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KUKumar Uttam Follow22 Jul 2024, 07:46 am
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गाजियाबाद पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद किया; 3 गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:गाजियाबाद स्वाट टीम ने हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इस बरामदगी में हथियारों के साथ-साथ इन हथियारों में इस्तेमाल होने वाली कार्टेज यानी की गोलियां भी बरामद हुई है। टीम ने 3 आरोपी को गिरफ्तार किया हैं, जिन्होंने पूछताछ में बताया कि यह दिल्ली एनसीआर में अवैध हथियारों को सप्लाई किया करते थे। पूछताछ में इन्होंने यह भी बताया कि उनके आका दिल्ली के मंडोली जेल में बंद है, जिनके आदेश पर यह लगातार सक्रिय थे। एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार लगातार जारी है और इसी अभियान के तहत इन सभी को गिरफ्तार किया गया है। अब अवैध हथियार हो या नशा संबंधी सामग्री हो सभी पर ऑपरेशन प्रहार के तहत गाजियाबाद पुलिस लगातार कार्रवाई में जुटी है। गैंग के अन्य सदस्य और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
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बीसलपुर नगर पालिका में प्रताड़ना से आत्महत्या, 5 के खिलाफ FIR; जांच चल रही

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर-पीलीभीत की बीसलपुर नगर पालिका परिषद में कर वसूली के नाम पर प्रताडित कर कर्मचारी को पीटा गया और पेशाब पिलाने का आरोप है। कर्मचारी से लाखों रुपये ठगे गए और आखिरकार मजबूर होकर उसने फांसी लगा ली। आत्महत्या के मामले में नगरपालिका परिषद बीसलपुर की अध्यक्ष के पति अमन जायसवाल उर्फ निक्की और अधिशासी अधिकारी यानी ईओ शमशेर सिंह समेत नगर पालिका कर्मचारियो सहित कुल 5 लोगो पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिससे हड़कम्प मच गया है पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। 2004 से 2025 तक के सभी ऑडिट रिपोर्ट में उपेंद्र शर्मा पर एक पैसा भी गबन का आरोप नहीं था। एक साल पहले गबन का आरोप लगा दिया गया, फिर भी उन्हें लगातार डरा-धमकाया, पीटा और अपमानित किया गया। 13 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे उपेंद्र शर्मा ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने अमन जायसवाल, ईओ शमशेर सिंह, अकरम खान, नगर पालिका कर्मचारी यासीन मोहम्मद और संजीव मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया। मामले में अब इन पांचों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
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मुजफ्फरपुर के साहेबगंज रेलवे अंडरपास में जलजमाव, आवागमन बाधित

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर के साहेबगंज रेलवे अंडर पास में बारिश के कारण पूरी तरह पानी से भर गए, आवागमन हुआ प्रभावित, आम लोगों की नहीं सुन रहे रेलवे के अधिकारी, अधिकारियों की लापरवाही से स्कूली बच्चों को हो रही है परेशानी मुजफ्फरपुर जिले के नगर परिषद साहेबगंज के वार्ड संख्या 20 स्थित बैद्यनाथपुर चौक के समीप बंगरा घाट पुल जाने वाले मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास (आरयूबी-170) और बगल में शिवालय मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित आरयूबी-169 में जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है. बारिश के बाद दोनों अंडरपास पूरी तरह पानी से भर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया. इस दोनो अंडर पास से जहां सैंकड़ों गाड़ियाँ गुजरती हैं तो वहीं हजारों लोग प्रतिदिन पैदल आना जाना करते हैं, लेकिन समस्या से निदान के लिए रेलवे अधिकारी आम लोगों की बात नहीं सुनते हैं. हालाकी नगर परिषद साहेबगंज के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि फिलहाल जल निकासी की व्यवस्था करा देते हैं, लेकिन इसका स्थाई निदान रेलवे को ही करना है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन कई सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं गुजरते हैं. जलजमाव के कारण बच्चों, बाइक सवारों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं करीब 20 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार रेलवे विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. लोग रेलवे जेई न तो फोन उठाते हैं और न ही शिकायतों का जवाब देते हैं. समस्या को लेकर कई बार सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया गया. वहीं नगर परिषद साहेबगंज के कार्यपालक पदाधिकारी मो. फिरोज ने बताया कि यह रेलवे विभाग का मामला है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से पूर्व में कई बार संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दूसरी ओर स्थानीय लोगों का आरोप है कि न रेलवे विभाग, न अंचल प्रशासन और न ही अन्य संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं. लगातार जलजमाव से लोगों में आक्रोश बढ़ता है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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मुजफ्फरपुर कोर्ट में 25 साल पुराने किसान हत्या मामले में 12 दोषियों को उम्रकैद

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur के हथौड़ी थाना क्षेत्र के झाऊआ गांव में 2000 में जमीन विवाद के कारण किसान राम बहादुर राय की हत्या का मामला सामने आया था। इस केस में 25 वर्ष की सुनवाई के बाद अदालत ने 12 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि एक को दोष मुक्त कर दिया गया। कुल 17 अभियुक्त बनाए गए थे, जिसमें 4 की मौत हो चुकी थी और 13 अभी जिंदा थे; आरोपियों में से 12 को सजा दी गई, जबकि एक आरोपी बरी कर दिया गया। घटना भूमि विवाद से जुड़ी थी और जमीन कब्जे के प्रयास के कारण हत्या की गई थी। मृतक के पुत्र मनोज कुमार ने कहा कि आज सचाई के साथ न्याय मिला, क्योंकि वह उस दिन महज 17 वर्ष के थे। एपीपी ब्रज मोहन सिंह ने भी बयान दिया।
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Muzaffarpur कोर्ट: 25 साल पुराने किसान हत्याकांड में 12 दोषियों को उम्रकैद

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur के हथौड़ी थाना क्षेत्र के झाऊआ गाँव में 2000 में जमीन विवाद के कारण किसान रामबहादुर राय की हत्या की गई थी. इस 25 वर्ष पुराने केस में आज कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए 12 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और एक आरोपी निर्दोष बता कर मुक्त कर दिया. घटना भूमि विवाद के कारण हुई थी और तत्कालीन समय वहाँ 17 आरोपी बनाए गए थे; बाद में 4 की मौत हो गई और अब बचे 13 आरोपियों में से 12 को उम्रकैद की सजा दी गई है. अदालत के फैस के साथ प्रतिवादी पक्ष के लोग और मृतक के पुत्र मनोज कुमार ने कहा कि न्याय मिला है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचना जरूरी है. एपीपी ब्रजमोहन सिंह ने बताया कि 2000 में जमीनी विवाद के कारण खेत की मेढ़ बांधने को लेकर यह घटना घटी थी, और 25 वर्ष तक यह केस चला.
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बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन में दरार: निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

Pariaunna, Bihar:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 सितंबर 2020 को बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बनी 107 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण जून 2024 में पूरा हुआ। लेकिन निर्माण के महज दो साल बाद ही कई ओवरब्रिजों और डायवर्जन पर सड़क के बीचों-बीच दरारें दिखाई देने लगी हैं। हालांकि, एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के इंजीनियर मौके पर पहुंचकर इन दरारों की मरम्मत में जुटे हैं। बख्तियारपुर से रजौली को जोड़ने वाली यह फोरलेन सड़क बिहार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। सड़क बनने से लोगों की यात्रा आसान हुई, लेकिन अब जगह-जगह दरारें दिखाई देने से इसकी गुणवत्ता को लेकर लोग सवाल करने लगे हैं। ओवरब्रिजों के साथ-साथ कई डायवर्जन पर भी सड़क में क्रैक नजर आ रहे हैं। फिलहाल मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से मेंटेनेंस, क्रैक सीलिंग और जरूरत पड़ने पर क्षतिग्रस्त पैनल को बदलने का काम किया जाता है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने यह भी दावा किया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया। हर निर्माण सामग्री का उपयोग गुणवत्ता जांच के बाद ही किया गया था। उनका कहना है कि सड़क को सुरक्षित और स्मूथ बनाए रखने के लिए समय-समय पर मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाता रहेगा। हालांकि निर्माण एजेंसी इसे सामान्य मेंटेनेंस का हिस्सा बता रही है, लेकिन निर्माण के सिर्फ दो साल के भीतर सड़क और ओवरब्रिजों पर दरारें दिखना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मरम्मत के बाद सड़क कितनी टिकाऊ साबित होती है。
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राजस्थान में 2047 संकल्प VB-G RAM G योजना की प्रगति पर समीक्षा बैठक

Noida, Uttar Pradesh:विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प एवं VB-G RAM G योजना की प्रगति को लेकर आज संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु किए जा रहे कार्यों, उनकी प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध, परिणामोन्मुखी एवं समन्वित कार्यप्रणाली अपनाते हुए विकास कार्यों में और अधिक गति लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा में प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, VB-G RAM G योजना के संबंध में सभी जिलों की विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, जनभागीदारी को और सशक्त बनाने तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से लाभ पहुँचाने के लिए जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
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दतिया उपचुनाव में भाजपा मंत्रियों की अवधेश नायक पर मुलाकात से अटकलें तेज

Datia, Madhya Pradesh:दतिया उपचुनाव के बीच राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री अवधेश नायक के निवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में कुछ समय तक बातचीत हुई, जिसके बाद जिले की राजनीतिक फिजा में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में अवधेश नायक के निवास पर भाजपा नेताओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इससे उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि, बंद कमरे में हुई चर्चा को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। दतिया उपचुनाव के बीच अवधेश नायक की राजनीतिक भूमिका पहले से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का उनसे लगातार संपर्क राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला होता है, तो इसका उपचुनाव के समीकरणों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल न तो अवधेश नायक और न ही भाजपा की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकते हैं।
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सपा सांसद के बयान पर सियासत तेज, भाजपा ने किया पलटवार

ACHALPUR, Uttar Pradesh:प्रतापगढ़ समाजवादी पार्टी के सांसद एसपी सिंह पटेल के एक बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सांसद ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों में भेदभाव हुआ है और दलित व पिछड़े वर्ग की बस्तियां अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना था कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए। सांसद का यह बयान सामने आने के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आलोक पाण्डेय ने इसे समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बयान बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करा रही है और "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर काम कर रही है। आलोक पाण्डेय ने कहा कि क्षेत्र में हुए विकास कार्य स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दे रहा है। सपा सांसद के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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रतलाम में चार दिन में दो मामलों पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में बीते चार दिनों के भीतर एक ही घटनाक्रम से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं. पहला मामला दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायतकर्ता ने युवक इब्राहिम शेरनी के खिलाफ रामभद्राचार्य महाराज पर कथित अभद्र टिप्पणी करने की शिकायत दर्ज कराई. इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने इब्राहिम के खिलाफ मामला दर्ज किया. इसके बाद दूसरा घटनाक्रम सामने आया, जब इब्राहिम ऑटो से जा रहा था. आरोप है कि नगर निगम के पास कुछ लोगों ने अभद्र टिप्पणी के विरोध को लेकर उसके साथ मारपीट की. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इब्राहिम की शिकायत पर पुलिस ने भवानी नामक युवक के खिलाफ मारपीट का प्रकरण दर्ज किया है. फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है.
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SC grants relief to HSSC Group-20 recruitment; 24 selected appointed secured

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 14 जुलाई। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को ग्रुप-20 भर्ती मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने SLP(C) No. 17373/2026, Subhender and Others vs. Haryana Staff Selection Commission through its Secretary and Others को Dismiss (खारिज) कर दिया है। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 27 मार्च 2026 को पारित समीक्षा (Review) निर्णय के विरुद्ध दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने 27 मार्च 2026 के निर्णय में स्पष्ट रूप से माना था कि 24 ग्रुपों (जिसमें ग्रुप-20 भी शामिल है) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, चयनित अभ्यर्थी नियुक्त होकर काफी समय से सेवाएं दे रहे हैं तथा उन्हें बिना पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि सामाजिक-आर्थिक (Socio-Economic) अंकों का CET-II के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। इसलिए पूर्व में भर्ती प्रक्रिया और CET परिणामों को निरस्त करने संबंधी आदेशों में त्रुटि थी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य के लिए आयोग को दिए गए दिशा-निर्देश केवल भावी भर्तियों (Future Recruitments) पर लागू होंगे तथा 24 ग्रुपों के चयनित एवं नियुक्त अभ्यर्थी विधि के अनुसार सेवा में बने रहेंगे。 इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों द्वारा उक्त 27 मार्च 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में Special Leave Petition (SLP) दायर की गई। याचिका में उच्च न्यायालय के निर्णय पर रोक (Stay) लगाने तथा उसे निरस्त करने की मांग की गई थी जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उक्त SLP को खारिज (Dismiss) कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का 27 मार्च 2026 का निर्णय यथावत बना हुआ है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला ग्रुप-20 भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के हित में आया है। उन्होंने कहा कि यह न्याय, सत्य और संघर्ष के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं की मेहनत, धैर्य एवं विश्वास की जीत है उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण के दौरान हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा तथा प्रत्येक स्तर पर तथ्यों एवं नियमों के आधार पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया तथा चयनित अभ्यर्थियों के अधिकारों पर विश्वास को और सुदृढ़ करता है。 चेयरमैन श्री हिम्मत सिंह ने ग्रुप-20 के सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके लिए बड़ी राहत और खुशी का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रदेश की प्रगति एवं जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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सिंगरौली के चेक डैम निर्माण में मजदूरी का भुगतान नहीं, मामले की गूंज तेज

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली में चेक डैम निर्माण पर नया विवाद. महीनों से मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी, भुगतान के लिए भटक रहे श्रमिक. पंचायत पर फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितता के आरोप. 5 दिन पहले चेक डैम बहने के मामले में सचिव हो चुका है निलंबित. एडीएम बोले- जांच होगी, मजदूरों को मिलेगा भुगतान. पहले बह गया चेक डैम, अब मजदूरी को तरसे मजदूर! कठदहा पंचायत में भुगतान नहीं होने पर फूटा श्रमिकों का गुस्सा. सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कठदहा एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कुछ दिन पहले चेक डैम बहने के मामले में कार्रवाई हुई थी, और अब उसी निर्माण कार्य में लगे मजदूर मजदूरी नहीं मिलने से परेशान हैं। बरसात के मौसम में मजदूर अपने मेहनताने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। श्रमिकों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है. ग्राम पंचायत कठदहा के अधियरिया क्षेत्र में सुधीन पनिका के घर के पास घधिया नदी पर चेक डैम का निर्माण कराया गया था। इस निर्माण कार्य में दर्जनों मजदूरों ने कई दिनों तक काम किया। मजदूरों का आरोप है कि काम पूरा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन आज तक उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली। कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव से भुगतान की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया. मजदूरों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने मेहनताने की मांग को लेकर दबाव बनाया तो उन्हें धमकियां भी दी गईं। श्रमिकों के मुताबिक पंचायत प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कहा कि "काम करना है तो करो, नहीं करना है तो मत करो, शिकायत करनी है तो कर दो, हम किसी से नहीं डरते." इससे मजदूरों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. श्रमिकों ने केवल मजदूरी भुगतान का ही नहीं बल्कि निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितताओं की भी आशंका जताई है। उनका आरोप है कि पंचायत में फर्जी तरीके से राशि आहरित कर कागजों में काम दिखाया जा रहा है। मजदूरों ने मांग की है कि चेक डैम निर्माण के साथ-साथ पंचायत में हुए अन्य विकास कार्यों की भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके. गौरतलब है कि इसी चेक डैम के बहने की शिकायत कुछ दिन पहले जिला पंचायत सीईओ के पास पहुंची थी। जांच के बाद तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया था। वहीं सरपंच और उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था। अब उसी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं होने का मामला सामने आने से पंचायत की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर एडीएम पी.एस. त्रिपाठी ने कहा है कि शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि संबंधित मजदूरों ने उक्त चेक डैम निर्माण में कार्य किया है और उनका भुगतान लंबित पाया जाता है, तो उन्हें तत्काल मजदूरी दिलाई जाएगी। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.
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