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हरियाणा में गर्मी का प्रकोप जारी, 29-31 मई को बारिश से राहत संभव

Hisar, Haryana:हरियाणा में गर्मी की तपिश फिर से बढ़ने लगी है और अगले कुछ दिनों तक राहत की कोई आसार नहीं है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉक्टर मदन खिचड़ ने जी मीडिया को विशेष बातचीत में बताया कि अगले चार दिनों में तापमान के लगातार बढ़ने की संभावना है। उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण एक बार फिर से गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में तीन डिग्री बढ़ोतरी का असर होगा। डॉ मदन खिचड़ ने बताया कि मौसम के मिजाज में फिलहाल बड़ी बात यह है कि 29 मई को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते एक और दो जून को हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्र में बारिश होगी, जिससे राहत की उम्मीद की जा सकती है।
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सुजानगढ़ में देवलाना तालाब पर वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का शुभारंभ

Churu, Rajasthan:चूरू विधानसभा सुजानगढ़ लोकेशन सुजानगढ़ स्थानीय संवाददाता राजकुमार चोटिया मोबाइल 9214650451 @rajkumarchotia3 सुजानगढ़। ब्लॉक स्तरीय वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का शुभारंभ गांव डूंगरास आथुना के देवलाना तालाब पर हो रहा अभियान का आगाज उपखंड अधिकारी अमीलाल यादव तहसीलदार अमरसिंह, विकास अधिकारी, प्रशासक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने किया है अभियान का शुभारंभ समारोह में मौजूद है अनेक ग्रामीण सुजानगढ़। क्षेत्र के गांव डूंगरास आथुना में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का आगाज हुआ, गांव के देवलाना तालाब पर आयोजित कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी अमीलाल यादव तहसीलदार अमर सिंह, विकास अधिकारी राजकुमार सैनी ने देवलाना तालाब पर श्रमदान कर अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। एसडीएम अमीलाल यादव ने उपस्थित जनों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जल संरक्षण की शुरुआत घर से करने, बरसाती पानी का संग्रहण करने, पानी की बर्बादी नहीं करने, जल संरक्षण के लिए तालाब बावड़ी की सफाई करने का संदेश दिया।
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7 डिजिट घोटाले की जांच में MV Act विशेषज्ञों की कमी सामने

Jaipur, Rajasthan:जांच में खोट, घोटाले पर सवाल! - परिवहन विभाग का बहुचर्चित 7 डिजिट घोटाला, 7 महीने चली 7 डिजिट घोटाले की जांच - जांच में MV एक्ट का एक भी विशेषज्ञ शामिल नहीं, घोटाला 100 करोड़ का या 600 करोड़ का, साफ नहीं जयपुर। परिवहन विभाग के बहुचर्चित 7 डिजिट घोटाले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। एक तरफ परिवहन मुख्यालय की जांच कमेटी की रिपोर्ट पर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ आधा दर्जन जिलों में पुलिस में मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ मुख्यालय की जांच कमेटी की विशेषज्ञता को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल 17 अक्टूबर 2025 को परिवहन मुख्यालय की जांच कमेटी ने 7 डिजिट घोटाले की जो अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपी थी, उस जांच को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं। दरअसल मुख्यालय की 4 सदस्यीय कमेटी ने करीब 7 महीने की जांच के बाद यह रिपोर्ट फाइनल की थी। लेकिन जिस तरह की खामियां रिपोर्ट में रही हैं, उसने जांच करने वाले अधिकारियों की एमवी एक्ट को लेकर जानकारी नहीं होना साफ कर दिया है। जी मीडिया ने 19 मई को '600 करोड़ का घोटाला, वसूली जीरो' शीर्षक से प्रसारित खबर में खुलासा किया था कि जांच करने वाले अधिकारियों ने रिपोर्ट में कई खामियां छोड़ी हैं। एक तरफ जहां जांच रिपोर्ट में राजस्व हानि के कॉलम में 500 से 600 करोड़ रुपए का घोटाला बताया गया है। वहीं दूसरी तरफ वित्तीय प्रतिकूल प्रभाव के प्रकरण 2 में 100 से 200 करोड़ घोटाला होना दर्शाया है। इसी तरह जांच रिपोर्ट के बिन्दु संख्या 18 में निरस्त आरसी वाले वाहनों के पुन: पंजीयन नीलामी के जरिए करने की बात कही गई है। जो यह दर्शाता है कि जांच कमेटी को वास्तव में एमवी एक्ट के प्रावधानों का ज्ञान ही नहीं है। क्योंकि किसी भी वाहन की आरसी निरस्त होने पर उसे दूसरा नम्बर आवंटित नहीं किया जा सकता।जो नियम जानते थे, उन्हें कमेटी से हटा दिया गया - जांच कमेटी के 4 सदस्य, परिवहन विभाग से एक भी नहीं - कमेटी में 2 आरएएस, एक लेखा विशेषज्ञ और एक आईटी विशेषज्ञ - पूर्व में 4 अप्रैल 2025 को घोटाले की जांच के लिए बनी थी कमेटी - जयपुर RTO प्रथम में 7 डिजिट सीरीज के दुरुपयोग की हाेनी थी जांच - विस्तृत जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर बनाई गई थी कमेटी - कमेटी में सदस्य सचिव बनाया गया था परिवहन विभाग के एक अधिकारी को - परिवहन विभाग के DTO(टैक्स) विनय बंसल को सदस्य सचिव बनाया गया - लेकिन 22 अप्रैल 2025 को विभाग के अधिकारी को बदला गया - सदस्य सचिव DTO(टैक्स) विनय बंसल को कमेटी से हटाया गया - इनके स्थान पर उपायुक्त (प्रवर्तन) RAS महावीर सिंह को जोड़ा गया - बाद में महावीर सिंह के तबादले के बाद RAS राकेश कुमार मीना जोड़े गएएमवी एक्ट के मुताबिक गणना सही नहीं - 7 डिजिट घोटाले की परिवहन मुख्यालय स्तर से की गई जांच को लेकर ही सबसे बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि कमेटी ने जिस आधार पर 500 से 600 करोड़ का घोटाला बताया है, वह आधार ही एमवी एक्ट के तहत सही नहीं है। नियमानुसार किसी भी पंजीकृत नम्बर को यदि रिन्यू नहीं भी कराया जाता है, तो भी उसे परिवहन विभाग नए आवेदक को नीलाम नहीं कर सकता है। लेकिन कमेटी ने प्रत्येक नम्बर को 5 से 6 लाख में नीलाम करने की कल्पना करते हुए इसे 500 से 600 करोड़ का घोटाला करार दिया। जबकि विभागीय विशेषज्ञों की मानें तो प्रत्येक नम्बर की 5 लाख तो क्या एक लाख रुपए में भी नीलामी वास्तविक रूप से संभव नहीं है।कमेटी पर सवाल इसलिए ? - कमेटी में अध्यक्ष RAS रेणु खंडेलवाल, सदस्य, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार - ये प्रशासनिक मामलों की विशेषज्ञ, केन्द्रीय मोटर वाहन नियम में विशेषज्ञ नहीं - कमेटी में सदस्य अतिरिक्त निदेशक आईटी कुलदीप यादव - यादव आईटी के विशेषज्ञ, मोटर व्हीकल एक्ट और CMVR के विशेषज्ञ नहीं - कमेटी में सदस्य उप वित्तीय सलाहकार सौरभ पालीवाल - ये वित्तीय मामलों के जानकार, एमवी एक्ट के विशेषज्ञ नहीं - सदस्य सचिव उपायुक्त प्रवर्तन, पहले महावीर सिंह, बाद में राकेश कुमार मीना - दोनों ही RAS प्रशासनिक मामलों के विशेषज्ञ, एमवी एक्ट के विशेषज्ञ नहीं विभavag विभागीय अधिकारी रहते तो नियमों में नहीं होती गफलत - यदि इस पूरे घोटाले की जांच में एक भी विभागीय अधिकारी रहते तो शायद एमवी एक्ट के नियमों की गफलत नहीं हो सकती थी। चूंकि कमेटी के चारों अधिकारी एमवी एक्ट नियमों के जानकार नहीं थे, ऐसे में उन्होंने इसे साधारण घोटाले की तरह जांचा है। जरूरत इस बात की है कि परिवहन विभाग पुलिस में मामले दर्ज करवाने से पहले एक बार फिर एमवी एक्ट के विशेषज्ञ अधिकारियों को कमेटी में शामिल करते हुए जांच करवाए, जिससे कि वास्तविक घोटाले को सामने लाया जा सके।
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समस्तीपुर में पेड़ विवाद के बीच लोटे के प्रहार से बुजुर्ग महिला की मौत

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में लोटा से सिर कुचल कर बुजुर्ग महिला की हत्या, पेड़ काटने को लेकर हुआ था विवाद ।लोटा लेकर पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजन ।जाँच में जुटी फॉरेंसिक विभाग की टीम । समस्तीपुर जिले के बिथान थाने के सोहमा वार्ड 9 मोहल्ला में पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में बुजुर्ग दंपत्ति पर लोटे से प्रहार किया गया। इस घटना में पत्नी की मौत हो गई जबकि पति का उपचार चल रहा है। मृतक गांव के मदन यादव की पत्नी सागर देवी 70 वर्ष बताई गई है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सोमवार सुबह सदर अस्पताल लाया। इस बीच फॉरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर घटना में प्रयुक्त लोटा को जब्त किया है। साथ ही लोटे से कई सेंपल भी जब्त किये गए हैं। उधर जख्मी का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में मृतक का पोता सोनू कुमार ने बताया कि उनके दादा के हिस्से की जमीन में आम आदि का पेड़ लगा हुआ था। जिस पेड़ को उनके ही पटिदार के स्तुति कुमारी और उनकी सास द्वारा काट लिया गया था। जब इस बात की जानकारी उनके दादा मदन यादव को हुई तो पेड़ काटने से मना करने के लिए पहुंचे। लेकिन इसी दौरान स्तुति और उनकी सांस ने उनके दादा पर लोटे से प्रहार कर दिया। यह देख कर उनकी दादी बीच बचाव करने पहुंची तो दोनों ने उनपर भी लोटा और से हमला कर दिया गया। जिससे दोनो लहुलूहान हो गए। हल्ला होने पर परिवार के लोगों की भीड़ जुटी तो आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में ग्रामीणों के सहयोग से दोनों को अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने उनकी दादा को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है। घटना की जानकारी के बाद फॉरेंसिक विभाग की टीम सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस की टीम ने अपने साथ लेकर आये लोटा को जब्त किया है। लोटा से कई सेंपल भी जब्त किया गया है। रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा ने कहा कि जमीनी विवाद में मारपीट की घटना हुई थी। जिसके बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने लोटा से प्रहार करने का आरोप लगाया है। लोटा को जब्त किया गया है। आरोप को देखते हुए फॉरेंसिक विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके।
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प्रतापगढ़ में जैन समाज का प्रदर्शन, संतों की सुरक्षा के लिए ज्ञापन सौंपे

Pratapgarh, Rajasthan:जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सकल जैन समाज के प्रवक्ता विशाल गांधी ने बताया कि विगत दिनों रीवा, मध्य प्रदेश में एक वाहन चालक द्वारा साध्वी श्रुतमति एवं उपशममति को टक्कर मारने की घटना में माताजी का असामयिक देवलोकगमन हो गया था। इस घटना के विरोध में और भविष्य में जैन संतों को विहार के दौरान राजकीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर समाज में आक्रोश व्याप्त है। इसी के तहत सोमवार को सकल जैन समाज, प्रतापगढ़ के बैनर तले कृषि मंडी चौराहे से वाहन रैली निकाली गई, जो जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जैन संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। वहीं अरनोद और पीपलखूंट सहित अन्य स्थानों पर भी समाज के प्रतिनिधियों ने संबंधित उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में जैन संतों के विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। सकल जैन समाज अध्यक्ष शुभेंदु घिया एवं सचिव अंबालाल चंडालिया ने समाजजनों और धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की थी तथा ज्ञापन कार्यक्रम तक अपने प्रतिष्ठान और कार्यालय बंद रखकर समर्थन देने का आग्रह किया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और जैन संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की मांग उठाई गई।
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हाथरस में युवक का शव फंदे पर लटका मिला, रिश्तेदार के घर में लटकी मिली लाश, सुसाइड की आशंका

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Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के चंदपा कोतवाली क्षेत्र के मीतई गांव में 18 साल के युवक प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वो एक रिश्तेदार के मकान में फांसी पर लटका मिला। परिवार उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, सुखबीर का बेटा प्रिंस रिश्तेदार के मकान में सो रहा था। उसके साथ एक अन्य युवक भी था। आज सुबह उसी युवक ने प्रिंस को मकान में फांसी के फंदे पर लटका देखा। उसने तुरंत बाहर आकर शोर मचाया, जिसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों ने प्रिंस को फंदे से उतारा और उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। हालांकि, अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। मृतक प्रिंस हाई स्कूल की परीक्षा दे चुका था और मोटर मिस्त्री का काम करता था। उसके पिता भी मजदूरी करते हैं। परिवार के सदस्यों ने अभी तक प्रिंस की मौत के स्पष्ट कारण के बारे में कुछ नहीं कहा है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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बाराबंकी में पेड़ से लटके मिले युवक-युवती के शव, प्रेम प्रसंग या ऑनर किलिंग?

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Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गेहेंदवर गांव से लगभग 500 मीटर दूर खेत में लगे चिलवल के पेड़ पर प्रेमी युगल के शव अलग-अलग डालियों पर फंदे से लटके मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सतरिख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों शवों को नीचे उतरवाकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत युवक की पहचान गेहेंदवर गांव निवासी रोहित (26 वर्ष ) पुत्र श्रीपाल के रूप में हुई है। वहीं मृत युवती की पहचान लोनी कटरा थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ना निवासी रामदुलारी के रूप में बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक रोहित की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती बताई जा रही है। घटना की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में प्रेम प्रसंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों के बीच काफी समय से प्रेम संबंध होने की चर्चा थी। वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक दबाव और पारिवारिक तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि दोनों शव अलग-अलग डालियों पर लटके मिलने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि मामला सिर्फ आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है। सतरिख पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल प्रेम प्रसंग, आत्महत्या और अन्य संभावित एंगल को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ओर रोहित की गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं युवती रामदुलारी के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है। पूरे गांव में घटना को लेकर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इसे बेहद दुखद घटना बता रहे हैं।
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बुंदेलखंड में भीषण गर्मी: जालौन में पारा 44 डिग्री, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

Jalaun, Uttar Pradesh:बुंदेलखंड क्षेत्र में आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भीषण गर्मी और तेज धूप के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर जालौन में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। जालौन में जी मीडिया की टीम ने आम लोगों से बातचीत की, जिसमें लोगों ने बताया कि दोपहर के समय सड़कों पर निकलना बेहद कठिन हो गया है। गर्मी से बचने के लिए लोग गमछा, टोपी और चेहरे को कपड़े से ढककर बाहर निकल रहे हैं। वहीं कई लोग शरीर को ठंडा रखने के लिए गन्ने का रस, शिकंजी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। भीषण गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं के चलते बच्चों और बुजुर्गों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है。 स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। लोग भी प्रशासन की सलाह का पालन करते हुए गर्मी से बचाव के उपाय अपनाते दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
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सीतापुर में हैंडपप爆 खराब, भीषण गर्मी में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे

Sitapur, Uttar Pradesh:खराब पड़े हैंडपंप पानी का संकट भीषण गर्मी। यूपी के सीतापुर में सरकारी हैंड पंप खराब होने से भीषण गर्मी में पीने के पानी की भारी समस्या ग्रामीणों को हो रही है जी मीडिया ने मौके पर जाकर ग्रामीण इलाकें में हैंडपंप की स्थिति का रियलिटी चेक किया सबसे पहले जी मीडिया सदर तहसील के हरी नगर गांव में पहुंचा जहां नल चल तो रहा था लेकिन भीषण गंदगी थी और लोग गंदा पानी पीने को मजबूर थे इसके बाद जी मीडिया रस्योरा तिराहा पहुंचा वहां की स्थिति और भी विकराल दिखाई दी जहां पर बीते 20 दिनों से नल खराब है और नल का सामान लेकर जिम्मेदार आज तक नल बनाने नहीं पहुंचे ग्रामीण भीषण गर्मी में दूर 1 किलोमीटर जाकर के पानी लाने को मजबूर है इसके बाद जी मीडिया की टीम रस्योरा गांव के अंदर पहुंची जहां पर महिलाएं परेशान दिखाई दी गांव में जो नल लगा हुआ था वह पिछले तीन सालों से खराब है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है ग्रामीण महिला सुमन ने बताया कि हम ग्रामीण महिलाएं बहुत परेशान हैं लेकिन यह नल शिकायत के बाद भी नहीं बनाया गया है कहीं ना कहीं जिम्मेदार आंखें बंद किए हुए बैठे हैं। वही हरीश प्रसाद पूर्व गांव में भी नल बीते कई सालों से खराब है और काटो के बीच में नल है गंदी नाली बह रही है ग्रामीण ने बताया कि शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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सरना और सनातन एक: बाबूलाल मरांडी के बयान पर विपक्ष और बीजेपी में घमासान

Ranchi, Jharkhand:पूर्व मुख्यमत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा सरना और सनातन एक है। अनादिकाल से सरना , सनातन और हिन्दू व्यवस्था है। कांग्रेस का काम समाज को बांटना है। समाज को तोड़ने और कुर्सी हासिल करने के लिए षड्यंत्र करते हैं। सभी जानते हैं सरना और सनातन में अंतर नहीं है। कांग्रेस विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा, हमारी पहचान और आस्था सरना धर्म कोड है राज्य सरकार हमारी पहचान सरना धर्म कोड क्यों नहीं देती है हमारी पहचान सनातन या हिन्दू नहीं है।। आदिवासी ,हिन्दू कतई नहीं है। सनातन भी कन्फ्यूजिंग शब्द है। ठगने का काम करते हैं सरना और सनातन एक है ये कैसे होगा। सनातन धर्म, वैदिक धर्म है। ऐसा नहीं चलेगा बाइट ...रामेश्वर उरांव,पूर्व वित्त मंत्री झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बाबूलाल मारंडी के बयान प्रतिक्रिया देते हुए कहा, बाबूलाल खुद को घोषित कर दें कि वो सनातनी हिंदू हैं। राज्य की विधानसभा ने आदिवासियों की पहचान सरना धर्म कोड को लेकर प्रस्ताव पारित किया है। सर्वदलीय समिति जब गृह मंत्री से मिला था तब तो सभी दल के लोग थे। बीजेपी आजसू भी शामिल था। तब बाबूलाल कहां थे। दोहरा चरित्र नहीं चलेगा।आदिवासियों का सरना धर्म कोड को जनगणना में देना होगा। सनातन हिन्दू अलग है और आदिवासी धर्म अलग है। बाइट ...सुप्रियो भट्टाचार्य, महासचिव, झामुमो
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7 डिजिट घोटाले की जांच पर सवाल, MV Act ज्ञान नहीं?

Jaipur, Rajasthan:हैडर- - जांच में खोट, घोटाले पर सवाल! - परिवहन विभाग का बहुचर्चित 7 डिजिट घोटाला - 7 महीने चली 7 डिजिट घोटाले की जांच - जांच में MV एक्ट का एक भी विशेषज्ञ शामिल नहीं - एक विभागीय अधिकारी शामिल थे, उन्हें भी निकाला - घोटाला 100 करोड़ का या 600 करोड़ का, साफ नहीं एंकर परिवहन विभाग के बहुचर्चित 7 डिजिट घोटाले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। एक तरफ परिवहन मुख्यालय की जांच कमेटी की रिपोर्ट पर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ आधा दर्जन जिलों में पुलिस में मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ मुख्यालय की जांच कमेटी की विशेषज्ञता को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला, देखिए, जी मीडिया की यह खास रिपोर्ट- वीओ- 1 17 अक्टूबर 2025 को परिवहन मुख्यालय की जांच कमेटी ने 7 डिजिट घोटाले की जो अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपी थी, उस जांच को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं। दरअसल मुख्यालय की 4 सदस्यीय कमेटी ने करीब 7 महीने की जांच के बाद यह रिपोर्ट फाइनल की थी। लेकिन जिस तरह की खामियां रिपोर्ट में रही हैं, उसने जांच करने वाले अधिकारियों की एमवी एक्ट को लेकर जानकारी नहीं होना साफ कर दिया है। जी मीडिया ने 19 मई को '600 करोड़ का घोटाला, वसूली जीरो' शीर्षक से प्रसारित खबर में खुलासा किया था कि जांच करने वाले अधिकारियों ने रिपोर्ट में कई खामियां छोड़ी हैं। एक तरफ जहां जांच रिपोर्ट में राजस्व हानि के कॉलम में 500 से 600 करोड़ रुपए का घोटाला बताया गया है। वहीं दूसरी तरफ वित्तीय प्रतिकूल प्रभाव के प्रकरण 2 में 100 से 200 करोड़ घोटाला होना दर्शाया है। इसी तरह जांच रिपोर्ट के बिन्दु संख्या 18 में निरस्त आरसी वाले वाहनों के पुन: पंजीयन नीलामी के जरिए करने की बात कही गई है। जो यह दर्शाता है कि जांच कमेटी को वास्तव में एमवी एक्ट के प्रावधानों का ज्ञान ही नहीं है। क्योंकि किसी भी वाहन की आरसी निरस्त होने पर उसे दूसरा नम्बर आवंटित नहीं किया जा सकता। क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी वीओ- 2 7 डिजिट घोटाले की परिवहन मुख्यालय स्तर से की गई जांच को लेकर ही सबसे बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि कमेटी ने जिस आधार पर 500 से 600 करोड़ का घोटाला बताया है, वह आधार ही एमवी एक्ट के तहत सही नहीं है। नियमानुसार किसी भी पंजीकृत नम्बर को यदि रिन्यू नहीं भी कराया जाता है, तो भी उसे परिवहन विभाग नए आवेदक को नीलाम नहीं कर सकता है। लेकिन कमेटी ने प्रत्येक नम्बर को 5 से 6 लाख में नीलाम करने की कल्पना करते हुए इसे 500 से 600 करोड़ का घोटाला करार दिया। जबकि विभागीय विशेषज्ञों की मानें तो प्रत्येक नम्बर की 5 लाख तो क्या एक लाख रुपए में भी नीलामी वास्तविक रूप से संभव नहीं है। कमेटी पर सवाल इसलिए ? - कमेटी में अध्यक्ष RAS रेणु खंडेलवाल, सदस्य, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार - ये प्रशासनिक मामलों की विशेषज्ञ, केन्द्रीय मोटर वाहन नियम में विशेषज्ञ नहीं - कमेटी में सदस्य अतिरिक्त निदेशक आईटी कुलदीप यादव - यादव आईटी के विशेषज्ञ, मोटर व्हीकल एक्ट और CMVR के विशेषज्ञ नहीं - कमेटी में सदस्य उप वित्तीय सलाहकार सौरभ पालीवाल - ये वित्तीय मामलों के जानकार, एमवी एक्ट के विशेषज्ञ नहीं - सदस्य सचिव उपायुक्त प्रवर्तन, पहले महावीर सिंह, बाद में राकेश कुमार मीना - दोनों ही RAS प्रशासनिक मामलों के विशेषज्ञ, एमवी एक्ट के विशेषज्ञ नहीं क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी
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