ਼ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਸੁਹੇਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਕਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਲਈ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。
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जसपुर-काशीपुर हाईवे पर हादसा: ऑटो-टाटा 407 भिड़ंत में तीन की मौत, चार घायल

Jaspur, Uttarakhand:जसपुर-काशीपुर हाईवे पर देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ऑटो रिक्शा और टाटा 407 की आमने-सामने भिड़ंत में ऑटो रिक्शा में सवार तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जसपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त कर ली है और हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। स्थानीय नागरिक जसपुर के बताए जाते हैं, जिनके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। ड्राइवर के ठिकाने की जानकारी मिल चुकी है और उसे सूचना दी गई है।
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बाड़मेर कुरजा में खनन माफिया का तांडव, दो साल में पहाड़ गायब

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर से एक रिपोर्ट बताती है कि खनन माफिया कैसे प्रकृति को छलनी करने में जुटा हुआ हैं। महज दो साल में पहाड़ गायब, जमीन छलनी और पीछे छूट गए मौत जैसे गड्ढे! सवाल है अगर ये गौचर जमीन थी और खनन अवैध था, तो फिर दो साल तक पहाड़ों को कौन लूटता रहा… और प्रशासन कहां सोता रहा? देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट बाड़मेर में खनन माफिया का तांडव! दो साल में पहाड़ गायब, गौचर जमीन पर किसका राज? ये पहाड़ हैं… या किसी ने इनका कत्ल कर दिया? जहां कभी पहाड़ खड़े थे, वहां आज गहरे गड्ढे हैं। जमीन का सीना छलनी है और प्राकृतिक संपदा के विनाश के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल , महज दो साल में आखिर पूरा पहाड़ गायब कैसे हो गया? ये तस्वीरें बाड़मेर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर कुरजा गांव की हैं। आरोप है कि खनन माफिया ने दो साल के भीतर यहां की पहाड़ियों का भूगोल ही बदल दिया। और मामला सिर्फ पहाड़ों के उजड़ने का नहीं है। जिसकी जमीन पर खनन हुआ, उसे ग्रामीण अनारक्षित गौचर भूमि बता रहे हैं। यानी वह जमीन, जो गांव के पशुधन के लिए अहम मानी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले दो साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। पटवारी से लेकर माइनिंग डिपार्टमेंट तक खनन को अवैध बता रहा है। अगर सरकारी विभागों के स्तर पर भी खनन को अवैध माना जा रहा है, तो फिर सवाल बेहद गंभीर है। सवाल है? कि कार्रवाई कौन रोके बैठा है? पहाड़ कटते रहे, गड्ढे गहरे होते रहे, लेकिन जिम्मेदारों की नींद क्यों नहीं टूटी? खनन के दौरान हुए विस्फोटों ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा किया। ग्रामीणों को डर है कि लगातार हो रही इस गतिविधि का असर उनके जीवन, आसपास की जमीन और पर्यावरण पर पड़ रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि गहरे गड्ढों के बीच से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। एक तरफ धूल और प्रदूषण का खतरा, दूसरी तरफ प्राकृतिक संपदा का नुकसान और तीसरी तरफ गौचर भूमि को लेकर गंभीर सवाल। यानि पहाड़ भी गए, जमीन भी उजड़ी और ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ी। अब बताइए, इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? इस पूरे मामले में राजस्व के नुकसान का सवाल भी कम गंभीर नहीं है। कितना खनिज निकाला गया? कितने वाहनों से उसकी ढुलाई हुई? कितनी रॉयल्टी जमा हुई? अगर खनन अवैध था, तो सरकारी खजाने को कितने राजस्व का नुकसान हुआ? इन सवालों के जवाब रिकॉर्ड की जांच से ही सामने आएंगे। प्रशासन को खनन की अनुमति, लीज, जमीन की जमाबंदी और गौचर भूमि की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। अवैध खनन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। क्योंकि सवाल सिर्फ कुरजा की पहाड़ियों का नहीं है। सवाल उस व्यवस्था का है, जिसकी जिम्मेदारी प्राकृतिक संपदा और सरकारी जमीन की रक्षा करना है। बाड़मेर के कुरजा में ग्रामीण दो साल से आवाज उठा रहे हैं। अब प्रशासन की बारी है कि वह जवाब दे। गौचर जमीन पर खनन किसने होने दिया? पहाड़ों को काटने वालों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा? याद रखिए… पहाड़ दोबारा खड़े करना आसान नहीं है। लेकिन उन्हें बचाने की जिम्मेदारी जिनकी थी, उनसे जवाब मांगना जनता का हक है। कुरजा की उजड़ी पहाड़ियां आज एक ही सवाल पूछ रही हैं: खनन माफिया की मशीनें चलती रहीं… आखिर कार्रवाई का बुलडोजर कहां था ?
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नामांकन प्रक्रिया की तैयारी: प्रत्याशियों के लिए प्रबोधन कार्यशाला का आयोजन

Jaipur, Rajasthan:पंचायती राज चुनाव में किस्मत आज़माने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों के लिए नामांकन की एक छोटी सी गलती भी चुनावी मैदान में उतरने से पहले मुश्किल खड़ी कर सकती है। इसी आशंका को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने संभावित प्रत्याशियों की पाठशाला लगाई। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को नामांकन पत्र भरने से लेकर जरूरी दस्तावेज लगाने तक की बारीकियां समझाई गईं। मकसद यही रहा कि जानकारी के अभाव में किसी भी प्रत्याशी का नामांकन निरस्त नहीं हो। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं जिला परिषद के रिटर्निंग अधिकारी संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संभावित प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मास्टर ट्रेनर्स ने नामांकन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। प्रत्याशियों को बताया गया कि नामांकन पत्र के साथ कौन-कौन से दस्तावेज और प्रपत्र लगाने होंगे, प्रस्तावक से जुड़े क्या प्रावधान हैं और कितनी प्रतिभूति राशि जमा करानी होगी। कार्यशाला में प्रत्याशियों को चुनावी कार्यक्रम से लेकर मतदान और मतगणना तक की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। नामांकन पत्र भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नामांकन से संबंधित सभी औपचारिकताओं की जानकारी होना जरूरी है, ताकि तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रत्याशियों को परेशानी नहीं उठानी पड़े। कार्यशाला में लोक सूचना, नामांकन प्रक्रिया, प्रस्तावक, प्रतिभूति राशि, आवश्यक दस्तावेज, मतदान और मतगणना की तिथियों व निर्धारित समय सहित चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी मेघराज मीणा, सहायक रिटर्निंग अधिकारी मृणाल कुमार, निशु कुमार अग्निहोत्री और प्रीति चौहान सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संभावित प्रत्याशी मौजूद रहे।
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भीनमाल की क्षेमंकरी माता मंदिर: शक्ति और आस्था का पवित्र संगम

Jalore, Rajasthan:जालोर जिले के भीनमाल पहाड़ी पर विराजमान क्षेमंकरी माता, श्रद्धा, इतिहास और लोक आस्था का अनोखा संगम जालोर राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल नगर से करीब तीन किलोमीटर दूर भीनमाल-खारा मार्ग पर लगभग 150 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर क्षेमंकरी माता का प्राचीन मंदिर स्थित है। स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर खीमज माता, क्षेमज माता और खींवज माता के नाम से भी प्रसिद्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार क्षेमंकरी देवी को मां दुर्गा का ही स्वरूप माना जाता है। दुर्गा सप्तशती के श्लोक में मार्गों की रक्षा कर पथ को सुपथ बनाने वाली देवी का उल्लेख मिलता है, जिसे क्षेमकरी देवी से जोड़ा जाता है। मंदिर से जुड़ी सबसे प्रमुख मान्यता उत्तमौजा नामक दैत्य की कथा है। कहा जाता है कि कभी इस क्षेत्र में उत्तमौजा नाम का दैत्य रहता था, जो रात के समय क्षेत्र में आतंक मचाता था। परेशान होकर क्षेत्रवासी ब्राह्मणों के साथ ऋषि गौतम के आश्रम पहुंचे और दैत्य से मुक्ति की प्रार्थना की। ऋषि गौतम ने सावित्री मंत्र से अग्नि प्रज्ज्वलित की, जिसमें से देवी क्षेमंकरी प्रकट हुईं। मान्यता है कि दैत्य को अस्त्र-शस्त्र से न मरने का वरदान प्राप्त था, इसलिए देवी ने पहाड़ उखाड़कर उसे उसके नीचे दबा दिया। क्षेत्रवासियों ने दैत्य के दोबारा बाहर आने की आशंका जताते हुए देवी से उसी पहाड़ी पर विराजमान होने की प्रार्थना की। इसके बाद देवी इसी स्थान पर विराजित हुईं। भीनमाल को श्रीमाल समाज की उद्भवस्थली भी माना जाता है। मान्यता के अनुसार क्षेमंकरी पहाड़ी पर प्रारंभ में महालक्ष्मी जी का मंदिर था। महालक्ष्मी श्रीमाल समाज की कुलदेवी मानी जाती थीं। सामूहिक भोज के दौरान उनकी पूजा के लिए विशाल घी का दीपक जलाने की परंपरा भी बताई जाती है। बाद में यही महालक्ष्मी प्रतिहार शासकों की कुलदेवी मानी गईं। प्रतिहार शासक जग के भीनमाल आगमन और कुष्ठ रोग से मुक्ति की कथा भी इस क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं में बताई जाती है। मंदिर की प्राचीन प्रतिमा के स्थान पर वर्ष 1935 में वर्तमान प्रतिमा स्थापित की गई। चार भुजाओं वाली माता की प्रतिमा में अमर ज्योति, चक्र, त्रिशूल और खांडा धारण किए हुए हैं। मंदिर में नगाड़े और बड़ा घंटा स्थापित है। मध्यकालीन वास्तुकला से सुसज्जित प्रवेश द्वार मंदिर की सुंदरता बढ़ाता है। देवी के दाईं ओर काला भैरव और गणेशजी तथा बाईं ओर गोरा भैरव और अंबाजी की प्रतिमाएं विराजित हैं। आसन पीठ के मध्य सूर्य भगवान की प्रतिमा भी स्थापित है। मंदिर के आगे और पीछे श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए शालाएं बनी हुई हैं। नवरात्रि के दौरान क्षेमंकरी माता मंदिर में विशेष धार्मिक वातावरण देखने को मिलता है। इन दिनों माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालु माता के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। प्राचीन मान्यताओं, धार्मिक आस्था और पहाड़ी पर स्थित मंदिर की विशेषता के कारण क्षेमंकरी माता का धाम भीनमाल की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
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रतनगढ़ में NH-11 पर बस ने बाइक सवार दो को टक्कर दी, मौतें

Churu, Rajasthan:चूरू रतनगढ़ में सड़क हादसा बाइक सवार दो लोगों को लोक परिवहन बस ने मारी टक्कर, होटल संचालक व कार्मिक की मौत चूरू। जिले के रतनगढ़ में नेशनल हाइवे 11 पर बाइक सवार दो लोगों को लोक परिवहन बस ने पीछे से टक्कर मार दी। घटना में होटल संचालक एवं उसके कार्मिक की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटना की जानकारी ली। पुलिस ने बस को जब्त कर थाना ले आई, वहीं दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पर मामला दर्ज होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। घटना लूंछ फांटा से आगे एक पेट्रोल पंप के पास की है। डीवाईएसपी इनसार अली ने बताया कि नेशनल हाइवे 11 पर स्थित मोटल हवेली के संचालक 65 वर्षीय मोहनलाल बंसल होटल पर काम करने वाले शहर के वार्ड संख्या 13 निवासी 47 वर्षीय रामकिशोर शर्मा को छोड़ने के लिए शहर की तरफ आ रहे थे कि पीछे से फतेहपुर से आ रही एक लोक परिवहन बस ने दोनों को पीछे से टक्कर मार दी। घटना में घायल दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई तथा पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां, पूर्व पालिकाध्यक्ष लिट्टू कल्पनाकांत, पार्षद संतोष इंदौरिया, कांग्रेस नेता रमेशचंद्र इंदौरिया, रामवीरसिंह राईका सहित कई लोग जिला अस्पताल पहुंचे। वहीं हादसे के बाद बस चालक बस को छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को हिरासत में लेकर पुलिस थाना पहुँचा।
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निकाय चुनाव में भाजपा जीत के बाद चौमूं में कार्यकर्ताओं को सम्मान

Jaipur, Rajasthan:चौमूं भाजपा कार्यकर्ता अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन ग्रामीण युवा कल्याण संस्थान चौमूं के तत्वाधान में हुआ कार्यक्रम युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक सैनी भी कार्यक्रम में रहे मौजूद पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं को साफा एवं दुपट्टा पहनाकर किया सम्मान निकाय चुनाव में भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं के सम्मान में हुआ कार्यक्रम एंकर-चौमूं में निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के बाद कार्यकर्ताओं के सम्मान में अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। ग्रामीण युवा कल्याण संस्थान चौमूं के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक सैनी भी मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने निकाय चुनाव में पार्टी की जीत के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का साफा एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। समारोह में कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए संगठन की मजबूती और आगामी पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निकाय चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करना और उनके प्रति आभार व्यक्त करना रहा। समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया.
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रायपुर: मेकाहारा में एक बेड पर दो प्रसूताएं, स्वास्थ्य मंत्री बोले— जगह की कमी, 700 नए बेड जुड़ेंगे

Raipur, Chhattisgarh:Raipur: Two New Mothers on One Bed in Mekahara; Health Minister Assures 700-Bed Expansion Soon रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अस्पताल डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में मरीजों को भारी अव्यवस्था और बेड की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक ही बेड पर दो-दो प्रसूताओं को उनके नवजातों के साथ रखने का मामला सामने आया है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल में जगह की कमी स्वीकार करते हुए कहा कि मरीजों का भरोसा बढ़ने से भर्ती संख्या 700 से बढ़कर 1,350 तक पहुंच गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल किसी मरीज को लौटा नहीं सकता। समस्या के स्थायी समाधान के लिए 700 नए बिस्तरों का विस्तार किया जा रहा है, जिसका भूमिपूजन नवरात्रि में होगा।
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छत्तीसगढ़ के चंद्रपुर के चंद्रहासिनी मंदिर में नवरात्र उत्साह: भक्तों की उमड़ती भीड़

Sakti, छत्तीसगढ़ के चंद्रपुर में स्थापित प्रसिद्ध चंद्रहासिनी मंदिर में नवरात्र को लेकर काफी उत्साह है, भक्त माता चंद्रहासिनी के दर में अपने मन्नत लेकर पहुंच रहे हैं, माता चंद्रहासिनी को संतान दायिनी के रूप में पूजा जाता है, जिसके लिए लोग अपने फरियाद लेकर पहुंचते हैं. प्रसिद्ध नदी महानदी एवं मांड नदी के संगम तट के पर्वत पर चान्हसिनी माता मंदिर स्थापित है. माता चंद्रहासिनी मंदिर स्थापना को लेकर भी मान्यता है कि देवी पार्वती जब सती हुई थी, भगवान शिव ने जब उनका शरीर लेकर विश्व में भ्रमण किया था उनका उपांग चंद्रपुर में गिरा था, जिसके बाद यहां के राजा को स्वप्न दिया कि यहां मंदिर बनाकर उनकी प्रतिमा स्थापित किया जाए. माता चंद्रहासिनी के वराह रूप एवं चंद्रा आकार के कारण उनका नाम चंद्रहासिनी पड़ा. यहां छत्तीसगढ़ के अलावा, उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं विदेश से भी लोग दर्शन एवं ज्योत जलाने के लिए आते हैं.
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पटना में दिशा का SIR विरोध, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

Patna, Bihar:पटना के भिखना पहाड़ी मोड़ के पास शनिवार को छात्र संगठन दिशा की ओर से SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्र हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर सड़क पर उतरे और चुनाव आयोग, केंद्र सरकार तथा SIR के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। दिशा की सदस्य वारुणी ने कहा कि संगठन की मांग मुख्य रूप से SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई, जिससे वहां लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बावजूद आंदोलन थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। वारुणी ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों को रोकने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने की कोशिश के बावजूद यह देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहा है। पटना यूनिवर्सिटी के छात्र ऋतिक ने कहा कि एक जंतर-मंतर को बंद किया जा सकता है, लेकिन अगर आवाज दबाने की कोशिश हुई तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए छात्र आज सड़क पर उतरे हैं। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को समझाकर वहां से हटा दिया। इसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य हो गई।
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