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12 घंटे में बरामद विवाहिता, पुलिस ने अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश किया

Khajuria Khurd, Bihar:भभुआ से बैंक के काम से निकली महिला मोहनिया के एक अर्धनिर्मित मकान से मिली, पुलिस कर रही है हर पहलू की गहन जांच कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र से लापता हुई एक विवाहिता को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। मोहनिया डीएसपी गोपाल कृष्ण ने अपने अनुमंडल कार्यालय कक्ष में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी。 डीएसपी गोपाल कृष्ण ने बताया कि बीती 4 जुलाई 2026 को सोनहन थाना क्षेत्र के पचगांवा निवासी निर्मल बिंद (अपहृता के पिता) ने पुलिस में एक लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर भभुआ थाने में प्राथमिकी कांड संख्या 667/26 दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, निर्मल बिंद की बेटी, जिसकी शादी भभुआ थाना क्षेत्र के ही वार्ड नंबर 3 में हुई है, 3 जुलाई की शाम बैंक के किसी कार्य से भभुआ शहर आई थी। इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई और वापस घर नहीं लौटी。 मामले में मोड़ तब आया जब 4 जुलाई की सुबह अपहृता के परिजनों के मोबाइल पर एक वीडियो संदेश प्राप्त हुआ। वीडियो में महिला ने रोते हुए दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है और वे उसे कहीं दूर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद परिजनों को एक फोन कॉल भी आया, जिसमें इसी बात को दोहराया गया। घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कैमूर के निर्देश पर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें भभुआ और मोहनिया दोनों थानों की पुलिस को शामिल किया गया。 डीएसपी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध क्षेत्र की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई। परिजनों को भेजे गए वीडियो में दिख रही छत कंडी और पटिया' की बनी थी, जिसके आधार पर महाराणा प्रताप कॉलेज के पूर्वी हिस्से में स्थित लगभग 100 से अधिक मकानों, झाड़ियों और संदिग्ध ठिकानों की गहन तलाशी ली गई। अंततः 4 जुलाई की रात लगभग 11 बजे पुलिस टीम ने जगजीवन राम हॉस्टल के समीप एक अर्धनिर्मित मकान से महिला को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के समय वहाँ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था。 महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल मोहनिया ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। डीएसपी गोपाल कृष्ण ने स्पष्ट किया कि महिला फिलहाल सुरक्षित है, उसे कोई बाहरी चोट नहीं है और वह खतरे से बाहर है। हालांकि, वह अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस एफएसएल (FSL) टीम की मदद से साक्ष्य जुटा रही है और मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके。 बाइट - गोपाल कृष्णा ,डीएसपी मोहनिया
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सरयू नहर में मगरमच्छ के हमले से 55 वर्षीय महिला की मौत

Bahraich, Uttar Pradesh:जनपद बहराइच के थाना सुजौली व रेंज निशानगाड़ा अंतर्गत सरयू नहर में मगरमच्छ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। मगरमच्छ महिला का एक पैर खा चुका था और शरीर पर कई गहरे जख्म थे। मृतका की पहचान केतकी, उम्र 55 वर्ष, पत्नी रमेश, निवासी मोहकमपुरवा, ग्राम पंचायत चफरिया के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि केतकी शनिवार शाम पड़ोसी गांव हजारीपुरवा में एक रिश्तेदार के यहां शादी में शामिल होने के लिए घर से निकली थी। रातभर घर न लौटने परिजन परेशान थे। रविवार सुबह लगभग 9 बजे सरयू नहर के 10 नंबर पुल से लगभग 600 मीटर दूर रमपुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने नहर में एक मगरमच्छ को महिला का शव मुंह में दबाए देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़ पड़े। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमपुरवा विनोद वर्मा ने ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ के चंगुल से शव को छुड़ाकर बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने एसआई मारकंडे मिश्रा और सत्तार को मौके पर भेजा। लेखपाल अरुण कुमार व ग्राम प्रधान चफरिया अजीज अहमद ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। महिला का शव घर से करीब 3 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। पुलिस टीम ने लेखपाल व ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही घटनास्थल परिजन पहुंचे और रोते-बिलखते रहे
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शाहजहांपुर के घोटाला से चार युवक पानी की टंकी पर गिरफ्तारी की मांग

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में सरकारी योजना के नाम पर ठगी का शिकार हुए चार लोग पानी की टंकी पर चढ़ गए। पानी की टंकी पर चढ़े चारों लोगों ने धमकी दी थी कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वोट टंकी से पूछ कर अपनी जान दे देंगे। फिलहाल कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद ही चारों युवकों को पानी की टंकी से नीचे उतारा जा सका। पूरी घटना चौक कोतवाली क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी स्थित पानी की टंकी की है। जहां पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत लोन के नाम पर चार युवकों से ठगी की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने से नाराज आज कर युवक ककॉलोनी में बनी पानी टंकी पर चढ़ गए और नीचे कूदने की धमकी देने लगे। सूचना के बाद मौके पर पुलिस बल पहुंच गया। युवकों का कहना था कि सरकारी योजना के नाम ठगी करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी हो वरना वह नीचे कूद कर अपनी जान दे देंगे। मौके पर अफरा तफरी माहौल पैदा हो गया। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के ठोस आश्वासनके बाद ही चार युवकों पानी टंकी से नीचे उतरा जा सका।
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अढ़े घंटा की बारिश में बख्तावरपुर की सड़क तालाब, दावे खोखले दिखे

New Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली के बख्तावरपुर गांव में महज आधे घंटे की बारिश के बाद मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो गई। सड़क पर कई-कई फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल नेताओं और अधिकारियों की ओर से जलभराव से निजात दिलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में सभी दावे पानी में बह जाते हैं। वीओ-1 ये तस्वीरें उत्तर दिल्ली के बख्तावरपुर गांव की हैं... जहां सिर्फ आधे घंटे की बारिश ने पूरे इलाके की बदहाल व्यवस्था उजागर कर दी। मुख्य सड़क पर इतना पानी भर गया कि तेज रफ्तार वाहन भी रेंगते हुए नजर आए। सड़क पर जलभराव के चलते ट्रैफिक स्लो मोशन में चलता दिखाई दिया, जबकि पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाकथरु / नसीम अहमद वीओ-2 स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही हालात बनते हैं। चुनाव के समय जलभराव से स्थायी राहत दिलाने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही सारी हकीकत सामने आ जाती है। लोगों का आरोप है कि पल्ला गांव से हिरणकी गांव तक बन रहे नाले का निर्माण पिछले कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसी वजह से बख्तावरपुर से गढ़ी टांडा गांव तक मुख्य सड़क पर पानी भर जाता है और लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। बाईट / स्थानीय निवासी बाईट / स्थानीय निवासी वीओ-3 जलभराव के कारण सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला。 बाईट / स्थानीय निवासी वीओ 4 बख्तावरपुर के लोगों का सवाल साफ है... आखिर हर साल मानसून में यही हाल क्यों होता है? अधूरे पड़े नाले का निर्माण कब पूरा होगा और आखिर कब इस इलाके को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी? फिलहाल पहली ही बारिश ने प्रशासन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सीहोर रेलवे ओवरब्रिज के दोनों ओर कीचड़-जलभराव पर विरोध, सर्विस रोड निर्माण की उम्मीद

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर रेलवे ओवरब्रिज पर बवाल: सड़क जाम के बाद अधिकारियों की 'सद्बुद्धि' के लिए हवन, तहसीलदार के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन सीहोर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के दोनों ओर फैली कीचड़, गंदगी और सर्विस रोड नहीं बनने से नाराज़ रहवासियों ने ब्रिज के पास सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। इसके बाद भी लोगों का विरोध जारी रहा और उन्होंने सड़क किनारे बैठकर ब्रिज कॉरपोरेशन के अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की कामना के साथ हवन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन दोनों ओर सर्विस रोड नहीं बनाई गई। बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और जलभराव हो रहा है, जिससे रोज़ाना लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मौके पर पहुंचे तहसीलदार अमित सिंह ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि ब्रिज कॉरपोरेशन के अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है और दो दिन के भीतर सर्विस रोड का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तहसीलदार के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। इस दौरान विधायक सुदेश राय भी मौके पर पहुंचे और ब्रिज कॉरपोरेशन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताई। मौके का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विधायक थाना प्रभारी कोतवाली से यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ब्रिज का काम रोककर संबंधित वाहनों की चाबियां जब्त कर ली जाएं और सबसे पहले सर्विस रोड का निर्माण कराया जाए।
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HTET-2026: यमुनानगर में लेवल-2 और लेवल-1 परीक्षाएं शांतिपूर्ण, नकल मुक्त, 9,940 अभ्यर्थी

Yamuna Nagar, Haryana:हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा यानी HTET-2026 के दूसरे दिन रविवार को यमुनानगर जिले में लेवल-2 और लेवल-1 की परीक्षाएं कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही हैं। जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर कुल 9,940 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को पूरी तरह नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल-112 की टीमें भी पूरी तरह सक्रिय हैं। वहीं सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, बायोमैट्रिक सत्यापन और वीडियोग्राफी के साथ पुलिस, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ते लगातार निगरानी कर रहे हैं। वीओ : रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लेवल-2 की परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 7,559 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक लेवल-1 की परीक्षा होगी, जिसमें 2,381 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दोनों परीक्षाएं जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई जा रही हैं। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, फर्स्ट एड और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही रोडवेज विभाग को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकल मुक्त संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
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डंपर-कार भिड़ंत, पाँच घायल; देचू में यातायात सुचारू

Jaipur, Rajasthan:डंपर व कार की भिड़ंत, पांच लोग घायल। देचू थाना क्षेत्र के सरहद कनोडिया पुरोहितान राष्ट्रीय राजमार्ग 125 व मेगा हाईवे पर हुआ हादसा। इतियोस कार बालोतरा से पोकरण की तरफ बारात लेकर जा रही थी सरहद कनोडिया पुरोहितान के निकट डंपर से हुई भिड़ंत। घायलों को 108 एंबुलेंस की सहायता से लाया गया देचू उप जिला अस्पताल। अशकर, अरशद, रमजान, रफीक, फिरोज सभी निवासी गोमट हुए गंभीर रूप से घायल। घायलों को रेफर करने हेतु एंबुलेंस के लिए करना पड़ा इंतजार। सूचना पर देचू पुलिस भी पहुंची मौके पर दोनों वाहनों को हटाकर यातायात करवाया सुचारू।
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शोपियां के चाचनापोरा में आतंक विरोधी अभियान जारी; दो संदिग्धों के छिपे होने की आशंका के साथ दूसरा दिन

Noida, Uttar Pradesh:शोपियां के चाचनापोरा गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान दूसरे दिन भी जारी है। शोपियां के चाचनापोरा गांव में आतंकवाद-विरोधी अभियान का दूसरा दिन है। सुरक्षा बलों ने एक घने बाग की घेराबंदी की है, जहां दो आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है। यह अभियान शुक्रवार को तब शुरू हुआ जब संदिग्ध आतंकवादियों को सर्विलांस कैमरों में देखा गया। जम्मू-कश्मीर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), भारतीय सेना की विक्टर फोर्स, यूनिट और CRPF की एक संयुक्त टीम ने तुरंत अतिरिक्त जवानों को तैनात किया। उन्होंने उस जगह के पास के पाँच गांवों को सील कर दिया, जहाँ संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी। इनमें से चार गांवों को पहले ही खाली करा लिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल रात इस गांव में थोड़ी देर गोलीबारी भी हुई थी। गोलीबारी के बाद चाचनापोरा गांव में और सुरक्षा बल भेजे गए सुबह से ही इलाके के रिहायशी इलाकों और बागों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एक सूत्र ने बताया कि सर्विलांस कैमरे में दो लोगों का वीडियो कैद हुआ है जो जाकिर (2024 में LeT में शामिल हुआ) और लतीफ (2025 में LeT में शामिल हुआ) जैसे दिखते हैं। ये दोनों स्थानीय ऑपरेटिव हैं और पड़ोसी कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। जाकिर को A श्रेणी का आतंकवादी माना जाता है और वह टारगेटेड किलिंग और पहलगाम आतंकी हमले के मामलों में वांछित है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा बलों को बाग में गर्मियों के मौसम में घनी पत्तियों और हरियाली के कारण मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इससे उन्हें प्राकृतिक आड़ मिलती है और देखने में दिक्कت होती है। सुरक्षा बलों ने रात भर इलाके को रोशन करने के लिए तेज रोशनी वाले सिस्टम तैनात किए और घनी वनस्पति के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया। अभियान को कुछ समय के लिए रोका गया था और सुबह होते ही इसे फिर से शुरू कर दिया गया। इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है。
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धामी के पांच साल: उत्तराखंड की राजनीति में नई विकास यात्रा और जनसमर्थन

Noida, Uttar Pradesh:*5 साल... मुख्यमंत्री धामी का दमदार नेतृत्व, उत्तराखंड की राजनीति में रचा नया इतिहास* *आईडीपीएल मैदान बना जनसैलाब का साक्षी, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में उमड़ा अभूतपूर्व जनसमर्थन* *सेवा, सुशासन और समर्पण के 5 साल, मुख्यमंत्री धामी ने जनता के नाम दोहराया विकास का संकल्प* *धामी बोले— सत्ता नहीं, सेवा है हमारी सरकार की पहचान* *धामी मॉडल की गूंज देशभर में, दूसरे राज्य भी अपना रहे उत्तराखंड के फैसले* *धामी के फैसलों ने बदली उत्तराखंड की पहचान, राष्ट्रीय स्तर पर बनी अलग छवि* *जनसेवा से जनविश्वास तक, मुख्यमंत्री धामी के 5 साल बने उत्तराखंड की नई कहानी* उत्तराखंड की राजनीति में आज एक ऐसा दिन दर्ज हुआ, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी, "धाकड़ धामी जिंदाबाद" और "पुष्कर धामी जिंदाबाद" के गगनभेदी नारों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने पांच वर्ष पूरे किए। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जनविश्वास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता का शक्ति प्रदर्शन भी था। देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट। ऋषिकेश का आईडीपीएल मैदान... दूर-दूर तक उमड़ा जनसैलाब... मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही "धाकड़ धामी जिंदाबाद" के नारों से गूंजता पूरा परिसर... और पुष्पवर्षा से हुआ ऐसा स्वागत जिसने साफ संदेश दिया कि उत्तराखंड की राजनीति में यह दिन बेहद खास है। मौका था 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के शुभारंभ का, लेकिन यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने का भी ऐतिहासिक साक्षी बन गया। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार पांच वर्षों तक नेतृत्व करते हुए यह मुकाम हासिल किया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों के साथ मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को जनआस्था और जनभागीदारी का महोत्सव बना दिया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण के विरुद्ध कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यही ऋषिकेश-हरिद्वार की वह धरती है, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा फैसला लिया कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी भी कांपते रहेंगे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली के दीवाने नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी को एक दमदार नेता बताते हुए यहां तक कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लिए गए निर्णयों का अनुसरण देश के अन्य राज्य करते हैं, तब उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि सेवा का माध्यम रही है। जनसेवा, सुशासन, समर्पण और जनता के विश्वास को ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सेवा पखवाड़ा शुरू किया गया है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी-20 जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है। आईडीपीएल मैदान में उमड़ी भीड़, मंच से विकास का विजन, राज्यपाल की खुली सराहना और मुख्यमंत्री का सेवा का संकल्प... इन सबने यह संदेश जरूर दिया कि पांच वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनकर सामने आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वर्ष 2035 तक विकसित और श्रेष्ठ उत्तराखंड का लक्ष्य किस गति से धरातल पर उतरता है।
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