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छत्तीसगढ़ बीजापुर CRPF 196 कैम्प नम्बी एवं कोबरा 205 के द्वारा प्रसुता एंव नवजात शिशु को रेस्क्यू कर

Jul 23, 2024 12:45:58
Bhilai, Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के बीजापुर CRPF 196 कैम्प नम्बी एवं कोबरा 205 के द्वारा प्रसुता एंव नवजात शिशु को रेस्क्यू कर नम्बी धारा नदी से कराया पार नम्बी नयापारा निवासी माड़वी जागी पति माडवी का समय से पूर्व डिलीवरी होने से उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उसूर जाना था उसूर एवं नम्बी के मध्य पड़ने वाले नम्बीधारा नदी में अत्यधिक पानी होने से कैम्प नम्बी CRPF 196 एवं 205 के जवानों के द्वारा नवजात शिशु एवं माता को सुरक्षित नदी पार कराया।

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AAANOOP AWASTHI
Mar 18, 2026 06:24:42
Jagdalpur, Kumhar Para, Chhattisgarh:शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एच आर सोम एवं उपसंचालक सी एस ध्रुव ने जगदलपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, इस दौरान जिला शिक्षा कार्यालय में डीईओ बलिराम बघेल समेत 29 अधिकारी कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए जबकि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी बीईओ अनिल दास समेत 25 अधिकारी कर्मचारी अनुपस्थित थे, समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय नहीं पंहुचने पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एवं उपसंचालक ने नाराजगी जाहिर की साथ ही सभी 54 अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, शिक्षा विभाग ने अधिकारियों कर्मचारियों को संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दिया है।
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OTOP TIWARI
Mar 18, 2026 06:23:57
Surajpur, Chhattisgarh:सूरजपुर जिला इन दिनों सफेद मौत यानी अवैध नशीले कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है, बीते कुछ वर्षों में नशे के इस काले कारोबार में बड़ी तादात में युवा इस दलदल में फंस गए हैं, यह नशा न केवल अपराध के ग्राफ को बढ़ा रहा है, बल्कि असुरक्षित इंजेक्शन के इस्तेमाल से जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में भी भयावह इजाफा देखने को मिला है, सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि इस लत ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है, वहीं जिले में होने वाली अधिकांश चोरी की वारदातों के पीछे भी इसी नशे के आदी आरोपी ही गिरफ्त में आ रहे हैं, आखिर क्यों सूरजपुर जिला नशेड़ियों ka soft target बना हुआ है और क्यों अंतरराज्यीय ड्रग माफियाओं के लिए यहाँ की सरहदें इतनी अनुकूल हैं? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट, सूरजपुर में युवा वर्ग घातक केमिकल इंजेक्शन और प्रतिबंधित नशीली टैबलेट की गिरफ्त में है, इस जानलेवा शौक की वजह से अब तक कई युवा अपनी जान गवां चुके हैं, हालांकि, पुलिस विभाग लगातार इन नशा माफियाओं के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई कर रहा है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके यह अवैध कारोबार जिले में धड़ल्ले से फल-फूल रहा है, पिछले 3 वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक लगभग एक करोड़ रुपये के अवैध इंजेक्शन और टैबलेट जब्त किए जा चुके हैं, इस काली कमाई के खेल में शामिल लगभग 150 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं, पकड़े गए तस्करों में कई आरोपी पड़ोसी राज्यों के निवासी हैं, जो सूरजपुर को ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल कर रहे थे, नशा माफिया के लिए सूरजपुर की भौगोलिक स्थिति सबसे बड़ी ढाल है, क्योंकि इस जिले की सीमाएं मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से लगी हुई है इसी का फायदा उठाकर माफिया जंगल के रास्तों से आसानी से जिले में घुस जाते हैं, प्रशांत ठाकुर, एसपी सूरजपुर, नशे का यह जाल अब सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और समाज के लिए भी नासूर बनता जा रहा है, जानकारों की मानें तो हाल के वर्षों में जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में जो इजाफा हुआ है, उसका सबसे बड़ा कारण यह अवैध नशे का कारोबार ही है, डॉक्टरों के मुताबिक नशे के आदी लोग एक ही असुरक्षित इंजेक्शन को आपस में साझा करते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है, पिछले तीन सालों के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में अब तक लगभग 150 एचआईवी मरीज डिटेक्ट किए गए हैं, 2023-24 में 31 मरीज, 2024-25 में 44 मरीज और 2025-26 में 66 मरीज HIV पॉजिटिव पाए गए हैं, आंकड़े बताते हैं कि एचआईवी मरीजों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है, हालांकि, जानकारों का अंदेशा इससे कहीं अधिक डरावना है उनका मानना है कि वास्तविक संख्या दर्ज आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा हो सकती है, असल चुनौती यह है कि सामाजिक बहिष्कार और लोक-लाज के डर से अधिकांश लोग जांच के लिए अस्पताल की दहलीज तक नहीं पहुंचते हैं, स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग कैंप और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, के डी पैकरा, CMHO सूरजपुर, यह अवैध कारोबार निश्चित रूप से जिले की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक टाइम बम की तरह है, नशे की इस चेन को तोड़ना और एचआईवी के संक्रमण को रोकना, अब पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है。
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NTNagendra Tripathi
Mar 18, 2026 06:22:50
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छोटी सी लापरवाही ने तीन साल के मासूम की जान ले ली। खेलते समय बच्चे के गले में मूंगफली का दाना फंस गया और उसकी सांस रुक गई। परिजन इलाज के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटकते रहे, लेकिन एम्स पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चा खोराबार ब्लॉक के पुछिया ब्रह्म स्थान केवटानी टोला निवासी बेचन निषाद का तीन साल का बेटा अनुराग घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसने नमकीन में पड़ा मूंगफली का दाना खा लिया, जो उसकी सांस की नली में फंस गया। इसके बाद बच्चे को तेज खांसी आने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने नाक-गला नहीं बल्कि पीठ थपथपाकर दाना निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर वे बच्चे को पास के मेडिकल स्टोर ले गए, जहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजन उसे खोराबार सीएचसी ले गए, जहां से डॉक्टरों ने एम्स के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि एम्स पहुंचने पर सर्वर डाउन होने की वजह से पर्चा बनाने में देरी हुई, जिससे परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में मैन्युअल पर्चा बनाकर बच्चे को इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, जब बच्चा अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जांच में उसकी सांस की नली में मूंगफली का दाना फंसा हुआ पाया गया। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या छोटी-छोटी लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। विशेषज्ञों की मानें तो छोटे बच्चों को मूंगफली जैसे सख्त खाद्य पदार्थ देते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ऐसी चीजें उनके गले में फंसकर जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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RCRAJVEER CHAUDHARY
Mar 18, 2026 06:19:39
Bijnor, Uttar Pradesh:बिजनौर में आरा मशीन की सील तोड़कर संचालन करने के मामले में लेखपाल राजत चौधरी को SDM ने निलंबित किया है. विभागीय जाँच के आदेश तहसीलदार बिजनौर को दिए गए हैं. वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 15 नवम्बर 2025 को दिलावर एंड सन्स आरा मशीन को सील किया था. संबंधित व्यक्तियों द्वारा बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति के उक्त सील को क्षतिग्रस्त कर आरा मशीन का पुनः संचालन किया जाना पाया गया, जो शासकीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना मानते हुए निर्देशित था. प्रकरण में कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उच्चाधिकारियों को समय से सूचना न कराए जाने के कारण लेखपाल रजत चौधरी को विभागीय निलंबित किया गया है. प्रकरण की विभागीय जांच के लिए तहसीलदार, बिजनौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है और कानूनगो, नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अवैध कृत्य में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.
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SSSHAILENDAR SINGH THAKUR
Mar 18, 2026 06:19:24
Masanganj, Chhattisgarh:बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव गांधी चौक पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब वाहन चेकिंग के दौरान एक युवती ने जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीम नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी एक युवती को रोका गया जो शराब के नशे में पूरी तरह धुत थी। जैसे ही पुलिस जवानों ने उसे पूछताछ के लिए रोका, युवती अपना आपा खो बैठी और बीच सड़क पर हंगामा करना शुरू कर दिया। नशे के सुरूर में चूर युवती ने न केवल राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा, बल्कि ऑन-ड्यूटी पुलिस जवानों के साथ बेहद बदतमीजी की और उनके काम में बाधा डालने की कोशिश की। काफी देर तक चले इस हंगामे और युवती की अश्लील हरकतों के बावजूद पुलिस ने धैर्य से काम लिया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने युवती के खिलाफ वैधानिक रुख अपनाते हुए सख्त चालानी कार्रवाई की है。
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NSNAVEEN SHARMA
Mar 18, 2026 06:19:12
Bhiwani, Haryana:भिवानी के एसपी सुमित कुमार बताया कि फ्राड के तीन कारण, लालच, डर व कंफ्यूजन, डिजिटल लिटरेसी जरूरी है। आज के समय में कोई भी व्यक्ति डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने से अछूता नहीं है। सबके जीवन में मोबाइल के माध्यम से जाने-अनजाने डिजिटल लिटरेसी से रूबरू होते हैं। खासकर कोई दुर्घटना होती है कि डिजिटल लिटरेसी कितनी जरूरी थी। डिजिटल चैलेंज आर्थिक फ्रॉड के रूप में लेकर आ रही है। उसको यूथ को समझना जरूरी है। एसपी सुमित कुमार ने कहा कि अगर कोई भी फ्राड होता है तो उसके तीन ही कारण हैं। पहला लालच, दूसरा डर और तीसरा किसी तरह का कंफ्यूजन है। इन तीनों बातों को समझना है और आगे परिवार व समाज के लोगों को समझाना है। वहीं नशे को लेकर कहा कि नशा एक बहुत बड़ी चुनौती है। युवा वर्ग सबसे बड़ी उम्मीद है और सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर है। नशा किसी भी देश की प्रगति में दीमक की तरह काम करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इससे बचाना है, जागरूक करना है। नशा रोकने के तीन ही तरीके हैं। सबसे पहले हमारा काम है कि कोई नशा ना बेच पाए। दूसरा कारण है कि बच्चों को इस बारे में जागरूक करें कि नशे के दुष्प्रभाव क्या हैं। तीसरा जो लोग नशे से ग्रस्त हो गए हैं, उनका ईलाज करवाना है। जब तक उन्हें नशे से निजात नहीं मिलेगी, तब तक वे किसी ना किसी रूप में नशा ढूंढ लेंगे।
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TCTanya chugh
Mar 18, 2026 06:18:27
New Delhi, Delhi:ब्रेकिंग- सूत्र यमुना नदी के निरीक्षण के लिए दिल्ली सरकार दो वीआईपी नावें खरीदने जा रही है. इसके लिए करीब 6.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जाएगा. सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) की ओर से जारी होगा टेंडर, सरकार एसी केबिन वाली दो हाई-एंड नावें खरीदेगी. प्रत्येक नाव की कीमत करीब 3.10 करोड़ रुपये होगी. टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होने की संभावना है, जबकि सप्लायर तय होने के बाद नावों की खरीद में लगभग 5 महीने लग सकते हैं. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यमुना सफाई अभियान के तहत नदी का निरीक्षण करने के लिए वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को इन नावों का उपयोग करना होगा. इन नावों में कई सुविधाएं होंगी, जैसे एसी युक्त बंद केबिन बिजनेस क्लास जैसी वीआईपी सीटें खाने के लिए पेंट्री वॉशरूम 400 लीटर पानी स्टोरेज क्षमता इसके अलावा नाव के पीछे ओपन डेक होगा, जहां वीआईपी सार्वजनिक कार्यक्रम या निरीक्षण के दौरान बैठ सकेंगे. प्रत्येक नाव में 16 से 20 लोगो के बैठने की सुविधा होगी.
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NJNarendra Jaiswal
Mar 18, 2026 06:18:16
Jasa, Bihar:मुकुल जायसवाल मुख्य अभियुक्त अभिषेक सहित कुल चार आरोपी हुए हैं गिरफ्तार। माइक मांगने के बहाने बुलाकर डीजे संचालक की पीट-पीट कर हुई थी हत्या। बिहार में अपराधी बेखौफ है। दिनदहाड़े डीजे संचालक को माइक देने के बहाने बुलाकर मंगलवार को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम के बाद डेड बॉडी उनके घर पुसौली गोला के पास पहुंची तो परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और फांसी की सजा की मांग करते हुए NH 19 को पुसौली गोला के पास जाम कर दिया। मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार, कुदरा थाना अध्यक्ष नंदू कुमार और मोहनिया थाना अध्यक्ष आलोक कुमार आदि पुलिस बल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया। मृतक की पहचान कुदरा थाना क्षेत्र के पुसौली गोला के रामनिवास शाह के 19 वर्षीय पुत्र राजा कुमार के रूप में की गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने कहा माइक देने के बहाने राजा कुमार की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पहले से कोई विवाद नहीं था। कुल 15 लोग शामिल थे। पिता ने कहा कि पूछा गया क्यों मार रहे हैं तो जवाब मिला कि हमें भी दो छड़ी लगा दी गई और गंदी गालियां देते हुए भगा दिया गया। आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की जा रही है और पुसौली में अपराध चरम सीमा पर बढ़ गया है। आश्वासन मिला कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने कहा कि परिजनों के अनुसार राजा कुमार नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या हुई है। इस घटना में कुल 15 लोग शामिल थे। मुख्य अभियुक्त अभिषेक कुमार है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर ली गई है; उनसे पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। कोई भी दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। जनता की मांगे मानने लायक होंगी तो मान ली जाएंगी और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट - प्रदीप कुमार - डीएसपी मोहनिया बाइट - विनोद कुमार मुखिया बहेरा पंचायत बाइट - रामनिवास साह - मृतक के पिता बाइट - घटाव पंचायत मुखिया ग्रामीण
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DRDamodar Raigar
Mar 18, 2026 06:17:44
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण। अल्पसंख्यक मामलात के ACS अश्विनी भगत ने किया निरीक्षण। परिवर्तनियों से फोन पर सीधा संवाद कर, समाधान के निर्देश दिए। अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और समाधान के निर्देश दिए। संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन आमजन की समस्या के समाधान के लिए वरदान साबित हो रही है। अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भगत ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का निरीक्षण कर, संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान ACS भगत ने स्वयं परिवादियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित व प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। बैठक के दौरान संपर्क पोर्टल पर दर्ज अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, ताकि परिवादियों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि, लंबे समय से लंबित मामलों और संतुष्टि श्रेणियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के संयुक्त सचिव असलम शेर खान, अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त निदेशक अबू सूफियान चौहान, मदरसा बोर्ड के secretary चेतन चौहान, आरआईएसएल के समूह महाप्रबंधक जीके शर्मा, सहित राजस्थान संपर्क पोर्टल व अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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