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अयोध्या चढ़ावे विवाद: अनिल मिश्रा बाहर, ज़ी न्यूज़ ने घरों की जाँच की

Noida, Uttar Pradesh:ये आईडी नेशनल सर्वर मिलेगा । मंदिर में चढ़ावे को लेकर जो याचिका दी गई उसमे अनिल मिश्रा का भी नाम है हालाकि वो अभी अयोध्या के बाहर है अपनी आँखो का इलाज करवाने के लिए केरल गए है । कल टिन्नू यादव ने भी अनिल मिश्रा का नाम लिया था और कहा था की चढ़ावा का जो पैसा आता था उसकी देखरेख की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा जी की थी । आज ज़ी न्यूज़ की टीम उनके पुश्तैनी मकान और उनके नए वाले मकान पर पहुँचे । जहाँ घर के केयर टेकर ने बताया की वो घर पे नहीं है । साथ ही जब हम उनके नए घर पर पहुँचे तो उनके परिवार ने बात करने से मना कर दिया । ग्राउंड रिपोर्ट
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105 साल पुराने स्कूल भवन से आंधी-तूफान, 685 विद्यार्थियों की पढ़ाई खतरे में

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:105 साल पुराने स्कूल भवन को आंधी-तूफान ने नुकसान पहुंचाया है। तेज हवा के कारण विद्यालय की छत और अन्य हिस्से प्रभावित हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस विद्यालय में करीब 685 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ऐसे में भवन की स्थिति को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रदेशभर में " skole चलो अभियान" की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत विद्यार्थियों को स्कूलों से जोड़ने और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन पुराने भवन की खराब स्थिति के चलते यहां पढ़ाई व्यवस्था को सुचारू रखना एक चुनौती बना हुआ है。
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योगेंद्र उपाध्याय के बयानों पर कानपुर में राजनीतिक चर्चा गर्म

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर हिंदुस्तानी संस्कृति में अभिवादन प्रणाम होगा सलाम नहीं- उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय पहुंचे योगेंद्र उपाध्याय ने गुरु तेग बहादुर जी जयंती कार्यक्रम में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में गायत्री मंत्र की बात पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंदुस्तानी यदि हिंदुस्तान की संस्कृति में अभिवादन करें तो हाथ जोड़कर अभिवादन प्रणाम होगा, सलाम तो होगा नहीं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में धर्मांतरण सेल बनने की बात पर मंत्री ने कहा कि जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराना अपराध है। अपराध रोकने के लिए कोई भी कदम उठाए जा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु का अपमान करना गलत है। यदि कोई धर्मगुरु गलत है तो उसके लिए कुछ भी कहा जा सकता है। नीट परीक्षा के दौरान टेलीग्राम पर रोक लगने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि एक समय पेपर आउट की लंबी श्रंखला चलती थी जो कि अब नगण्य है। पहले सत्ता संरक्षित करती थी अब दंडित करती है। पुराने इतिहास देख लीजिए एक नेता थे जिन्होंने युवाओं से कहा था कि आप हमें वोट दो हम नकल अध्यादेश खत्म कर देंगे。 अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर प्रकरण में गठित एसआईटी पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर मंत्री ने कहा कंफ्यूज नेता कुछ भी कह सकता है। वह कंफ्यूज नेता है। सीएम ग्रिड व सड़कों के लेट लतीफी पर मंत्री बोले की अच्छे के लिए कुछ हो रहा है। डेडलाइन पूरी होने के बाद भी काम पूरा न होने पर बोले कि जिम्मेदार दंडित होंगे। जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या घट रही है वहां रोजगारपक कोर्स शुरु करने को कहा गया है।
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ललितपुर में चोर ने होंडा ऑटो पार्ट्स से सवा लाख लूटकर फरार, CCTV में कैद

Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक शातिर अज्ञात चोर ने होंडा ऑटो पार्ट्स की दुकान को अपना निशाना बनाते हुये दुकान के अंदर रखे हुये करीब सवा लाख रुपये लेकर मौके से फरार हो गया, चोर द्वारा चोरी करने की घटना CCTV कैमरे में कैद हो गयी। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पॉश इलाके DM रोड की है। पीड़ित दुकान संचालक द्वारा बताया गया कि आज सुबह जब वह दुकान खोलने के लिये आया तो उसने देखा कि उसकी दुकान के ताले टूटे हुये थे। दुकान के अंदर गुल्लक में रखे हुये करीब सवा लाख रुपये की नगदी गायब थी, जब CCTV को देखा तो एक शातिर चोर जो अपने आपको कम्बल से ढके हुये था, उसने ही चोरी की घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया, घटना कि सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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ISI हैंडलर से जुड़े मल्टी-स्टेट मॉड्यूल: 5 सहित 8 गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का कहना है - पाकिस्तान ISI हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े 8 सदस्यों वाले मल्टी-स्टेट टेरर मॉड्यूल के 5 और आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों को दिल्ली और आस-पास के राज्यों में पुलिसवालों को टारगेट करने, उनके पोस्टर चिपकाकर पाक हैंडलर्स को ग्लैमरस बनाने और दिल्ली-NCR इलाके में ग्रैफिटी पेंट करके ISI-स्पॉन्सर्ड कथित टेरर ऑर्गनाइज़ेशन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) को पॉपुलर बनाने का काम सौंपा गया था। Tariq-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने हाल ही में अमृतसर के मजीठा में एक ASI की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी। हथियार और गोला-बारूद, और दूसरा आपत्तिजनक सामान ज़ब्त किया गया। पाकिस्तान ISI हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े 8 सदस्यों वाले मल्टी-स्टेट टेरर मॉड्यूल के 5 और आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार लोग: (1) सोहेल (26 साल) बेटे शमशाद अली, निवासी बल्लभगढ़, जिला फरीदाबाद, हरियाणा (2) सोनू मीणा (30 साल) बेटे मेवा लाल मीणा, निवासी मारुति चौक, घिटोरनी, दिल्ली (3) सचिन कुमार मीणा (20 साल) बेटे देवी शाय मीणा, निवासी अंचाड़ी, जिला दौसा, राजस्थान (4) मोहम्मद कैफ (21 साल) बेटे लल्लू, निवासी नगीना, जिला नूह, हरियाणा (5) मोहम्मद रिहान (20 साल) बेटे मोहम्मद शकील, निवासी करीम नगर, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का कहना है - पाकिस्तान ISI हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े 8 सदस्यों वाले मल्टी-स्टेट टेरर मॉड्यूल के 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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मुरादाबाद PAC कैंटीन में भीषण आग, पूरी कैंटीन जलकर खाक; जनहानि नहीं

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद की 24वीं वाहिनी पीएसी की कैंटीन में भीषण आग, पूरी कैंटीन हुई जलकर खाक, PAC प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी 24वीं वाहिनी परिसर में स्थित कैंटीन में अचानक लगी भीषण आग से हड़कंप, आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरी कैंटीन हुई जलकर खाक हो गई, आग के कारण कैंटीन में रखा सारा सामान जमकर हुआ नष्ट, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने बमुश्किल पाया आग पर काबू, गनीमत रही कि हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई.... सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित, आग लगने के कारण आसपास छाया रहा काले धुए का गुबार, आग लगने के कारणों का अभी कुछ स्पष्ट नहीं जाँच जारी, मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र मे पड़ने वाली 24वीं वाहिनी PAC की केंटीन का पूरा मामला।
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मानसून से पहले जयपुर की तैयारियाँ हादसों की कगार पर, हकीकत क्या कहती है?

Jaipur, Rajasthan:मानसून दस्तक देने को तैयार है, लेकिन नगर निगम की तैयारियां अब भी कागजों में कैद हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर के नालों की सफाई अधूरी है, फ्लड कंट्रोल रूमों में कर्मचारी नदारद हैं, फ्लड कंट्रोल रूम नंबर बंद हैं और संसाधनों का भी पूरा इंतजाम नजर नहीं आ रहा। सवाल ये है कि जब सिस्टम खुद पानी-पानी है तो बारिश में शहर को डूबने से कौन बचाएगा......देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट... हर साल की तरह इस बार भी मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने और आपदा से निपटने के लिए प्रबंधन के दावों की लंबी फेहरिस्त तैयार कर ली गई है। नगर निगम ने सात अलग अलग लोकेशन पर बाढ़ नियंत्रण केंद्रों के संचालन, अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता के आदेश जारी कर दिए हैं....लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। हालात ऐसे हैं कि मानसून की पहली तेज बारिश से पहले ही तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। नगर निगम ने 15 जून से मानसून समाप्ति तक मानसरोवर, मालवीय नगर, विश्वकर्मा, बनीपार्क, घाटगेट, आमेर और खिरणी फाटक सहित विभिन्न क्षेत्रों में फ्लड कंट्रोल रूम संचालित करने की आदेश जारी कर दिए। अधिकारियों और कर्मचारियों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी भी तय कर दी गई है। दावा है कि जलभराव और आपदा की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जाएगी। लेकिन जी मीडिया के रियलिटी चेक के दौरान मौके पर तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कई फ्लड कंट्रोल रूमों में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे मौके पर मौजूद नहीं मिले। कुछ स्थानों पर रजिस्टर में हस्ताक्षर दर्ज हैं, लेकिन कर्मचारी ड्यूटी स्थल से गायब हैं। कहीं पूरा कंट्रोल रूम एक ही कर्मचारी के भरोसे संचालित होता दिखाई दिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन कंट्रोल रूमों को आमजन की सहायता के लिए स्थापित किया गया है, उनके संपर्क नंबर तक कई जगह सक्रिय या रजिस्टर्ड नहीं मिले। सवाल वही है जो हर बारिश से पहले पूछा जाता है और हर बारिश के बाद भी जवाब नहीं मिलता...क्या इस बार भी पहली तेज बारिश में जयपुर की सड़कें तालाब बन जाएंगी....क्या कॉलोनियां फिर पानी में डूबेंगी.......क्या राहत के इंतजार में लोग घंटों फंसे रहेंगे...... मानसून के दौरान आपदा से निपटने के लिए तैयारियों की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के सभी चिन्हित नालों की सफाई का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। हर साल जलभराव की समस्या पैदा करने वाले कई संवेदनशील क्षेत्रों में नालों की सफाई अधूरी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि प्री-मानसून तैयारी ही पूरी नहीं हुई तो भारी बारिश के दौरान हालात कैसे संभाले जाएंगे.....आयुक्त ओम कसेरा का कहना हैं की सभी बडे नालों की ड्रोन वीडियोग्राफी करवाई जा रही हैं....बाढ़ नियंत्रण केंद्रों पर संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी तस्वीर संतोषजनक नहीं है। कागजों में चार मड पंप, पोर्टेबल पंप, गैस कटर, जेसीबी, बोलेरो, पिकअप, हॉपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे संसाधनों का उल्लेख है.....लेकिन कई स्थानों पर व्यवस्थाएं अधूरी नजर आईं। मिट्टी के कट्टे भरने का काम जरूर चल रहा है, लेकिन उनमें निर्धारित मात्रा से कम मिट्टी भरे जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। गौरतलब हैं की जब जिला कलेक्टर संदेश नायक ने 15 जून से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे चुके थे... तो फिर आदेशों का पालना करने से किसने रोका....जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में नगर निगम से लेकर बिजली, जलदाय, चिकित्सा और राजस्व विभाग तक को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 15 जून से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। खास तौर पर नालों की सफाई, बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया था। लेकिन जमीनी तस्वीर प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कलेक्टर ने नगर निगम को शहर के छोटे-बड़े नालों और सीवर लाइनों की सफाई कराकर अभियंताओं से प्रमाणीकरण करवाने तथा उपखंड अधिकारियों से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में नालों की सफाई अधूरी दिखाई दे रही है। कई नालों में अब भी गाद और कचरा जमा है, जिससे पहली तेज बारिश में जलभराव का खतरा बना हुआ है。 बहरहाल, जब नाले आधे साफ हों, कंट्रोल रूम के नंबर बंद हों और ड्यूटी पर कर्मचारी ही गायब हों, तो करोड़ों रुपये की तैयारियों पर भरोसा कैसे किया जाए....फिलहाल तस्वीर साफ है... कागजों में इंतजाम फुलप्रूफ हैं, लेकिन जमीन पर पूरा सिस्टम 'राम भरोसे' नजर आ रहा है। अब मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ही तय करेगी कि दावे तैरते हैं या फिर जयपुर एक बार फिर पानी में डूबता है......
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