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अमित हत्या केस: रविता और अमरदीप को फांसी की मांग, कोर्ट ने जघन्य अपराध माना

Noida, Uttar Pradesh:ये इनपुट नेशनल सर्वर में मिलेगा । Feed के लास्ट में मृतक अमित के वकील बलराज सिंह और मृतक की मां का डिटेल इंटरव्यू वकील बलराज सिंह ने कहा कि 13 महीने के अंदर इस पूरे मामले की सुनवाई हुई इस पूरे मामले में 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए सबसे महत्वपूर्ण गवाही मृतक की मां, सपेरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का रहा सपेरे ने कोर्ट में बयान दिया की रविता का प्रेमी अमरदीप ₹1000 में सांप खरीदा था और उसने ही साजिश रची कोर्ट ने अपने फैसले में मनुस्मृति का जिक्र किया गया और यह भी कहा कि जिस तरीके से सावित्री ने पूजा पाठ कर अपने पति की जान लौटी मरे हुए पति को जिंदा की यह पति-पत्नी के भरोसे को बताता है लेकिन यहां पर रविता ने भरोसे का कत्ल किया यह अपराध जघन्य अपराध है इसको रेयर का रेयरेस्ट में मनाना चाहिए कोई मृतक की मन में जीने से बात की माँ ने कहा कि वह उम्मीद कर रही थी कि उनके बेटे की हथियारों को फांसी की सजा मिली आज कलेजे को ठंडक मिली लेकिन चैन उसी दिन मिलेगा जिस दिन रविता और उसके प्रेमी अमरदीप फांसी के फंदे में झूलेगा अगर वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हैं तो हम भी आगे की लड़ाई लड़ेंगे हमने अमरदीप और रविता को कई बार पकड़ा बेटे को भी बताया हत्या से एक दिन पहले भी हमने अमरदीप को उसे घर से जाते हुए देखा जिसके आधार पर मुझे शक हुआ था. रविता अमित का पोस्टमार्टम नहीं करना चाहती थी लेकिन हमने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को बोला था,,, वह सांप काटने वाला नहीं था जब सपेरा घर में आया था उसने उसे वक्त बताया था. कोर्ट ने अपने फैसले में अमित के बच्चों के स्कूलिंग और भरण पोषण के लिए डीएम को भी कहा है कि उनके बच्चों को अच्छे शिक्षा मिलनी चाहिए
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जोधपुर के बोरवेल में करीब 550 फीट गहराई तक बचाव जारी, 610 फीट पर मिली आखिरी लोकेशन

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। फलोदी जिला रै नौसर गांव में खेत में बण्या बोरवेल में पड़्या 9 बरस रा भोमाराम नै बाहर काढ़बा खातर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चालू है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ अर स्थानीय टीमें बालक नै सुरक्षित बाहर काढ़बा रा प्रयास में जुटी है, लेकिन बोरवेल में करीब 550 फीट गहराई पर आयो पथर रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बण ग्यो है। बालक री आखिरी लोकेशन गुरुवार रात नै करीब 610 फीट पर मिली ही। अब पथर आ जावण सूं न तो कैमरा सूं बालक री स्थिति साफ दिख री है अर न ही उस तक पहुंचबा रो रास्तो मिल रियो है। बालक नै बाहर काढ़बा खातर जालोर रै बागोड़ा इलाकै रा देसी जुगाड़ विशेषज्ञ माधोराम भी मौके पर प्रयास कर रिया है। पिछले आठ घंटा सूं पथर नै हटावण अर तोड़बा खातर अलग-अलग तरीका अपनाया जा रिया है, पण अभी तक सफलता कोनी मिली। एसडीआरएफ अर एनडीआरएफ री टीमें भी स्थानीय विशेषज्ञां रै साथ मिलकर रास्तो बणावण में जुटी है। पूर्व विधायक नै सख्त गाइडलाइन बणावण री मांग करी। रेस्क्यू ऑपरेशन रै बीच लोहावट रा पूर्व विधायक किशनाराम भी मौके पर पहुंच्या। उन्हां परिजणां नै ढांढस बंधायो अर सरकार सूं ऐसियां घटनाओं नै रोकबा खातर ठोस नीति बणावण री मांग करी। उन्हां कियो कि खेती रै बिजली कनेक्शन जारी करबा सूं पहलां बोरवेल री सुरक्षा सुनिश्चित करबा खातर सख्त गाइडलाइन होणी चइजे। सुरक्षा मानकां री पालना अर अंडरटेकिंग लेवण रै बाद ही कनेक्शन देवणो चइजे, जिणसूं खुल्ला अर असुरक्षित बोरवेल सूं होवण वाला हादसां नै रोक्यो जा सके। पिता बोल्या- खेलतां-खेलतां बोरवेल में गिर ग्यो बालक भोमाराम रा पिता पांचा राम नै बतायो कि गुरुवार दुपहर बोरवेल री मशीन खराब होवण पर उणै बाहर काढ़्यो जा रियो थो। इसी दौरान बालक खेलतां-खेलतां बोरवेल में गिर ग्यो। बालक नै बचावण खातर तुरंत प्रयास शुरू कर दिया, पण अभी तक सफलता कोनी मिली। बालक रा बड़ा पिता घेवरराम नै भी नाराजगी जतावता कियो कि घटना नै 24 घंटा सूं ज्यादा समय हो गयो, पण बालक नै बाहर कोनी काढ़ी सक्या। परिवार री चिंता लगातार बढ़ती जा री है।
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राजस्थान में फर्जी MBBS डिग्री केस: SOG ने दो डॉक्टर गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:MBBS डिग्री ही फर्जी,आठवीं पास बना हॉस्पिटल का मालिक, फर्जी डिग्री वाले 2 डॉक्टर गिरफ्तार , 7 SOG की रडार पर NOTE विजुअल और बाइट अटैच तस्वीरें आदि नहीं। जयपुर, राजस्थान में डॉक्टरों की डिग्री पर बड़ा सवाल... कहीं फर्जी डिग्री तो कहीं कूटरचित डिप्लोमा! SOG ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर फर्जी MBBS डिग्री और दस्तावेज़ों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने का आरोप है। एक आरोपी पर फर्जी MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल का प्रमाणपत्र इस्तेमाल करने का आरोप है, तो दूसरा आरोपी आठवीं पास होने के बावजूद MBBS डिग्री और गायनेकोलॉजी के डिप्लोमा के दस्तावेज़ पेश कर चुका था। जालोर के रानीवाड़ा में भास्कर हॉस्पिटल चलाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। इन दो डॉक्टरों के अलावा फर्जी एमबीबीएस डिग्री धारक 7 और डॉक्टर एसओजी के राडार पर हैं। आखिर फर्जी डिग्रीयों के सहारे मेडिकल रजिस्ट्रेशन का यह खेल कैसे चला? देखिए यह खास रिपोर्ट। फर्जी डिग्रीयों का खेल राजस्थान में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज़ों के आधार पर डॉक्टर के रूप में पंजीयन कराने के मामले में SOG ने बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने पंकज यादव और नानंजी राम चौधरी को गिरफ्तार किया है। मामला राजस्थान मेडिकल काउंसिल में फर्जी दस्तावेज़ पेश कर रजिस्ट्रेशन हासिल करने से जुड़ा है। इस मामले में 6 अक्टूबर 2024 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार की रिपोर्ट पर जयपुर के अशोक नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। शुरुआती शिकायत में आठ लोगों के नाम सामने आए। जांच आगे बढ़ी तो नानंजी राम चौधरी के खिलाफ भी अतिरिक्त रिपोर्ट पेश की गई। इन आठ लोगों के खिलाफ RMC ने मामला दर्ज कराया शांतनु कुमार चारण दीपक चौधरी देवेंद्र नेहरा गीता कुमारी पंकज यादव महेश कुमार गुर्जर सरीमूल मजूमदार रामकिशोर महावर FMGE में फेल, फर्जी MBBS का सहारा! पहला आरोपी है सीकर जिले का पंकज यादव। जांच के मुताबिक, उसने 2013 से 2018 के बीच कजाकिस्तान में MBBS की पढ़ाई की। इसके बाद विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए होने वाली FMGE परीक्षा करीब छह बार दी, लेकिन सफल नहीं हो सका। आरोप है कि परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद उसने बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर की फर्जी MBBS डिग्री और अंकतालिका तैयार की। साथ ही बिहार मेडिकल काउंसिल के पंजीयन का कथित फर्जी प्रमाणपत्र भी राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पेश किया। जाँच के दौरान दस्तावेजों का संबंधित मेडिकल कॉलेज, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और बिहार मेडिकल काउंसिल से सत्यापन कराया गया। विश्वविद्यालय से मिले जवाब के मुताबिक, डिग्री और अंकतालिका फर्जी पाई गईं। कॉलेज में भी आरोपी का पंजीयन नहीं मिला। इसके बाद SOG ने पंकज यादव को हरियाणा के कैथल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में गिरफ्तारी से बचने के लिए वहां रहने की बात सामने आई। आठवीं पास, लेकिन MBBS और गायनेकोलॉजी डिप्लोमा के दस्तावेज! .... अब बात दूसरे आरोपी नानंजी राम चौधरी की। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, वह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके बावजूद उसके द्वारा दसवीं और बारहवीं की अंकतालिकाएं, MBBS डिग्री और गायनेकोलॉजी एवं ऑब्स्टेट्रिक्स के डिप्लोमा से जुड़े दस्तावेज पेश किए जाने की बात सामने आई है। SOG के मुताबिक, नानंजी राम चौधरी ने मुंबई के कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स से जुड़े DGO डिप्लोमा के दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराया था। संबंधित संस्था से सत्यापन में डिप्लोमा प्रमाणपत्र, अलॉटमेंट लेटर, पासिंग सर्टिफिकेट और अटेम्प्ट सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। SOG ने आरोपी को जालोर जिले के रानीवाड़ा से गिरफ्तार किया। वह वहां भास्कर हॉस्पिटल का मालिक है। क्लीनिक के काउंटर से अस्पताल के मालिक तक का सफर.... जांच में नानंजी राम चौधरी के बारे में एक और अहम जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वर्ष 2010 के आसपास उसने रानीवाड़ा में एक निजी चिकित्सक के क्लीनिक पर OPD काउंटर्स काटने का काम किया। इसके बाद कुछ साल रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम किया। वर्ष 2014 में वह रानीवाड़ा के राजदेव हॉस्पिटल में OPD काउंटर पर काम करने लगा। वर्ष 2015 में अस्पताल खरीदने और 2016 में उसका नाम बदलकर भास्कर हॉस्पिटल करने की जानकारी सामने आई है। शुरूआत में अस्पताल में जनरल मेडिसिन के चिकित्सक काम करते थे। वर्ष 2019 में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को भी नियुक्त किया गया। जाँच एजेंसी के अनुसार, अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों के पंजीयन संबंधी काम के सिलसिले में आरोपी का राजस्थान मेडिकल काउंसिल के कार्यालय आना-जाना होता था। इसी दौरान तत्कालीन पदाधिकारियों और कुछ कर्मचारियों से संपर्क स्थापित कर पंजीयन कराने की बात सामने आई। हालांकि, इस पहलू पर विस्तृत जांच अभी जारी है। अब मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन पदाधिकारी भी जांच के दायरे में SOG की जांच अब केवल दो गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी डिग्रियां और प्रमाणपत्र तैयार किए या उपलब्ध कराए। इसके अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका, आरोपियों को पंजीयन दिलाने में मदद करने वाले लोगों और मामले में नामजद शेष आरोपियों की भूमिका भी जांची जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन कराने वाले अन्य लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस अभिरक्षा में हैं और SOG उनसे पूछताछ कर रही है। जांच के अगले चरण में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और पंजीयन प्रक्रिया में कथित मददगारों की भूमिका अहम होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि मेडिकल काउंसिल जैसी संस्था में सत्यापन की प्रक्रिया को कथित तौर पर चकमा देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन कैसे हासिल किया गया। इसका जवाब अब SOG की आगे की जांच से सामने आएगा.
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सरदारशहर में पिकअप दुर्घटना: पिता की मौत, बेटी अस्पताल में भर्ती

Churu, Rajasthan:सरदारशहर。 दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक सवार पिता की मौत, बेटी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही, पिकअप की टक्कर से पिता-पुत्री गंभीर घायल, अस्पताल में इलाज के दौरान पिता ने तोड़ा दम सरदारशहर क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में बाइक सवार 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर छा गई。 एएसआई धर्मवीर सिंह ने बताया कि राजासर बिकान निवासी विक्रमलाल पुत्र शंकरलाल नायक ने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि उसका बड़ा भाई 40 वर्षीय बजरंगलाल नायक अपनी पुत्री शारदा के साथ गुरुवार शाम खेत से बाइक पर सवार होकर गांव लौट रहा था। शाम करीब 4 बजे जब वे गांव के केसरा राम ब्राह्मण के खेत के पास पहुंचे, तभी राजासर बिकान की तरफ से आ रही एक पिकअप के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बजरंगलाल और उसकी पुत्री शारदा सड़क पर गिर पड़े। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं उनकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को सरदारशहर के राजकीय उपजिला अस्पताल पहुंचाया。 अस्पताल में उपचार के दौरान बजरंगलाल नायक ने दम तोड़ दिया, जबकि उसकी पुत्री शारदा की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका उपचार जारी है। पिता की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया。 सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए परिजनों की मौजूदगी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया। एएसआई धर्मवीरसिंह के अनुसार, परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हादसे के संबंध में आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है。
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सिरोही में नए कप्तान के नेतृत्व में अवैध मादक पदार्थों पर कार्रवाई तेज

Sirohi, Rajasthan:नशे के अवैध कारोबारियों की अब खैर नहीं! सिरोही में नए पुलिस कप्तान डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। ताजा मामला रोहिड़ा थाना क्षेत्र के वालोरिया गांव का है, जहां मक्का और सौंफ की फसल की आड़ में गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश हुआ है। सिरोही में पुलिस की कमान संभालने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। पुलिस के इस एक्शन का मकसद साफ है—जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करना। इसी अभियान के तहत रोहिड़ा थाना क्षेत्र के वालोरिया गांव की पगारा फली में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने खेतों में दबिश दी और अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया। रोहिड़ा, पिण्डवाड़ा, स्वरूपगंज और आबूरोड सदर थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल पांच प्रकरण दर्ज किए। इस दौरान कुल 2,950.84 किलोग्राम वजन के गांजे के हरे पौधे जब्त किए गए। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि खेती से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्तता की जांच की जा सके。 इस कार्रवाई में रोहिड़ा थानाधिकारी ओमकरण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। अलग-अलग थानों के अधिकारियों और जवानों के बीच समन्वय ने कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में मदद की। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक छैलसिंह सहित कई पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई में मुखबिर तंत्र की सक्रियता, पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क बेहद अहम होता है। सिरोही पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि अवैध खेती और नशे के कारोबार के मामलों में पुलिस सूचना मिलने पर कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। पुलिसकर्मियों का सम्मान केवल उनकी मेहनत की सराहना नहीं, बल्कि पूरी टीम का मनोबल बढ़ाने का भी माध्यम है। ऐसे प्रयास पुलिस बल को प्रोत्साहित करते हैं और अपराध नियंत्रण के लिए लगातार सक्रिय रहने का संदेश देते हैं। कुल मिलाकर, सिरोही पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबारियों को साफ संदेश गया है कि कानून से बचकर अवैध गतिविधियां चलाना आसान नहीं होगा। लेकिन असली सफलता तब होगी, जब कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। सिरोही में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की शुरुआत तेज होती नजर आ रही है。 पीटीसी जी मीडिया के लिए सिरोही से शरद टाक की रिपोर्ट
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शिवसेना ने महावितरण कार्यालय में लाइट बंद कर मोमबत्ती जलाकर विरोध जताया

Kalyan, Maharashtra:महावितरणच्या कार्यालयात लाईट बंद करून पेटवल्या मेणबत्ती. वारंवार वीज पुरवठा खंडित होत असल्याच्या निषेధार्थ शिवसेना आक्रमक. कल्याणमधील महावितरणच्या कार्यालयातील लाईट बंद करून मेणबत्ती पेटवत शिवसेनेने महावितरणच्या कारभाराचा निषेध केला. कल्याण पूर्व आणि ग्रामीण भागात वारंवार वीजपुरवठा खंडित होतोय, असं असताना भरमसाठ बिलं येत आहेत. महावितरणकडे या संदर्भात तक्रारी करून देखील त्याकडे लक्ष दिलं जात नाही. त्यामुळे शिवसेनेने आज महावितरण कार्यालयावर धडक देत तिथल्या कार्यालयातील लाईट बंद करून मेणबत्ती पेटवत महावितरणच्या कारभाराचा निषेध केला. पंधरा दिवसांमध्ये परिस्थिती सुधारली नाही तर अधिकाऱ्यांना केबिनमध्ये बसू देऊ नये असा इशारा शिवसेनेचे संपर्कप्रमुख महेश गायकवाड यांनी दिलाय.
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गरबा पंडालों में लव जिहाद से सावधान रहने के पोस्टर

Moradabad, Uttar Pradesh:लव जिहाद से सावधान के पोस्टर नवरात्रों में होने वाले गरबा में गैर हिंदुओ की एंट्री बैन के मद्देनजर और लव जिहाद से सावधान रहने के लगे पोस्टर, गरबा में शामिल होने वाली हिन्दू बहनों को सावधान करने के उद्देश्य से लगाये गए है पोस्टर पोस्टरो पर साफ लिखा है लव जिहाद से सावधान सभी हिन्दू बहने गरबा पंडालों में लव जिहाद की मानसिकता से पहचान छुपा कर आये जिहादियों से सावधान रहें.... अज्ञात हिन्दू संगठन द्वारा पॉश इलाको में लगाये है पोस्टर, मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित हाई स्ट्रीट मार्केट एवं वेव सिनेमा मॉल के आसपास दीवारों पर लगाये गए है पोस्टर।
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उज्जैन से अयोध्या तक: दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा पर चंदे पर सवाल

Ujjain, Madhya Pradesh:पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन के बाद शुरू होगी यात्रा, पांच पवित्र नदियों का जल रहेगा रथ में 20 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा, करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय करेंगे यात्री उज्जैन में भूमि पूजन के साथ तैयारियां शुरू, पांच दिन तक जिले के अलग-अलग गांवों से गुजरेगी यात्रा उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर उज्जैन में तैयारियां शुरू हो गई हैं। आगामी 20 अक्टूबर को प्रस्तावित इस यात्रा के मुख्य आयोजन स्थल बालाजी गार्डन में भूमि पूजन किया गया। यात्रा उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक पहुंचेगी। करीब 1000 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के जरिए सनातन धर्म, धार्मिक आस्था और राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर लोगों के बीच चर्चा और सवाल उठाने की तैयारी है। यात्रा से पहले उज्जैन में भगवान महाकाल, चिंतामन गणेश और मां हरसिद्धि के दर्शन किए जाएंगे। इसके बाद पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और कन्या भोज सहित धार्मिक आयोजन होंगे। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर धर्मसभाएं, भजन संध्या और सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर चर्चा भी की जाएगी। राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर उठेंगे सवाल यात्रा का एक प्रमुख मुद्दा राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और चढ़ावे का हिसाब बताया जा रहा है। दिग्विजय सिंह और यात्रा से जुड़े लोगों का आरोप है कि भगवान श्रीराम के नाम पर जुटाई गई राशि और मंदिर के नाम पर खरीदी गई जमीन को लेकर सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। यात्रा के माध्यम से इन मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। ये आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्ष का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा। उज्जैन जिले में पांच दिन तक रहेंगे यात्री यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में उज्जैन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पड़ाव प्रस्तावित हैं। पहले दिन भगवान के दर्शन और धार्मिक अनुष्थानों के बाद यात्रा का पहला पड़ाव कानिपुरा में होगा। इसके बाद घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के लुधियाड़ा गांव में दोपहर का विश्राम और भोजन होगा, जबकि रात का पड़ाव देवास विधानसभा क्षेत्र के सिंदूरिया गांव में प्रस्तावित है。 अगले दिनों में यात्रा तराना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से गुजरेगी। यहां दोपहर के विश्राम, भोजन, भंडारे और रात्रि पड़ाव की व्यवस्था रहेगी। कुछ स्थानों पर धर्मसभा और भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी। यात्रा उज्जैन जिले से आगे बढ़ते हुए देवास जिले में प्रवेश करेगी。 बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने की उम्मीद आयोजकों का कहना है कि यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सनातन धर्म में रुचि रखने वाले लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए पंजीयन भी किए जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह की इस यात्रा पर राजनीतिक और धार्मिक, दोनों ही नजरिए से लोगों की निगाहें रहेंगी। अब देखना होगा कि उज्जैन से शुरू होने वाली यह यात्रा अपने मुद्दों को लेकर प्रदेश और देश में कितनी चर्चा बटोरती है। बाइट - पूर्व मंत्री पी सी शर्मा बाइट - विधायक महेश परमार
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लोकायुक्त ने माकड़ोन मंडी में ₹4 हजार रिश्वत लेते अधिकारी समेत दो को गिरफ्तार

Ujjain, Madhya Pradesh:व्यापारी ने शिकायत में लगाया था हर बोरी पर ₹10 मांगने का आरोप, सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने 10 सदस्यीय टीम के साथ की कार्रवाई उज्जैन जिले की माकड़ोन अनाज मंडी में रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त उज्जैन ने मंडी उप निरीक्षक रोशन आर्य और उनके साथी आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को ₹4 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को मंडी परिसर में यह कार्रवाई की। लोकायुक्त के मुताबिक, ग्राम रूपाखेड़ी निवासी व्यापारी योगेश राठौर ने 14 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित से शिकायत की थी। व्यापारी का आरोप था कि वह माकड़ोन मंडी से सोयाबीन खरीदते हैं। इस दौरान मंडी उप निरीक्षक रोशन आर्य उनसे प्रत्येक बोरी के हिसाब से ₹10 की मांग करते थे। पैसे नहीं देने पर सोयाबीन से भरी गाड़ी नहीं जाने देने की बात भी कही जाती थी। व्यापारी का कहना था कि मंडी टैक्स देने के बावजूद उनसे अलग से पैसे मांगे जा रहे थे。 शिकायत मिलने के बाद उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक ने मामले का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त ने ट्रैप की योजना बनाई और 10 सदस्यीय टीम के साथ माकड़ोन मंडी पहुंची। लोकायुक्त के अनुसार, व्यापारी योगेश राठौर ने जैसे ही ₹4 हजार की रिश्वत की राशि रोशन आर्य को दी, उन्होंने यह रकम अपने साथी आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को पकड़ा दी। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने दोनों को पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली。 यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज प्रकरण में की गई है। कार्रवाई में डीएसपी राजेश पाठक, डीएसपी दीपक सेजवार सहित लोकायुक्त के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और साक्षी मौजूद रहे। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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16 साल की शरण्या ने महाराष्ट्र के पैरा-एथलीट्स की कहानियाँ किताब में उजागर की

Noida, Uttar Pradesh:मेडल से आगे खिलाड़ियों के संघर्ष की अनकही कहानियां: 16 साल की शरण्या की किताब को देवेंद्र झाझरिया ने सराहामैदान में जब कोई खिलाड़ी मेडल जीतता है. तो हमें कुछ ही चीजें नजर आती हैं. हमें उस कामयाबी के पीछे का संघर्ष, दर्दनाक असफलताएं, मुश्किल फैसले और लगातार अभ्यास जैसी चीजों से अनजान रहते हैं. इन्हीं कहानियों को बयान करने वाली एक किताब अब चर्चा में है. महज 16 साल की उम्र में जहां बच्चे अपने करियर के सपने बुन रहे होते हैं, वहीं मुंबई की शरण्या खेरुका ने ऐसा काम किया है. जो देश के उन खिलाड़ियों को पहचान दिला रहा है. जिनकी कामयाबी के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी छिपी है. शरण्या ने महाराष्ट्र के पैरा-एथलीटों की जिंदगी और उनके संघर्ष पर एक किताब लिखी है. जिसे पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया से सराहना मिली है. उनकी किताब 'Living Histories: Stories of Maharashtra’s Paralympians' उन खिलाड़ियों की अनकही कहानियों को सामने लाती है. जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया. इस किताब में सुकांत कदम और संदीप संजय सरगर समेत महाराष्ट्र के पैरा-एथलीट्स के साहस, मजबूत इरादे और तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के सफर को दर्ज किया गया है. इस मौके पर PCI के डायरेक्टर सत्यनारायण भी मौजूद रहे. PCI के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने की तारीफ इतनी कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि हासिल करते हुए, शरण्या खेरुका को पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया से अपनी किताब 'लिविंग हिस्ट्रीज: स्टोरीज ऑफ महाराष्ट्र्स पैरालंपियंस' के लिए पहचान मिली है. यह किताब महाराष्ट्र के पैरा-एथलीट्स की प्रेरणादायक, लेकिन अक्सर अनकही रह जाने वाली कहानियों को बड़े पाठक वर्ग तक पहुंचाती है. इसमें मुश्किल हालात के बावजूद उनकी हिम्मत, मजबूत इरादे और संघर्ष की यात्रा को दर्ज किया गया है. यह पहचान मिलने के मौके पर PCI के डायरेक्टर सत्यनारायण, पैरा-एथलीट सुकांत कदम और संदीप संजय सरगर भी मौजूद थे. इन दोनों खिलाड़ियों की प्रेरणादायक यात्राओं को किताब में शामिल किया गया है. हर मेडल के पीछे एक ऐसा सफर होता है. जिसे चंद लोग देख पाते हैं. इसमें दर्दनाक नाकामियां, मुश्किल फैसले, लगातार प्रैक्टिस, संदेह के पल और बार-बार फिर से शुरुआत करने का साहस शामिल होता है.'लिविंग हिस्ट्रीज' इन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत कहानियों को जिंदा करती है. यह बताती है कि किस तरह पैरा-एथलीट्स ने व्यक्तिगत और शारीरिक चुनौतियों का सामना किया, मुश्किलों से लड़े और वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया. हैरानी की बात यह है कि बेहतरीन कामयाबी और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीतने के बावजूद, इनमें से कई खिलाड़ी आज भी अनजान हैं. उनकी मेहनत और सफलता की कहानियां अब तक बड़े स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं. किताब लिखने की प्रेरणा कैसे आई मुंबई में पली-बढ़ीं शरण्या को यह जानकर हैरानी हुई कि महाराष्ट्र के कई प्रतिभाशाली पैरा-एथलीट्स की ऐसी कहानियाँ दबी हुई हैं. जो लोगों के लिए सबक बन सकती हैं. इसी एहसास ने उन्हें इन खिलाड़ियों के साहस, मजबूत इरादे और कामयाबियों की कहानियां नौजवान पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अगली नस्ल के लिए प्रेरणा का जरिया बन सकें. 'लिविंग हिस्ट्रीज' लिखने की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए शरण्या ने कहा,'खेल हमेशा से मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा रहा है और खेल के दौरान लगी एक चोट ने नाकामियों को देखने का मेरा नजरिया बदल दिया. जब मैंने इन पैरालंपियंस से बात की और उनकी कहानियाँ सुनीं, तो उनके साहस, आभार और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की मजबूत इरादे ने मुझे गहराई से प्रभावित किया.' शरण्या ने आगे बताया,'मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि इनमें से कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था और पदक जीते थे. फिर भी बहुत कम लोग उनकी कहानियों को जानते थे. मैं सोचने लगी कि कितने दूसरे बच्चे भी उनकी यात्राओं से बेखबर होंगे. इसी बात ने मुझे यह किताब लिखने के लिए प्रेरित किया, ताकि मैं उनकी कहानियां युवा पाठकों तक पहुंचा सकूं, उन्हें दिखा सकूं कि मुश्किल हालात में भी हिम्मत पाया जा सकता है. बाधाओं को पार किया जा सकता है और सपनों को पूरा करने की कोशिश की जा सकती है.'
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पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: प्रशिक्षण और वेतन-प्रमोशन की मांगे तेज

स्थिति – मनेन्द्रगढ़, जिला एमसीबी पटवारियों की चार सूत्रीय मांगों के चलते छत्तीसगढ़ में प्रमुख रूप से पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका असर एमसीबी जिले में भी देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में जिलेभर के पटवारी चौथे दिन कलेक्टर कार्यालय के समीप धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पटवारियों का कहना है कि जब तक शासन उनकी मांगों पर उचित पहल नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की प्रमुख मांगों में नए पीवी ऐप पर कार्य का बहिष्कार करते हुए पर्याप्त प्रशिक्षण के बाद ही इसे लागू करना, राजस्व निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति, वेतन विसंगति का निराकरण और दमनकारी निलंबन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई निरस्त करना शामिल है। पटवारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के नए ऐप को लागू करने से राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी आ सकती है। इसलिए पहले उन्हें समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति के मामलों का भी निराकरण किया जाए। इधर, पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। अब देखना होगा कि शासन उनकी मांगों पर कब तक निर्णय लेता है और हड़ताल समाप्त कराने के लिए क्या पहल की जाती है। बाइट – 1: सिमोन लाल, जिलाध्यक्ष, पटवारी संघ बाइट – 2: छाया गुप्ता, कोषाध्यक्ष, पटवारी संघ
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