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औरैया की सात बेटियाँ: माँ को मुखाग्नि देकर बदला समाज का नजरिया

Auraiya, Uttar Pradesh:औरैया से एक ऐसी खबर सामने आई है जो समाज की रूढ़िवादी सोच पर करारा प्रहार है। यहां सात बेटियों ने अपनी मां को अंतिम विदाई देकर ये साबित कर दिया कि फर्ज बेटा-बेटी नहीं देखता। पिता के जाने के बाद जिस मां ने सातों बेटियों को अकेले पाला, उसकी चिता को मुखाग्नि भी सबसे छोटी बेटी ने दी。 तस्वीरें औरैया की हैं। जहां बेटियों ने रिवाजों को पीछे छोड़कर फर्ज को आगे रखा। बताया जा रहा है कि परिवार के मुखिया पिता का निधन कई साल पहले हो गया था। तब सामाजिक परम्परा के चलते अंतिम संस्कार के लिए भतीजे का सहारा लेना पड़ा था। उसके बाद मां ने अकेले दम पर संघर्ष करते हुए अपनी सात बेटियों की परवरिश की। मां ही उन बेटियों के लिए पिता भी थी और पूरी दुनिया भी。 वक्त बीता और मां भी इस दुनिया को छोड़ गई। सातों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंतिम संस्कार की तैयारी हुई तो सवाल उठा - मुखाग्नि कौन देगा? परम्परा के मुताबिक पुरुष रिश्तेदारों की तरफ देखा जाने लगा। तभी सबसे छोटी, सातवीं बेटी आगे आई और उसने कहा - जब मां ने हमें बेटे की तरह पाला पोशा कमी महसूस नहीं होने दी, तो आखिरी वक्त में हम किसी और का सहारा क्यों लें? फिर जो हुआ उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। सातों बहनों ने मिलकर अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। और श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ सबसे छोटी बेटी ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। ये सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं था, ये एक संदेश था। संदेश कि संतान का प्यार और जिम्मेदारी लिंग की मोहताज नहीं होती। औरैया की इन सात बेटियों ने आज समाज को आईना दिखा दिया है। सच ही कहा गया है, फर्ज का फर्ज रूढ़ियों पर भारी है। इन बेटियों ने सिर्फ अपनी मां को मुखाग्नि नहीं दी, बल्कि समाज में बेटियों को लेकर जो सोच है, उसे भी अग्नि दी है।
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बांदा ट्रामा सेंटर में जलशक्ति राज्यमंत्री ने औचक निरीक्षण कर दवा निर्देशों पर सख्ती दिखायी

Banda, Uttar Pradesh:एंकर- बांदा जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायत पर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई और स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। VO/ उत्तर प्रदेश के जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने बांदा के ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल से ही जरूरी दवाएं उपलब्ध karai जाएं और इलाज के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
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गोंडा: सरयू नदी में डूबकर दो बहनों की मौत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भौरीगंज स्थित श्री राम जानकी मंदिर के बगल स्थित सरयू नदी में आज को एक बड़ा हादसा हो गया है जहां सरयू नदी में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई है। 15 वर्षीय सुप्रिया अपनी 9 वर्षीय बहन सुहानी के साथ घर से 1 किलोमीटर चलकर के श्री राम जानकी मंदिर पहुंची थी। जहां सरयू नदी के पास जाकर के मछलियों को दाना डाल रही थी इसी दाना डालने के दौरान पहले 9 वर्षीय सुहानी पैर फिसलने के बाद सरयू नदी में जब डूबने लगी। बचने के लिए 15 वर्षीय सुप्रिया भी नदी में गई और फिर दोनों पानी अधिक होने के कारण डूब गई। तत्काल स्थानीय लोगों द्वारा नदी में उतर करके घंटे कड़ी मशक्कत किसी तरीके से दोनों बहनों को बाहर निकल गया एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने दोनों बहनों को मृत्यु घोषित कर दिया है। यह दोनों लड़कियां परसपुर थाना क्षेत्र के राजपुर ग्राम पंचायत के बद्दु पुरवा की रहने वाली है दोनों की पहचान 15 वर्षीय सुप्रिया पुत्री अरुण कुमार तिवारी 9 वर्षीय सुहानी पुत्री अरुण कुमार तिवारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलती ही मौके पर पुलिस के उच्च अधिकारी भी पहुंच गए हैं पूरी घटना को लेकर के परिजनों से भी पूछताछ करके जांच की जा रही है साथ ही साथ दोनों लड़कियों के शव को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जुनवानी-खैरागढ़ मार्ग की बदहाली; ग्रामीणों ने मरम्मत की जल्द मांग

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले के जुनवानी से मड़ौदा, बाजार अतरिया होते हुए खैरागढ़ जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लंबे समय से जर्जर इस सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, बिखरी गिट्टी और कीचड़ ने आवाजाही मुश्किल कर दी है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में सड़क की हालत और बिगड़ जाती है। बच्चे साइकिल लेकर स्कूल तो निकलते हैं, लेकिन रास्ते में गड्ढों और कीचड़ से जूझते हुए पहुंचते हैं। कई बार साइकिल पंचर हो जाती है, तो कभी कीचड़ के छींटों से यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। बारिश के पानी में बच्चों की किताबें भीगने का डर भी बना रहता है। सड़क की बदहाली के कारण कई बार बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी होती है और छुट्टी तक करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से अब तक इसकी एक बार भी समुचित मरम्मत नहीं हुई। विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार शिकायत और मांग की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब इस सड़क की तस्वीर बदलेगी? सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि बच्चों के स्कूल और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जरूरत है। अब लोगों ने जिम्मेदारों से जल्द सड़क मरम्मत की मांग की है। बाइट 1 - स्कूली बच्चे बाइट 2 - ग्रामीण
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जयपुर के स्कूलों में 5वीं-8वीं परीक्षा के लिए रिकॉर्ड मिलान और सुधार निर्देश

Jaipur, Rajasthan:जयपुर कक्षा 5वीं की प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन परीक्षा और कक्षा 8वीं की प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र परीक्षा-2027 की तैयारियों को लेकर प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन परीक्षा आवेदन शुरू होने से पहले शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। स्कूलों को विद्यार्थियों के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, कक्षा, विद्यालय सहित अन्य आवश्यक विवरणों का मिलान कर रिकॉर्ड को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी विद्यार्थी के रिकॉर्ड में गलती पाई जाती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा आवेदन शुरू होने से पहले उसे दुरुस्त करना होगा।विभाग ने संस्था प्रधानों को विशेष रूप से सावधान किया है कि रिकॉर्ड में दर्ज विवरण ही आगे परीक्षा आवेदन, परिणाम और प्रमाण-पत्र में utilis होने जाएंगे। ऐसे में विद्यार्थी का नाम, माता-पिता का नाम या जन्मतिथि गलत दर्ज रहने पर भविष्य में परिणाम अथवा प्रमाण-पत्र में भी यही गलत विवरण दर्ज हो सकता है। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।स्कूलों को अभिभावकों से भी बच्चों के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों का मिलान करवाने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते त्रुटियों को सुधारा जा सके। शाला दर्पण पोर्टल पर कक्षा 5 और 8 की परीक्षा से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया संचालित की जाती है。
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दिल्ली में तीसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित, बिर्कीस सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज

New Delhi, Delhi:दिल्ली में तीसरे दिन बारिश ने जनता की सरकार की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में बिर्कीस सम्मेलन होना है, आला अधिकारियों की मीटिंग का दौर चल रहा है, बारिश की चर्चा हो रही है। मौसम विभाग ने 3 से 4 दिन दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश बताई है, अन्य राज्यों को येलो अलर्ट भी किया गया है। लोकेशन: दिल्ली। स्थिति: राजधानी दिल्ली में तीसरे दिन भी बारिश हो रही है, मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तीन से चार दिन तेज बारिश की भविष्यवाणी की है। अन्य राज्यों को येलो अलर्ट जारी है। दिल्ली में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में वॉटर लॉगिंग की समस्या खड़ी हो गई है। धौला कुआ इलाके में बारिश से जनता परेशान है। दिल्ली में तीसरे दिन बारिश ने जनता की सरकार की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ी बात है दिल्ली में बिर्कीस सम्मेलन होना है; देश-विदेश से मेहमान आएंगे; दिल्ली में बिर्कीस सम्मेलन होना है, आला अधिकारियों की मीटिंग का दौर चल रहा है, बारिश की चर्चा हो रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने हर सफाई करने वाली एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए, बिर्कीस सम्मेलन आते रास्ते पानी जमा ना हो, सफाई की जाए
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NGT ने जयपुर में ग्रीन टैक्स के इस्तेमाल पर सख्त निर्देश, GRAP जल्द लागू

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के वायु प्रदूषण पर NGT सख्त,2283 करोड के ग्रीन टैक्स के इस्तेमाल पर उठाए सवाल\n\nजयपुर-पिंकसिटी में वायु प्रदूषण को लेकर एनजीटी ने संज्ञान लिया है. वाहनों से वसूले जा रहे ग्रीन टैक्स के इस्तेमाल को लेकर एनजीटी ने सख्त टिप्पणी की है.इसके साथ ही प्रदूषण वाले इलाकों में सख्त निगरानी के निर्देश देते हुए शहर में ग्रेप लागू करने के आदेश दिए..क्या जयपुर में ग्रेडेड रिस्पॉंस एक्शन प्लान लागू हो पाएगा...देखे इस रिपोर्ट में! \n\n10 साल में मिले ₹2,283.97 करोड़ ग्रीन टैक्स-\nजयपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण और वाहनों से वसूले जा रहे ग्रीन टैक्स के इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने राजस्थान सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। ग्रीन टैक्स की राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान संयुक्त समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि पिछले 10 वर्षों में राजस्थान के परिवहन,सड़क सुरक्षा विभाग को ₹2,283.97 करोड़ की ग्रीन टैक्स राशि प्राप्त हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इस राशि का कुछ हिस्सा बसों के संचालन, संचालन संबंधी घाटे की भरपाई और कर्मचारियों,ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए आवंटित किया गया।\nNGT ने इस तरह के इस्तेमाल को राजस्थान ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (RTIDF) के अधिसूचित उद्देश्यों के अनुरूप नहीं माना। अधिकरण ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ग्रीन टैक्स से प्राप्त राशि का कथित तौर पर इस तरह इस्तेमाल किया जाना वर्ष 2012 में जारी अधिसूचना के अनुरूप नहीं है।\nजयपुर में प्रदूषण के प्रमुख स्रोत-\nअधिकरण ने जयपुर में वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर भी विचार किया. रिकॉर्ड के अनुसार सड़क और मिट्टी की धूल, वाहनों का उत्सर्जन, बायोमास जलाना, नगर ठोस कचरा जलाना, कोयला एवं फ्लाई ऐश, औद्योगिक गतिविधियां और निर्माण कार्य प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं. NGT ने सड़क और मिट्टी की धूल को विशेष रूप से महत्वपूर्ण प्रदूषण स्रोत माना. साथ ही खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत बताई।\nप्रदूषण वाले इलाकों की होगी निगरानी-\nNGT ने जयपुर के अलग-अलग क्षेत्रों की पर्यावरणीय गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्रों की समय रहते पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई करना है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण पाए जाने पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।\nGRAP लागू करने के निर्देश-\nअधिकरण ने जयपुर के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) तैयार कर जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा डीजल जनरेटर का इस्तेमाल कम करने और सौर ऊर्जा आधारित विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना बनाने को कहा गया है। अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में कच्ची और बिना पक्की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का करने तथा धूल नियंत्रण के लिए वैक्यूम-असिस्टेड स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।\nइलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के निर्देश-\nNGT ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र यानी PUC केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उद्योगों को स्वच्छ ईंधन जैसे CNG और LPG इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। इसके साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन सुनिश्चित करने और ऐसे यातायात चौराहों की पहचान करने के निर्देश दिए गए जहां बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट से प्रदूषण कम किया जा सकता है।\nग्रीन टैक्स सिर्फ निर्धारित उद्देश्यों पर खर्च होगा-\nNGT का सबसे अहम निर्देश राजस्थान के परिवहन विभाग को लेकर है। अधिकरण ने RTIDF नियम, 2012 का कड़ाई से पालन करने और ग्रीन टैक्स से प्राप्त राशि का इस्तेमाल केवल अधिसूचित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि इन उद्देश्यों में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपाय भी शामिल हैं। इन निर्देशों के साथ NGT ने मूल आवेदन का निस्तारण कर दिया।\nनोट-इस खबर की फीड ओएफसी से BJPR_POLLUTION_R स्लग से भेजी गई है।
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