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राजस्थान के साइबर अपराधी: 1930 हेल्पलाइन और R4C से कड़ी कार्रवाई, बैंक खाते ब्लॉक

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर vishnu राजस्थान में साइबर अपराधियों पर पुलिस करेगी डिजिटल एक्शन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे पुलिस मुख्यालय, R4C और 1930 साइबर हेल्पलाइन का किया निरीक्षण साइबर ठगों के साथ उनकी संपत्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों की भी अब खैर नहीं । साइबर अपराधियों के बैंक खाते तुरंत ब्लॉक किए जाएंगे AI और डेटा एनालिटिक्स की मदद से की जाएगी त्वरित कार्रवाई स्कूल-कॉलेजों में चलाया जाएगा साइबर जागरूकता अभियान सोशल मीडिया के जरिए लोगों को किया जाएगा अलर्ट। राज्य में साइबर हेल्पलाइन 1930 होगी अब और मजबूत पहले 30 लाइनें थीं, अब 53 पर होंगी शिकायतें दर्ज जल्द ये PR लाइनें बढ़कर होंगी 60 लाइनें PHQ में तीन शिफ्ट में चलाई जा रही है साइबर हेल्पलाइन पुलिस का दावा, लगभग 95 फीसदी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने खुद सुनी साइबर ठगी के पीड़ित की शिकायत बाड़मेर के युवक भैराराम से फोन पर बात कर सुनी शिकायत इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर हुई ठगी की ली जानकारी ली CM ने कहा- साइबर फ्रॉड होते ही तुरंत 1930 पर करें शिकायत, गोल्डन ऑवर में होगी प्रभावी कार्रवाई। CM ने हेल्पलाइन पर कंप्लेंट दर्ज करने से लेकर संबंधित थाने और बैंक में दी जाने वाली जानकारी की पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के लाइव डेशबोर्ड और ट्रैकिंग सिस्टम का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में R4C और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई का फीडबैक लिया मुख्यमंत्री ने साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। बैंकिंग संस्थानों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधियों के बैंक खाते तुरंत ब्लॉक करवाने आधुनिक तकनीक एवं डेटा विश्लेषण का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
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SC ने राजस्थान सीमावर्ती क्षेत्र अतिक्रमण नोटिस पर HC जाने की अनुमति दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में शून्य से 50 किलोमीटर दायरे में स्थित धार्मिक स्थलों सहित अन्य निर्माणों को अतिक्रमण बताते हुए जारी किए गए सरकारी नोटिसों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में ताज मोहम्मद एवं अन्य की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राजस्थान हाईकोर्ट का रुख करने की अनुमति दे दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि याचिकाकर्ता अब इस मामले में हाईकोर्ट में रिट याचिका अथवा रिट अपील दायर करना चाहते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए उसे खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया कि आज की तारीख से दो सप्ताह तक अथवा हाईकोर्ट में मामला विचारार्थ आने तक, राज्य सरकार याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। अब राजस्थान हाईकोर्ट याचिका पर उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर स्वतंत्र रूप से सुनवाई करेगा।
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हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए निगरानी सख्त, ANM से जोड़ा जाएगा

Jaipur, Rajasthan:मातृ मृत्यु के मामलों को कम करने और हाई रिस्क गर्भधारण वाली महिलाओं को समय पर उपचार दिलाने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था और सख्त करने का फैसला किया है। अब प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला को एक एएनएम से जोड़ा जाएगा, जो हर तीन दिन में व्यक्तिगत संपर्क कर उसकी स्थिति की निगरानी करेगी। जरूरत पड़ने पर महिला को तुरंत डॉक्टर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। स्वास्थ्य भवन में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, अस्पताल अधीक्षकों और जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला को उसकी जरूरत के अनुसार सीएचसी, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज से मैप किया जाए, ताकि आपात स्थिति में इलाज में देरी न हो। मुख्य सचिव ने लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के लिए जारी प्रोटोकॉल का रोजाना पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों से प्रतिदिन ओटी, आईसीयू, लेबर रूम की कार्यशीलता, प्रसव की संख्या, भर्ती मरीजों और बेड उपलब्धता की रिपोर्ट भी तय प्रारूप में मांगी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी मरीज की मृत्यु चिकित्सकीय लापरवाही के कारण नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक मातृ मृत्यु की संस्थागत और सामुदायिक स्तर पर विस्तृत समीक्षा होगी। मातृ मृत्यु ऑडिट कमेटियों में अब विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा और हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी, ताकि मौत के कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। बैठक में गर्भवती महिलाओं के पोषण, एनीमिया, प्रसव पूर्व देखभाल, दो बच्चों के बीच उचित अंतर और सुरक्षित प्रसव को लेकर प्रभावी जनजागरूकता रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सर्जनों के रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश भी दिए। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग 15 जुलाई से पांच दिवसीय विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत प्रत्येक गर्भवती महिला की स्क्रीनिंग कर हाई रिस्क मामलों की पहचान की जा रही है। एएनएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं को ऐसे मामलों की विशेष निगरानी के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। बैठक में बीकानेर, जोधपुर, कोटा और अजमेर मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों सहित विभिन्न अस्पतालों के विशेषज्ञों से ब्लड बैंक, आईसीयू, लेबर रूम, सामान्य और सिजेरियन प्रसव तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी प्रबंधन को लेकर विस्तृत फीडबैक भी लिया गया।
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पांच गंभीर प्रसूताएं: उम्मेद व महात्मा गांधी अस्पताल में स्थिति स्थिर

Jodhpur, Rajasthan:उम्मेद एवं महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती पांचों मरीजों की स्थिति स्थिर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जारी किया स्वास्थ्य अपडेट -पाली, जालौर, सिरोही सहित आसपास के जिलों से गंभीर मरीजों को किया जाता है रेफर जोधपुर। डॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बी. एस. जोधा ने गंभीर प्रसूताओं के उपचार को लेकर अद्यतन जानकारी जारी करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जनाना अस्पतालों एवं सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों में भर्ती सभी गंभीर मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है तथा सभी मरीजों की स्थिति वर्तमान में स्थिर है। *सुपर स्पेशलिटी संस्थान होने के कारण विभिन्न जिलों से होते हैं रेफर* डॉ. बी. एस. जोधा ने बताया कि डॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मथुरादास माथुर अस्पताल एवं उम्मेद अस्पताल क्षेत्र के प्रमुख रेफरल चिकित्सा संस्थान हैं। पाली, जालौर, सिरोही सहित आसपास के जिलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से गंभीर स्थिति वाले मरीजों को बेहतर एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए यहां रेफर किया जाता है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपचार एवं आवश्यक होने पर शल्य चिकित्सा की जाती है। रक्तस्राव एवं उच्च रक्तचाप जैसी जटिलताओं का किया जा रहा उपचार डॉ. बी. एस. जोधा के अनुसार वर्तमान में उपचाराधीन पांच गंभीर प्रसूताओं में कुछ मरीज अत्यधिक रक्तस्राव तथा कुछ उच्च रक्तचाप से उत्पन्न चिकित्सकीय जटिलताओं से प्रभावित हैं। सभी मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सतत उपचार किया जा रहा है तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। उम्मेद अस्पताल में दो तथा महात्मा गांधी अस्पताल में तीन मरीज भर्ती डॉ. बी. एस. जोधा ने बताया कि वर्तमान में दो मरीज उम्मेद अस्पताल तथा तीन मरीज महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती हैं। सभी मरीजों का आवश्यक उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। चिकित्सा दल प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है तथा आवश्यकतानुसार समुचित चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को देवरनियां पुलिस ने किया गिरफ्तार

Deorania, Uttar Pradesh:बरेली। थाना देवरनियां पुलिस ने नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में 16 जुलाई को पीड़िता के परिजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आवश्यक कानूनी धाराएं बढ़ाई गईं। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सगीर अहमद, निवासी वार्ड नंबर-9, मोहल्ला अली नगर, कस्बा एवं थाना देवरनियां को शनिवार को कस्बा देवरनियां स्थित रेलवे फाटक के पास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तारी की कार्रवाई में थाना देवरनियां की पुलिस टीम शामिल रही।
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सीकरी में दो दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र का किया घेराव

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। क्षेत्र के ग्राम सीकरी में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शुक्रवार देर रात पंडित अमरीश शर्मा के नेतृत्व में पंजाबी कॉलोनी स्थित विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थापित 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर मौजूदा बिजली लोड को संभालने में सक्षम नहीं है। अधिक भार के कारण बार-बार ट्रिपिंग और फॉल्ट होने से आपूर्ति बाधित रहती है। ग्रामीणों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव में 65 केवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बिजली न मिलने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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संदिग्ध मौत के मामले में कब्र से निकाला गया महिला का शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। बरेली के बहेड़ी कस्बे के मोहल्ला बाजार में एक 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शनिवार को कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला बाजार निवासी मोहम्मद ताहिर की पत्नी तस्सुम की 12 जुलाई को मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। मृतका का मायका उत्तराखंड के हल्द्वानी में है। मायके पक्ष का आरोप है कि उन्हें न तो मौत की सूचना दी गई और न ही अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिला। मृतका के भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसे जहर देकर मारने के बाद जल्दबाजी में शव को दफना दिया गया। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए। शनिवार को नायब तहसीलदार की निगरानी में पुलिस ने कब्र की खुदाई कर शव बाहर निकलवाया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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आशाराम के ओपन जेल और पैरोल पर अगली सुनवाई 03 अगस्त को

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में सजायाफ्ता बंदी आशाराम उर्फ अशुमल की ओर से पिछले 13 सालों से जेल में रहने के बावजूद ओपन जेल में नही भेज जाने एवं पैरोल को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष दायर याचिकाओं में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से ओपन जेल को लेकर जवाब पेश कर दिया गया। खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि आखिर किन कारणों से इतने लंबे समय से जेल में बंद और वृद्धावस्था में पहुंच चुके बंदी को ओपन जेल भेजने पर विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं कालूराम भाटी, भरत सैन और यशपाल सिंह राजपुरोहित ने कोर्ट में दलील दी कि आशाराम की आयु 87 वर्ष है और वह करीब 13 वर्षों से जेल में बंद है। ऐसे में ओपन जेल के लिए उसके मामले पर नियमानुसार विचार किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.एल. भाटी के लिए अधिवक्ता दीपक चांडक ने जवाब पेश करते हुए कहा कि ओपन जेल के नियमों में आसाराम नही आते है। ओपन जेल के 60 वर्ष की आयु तक ही भेजा जाता है। दूसरा उनको अपराध यौन उत्पीडन का है तीसरा वे राजस्थान के बाहर से है। इस पर कोर्ट ने आसाराम के अधिवक्ताओं को सरकार के जवाब पर अपना रिज़ॉन्डर पेश करने के निर्देश देते हुए मामले को 03 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है। इसके साथ ही आसाराम की ओर से पैरोल के लिए भी याचिका पेश की गई है। जिस पर सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बंशी लाल भाटी व उनके सहयोगी ने नोटिस स्वीकार किया। याचिका में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोनों मामलों की सुनवाई 03 अगस्त 2026 के लिए सूचीबद्ध कर दी।
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