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Motihari से Raxaul के अवैध सट्टी काउंटर पर छापा: 11 लाख बरामद

Motihari, Bihar:मोतीहारी में एक बार फिर zee बिहार के खबर का असर हुआ है। रक्सौल रेलवे ढाला के पास चल रहे अवैध सटही काउंटर पर पुलिस ने छापेमारी की है। छापेमारी में पुलिस ko मौके से करीब 11 लाख रुपया बरामद हुआ है, जिसमें ढाई लाख के करीब भारतीय रुपया शामिल है। सटही दुकानदार ने पैसे झोला और बोरा में छुपा कर रखा था। पुलिस ko सर्च के दौरान रुपए से भरा दो झोला बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने संजय माथुर नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। चार दिन पूर्व पुलिस एवं एसएसबी ने करीब 45 लाख रुपये जप्त किए थे। लेकिन दो दिनों बाद सटही दुकानदारों ने पुनः अवैध सटही दुकाने शुरू कर दीं। Zee Bihar ने खबर दिखाई तो रक्सौल थाना अध्यक्ष हेमंत सिंह ने सटही दुकानों पर छापेमारी करके करीब 11 लाख जप्त किए।
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धनबाद के तोपचांचि सीएचसी में प्रसव के बाद परिजनों से पैसे मांगने का आरोप

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिला के तोपचांची सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद परिजनों से जबरन पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। वही परिजन ने इसे लेकर हंगामा किया। CHC प्रभारी से स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मनमाने हHar पैसा माँगने का आरोप लगाया।जानकारी के अनुसार, तोपचांची स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला के प्रसव के बाद अस्पताल में कार्यरत एक नर्स पर परिजनों से जबरन एक हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों ने पत्रकारों को बताया कि सरकारी अस्पताल में गरीब और जरूरतमंद लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां भी उनसे पैसे लिए जा रहे हैं, जो बेहद गलत है। वही प्रसव महिला के परिजन ने कहा कि नर्स के द्वारा मनमाने पैसा माँगा गया। जबकि संतान होने पर अपने खुशी से तीन नर्स की दो दो सौ रुपया दे रहे थे। लेकिन अधिक पैसा माँगा गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार सरकारी अस्पताल आते है। जबकि यहाँ भी जबरन पैसा वसूला जा रहा है। वहीं, CHC प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्वेता गुंजन ने कहा कि उन्हें इस संबंध में लिखित शिकायत दिया गया है। मामाले की जाँच कर जो दोषी होंगे कार्रवाई होगी। प्रसव के बाद कोई भी परिजन स्वेच्छा से नर्स को कुछ पैसा देते थे। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि मनमाना पैसा परिजनों से मांगने की शिकायत मिली है।
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फिरोजाबाद में दिनदहाड़े 10 लाख लूट: CCTV फुटेज वायरल, पुलिस जांच तेज

Firozabad, Uttar Pradesh:लूट का सीसीटीवी वीडियो यूपी के फिरोजाबाद में दिनदहाड़े 10 लाख की लूट, तमंचे के बल पर कर्मचारी से कैश लूटकर फरार हुए बदमाश लूट की घटना का सीसीटीवी फुटेज हुआ वायरल पुलिस जांच में जुटी। जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र में आज बेखौफ बदमाशों ने लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस व्यवस्था को चुनौती दे दी। अध्यापक नगर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने एक बीज व्यापारी के कर्मचारी से तमंचे के बल पर करीब 10 लाख रुपये लूट लिए। जानकारी के अनुसार, ऐदल सिंह का पुत्र बंटी कुमार, जो एक बीज व्यापारी के यहां कार्यरत है, दुकान से नकदी लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने जा रहा था। जैसे ही वह अध्यापक नगर के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उसके पास मौजूद कैश लूट लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित बंटी कुमार ने बताया कि लूट की इस वारदात में तीन बाइक सवार बदमाश शामिल थे, जिनमें एक लड़की भी मौजूद थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिरसागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके। दिनदहाड़े हुई इस लूट की घटना ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है, वहीं पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर गौरक्षक-संत समाज का प्रदर्शन

Rewari, Haryana:गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलवाने के लिए गौरक्षक, और संतसमाज के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलवाने की पुरजोर अपील की है। संतसमाज के लोगों की माने तो लाख कोशिशों के बावजूद हमारी सरकार गौकशी जैसे घिनोने कृत्य को रोक नहीं पा रही जबकि केंद्र व प्रदेश दोनों जगह भाजपा की ही सरकार है। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल गौमाता की राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलवाए बल्कि गौकशी करने वालों के लिए फांसी या आजीवन कारावास की सज़ा का कानून बनाये ताकि वर्षों से चले आ रहे इस घिनोने कृत्य को समाप्त किया जा सके। अगर ऐसा नहीं हुआ तो संत समाज आमरण अनशन भी चला जायेगा। वहीं मुस्लिम समाज के प्रधान व मार्किट कमेटी मेवात के पूर्व चेयरपर्सन शकूर खान ने कहा कि गौहत्या न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि इससे आपसी भाईचारा भी खराब होता है इसके लिए कई बार मुस्लिम समाज ने पंचायतों के माध्यम से भी गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने की अपील की जिसका असर दिखाई नहीं दे रहा। इन्होंने मुस्लिम समाज की तरफ से मौजूदा भाजपा सरकार से अपील की कि जल्द से जल्द सरकार को इस ओर कड़ा रुख इख्तियार करते हुए गौहत्यारो के लिए फांसी की सज़ा का कानून पारित करे और गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करे ताकि बेजुबानों की हत्या बंद हो सके और समाज में एकता अखंडता और भाईचारा स्थापित हो सके.
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चांदपुर तहसील के प्रधान लिपिक संजीव कुमार ने खुद को गोली मारी, हालत गंभीर

Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर के चांदपुर तहसील में संबद्ध चल रहे राजस्व विभाग के प्रधान लिपिक संजीव कुमार ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। कनपटी से सटाकर मारी गई गोली सिर में पार निकल गई। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया है। बिजनौर कलक्ट्रेट के प्रधान लिपिक संजीव कुमार चांदपुर तहसील में संबद्ध चल रहे थे। आज शाम समय करीब साढ़े चार बजे संजीव कुमार ने बिजनौर की इंद्रलोक कॉलोनी में स्थित घर में खुद को लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार ली। बताया गया कि कनपटी से सटाकर गोली मारी है। गोली उनके सिर के पार निकलकर छत में जा टकराई। छत में गोली के निशान बने हुए हैं। गोली चलने की आवाज सुनकर उनका बेटा दौड़कर कमरे में पहुंचा तो संजीव कुमार को लहूलुहान पाया। आनन फानन मे अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया। पुलिस अफसरों ने बताया कि प्राथमिक जांच में मानसिक तनाव और पत्नी से अनबन की बात सामने आ रही है। आत्मघाती कदम उठाने के सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। उधर यह भी सामने आया कि संजीव कुमार नशे के आदि थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि संजीव कुमार ने साल 2013 में भी अपने पैर में गोली मार ली थी। चांदपुर तहसील में संबद्ध चल रहे संजीव कुमार पूर्व में डीएम के पेशकार भी रह चुके है।
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फरहेदी गांव में भाई ने बहन की हत्या, गिरफ्तार आरोपी

Noida, Uttar Pradesh:कुंवर आकाश सिंह, एसपी ग्रामीण, मुरादाबाद थाना कुंदरकी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम फरहेदी में एक युवक द्वारा अपनी बहन की हत्या कर दी गई, प्रकरण में थाना कुन्दरकी पर पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, उक्त संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आये दिन भाई कभी किसी से लड़ाई करता था तो कभी किसी से, जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक मानसिक रूप से है कमजोर, पूर्व ने भी जेल जा चूका है आरोपी भाई, 32 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर भाई की देखरेख कों 16 वर्षीय बेटी कों घर छोड़कर गया था परिवार, दोनों मे हुए झगडे के बाद भाई ने दराती उठाकर बहन की काटी गर्दन, देर रात परिवार घर आया तो घर मे बेटी कों पड़ी देख पुलिस कों दी सूचना, पुलिस ने शव कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम कों भेजा, मुरादाबाद मे कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव फरहेंदी गांव की पूरी घटना। बाइट :- मृतका के पिता।
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ओडिशा के ग्रामीण बैंक के बहन की मौत के नाम पर पैसे मांगने वाला मामला

Keonjhar, Odisha:ମଲ୍ଲିପଶି ରେ ଚାଞ୍ଚଲ୍ୟ:.. ----------------------------------- ବ୍ୟାଙ୍କ ସାମ୍ନାରେ ଶବ ରଖି ଟଙ୍କା ମାଗିଲେ ବୃଦ୍ଧ ବ୍ୟକ୍ତି .... ​ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ଏଭଳି ଏକ ଅଭାବନୀୟ ତଥା ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟଜନକ ଘଟଣା ଆଜି ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ଜଣେ ବ୍ୟକ୍ତି ବୋଧେ ସେ ବ୍ୟାଙ୍କ ସବୁର ବିଧି ବ୍ୟବସ୍ଥା ବିଷୟରେ ଅଜ୍ଞ ଥିବେ ନିଶ୍ଚିତ, ସେ ନିଜ ଭଉଣୀଙ୍କ ମୃତ ଦେହକୁ ଓଡିଶା ଗ୍ରାମୀଣ ୟାଙ୍କ ସାମନାକୁ ଆଣି ତାଙ୍କ ଜମା ଖାତାରେ ଥିବା ଟଙ୍କାକୁ ଦେବା ପାଇଁ ଦାବି କରୁଥିଲେ..! ଏ ଖବର ଏବେ ଚର୍ଚ୍ଚାର ବିଷୟ ପାଲଟିଛି। ​ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ, ମଲ୍ଲିପଶି ସ୍ଥିତ ବ୍ୟାଙ୍କ ଶାଖାରେ ଏହି ବ୍ୟକ୍ତି ଙ୍କ ଭଉଣୀ ଯିଏ ଜଣେ ଅବିବାହିତ ତାଙ୍କର ନିକଟ ରେ ମୃତ୍ୟୁ ହୋଇ ଯାଇଥାଲା, ତାଙ୍କ ନାମରେ କିଛି ଟଙ୍କା ଏହି ଶାଖାରେ ରହିଥିଲା, ବ୍ୟକ୍ତି ଜଣକ ଏକ ମାସ ହେଲା ସେ ଟଙ୍କାକୁ ଉଠାଇବା ପାଇଁ ସମସ୍ତ ଚେଷ୍ଟା ସତ୍ୱେ ବ୍ୟାଙ୍କ କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷ ଦେଇନଥିଲେ, ବରଂ କହିଥିଲେ ତାଙ୍କ ପୁଅ ଝିଅ ବା ସ୍ଵାମୀ ଅଛନ୍ତି ହେଲେ ଧରି ଆସ ବା ତାଙ୍କୁ ଆଣ ଟଙ୍କା ନେବ, ବାସ୍ ସେ ଅନ୍ୟ ଉପାୟ ନପାଇ ପୋତା ହୋଇଥିବା ଗଳିତ ଶବକୁ ଏକ ସିମେଣ୍ଟ ଅଖାରେ ଅଧା ଯାଏଁ ଭର୍ତ୍ତି କରି ବ୍ୟାଙ୍କ କୁ ପହଞ୍ଚିଥିଲା..! ଏ ଘଟଣା ଶୁଣି ଘଟଣାସ୍ଥଳରେ ଲୋକଙ୍କ ପ୍ରବଳ ଭିଡ଼ ଜମିବା ସହ କିଛି ସମୟ ପାଇଁ ଉତ୍ତେଜନା ପ୍ରକାଶ ପାଇଥିଲା。
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शोपियां के दारुल उलूम सिराज-उल-उलूम को गैर-कानूनी संगठन घोषित कर परिसर सील

Shopian, 132 कनाल ज़मीन पर बना कश्मीर का सबसे बड़ा मदरसा, 'सिराज-उल-उलूम', 'गैर-कानूनी संस्था' घोषित। मदरसा प्रशासन ने किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया और सरकार से कहा कि अगर वे हमारे जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे फिर से जांच करें। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने शोपियां में स्थित दारुल उलूम जामिया सिराज-उल-उलूम को UAPA के तहत एक "गैर-कानूनी संगठन" घोषित कर दिया है। प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (JeI) से इसके रिश्तों, वित्तीय अनियमितताओं और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने की चिंताओं का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने मदरसे को सील कर दिया और इसकी संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया। यह इस क्षेत्र का पहला मदरसा है जिसे इस कानून—गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967—के तहत 'गैर-कानूनी संगठन' घोषित किया गया है। यह घोषणा कश्मीर के डिविज़नल कमिश्नर, अंशुल गर्ग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से की गई थी। उन्होंने इस आदेश को जारी करते समय अधिनियम की धारा 8(1) के तहत उन्हें प्राप्त शक्तियों का प्रयोग किया। आदेश के अनुसार—जिसकी एक प्रति Zee News के पास उपलब्ध है—यह कार्रवाई शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत एक डॉसियर (सं. CS/Conf-S/JeI/2026/22670-70, दिनांक 24 मार्च, 2026) के आधार पर शुरू की गई थी। रिकॉर्ड और फाइल में मौजूद सामग्री की जांच करने के बाद, अधिकारियों ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह संस्था—जो ज़ाहिर तौर पर एक धार्मिक शिक्षण संस्थान के रूप में काम कर रही थी—"गंभीर कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं से भरी हुई थी।" आदेश में आगे कहा गया है कि विश्वसनीय इनपुट और सबूत इस बात का संकेत देते हैं कि इस संगठन ने जमात-ए-इस्लामी (JeI) के साथ लगातार और गुप्त संबंध बनाए रखे हैं। जमात-ए-इस्लामी एक प्रतिबंधित और गैर-कानूनी संगठन है, जिसे भारत सरकार ने अधिसूचना S.O. ...आदेश सं. 1145(E), दिनांक 28 फरवरी, 2019 के माध्यम से प्रतिबंधित किया था। आदेश में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े व्यक्ति इस संस्था पर अभी भी 'वास्तविक नियंत्रण' (de facto control) बनाए हुए हैं—इस नियंत्रण में इन व्यक्तियों को संस्था के भीतर प्रमुख प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों पर नियुक्त करना भी शामिल है। अधिकारियों ने वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी और संदिग्ध प्रबंधन को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। संस्थागत फंड्स, और वित्तीय नियंत्रण ढांचों में किए गए बदलाव। ये कारक संस्था के फंड्स के संभावित दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल को लेकर आशंकाएं पैदा करते हैं। इसके अलावा, आदेश में बताई गई रिपोर्टों का दावा है कि, समय के साथ, संस्था ने एक ایسا माहौल बनाया है जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल है। इन रिपोर्टों के अनुसार, संस्था के कई पूर्व छात्र कथित तौर पर उग्रवादी गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक कार्यों में शामिल पाए गए हैं। सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए—जिनकी पुष्टि खुफिया इनपुट और ज़मीनी जांच से हुई है—यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि इस परिसर का उपयोग किसी गैर-कानूनी संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इससे पहले 31 मार्च को संस्था के चेयरमैन को एक 'कारण बताओ नोटिस' (नोटिस संख्या Div.Com/RA-7875301/2026, दिनांक 31 मार्च, 2026) जारी किया गया था, जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था कि उनकी संस्था को गैर-कानूनी क्यों घोषित नहीं किया जाना चाहिए। चेयरमैन ने इसके जवाब में अपनी आपत्तियां दर्ज कीं, जिसके बाद इस मामले पर SSP शोपियां की राय मांगी गई (पत्र संख्या CS/Conf-S/JeI/2026/17900-03, दिनांक 21 अप्रैल, 2026 के माध्यम से)। हालांकि, अपनी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि ये आपत्तियां “गलतफहमियों पर आधारित और तथ्यात्मक रूप से कमज़ोर ...” थीं और “कानूनी रूप से आधारहीन” थीं। आदेश में आगे कहा गया है कि ये कार्रवाइयां एहतियाती (निवारक) प्रकृति की हैं, जिनका उद्देश्य संस्था के परिसर का गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए दुरुपयोग रोकना है; इसलिए, आपराधिक मुकदमों के विपरीत, इनके लिए “उचित संदेह से परे” (beyond reasonable doubt) सबूत की आवश्यकता नहीं होती है। आदेश में आगे यह भी कहा गया है कि संस्था के निर्दोष होने के दावे को—कि वह इन गतिविधियों में शामिल नहीं थी—स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपलब्ध सबूतों से पता चला कि संस्था को इन गतिविधियों के बारे में जानकारी थी, लेकिन उसने अपने परिसर के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए। UAPA की धारा 8(1) का हवाला देते हुए, डिविज़नल कमिश्नर ने औपचारिक रूप से इस संस्था को एक “गैर-कानूनी संगठन/स्थान” घोषित कर दिया है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद, शोपियां के संबंधित अधिकारियों ने, शोपियां के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में, इस संस्थान के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई में संस्थान के परिसर को सील करना, उसके वित्तीय खातों और संपत्तियों को ज़ब्त करना, और स्कूल की सभी चल संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करना शामिल है। सूत्रों ने 'ज़ी न्यूज़' को बताया कि पुलिस रिकॉर्ड और जांच से ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कम से कम 17 छात्रों ने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया था और 1990 के बाद से अलग-अलग मुठभेड़ों में समय-समय पर वे मारे गए। हालांकि, मदरसा प्रशासन ने किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल होने या जमात-ए-इस्लामी संगठन से किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार किया है। उन्होंने सरकार से कहा है कि अगर अधिकारी उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे एक नई समिति बनाकर मामले की फिर से जांच करवा सकते हैं; हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे。 وقت: शोपियां स्थित दारुल-उलूम-सिराज-उल-उलूम के चेयरमैन मोहम्मद शफी लोन ने कहा, "हमें 31 मार्च को डिविजनल कमिश्नर से एक नोटिस मिला था, जिसमें हमसे 14 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया था—जो हमने विधिवत जमा कर दिया था। हालांकि, आज सुबह हमें पता चला कि इस परिसर को अवैध घोषित कर दिया गया है। हमें पता चला कि एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि दारुल-उलूम गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल है। हमारे द्वारा जवाब जमा किए जाने के बावजूद, यह घोषणा कर दी गई है कि यह संस्थान वास्तव में अवैध कार्यों में लिप्त है। हम अधिकारियों से पूरी विनम्रता के साथ अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले की विस्तार से जांच करने के लिए एक समिति का गठन करें। हम ऐसी किसी भी समिति को अपना पूरा सहयोग देने का वादा करते हैं; यदि जांच में हम दोषी पाए जाते हैं, तो विभाग जो भी कार्रवाई उचित समझेगा, हम उसका पालन करेंगे। हम किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि में बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं। हम किसी भी फैसले का सामना करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि हम पूरी तरह से स्थापित नियमों और मानदंडों के अनुसार ही काम करते हैं। हमारा जमात-ए-इस्लामी से बिल्कुल भी कोई जुड़ाव नहीं है। इस संस्थान को पहले गुल मोहम्मद सोफी नाम के एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाता था; वे एक संत-समान व्यक्ति थे, जिन्होंने यह ज़मीन केवल कर्ज़ लेकर हासिल की थी। हम एक गैर-सरकारी संगठन हैं, जो वर्तमान में इस संस्थान का प्रबंधन कर रहा है। हमारा जमात-ए-इस्लामी संगठन से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। हम केवल 'क Kashmir School Federation' के साथ पंजीकृत हैं, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। हम पूरी तरह से इस बात से इनकार करते हैं कि हमारा किसी भी 'जमात' या विशेष रूप से जमात-ए-इस्लामी के साथ कोई भी जुड़ाव है। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि अगर वे हमारे जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे इस मामले की गहन जांच करने के लिए एक नई समिति का गठन कर सकते हैं। मैं एक बार फिर दोहराता हूं कि हममें से किसी का भी जमात-ए-इस्लामी से कोई जुड़ाव नहीं है। अपनी बात करूं तो, मैं इस संस्थान के चेयरमैन के तौर पर काम करता हूं, और वर्तमान में जमात-ए-इस्लामी से मेरा बिल्कुल भी कोई संबंध नहीं है। असल में, मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं।" इस बीच, UT की लगभग हर राजनीतिक पार्टी—BJP को छोड़कर—ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी और इसकी आलोचना की; वहीं BJP ने इस फ़ैसले का स्वागत किया। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर का बयान: PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने शोपियां स्थित दारुल उलूम जामिया सिराज-उल-उलूम को 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत एक "गैर-कानूनी संगठन" घोषित किए जाने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कदम को समाज के वंचित वर्गों के साथ "घोर अन्याय" बताया。 बयान: मोहित भान (प्रवक्ता, PDP) एक अन्य राजनेता और 'पीपल्स कॉन्फ्रेंस' के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी 'X' (ट्विटर) पर जाकर शोपियां में दारुल उलूम जामिया सिराज-उल-उलूम को बंद करने के कदम पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने सरकार पर कानूनों को "सिर्फ़ बेसहारा लोगों के ख़िलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने" का आरोप लगाया। इस बीच, यह सवाल अब भी बना हुआ है कि उन 816 छात्रों और 112 कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा, जो अभी भी सीधे तौर पर इस संस्थान से जुड़े हुए हैं? उनका क्या होगा? उन्हें कहाँ समायोजित किया जाएगा? क्योंकि इस आदेश में उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
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हाई स्कूल के मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित

ASAmit SinghFollow24m ago
Deoria, Uttar Pradesh:ग़ौरीबाजार देवगांव स्थित चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज में सोमवार को हाई स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। हाई स्कूल परीक्षा में मधु कुमारी ने 91.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं विनीत 91.1 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा निधि गोड 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त ज्योति विश्वकर्मा (88.4%), आकाश (88%) एवं अमन शर्मा (85%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र मौर्य ने सभी विद्यार्थियों को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। विद्यार्थियों को इसी लगन के साथ पढ़ाई जारी रखनी चाहिए, जिससे वे भविष्य में अपने क्षेत्र और गांव का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम में चंद्रभान सिंह, रवि सिंह, प्रभात रंजन मणि त्रिपाठी, विनोद कुमार, प्रह्लाद सिंह, जितेंद्र मोहन सिंह, राकेश दीक्षित, मधुसूदन चौबे, अविनाश पटेल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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