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Dronacharya DubeyDronacharya DubeyFollow25 Sept 2024, 04:55 pm
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आज़मगढ़ में तेज ट्रक से ऑटो टकराने से दो मौत, चार घायल

Azamgarh, Uttar Pradesh:तेज रफ्तार ट्रक की ऑटो में टक्कर, ऑटो आगे खड़े ट्रक में घुसा, मां-मासूम बेटे की मौत, 4 की हालत गंभीर, वाराणसी रेफर। जनपद आज़मगढ़ में देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कंजाहित में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें मां और बेटे समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दूसरे ट्रक में जा घुसा। वहीं इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बताया जा रहा कि वाराणसी जिले के मीरापुर बसही गांव निवासी रमेश प्रसाद का परिवार अंबेडकरनगर जिले के बसखारी में मकदूम साहब का दर्शन कर आजमगढ़ रास्ते से होते हुए ऑटो पर सवार वाराणसी की ओर जा रहे थे। जहां जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र में कंजाहित बाजार के पास ऑटो चालक को झपकी आई और उस दौरान ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में पीछे से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सौ शैय्या चिकित्सालय लालगंज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में सुष्मिता देवी तथा बेटा कल्लू (4 वर्ष) के रहे। जबकि हादसे में घायल जय साहनी, परी, सूखादेवी तथा शिला को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हेतु आजमगढ़ भेजा गया, इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
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गहलोत का सरकार पर हल्ला: आदर्श क्रेडिट घोटाला और रिफाइनरी हादसे पर दावे

Jaipur, Rajasthan:जयपुर नोट- सर से पूछ के चलाएं, वेब कॉपी भी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राज्य और केंद्र सरकार पर हमला महिला आरक्षण, रिफाइनरी सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले को लेकर बोले गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में घोटाला हुआ,, नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में PC भी की विधानसभा में भी मामला उठाया, निवेशकों की आंखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है सरकार ने इस मामले में अनदेखी की, जो वकील सरकार का केस लड़ रहे हैं उन्हीं से जुड़ी हुई फर्म आरोपियों की पैरवी कर रही है। गहलोत ने आरोप लगाए कि वकील शिवमंगल की भूमिका पर सरकार को विचार करना चाहिए। सरकार को 22 लाख लोगों की चिंता होनी चाहिए। इंतज़ारशास्त्र को लेकर बोले गहलोत। अशोक गहलोत ने इंतज़ारशास्त्र को लेकर कहा इंतज़ारशास्त्र से सरकार हिल गई,,, इंतज़ारशास्त्र से जुड़े मामले पब्लिक के थे.... पानी के ठेकेदारों के भुगतान बाकी हैं, गर्मी में प्रदेश की क्या स्थिति होगी,,, ठेकेदारों ने पानी रोको आंदोलन की चेतावनी दी है, करोड़ों के पेमेंट बाकी हैं RGHS में दवाई नहीं मिल रही है, सरकार इस योजना को विफल कर रही है। इंतज़ारशास्त्र को लेकर कहा बेरोजगार भर्ती का इंतज़ार कर रहे हैं, निकाय और पंचायत चुनाव का इंतज़ार हो रहा है, महिलाओं की कंप्लेंट दर्ज नहीं हो रही है, बोर्डों के अध्यक्ष नहीं बन रहे हैं, वो इंतज़ार कर रहे हैं, हमने FIR को कंपलसरी किया था, अन्नपूर्णा किट को बर्बाद कर दिया,, सरकार ने यह योजना बंद कर दी क्योंकि मेरी photo हटाकर भजन लाल जी की फोटो लगा देते हैं। गहलोत ने किसानों का कर्ज माफ करने की भी मांग की। रिफाइनरी में हुई घटना को लेकर गहलोत का बड़ा दावा गहलोत ने कहा मैंने ऑस्ट्रेलिया के एक्सपर्ट से बात की, उन्होंने कहा नई रिफाइनरी में आग नहीं लगती है, इसमें कहीं ना कहीं चूक हुई है या जल्दबाजी का दबाव हो, गहलोत ने कहा उन्होंने कई कारण बताए,, इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए,,, सोशल मीडिया पर किसी ने कुछ दिन पहले लिखा कि रिफाइनरी को बचा के रखना चाहिए, कहीं कोई घटना नहीं हो जाए, इस बात का उस घटना से कोई लेना-देना है या नहीं, यह अलग बात है लेकिन बातें सब लोगों की निगाहों में आती हैं। गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा रिफाइनरी को बीजेपी ने रोका, वसुंधरा राजे की सरकार में 4 साल रोका, हमारे समय में 80% काम हुआ निकाय और पंचायत चुनावों पर कहा निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर सरकार चुनाव नहीं करा रही है, राज्यपाल को राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी चाहिए,, सरकार को इतना क्या डर है, कोर्ट के कहने के बाद भी चुनाव नहीं करा रही है, सरकार को चिंता नहीं है। नोट- ये पूछ के चलाए गहलोत का तंज में कहा हवा में उड़ते हैं, इसलिए जमीनी स्थिति का पता नहीं है, उड़ाना भी चाहिए, राजस्थान बड़ा है, नया हेलीकॉप्टर मिल जाए तो बात ही क्या है, बार-बार अब दिल्ली से नहीं बुलाना पड़ता, सरकार की परेशानी कम हो गई है, उड़ते ही रहोगे तो उड़ते ही रह जाओगे, जमीन पर स्थिति बिल्कुल उल्टी है.... प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ गया है, सारे लोग प्रदेश में हमारी योजनाओं को याद कर रहे हैं। महिला आरक्षण मामले पर बोले गहलोत कहा महिला बोर्ड का अध्यक्ष तक नहीं है और सरकार महिलाओं की बात कर रही है विपक्ष ने एक होकर देश को बचा लिया है,, प्रधानमंत्री के देश के संबोधन को लेकर कहा कि संबोधन लोगों को समझने के लिए होता है, राजनीति के लिए नहीं होता है। महिला आरक्षण कानून 2023 में पास हो गया था, सबने मिलकर पास किया, अभी जो लेकर आए सरकार को मालूम था बिना विपक्ष के इसे पास नहीं कर सकते। महिला आरक्षण की बात नहीं थी, परिसीमन करना चाहते थे, परिसीमन का षड्यंत्र बहुत खतरनाक था, 850 सीटें करना चाहते थे,, 850 सीटों का परिसीमन आरएसएस और बीजेपी अपने हिसाब से कर दें तो? घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़, अरुण चतुर्वेदी ने राजस्थान में निगमों के परिसीमन में बर्बाद कर दिया। परिसीमन में छूट देने का विधेयक था। कांग्रेस कह रही है मौजूदा सीटों पर आरक्षण दे दीजिए अभी,,,, *गहलोत ने कहा OBC को आरक्षण दे दीजिए, काफी हद तक वो आपका वोट बैंक है, आपको मालूम पड़ जाएगा* 2011 की जनगणना का आधार बनाकर क्यों परिसीमन करना चाहते थे, सरकार की मंशा सत्ता में बने रहने की है, डेमोक्रेसी को खत्म करना चाहते हैं इस मामले को लेकर पूरे देश में डिबेट होनी चाहिए थी... अशोक गहलोत का मुख्यमंत्री पर तंज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए कहा मुख्यमंत्री कहते हैं, अशोक गहलोत कभी बीमार पड़ जाते थे, कभी उन्हें चोट लग जाती थी, मैं नहीं कहूंगा कि आपके वक्त में रिफाइनरी में आग लग गई, जैसलमेर में बस में लोग मर गए, एसएमएस हॉस्पिटल में आग लगने से लोग मर गए। मैं यह नहीं कहूंगा कि क्यों जगह-जगह आग लग रही है, संजीवनी मामले को लेकर बोले गहलोत गहलोत ने कहा 22 महीने लगे, तब भी जांच पूरी नहीं हो पाई थी, इन्होंने 4 महीने में ही जांच पूरी कर ली,, और क्लीन चिट दे दी,, एजेंसियों को इंडिपेंडेंस काम करना चाहिए, ED हो या SOG, कोई भी एजेंसियां हों, इनको निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए,, 4 महीने में इनक्वायरी पूरी कैसे हो गई होगी, आप समझ सकते हो, सरकार बदलते ही दबाव में आए होंगे,, केंद्रीय मंत्री थे, जोधपुर के थे, मेरा व्यक्तिगत उनसे कुछ नहीं था, मैंने तो 10 साल में एक शब्द उनके खिलाफ काम में नहीं लिया, यह घटना पब्लिक की थी, उस मामले में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री होने के नाते मेरी ड्यूटी बनती थी,,
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ग्लোবल राजस्थान एग्रीटेक मीट से कृषि निवेश बढ़ेगा; दिल्ली रोड शो 23 अप्रैल

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी, 2सी नोट- खबर में फीड के विजुअल भी उपयोग में लें। हैडर- - ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट - 23 अप्रैल को दिल्ली में होगा रोड शो - सीएम भजनलाल शर्मा होंगे शामिल - कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल भी रहेंगे मौजूद - कृषि आयुक्त बोले, यह महत्वपूर्ण आयोजन - इससे कृषि क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, रोजगार एंकर राजस्थान को कृषि नवाचार और निवेश का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार द्वारा ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट यानी ग्राम-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 23 से 25 मई तक जयपुर में होने वाले ग्राम के आयोजन से पूर्व दिल्ली में रोड शो आयोजित किया जाएगा। रोड शो 23 अप्रैल को कन्वेंशन हॉल, होटल द अशोक, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस रोड शो का उद्देश्य राज्य की प्रगतिशील कृषि नीतियों, निवेश की संभावनाओं और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है। साथ ही, यह आयोजन उद्योग, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों के साथ सार्थक साझेदारी को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम में कृषि, एग्रीटेक आदि क्षेत्रों से जुड़े नीति मार्गदर्शक, नीति निर्माता, उद्योगपति, कृषि स्टार्टअप्स, एफपीओ, प्रगतिशील किसान आदि भाग लेंगे। कृषि विभाग के आयुक्त नरेश गोयल ने बताया कि रोड शो के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा अनुभव साझा करने के लिए सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिसमें एग्रीटेक क्षेत्र में नवाचार, राज्य की कृषि क्षेत्र में रूपांतरण की रणनीति एवं विजन पर प्रकाश डाला जाएगा। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग
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राज्य सरकार की कन्या विवाह योजना के तहत 22 दंपतियों का विवाह Sambalpur में

Sambalpur, Odisha:ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ଜନ କଲ୍ୟାଣକାରୀ ‘ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କନ୍ୟା ବିବାହ ଯୋଜନା’ ଅଧୀନରେ ଆଜୀ ସମ୍ବଲପୁର ସ୍ଥିତ ଆଦିତ୍ୟ କଲ୍ୟାଣ ମଣ୍ଡପ ଠାରେ ଏକ ଭବ୍ୟ ବିବାହ ଉତ୍ସବ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଜିଲ୍ଲାର ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରୁ ଚୟନ ହୋଇଥିବା ୨୨ ଯୋଡା ବରବଧୂ ନିଜର ବୈବାହିକ ଜୀବନ ଆରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି।ଏହି ସମାରୋହରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ଓଡ଼ିଶାର ମାନ୍ୟବର ପଞ୍ଚାୟତିରାଜ ଓ ଗ୍ରାମ୍ୟ ଉନ୍ନୟନ ମନ୍ତ୍ରୀ ରବି ନାରାୟଣ ନାୟକ ନବବିବାହିତ ଦମ୍ପତିଙ୍କୁ ଶୁଭାଶିଷ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ମାନ୍ୟବର ପଞ୍ଚାୟତିରାଜ ଓ ପାନୀୟ ଜଳ ମନ୍ତ୍ରୀ ତାଙ୍କ ବକ୍ତବ୍ୟରେ ସରକାରଙ୍କ ଏହି ଯୋଜନାର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ସମ୍ପର୍କରେ ଆଲୋକପାତ କରିଥିଲେ। ସେ କହିଥିଲେ ଯେ, ସରକାରଙ୍କ ଏହି anukampaମୂଳକ ଯୋଜନା ସାଧାରଣ ଲୋକଙ୍କ ଜୀବନରେ ଖୁସି ଆଣିଦେବା ସହିତ ସମାଜରେ ଏକ ସକାରାତ୍ମକ ବାର୍ତ୍ତା ସୃଷ୍ଟି କରୁଛି।୨୦୪୪ ମସିହାରେ ଏକ ବିକଶିତ ଭାରତ ଏବଂ ୨୦୩୬ ମସିହାରେ ଓଡ଼ିଶାର ୧୦୦ ବର୍ଷ ପୂର୍ତ୍ତି ଅବସରକୁ ଦୃଷ୍ଟିରେ ରଖି ପ୍ରତ୍ୟେକ ପରିବାର ନିଜକୁ ସମାଜର ମୁଖ୍ୟ ସ୍ରୋତରେ ସାମିଲ କରିବା ପାଇଁ ସେ ଆହ୍ୱାନ ଜଣାଇଥିଲେ।ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଅନ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସମ୍ବଲପୁର ବିଧାୟକ ଜୟ ନାରାୟଣ ମିଶ୍ର, ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲାପାଳ ସିଦ୍ଧେଶ୍ୱର ବଳିରାମ ବୋନ୍ଦର, ସି ଡି ଓ କମ୍ ଇ ଓ ପ୍ରସନ୍ନ ପାତ୍ର, ଜିଲ୍ଲା ଶିଶୁ ସୁରକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଶ୍ରୀମତୀ ସୁଚିସ୍ମିତା ପଟ୍ଟନାୟକ ଏବଂ ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଭାପତି ଶ୍ରୀମତୀ କୁମୁଦିନୀ ନାୟକ ପ୍ରମୁଖ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ବରବଧୂ ଙ୍କୁ ଆଶୀର୍ବାଦ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ।ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନର ମିଳିତ ଆନୁକୂଳ୍ୟରେ ଏବଂ ସ୍ଥାନୀୟ ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ସମାଜ ଓ ନାଗରିକ ପରିଷଦର ସହଯୋଗରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମଟି ବେଶ୍ ଶୃଙ୍ଖଳିତ ଭାବେ ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଥିଲା। ବୈଦିକ ରୀତିନୀତି ଅନୁଯାୟୀ ବିବାହ କାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଥିଲା। ଅତିଥୀ ମାନେ ନବବିବାହିତ ଦମ୍ପତିଙ୍କ ସୁଖମୟ ଭବିଷ୍ୟତ କାମନା କରିବା ସହ ସରକାରଙ୍କ ଏଭଳି ପ୍ରୟାସକୁ ଭୂୟସୀ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ମାନ୍ୟବର କେନ୍ଦ୍ର ଶିକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନଙ୍କ ଏକ ଭିଡିଓ ବାର୍ତ୍ତା ମାଧ୍ୟମରେ ନବବିବାହିତ ଦମ୍ପତିମାନଙ୍କୁ କେବଳ ଆଶୀର୍ବାଦ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ଶେଷରେ ଜିଲ୍ଲା ଶିଶୁ ସୁରକ୍ଷା ଅଧିବାରୀ ଶ୍ରୀମତୀ ସରୋଜା ବେହେରା ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ଶେଷ କରିଥିଲେ।
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विद्युत महतो का कांग्रेस पर हमला: महिलाओं के अधिकार पर राजनीति का सबक

Chaibasa, Jharkhand:सांसद विद्युत वरण महतो ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को बताया महिला विरोधी, कहा चुनावों में महिलाएं इन राजनीतिक दलों को सिखाएंगी सबक चाईबासा के भाजपा कार्यालय में मंगलवार को जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के ऊपर जमकर निशाना साधा है. विद्युत वरण महतो ने कहा है कि महिलाओं उत्थान के लिए लायी जा रही बिल का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने विरोध कर आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है. इन राजनीतिक दलों के इस करतूत से उन्होंने अपने महिला विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना चाहते थे. यह कोई उपकार नहीं था बल्कि महिलाओं का अधिकार है. जिन पार्टियों ने इसका विरोध किया है, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा. देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही विपक्ष के झूठ को बेनकाब कर यह स्पष्ट कर दिया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा. समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दल धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर प्रक्रिया को टाल रहे हैं. भाजपा महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. 16 और 17 अप्रैल संसद में महिलाओं की भागीदारी का एक बड़ा अवसर था. लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ने इसे गिराकर आधी आबादी के नजरों में हमेशा के लिए गिर गया है. भाजपा विपक्षी दलों के इस आचरण का कड़ी निंदा करता है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं को संसद और विधानसभा से दूर रखना चाहते हैं. इनके राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर हो रही है. इन्होने देश की आधी आबादी को निज स्वार्थ के लिए बंधक बनाये रखा. पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए दलगत और व्यक्तिगत भावना से ऊपर उठकर सोचने की अपील की है. परिसीमन का उद्देश्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं है बल्कि जनसँख्या के अनुपात में संतुलित समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है. घटते जनाधार से घबराये विपक्षी दल देश के उत्तर दक्षिण विभाजन का खेल खेल रहे हैं. परिसीमन से दक्षिण भारत को कोई नुकसान नहीं है. टीएमसी की भी पोल खुल गयी है. अपने राज्य में हिंसा से महिलाओं की आवाज़ दबाने वाली पार्टी संसद में लोकतंत्र की बात कर रही है. सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि महिलाओं को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए पीएम मोदी पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे. और महिलाओं को उनका हक़ और अधिकार दिलाकर रहेंगे. आने वाले समय में अपने वोट की ताकत के साथ महिलाएं कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों को राजनीतिक हाशिये पर पहुंचा देगी. मौके पर चाईबासा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू, प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबिद आदि मौजूद थे.
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जयपुर जिला प्रशासन ने योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया

Jaipur, Rajasthan:एंकर- सरकारी योजनाएं कागजों पर तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आती हैं, लेकिन जमीन पर उनकी चाल अक्सर सुस्त पड़ जाती है। जयपुर में भी कुछ ऐसा ही फीडबैक सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने अब रफ्तार बढ़ाओ मोड ऑन कर दिया है। जिला कलक्टर संदेश नायक ने फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया अब आंकड़ों का खेल नहीं चलेगा, असली प्रगति दिखनी चाहिए। जिन विभागों की रैंकिंग नीचे है, उन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा गया है कि सुधार नजर आना चाहिए। बैठक में सामने आया कि कई योजनाओं में आवेदन तो हो रहे हैं, लेकिन प्रक्रियाओं में अटक रहे हैं। खासतौर पर एनएफएसए से जुड़ी फाइलें और ई-मित्रों पर लंबित आवेदन प्रशासन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। कलेक्टर ने साफ कहा जहां दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदन अटक रहे हैं, वहां जिम्मेदारी तय होगी। ऊर्जा विभाग की कुसुम योजना हो या लाडो प्रोत्साहन योजना कई योजनाओं में रफ्तार बढ़ाने की जरूरत बताई गई। वहीं स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में भी सुधार के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है। साथ ही ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ में लक्ष्य के अनुसार काम नहीं होने पर भी सख्ती दिखाई गई।
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कान्हा टाइगर रिजर्व में शावक बाघ की मौत, फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेंगे असली कारण

Mandla, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के मण्डला से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बाघ शावक की मौत ने वन विभाग और पार्क प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे हुई शावक की मौत… कान्हा टाइगर रिजर्व के जंगल से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां करीब 15 से 16 महीने के एक नर बाघ शावक का शव जंगल के भीतर एक नाले के किनारे मिला है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शावक पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और उसने खाना-पीना भी लगभग बंद कर दिया था। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी, लेकिन बीते दो दिनों से शावक का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। जिसके बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान आज उसका शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के अधिकारी और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की गई। तय प्रोटोकॉल के तहत शावक का पोस्टमार्टम किया गया और मौके का बारीकी से निरीक्षण किया गया। शव परीक्षण के बाद शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, वहीं बिसरा फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पिछले करीब 8 महीनों में कान्हा टाइगर रिजर्व में 8 बाघ और 5 तेंदुओं की मौत हो चुकी है, जो पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पार्क की डीएफओ अमिता केबी बताती है कि फिलहाल शावक की मौत की असली वजह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी, लेकिन लगातार हो रही वन्यजीवों की मौतें कहीं न कहीं सिस्टम पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर रही हैं।
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फर्जी मेडिकल रिपोर्ट से बाला जी सेंटर सील, जिले में हड़कंप

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। जिले के स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां वर्षों से कथित तौर पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के सहारे संचालित हो रहे बाला जी डायग्नोस्टिक सेंटर पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जांच के बाद यह कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सेंटर में बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी रिपोर्ट तैयार की जा रही थीं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। जाँच में एक अहम खुलासा यह भी हुआ कि डॉ प्रदीप कुमार ने 30 जून 2023 को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, बावजूद इसके उनके नाम का उपयोग कर लगातार रिपोर्ट जारी की जा रही थीं। इस तथ्य ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो यह गड़बड़ी केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं हो सकती। गंडई और सालेवारा क्षेत्र में भी इसी तरह की गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे जिले में फर्जी मेडिकल नेटवर्क के सक्रिय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कार्रवाई के बाद जहां आम लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है, वहीं यह मांग भी तेज हो गई है कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना अहम होगा कि यह कार्रवाई केवल एक केंद्र तक सीमित रहती है या फिर पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाती है।
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अमित गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट से पार्टी के भीतर नाराजगी जताई

Jaipur, Rajasthan:बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष की पीड़ा ? सोशल मीडिया पर लिखा- किसका करूं एतबार, किससे करें गिला ! बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष का दिल आखिर किसने तोड़ा ? शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा उजागर की है ! उसने लिखा कि करें किसका एतबार, किससे करें गिला ! सोशल मीडिया पर डाली यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है । महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद बीजेपी की ओर से महिला जन आक्रोश रैली निकाली गई। इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए बीजेपी महिला मोर्चा अध्यक्ष राखी राठौड़, मोर्चा उपाध्यक्ष और पदाधिकारियों के साथ बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष अमित गोयल को भी जिम्मेदारी दी गई। रैली में भीड़ जुटाने के लिए बड़े बड़े दावे किए गए… लेकिन ज़मीनी हकीकत ने कई सवाल खड़े कर दिए। इस रैली के बाद बीजेपी शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट डाल दी। गोयल ने पोस्ट में लिखा कि “करें किसका एतबार यहां सब अदाकार ही तो हैं… और गिला भी किससे करें सब अपने यार ही तो हैं…” इस पोस्ट के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ ही पार्टी हल्कों में भी चर्चा शुरू हो गई। लोग आपस में पूछने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सत्ता में बैठी पार्टी के शहर अध्यक्ष को अपने ही “यारों” पर तंज कसना पड़ा ? गोयल ने पार्टी में सबको ही कलाकार बता दिया और किसी पर भी भरोसा नहीं करने की की बात कही, वहीं यह भी लिख दिया कि गिला यानी शिकायत किससे करें, सब अपने ही हमदर्द हैं। सोशल मीडिया के साथ ही पार्टी कार्यालय में तरह तरह की चर्चा चल पड़ी। लोग इसे जन आक्रोश महिला सम्मेलन से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे। तैयारीयां बड़े स्तर पर की गईं, बैठकों का दौर चला और जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। सूत्रों के अनुसार बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष और पदाधिकारी ने हजारों महिलाओं को लाने का भरोसा दिलाया था। वहीं शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने भी करीब 70 बसें लाने का दावा किया था। जयपुर सहित आसपास की 10 विधानसभाओं में हर मंडल, वार्ड और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन जब पदयात्रा शुरू हुई, तो तस्वीर दावों से बिल्कुल उलट नजर आई। यहीं से सवाल खड़े होने लगे कि भीड़ जुटाने का दावा करने वाले कार्यकर्ता आखिर कहां गायब हो गए ?क्या कागज़ों में मजबूत दिखने वाला संगठन ज़मीन पर कमजोर पड़ गया? इसके बाद अमित गोयल की सोशल मीडिया पोस्ट ने इन सवालों को और हवा दे दी। उनके शब्द साफ इशारा करते हैं कि नाराजगी विपक्ष से नहीं, बल्कि अपने ही संगठन के लोगों से है। राजनीतिक गलियारों में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कार्यक्रम जल्दबाजी में किया गया, या फिर जिन कार्यकर्ताओं की लंबी सूची तैयार की गई थी, उनमें जमीनी पकड़ का अभाव था। राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि संगठन की ताकत का आईना होती है.
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