Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Durg490021

भिलाई में सेंट्रल जोन दिव्यांग क्रिकेट टी-20 टूर्नामेंट का आयोजन

Sept 24, 2024 06:32:17
Bhilai, Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के तहत 25 से 29 सितंबर तक भिलाई के सेक्टर 1 ग्राउंड में सेंट्रल जोन दिव्यांग क्रिकेट टी-20 टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। यह टूर्नामेंट भारतीय दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल और बीसीसीआई के सहयोग से हो रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भाग लेंगे। सभी मैच यूट्यूब और फॉन कोड के जरिए प्रसारित किए जाएंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने दिव्यांग खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए इस स्पर्धा का आयोजन किया है।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
MGMOHIT Gomat
Mar 13, 2026 11:48:27
0
comment0
Report
KSKartar Singh Rajput
Mar 13, 2026 11:48:11
Morena, Madhya Pradesh:एंकर- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे. ईस्ट मिडिल युद्ध को लेकर कहा कि यह एक वैश्विक स्थिति उत्पन्न हुई है और वैश्विक स्थिति में भी भारत अपने जनता की हिफाजत और उनकी जरूरत को समूचे रूप से संपूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पर जब वैश्विक युद्ध वेस्ट एशिया में इजरायल ईरान और US के बीच में शुरुआत हुई थी और सभी खाड़ी देश के साथ भी सम्मिलित हुए हैं इस वैश्विक स्थिति में हम लोगों को भी जो संकट का सामना करना पड़ रहा है वह साथ में मिलकर हमको करना होगा लेकिन जो सरकार सारे साधन लगाकर जो स्थिति को निर्मित के लिए प्रतिबद्ध है विश्व भर से जहां से भी हम लोगों को गैस लाना होगा हम लोग लाने की कोशिश करेंगे लेकिन अगर यूरोप और अमेरिका गैस लाना होता है तो समय लगता है लेकिन हमारे पास रिजर्व भी काफी है और तेल मंत्री ने इस पर विश्लेषण संसद में भी आज दिया है। राघव चड्ढा के सवाल पर कहा कि जब सूचना पूर्ण रूप से ना हो तो इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जो वर्तमान की नीति है जो हमारा रेगुलेटर है ट्राई उसके नियम के अनुसार 90 दिन की अवधि दी जाती है डिस्कनेक्शन से पहले और 90 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद ही अगर बैलेंस खाते में ₹20 या ₹20 से ज्यादा हो तो वह 90 दिन की अवधि बाद भी अगर रिचार्ज ना हो तो वह ₹20 खाते में से काट के इनकमिंग कॉल 30 दिन और भी चलते हैं तो यह स्थिति नहीं है उनको कहा गया है और उपभोक्ताओं का सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी भी है और ट्राई हमारा रेगुलेटर है जिसने यह नियम बनाया है। अशोक नगर और कोलारस की रेल कनेक्टिविटी पर कहा कि मैं धन्यवाद देना चाहता हूं रेल मंत्री जी को भी जब मैं मुलाकात की थी इसमें दो स्टॉपेज घोषित हो चुके हैं एक कोलारस के लिए और एक अशोक नगर के लिए उज्जैनी एक्सप्रेस की स्टॉपेज कोलारस में और एक और ट्रेन की स्टॉपेज अशोकनगर में यह बहुत बड़ी मांग थी क्षेत्र की जनता की मैं उनको दिल की गहराइयों से धनवा देता हूं... शिवपुरी उपचुनाव और कांग्रेस की प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा पर कहा कि यह कोर्ट का ऑर्डर है सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है बाइट -ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री
0
comment0
Report
ASABHISHEK SHARMA1
Mar 13, 2026 11:47:48
Chittorgarh, Rajasthan:गंगरार, चित्तौड़गढ़ - एंकर - sadas उपतहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा के राजस्व गांव अमरपुरा में माइनिंग विभाग द्वारा चरागाह और बिलानाम भूमि पर प्रस्तावित लीज को लेकर ग्रामीणों में विरोध देखने को मिल रहा है। इस संबंध में सरपंच भवानीराम जाट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी के नाम उपतहसीलदार साडास को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि गांव के पशुओं के चरने और सार्वजनिक उपयोग की है, इसलिए इसे किसी भी विभाग या भू-माफिया को लीज पर नहीं दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा लीज की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो गांव के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
0
comment0
Report
DGDeepak Goyal
Mar 13, 2026 11:47:33
Jaipur, Rajasthan:कभी rasoee की पहचान रहा केरोसिन… फिर LPG आने के बाद धीरे-धीरे घरों से गायब हो गया। राजस्थान खुद को केरोसिन फ्री राज्य घोषित करने वाला देश के शुरुआती राज्यों में शामिल रहा है। लेकिन हालात ऐसे बने हैं कि अब वही केरोसिन फिर चर्चा में है। एलपीजी की किल्लत, बढ़ती पैनिक बुकिंग और गैस एजेंसियों के बाहर लगती लंबी कतारों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को केरोसिन का आवंटन कर दिया है। राजस्थान को भी करीब 2928 किलोलीटर केरोसिन मिला है। अब सवाल यह है कि क्या गैस संकट के बीच रसोई में फिर केरोसिन की वापसी होने वाली है…देखिए रिपोर्ट। कभी जिस केरोसिन को छोड़कर देश एलपीजी की तरफ बढ़ा था…वही केरोसिन अब फिर चर्चा में है। रसोई गैस की किल्लत और लंबी कतारों के बीच केन्द्र सरकार ने एक बार फिर पुराने ईंधन का सहारा लेने की तैयारी की है। खाड़ी देशों में जारी युद्ध से ईंधन आपूर्ति पर पड़े असर के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरे देश में 48 हजार 240 किलोलीटर केरोसिन का आवंटन अलग-अलग राज्यों को किया है। ताकि जरूरत पड़ने पर आम लोगों को राहत दी जा सके। सरकार रसोई गैस की किल्लत और पैनिक बुकिंग से बिगड़ी आपूर्ति व्यवस्था के बीच एक पुराने विकल्प की ओर लौटने पर विचार कर रही है। खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोलियम ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद कई राज्यों में एलपीजी की उपलब्धता दबाव में आ गई है। ऐसे हालात में केन्द्र सरकार ने राज्यों को केरोसिन का आवंटन कर दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। राजस्थान को भी केरोसिन का आवंटन मिला है। केन्द्र सरकार की ओर से प्रदेश के लिए करीब 2928 किलोलीटर केरोसिन तय किया गया है। हालांकि फिलहाल यह तय करना राज्य सरकार के हाथ में है कि इस स्टॉक को उठाकर वितरण करना है या नहीं और अगर करना है तो किस श्रेणी के उपभोक्ताओं को कितनी मात्रा में दिया जाएगा। केन्द्र की गाइडलाइन के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यही राजस्थान कभी “केरोसिन फ्री स्टेट” बनने की मिसाल देता था। लेकिन अब एलपीजी संकट के बीच वही केरोसिन फिर से सिस्टम में लौटने की तैयारी में है। केन्द्र सरकार से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 7,932 किलोलीटर के साथ उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा केरोसिन का आवंटन किया है। जबकि दूसरे नंबर पर बिहार का है जहां 4452 किलोलीटर है। वहीं तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में 4164 किलोलीटर, चौथे नंबर पर महाराष्ट्र 3,744 और पांचवे नंबर पर तमिलनाडु को 3228 किलोलीटर आवंटन किया गया है। जबकि सबसे कम 12 किलोलीटर लक्ष्यद्वीप में आवंटित किया है। केरोसिन के वितरण को लेकर भी केन्द्र सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान में अब सरकार विचार करेगी कि उसे केरोसिन का स्टॉक उठाकर वितरण करना है या नहीं। अगर करना है तो कैसे, किन कैटेगरी के लोगों को कितना लीटर आवंटित किया जाएगा। केन्द्र सरकार की जो गाइडलाइन है उसमें ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता से आवंटन के लिए कहा है। राज्यों से कहा गया है कि इसका वितरण पूरी निगरानी में किया जाए ताकि केरोसिन बाजार में गलत तरीके से न पहुंचे और पेट्रोल-डीजल में मिलावट के लिए इस्तेमाल न हो। राज्यों को यह भी कहा गया है कि यदि वे केरोसिन वितरण का निर्णय लेते हैं तो उन्हें केन्द्र के साथ समन्वय कर ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण के लिए स्थान चिन्हित करने होंगे। आवंटित स्टॉक का उठाव 45 दिनों के भीतर करना होगा। हालांकि यह स्पष्ट है कि इसे स्थायी समाधान के तौर पर नहीं बल्कि अस्थायी विकल्प के रूप में ही देखा जा रहा है। गौरतलब हैं की पिछले कुछ दिनों से एलपीजी की कमी और अचानक बढ़ी बुकिंग के कारण जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई जगहों पर रसोई गैस की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और हर जिले में विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं, जो जमाखोरी और अवैध बिक्री पर नजर रख रही हैं। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं तक नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। शहरों में अब 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन बाद ही गैस बुकिंग की अनुमति दी जा रही है, ताकि अनावश्यक बुकिंग और जमाखोरी को रोका जा सके। बहरहाल, कुल मिलाकर, एलपीजी सप्लाई पर बने दबाव के बीच सरकार फिलहाल हर विकल्प खुला रखकर हालात संभालने की कोशिश में है। एक दौर में जिस केरोसिन को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए गए थे, वही अब आपात विकल्प के तौर पर फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि अंतिम फैसला राज्य सरकारों को करना है कि वे इस आवंटन को उठाकर आम उपभोक्ताओं तक राहत पहुंचाती हैं या एलपीजी आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार करती हैं। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि रसोई गैस की किल्लत कब तक पूरी तरह खत्म हो पाती है.
0
comment0
Report
CRCHANDAN RAI
Mar 13, 2026 11:47:18
Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल के उमानाथ घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार की चार लड़कियां डूबने लगीं, जिसमें से तीन को बचा लिया गया, जबकि एक लड़की की तलाश जारी है। नवादा जिले के पकरी बरावां क्षेत्र से आई एक 20 वर्षीय लड़की गंगा नदी में डूब गई, जबकि उसके साथ स्नान करने आए तीन अन्य लड़कियों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी लोग नवादा से दादा के श्राद्धकर्म में शामिल होने के बाद गंगा नदी में स्नान करने के लिए उमानाथ घाट आए थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से चारों लड़कियां डूबने लगीं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीन लड़कियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक लड़की गहरे पानी में डूब गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी खोजबीन के बावजूद लड़की का कोई पता नहीं चला है। गोताखोरों की मदद से लड़की की तलाश की जा रही है। बाइट लापता लड़की के परिजन
0
comment0
Report
DGDeepak Goyal
Mar 13, 2026 11:47:00
Jaipur, Rajasthan:शहर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर मारामारी मची हुई है। युद्ध की खबरों के बीच लोगों को डर सता रहा है कि कहीं गैस की आपूर्ति ठप न हो जाए। हालात ये हैं कि हर सेकंड हजारों बुकिंग की वजह से ऑनलाइन सिस्टम भी ठहर सा गया है। तेल कंपनियों और प्रशासन के तमाम दावों के बीच गैस की टंकी लेना तो दूर, उसे बुक करना ही बड़ी चुनौती बन गया है। नतीजा यह कि जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। आम उपभोक्ता ही नहीं, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग भी प्रभावित हो रही है। सरकार और तेल कंपनियां भले ही एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रही हों, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है। राजधानी जयपुर में गैस एजेंसियों से लेकर गोदामों और डंपिंग पॉइंट तक लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कहीं बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो कहीं सर्वर डाउन और ओटीपी सिस्टम ने आम लोगों की रसोई की चिंता बढ़ा दी है। जयपुर में इन दिनों गैस सिलेंडर मानो “इंतजार की परीक्षा” बन गया है। शहर के कई इलाकों में लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों और डंपिंग प्वाइंट पर पहुंच रहे हैं। जवाहर नगर इलाके में भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जहां लोग सुबह से ही अपनी खाली टंकियां लाइन में लगाकर गाड़ी का इंतजार करते दिखाई दिए। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पूरण गैस एजेंसी पर बुकिंग तो करवा दी है, लेकिन एजेंसी से सिर्फ पर्ची मिल रही है। गाड़ी कब आएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं है। जो सिलेंडर पहले बुकिंग के एक-दो दिन में घर तक पहुंच जाता था, अब एक हफ्ते बाद भी नहीं मिल रहा। हालात ये हैं कि होम डिलीवरी का इंतजार छोड़ कई उपभोक्ता खुद ही गाड़ी पर खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी और गोदामों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी सिलेंडर मिलना तय नहीं है। दूसरी तरफ एलपीजी पंपों पर भी हालात कम चुनौतीपूर्ण नहीं हैं। ऑटो और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और चालक घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वीओ-2- जयपुर शहर की सड़कों पर इन दिनों कई लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। घर से निकलते वक्त उम्मीद रहती है कि शायद आज सिलेंडर मिल जाए, लेकिन कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। इस संकट के बीच डिजिटल सिस्टम भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। ओटीपी आधारित डिलीवरी और बार-बार सर्वर डाउन होने की वजह से खासकर बुजुर्ग और महिलाएं कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर भी गैस नहीं ले पा रही हैं। इसी बीच गैस वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना सिलेंडर दिए ही मोबाइल पर डिलीवर्ड का मैसेज आ जाता है। दूसरी ओर घरेलू सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल और रिफिलिंग का खेल भी चल रहा है। घरेलू सिलेंडरों से कमर्शियल सिलेंडरों में गैस भरकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। आरोप है कि कुछ होटलों और ढाबों में चोरी-छिपे घरेलू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जहां एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1900 रुपये है, वहीं ब्लैक मार्केट में वही सिलेंडर 5000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। बहरहाल, कागजों में गैस की कोई कमी नहीं बताई जा रही है, लेकिन जयपुर की सड़कों पर खाली सिलेंडर लेकर खड़े लोग अलग ही तस्वीर दिखा रहे हैं। हालात ये हैं कि जो सिलेंडर पहले एक-दो दिन में घर पहुंच जाता था, अब उसके लिए लोग एजेंसियों से लेकर गोदामों तक चक्कर लगा रहे हैं। सवाल यही है कि अगर आपूर्ति सामान्य है तो फिर आम आदमी की रसोई तक गैस क्यों नहीं पहुंच पा रही…क्योंकि जब सिलेंडर के लिए सड़कों पर कतार लगने लगे, तो समझिए रसोई ही नहीं सिस्टम भी संकट में है।
0
comment0
Report
Mar 13, 2026 11:46:31
Partawal, Uttar Pradesh:परतावल/महराजगंज। नगर पंचायत परतावल स्थित पंचायत इंटरमीडिएट कॉलेज के विशाल मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 546 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा परिसर उत्सव और उल्लास के माहौल से सराबोर रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह, परतावल ब्लॉक प्रमुख आनंद शंकर वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय तथा पूर्व चेयरमैन कृष्ण गोपाल जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की। सामूहिक विवाह समारोह में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए वर-वधुओं का विवाह पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध धर्म के जोड़ों का विवाह उनकी-उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार कराया गया। एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए गए, तो वहीं दूसरी ओर निकाह और बौद्ध रीति से विवाह की रस्में भी पूरी कराई गईं। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी से जुड़ा आवश्यक सामान और आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। अतिथियों ने नवदंपतियों को उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नए जीवन के लिए विदा किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। समारोह को सफल बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना श्यामदेउरवा के थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह तथा परतावल पुलिस चौकी प्रभारी अमित सिंह पुलिस बल के साथ पूरे समय तैनात रहे। उन्होंने समारोह स्थल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखते हुए कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराया। भव्य आयोजन और सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण सामूहिक विवाह समारोह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और लोगों ने सरकार की इस योजना की सराहना की।
0
comment0
Report
AVArun Vaishnav
Mar 13, 2026 11:46:01
Jaipur, Rajasthan:चोरी कर आभूषण के गहने निगल वाला गिरोह पकड़ा, पेट के एक्सरे से मिली सफलता महिला के पेट से निकले मंगलसूत्र और सोने के मोती: मध्यप्रदेश से कार में राजस्थान आता था गिरोह, चोरी के बाद निगल जाती थी गहने कोटरी थाना पुलिस ने एक ऐसे चोर महिला गिरोह का भाड़ा फोड़ किया जिसमें चोरी के बाद महिला गहने को पेट में निगल जाती है. कोटरी थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा की टीम ने ऐसे ही बाछड़ा महिला चोर गिरोह का खुलासा किया. बीते दिनों कोटरी में चारभुजा मंदिर में रंगोत्सव मनाया जा रहा था तभी एक श्रद्धालु के गले से सोने का मंगलसूत्र और 6 मोती चोरी हो गए, पुलिस ने कार सहित 7 महिलाओं को पकड़ कर थाने लाने पर कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी महिला का मेडिकल और एक्स रे करवाया गया तो मंगलसूत्र और मोती अपने आंतरिक अंग (पेट) में छिपा कर रखे थे, अस्पताल में इस माल को बाहर निकाला, चोरी की मास्टरमाइंड सपना सहित 7 महिलाएं गिरफ्तार किया जो मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं, CI महावीर मीणा की इस स्मार्ट कार्रवाई ने साबित किया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो पुलिस से बच नहीं सकता
0
comment0
Report
AMAnkit Mittal
Mar 13, 2026 11:45:40
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर से डेयरी प्रोडक्ट और दूध बेचने वालों की बाइट करा दें जिसमें उनसे FSSAI के इस फैसले पर सवाल किया जाए...साथ ही ग्राहकों से बात की जाए कि FSSAI के इस फैसले को वो कैसे देखते हैं? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की पोस्ट - FSSAI ने एक एडवाइज़री जारी की है, जिसमें सभी दूध उत्पादकों (डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर) और दूध विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपना खाद्य व्यवसाय शुरू करने या जारी रखने से पहले अनिवार्य FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस प्राप्त करें। इस एडवाइज़री का उद्देश्य रेगुलेटरी नियमों का पालन मज़बूत करना और दूध में मिलावट की घटनाओं को रोकना है, साथ ही सुरक्षित तरीके से दूध को संभालना, उसका सही भंडारण करना और जन स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान चलाने और प्रवर्तन जाँच करने की सलाह दी गई है।
0
comment0
Report
RRRakesh Ranjan
Mar 13, 2026 11:45:17
Noida, Uttar Pradesh:UP में एलपीजी को लेकर CM योगी के निर्देश के बाद, प्रदेश के जिलों में प्रशासन सख्त पेट्रोल,डीजल,एलपीजी सिलेंडर्स वितरण की मॉनिटरिंग जिलों के डीएम खुद कर रहे हैं संभल,रामपुर,अमरोहा,कानपुर,आगरा, गोरखपुर,प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या सहित सभी 75 जनपदों के डीएम अलर्ट मोड पर •राजेंद्र पैंसिया,डीएम संभल "यदि कोई भी वितरक या हॉकर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी,जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक,दो दिन का एडवांस स्टॉक मौजूद" •अजय कुमार द्विवेदी,डीएम रामपुर "सभी 45 गैस एजेंसियों पर पर्याप्त गैस उपलब्ध,बरेली और काशीपुर बॉटलिंग प्लांट से हो रही सप्लाई,जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य" •निधि गुप्ता वत्स,डीएम अमरोहा "जिले में गैस को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य,गैस एजेंसियों की जांच के लिए 14 टीमें की गई थीं गठित,37 गैस एजेंसियों पर गठित टीमों ने किया औचक निरीक्षण" •जितेंद्र प्रताप सिंह,डीएम कानपुर "कालाबाजारी या जमाखोरी करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी,जरूरत पड़ने पर एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण भी किया जाएगा,कानपुर में गैस,पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य " •अरविंद मलप्पा बंगारी,डीएम आगरा "आगरा में डीजल पेट्रोल और गैस का पर्याप्त मात्रा में मौजूद,तेल कंपनियों के बॉटलिंग प्लांट और डिपो में कई दिनों का अग्रिम स्टॉक सुरक्षित,कालाबाजारी रोकने को बनाई विशेष टीमें,तहसील स्तर पर हो रही निगरानी,हर तहसील में उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस और आपूर्ति विभाग की विशेष प्रवर्तन टीम गठित" •दीपक मीणा,डीएम गोरखपुर "रसोई गैस की कालाबाजारी की शिकायत पर दो गैस एजंसियों संचालनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर,एक संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया,में 87 अधिकारियों को गैस वितरण के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है,जो एजेंसी वार सुचारू वितरण सुनिश्चित करा रहे हैं,जिले में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल की पर्याप्त आपूर्ति" •मनीष कुमार वर्मा,डीएम प्रयागराज "गैस सिलिंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने 22 सदस्यों की तीन टीमें बनाई, कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी,जिले में सामान्य दिनों में 23 हजार गैस सिलेंडर की आपूर्ति की तुलना में वर्तमान में 27 हजार सिलेंडर की हो रही है आपूर्ति,प्रयागराज में गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य" •सत्येंद्र कुमार,डीएम वाराणसी "वाराणसी में घरेलू गैस ,पेट्रोल और डीजल का वितरण सुचारू रूप से जारी,जिले में प्रतिदिन की खपत के अनुसार गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है" •निखिल टी. फुंडे,डीएम अयोध्या "घरेलू गैस की कोई कमी नहीं,रोजाना करीब साढ़े 12 हजार गैस सिलेंडर की खपत,आपूर्ति सुचारु रूप से हो रही है,सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध" •अविनाश सिंह,डीएम बरेली "बरेली में 91 गैस एजेंसियां, 193 पेट्रोल पंप फुल स्टॉक में, कालाबाजारी पर होगा कड़ा एक्शन,गैस एजेंसीों पर छापा, ओवररेटिंग मिली तो सस्पेंड होगा लाइसेंस"
0
comment0
Report
Mar 13, 2026 11:36:39
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद। इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कांच उद्योग पर भी गैस आपूर्ति में कटौती के कारण संकट के बादल छा रहे हैं। अनेक छोटी चूड़ी यूनिट बंद हो चुकी है कुछ बंद होने के कगार पर है। ‌ जिसकी वजह से बेरोजगारी का संकट भी व्याप्त हो सकता है। दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग ने चूड़ी फैक्ट्री मालिकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए बताया की चूड़ी फैक्ट्री के लिए छोटी भट्टी होने के कारण सीमित गैस उपलब्ध कराई जाती है। यदि उसमें भी कटौती कर दी जाए तो चूड़ी फैक्ट्री को चलाना संभव ही नही‌ है। करीब सौ चूड़ी फैक्ट्रियां संचालित थी। गैस के संकट के कारण उसमें से 30 फैक्ट्री बंद हो चुकी है। ‌ यदि कोई और विकल्प नहीं मिलता है तो और फैक्ट्री भी मजबूरन बंद हो जायेगी। फिरोजाबाद कांच उद्योग के सामने सबसे बड़ा संकट है कि टी टी जेड में होने के कारण यहां तेल या कोयले का उपयोग नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में यह फैक्ट्रियां बंद होती हैं। तो लगभग लाखो लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी।
102
comment0
Report
DGDeepak Goyal
Mar 13, 2026 11:35:18
Jaipur, Rajasthan:शहर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर मारामारी मची हुई है। युद्ध की खबरों के बीच लोगों को डर सता रहा है कि कहीं गैस की आपूर्ति ठप न हो जाए। हालात ये हैं कि हर सेकंड हजारों बुकिंग की वजह से ऑनलाइन सिस्टम भी ठहर सा गया है। तेल कंपनियों और प्रशासन के तमाम दावों के बीच गैस की टंकी लेना तो दूर, उसे बुक करना ही बड़ी चुनौती बन गया है। नतीजा यह कि जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। आम उपभोक्ता ही नहीं, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग भी प्रभावित हो रही है। जयपुर में गैस एजेंसियों से लेकर गोदामों और डंपिंग पॉइंट तक लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कहीं बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो कहीं सर्वर डाउन और ओटीपी सिस्टम ने आम लोगों की रसोई की चिंता बढ़ा दी है। जयपुर में इन दिनों गैस सिलेंडर मानो आतुरता का अनुभव बन गया है। जवाहर नगर इलाके में भी ऐसी तस्वीर दिखी, जहां लोग सुबह से ही अपनी खाली टंकियां लाइन में लगाकर गैस का इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पूरण गैस एजेंसी पर बुकिंग करवाई है, लेकिन एजेंसी से सिर्फ पर्ची मिल रही है। गाड़ी कब आएगी, इसका ठिकाना नहीं है। जो सिलेंडर पहले बुकिंग के एक-दो दिन में घर तक पहुंच जाता था, अब एक हफ्ते बाद भी नहीं आ रहा। होम डिलीवरी का इंतजार छोड़ कई उपभोक्ता खुद ही खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी और गोदामों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी सिलेंडर मिलना निश्चित नहीं है। एलपीजी पंपों पर भी वाहन लंबी कतारों में खड़े हैं और चालक घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जयपुर शहर की सड़कों पर कई लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। घर से निकलते वक्त उम्मीद रहती है कि शायद आज सिलेंडर मिल जाए, लेकिन कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। डिजिटल सिस्टम भी इस संकट में परेशानी बढ़ा रहा है। ओटीपी आधारित डिलीवरी और बार-बार सर्वर डाउन होने से बुजर्ग और महिलाएं कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर गैस नहीं ले पा रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना सिलेंडर दिए ही मोबाइल पर डिलीवर्ड का मैसेज आ जाता है। घरेलू सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल और रिफिलिंग का खेल भी चल रहा है; गैस भरकर मोटा मुनाफा कमाने के आरोप हैं कि कुछ होटलों और ढाबों में चोरी-छिपे घरेलू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1900 रुपये है, जबकि ब्लैक मार्केट में वही सिलेंडर 5000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। कागजों में गैस की कमी नहीं बताई जा रही है, पर जयपुर की सड़कों पर खाली सिलेंडर लेकर खड़े लोग एक अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। सवाल यही है कि अगर आपूर्ति सामान्य है तो फिर आम आदमी की रसोई तक गैस क्यों नहीं पहुंच पा रही है, क्योंकि जब सिलेंडर के लिए सड़कों पर कतार लगने लगे, तो सिस्टम भी संकट में आ गया है।
24
comment0
Report
MSManish Shanker
Mar 13, 2026 11:34:39
33
comment0
Report
Advertisement
Back to top