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ASAtul SharmaFollow24 Sept 2024, 05:19 am
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अमेठी में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दादा तेजभान सिंह की तेरहवीं पर श्रद्धांजलि दी

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी अमेठी पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्वर्गीय दादा तेज भान सिंह के तेरहवीं संस्कार के कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्वर्गीय पूर्व विधायक के पैतृक आवास पर पहुंच कर उनको श्रद्धांजलि की अर्पित, dादा तेजभान सिंह के नाम से जिले में भारतीय जनता पार्टी जानी जाती है बोले मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कांग्रेस के ताकतवर शासनकाल में भी नहीं झुके दादा तेजभान सिंह, समाज के हर वर्ग का करते थे सम्मान दादा तेजभान सिंह, उनके देहांत दुखी है पूरे क्षेत्र की जनता,
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राजगीर स्टेडियम में पहली बार रणजी फर्स्ट क्लास मैच से बिहार क्रिकेट इतिहास बनेगा

Patna, Bihar:बिहार के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पहली बार राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में घरेलू प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) क्रिकेट मुकाबले खेले जाएंगे। हालांकि स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के अनुरोध पर बिहार政府 ने इसे घरेलू मैचों के आयोजन के लिए छह महीने के लिए उपलब्ध कराया है। राजगीर में रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप के तीन मुकाबले आयोजित होंगे, जहां बिहार की टीम दूसरे राज्यों की टीमों से भिड़ेगी। इसके अलावा अंडर-19 और अंडर-23 वर्ग के भी तीन-तीन मुकाबले इसी स्टेडियम में खेले जाएंगे। ऐसे में राजगीर ही नहीं, पूरे बिहार के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर होगा। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव ज़ियाउल अरफीन ने ज़ी मीडिया से विशेष बातचीत में बताया कि पिछले सीजन में पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के मुकाबले आयोजित किए गए थे। उस दौरान बिहार ने प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर इस बार एलीट ग्रुप में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि यदि बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय व्यस्तताओं से वैभव सूर्यवंशी को उपलब्ध कराता है, तो वह भी बिहार की ओर से इस मुकाबले में खेलते नजर आ सकते हैं। इसके अलावा साकिब समेत आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे बिहार के अन्य खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा बन सकते हैं। फिलहाल बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की संयुक्त टीम राजगीर स्टेडियम में पिच और अन्य तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह स्टेडियम बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़े मुकाबलों का नया केंद्र बनेगा。
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भाजपा UP के छह क्षेत्रों में क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्ति से जातीय समीकरण मजबूत करेगी

Noida, Uttar Pradesh:चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा संगठन को संवारने में जुटी है। प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में अध्यक्ष बनाए गए हैं जहां अब सबकी नजर क्षेत्रीय प्रभारियों पर टिकी है।यह पद चुनावी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है। पीडीए की काट के लिए यहां भी जातीय समीकरणों की गणित सजाने की तैयारी है। भाजपा उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच संगठन को मजबूत कर रही है, जिसमें क्षेत्रीय प्रभारियों की नियुक्ति में जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।भाजपा ने उत्तर प्रदेश को छह क्षेत्रों काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर, ब्रज एवं पश्चिम क्षेत्र में बांटा हैं जिसमें संगठनात्मक दृष्टि से 98 जिले हैं। 2023 के बाद भाजपा ने सभी छह क्षेत्रों में नए चेहरों को अध्यक्ष बनाया है। भाजपा ज्यादातर महामंत्रियों को क्षेत्रीय प्रभारी बनाती है。 पिछली बार इसका अपवाद तब सामने आया जब प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह को ब्रज का प्रभारी बनाया गया। 71 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र में पिछली बार सतेंद्र सिसौदिया क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं संत कबीरनगर निवासी सुभाष यदुवंश क्षेत्रीय प्रभारी बनाए गए: उनसे पहले जेपीएस राठौर और विजय बहादुर पाठक क्षेत्रीय प्रभारी रहे। तीनों ही चेहरे पूर्वांचल या मध्य क्षेत्र से आते हैं। लेकिन इस बार चर्चा है कि गुर्जर क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने जाट समीकरण ठीक करने के लिए प्रदेश महामंत्री ब्रज क्षेत्र के राजेश चौधरी को प्रभारी बनाया जा सकता है。 हालांकि पश्चिम के लिए आगरा के राम प्रताप सिंह एवं लखनऊ के अभिजात मिश्रा का भी नाम चर्चा में है। 65 विधान सभा सीटों वाले ब्रज क्षेत्र में संतोष सिंह, गोविंद नारायण शुक्ल, अशोक कटारिया, अश्विनी त्यागी प्रभारी रह चुके हैं, जहां इस बार वाराणसी के दिलीप पटेल, एवं गीता शाक्य का नाम चर्चा में है। 71 विधानसभा सीटों वाले काशी क्षेत्र में अमरपाल मौर्य, गोविंद नारायण शुक्ला प्रभारी रहे हैं, जहां इस बार ओबीसी क्षेत्रीय अध्यक्ष देखते हुए सवर्ण कार्ड खेला जा सकता है। 82 विधान सभा सीटों वाले अवध क्षेत्र में संजय राय एवं अमरपाल मौर्य क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं, जहां इस बार गीता शाक्य और राम प्रताप सिंह का नाम भी चर्चा में है। 52 विधानसभा सीटों वाले कानपुर क्षेत्र में अनूप गुप्ता, प्रियंका रावत एवं विजय बहादुर पाठक क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं, जहां ब्राह्मण फैक्टर साधने के लिए अभिजात मिश्रा के नाम पर भी विचार हो रहा है। 62 विधान सभा सीटों वाले गोरखपुर क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की बड़ी आबादी है, जहां पूर्व सांसद एवं प्रदेश महामंत्री उपेंद्र रावत और शंकर लाल लोधी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस क्षेत्र में पहले गोविंद नारायण शुक्ला, अनूप गुप्ता एवं पंकज सिंह क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं。 प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में अध्यक्ष बनाए गए हैं जहां अब सबकी नजर क्षेत्रीय प्रभारियों पर टिकी है।यह पद चुनावी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इन पदों पर किसकी ताजपोशी होती है यह देखना होगा वाक थ्रू
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बिहार ने 100 दिन में भूमिहीनों को जमीन, अतिक्रमण मुक्ति और पारदर्शिता पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने से पहले राजस्व विभाग का बड़ा विजन: भूमिहीनों को जमीन से लेकर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था तक, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने गिनाईं 5 प्रमुख प्राथमिकताएं पटना: बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आने वाले समय के लिए अपनी पांच सबसे बड़ी प्राथमिकताओं का खाका तैयार किया है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जमीन पर उनका प्रभाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने, विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, विभाग में पारदर्शिता लाने और जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान करने पर केंद्रित है। मंत्री ने कहा कि यदि इन पांच प्राथमिकताओं पर प्रभावी ढंग से काम पूरा हो जाता है तो बिहार में भूमि व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो जाएगी। 1. भूमिहीनों को जमीन और बेघरों को आवास दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता बिहार के भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अधिकार केवल रोटी, कपड़ा और शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए जमीन और मकान भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक भूमिहीन परिवारों के नाम जमीन नहीं होगी, तब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। इसी उद्देश्य से विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक 30 हजार भूमिहीन परिवारों को एक साथ बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आगे आवास योजना का लाभ भी मिल सके। 2. विकास परियोजनाओं के लिए समय पर जमीन उपलब्ध कराना मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं केवल जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्षों तक अटकी रहती हैं। ऐसे में विभाग की दूसरी प्राथमिकता सभी जरूरी सरकारी परियोजनाओं के लिए समय पर भूमि उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सड़क, एयरपोर्ट, बिजली परियोजनाएं, उद्योग, परिक्रमण पथ, नए डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि बिहार में 19 केंद्रीय विद्यालय केवल भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले सात वर्षों से शुरू नहीं हो पा रहे थे। विभाग ने एक महीने के भीतर सभी विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है। मन्त्री ने इसके लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि अब एक-दो महीने के भीतर ये विद्यालय वैकल्पिक भवनों में शुरू हो जाएंगे। 3. सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर Land Bank तैयार करना डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की तीसरी बड़ी प्राथमिकता राज्य की सरकारी जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लाना है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में लाखों एकड़ सरकारी जमीन ऐसी है, जिस पर सरकार का वास्तविक कब्जा नहीं है और उसका गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोपालगंज जिले के सिधवलिया और बैकुंठपुर क्षेत्र में ही करीब 14 हजार एकड़ सरकारी जमीन ऐसी मिली है, जो सरकारी रिकॉर्ड में तो है लेकिन सरकार के कब्जे में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर बड़े स्तर पर अभियान चलाकर ऐसी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और उन्हें सरकार के Land Bank में शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए जमीन की कमी न हो। 4. भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी राजस्व विभाग बनाना मंत्री ने कहा कि विभाग की चौथी प्राथमिकता राजस्व विभाग को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा चुके हैं। विभाग ने 360 अंचल अधिकारियों (CO) का तबादला किया है, वहीं बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया है ताकि लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों की व्यवस्था समाप्त हो सके। हालांकि उन्होंने माना कि पूरे सिस्टम में बदलाव एक दिन में संभव नहीं है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहे हैं। पहले मंत्रालय स्तर पर सुधार शुरू किया गया और अब पूरे विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने तथा भ्रष्टाचार कम करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। 5. जमीन के विवाद खत्म कर हर जमीन का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करना डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की पांचवीं और सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक राज्यभर में जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बिहार में अधिकांश भूमि अभिलेख पुराने सर्वे पर आधारित हैं। कैडस्ट्रल सर्वे लगभग सौ वर्ष पहले हुआ था, जबकि रिवीजनल सर्वे वर्ष 1973 में हुआ। इसके बावजूद आज भी बड़ी संख्या में लोगों के जमीन संबंधी विवाद समाप्त नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य सर्वे कार्य को पूरा कर प्रत्येक जमीन का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करना है। भविष्य में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी कि जमीन का पासबुक जैसी प्रणाली बने, जिसमें एक धूर या एक बिस्वा जमीन की खरीद-बिक्री भी तुरंत दर्ज दिखाई दे। मंत्री ने कहा कि राज्य में सिविल कोर्ट में लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा जमीन विवाद से जुड़ा है। वहीं थानों में दर्ज मारपीट, हत्या और अन्य आपराधिक मामलों में भी बड़ी संख्या भूमि विवाद से संबंधित होती है। यदि जमीन विवाद कम हो जाएं तो सामाजिक तनाव भी काफी हद तक समाप्त हो सकता है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। अपने संबोधन के अंत में डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि वे ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इतनी शक्ति मिले कि वे अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन कर सकें और राजस्व विभाग को एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी विभाग के रूप में स्थापित कर सकें।
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गंगोत्री नेशनल पार्क-ITBP मिलकर व्यापक वृक्षारोपण से पर्यावरण के लिए बड़ा संदेश

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:गंगोत्री नेशनल पार्क, वन विभाग, ITBP ने संयुक्त रूप से किया व्यापक वृक्षारोपण उत्तरकाशी में हरेला पर्व का शुभारंभ 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के साथ गंगोत्री नेशनल पार्क और वन विभाग की टीम ने ITBP के जवानों के साथ मिलकर गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में फलदार, रुद्राक्ष और देवदार के पौधों का रोपण किया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर गंगोत्री रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि इस वर्ष नेलांग-जादू क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। हरेला पर्व प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है और सभी लोगों को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
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अमेठी में बिजली कटौती से गुसाई महिलाएं रातभर पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी- जिले में अत्याधिक विद्युत कटौती से नाराज़ महिलाओं ने आधी रात मे डंडे लेकर पहुंची 132 केवी विद्युत पावर हाउस किया जोरदार प्रदर्शन मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रो की विद्युत सप्लाई हुई बाधित, ढाई घंटे तक अंधेरे में रहा पूरा जिला, घंटों चला हंगामा, सैकड़ों की संख्या में गौरीगंज मुख्यालय विद्युत पावर हाउस पहुंचे विद्युत उपभोक्ता, पावर हाउस पर बैठी महिलाऐं की सूचना पर पहुंची गौरीगंज कोतवाली पुलिस, नाराज़ उपभोक्ताओं से पुलिस व विद्युत कर्मचारियों की हुई नोक झोंक, विद्युत विभाग के अधिकारियों के आश्वासन पर माने उपभोक्ता
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सीकर में पुलिस का मेगा एरिया डोमिनेशन: 200 टीमें दबिश में

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए आज शुक्रवार तड़के पुलिस ने बड़े स्तर पर एरिया डोमिनेशन अभियान शुरू किया। सुबह 4 बजे से शुरू हुए इस अभियान के तहत जिलेभर में गठित करीब 200 पुलिस टीमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार दबिश दे रही हैं। अभियान देर आज शाम तक जारी रहेगा। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थायी वारंटियों, फरार आरोपियों और अन्य वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी करना है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। अभियान के दौरान सीकर शहर के विभिन्न हॉस्टलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों, सोशल मीडिया पर अपराधियों से जुड़े संदिग्ध लोगों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा बस डिपो, रेलवे स्टेशन और स्लम क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई लोगों को हिरासत में लेकर सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान की विस्तृत कार्रवाई और गिरफ्तारियों का पूरा ब्यौरा देर शाम जारी किया जाएगा। जिले में चल रही इस व्यापक कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप का माहौल है।
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प्रतापगढ़ में खेर मगरी तालाब हादसा: 6 वर्षीय मासूम डूबकर मौत

Pratapgarh, Rajasthan:खेर मगरी तालाब में पैर फिसलने से 6 वर्षीय मासूम की डूबने से मौत, गांव में शोक प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के खेर मगरी गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। शौच के लिए घर से बाहर गया 6 वर्षीय मासूम तालाब पर हाथ धोने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान कालू मीणा पुत्र बापूलाल मीणा, निवासी बड़ी अंबेली थाना सुहागपुरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार कालू की मां अंगूरी के प्रसव होने के कारण वह अपने ननिहाल खेर मगरी गांव में नाना हीरालाल मीणा के यहां रह रहा था।वह शौच के लिए घर से बाहर गया था। इसके बाद तालाब पर हाथ धोने पहुंचा, जहां अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस की सहायता से मासूम को तालाब से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। देवगढ़ थाना के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक शिवलाल ने बताया कि मृतक के नाना हीरालाल मीणा की रिपोर्ट पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
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गोंडा दौरे के दौरान शंकराचार्य ने मिलावट और नट-पुतली आरोपों पर किया हमला

Gonda, Uttar Pradesh:जहां गोंडा जिले में आज शुक्रवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गौ-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' के तीसरे दिन कर्नलगंज के कचनापुर और भभुआ पहुंचे। जहां कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी और पूर्व राज्य मंत्री और सपा नेता योगेश प्रताप सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मौलाना जर्जिस द्वारा भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मौलाना जर्जिस खुद को लोकप्रिय और प्रसिद्ध करने के लिए इस तरह के 'ऊलजलूल' बयान दे रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि ऐसे लोग प्रसिद्ध होने के लिए कोई भी उपाय करते हैं, चाहे उन्हें कपड़ा फाड़ना पड़े, घड़ा फोड़ना पड़े या गधे पर सवारी करनी पड़े। ऐसे बयानों का कोई वास्तविक तात्पर्य नहीं है। वहीं श्री राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों पर शंकराचार्य ने कहा कि यह चोरी नहीं, बल्कि 'कलाकारी' हुई है। उन्होंने इस 'कलाकारी' का डायरेक्टर नरेंद्र मोदी को बताया और कहा कि ये लोग नरेंद्र मोदी के 'नट' हैं, जिनके इशारे पर ये पुतलियां नाचती हैं। वो ही सीएम योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री अमित शाह की मुलाकात को लेकर के कहा कि यह सब मुलाकातें होती रहती हैं राजनीति में समीकरण बनते और बिगड़ते रहते हैं। लेकिन यह समीकरण सामान दिनों में बनते और बिगड़ते हैं लेकिन अब असामान्य दिन आ गए हैं अब इन्होंने जो बड़े-बड़े पाप कर दिए हैं अब उसको भोगने का समय आ गया है। अब इस तरह की यह लोग कितना भी मिल जाए इन लोगों के मिलने जुलने से कुछ नहीं होने वाला है अब उनके पांव उखड़ गए हैं। या तो परिष्कार या फिर बहिष्कार यूपी से विदाई का समय आ गया है बिल्कुल झोला तैयार कर ले कुछ रखना हो रख लें हमने कहा है की चेकिंग नहीं की जाएगी। वहीं बृजभूषण शरण सिंह के उस बयान पर भी शंकराचार्य ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात कही थी। शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें लगता है कि बृजभूषण शरण सिंह अभी उनका मुद्दा समझ नहीं पाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 'असली हिंदू और नकली हिंदू' में मिलावट को लेकर ही अभियान चला रहे हैं, यह जानने के लिए कि कौन असली हिंदू में नकली हिंदू बनकर घुस आया है। मथुरा में श्री कृष्ण मंदिर निर्माण के मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा कि मथुरा का नाम इसलिए लिया जा रहा है ताकि अयोध्या में जो कुछ हुआ है, उससे लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नहीं चलेगा और पहले अयोध्या के बारे में जवाब दिया जाना चाहिए, उसके बाद ही मथुरा की बात की जाए।
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रायबरेली में मजदूरों के टैम्पो के पलटने से कई घायल, महिलाओं सहित

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर.. रायबरेली मे धान की रोपाई कर लौट रहे मज़दूरों का टेम्पो पलट गया। टेम्पो पलटने से आधा दर्जन महिला मज़दूरों समेत कई अन्य ज़ख़्मी हो गए। मामला महाराजगंज थाने इलाके का है। यहां सोथी गांव से धान रोपाई कर पूरे ज्वाला गांव की महिला मजदूरों की टोली टैम्पो से واپس घर लौट रही थी। इसी दौरान आटो चालक मोबाइल पर बात करने लगा। ड्राइवर के मोबाइल पर बात करने से ध्यान भटका और नवोदय चौराहा स्थित एसजेएस स्कूल के पास टैम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। किसी का पैर, किसी का हाथ, तो किसी के चेहरे पर चोटें आई हैं। आनन-फानन राहगीरों ने टैम्पो में फंसे मजदूरों को बाहर निकाल कर सीएचसी पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घटना में पूरे ज्वाला गांव की कमलेश कुमारी, महादेई, मान्शी , कामिनी, मिथिलेश, मोहिनी, रामरानी, समेत कई महिला मजदूर घायल हो गई। सभी घायलों का सीएचसी महराजगंज में उपचार जारी है।
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गंगा पार खेती के लिए पीपा पुल: मधुरापुर के किसानों में नई उम्मीद

Begusarai, Bihar:तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के मधुरापुर में पीपा पुल निर्माण की दिशा में विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है. सर्वे के बाद इलाके के हजारों किसानों में खुशी है. Teghada madhurapur में पीपा पुल बनने से करीब 10 हजार किसानों को सीधे लाभ मिलेगा, जबकि लगभग 22 हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि तक पहुंच आसान हो जाएगी. इससे किसानों का समय बचेगा, परिवहन खर्च कम होगा और खेती करना पहले की तुलना में सुगम हो जाएगा. अब सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और पीपा पुल निर्माण की स्वीकृति पर टिकी हैं. अगर यह पुल बनता है तो मधुरापुर और आसपास के हजारों किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है.
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