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कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंटर में दो साइबर ठग गिरफ्तार

Kota, Rajasthan:मंडाना कोटा。 कोटा ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, पॉस मशीन, मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और साइबर अपराध में प्रयुक्त कार जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी हरियाणा के नूंह जिले के रहने वाले हैं और इनके खिलाफ देशभर में करोड़ों की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं。 पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ “ऑपरेशन म्यूल हंटर” और जिले में “ऑपरेशन साइबर हंटर” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंडाना थाना क्षेत्र में काल्याखेड़ी चौकी के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रुकवाने का प्रयास किया。 पुलिस को देखकर कार चालक ने वाहन को वापस मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 4 एटीएम कार्ड, 2 पेटीएम कंपनी की पॉस मशीन, 4 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड और 1 लाख 71 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। साथ ही साइबर अपराध में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट कार नंबर HR 28 M 2455 भी जब्त की गई。 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जावेद और मोहम्मद इरशाद निवासी थाना फिरोजपुर झिरका, जिला नूंह हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन टास्क पूरे कराने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। समन्वय पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज शिकायतों के अनुसार आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के खिलाफ देशभर में करीब 4 करोड़ 27 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मंडाना थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नसीराबाद में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का लोकार्पण, शिक्षाविद ने संदेश दिया

Ajmer, Rajasthan:एंकर अजमेर के नसीराबाद में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का लोकार्पण समारोह के साथ किया गया अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड की ओर से आयोजित लोकार्पण समारोह शहीद स्मारक चौराहे के निकट स्कूल में किया गया युगपुरुष स्वामी विवेकानंद की मूर्ति लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि महासंघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाशचंद कच्छावा एवं महासंघ के प्रदेश निर्वाचन अधिकारी महावीर प्रसाद वर्मा ने शिरकत की वही लोकार्पण समारोह के बारे में महावीर प्रसाद वर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित करने के क्रम में यह कार्य महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में किया गया अगतिथियों ने स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी के कई प्रसंग सुनाते हुए उनकी जीवनी से शिक्षा लेने के प्रति जागरूक किया
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पिहोवा के गांव ठसका मीराँ जी में जमीनी विवाद, 2 गिरफ्तार, CCTV फुटेज सामने

Kurukshetra, Haryana:पिहोवा के गांव ठसका मीराँ जी में जमीनी विवाद को लेकर हुआ झगड़ा,आधा दर्जन लोगों को आई चोटे,पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार,झगड़े का CCTV फुटेज आई सामने कुरुक्षेत्र:- पिहोवा के गांव ठसका मीराजी में जमीनी विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसमें लगभग आधा दर्जन लोगों को चोटे आई थी। और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वही पिहोवा पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लड़ाई झगड़े का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घायल बलविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे भाई बलदेव सिंह ने 2010 में राजेंद्र सिंह से जमीन ली थी। लेकिन अब तक उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा था। लगभग 16 साल कोर्ट में केस चला। जिसके बाद हाई कोर्ट में हमारे हक में फैसला दिया। जिसके बाद एसडीएम साहब को कब्जे को लेकर पत्र दिया गया था। और 7 तारीख को उसके भाई को कब्जा दिलवा दिया था। लेकिन उसके बाद राजेंद्र सिंह और उसके परिवार वालों ने उनके साथ झगड़ा किया और उनके ऊपर हमला किया और उनको चोट आई है। SHO जगदीश चंद ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव ठसका मीराजी में जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद और झगड़ा हो गया था। जिसमें कई लोगों को चोटे आई थी। और इस मामले में फिलहाल दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। और मामले में आगामी कार्यवाही जारी है। बाईट:- घायल बलविंदर सिंह बाईट:-SHO जगदीश चंद
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संगम विहार में बिल्डिंग में AC फटने से भीषण आग, तीन दमकलें भारी मशक्कत

Delhi, Delhi:दिल्ली के संगम विहार इलाके के K ब्लॉक में भीषण आग की घटना सामने आई है. घर के मालिक ने फायर विभाग को सूचना दी जिसके बाद तीन गाड़ियाँ मौके पर पहुंच कर आग को काबू करने की कोशिश कर रही हैं. गनीमत है कि इस आग में हताहत नहीं हुआ, लेकिन घर का सारा सामान जलकर राख हो गया है. आग को काबू करने के लिए फायर विभाग प्रयास कर रहा है. राजधानी दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ आग की घटनाएं बढ़ रही हैं. संगम विहार के K ब्लॉक की बिल्डिंग में AC ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई. पड़ोस के लोगों ने बताया कि आग लगभग 2:00 बजे के करीब लगी थी; AC दूसरी मंजिल पर फट गया था. परिवार समय रहते बाहर निकल गया. आग बुझाने के प्रयास के साथ तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग को काबू किया. घर में रखा सारा सामान जल गया है, पर किसी की जान नहीं गई.
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आशीष सिंह की नई पहल से सिंहस्थ 2028 की तैयारी में बचत और तालमेल

Ujjain, Madhya Pradesh:सिंहस्थ तैयारियों में आशीष सिंह की नई पहल: एक गाड़ी में निकले अधिकारी, बचत और बेहतर तालमेल का संदेश पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव की सोच को उज्जैन में जमीन पर उतार रहे संभाग आयुक्त आशीष सिंह उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच संभाग आयुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह अपनी अलग कार्यशैली और मैदान पर सक्रियता को लेकर लगातार चर्चा में हैं। रोज सुबह 6 बजे खुद मौके पर पहुंचकर कार्यों की निगरानी करने वाले आशीष सिंह ने अब सरकारी खर्च बचाने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए आशीष सिंह ने निर्णय लिया कि सिंहस्थ कार्यों के संयुक्त निरीक्षण के दौरान अब अलग-अलग विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी गाड़ियों से नहीं जाएंगे। सभी अधिकारी एक ही पूल वाहन से निरीक्षण करेंगे। प्रशासनिक हलकों में इस पहल की काफी सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि आशीष सिंह केवल दफ्तर से निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद मैदान में उतरकर हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का निरीक्षण करते हैं। यही वजह है कि सिंहस्थ के कार्यों में तेजी के साथ स्पष्ट प्लानिंग भी दिखाई दे रही है। पिछले पांच दिनों में आशीष सिंह की टीम ने सुबह 6 बजे से शिप्रा नदी किनारे बन रहे घाटों का लगातार निरीक्षण किया। करीब 37 किलोमीटर क्षेत्र में घूमकर यह तय किया गया कि श्रद्धालुओं के लिए कहां प्रवेश और निकास मार्ग बनाए जाएंगे और किन स्थानों पर पहुंच मार्ग तैयार होंगे। आशीष सिंह का कहना है कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकर नहीं हो सकतीं। जमीन की स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को समझने के लिए मौके पर पहुंचना जरूरी है। यही कारण है कि वे लगातार टीम के साथ मैदान में मौजूद रहकर काम को अंतिम रूप दे रहे हैं। सिंहस्थ तैयारियों के बीच आशीष सिंह की यह कार्यशैली अब प्रशासनिक स्तर पर “मैदान पर उतरकर काम करने वाले अधिकारी” की पहचान बना रही है।
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पंजाब पीएसईबी बारहवीं परिणाम: लड़कियाँ बनीं टॉपर, बठिंडा की लिनीसा टॉप

Bathinda, Punjab:ਬਾਰਵੀਂ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ 'ਚ ਕੁੜੀਆਂ ਨੇ ਫਿਰ मਾਰੀ ਬਾਜ਼ੀ ਪੰਜਾਬ ਚ PSEB ਨੇ ਬਾਰਵੀਂ ਦੇ ਨਤੀਜੇ ਘੋਸ਼ਿਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹਨ ਇਸ ਵਾਰ ਫਿਰ ਕੁੜੀਆਂ ਨੇ ਬਾਜ਼ੀ ਮਾਰੀ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਦਸ਼ਮੇਸ਼ ਪਬਲਿਕ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਦੀ ਲਨੀਸਾ ਬਾਸਲ ਨੇ 12ਵੀਂ ਦੇ ਨਤੀਜੀਆਂ ਚੋਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਟੋਪ ਕਰਕੇ ਅਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦਾ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨਾਮ ਰੋਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਲਨੀਸ਼ਾ ਡਾਕਟਰ ਬਣਨਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਮਾਪੇ ਵੀਂ ਡਾਕਟਰ ਹਨ ਉਸਨੇ ਕਿਹਾ ਕੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਸਮੇਂ ਦਿਤਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਸਦੇ 484/500 ਚੋ ਨੰਬਰ ਆਏ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚੋਂ 17ਵਾਂ ਰੈਂਕ ਆਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਕੁੜੀ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਨੇ ਇਸਨੂੰ ਮੁਕਾਮ ਹਾਸਿਲ ਕਰਵਾਇਆ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਚ ਟੋਪ ਕਰਨ ਤੇ ਇਸਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਤੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਨੇ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕੀ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਬੱਚੀ ਤੇ ਬਹੁਤ ਮਾਨ ਹੈ ਜਿਸਨੇ ਅਪਣੀ ਮੇਹਨਤ ਨਾਲ ਅੱਜ ਸਕੂਲ ਸ਼ਹਿਰ ਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਨਾਮ ਰੋਸ਼ਨ ਕੀਤਾ।
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बरेली डीएम की पहल: कलेक्ट्रेट में हर शनिवार और सोमवार रहेगा ‘नो व्हीकल डे

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में जिला प्रशासन ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट में ‘नो व्हीकल डे’ की शुरुआत की है।इस पहल की खास बात यह रही कि डीएम अविनाश सिंह खुद अपने एस्कॉर्ट को छोड़कर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके सुरक्षाकर्मी भी आवास से कलेक्ट्रेट तक पैदल ही साथ चले। इतना ही नहीं, कार्यालय कार्य समाप्त होने के बाद डीएम वापस अपने आवास भी अपनी गाड़ी से और सुरक्षाकर्मी पैदल ही गए।डीएम ने ईंधन की बचत और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट की तमाम सरकारी गाड़ियों के एस्कॉर्ट तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब कलेक्ट्रेट में सप्ताह में दो दिन — सोमवार और शनिवार — ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाए जाएंगे। इन दिनों कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी वाहन से कार्यालय नहीं आएगा। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ईंधन बचत के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि सप्ताह में दो दिन बिना वाहन के कार्यालय आने से पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और आम जनता में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।डीएम ने अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी साइकिल,ई-व्हीकल या पैदल चलने को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण स्वच्छ रहेगा, बल्कि लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।प्रशासन की इस पहल को शहर में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे सरकारी खर्च में कमी आने के साथ-साथ आम लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलेगी।
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मुजफ्फरपुर में चचेरी बहनों की हत्या: शव ईट भट्ठे के पास मिले

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर जिले के रामपुरहरी थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां दो दिन पूर्व अपने घर से गांव में आयोजित पूजा देखने के लिए निकली दो चचेरी बहनें गायब हो गई थीं और 48 घंटे बाद अब दोनों का शव घर से महज कुछ दूरी पर स्थित ईट भट्ठा के पास से बरामद हुआ है. घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और मृतक दोनों बच्चियों के परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्चियों की हत्या कर शव फेंक दिया गया है. सूचना मिलते ही रामपुर Hari थाना की पुलिस के साथ SDPO अलय बत्स मौके पर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल जुड़ गई है और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाकर जांच जारी है. पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के मकसूदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 6 का है, जहां सोमवार को घर के बगल में हो रही पूजा देखने के लिए राजेश राय की 12 वर्षीय बेटी मौसमी कुमारी और वीर चंद्र कुमार की 7 वर्षीय बेटी रुचि कुमारी एक साथ निकली थीं, जिसके बाद दोनों चचेरी बहनें अचानक गायब हो गईं. गायब बच्चियों के परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला तो रामपुरहरी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई. 48 घंटे बाद शव क्षत विक्षत हालत में घर से कुछ दूरी पर स्थित एक ईट भट्ठे के समीप बरामद हुए. शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों के बीच चीख पुकार और आक्रोश देखा गया. परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्चियों का अपहरण कर हत्या कर शव फेंक दिया गया है. पुलिस मौके पर दल बल के साथ पहुंची है और मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी East One अलय वत्स भी मौके पर पहुंचे हैं. एफएसएल की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है. परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद दोनों मासूम बच्चियों की जान बच जाती. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे का कारण स्पष्ट होगा.
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बगहा-SP ने अमृता के लिए एक दिन पुलिस अधिकारी बनाकर दिया साहस

Bagaha, Bihar:नेपाल और उतर प्रदेश की सीमा पर स्थित पुलिस मुख्यालय में कप्तान की एक प्रेरणादायक पहल के तहत बगहा पुलिस ने बुधवार को एक साधारण दिन को अमृता के लिए यादगार और ऐतिहासिक दिन बना दिया। ज़ब एक दिन के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा सचमुच में एसपी बन गईं। दरअसल यह अनूठी पहल स्वावलंबन और आत्मबल मजबूत करने के लिए बगहा एसपी निर्मला कुमारी ने की जहां अमृता नामक परसा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा यहाँ पुलिस अधीक्षक बन गईं। बताया जा रहा है कि अमृता को एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) की कुर्सी पर बैठने का अवसर दिया गया, जहां उसने इस जिम्मेदार पद का अनुभव किया। इस दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान पर अपने विचार भी साझा किए हैं। इस पहल का उद्देश्य खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के आत्मविश्वास और सपनों को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान अमृता ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और जिला पुलिस मुख्यालय के कामकाज को भी समझा, जहां उसको अपनी उम्र से कहीं अधिक आत्मविश्वास और जिज्ञासा दिखाई दिया। बगहा की एसपी निर्मला कुमारी ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जब अमृता का व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन किया और ऐसे प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित किया। एसपी ने कहा है कि “हमारा लक्ष्य अमृता के साहस को पंख देना है। SP की कुर्सी पर बैठकर उसने सिर्फ एक पद नहीं संभाला, बल्कि जिम्मेदारी का एहसास भी किया। मैंने उसे बताया कि अगर किसी लड़की के पास शिक्षा और अनुशासन है, तो उसके लिए कोई मंजिल दूर नहीं है। हम चाहते हैं कि बगहा की हर बेटी यह विश्वास करे कि खाकी सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि बदलाव लाने की जिम्मेदारी और उम्मीद भी है,” — एसपी निर्मला कुमारी। बत दें कि इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने अमृता को कानून-व्यवस्था की बुनियादी जानकारी भी दी और उसे पढ़ाई में मेहनत करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने के लिए कड़ी मेहनत कितनी जरूरी है। अब इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। अमृता के लिए यह अनुभव सिर्फ एक औपचारिक अवसर नहीं, बल्कि उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गया है। तब उसका कहना है कि “मैं पुलिस को देखकर सोचती थी कि क्या मैं कभी उनके जैसी बन पाऊंगी। लेकिन आज मुझे विश्वास हुआ है कि मैं जरूर बनूंगी,” उसने आत्मविश्वास के साथ कहा है। निश्चित तौर पर बगहा पुलिस की यह पहल एक मजबूत संदेश देती है जिससे की आज के वैसे युवाओं/युवतियों को सशक्त बनाकर हम एक समावेशी समाज और उसके भीतर युवाओं के दृढ़ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं बशर्ते अगर हौसला बुलंद हों कुछ कर गुजरने के लिए तभी ऐसा मुमकिन है ।
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