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स्वतंत्रता दिवस के पूर्व बीजेपी का हर घर तिरंगा अभियान
Mungeli, Chhattisgarh:मुंगेली में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजेपी 'हर घर तिरंगा अभियान' और 'विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस' मनाने जा रही है। यह अभियान 11 अगस्त से शुरू होगा और तीन दिन चलेगा। 14 अगस्त को विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस भी मनाया जाएगा। बीजेपी के जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में धरसीवां विधायक अनुज शर्मा और क्षेत्रीय विधायक पुन्नूलाल मोहले समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। पूरे प्रदेश में हर घर पर तिरंगा फहराया जाएगा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।
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टेहरी रोड पर नया विकास कार्य शुरू
Noida, Uttar Pradesh:टेहरी रोड0
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प्रतापगढ़ के मोहर्रम जुलूस में तलवारबाज़ी और आग के करतब, वीडियो वायरल
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर में 7 मोहर्रम पर निकला अलम का जुलूस इस बार सिर्फ अकीदत और एहतराम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। बड़ीदरवाजा से निकले जुलूस के दौरान जब बुरखा पहने कलाकार हाथों में चमचमाती तलवारें लेकर मैदान में उतरे तो कुछ पल के लिए लोगों की निगाहें वहीं ठहर गईं। बुरखे में तलवारबाजी, लाठी संचालन और हैरतअंगेज दांव-पेंच का प्रदर्शन देखते ही देखते आकर्षण का केंद्र बन गया। अब इन करतबों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जुलूस में शामिल रतलाम के लश्कर-ए-72 अखाड़ा दल ने अपनी विशेष प्रस्तुतियों से माहौल को रोमांच से भर दिया। काले बुरखे में कलाकारों ने जिस फुर्ती और संतुलन के साथ तलवारें घुमाईं, उसे देखकर भीड़ ने तालियों और नारों से उनका उत्साहवर्धन किया। कई लोग अपने मोबाइल कैमरों में इन पलों को कैद करते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुरखे में तलवारबाजी का प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके अलावा अखाड़े के कलाकारों ने ट्यूबलाइट पर छलांग लगाने, आग के बीच से मोटरसाइकिल निकालने और अन्य साहसिक करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। देर रात तक मार्गों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर सराहना की। जुलूस बड़ीदरवाजा क्षेत्र से शुरू होकर भाटपुरा होते हुए बावड़ी मोहल्ला पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की। समाजजनों ने रतलाम से पहुंचे अखाड़ा दल का साफा बांधकर स्वागत भी किया। गौरतलब है कि शहर में 10 दिवसीय मोहर्रम पर्व के तहत विभिन्न क्षेत्रों से अलम के जुलूस निकाले जा रहे हैं। मोहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख को ताजियों के जुलूस शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला (गांधी चौराहा) पहुंचेंगे, जहां पारंपरिक रस्मों के साथ उनका समापन होगा। मोहर्रम कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला पर्व है। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी, सब्र और इंसाफ के संदेश को याद करते हुए प्रतापगढ़ में यह पर्व श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है।0
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लखनऊ हादसे के बाद बीकानेर में कोचिंग केंद्रों में सुरक्षा मानकों की कड़ी जाँच
Bikaner, Rajasthan:लखनऊ में हुए कोचिंग हादसे के बाद अब बीकानेर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहरभर में कोचिंग संस्थाओं के निरीक्षण का अभियान शुरू कर दिया है इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं और फायर सेफ्टी मानकों की गहन जांच की जा रही है नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी के निर्देश पर गठित टीमों ने बुधवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया इसी क्रम में जवाहर नगर क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की जांच के दौरान फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित कोचिंग संस्थान को नोटिस जारी किया गया है नगर निगम अधिकारियों ने संस्थान संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी नगर निगम की टीमें शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों का भी लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।0
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कोटा के धर्मांतरण मामले पर मंत्री मदन दिलावर ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया
Kota, Rajasthan:कोटा में धर्मांतरण के मामले पर बोले शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री राजस्थान सरकार श्री मदन दिलावर. सख्त से सख्त कार्रवाई होगी कानून के शिकंजे से कोई नहीं बच पाएगा.0
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जयपुर गोविंद देव जी मंदिर में निर्जला एकादशी पर आग सुरक्षा उपकरण सवाल
Jaipur, Rajasthan:एंकर- जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में निर्जला एकादशी पर आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहा। दिनभर में 2.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। लेकिन लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच सुरक्षा इंतजामों की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली सामने आई। जी मीडिया की पड़ताल में मंदिर परिसर में लगे कई फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता अवधि खत्म मिली। यानी जिस समय सबसे ज्यादा भीड़ मंदिर में थी, उसी समय आग जैसी आपात स्थिति से निपटने वाले कुछ उपकरण भरोसे के लायक नहीं मिले। निर्जला एकादशी पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें जलेबी चौक तक पहुंच गई थीं। मंदिर के बाहर और अंदर भारी भीड़ रही। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था जरूर की गई थी, लेकिन मंदिर के अंदर लगे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पड़ताल में सामने आया कि मंदिर परिसर में लगे कई अग्निशमन सिलेंडरों पर जांच और वैधता अवधि जनवरी 2026 तक दिखाई गई थी। इसके बाद इनका नवीनीकरण नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर भीड़भाड़ के बीच कोई अप्रिय घटना होती है तो क्या ये उपकरण तत्काल काम कर पाएंगे....गोविंददेवजी मंदिर जयपुर ही नहीं, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सामान्य दिनों में भी यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बड़े पर्वों पर संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में फायर सेफ्टी इंतजामों की नियमित जांच और मेंटेनेंस बेहद जरूरी है। सीएफओ देवेन्द्र मीना ने कहा की मंदिर की फायर एनओसी नहीं है। अग्निशमन यंत्र मंदिर प्रबंधन ने अपने स्तर पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाती है। अन्य बड़े मंदिरों की तर्ज पर यहां भी मॉकड्रिल होनी चाहिए और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। समय-समय पर मंदिर प्रबंधन को जांच के लिए पत्र लिखना चाहिए। सवाल यही है जब मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं तो क्या सुरक्षा इंतजाम भी उतने ही मजबूत हैं?0
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मानसून से पहले SDRF ने राजस्थान के 35 जिलों में 70 रेस्क्यू टीमें रवाना कर दीं
Noida, Uttar Pradesh:मानसून से पहले अलर्ट पर SDRF: राजस्थान के 35 जिलों में रवाना की गईं 70 रेस्क्यू टीमें; कमान्डेंट सिसोदिया ने दिखाई हरी झंडी • आधुनिक उपकरणों से लैस होकर मैदान में उतरे जवान; जयपुर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा 8 और भरतपुर में तैनात रहेंगी 7 टीमें जयपुर 25 जून। आगामी मानसून सत्र के दौरान राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल ने कमर कस ली है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और आपदा जोखिम को न्यूनतम करने के लिए आज 25 जून को एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से गठित कुल 70 रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावी 35 जिलों के लिए रवाना किया गया है। जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से राज्य आपदा प्रतिसाद बल के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने इन टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जयपुर के अलावा अन्य जिलों में तैनात होने वाली रेस्क्यू टीमों को संबंधित कंपनी मुख्यालयों से कंपनी प्रभारियों द्वारा रवाना किया गया है। कमान्डेंट सिसोदिया ने बताया कि अत्यधिक वर्षा, जलभराव और नदियों/बांडों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ की स्थिति में नागरिकों का जीवन बचाना एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्यभर में तैनात की जा रही इन 70 रेस्क्यू टीमों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है, जिसमें मोटरबोट और लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और डीप डाइविंग उपकरण और आधुनिक खोज-बचाव उपकरण और संचार साधन शामिल है। यह टीमें धरातल पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत कार्य संपादित करेंगी। गत वर्ष 1,237 लोगों को मिला था जीवनदान बाढ़ राहत में एसडीआरएफ के ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करते हुए कमान्डेंट ने बताया कि गत वर्ष मानसून के दौरान 21 जून 2025 से 11 अक्टूबर 2025 तक बल के जांबाजों ने राज्य में 333 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स चलाकर 1,237 लोगों की जान बचाई थी। इस बार भी टीमों को रवाना करने से पूर्व सावधानीपूर्वक और एसओपी के अनुरूप रेस्क्यू ऑपरेशन संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं。 जयपुर और भरतपुर संभाग में सर्वाधिक मुस्तैदी, देखें आपके जिले में कितनी टीमें एसडीआरएफ मुख्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार राज्य के सभी संवेदनशील और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में टीमों का रणनीतिक नियोजन किया गया है। इस तैनाती के तहत प्रदेश की राजधानी जयपुर आयुक्तालय में सर्वाधिक 8 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। इसके बाद बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले भरतपुर जिले में 7 टीमें और हाड़ौती अंचल के कोटा जिले में 6 रेस्क्यू टीमों को मोर्चा संभालने के लिए भेजा गया है。 इसी प्रकार संभाग मुख्यालयों और बड़े जलीय क्षेत्रों वाले जिलों में भी विशेष नजर रखी जा रही है। इसके तहत उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में 3-3 रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में 2-2 रेस्क्यू टीमों को तैनात कर सुरक्षा चक्र मजबूत किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों की भौगोलिक स्थिति और नदी-नालों के जलस्तर को देखते हुए 1-1 रेस्क्यू टीम की तैनाती की गई है। इन जिलों में दौसा, अलवर, डूंगरपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी, सलूम्बर, ब्यावर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, फलोदी, सिरोही, पाली, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर शामिल हैं। इस प्रकार राज्य के कुल 35 चिन्हित जिलों तक पहुँच बनाई गई है।0
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36 साल बाद मसूमा के भैरव मंदिर में फिर से धूम: उपराज्यपाल ने किया दर्शन
Chaka, 36 साल के लंबे अंतराल के बाद श्रीनगर के मसूमा इलाके में फिर से मंदिर की घंटियाँ बजीं—यह इलाका कभी भारत-विरोधी राजनीति और आतंकवाद का मुखि केंद्र हुआ करता था। यह मौका आचार्य अभिनवगुप्त की जयंती का था। श्रीनगर के मसूमा इलाके में स्थित श्री आनंदेश्वर भैरव नाथ आस्थापन में 36 साल के अंतराल के बाद एक भव्य रुद्राभिषेक समारोह और विशेष सामूहिक प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। यह कार्यक्रम महान कश्मीरी शैव दार्शनिक शिवाचार्य अभिनवगुप्त की जयंती के अवसर पर भी आयोजित किया गया था। श्रीनगर के मसूमा में हाल ही में हुआ यह कार्यक्रम स्थानीय कश्मीरी पंडित समुदाय और घाटी के सामाजिक-धार्मिक ताने-बाने के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। स्थानीय निवासियों और अपनी जड़ों की ओर लौटने वाले कश्मीरी पंडित, सभी ने मिलकर इस कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित किया। मंदिर और उसके आस-पास का इलाका वैदिक मंत्रों और मंदिर की घंटियों की गूंज से भर गया। इस कार्यक्रम का भावनात्मक महत्व श्रीनगर के मसूमा इलाके में इतनी बड़ी पूजा-अर्चना का आयोजन होना। 1980 के दशक के अंत में घाटी में आतंकवाद और भारत-विरोधी राजनीतिक अशांति फैलने के बाद, मसूमा क्षेत्र एक अत्यंत संवेदनशील हॉटस्पॉट बन गया था। मंदिर परिसर में सभी आधिकारिक धार्मिक गतिविधियाँ 1990 में पूरी तरह से बंद हो गईं, हालांकि मंदिर खुला रहा। 36 साल की खामोशी के बाद, आज मंदिर में फिर से आस्था के रंग देखने को मिले। कश्मीरी पंडित दिलीप लंगू ने कहा, "ये भैरव हैं; ये मुख्य हैं—जिनका आह्वान सबसे पहले किया जाता है। ये हमारे आराध्य देवता हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनकी स्थापना हारि पर्वत और माता शारिका के आगमन के समय ही हुई था; इस स्थल के चारों ओर आठ भैरव हैं जो श्रीनगर की रक्षा करते हैं। वे इस स्थान के रक्षक हैं। इस मंदिर का हजारों वर्षों पुराना अस्तित्व है। वे अभिनवगुप्त के भी आराध्य देवता थे, जिन्होंने यहीं ज्ञान प्राप्त किया था। कश्मीर अंधकार के बादलों में डूब गया था; उन बादलों में से आधे अब छाट गए हैं, हालांकि आधे अभी भी बाकी हैं।" इस कार्यक्रम का भावनात्मक महत्व श्रीनगर के मसूमा इलाके में इतनी बड़ी पूजा-अर्चना का आयोजन होना। 1980 के दशक के अंत में घाटी में आतंकवाद और भारत-विरोधी राजनीतिक अशांति फैलने के बाद, मसूमा क्षेत्र एक अत्यंत संवेदनशील हॉटस्पॉट बन गया था। मंदिर परिसर में सभी आधिकारिक धार्मिक गतिविधियाँ 1990 में पूरी तरह से बंद हो गईं, हालांकि मंदिर खुला रहा। 36 साल की खामोशी के बाद, आज मंदिर में फिर से आस्था के रंग देखने को मिले। नमी टिकू शर्दल ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है; इतने सालों बाद यह पूजा हो रही है—खासकर इसी जगह पर। यह ऐसा ही रहना चाहिए; यह हमारे लिए अच्छा है। हम हमेशा यहीं थे और कभी कहीं नहीं गए, हालांकि हम यहाँ आते रहते थे और जगह को वीरान पाते थे। आज यह नया माहौल देखकर बहुत खास लग रहा है; अब चीजें ऐसी ही रहनी चाहिए। हालात में बहुत बड़ा बदलाव आया है।" इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हुए; उन्होंने पूजा-अर्चना की और इलाके में लगातार शांति, तरक्की और भाईचारे के लिए प्रार्थना की। पिछले तीन दशकों में यह पहली बार था जब जम्मू-कश्मीर के किसी प्रमुख ने इस मंदिर का दौरा किया। यह मंदिर सिर्फ् एक स्थानीय तीर्थस्थल नहीं है, बल्कि कश्मीर शैव दर्शन में भी इसकी अहम भूमिका है। स्थानीय इतिहास के अनुसार, 9वीं सदी के महान दार्शनिक आचार्य अभिनवगुप्त ने इसी पवित्र मंदिर परिसर में अपनी कुछ बेहतरीन शैव भक्ति स्तुतियाँ (भैरव स्तोत्र) रची थीं। 1400 साल पुराना यह हिंदू मंदिर श्रीनगर के मसूमा इलाके में भैरव मंदिर मार्ग पर स्थित है। कश्मीर में सांप्रदायिक सद्भाव और कश्मीर के पुराने भाईचारे का एक नया अध्याय फिर से शुरू हो रहा है। कश्मीर में सिर्फ 12 दिनों में आठ बड़े मंदिर फिर से खुल गए हैं। पिछले एक महीने में, 50,000 से ज़्यादा कश्मीरी पंडितों और देश भर के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने इन ऐतिहासिक मंदिरों में पूजा-अर्चना की है। एक्टिविस्ट वंदना दफ्तरी ने कहा, "यह बदलाव बहुत अच्छा है; मंदिर खुल रहे हैं और कश्मीरी पंडित वापस आ रहे हैं—आखिरकार, बिना किसी के दर्शन किए मंदिरों का खुलना सही नहीं होता। प्रशासन मंदिरों को फिर से खोलने के साथ-साथ उनके जीर्णोद्धार के लिए भी सराहनीय प्रयास कर रहा है, और इलाके से बाहर रहने वाले कश्मीरी पंडित वापस आ रहे हैं। यह एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है; जहाँ कभी पत्थरबाजी होती थी, वहाँ अब प्रार्थनाएँ हो रही हैं। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है—यह प्रथम भैरव मंदिर है और आज अभिनवगुप्त जयंती है। आज यहाँ प्रार्थना होते देखना अद्भुत था, और उपराज्यपाल का दौरा भी दिल को छू लेने वाला था। मुझे उम्मीद है कि यह सकारात्मक चलन जारी रहेगा और हमारा क्षेत्र शांति और भाईचारे की ओर बढ़ेगा।" इसके अलावा, प्रगाश हेरिटेज ग्रुप के बैनर तले देश और दुनिया भर से आए कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में इन ऐतिहासिक मंदिरों का दौरा किया और अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कश्मीर में कई मंदिरों का फिर से खुलना और कश्मीरी पंडितों का रीति-रिवाजों और हवन में भाग लेना—साथ ही मंदिरों की घंटियों की गूंज—साफ तौर पर बदलते माहौल का संकेत देते हैं और कश्मीरी पंडितों की वापसी की उम्मीद जगाते हैं। वे सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं; वे मानते हैं कि कश्मीर में वास्तविक बदलाव आया है।0
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फ़र्ज़ी वीडियो का सच सामने: भगवंत मान का वीडियो मास्क लगाकर बनवाया गया
Noida, Uttar Pradesh:फ़र्ज़ी वीडियो का सारा सच बाहर आ गया है। भगवंत मान जी का फ़र्ज़ी वीडियो मास्क लगवाकर बनाया गया था। अब ये ED पार्टी, चिट्टा पार्टी और झगड़ा पार्टी पंजाब में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। पंजाब के लोग इस घटिया हरकत के लिए इन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे。0
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आलोक कुमार: राम मंदिर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग, राज्य-संगठन की प्रतिक्रिया
Delhi, Delhi:विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जी मीडिया से बातचीत में कहा कि जो कुछ हुआ उससे हमे भी आघात लगा है। आरोप लगने के बाद SIT की जांच कर रही है। हम ना तो अंग्रेजों से लड़ रहे थे ना मुगलों से—we कांग्रेस और इन विपक्ष के नेताओं से ही लड़ रहे थे राम मंदिर निर्माण को लेकर क्योंकि इन्होंने ही राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए थे। संम्पत राय पर बोले विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार चंपत राय जी बहुत सकुशल और संयम बरतने वाले व्यक्ति हैं। वह खुद फैसला करेंगे कि उनका इस्तीफा देना है या नहीं। अभी जांच चल रही है, जहाज में कुछ तथ्य सामने आए हैं; हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि सभी भक्तों का जो विश्वास है वह बना रहे। 2027 विधानसभा चुनाव है इसलिए राजनीतिक हो रही है—अखिलेश यादव हो या संजय सिंह हो, यह वही लोग हैं जिन्होंने राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। जो दान आया है उसके कई वीडियो सामने आए हैं; कैग को लेकर भी एक वीडियो सामने आया जिसमें मंदिर में उसकी पूजा हो रही है; व्हाट्सएप पर हर चीज पर विश्वास नहीं कर लेना चाहिए0
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मुहर्रम के अलम का जुलूस निकाल मांगी अमन-चैन और भाईचारे की दुआ
Bugrasi, Uttar Pradesh:मुहर्रम के अवसर पर बुगरासी कस्बे में अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। जुलूस कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से गुजरा। बुधवार रात जुलूस का शुभारंभ वरिष्ठ चिकिक एवं समाजसेवी डॉ. इदरीस ने किया। उन्होंने कहा कि मुहर्रम हमें सत्य, न्याय, त्याग और इंसानियत के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने हजरत इमाम हुसैन के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही पूरे विश्व में शांति की दुआ की। गरीबों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने को कहा गया। इस दौरान या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं तथा लोगों ने अलम के दर्शन किए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के समापन पर लोगों ने एक-दूसरे को भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। इस दौरान शब्बीर अंसारी, भुट्टू अंसारी, डॉ. दिलशाद, आरिफ मलिक, अकरम मास्टर जी, सदाकत अली, रिफाकत अली आदि सहित अनेक गणमान्य लोग रहे।0
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धनबाद के पाथरडीह विद्युत स्टेश पर चार युवकों से मारपीट, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के पाथरडीह थाना क्षेत्र के सेल चासनाला ईएमई विभाग अंतर्गत विद्युत सब-स्टेशन में कार्यरत एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना के बाद आक्रोश फैल गया है. घटना के विरोध में सेल कर्मियों और अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. देर रात करीब 12 बजे चार युवक विद्युत सब-स्टेशन पहुंचे और वहां कार्यरत सत्यजीत राय के साथ मारपीट की. मारपीट में सत्यजीत राय गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात सामने आ रही है. आरोप है कि कांड्रा के चार युवकों ने सत्यजीत राय के साथ लात-घूंसों से जमकर मारपीट की और उनका सोने का चेन व मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए. घटना के बाद सेल कर्मियों और अधिकारियों में आक्रोश है. कर्मचारियों ने कामकाज का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कर्मियों का कहना है कि इस तरह की घटना से सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बन गया है. सेल प्रबंधन की ओर से पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की गई है. कर्मचारियों ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.0
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कुलगाम में गजर-बकरवाल सम्मेलन, Tribal मुद्दों के समाधान की मांग
Kulgam, کولگام: گجر بکروال کانفرنس منعقد، قبائلی مسائل کے حل کا مطالبہ اینکر: کولگام میں سابق وزیر چودھری اعجاز احمد خان کی سربراہی میں ایک اہم گجر بکروال کانفرنس کا انعقاد کیا گیا جس میں ضلع بھر سے درجنوں قبائلی افراد اور مختلف گجر رہنماؤں نے شرکت کی۔ کانفرنس سے خطاب کرتے ہوئے مقررین نے گجر اور بکروال برادری کو درپیش مسائل پر تفصیلی روشنی ڈالی۔ اس موقع پر مقررین نے کہا کہ قبائلی طبقہ آج بھی بنیادی سہولیات، تعلیم، صحت اور روزگار سمیت مختلف شعبوں میں مشکلات کا سامنا کر رہا۔ مقررین نے موجودہ حکومت پر زور دیا کہ ٹرائبل کمیونٹی کے مسائل کے حل کے لیے سنجیدہ اقدامات کیے جائیں اور ان کے جائز مطالبات کو فوری طور پر پورا کیا جائے تاکہ قبائلی عوام کو درپیش مشکلات کا ازالہ ہو سکے۔ کانفرنس میں شرکاء نے قبائلی برادری کے حقوق کے تحفظ اور ان کی فلاح و بہبود کے لیے مشترکہ جدوجہد جاری رکھنے کے عزم کا اظہار بھی کیا۔0
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25 टन नारियल डील के नाम पर धोखाधड़ी: फर्रुखाबाद से 2 आरोपी गिरफ्तार
Panna, Madhya Pradesh:25 टन नारियल सप्लाई के नाम पर ₹7.50 लाख की साइबर ठगी करने वाले 2 आरोपियो को फर्रुखाबाद उ.प्र. से किया गया गिरफ्तार, 03 मोबाइल फोन सहित 4.95 लाख नगद बरामद। Just Dial पर फर्जी आईडी बनाकर, व्यवसायियों के व्हाट्सएप ग्रुपों से डाटा चोरी कर, सायबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। NCRP PORTAL मे देश के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 25 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्रान्तर्गत सायबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए 02 आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। प्रेस कांफ्रेस में जानकारी देते हुए पन्ना पुलिस कप्तान निवेदिता नायडू ने बताया कि फरियादी भागवत प्रसाद विश्वकर्मा ने 25 टन नारियल खरीदने के लिए बाजार एप पर आवश्यकता दर्ज की थी। 27.01.2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को KERALA FORTUNE TRADERS का प्रतिनिधि बताकर 25 टन नारियल ₹7,50,000 में उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। दस्तावेज, GST नंबर, ट्रक और चालक के दस्तावेज भेजकर फरियादी का विश्वास जीता गया। बैंक खातों में कुल ₹7,50,000 जमा कर दिए गए; रकम मिलने के बाद ठगों ने फोन कर दिया और नारियल फरियादी तक नहीं पहुंच पाया। थाना देवेन्द्रनगर में अपराध क्रमांक 63/2026 धारा 318(4) दर्ज किया गया। पुलिस टीम अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी 27.01.2026 को फर्रुखाबाद ले गए जहाँ अन्य साथियों ने बताया कि जाल में फँस गया व्यक्ति बैंक खाता दे दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि Just Dial के माध्यम से मोबाइल नंबरों पर कॉल कर धोखाधड़ी करते हैं। 02 आरोपियों की पहचान है: अमित राजपूत पुत्र गिरीश चंद्र, ग्राम चाचूपुर थाना राजेपुर जनपद फतेहगढ़-जिला फरूखाबाद उ.प्र; राम सिंह पुत्र रामरूप, नगला केवल थाना राजेपुर जनपद फतेहगढ़ उ.प्र; 02 अन्य आरोपी शिवम ठाकुर निवासी थाना राजेपुर जनपद फतेहगढ़ उ.प्र और शिवम श्रीवास्तव निवासी नोयडा-दिल्ली अभी फरार हैं।0
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खरगोन नगरपालिका ने 29 जर्जर भवन गिराने के लिए बुलडोजर चला दिए
Khargone, Madhya Pradesh:प्री-मानसून की दस्तक के साथ नगर पालिका ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। सीएमओ कमला कोल के निर्देश पर नगर पालिका की टीम बुलडोजर लेकर शहर में निकली। नगरपालिका ने शहर में 29 जर्जर व खतरनाक भवनों को चिन्हित कर उन्हें आठ दिन पहले नोटिस दिए थे। आज आठ दिन बाद नगरपालिका ने जेसीबी मशीन से इन जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही शुरू की। स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते के नेतृत्व में लोक निर्माण, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम चिन्हित मकानों को गिराने करने शहर में निकली। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया नगरपालिका द्वारा पूर्व में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भवन नहीं हटाए जाने पर कदम उठाया गया है। जिससे बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके।0
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हनुमान घाट सोनार मंडी में शॉर्ट सर्किट से हड़कंप, बिजली व्यवस्था पर सवाल
Jaunpur, Uttar Pradesh:हनुमान घाट सोनार मंडी में शॉर्ट सर्किट से मचा हड़कंप, बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल जौनपुर। नगर के हनुमान घाट स्थित सोनार मंडी क्षेत्र में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट से अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। विद्युत लाइन से निकली तेज चिंगारियों और धमाके जैसी आवाजों से आसपास के दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शॉर्ट सर्किट की घटना इतनी गंभीर थी कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकल आए और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी। क्षेत्रीय व्यापारियों का आरोप है कि इलाके में विद्युत तारों और उपकरणों की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। उनका कहना है कि आए दिन शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग의 कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर तारों और उपकरणों को नहीं बदला गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।0
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