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पुष्पा कुमारी ने बीपीएससी के एसडीएम बन इतिहास रचा — बेतिया की बेटी का जश्न

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है 70 वीं बीपीएससी परीक्षा में पुष्पा कुमारी एसडीएम बन सफलता हासिल की है बेतिया की बेटी पुष्पा कुमारी के बेतिया आने पर भव्य स्वागत किया गया रेलवे स्टेशन से लेकर पीऊनीबाग़ तक सैकड़ों लोगों ने भव्य स्वागत किया बेटी की सफलता पर बेतिया वासियों ने ढोल नगाड़ों से स्वागत किया एसडीएम बनी पुष्पा कुमारी का शहर में जगह जगह स्वागत किया गया फूल बरसाये गए खुली कार से पुष्पा कुमारी को उनके घर बसवरिया पीऊनीबाग स्वागत करते पहुंचाया गया रेलवे स्टेशन पर सैकड़ो की भीड़ स्वागत कर पुष्पा कुमारी के घर तक पहुंचाने वाला दृश्य भाव विभोर कर देने वाला था शहर के गणमान्य लोगों ने बेतिया की बेटी के एसडीम बनने घर आने पर भव्य स्वागत किया पुष्पा कुमारी ने बताया कि इस उपलब्धि का सारा श्रेय उनके माता पिता और शिक्षकों को जाता है मुझे यह सफलता मेरे परिवार की वजह से मिली है पुष्पा कुमारी ने बताया कि मेहनत लगन अनुशासन के साथ पढ़ाई करने पर सफलता मिलती है सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है
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जयपुर में पति-गर्लफ्रेंड विवाद, सड़क पर हंगामा; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि एक महिला को काफी समय से अपने पति पर किसी दूसरी महिला के साथ रिश्ते का शक था. शक होने पर उसने अपने पति का पीछा किया और उसे कथित तौर पर उसकी गर्लफ्रेंड के साथ देख लिया।इसके बाद पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने बीच सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पत्नी अपने पति से बहस करती और उसे थप्पड़ मारती नजर आ रही है. घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया.ये घटना गाँधी नगर स्टेशन के टोंक रोड वाले एग्जिट के बाहर मुख्य सड़क के पास का बतायी जा रही है।
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बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विकास और संविधान के प्रति आस्था मजबूत

Noida, Uttar Pradesh:बिहार अपने मुख्यमंत्री माननीय सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश और बिहार में संविधान मानने वाले लोगों की सरकार है。 संविधान और बाबा साहब की आस्था प्रधानमंत्री गणनायक नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरे देश में संविधान और पूज्य बाबा साहब आंबेडकर जी में विश्वास रखने वाले लोग सुचारू रूप से देश के नवनिर्माण के लिए काम कर रहे हैं। वहीं बिहार में जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विद्यमान माननीय सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में संविधान की प्रतिष्ठा को जीवंत रखने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अर्बन नक्सल्स को बर्दाश्त नहीं संविधान, पूज्य बाबा साहब आंबेडकर और संविधान के प्रति निष्ठा रखने वाले सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ रहा है संविधान के धूर विरोधी अर्बन नक्सल्स की गोद में खेलने वाले कुछ नवोदित राजनेता संविधान के बारे में बोलेंगे, यह बिहार स्वीकार नहीं करेगा। bिलौती कांड पर त्वरित कार्रवाई बिलौती की दुखद घटना जिसमें भरत भूषण तिवारी की मृत्यु हुई है, उसको लेकर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बेहद संवेदनशील हैं। घटना के तुरंत बाद दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया। उसके तुरंत बाद पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त वरिष्ठ न्यायमूर्ति के नेतृत्व में जाँच आयोग का गठन किया गया। उसके तुरंत बाद दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर माननीय सम्राट चौधरी की सरकार ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। किसी को बख्शा नहीं जाएगा आगे-आगे देखिए, इस पूरे घटनाक्रम में दूध का दूध और पानी का पानी होगा। कनिष्ठ कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। सम्राट चौधरी का 35 साल का अनुभव बिहार में सम्राट चौधरी जी की सरकार राज्य के जनता के सर्वांगीण विकास हेतु समर्पित भाव से काम कर रही है। पिछले पैंतीस सालों के राजनीतिक जीवन में सम्राट चौधरी जी हर जाति और हर धर्म के लोगों से जुड़े हुए हैं। हर जाति और हर वर्ग के लोगों का जुड़ाव भी अपने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से है। सम्राट चौधरी जी बिहार के लोकप्रिय जन नेता हैं जिन्होंने बिहार को विकास के पथ पर ले जाने हेतु अहर्निश प्रयास किया है। बिहार के सुख-दुख में रहने वाले सम्राट चौधरी के साथ पूरा बिहार ताकत के साथ खड़ा है।
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1975 के आपातकाल को काला अध्याय कहकर बीजेपी लोकतंत्र की सुरक्षा पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:इस मुद्दे पर बातचीत करते हुए बिहार सरकार के मंत्री डॉक्टर दिलीप जायसवाल ने कहा कि 1975 का आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय था। उस दौर में नागरिकों के अधिकार और उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा का संदेश देने के लिए आज यह आयोजन कर रही है。 वहीं, खासमहल जमीन को फ्रीहोल्ड करने के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। जमीन धारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाजार मूल्य के आधार पर राशि तय करने पर विचार किया जाएगा। उनका कहना है कि इस फैसले से वर्षों पुराने जमीन विवादों के समाधान का रास्ता खुलेगा。
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अब उज्जैन महाकाल में पारदर्शिता से रिकॉर्ड आय, दान का बेमिसाल खुलासा

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन अयोध्या में दान पर सियासत, उज्जैन महाकाल में पारदर्शिता की मिसाल! अयोध्या के राम मंदिर में दान को लेकर जहां एक तरफ सियासत गरमाई हुई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से पारदर्शिता की एक बड़ी मिसाल सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर में सालभर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु शीश नवाते हैं और दिल खोलकर दान करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चढ़ावे के इस महा-संग्रह की सुरक्षा और गिनती कैसे होती है? मंदिर समिति का दावा है कि यहाँ दान की पाई-पाई का हिसाब पूरी तरह पारदर्शी है। मंदिर के सहायक प्रशासक के अनुसार, महाकाल मंदिर में दान पेटियां समय-समय पर सख्त सुरक्षा के बीच खोली जाती हैं। काउंटिंग रूम पूरी तरह से पारदर्शी और कांच का बना है, जिसे बाहर से कोई भी देख सकता है। यहाँ तैनात कर्मचारियों की जेबें सील होती हैं, यानी उनके कपड़ों में पॉकेट नहीं होती। बैंक अधिकारियों और मंदिर प्रशासन की मौजूदगी में, सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी के बीच नोटों की गिनती की जाती है। यही नहीं, श्रद्धालुओं से मिलने वाले सोने-चांदी के आभूषणों को तत्काल नापकर सीलबंद किया जाता है और इसकी रसीद दी जाती है, जिसके बाद इसे सीधे स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रख दिया जाता है। "मंदिर में कैश, ऑनलाइन, क्यूआर कोड और डाक... हर माध्यम से दान आता है। काउंटिंग रूम में पूरी सिक्योरिटी रहती है। ड्यूटी पर आने-जाने वाले हर कर्मचारी और बैंक कर्मी की चेकिंग होती है। उनके पॉकेट्स सील रहते हैं। सब कुछ कैमरे और एक पारदर्शी कांच के कमरे में होता है। आभूषणों को तत्काल नापकर सीलबंद किया जाता है और समय-समय पर इन्हें री-वैल्यू भी किया जाता है।" पारदर्शिता के इन पुख्ता दावों के बीच, वर्ष 2025-26 में बाबा महाकाल के खजाने में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है। मंदिर को मिले कुल दान और आय के आंकड़े हैरान करने वाले हैं: दान पेटी से नगद राशि: 62 करोड़ रुपये से अधिक नगद काउंटर दान: 5 करोड़ 50 लाख रुपये ऑनलाइन दान: 3 करोड़ 60 लाख रुपये अन्नक्षेत्र दान: 3 करोड़ 38 लाख रुपये गुप्त दान: 4 करोड़ 65 लाख रुपये मनी ऑर्डर: 1 लाख 23 हजार रुपये लड्डू प्रसाद से आय: 65 करोड़ रुपये से अधिक 250 वाली शीघ्रधर्षण व्यवस्था भी शामिल है । इसके अलावा करोड़ों रुपये के सोने-चाँदी के आभूषण भी बाबा के दरबार में अर्पित किए गए हैं। लड्डू प्रसाद, शीघ्र दर्शन और सोने-चांदी समेत अगर महाकाल मंदिर की कुल आय की गणना की जाए, तो यह आंकड़ा 150 करोड़ रुपये से भी अधिक पहुंच चुका है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण मंदिर की आय में यह बंपर उछाल आया है। सियासत के इस दौर में महाकाल मंदिर समिति का यह पारदर्शी सिस्टम वाकई देश के अन्य बड़े मंदिरों के लिए एक बेहतरीन नजीर पेश करता है। बाइट -सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया
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24-28 जून: मध्यप्रदेश पुलिस का सायबर जागरूकता अभियान, रथ से जनता को आगाह

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग द्वारा 24 जून से 28 जून तक सायबर जागरूकता अभियान चलाया जाना है जिसका शुभारम्भ जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश महेंद्र कुमार जैन एवं एसपी पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा सायबर जागरूकता अभियान रथ को हरि झंडी देकर रवाना किया गया। सायबर फ्रॉड से लोगों की आर्थिक एवं मानसिक स्थिति खराब हो रही है इसी के चलते मध्यप्रदेश पुलिस विभाग द्वारा 24 जून से 28 जून तक चलने वाले सायबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत सायबर जागरूकता अभियान रथ के माध्यम से की गई है। रथ को जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश महेंद्र कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा हरि झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रथ जिले में सायबर फ्रॉड से सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करेगा।
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CEIR से 8 लाख के 27 गुम मोबाइल उज्जैन पुलिस ने बरामद कर लौटाए

Ujjain, Madhya Pradesh:Safe Click 2.0 अभियान के तहत नीलगंगा पुलिस की बड़ी सफलता, CEIR पोर्टल से ट्रैक कर बरामद किए गए गुम मोबाइल उज्जैन पुलिस के Safe Click 2.0 अभियान को बड़ी सफलता मिली है। नीलगंगा थाना पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से करीब 8 लाख रुपये कीमत के 27 गुम मोबाइल फोन और एक टैबलेट बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। CSP दीपिका शिंदे और थाना प्रभारी तरुण करील के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक कर यह सफलता हासिल की। थाना नीलगंगा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बरामद मोबाइल और टैबलेट उनके मालिकों को विधिवत सुपुर्द किए गए。 लंबे समय से अपने मोबाइल खो चुके लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब उन्हें उनका सामान वापस मिला। नागरिकों ने उज्जैन पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए पुलिस का आभार भी व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, Safe Click 2.0 अभियान के तहत लोगों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग और मोबाइल गुम होने की स्थिति में CEIR पोर्टल के उपयोग के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है。
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झील में छलांग: पेट दर्द से परेशान महिला की जान बची, पुलिस ने रेस्क्यू

Sagar, Madhya Pradesh:पेट दर्द और नींद ना आने से परेशान महिला ने लगाई झील में छलांग.. एंकर/ सागर की प्रसिद्ध लाखा बंजारा झील पिछले कुछ महीनों से सुसाइड प्वाइंट में तब्दील होती जा रही है आए दिन इस झील पर बने एलिवेटेड कारीडोर से लोग सुसाइड करने की कोशिश कर रहे है। बीती रात फिर एक सुसाइड की कोशिश नाकाम हो गई, झील में पानी कम होने और लोगों की सतर्कता और पुलिस की कोशिश ने एक महिला की जान बचाई। दरअसल बीती रात इस कारीडोर में घूम रहे कुछ लोगों ने देखा कि एक महिला ने झील में छलांग लगाई है तो फौरन पुलिस को सूचना दी और चंद मिनटों में पुलिस यहां पहुंच गई और बेहद जल्दी यहां की एक नाव से लोग महिला तक पहुंचे , गनीमत रही कि जिस जगह महिला गिरी वहां पानी कम था और महिला को रेस्क्यू कर लिया गया। झील से बाहर निकली महिला में बताया कि वो पेट दर्द और नींद से परेशान है और इसी कारण उसने ये कदम उठाया।
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लोको पायलट की सूझबूझ से चार लोगों की जान बची, डीआरएम ने किया सम्मानित

Samastipur, Bihar:लोको पायलट की सूझबूझ से चार जिंदगियां बची ।चलती ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने आये लोगों को देख चालक ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक, डीआरएम ने किया सम्मानित समस्तीपुर रेलवे मंडल के लोको पायलट ने नौकरी के साथ सामाजिक दायित्व व मानवता का मिशाल पेश करते हुए परिचालन के दौरान मंडल के विभिन्न खंडों पर दो महीने के दौरान ट्रेन के नीचे जिंदगी खत्म करने आये चार लोगों की जिंगदगी बचाई। जिसमें दो महिलाएं, एक बच्चा व एक पुरूष शामिल हैं। लोगों की जिंगदगी बचाने वाले लोको पायलटों को अब डीआरएम ज्येाति प्रकाश मिश्रा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। डीआरएम ने बताया कि सभी मामलों में लोको पायलटों ने असाधारण सतर्कता दिखाई है। समय रहते ट्रेन रोकने के साथ ही वे ट्रैक पर उतरे और लोगों को समझा-बुझाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाद में सभी को स्थानीय ग्रामीणों के हवाले किया, जिससे उनकी जिंदगी बच पायी। पहली घटना 22 जून को ट्रेन नंबर 63346 समस्तीपुर - सहरसा सवारी गाड़ी सहरसा की ओर जा रही थी। तभी सलौना व इमली स्टेशनों के बीच लोको पायलट अभय कुमार व सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार को रेल पटरी पर एक महिला अपने बच्चे के साथ लेटी हुई दिखाई दी। लोको पायलट ने बिना एक पल गंवाए असाधारण तत्परता दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोकने में सफलता पाई। इसके बाद दोनों रेलकर्मियों ने नीचे उतरकर उस महिला को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया और ग्रामीणों के सुरक्षित हाथों में सौंप दिया। ट्रैक क्लियर होने के बाद ही ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। दूसरी घटना 01 मई को ट्रेन नंबर 75230 रक्सौल - दरभंगा सवारी गाड़ी रक्सौल से दरभंगा की ओर आ रही थी। इसी क्रम में चालक दल को ढेंग और रीगा स्टेशनों के बीच अचानक ट्रैक पर एक लड़का लेटा हुआ दिखाई दिया। चालक दल के लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने सूझबूझ का परिचय दिखाते हुए आपातकालीन ब्रेक लगाई। सही समय पर ट्रेन रुकने से बच्चे की जान बाल-बाल बच गई। तीसरी 22 मई रक्सौल- सिकटा स्टेशन के बीच सामने आई, जब लोको पायलट मनोज कुमार -2 और सहायक लोको पायलट मणिभूषण कुमार एक गुड्स ट्रेन लेकर जा रहे थे। भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद, जब उन्हें ट्रैक पर एक महिला सोती हुई दिखाई दी, तो उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक दी। महिला पहले रेलवे ट्रैक से हट नहीं रही थी तब सहायक लोको पायलट ने बच्चे को अपनी गोद में लेकर आगे बढ़ना शुरू किया। बच्चे के पीछे-पीछे महिला भी ट्रैक से हट गई। पूछताछ में उसने बताया कि पति के छोड़ देने से परेशान होकर वह बच्चे के साथ आत्महत्या करने आई थी। बाद में दोनों को ट्रेन से स्टेशन लाया गया और ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया। डीआरमए ने कहा कि ये घटनाएं साबित करती हैं कि रेलकर्मी केवल ट्रेन संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों की सजगता, त्वरित निर्णय और संवेदनशीलता की वजह से चार लोगों की जान बचाई जा सकी। ट्रेन परिचालन के दौरान सभी लोको पायलट को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर सजग रहे तो लोगों की जिंगदगी को बचा सकेंगे।
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बांसवाड़ा जिले में बंदर का आतंक: तीन विभागों की खोज बेनतीजा

Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा बंदर आगे आगे और तीन विभाग उसके पीछे पीछे जी हाँ यह कोई कहावत नहीं यह हकीकत है बांसवाड़ा जिले में मोटागांव में एक बंदर का आतंक अबतक गांव के 20 से अधिक लोगों पर हमला कर चूका ग्रामीणों ने बंदर को पकड़ने के लिए प्रसाशन को अवगत कराया फिर क्या बंदर को पकड़ने का अभियान शुरू वन विभाग, पुलिस और पंचायत के कार्मिक बंदर को पकड़ने निकले मोटागांव थानेदार, वन विभाग के रेंजर और घाटोल विकास अधिकारी खुद ढूंढ़ने निकले गांव और उसके आसपास करीब 7 किलोमीटर ढूँढा बंदर को पर बंदर भी निकला शातिर वो टीम के आगे आगे छिपता रहा टीम की पुरे दिन की मेहनत हुई बेकार पुरे दिन तीनों विभागों ने बहुत ढूँढा बंदर को बंदर की तलाश में खाली हाथ लौटना पड़ा विभागों के अधिकारियो को
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सागौर मस्जिद के बाहर हत्या: परिवार ने न्याय के लिए पुलिस से तुंरत कार्रवाई की मांग

Dhar, Madhya Pradesh:धार जिले के सागौर में मस्जिद के बाहर हुए हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है। मृतक सलमान के परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके मकान ध्वस्त करने की मांग की। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। सागौर में मस्जिद के बाहर हुई मारपीट में सलमान की मौत और उसके भाई सलीम के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। मृतक के पिता और सागौर जामा मस्जिद के सदर शमशुद्दीन पटेल अपने पोते के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में न्याय की मांग की। परिजनों का आरोप है कि घटना में शामिल कुछ आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि छह आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं, लेकिन नौशाद और फारूक समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। परिवार का दावा है कि घटना का एक मासूम बच्चा प्रत्यक्षदर्शी है जिसने अपने पिता पर हमला होते देखा था।
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