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जयपुर की सड़कों को बार-बार क्यों खोदा जा रहा है? विभागीय समन्वय शून्य

Jaipur, Rajasthan:सड़कें बनती हैं शहर को जोड़ने के लिए…लेकिन जयपुर में वही सड़कें अब बार-बार टूटकर लोगों की परेशानी का रास्ता बन रही हैं। मानसून सिर पर है, बादल तैयार हैं…लेकिन राजधानी की कई सड़कें अभी भी विकास कार्यों की खुदाई से उबर नहीं पाई हैं। एक विभाग सड़क बनाता है…दूसरा विभाग उसी सड़क का सीना चीर देता है… और फिर मरम्मत के नाम पर इंतजार शुरू हो जाता है। कहीं सीवरेज के गड्ढे हैं, कहीं गैस लाइन के कट, कहीं पानी-बिजली और डेटा केबल के लिए खोदी गई सड़कें…सवाल यह है कि क्या जयपुर में विकास का मतलब बार-बार सड़क खोदना ही रह गया है...... मानसून दस्तक देने वाला है… बादल बरसेंगे तो क्या जयपुर की सड़कें फिर जवाब देंगी....राजधानी में विकास कार्यों के नाम पर चल रही बेतरतीब खुदाई अब लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है.......शहर में सड़कें बनाने से ज्यादा उन्हें खोदने का काम तेजी से होता नजर आ रहा है.....वजह है अलग-अलग विभागों के कामों में तालमेल की कमी। कहीं सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है तो कहीं पानी, बिजली, इंटरनेट और गैस पाइपलाइन के लिए...... लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक बार सड़क बनने के बाद उसे बार-बार क्यों खोदा जा रहा है और खुदाई के बाद सड़क को उसी हालत में वापस लाने की जिम्मेदारी किसकी है...एक विभाग बनाता है… दूसरा फिर खोद देता है.....जयपुर में हालात यह हैं कि कई इलाकों में पहले सड़क बनाई गई, कुछ समय बाद किसी दूसरे काम के लिए उसे फिर काट दिया गया। अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने से जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.....सीवरेज, पानी की पाइपलाइन, बिजली लाइन, डेटा केबल और सीएनजी गैस लाइन के कामों ने कई कॉलोनियों की सड़कों को गड्ढों में बदल दिया है। कई जगह पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी पड़ी है। नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां…सबके काम अलग-अलग हैं, लेकिन सड़क जनता की है। फिर सड़क खराब होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी...क्यों ऐसा सिस्टम बनाया जाता जिसमें सड़क खोदने से पहले सभी विभागों की अनुमति और साझा प्लानिंग हो.... नगर निगम-जेडीए से सवाल… जब रोड कट पर रोक है तो फिर सड़कें कौन खोद रहा है? खुदाई की अनुमति देने से पहले विभागों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया जाता? एक सड़क को बार-बार खोदने से जनता के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधूरी मरम्मत के लिए कंपनियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? मानसून से पहले सड़कों की हालत सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? शहर में टोरंट कंपनी की ओर से सीएनजी-पीएनजी गैस लाइन डालने के लिए कई जगह खुदाई की गई। पाइपलाइन डालने का काम तो हुआ है, लेकिन कई जगह सड़क पहले जैसी नहीं हो पाई। कहीं खुले कट दिखाई दे रहे हैं तो कहीं आधा-अधूरा पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी गई। मानसून को देखते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने road कट पर रोक लगा रखी है। उद्देश्य है कि बारिश से पहले सड़कें सुरक्षित रहें और जलभराव जैसी स्थिति नहीं बने। लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग नजर आ रही है। कई इलाकों में अब भी सड़कें खुदी पड़ी हैं। कहीं मिट्टी जमा है तो कहीं गड्ढे खुले हैं। बारिश आई तो यही गड्ढे पानी से भरेंगे और वाहन चालकों के लिए खतरा बनेंगे।। वहीं खराब सड़कें ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या को भी बढ़ा सकती हैं। मानसून से पहले जिम्मेदार महकमे तैयारी भी नहीं करते हैं। यही वजह है कि बरसात में व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है और लोग परेशान होते रहते हैं। कई सड़कें ऐसी भी हैं, जिन्हें बने हुए छह माह भी नहीं हुए हैं। ऐसे ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। अब बारिश के बाद यही खुले कट पानी से भरेंगे, यही गड्ढे हादसों का कारण बनेंगे और यही सड़कें जयपुरवासियों की परेशानी बढ़ाएंगी। बहरहाल, जयपुर में सड़कें खराब होने की बड़ी वजह बार-बार होने वाली खुदाई और उसके बाद कमजोर मरम्मत है। अगर नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां पहले से साझा प्लान बनाकर काम करें तो न सड़कें बार-बार टूटेंगी और न जनता को परेशानी होगी। लेकिन फिलहाल तस्वीर यह है कि विभाग अपना-अपना काम कर रहे हैं और भुगतना जयपुर की जनता को पड़ रहा है। मानसून आने वाला है....अब देखना यह होगा कि बारिश से पहले जिम्मेदार एजेंसियां जागती हैं या फिर हर साल की तरह इस बार भी गड्ढों में ही व्यवस्था डूबती नजर आएगी。
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टिकठी में धातु की वस्तु से विस्फोट, युवक घायल

Karhi, Chhattisgarh:लोकेशन - पेंड्रा एंकर - मरवाही थाना क्षेत्र अंतर्गत दूरस्थ ग्राम टिकठी में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के एक 19 वर्षीय युवक द्वारा अज्ञात धातु की वस्तु को तोड़ने का प्रयास करते समय अचानक हुए जोरदार विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और परिजन युवक को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम टिकठी निवासी कृष्ण कुमार चंद्रा (19 वर्ष), पिता राजेन्द्र चंद्रा, आज गांव की गली से गुजर रहा था। इसी दौरान उसे सड़क किनारे एक संदिग्ध धातु की वस्तु दिखाई दी। बताया जा रहा है कि यह वस्तु लगभग 3 इंच लंबी और 1 इंच गोलाई वाली थी। युवक ने उत्सुकतावश उस वस्तु को उठाकर अपने घर की बाड़ी में ले आया। वह यह जानना चाहता था कि वस्तु के अंदर क्या है, इसलिए उसने कुदाली की मदद से उसे तोड़ने का प्रयास शुरू किया। जैसे ही कृष्ण कुमार ने वस्तु पर जोर लगाया, अचानक उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। विस्फोट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से काफी खून बहने लगा। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद गाँव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर वह धातु की वस्तु क्या थी और उसमें विस्फोटक सामग्री कैसे मौजूद थी। पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रारंभिक तौर पर मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात, संदिग्ध या विस्फोटक जैसी दिखने वाली वस्तु को हाथ न लगाएं और इसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। डॉक्टरों की मानें तो युवक का इलाज जारी है।
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परिसीमन के खिलाफ आदिवासी महाजुटान: 2 अगस्त को बड़ी रैली

Ranchi, Jharkhand:परिसीमन के खिलाफ विभिन्न आदिवासी संगठन हो रहे हैं गोलबंद 2 अगस्त को परिसीमन के खिलाफ आदिवासी संगठनों का होगा महाजुटान राज्य भर के आदिवासी संगठनो के कार्यकर्ता लेंगे हिस्सा परिसीमन में आदिवासी हितों का रखना होगा ख्याल आदिवासी संगठनों में इस बात की चिन्ता कि परिसीमन के ST सीटें घट जाएगी अनुसूचित जनजाति समाज अब परिसीमन के खिलाफ गोलबंद हो रहे है। परिसीमन के खिलाफ 2 अगस्त को आदिवासी महाजूटन होगा । कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के नेतृत्व में यह महासमागम होने जा रह है। बंधु तिर्की ने बताया कि 2029 तक परिसीमन होना है । उन्होंने आशंका जताई है कि 2026 की तरह परिसीमन होता है तो आदिवासियों की सीट घटेगी । झारखंड को आदिवासी राज्य माना जाता है और यह 5वीं सूची में आता है । झारखंड में हाल में बाहर के लोग आ गए है और डेमोग्राफी बदल गई है। आदिवासियों की जनसंख्या घटी नहीं है केवल बाहर के लोगों की संख्या बढ़ गई है। अगर आबादी को अनुपात मानकर अगर परिसीमन होता है तो आदिवासी सीट घटेगी। गृह मंत्री ने कहा था कि कहीं भी आदिवासी सीट नहीं घटेगी। झारखंड में अगर 50% सीट बढ़ेगी तो संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। लेकिन अगर घटेगी तो आदिवासी घटेगी और प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा। इसके लिए ही आदिवासी एकता महाजुटान रैली मोराबादी में आयोजित होगा ।
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सिंगरौली पुलिस ने रातभर गश्त में 222 बदमाशों पर शिकंजा कसा

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सिंगरौली पुलिस ने बीती रात व्यापक नाइट कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. के मार्गदर्शन में जिलेभर में एक साथ की गई कार्रवाई में 222 बदमाशों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। अभियान का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करना रहा। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अभियान के दौरान 20 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। वहीं 81 गिरफ्तारी वारंटियों को भी पकड़कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अलावा 69 निगरानी बदमाशों और 52 गुंडा बदमाशों की जांच कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया। रातभर चले इस विशेष अभियान में पुलिस टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सघन गश्त की। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली गई और देर रात बिना कारण घूमने वाले लोगों से पूछताछ कर सख्त हिदायत दी गई। बैंकों और एटीएम परिसरों का भी औचक निरीक्षण किया गया। सिंगरौली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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मंगेत LPG शवदाह गृह: ग्रामीण इलाकों के लिए आधुनिक मोक्षधाम से जीवन आसान बनेगा

Munger, Bihar:मुंगेर में बनेगा एलपीजी आधारित आधुनिक मोक्षधाम, दोमंठ घाट के पास प्रस्तावित स्थल पर होगी सुविधा। नगर निगम को 45 डिसमिल जमीन , 55 डिसमिल जमीन के अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। मुंगेर: नगर निगम क्षेत्र के लोगों के साथ साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए जल्द ही अंतिम संस्कार की आधुनिक एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होने वाली है। शहर में एलपीजी (गैस) आधारित आधुनिक मोक्षधाम के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित मोक्षधाम का निर्माण दोमंठा घाट के निकट किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने जिला प्रशासन से लगभग एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह परियोजना धरातल पर उतरेगी जिससे लोगों को पारंपरिक व्यवस्थाओं और तकनीकी समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की पहल पर बिहार के कई प्रमुख शहरों में गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना में मुंगेर के अलावा पटना, गयाजी, सहरसा, सारण, भागलपुर और बेगूसराय को भी शामिल किया गया है। विभाग का मानना है कि एलपीजी आधारित शवदाह गृह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और समयबद्ध बनाएगा। इससे लकड़ी की खपत में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया की नगर विकास विभाग द्वारा एलपीजी आधारित आधुनिक मोक्षधाम हेरुदियारा स्थित दोमंठा गंगा घाट के पास बनेगा ,एक एकड़ में बनने वाली मोक्षधाम में बैठने के हॉल सहित अन्य सुबिधा रहेगी। उन्होंने कहा की इसके लिए एक एकड़ की जमीन की आवश्यकता है जिला प्रसाशन द्वारा 45 डिसमिल दी गयी है जबकि 55 डिसमिल जमीन अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है। आयुक्त ने बताया की एलपीजी आधारित आधुनिक मोक्षधाम बन जाने से लोगो को बहुत फायदे होंगे खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को उन्हें शहर में बने शवदाह गृह नहीं आना होगा। उन्होंने आगे बताया की शहर के लाल दरवाजा स्थित मुक्तिधाम में पहले से इलेक्ट्रिक शवदाह गृह संचालित है लेकिन पुराना हो जाने के कारण वह अक्सर खराब रहता है। इसके कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को मजबूरन लकड़ी का सहारा लेना पड़ता है। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में नए गैस आधारित मोक्षधाम को शहर की एक बड़ी आवश्यकता माना जा रहा है। बाइट : पार्थ गुप्ता नगर आयुक्त नगर निगम मुंगेर
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री-चेकिंग के बाद अवनी केजरीवाल बनी राष्ट्रीय कॉमर्स टॉपर

Ranchi, Jharkhand:रांची की होनहार छात्रा अवनी केजरीवाल ने अपनी मेहनत और लगन से नया इतिहास रच दिया है। पहले सीबीएसई 12वीं कॉमर्स परीक्षा में अवनी को 98.5 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन अपेक्षा से कम नंबर आने पर उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका की री-चेकिंग के लिए आवेदन किया। री-चेकिंग के बाद नतीजे चौंकाने वाले रहे और अवनी को 500 में 500 अंक, यानी 100 प्रतिशत मार्क्स प्राप्त हुए। इसके साथ ही रांची के डीपीएस की छात्रा अवनी केजरीवाल सीबीएसई 12वीं कॉमर्स की नेशनल टॉपर बन गई हैं। अवनी की इस कामयाबी से पूरे घर और रिश्तेदारों में जश्न का माहौल है। अवनी केजरीवाल अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत और अनुशासित पढ़ाई को देती हैं। अवनी का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर हमेशा कंसिस्टेंट रहीं और सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल किया। परीक्षा के दौरान उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिया था ताकि पढ़ाई पर पूरा फोकस बना रहे। अवनी बताती हैं कि उन्होंने कभी घड़ी देखकर पढ़ाई नहीं की, बल्कि जरूरत और लक्ष्य के हिसाब से पढ़ाई की। यही कारण है कि री-चेकिंग के बाद उन्हें 500 में 500 अंक मिले और वह देश की नेशनल टॉपर बन गईं। भविष्य को लेकर अवनी का सपना एक सफल बिजनेस वूमेन बनने का है, जिसके लिए वह आगे भी पूरी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं。
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नीतीश कुमार बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार यात्रा से NDA की मजबूती की उम्मीद

Patna, Bihar:JDU की राष्ट्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मत से नीतीश कुमार फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वही नीतीश कुमार जल्द बिहार यात्रा पर निकलेंगे; पहला मौका होगा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहते हुए यात्रा पर निकलेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे, कार्यकर्ताओं नेताओं और बिहार के लोगों से बातचीत करेंगे। बिहार के मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने बिहार के लिए काफी कुछ किया है और वह यात्रा पर बिहार में निकलेंगे और दूसरे प्रदेश में भी यात्रा पर जाएंगे। RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि नीतीश जी अध्यक्ष बन गए हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, पर उनके आंतरिक फैसले हैं; अगर वे स्वस्थ हैं तो ही उन्हें काम करना चाहिए। जनता दल यू ने स्वास्थ्य परीक्षण की बात प्रमुख किया है, ताकि वे स्वस्थ पहले करें और यात्रा के बारे में निर्णय लें। अगर स्वस्थ ही हैं तो मुख्यमंत्री से क्यों हटे? 2025-30 फिर से नीतीश—खतम क्यों हुआ? अध्यक्ष जैसे पदों पर अब यात्रा पर निकलेंगे, पांच लोग साथे- साथे जाएंगे। दोनों डिप्टी सीएम जाएंगे, कुछ उनके इर्द-गिर्द रहते हैं जो जाएंगे। उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य जारी रहेंगे और वे खाली मूर्ति के रूप में स्थापित नहीं होंगे। कांग्रेस नेता पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से उनकी सरकार चल रही है; यात्रा के समय आम लोगों से मिलना चाहिए; महिलाओं को खासकर बताएं कि चुनाव से पहले दिए गए ₹10,000 के बाकी किश्त कब मिलेंगे; रोजगार के पहलुओं पर भी स्पष्ट जवाब दें; इस दौरान एनकाउंटर के दौर पर उठते सवालों के बारे में भी स्पष्टता आवश्यक है। बीजेपी के पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने कहा कि नीतीश जी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं; बिहार में 20 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे हैं; नीति-निर्देशों के कारण बिहार के सड़क-व्यवस्था और कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है; नीतीश कुमार फिर से बिहार का दौरा करेंगे और कमियों को देखेंगे। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने पूछा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो सुशासन क्यों नहीं था; जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से यह भी बताने को कहा गया कि उन अपराधियों के खिलाफ कौन सा कदम उठाया गया था।
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जीतू पटवारी के वेयरहाउस पर नोटिस से राजनीति तेज, दोनों दल आरोप-प्रत्यारोप

Bhopal, Madhya Pradesh:जीतू पटवारी के वेयरहाउस को नोटिस मिलने पर सियासत कांग्रेस मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने कहा बेहूदा निरीक्षण किया..जबरदस्ती अनाज रखा गया है..mp में 80 % वेयर हाउस बीजेपी के नेताओं के हैं..कोई व्यवस्था नहीं है..फायर सिस्टम नहीं है..बीजेपी के नेताओं के गोदाम भरे जाते हैं..मेरा गोदाम 25 साल से खाली है..लेकिन मैं कांग्रेस का नेता हूं इसलिए उसका उपयोग नहीं किया किया जाता.. भाजपा प्रवक्ता धैर्यवधन शर्मा ने कहा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच जो निरीक्षण करने निकले हैं उनके दायरे में सभी लोग आएंगे...थोड़ी सी सभ्यता और संस्कार जीतू पटवारी से सीखे अगर सब कुछ ठीक है तो नोटिस से क्यों घबरा रहे हैं वेयरहाउस में कमियां है यह सिद्ध हो रही है ऐसे ही कमिया को कांग्रेस संगठन में बना कर रखी है ना अपना वेयरहाउस ठीक करना चाहते हैं ना कांग्रेस पार्टी को ठीक करना चाहते हैं....
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हाजीपुर के जरुआ में मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर पर बदमाशों की गोलीबारी, मालिक सुरक्षित

Hajipur, Bihar:वैशाली से बड़ी खबर है, जहां हाजीपुर में अपराधियों ने एक मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि दुकान मालिक की जान बच गई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान में जुटी है। तस्वीरें हाजीपुर के नगर थाना क्षेत्र के जरुआ इलाके की हैं। बताया जा रहा है कि एक बाइक पर सवार होकर दो अपराधी खुशी मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बदमाश बाइक से उतरते ही दुकान की ओर फायरिंग करने लगे। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।फायरिंग के दौरान दुकान में मौजूद खुशी मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर के मालिक बाल-बाल बच गए। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद नगर थाना की टीम और सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में पुलिस आपसी रंजिश, रंगदारी या अन्य आपराधिक एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही है।इस फायरिंग की घटना ने एक बार फिर हाजीपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
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गोमती रिवर फ्रंट घोटाला: सिर्फ 60% काम, बाकी पैसे कहां गए?

Noida, Uttar Pradesh:गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए। यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ। अखिलेश बाबू को लगा था कि सरकार में वापसी के साथ अपनी चोरी छिपा ले जाएंगे। लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था। घोटालेबाजों की सरकार हार गई। सभी घोटाला सामने आ गया। यह अखिलेश राज के भ्रष्ट काले कारनामों का यह एक नमूना भर है। एक-एक कर सारे चिट्ठे खोलूंगा। पूरी फ़ाइल लेकर बैठा हूं। माननीय संस्थाएं और माननीय एजेंसीज गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं और विश्वास है कि करेंगी भी। धीरज रखें- जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे।
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सीहोर जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम, हीमोफीलिया मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिले

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर सीहोर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल! जिला अस्पताल के सामने परिवार का चक्काजाम सीहोर जिला अस्पताल में पिछले 21 दिनों से हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों को जीवन रक्षक फैक्टर VIII इंजेक्शन नहीं मिलने से नाराज एक पिता ने अपने पूरे परिवार के साथ अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचंद्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो मासूम बच्चे हीमोफीलिया से पीड़ित हैं। इस बीमारी में शरीर से बहने वाला खून आसानी से नहीं रुकता और मरीज को नियमित रूप से फैक्टर VIII इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। आरोप है कि जिला अस्पताल में पिछले तीन सप्ताह से यह जरूरी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण बच्चों की जान पर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर को आवेदन देकर गुहार लगाई थी कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर उन्हें परिवार सहित सड़क पर उतरना पड़ा। अस्पताल के सामने परिवार के बैठते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से चर्चा कर जल्द इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो गरीब मरीज अपने बच्चों की जान कैसे बचाएंगे? बाइट परिजन बाइट- डॉ उमेश श्रीवास्तव सिविल सर्जन
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