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फलसूंड के दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल शुरू की

Jaisalmer, Rajasthan:फलसूंड में ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल, सभी मेडिकल स्टोर रहे पूरी तरह बंद। फलसूंड, जैसलमेर जैसलमेर के फलसूंड में ऑनलाइन फार्मेसी और ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन के विरोध में आज फलसूंड कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्र में दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। इस दौरान क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहे, जिससे दवाइयों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह ठप रही। केमिस्टों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाकेमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण गौतम ने बताया कि ऑनलाइन दवाइयां बेचने वाली कंपनियां बिना उचित सत्यापन के धड़ल्ले से दवाइयां सप्लाई कर रही हैं। इससे न केवल स्थानीय छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, बल्कि बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों के ऑनलाइन बिकने का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा दे रही है और इसमें नकली दवाओं की आपूर्ति की संभावना भी ज्यादा रहती है। सरकार को तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने अपनी मांगे रखते हुए कहा कि ई-फार्मेसी और ऑनलाइन मेडिकल पोर्टल्स पर तुरंत कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए। पारंपरिक दवा विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। बिना फार्मासिस्ट के वेरिफिकेशन के दवाइयों की होम डिलीवरी को गैर-कानूनी घोषित किया जाए। मुख्य मांगो को लेकर केमिस्ट अड़े रहे। अचानक हुई इस हड़ताल के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कस्बे के व्यापार मंडल और अन्य संगठनों ने भी केमिस्टों की इस मांग को जायज ठहराते हुए उनकी हड़ताल का नैतिक समर्थन किया है। केमिस्टों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है। बाइट - सत्यनारायण गौतम,अध्यक्ष,जिला केमिस्ट एसोसिएशन
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दरम्यान पंडित-प्रबंधन के बीच मंदिर विवाद दोहराया, सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप तेज

Datia, Madhya Pradesh:देश प्रसिद्ध में इन दिनों पूजा-पाठी पंडितों और मंदिर प्रबंधन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर तकरार चल रही है। मंदिर से जुड़े कुछ पंडित जहां प्रबंधन के समर्थन में हैं, वहीं पूजा-पाठी पंडित व्यवस्थाओं का विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस विवाद को लेकर पूर्व में कलेक्टर दतिया ने बैठक लेकर दोनों पक्षों को समझाइश दी थी, जिसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया था। लेकिन हाल ही में प्रबंधन द्वारा “श्री मंदिर एप” के संबंध में की गई कार्रवाई के बाद विवाद फिर से बढ़ गया। दोनों पक्ष अब एक-दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। एक-दूसरे को भ्रष्ट बताने की कोशिश की जा रही है। बीती रात मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इस दौरान पीठ से जुड़े पंडित विष्णुकांत मुड़िया की धर्मपत्नी के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। जानकारी के अनुसार विवाद की मुख्य वजह मंदिर परिसर में पंडितों के बैठने की व्यवस्था को लेकर है। पीठ प्रबंधन का कहना है कि मंदिर प्रांगण और चबूतरों पर बैठकर पूजा-पाठ कराने वाले लोग दर्शनार्थियों से सीधे संपर्क न करें तथा निर्धारित स्थान खाली कर साधना हॉल में बैठकर अपनी गतिविधियां संचालित करें। वहीं पूजा-पाठी पंडित इसे अपनी परंपरागत व्यवस्था में हस्तक्षेप बता रहे हैं। फिलहाल मामला लगातार गरमाता जा रहा है और श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
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शहापूर-सापगाव सड़क पर डामरीकरण से यातायात जाम; नागरिकों में नाराज़गी

Thane, Maharashtra:शहापूर सापगाव rस्त्यावर वहातुक कोंडी... वाहतूक कोंडीनं नागरीक हैराण... शहापूर तालुक्यातील शहापूर ते सापगाव अतिशय महत्त्वाचा असणाऱ्या रस्त्यावर लिबर्टी कंपनी जवळ डांबरीकरणाचं काम सुरु करण्यात आले आहे. त्यामुळे या ठिकाणी कमालीची वाहतूक कोंडी होऊन वाहानांच्या दोन ते तीन किलोमीटर पर्यंत लांबच लांब रांगा लागल्या आहेत. शहापूर, मुरबाड, किन्हवली, सरळगाव व शेणवा अशा अनेक गावं पाड्यांना जोडणारा हा मुख्य रस्ता आहे. संबंधित ठेकेदाराने डांबरीकरणाचे काम सुरू करण्यापूर्वी पर्याय मार्ग उपलब्ध केलेला नाही आहे. तसेच सदरचे काम रात्रीच्यावेळी घेण्यात यायला हवं होतं. सध्या उन्हाचा पारा वाढला व महाराष्ट्रावर पेट्रोल- डिझेल वाढचे संकट असतांना वाहन चालकांना तासनतास वाहतुक कोंडीत अडकाव लागलं आहे. यामुळे वाहतुक कोंडीत अडकलेल्या नागरीकांतुन प्रशासन व ठेकेदारा विरोधात संताप व्यक्त केला जात आहे.
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लातेहार केचकी ओवरब्रिज पर पलामू एक्सप्रेस की चपेट में आई महिला की मौत

Latehar, Jharkhand:लातेहार बरवाडीह डालटनगंज-गढ़वा रेल सेक्शन अंतर्गत चियांकी और केचकी स्टेशन के बीच स्थित केचकी रेलवे ओवरब्रिज पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार पोल संख्या 272 के 20/22 डाउन लाइन पर डाउन पलामू एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक अज्ञात महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब पांच बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला रेलवे पुल के आसपास घूम रही थी, तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन की चपेड में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि महिला का शव पुल के समीप फंस गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृत महिला पिछले एक दिन से अर्द्धविक्षिप्त हालत में इलाके में घूमती नजर आ रही थी। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ सब इंस्पेक्टर आरके मिंज व उनकी टीम मौके पर पहुंच मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है।
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ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक: हिंडौन में मेडिकल स्टोर बंद, मरीज परेशान

Karauli, Rajasthan:ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को हिंडौन में दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों को दवा खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा। AIOCD के आह्वान पर आयोजित इस बंद को जिलेभर के मेडिकल व्यापारियों का समर्थन मिला। दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाइयों की सप्लाई हो रही है, जिससे नकली और नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ रहा है। हिंडौन एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत खत्री और यूनुस मोहम्मद ने बताया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां नियमों की अनदेखी कर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं। इससे आम लोगों की सेहत को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई प्रतिबंधित दवाइयां भी ऑनलाइन माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जबकि मेडिकल स्टोर संचालकों को डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा बेचने की अनुमति नहीं होती। दवा विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां भारी छूट देकर ऑनलाइन कारोबार कर रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन दवा सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और फार्मासिस्ट संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। बंद के दौरान हिंडौन सिटी में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे और व्यापारियों ने एकजुट होकर ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध जताया।
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खरगोन में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर्स बंद

Khargone, Madhya Pradesh:एंकर - खरगोन में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में खरगोन के केमिस्ट एसोसिएशन का प्रदर्शन। मेडिकल व्यवसाई ने पैदल, सायकल से, तांगे और ई-रिक्शा से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में खरगोन सहित पूरे जिले में आज मेडिकल स्टोर्स बंद हैं। मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष लोकेंद्र छाजेड़ ने सरकार से आह्वान किया कि ऑनलाइन में किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। ऑनलाइन पर जिले से लेकर सरकार तक कोई नियंत्रण नहीं, जिससे जनता, केमिस्ट एवं डॉक्टर तीनों प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ध्यान दे।
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दवा विक्रेताओं के विरोध से टोंक समेत प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर बंद

Kota, Rajasthan:एंकर — प्रदेशभर में दवा विक्रेताओं द्वारा सरकार की नई नीतियों और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर्स बंद रखे गए, जिसका असर टोंक जिले में भी देखने को मिला। शहर सहित जिलेभर के 2000 मेडिकल स्टोर्स पर ताले लटके नजर आए। मेडिकल व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री, दवाओं की गुणवत्ता और व्यापार पर पड़ रहे असर को लेकर नाराजगी जताई। दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की सप्लाई से दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बड़े प्लेटफॉर्म भारी डिस्काउंट देकर छोटे व्यवसायियों को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मेडिकल स्टोर्स बंद रहने से आम मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हालांकि सरकारी अस्पतालों में संचालित योजना के तहत मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन निजी मेडिकल स्टोर्स का कहना है कि दवा बाजार में सप्लाई सिस्टम को लेकर भी बड़ा खेल चल रहा है, जिससे छोटे व्यापारी लगातार प्रभावित हो रहे हैं। दवा विक्रेताओं ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम बनाए जाएं और स्थानीय मेडिकल व्यवसायियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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