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जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत: लोको पायलट्स को मिले बुलेटप्रूफ जैकेट-हेलमेट सुरक्षा

Jammu, जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। 30 अप्रैल 2026 को इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा की शुरुआत जम्मू तवी से श्रीनगर तक की गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से तेज़ और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी मिली। यह ट्रेन कश्मीर घाटी में पर्यटन, व्यापार और विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इसी बीच, रेलवे द्वारा इस रूट पर ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट्स को सुरक्षा के मद्देनज़र बुलेटप्रूफ जैकेट और बुलेटप्रूफ हेलमेट उपलब्ध कराए गए हैं। संवेदनशील जम्मू-कश्मीर रूट को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोको पायलट्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी ट्रेन में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक इस वंदे भारत ट्रेन में RPF के एलीट CORAS (Commandos for Railway Security) कमांडोज़ को तैनात किया गया है। ये कमांडोज़ आधुनिक हथियारों और विशेष सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं और यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखेंगे। इसके अलावा पूरे रेल रूट, सुरंगों, पुलों और रेलवे स्टेशनों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड तैयार किया गया है। कई संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सघन जांच, CCTV मॉनिटरिंग और क्विक रिस्पॉन्स टीम्स की तैनाती भी की गई है। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू से श्रीनगर तक शुरू हुई यह आधुनिक रेल सेवा यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और सुचारु बनी रहे।
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सुनेरा में घायल मोर का उपचार: वन विभाग ने सुरक्षित वातावरण में छोड़ा

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र के ग्राम मेंहदी में शनिवार को एक राष्ट्रीय पक्षी मोर घायल अवस्था में मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोर संभवतः रात के समय बिजली के करंट की चपेट में आ गया था, जिसके कारण वह उड़ने में असमर्थ हो गया था। सुबह ग्रामीणों ने घायल मोर को देखा और उसे सुरक्षित स्थान पर रखा। इसके बाद, उन्होंने तत्काल डायल 112 को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पर तैनात पायलट महेंद्र सिंह जादौन और आरक्षक बृजमोहन यादव मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मी ग्रामीणों की सहायता से घायल मोर को अपने साथ शाजापुर उपचार के लिए लेकर आए। बाद में, मोर को उपचार और देखरेख के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। वन विभाग द्वारा मोर का इलाज करवाया जा रहा है और स्वस्थ होने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण में वापस छोड़ दिया जाएगा। डायल 112 की तत्परता से घायल मोर को समय पर उपचार मिल सका।
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राजस्थान में आपदा तैयारी अब पहले से मजबूत, डिजास्टर रेडी सिस्टम बनेगा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में आपदा से लड़ाई अब सिर्फ राहत तक सीमित नहीं रहेगी। बल्कि फोकस होगा पहले से तैयारी, त्वरित चेतावनी और टेक्नोलॉजी आधारित रिस्पॉन्स सिस्टम पर। बदलते क्लाइमेट के दौर में हर जिला, हर शहर और हर औद्योगिक इकाई को ‘डिजास्टर रेडी’ बनाना होगा। शहरी बाढ़ से लेकर अग्निकांड, हीटवेव, सिलिकोसिस और औद्योगिक हादसों तक सरकार ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। 4700 ‘आपदा मित्र’ मैदान में हैं। 12 हजार से ज्यादा नए युवा स्वयंसेवकों की तैयारी शुरू हो चुकी है। तो आखिर राजस्थान का नया डिजास्टर मेनेजमेंट ब्लूप्रिंट कितना मजबूत है… देखिए हमारी रिपोर्ट. VO-1-राजस्थान में आपदाओं का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी सूखा और अकाल के लिए पहचाने जाने वाले प्रदेश के सामने अब शहरी बाढ़, आग, हीटवेव, औद्योगिक हादसे और रासायनिक जोखिम जैसी नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। यही वजह है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने राज्य को पारंपरिक राहत मॉडल से बाहर निकलकर “पूर्व तैयारी आधारित आपदा प्रबंधन” अपनाने की सलाह दी है। एनडीएमए सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है। बल्कि उससे पहले जोखिम कम करना और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र मजबूत करना अब सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 10 सूत्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंडे को हर विभाग के लिए अनिवार्य मार्गदर्शक सिद्धांत बताया। दरअसल पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे शहरों में कुछ घंटों की बारिश से सड़कें डूबने लगी हैं। वहीं गर्मियों में तापमान 48 डिग्री के पार पहुंचने से लू अब मौसमी समस्या नहीं बल्कि “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी” बनती जा रही है। राज्य में पिछले पांच वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को करीब 3545 करोड़ रुपए की सहायता दी गई। लेकिन सरकार और आपदा विशेषज्ञ अब मान रहे हैं कि सिर्फ मुआवजा मॉडल लंबे समय तक कारगर नहीं रहेगा। इसलिए अब फोकस डिजास्टर रिस्क रिडक्शन यानी जोखिम कम करने पर है। एनडीएमए ने खास तौर पर कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, मॉल और ऊंची इमारतों में नियमित मॉक ड्रिल और फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करने पर जोर दिया। कोटा जैसे कोचिंग हब और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों को देखते हुए यह मुद्दा बेहद अहम माना जा रहा है। औद्योगिक विस्तार भी नई चिंता बनकर उभरा है। रिफाइनरी, केमिकल यूनिट और खनन क्षेत्रों में हादसों के खतरे को देखते हुए एनडीएमए ने ऑफसाइट इमरजेंसी अभ्यास और वार्षिक सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। खासकर सिलिकोसिस प्रभावित इलाकों में श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने को कहा गया। VO-2-एनडीएमए सदस्य डॉ.असवाल ने कहा कि किसी भी आपदा में “पहला रिस्पॉन्स” स्थानीय स्तर पर होता है। ऐसे में जिला प्रशासन, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सबसे जरूरी है। उन्होंने उद्योगों में वार्षिक सुरक्षा प्रोटोकॉल, ऑफसाइट अभ्यास और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण को अनिवार्य करने की बात कही। राज्य में अब तक 1585 जनजागरूकता कार्यक्रम और 469 मॉक ड्रिल आयोजित की जा चुकी हैं। वहीं ‘आपदा मित्र योजना’ के तहत 13 जिलों में 4700 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है। अगले चरण में 12,650 युवाओं को ट्रेनिंग देने की तैयारी है। ताकि आपदा के समय स्थानीय स्तर पर तुरंत मदद मिल सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को लगभग 3545 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल अब बाढ़, बिल्डिंग ढहने, केमिकल हादसों और बोरवेल रेस्क्यू जैसी घटनाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण और उपकरणों से लैस किया जा चुका है। वहीं स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुईकर प्रतिक चंद्रशेखर ने बताया कि प्रदेश में 221 फायर स्टेशन और 708 अग्निशमन वाहन सक्रिय हैं, जबकि बड़े शहरों में हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बहरहाल,आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं... चुनौती उससे पहले खतरे को पहचानने, तैयारी मजबूत करने और हर जिले को संकट से लड़ने में सक्षम बनाने की है। राजस्थान अब रेस्क्यू से आगे बढ़कर ‘रेजिलिएंट सिस्टम’ की दिशा में काम कर रहा है। ताकि बाढ़, आग, लू या औद्योगिक हादसे जैसी हर चुनौती का जवाब पहले से तैयार मिले। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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जोधपुर में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने आमजन की समस्याएं सुनी, प्रतिमा उद्घाटन संकेत

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत दो दिवसीस प्रवास पर आज जनसुनवाई करने पहुंचे।केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने जोधपुर के सर्किट हाउस में आमजन से मुलाकात करने के साथ ही जनसुनवाई भी की। जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों से आए फरियादियों ने केन्द्रीय मंत्री के समक्ष अपनी अपनी समस्याओं को रखा। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने उनको समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश की आन बान शान के लिए वीर योद्धा महाराणा प्रताप की जयंति पर उनको नमन करते है उन्होने मातृभूमि की आन बचाने के लिए कभी गुलामी स्वीकार नही की। ऐसे महापुरूषों की वजह से ही भारत की अस्मिता बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि देश के पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय भैरोसिंह शेखावत की प्रतिमा जोधपुर में स्थापित की जा रही है वे न केवल भाजपा के लिए बल्कि देश के लिए भी महान विभूति थे ऐसे में उनकी प्रतिमा का उद्घाटन करने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस कार्यक्रम में मौजूदगी में होगा। इसके साथ ही उन्होने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए रात्रि चोपाल आयोजित करवाई जा रही है। मै भी आज पोकरण विधानसभा के फलसुंड गांव में रात्रि चौपाल में शामिल होकर जनता के साथ उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान का प्रयास करूंगा।
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बालोतरा में मावा फैक्ट्री पर छापा, लाइसेंस समाप्त, मिलावट के संकेत

Balotra, Rajasthan:जिला बालोतरा बालोतरा जिले के मोकलसर कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के सामने संचालित एक मावा फैक्ट्री पर छापा मारा। जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित रंजीत रेस्टोरेंट के पीछे घर में मावा बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, जिसकी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं。 शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरधारीराम के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और फैक्ट्री का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री में उपयोग किए जा रहे खाद्य लाइसेंस की अवधि समाप्त मिली। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से मावा और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए। अधिकारियों ने बताया कि सभी सैंपलों को लैब टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。 खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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धौलपुर शादी में गोली: दोस्त की मौत से मातम, इलाके में तनाव

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर: दोस्त की शादी में पहुंचे युवक की गोली लगने से मौत, शहनाई से पहले गूंजीं चीखें दिहौली के घुरैयाखेड़ा में शुक्रवार रात दावत के दौरान हुआ हादसा; मामूली कहासुनी के बाद चली गोली, पुलिस बोली- जांच के बाद ही होगा साफ कि हादसा था या हत्या! धौलपुर जिले के दिहौली थाना क्षेत्र के घुरैयाखेड़ा गांव में शुक्रवार रात शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब दावत के दौरान गोली लगने से 20 साल के युवक राहुल की मौत हो गई। रात करीब 1 बजे हुई इस घटना ने दो परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। दूल्हे के घर में बजने वाली शहनाई से पहले ही चीख-पुकार गूंज उठी। *दोस्त की खुशी में शामिल होने आया था राहुल* मृतक राहुल पुत्र दीवान सिंह अपने दोस्त सोनपाल के साथ घुरैयाखेड़ा गांव में दोस्त जितेंद्र पुत्र निहाला के घर आया था। रविवार को जितेंद्र का विवाह होना था, जिसके चलते शुक्रवार रात गांव में दावत का आयोजन किया गया था। ढोल-डीजे की धुन पर गांव वाले नाच-गा रहे थे। राहुल भी दोस्त की शादी की खुशी में शामिल होने आया था। उसे क्या पता था कि यह दावत उसकी जिंदगी की आखिरी दावत बन जाएगी। *एक पल में बदला मंजर* दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक रात करीब 1 बजे दावत के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और इसी बीच गोली चल गई। गोली सीधे राहुल को जा लगी। खून से लथपथ राहुल वहीं गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनते ही दावत में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। *दोस्तों की आंखों के सामने तोड़ा दम* मौके पर मौजूद दोस्त और परिजन राहुल को संभालने दौड़े। उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चंद मिनटों में ही 20 साल के राहुल ने अपने दोस्तों की आंखों के सामने दम तोड़ दिया। जश्न का माहौल पलभर में मातम में बदल गया। जहां कुछ देर पहले तक हंसी-ठहाके गूंज रहे थे, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियां थीं। *हादसा था या साजिश, पुलिस कर रही जांच* घटना की सूचना मिलते ही दिहौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह जांच का विषय है कि गोली कैसे चली। यह कोई साजिश थी या केवल एक हादसा, पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हम निर्णय नहीं कर सकते कि गोली किसने चलाई और क्यों चलाई। *टूट गया परिवार, मां का रो-रोकर बुरा हाल* उधर, राहुल की मौत की खबर सुनते ही उसके घर में कोहराम मच गया। बूढ़े मां-बाप का इकलौते बेटे की मौत से रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेटे का नाम लेकर बेसुध हो रही थी। मृतक के भाई रामलखन ने बिलखते हुए दिहौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रामलखन का कहना है, मेरा भाई तो हंसते-हंसते दावत खाने गया था, अब उसकी लाश आई है। *चार महीने पहले हुई थी सगाई* परिजनों ने बताया कि राहुल 12वीं पास करने के बाद से ही पहलवानी करता था। लोगों ने बताया कि चार महीने पहले ही राहुल की सगाई हुई थी। राहुल के एक बड़ा भाई और तीन बहनें हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई ट्रक ड्राइवर है। *शादी वाले घर में पसरा सन्नाटा* घटना के बाद से घुरैयाखेड़ा गांव में मातम पसरा है। दूल्हे जितेंद्र के घर में शादी की तैयारियां थम गई हैं। न ढोल बज रहा है, न शहनाई की गूंज है। पूरे गांव में सिर्फ सन्नाटा और दहशत का माहौल है। एक गोली ने न सिर्फ एक जवान बेटे की जान ली, बल्कि दो परिवारों की खुशियां भी छीन लीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और हर एंगल से जांच की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा
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