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Azaz AhamedAzaz AhamedFollow1 Sept 2024, 06:42 am
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दुष्काळ से आत्महत्या करने वाले चंद्रपूर के चार किसान परिवारों को शिवसेना ने प्रत्येक को 50 हजार रुपये दिए

Chandrapur, Chhattisgarh:दुष्काळामुळे आत्महत्या केलेल्या चंद्रपूर जिल्ह्यातील चार शेतकरी कुटुंबांना शिवसेनेकडून प्रत्येकी 50 हजार रुपये मदतीचं वाटप अँकर: नवरात्रीनिमित्त दरवर्षी आयोजित करण्यात येणारा चंद्रपुरातील दांडिया उत्सव रद्द करून आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना प्रत्येकी 50 हजार रुपये देण्याचा निर्णय चंद्रपूर जिल्ह्यातील शिवसेना उबाठा पक्षाने जाहीर केला होता. शिवसेनेने केलेल्या घोषणेप्रमाणे आज या आत्महत्याग्रस्त Shेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना शिवसेनेच्या कार्यकर्त्यांनी थेट घरी जाऊन 50 हजार रुपयांची रक्कम हातात सोपवली. चंद्रपूर शहरात गेल्या अनेक वर्षांपासून शिवसेनेच्या वतीने जय भवानी दांडिया उत्सव आयोजित करण्यात येतो मात्र यावर्षी दुष्काळाची परिस्थिती पाहून शिवसेनेने हा दांडिया उत्सव रद्द करून दांडिया आयोजनाची रक्कम आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना आणि गरजू शेतकऱ्यांना देण्याचा उपक्रम जाहीर केला. त्याप्रमाणे आज चंद्रपूर जिल्ह्यातील मारडा आणि वेळवा या दोन गावातील आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना प्रत्येकी 50 हजार रुपयांची रक्कम सोपविण्यात आली.
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अमृतसर के गुरु नानक स्टेडियम में खेल वतन पंजाब दीयों का चतुर्थ सीज़न सफल आयोजन

Amritsar, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ (ਸੀਜ਼ਨ-4) ਦਾ ਸਫਲ ਆਯੋਜਨ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਕਿਹਾ— ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਅਤੇ ਰਗਬੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 3,000 ਖਿਡਾਰੀ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਹਨ ਆਪਣਾ ਦਮਖਮ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਸਿੱਧੇ ਬੈਂਕ ਖਾਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਭੇਜੀ ਗਈ। ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਰਗੀਆਂ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਚਨਬੱਧ। ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀਆਂ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਦੇ ਚੌਥੇਸੀਜ਼ਨ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਪੂਰੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ。 ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਨੂੰ ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਅਤੇ ਰਗਬੀ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ 18 ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 3,000 ਖਿਡਾਰੀ ਪਹੁੰਚੇ ਹਨ। ਇਹ ਖਿਡਾਰੀ ਪਹਿਲਾਂ ਬਲਾਕ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਹੁਣ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰਤਿਭਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਹ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ਖੇਡ ਮੁਕਾਬਲੇ 23 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੇ。 ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਈਟੀਓ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਾਂਹਵਧੂ ਸੋਚ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦਿਆਂ ਹੀ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਅੱਜ ਇਨ੍ਹਾਂ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਚੌਥਾ ਸੀਜ਼ਨ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 70 ਸਾਲ ਤੱਕ ਦੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਨੇ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਭਾਗ ਲਿਆ ਹੈ。 ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਦੀ ਮਹਿੰਗੀ ਖੇਡ ਸਮੱਗਰੀ ਅਤੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਖਰਚਿਆਂ ਸਬੰਧੀ ਪੁੱਛੇ ਗਏ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਹਰ ਆਰਥਿਕ ਵਰਗ ਦੇ ਖਿਡਾਰੀ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹੋਣਹਾਰ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਬੈਂਕ ਖਾਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਿੱਧੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਭੇਜੀ ਗਈ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਆਰਥਿਕ ਰੁਕਾਵਟ ਦੇ ਮਿਆਰੀ ਖੇਡ ਸਾਮਾਨ ਖਰੀਦ ਸਕਣ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਤਿਆਰੀ ਜਾਰੀ ਰੱਖ ਸਕਣ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਸੋਚ ਹੈ ਕਿ ਪੈਸੇ ਜਾਂ ਸਾਧਨਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਕਾਰਨ ਕੋਈ ਵੀ ਖਿਡਾਰੀ ਪਿੱਛੇ ਨਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ。 ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ’ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਦਾ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸਾ ਬਣਾਉਣ। ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਰੁੱਝੇ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਤਹਿਤ ਨਵੇਂ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ, ਜਿਮ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਅਤੇ ਆਧੁਨਿਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。 ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿਤੀਆਂ ਅਤੇ ਉਮੀਦ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਕਿ ਇਹ ਖਿਡਾਰੀ ਸੂਬੇ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਨਾਮ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਰੌਸ਼ਨ ਕਰਨਗੇ。 ਬਾਈਟ: ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ
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मैनपुरी-करहल संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल में नवरात्रि पर नौ देवी स्वरूपों पर आधारित भव्य कार्यक्रम।

Ajay KumarAjay KumarFollowJust now
Kanakpur, Uttar Pradesh:मैनपुर/करहल नगर के संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल में नवरात्रि के अवसर पर नौ देवी स्वरूपों पर आधारित भव्य और भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गरबा नृत्य,काली तांडव,नौ देवी के स्वरूप तथा रामायण के पात्रों की शानदार प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सरिता सिंह एवं निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने नौ देवी स्वरूपों का पूजन और आरती कर किया। छात्राओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का रूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुति दी। राम,सीता,मेघनाद,भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का सुंदर मंचन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राम-रावण युद्ध और रावण वध एवं महिषासुर मर्दन रहा। भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध का दृश्य प्रस्तुत होते ही पूरा विद्यालय परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया। निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा कि बच्चों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया है। नौ देवी के नौ स्वरूप हमें शक्ति,साहस,संयम,करुणा,पवित्रता और अच्छे कर्मों की सीख देते हैं। रावण अहंकार,असत्य और बुराई का प्रतीक है,जबकि राम सत्य और धर्म के प्रतीक हैं। ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार और प्रतिभा के साथ अच्छा चरित्र ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। अनन्या,पंखुड़ी,माही,माही वर्मा,वंशिका,पलक,हार्दिक कुमार,अर्णव वर्मा,युमैजा, आरव,उत्कर्ष,आराध्या सहित अनेक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
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चूरू में अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदार-एडवक्ता विवाद, पुलिस ने थाने तक पहुंचाया

Churu, Rajasthan:अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद, दुकानदार और अधिवक्ता को थाने ले गई पुलिस, गढ़ चौराहे पर अधिवक्ताओं ने किया विरोध-प्रदर्शन, सभापति से वार्ता के बाद समाप्त किया धरना, चूरू। नगर परिषद की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सफेद घंटाघर से गढ़ चौराहे तक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दुकानों के आगे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इसी दौरान गढ़ के पास एक ज्वैलर्स की दुकान के आगे नाली पर बनी पट्टी और ऊपर स्थित अधिवक्ता के कार्यालय तक जाने वाली सीढ़ियों को हटाने को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और दुकानदार व अधिवक्ता के बीच विवाद हो गया। दुकानदार ने दुकान के पट्टे से संबंधित कागजात दिखाते हुए कार्रवाई पर आपत्ति जताई। दुकानदार का कहना था कि दुकान पट्टे में शामिल है, ऐसे में वहां कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसी बात को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और दुकानदार, अधिवक्ता के बीच बहस हो गई। इसके बाद दुकानदार और अधिवक्ता दुकान के आगे बैठ गए। इस दौरान पुलिस और दुकानदार पक्ष के बीच भी बहस हो गई। मामला बिगड़ता देख पुलिस दुकानदार और अधिवक्ता को कोतवाली थाने ले गई। कुछ देर बाद पुलिस ने दुकानदार और अधिवक्ता को छोड़ दिया। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं और दुकानदार ने विरोध प्रदर्शन किया तथा नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए EO को हटाने की मांग की। मामला की सूचना मिलने पर नगर परिषद सभापति विनय गोयनका गढ़ चौराहे पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं और दुकानदार के परिजनों से बातचीत कर उनकी बात सुनी। सभापति ने कहा कि अतिक्रमण अभियान के तहत गढ़ चौराहे से सुभाष चौक तक नालियों की सफाई करवाई जाएगी। इसके बाद नालियों पर लोहे की जालियां लगाई जाएंगी, ताकि नालियों की सफाई में परेशानी नहीं हो और व्यवस्था सुचारू बनी रहे। सभापति के साथ हुई वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने दोबारा अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया।
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5200 करोड़ टैक्स-छूट पर जल जीवन मिशन में विवाद, SD अटकने से परियोजनाएं प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:बिजेएम में 5200 करोड़ के टैक्स-छूट पर विवाद, वित्तीय संकट से उभरने के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की छूट दी, वो भी अटकी\nजयपुर- जल जीवन मिशन में वित्तीय संकट के कारण सरकार ने सिक्योरिटी डिपॉजिट(SD) की छूट दी थी ताकि करोडों के प्रोजेक्ट्स पर असर ना पडे. लेकिन जल महकमे में इस छूट की राशि के आदेश भी जारी नहीं किए, जिस कारण जल जीवन मिशन 90% योजनाएं प्रभावित हो रही है. जल जीवन मिशन से गांव ढाणियों तक पहुंचने वाली योजनाओं पर ब्रेक लग गया.. आखिरकार जेजेएम में इतना विवाद क्यों.. देखें इस एनालिसिस रिपोर्ट में!\nSD छूट वित्तीय संकट के बीच दी, वो भी अटकी-\nजल जीवन मिशन में जिस वित्तीय संकट से उभरने के लिए छूट दी, वह भी अटक गई. दरअसल जेजेएम में वित्तीय संकट पर मरहम लगाने के लिए वित्त विभाग ने सिक्योरिटी डिपॉजिट पर छूट दी थी ताकि पेयजल प्रोजेक्ट की रफ्तार बनी रहे. लेकिन जल जीवन मिशन की ये छूट भी अटक गई. जिसके कारण 26 हजार करोड के पेयजल प्रोजेक्ट्स में 10 प्रतिशत सिक्योरिटी डिपॉजिट रूका हुआ है. वित्त विभाग ने 1 अक्टूबर को सिक्योरिटी डिपॉजिट जारी करने के आदेश दिए थे, लेकिन पीएचईडी ने अब तक छूट का कोई आदेश ही नहीं निकाला. इससे जेजेएम के 90 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो रहे हैं. यह छूट चालू वित्तीय वर्ष के लिए दी गई है. जानकारों के मुताबिक 2600 करोड की सिक्योरिटी डिपॉजिट अटका है.\nBD की ये छूट दी वित्त विभाग ने-\nकार्य पूर्ण होने पर ... SD छूट\n50% या इससे अधिक... 25% तक\n75% या इससे अधिक... 50%\n100% ... 60%\nक्या होती है सिक्योरिटी डिपॉजिट?\nटेंडर में सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) वह गारंटी राशि होती है, जो रनिंग बिल में कंपनी या फॉर्मो द्धारा जमा करवाई जाती है. विभाग द्वारा यह इसलिए ली जाती है ताकि फर्म समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करे. यदि काम अधूरा छोड़ दिया जाता है या तय मानकों के अनुसार नहीं होता तो हर्जाना वसूलने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाता है.पीएचईडी ने रनिंग बिल के साथ 10 प्रतिशत SD ली जाती है. आम तौर पर SD वर्क कम्पलीशन के 1 साल बाद लौटाई जाती है. लेकिन वित्तीय संकट के बीच पीएचईडी में पहले ही लौटने की छूट गई दी.\nटैक्स,पेनल्टी,PV का पेंच फंसा-\nSD छूट के अलावा पीएचईडी में टैक्स यानी GST, पेनल्टी और प्राइस वैरिएशन का पेंच फंसा हुआ है.\n1.प्राइस वेरिएशन (PV)- दुनिया में फाइनेंस क्राइसिस के कारण स्टील समेत कई वस्तुएं महंगी हो गई. अनुबंध करते समय और मौजूदा रेट्स में फर्क पडा. जिसके कारण मेटेरियल की लागत बढी. जिन टैंडरों में पीवी की शर्त है, उनका पैमेंट का विवाद फंसा हुआ है. इसके अनुमानित आकंडे सामने नहीं आए.\n2.GST के 6% पर विवाद- 10 जुलाई 2022 के बाद से वर्क कॉन्ट्रेक्ट पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढकर 18 प्रतिशत किया गया. नियमों के मुताबिक क्लोज 36E के तहत जब अनुबंध किया गया, उतना ही जीएसटी कंपनी देनी. लेकिन इसके बावजूद फर्मों को 6 प्रतिशत ज्यादा जीएसटी देना पडा. अब 1100 करोड के जीएसटी पर विवाद गरमाया है.\n3.लेट डिलीवरी(LD) पर पैंच फंसा- अनुबंध की शर्तों के मुताबिक यदि कोई कॉन्ट्रैक्टर समय पर कॉन्ट्रेक्ट पूरा नहीं कर पाता तो उसे लेट डिलीवरी यानि पैनल्टी वसूली जाती है. लेकिन जल विभाग में वित्तीय संकट या बजट ना मिलने के कारण कॉन्ट्रैक्टर तय समय पर काम नहीं कर पाए. ऐसे में कई प्रोजेक्ट्स में फर्मों पर पैनल्टी लगाई. करीब 1500 करोड की एलडी लगाई गई. इस पर विवाद गरमाया हुआ है. करीब 5200 करोड की छूट और टैक्स को लेकर पेयजल प्रोजेक्ट्स में विवाद छिडा हुआ है. यानी पेयजल महकमे का वित्तीय ढांचा और मैनेजमेंट बुरी तरह से बिगडा हुआ है.\nनोट-इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है.
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पंचकूला: 20 लाख के पुतले बनाने वाला कारीगर फरार, पुलिस जांच शुरू

Panchkula, Haryana:श्री रामलीला युवा मंच ने सेक्टर-5 थाने में ईमेल के जरिए दी शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में दशहरा उत्सव के लिए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार करने का काम कर रहा कारीगर 20 लाख रुपये लेकर काम अधूरा छोड़कर फरार हो गया। यह आरोप श्री रामलीला युवा मंच की ओर से लगाया गया है। मंच ने इस संबंध में सेक्टर-5 थाने में ईमेल के माध्यम में शिकायत दर्ज करवाई है। श्री रामलीला युवा मंच के अनुसार, दशहरा उत्सव के लिए तीनों पुतले तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित कारीगर को सौंपी गई थी। आरोप है कि कारीगर ने इस काम के लिए 20 लाख रुपये लिए, लेकिन पुतले बनाने का काम पूरा करने से पहले ही वह वहां से चला गया। इससे रामलीला मंच के सामने दशहरा आयोजन की तैयारियों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। मामले को लेकर मंच की ओर से पुलिस को ईमेल के जरिए शिकायत भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है。 थाना प्रभारी ने की शिकायत मिलने की पुष्टि सेक्टर-5 थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि उन्हें ईमेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है。
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डोंगरगांव विवाद: मंत्री की करोड़ों की सौगात के पीछे राजनीति उफान

Rajnandgaon, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है - यह दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे... राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में भाजपा के कृषि मंत्री रामविचार नेताम डोंगरगढ़ देवी दर्शन पश्चात सीधे कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू के ग्राम आलेवारा स्थित फार्म हाउस पहुंच गए, वहां करोड़ों की सौगात भी दे दी, और अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का आवेदन लेने से मना कर दिया। अब इस दोस्ती की चर्चा पूरे जिले में है और भाजपा संगठन में नाराजगी के बाद शिकायत की तैयारी चल रही है। पूरा मामला डोंगरगांव का है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम बिना किसी प्रोटोकॉल और जिला संगठन को सूचना दिए बिना डोंगरगांव पहुंचे। वे सीधे कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू के अलीवारा स्थित फार्म हाउस और आवास पर गए। वहाँ उन्होंने कृषि अनुसंधान और ज्ञान प्रसार फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। और वहीं पर करोड़ो के कृषि उपकरण और पॉली हाउस के लिए एक करोड़ की घोषणा कर दी। इसके बाद विधायक के यहाँ भोजन किया, विश्राम किया और साथ में खेत में फसल देखते हुए भी नजर आए। दूसरी तरफ इसी दिन चिखली में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य मंडल अध्यक्ष और कई कार्यकर्ता 100 एकड़ में लगी टमाटर की फसल दिखाने और अपनी मांगों का आवेदन देने के लिए मंत्री का इंतजार कर रहे थे। आरोप है कि मंत्री ने आवेदन लेने से साफ मना कर दिया और कहा कि आवेदन हटाओ, जाकर टमाटर देखो। जब कार्यकर्ताओं को पता चला कि मंत्री ने कांग्रेस विधायक को करोड़ों की सौगात दी है, तो उनमें आक्रोश और बढ़ गया।इस पूरे दौरे के बाद भाजपा संगठन ने भी आपत्ति जताई है। जिला भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि न प्रोटोकॉल जारी हुआ, न संगठन को जानकारी दी गई लेकिन इसमें उन्हें कोई आपत्ती नहीं है परंतु किसी तरह का फंड जारी करना सवाल खड़े करता है और वे खुद मंत्री से संगठन के माध्यम से बात कर रहे है और गुपचुप तरीके से विरोधी दल के विधायक को बड़ी राशि की घोषणा करना हर दृष्टिकोण से अनुचित है। अब संगठन स्तर पर इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से करने की तैयारी है। वही इस मामले में राजनांदगांव शहर अध्यक्ष के कहना है कि विधायक तीन बार के विधायक है और उन्नत कृषक है मंत्री उनके फार्म हाउस उनसे संबद्ध होने के नाते वहां पहुंचे थे भाजपा इसमें क्या रुख अपनाती है इससे उनका कोई लेनादेना नहीं है तो सियासत में ये तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है कि मंत्री जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को टमाटर दिखाया और कांग्रेस विधायक को करोड़ों की सौगात दे आए.
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सहारनपुर की पिलखनी फैक्ट्री में चौकीदार की संदिग्ध मौत, जांच की मांग

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जनपद के सरसावा थाना क्षेत्र के पिलखनी में एक फैक्ट्री के चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान ज्ञानचंद (57-58 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पिछले लगभग चार वर्षों से फैक्ट्री में चौकीदारी का काम कर रहे थे। सुबह सफाई कर्मचारी के फैक्ट्री पहुंचने पर उनकी मौत का पता चला। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, ज्ञानचंद रोजाना की तरह शाम के समय ड्यूटी पर गए थे। उनका बेटा आदित्य कुमार ने बताया कि उनके पिता बिल्कुल ठीक थे। आमतौर पर वह रात करीब 10 से 11 बजे के बीच फोन करके घरवालों से बात करते थे, लेकिन घटना वाली रात उनका फोन नहीं आया। सुबह परिवार के लोग बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी कर रहे थे, तभी फैक्ट्री की ओर से आए एक सफाई कर्मचारी ने उन्हें घटना की जानकारी दी। आदित्य के अनुसार, सूचना मिलते ही परिजन फैक्ट्री पहुंचे। वहां ज्ञानचंद का शरीर ठंडा और अकड़ा हुआ था। परिजनों का दावा है कि उनके शरीर पर नीचे के कपड़े भी नहीं थे। इसी बात ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि ज्ञानचंद की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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जौनपुर में पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप, आरोपी हिरासत में

जौनपुर में शुक्रवार की रात पांच वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आई। जफराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में दुर्गा पूजा देखने घर के पास गई बच्ची को गांव का ही एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। काफी देर तक बच्ची लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान ग्रामीण मोबाइल की रोशनी से जंगल और नदी के आसपास पहुंचे, जहां बच्ची एक युवक के पास मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। बच्ची की मां के मुताबिक, उनकी बेटी दुर्गा पूजा देखने घर के पास गई थी। आरोप है कि गांव का ही एक युवक, जो रिश्ते में बच्ची का चाचा लगता है, उसे अपने साथ जंगल की ओर ले गया। माता का दावा है कि बच्ची ने घर लौटने पर शरीर में दर्द और पेशाब करने में परेशानी की बात बताई। परिजनों के अनुसार, बच्ची जंगल में निर्वस्त्र अवस्था में मिली थी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है। पुलिस के बयानों को लेकर उठे सवाल: शुरुआती जानकारी में बच्ची के लापता होने और गुमशुदगी का मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमे की जानकारी दी गई। दोनों बयानों में अंतर को लेकर मामले की कार्रवाई और जांच की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस के अलग-अलग बयानों के आधार पर किसी तरह की लीपापोती का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पूरे मामले में प्राथमिकी, मेडिकल जांच और विवेचना के तथ्यों से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पांच वर्षीय बच्ची से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है। ऐसे में निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों के संरक्षण और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की आवश्यकता है। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक को पुलिस दावा कर रही है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई है जब को ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि बच्ची को जंगल से ग्रामीणों ने बरामद कर आरोपी युवक को पुलिस को सुपा गया है। आखिर पुलिस किस चीज को छुपा रही है
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जींद में नाबालिग विवाह रोककर बारात लौटाई, बच्चों का भविष्य बचाया गया

Jhanj Kalan, Haryana:नाबालिग बच्चों की हो रही थी शादी, टीम ने मुस्तैदी से रुकवारा और लौटाई बारात बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान की टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिससे उम्र कम होने का खुलासा हुआ। परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्चों के बालिग होने पर ही शादी करने का लिखित संकल्प लिया। जींद से गुलशन चावला रिपोर्टर जींद जिले के करसिंधु गांव में बाल विवाह निषेध विभाग और पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक साथ तीन नाबालिग बच्चों की जिंदगी और उनका भविष्य बचा लिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और हिसार से आई बारात बिना दुल्हनों के ही बैरंग लौट गई। वीओ—जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद रवि लोहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सूचना मिली थी कि करसिंधु गांव में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की तैयारियां चल रही थीं। सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिजनों ने कागजात दिखाने में आनाकानी की और दोनों लड़कियों की उम्र पूरी होने का दावा किया। लेकिन, जब टीम ने सख्ती दिखाते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो लगभग तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद जो दस्तावेज सामने आए, उन्होंने सच बयां कर दिया। जांच में पता चला कि दोनों दुल्हन बनने वाली लड़कियां 18 वर्ष से कम उम्र की थीं। इतना ही नहीं, जब बारात लेकर आए दूल्हों के दस्तावेजों की जांच की गई, तो उनमें से एक दूल्हा भी कानून द्वारा तय की गई 21 वर्ष की आयु सीमा से छोटा करीब 19 वर्ष पाया गया। वीओ—पूछताछ के दौरान परिजनों ने सफाई देते हुए बताया कि वे अनपढ़ हैं और उन्हें कानून की कोई जानकारी नहीं है। शादी का भारी-भरकम खर्च बचाने के उद्देश्य से वे एक साथ दोनों लड़कियों के हाथ पीले कर रहे थे। इस पर परिजनों को प्यार और दृढ़ता से समझाया कि बच्चों का नाबालिग अवस्था में विवाह करना कानूनी अपराध होने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए भी खतरनाक है। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बालिग होने पर शादी करने से सरकार द्वारा चलाई जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता है। समझाइश का असर हुआ और दोनों पक्षों के परिवारों ने अपनी गलती मानते हुए विवाह को तुरंत स्थगित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने विभाग को लिखित में बयान दिया कि अब वे कानून का पूर्ण पालन करेंगे और बच्चों के बालिग होने पर ही उनका विवाह करेंगे। वीओ—जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान ने बताया कि बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के अवसर पर ग्राम पंचायतों में विशेष प्रस्ताव भी पास करवाए गए हैं ताकि समाज को इस कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि यदि आपको कहीं भी बाल विवाह या नाबालिगों के विवाह की भनक लगे, तो तुरंत आगे आएं। आप सरकार की आपातकालीन सेवा डायल 112 या महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके इसकी सूचना दे सकते हैं। विभाग द्वारा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है। रवि लोहान,जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद। जींद गुलशन चावला रिपोर्टर
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