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PKPrashant KumarFollow1 Oct 2024, 04:27 pm
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रुड़की जेल के सामने गैंगवार: दिन-दहाड़े फायरिंग, दहशत फैल गई

Noida, Uttar Pradesh:स्लग रुड़की में फिल्मी स्टाइल गैंगवार, उप कारागार के सामने सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग, सीसीटीवी में कैद हुआ लाइव खौफ.... रुड़की में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। उप कारागार यानी जेल के ठीक सामने, दिन-दहाड़े फिल्मी स्टाइल में ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रुड़की उप कारागार के सामने उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिन-दहाड़े एक दर्जन से अधिक अज्ञात बदमाशों ने रामपुर के रहने वाले कुछ युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सूत्रों और पुलिस जांच में जो बात सामने आ रही है, उसके मुताबिक इस दुस्साहसिक वारदात के पीछे भगवानपुर थाना क्षेत्र के पुहाना गाँव का रहने वाला 'नईम लाखा' और उसके साथी बताए जा रहे हैं। नईम लाखा कोई नया नाम नहीं है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ उसके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जो साफ बयां करते हैं कि इस अपराधी के भीतर कानून का रत्ती भर भी डर नहीं है। दिन-दहाड़े जेल के सामने हुई इस गैंगवार जैसी स्थिति के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करने तैयारी शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास के तमाम सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिए है। ​वहीं गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनी भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इन तमाम अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। रुड़की जैसी जगह पर, वो भी जेल के ठीक सामने ऐसी वारदात होना कहीं न कहीं पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले और सरेआम गोलियां बरसाने वाले इस नईम लाखा और उसके गैंग को पुलिस कब तक दबोच पाती है।
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रायपुर गैस एजेंसी लूट: यूपी के दो बदमाश गिरफ्तार, 7 लाख बरामद

Begun, Rajasthan:राजधानी रायपुर में गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख रुपये की लूट के मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता मिली है. उत्तर प्रदेश से दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 7 लाख रुपए जब्त किये गए है. पूरा मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है. घटनास्थल और उसके आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के हाथ लगी. फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई थी. आरोपी पिछले डेढ़ महीने से वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे. आरोपियों के उत्तर प्रदेश फरार होने की पुख्ता जानकारी मिली. इसके बाद तत्काल एक विशेष टीम को उत्तर प्रदेश रवाना किया गया. टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए दो शातिर आरोपियों को धर दबोचा. गौरव तिवारी और आशीष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वही मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार है. बाइट- स्मृतिक राजनाला, DCP क्राइम
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बद्रीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग में मोटरसाइकिल दुर्घटना, दो युवक घायल

Karnaprayag, Uttarakhand:बद्रीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग के गलनाऊ के पास एक मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर खाई में गिरे युवको को सुरक्षित बाहर निकाला। एंबुलेंस से कर्णप्रयाग अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। कर्णप्रयाग कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गलनाऊ के समीप एक मोटरसाइकिल दुर्घट्रस्त हो गयी, जिससे बाइक सवार दो लोग गहरी खाई में गिर गए। सूचना मिलते ही कोतवाली कर्णप्रयाग से पुलिस बल तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने SDRF और DDRF की टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद खाई में गिरे घायल दोनों युवको को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक इब्राहिम मंसूरी, पुत्र मुन्ने खां, निवासी बिजनौर, को भी आंशिक चोटें आई हैं। दोनों घायलों को प्राथमिक सहायता के बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल संख्या UP-20CK-8768 को आवश्यक कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में लेकर कोतवाली पहुंचा दिया है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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आजमगढ़ में शिक्षा विभाग के कनिष्ठ सहायक 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते शिक्षा विभाग के कनिष्ठ सहायक को किया गिरफ्तार, मान्यता दिलाने के नाम पर मांगा रहा था रिश्वत। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज बुधवार को आजमगढ़ जिले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आकाश यादव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जहां इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और पूरे दिन इस घटना की चर्चा होती रही। जहां सरकार का दावा है भ्रष्टाचार उन्मूलन का, वहीं इस मामले को लेकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार की जड़े आजमगढ़ शिक्षा विभाग में कितने जमाये हुए है। आज़मगढ़ जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात आरोपी कर्मचारी आकाश यादव एक विद्यालय की मान्यता दिलाने के नाम पर अवैध धनराशि की मांग कर रहा था। बताया गया कि जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में भरौली गांव के रहने वाले पीड़ित चंद्रशेखर शर्मा का स्कूल है। स्कूल की मान्यता दिलाने के नाम पर बीएसए ऑफिस के कनिष्क लिपिक आकाश यादव और आशु लिपिक धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बबलू राय ने 65,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। लगातार रिश्वत की मांग से परेशान पीड़ित ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने प्रारम्भिक जांच और सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गये। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के संपर्क में भेजा गया। जैसे ही आकाश यादव ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। जबकि दूसरा आशुलिपिक धर्मेंद्र कुमार राय और बबलू राय उर्फ बबलू मौके से फरार हो गया। वहीं गिरफ्तारी के बाद आरोपी आकाश यादव को टीम अपने साथ ले गई, जहां उससे पूछताछ व उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जिले के शहर कोतवाली में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है।
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देहरादून: एरोमा सेक्टर नीति 2026 से 91 हजार किसानों को लाभ

Noida, Uttar Pradesh:कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सचिवालय में सगन्ध पौध केन्द्र, देहरादून में आयोजित होने वाली दालचीनी विषयक दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की। इस मौके पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सेलाकुई, देहरादून स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का नाम परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान किया गया है। यह संस्थान एरोमैटिक सेक्टर का एक प्रमुख संस्थान है, जो सगन्ध पौधों कीे खेती, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास तथा व्यवसायीकरण के क्षेत्र में कार्यरत है। विगत दो दशकों में संस्थान द्वारा शोध कार्यों के माध्यम से राज्य में सगन्ध खेती के द्वारा लगभग 10 हजार हे. भूमि को आच्छादित किया है, जिससे 109 एरोमा कलस्टरों में 29 हजार किसान खेती कर रहे है तथा 200 से अधिक फील्ड डिस्टीलेशन यूनिट स्थापित की गयी है। वर्ष 2003 में जहां एरोमैटिक सेक्टर का टर्नओवर रु. 02 करोड था वहीं वर्ष 2025 में बढकर रू. 100 करोड़ से अधिक पहुँच चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में सगन्ध खेती की सफलता एवं स्वीकार्यता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा एरोमैटिक सेक्टर को बढ़ाने हेतु महक क्रान्ति नीति 2026 लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत लगभग 23 हजार हे. भूमि को सगन्ध खेती से आच्छादित कर 91 हजार कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा तथा 7 एरोमा वैलियां भी विकसित की जायेंगी। इस नीति के अंतर्गत चम्पावत एवं नैनीताल जनपदों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों, उद्यमियों और उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
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ज़ोजिला टनल खुलने से लद्दाख-क Kashmir में पर्यटन बढ़ने की उम्मीद

जोजिला टनल के खुलने से न सिर्फ भारतीय सेना और लद्दाख को फ़ायदा होगा, बल्कि इससे पर्यटकों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए भी अच्छी उम्मीदें जगी हैं, क्योंकि पर्यटन में तेज़ी आने की संभावना है। कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाली ऐतिहासिक ज़ोजिला टनल की खुदाई का काम 9 जून, 2026 को पूरा हो गया। इससे दोनों इलाकों के लोगों, खासकर पर्यटन से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग अब उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं जब यह टनल आम जनता और पर्यटकों के लिए खुलेगी। मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन सोनमर्ग में पर्यटक और पर्यटन कारोबारी दोनों ही खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि ज़ोजिला टनल खुलने से पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि यात्रा आसान हो जाएगी और घूमने-फिरने की जगहों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे पर्यटकों की आमद में तेज़ी आएगी। अब तक पर्यटक सिर्फ़ सोनमर्ग तक ही जा पाते थे, लेकिन अब वे कम समय में लद्दाख की ज़ोजिला, मिनिमारग, द्रास और मुश्को घाटी जैसी जगहों पर जा सकेंगे और उसी दिन वापस भी आ सकेंगे। इसी तरह, करगिल के लोग/पर्यटक भी सोनमर्ग आ सकेंगे और उसी दिन वापस जा सकेंगे। पर्यटकों की बातें। सिद्धार्थ नाम के एक पर्यटक ने कहा, "लोग आएंगे, समय बचेगा और वे ज़्यादा जगहों को देख पाएंगे। सोनमर्ग बहुत अच्छी जगह है, यह स्वर्ग जैसा है, मुझे यह बहुत पसंद आया।" चेतन नाम के एक और पर्यटक ने कहा, "टनल खुलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लोगों का समय बचेगा और उन्हें बहुत फ़ायदा होगा।" सुरेश नाम के एक और पर्यटक ने कहा, "पर्यटन बढ़ेगा, लोगों का समय बचेगा, डीज़ल और पैसे की बचत होगी। जो काम घंटों में होता था, वह मिनटों में हो जाएगा। हम आज करगिल जाने की कोशिश कर रहे हैं।" 2025 में गंगानगीर-सोनमर्ग टनल खुलने के बाद से सोनमर्ग में पर्यटन का नज़ारा बदल गया है। भारी बर्फ़बारी के कारण सर्दियों में बंद रहने वाला सोनमर्ग का रास्ता अब साल भर और हर मौसम में खुला रहता है, जिससे पर्यटन उद्योग को काफ़ी फायदा हुआ है। अब ज़ोजिला टनल के पूरा होने से उम्मीद है कि लद्दाख और कश्मीर दोनों जगहों से पर्यटकों का आना-जाना साल भर जारी रहेगा। टूरिज़्म से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों की बात। मुश्ताक अहमद रैना: "यह सफ़र कुछ ही मिनटों का होगा। सड़क कनेक्टिविटी और विकास बढ़ने से टूरिज़्म भी बढ़ेगा। गनागीर टनल मिलने से पहले हमें सिर्फ़ 6 महीने टूरिज़्म मिलता था, लेकिन अब 12 महीने पर्यटक आते हैं। हम सरकार के शुक्रगुज़ार हैं।" एक और व्यापारी मोहम्मद इरफ़ान ने कहा: "टूरिज़्म बढ़ेगा, जो लद्दाख के لوگوں के लिए अच्छी बात है। अब लद्दाख 12 महीने खुला रहेगा और पर्यटक वहाँ जा सकेंगे; हम उन्हें लेह-लद्दाख ले जा सकेंगे और घूमने-फिरने की जगहों को भी बढ़ा सकेंगे। इस साल पर्यटकों की संख्या बहुत अच्छी रही; हम उन्हें थाजवास और ज़ीरो-पॉइंट ले जाते हैं। हम चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा पर्यटक यहाँ आएँ। पहले टनल की वजह से 12 महीने पर्यटक आने लगे और अब ज़ोजिला टनल से पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। हम सरकार के शुक्रगुज़ार हैं।" एक टूरिस्ट गाइड, फिरदौस अहमद मीर ने कहा, "पिछले कई सालों से सोनमर्ग में सिर्फ़ 6 महीने ही टूरिस्ट आते थे, लेकिन टनल की वजह से अब यह 12 महीने का टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है। ज़ोजिला टनल खुलने से और भी जगहें खुलेंगी और हमारे पास घूमने के लिए नई जगहें होंगी। इस साल टूरिज़्म बहुत अच्छा रहा, हर तरह की सुविधाएँ थीं और सुरक्षा भी अच्छी थी; टूरिस्ट हमारे भाई हैं।" ज़ोजिला टनल खुलने से टूरिस्ट साल में कभी भी लद्दाख इलाके में जा सकेंगे। यह इलाका आम तौर पर पाँच-छह महीने तक देश के बाकी हिस्सों से कटा रहता था, लेकिन अब सर्दियों में भी टूरिस्ट के लिए खुला रहेगा। वे बर्फ़ और ठंड का अनुभव कर सकेंगे, खासकर दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह द्रास में, जहाँ तापमान माइनस 30 डिग्री तक गिर जाता है। खालिद हुसैन सोनमर्ग टूरिस्ट डेस्टिनेशन से जब देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है, तब कश्मीर और लद्दाख का मौसम सुहावना बना हुआ है। गर्मी से बचने और मौसम व प्राकृतिक नज़ारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहाँ आ रहे हैं। कश्मीर में सड़क और टनल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से यहाँ का टूरिज़्म भी बदल गया है। टूरिस्ट नई टनल से यात्रा में आसानी की तारीफ़ कर रहे हैं। 2020 के बाद से पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लगभग 125 छोटी-बड़ी टनल बनाई गई हैं। करीब 18 टनल अभी बन रही हैं, 12 नई टनल बनाने की योजना है और कई की घोषणा अधिकारियों ने की है। खालिद हुसैन जी मीडिया कश्मीर
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गिरिडीह में बिना तोड़े मकान उठाने की नई तकनीक, रोज़ एक फीट—8.5 फीट तक पहुँचा

Giridih, Jharkhand:एभीबी : कैमरा ज़ूम इन...नीचे लोहे के 80 जैक धीरे-धीरे घूम रहे हैं. ऊपर पूरा मकान हवा में तैर रहा है. किचन में चाय खौल रही है, बेडरूम में पंखा घूम रहा है और नीचे... मजदूर बीम के ऊपर बीम डाल रहे हैं. ये कोई फिल्म का सीन नहीं, गिरिडीह के धरियाडीह में पहली बार बीम के सहारे मकान को उठाया जा रहा है. गिरिडीह में पहली बार कोई मकान बिना तोड़े हवा में उठाया गया है. संतोष गुप्ता का घर अभी 7 फीट ऊपर है. कुल साढ़े आठ फीट तक जाएगा. नीचे खुदाई के साथ बीम ढाला जा चुका है. अब टीम हर दिन 1-1 फीट करके मकान को ऊपर उठा रही है. मतलब रोज नया रिकॉर्ड और कमाल ये कि मकान मालिक संतोष गुप्ता का परिवार ऊपर आराम से रह रहा है. बिना घर खाली कराए नीचे से मजबूत नींव तैयार हो रही है. इस काम को भागलपुर-मधेपुरा की 5 लोगों की टीम के द्वारा किया जा रहा है. टीम के लीडर गुलशन मंडल बताते हैं की बीम का काम पूरा हो गया. अब फाइनल हाइट 8.5 फीट तक ले जाएंगे. सेंसर वाला सिस्टम है, रोज 1 फीट उठाते हैं तो स्ट्रक्चर पर कोई लोड नहीं पड़ता. वंही मकान मालिक संतोष गुप्ता ने बताया की सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर व्हाट्सएप किया था. सोचा नहीं था अपने घर के साथ फिल्मी सीन जीऊंगा. रोज सुबह उठकर देखते हैं, घर 1 फीट और ऊपर चला गया. इस नई तकनीक को देखने के लिए रोज़ लोगों की भीड़ लग रही है. लोग रोज की प्रोग्रेस देखने आ रहे हैं. बताया की बारिश के मौसम में पानी के जलजमाव हो जाने के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया था. अब आराम से घर में रह पाएंगे.
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सीएम के निर्देश: स्कूल समय के दौरान कोचिंग पर रोक, पारदर्शिता के लिए कड़ा नियम

Patna, Bihar:सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अपने सोशल मिडिया हैंडल पर छात्र हित को लेकर कोचिंग संचालन के समय को लेकर शिक्षा विभाग को नया नियम बनाने के निर्देश जारी किए. सीएम ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों को स्कूल कालेज के समय यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग को नए नियमावली बनाने के कड़े निर्देश जारी किए . मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस बात की जानकारी दी कि निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी को रोकने और मुख्यधारा की शिक्षा को मजबूत करने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है. इस घोषणा से पूरे प्रदेश के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है. दरअसल , 2024 में भी शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर प्रमुख सचिव ने इस तरह के आदेश जारी किया था और शिक्षा विभाग के 2010 के नियमावली को संशोधित करते हुए कोचिंग संचालको को स्कूल और कालेज के शिक्षण समय में कोचिंग के कार्यकलाप पर रोक लगा दिया था . जिसके बाद बिहार के कोचिंग संचालक संघ मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया और पटना हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया . अब बिहार के सीएम के एलान के बाद एक बार फिर कोचिंग संचालक एकजुट हो रहे हैं और फिर से सरकार के खिलाफ आहै कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं . आपको बता दें कि नए निर्देशों के तहत पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक कड़ा नियम लागू किये जाने का निर्देश दिया गया है . इतना ही नहीं सीएम के निर्देश के बाद कोचिंग सेंटरों को अपने यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा. इस कदम से जिला प्रशासन के पास कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, जिससे उनकी उपस्थिति और सुविधाओं की निगरानी की जा सकेगी. मुख्यमंत्री के नए निर्देश के अनुसार, सरकारी व निजी स्कूलों और कॉलेजों के लिए निर्धारित स्कूल ऑवर्स के दौरान राज्य में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जा सकेगा. सीएम का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के समय कोचिंग चलने से छात्र अपनी नियमित कक्षाओं से गायब होते हैं और उनका शैक्षणिक आधार कमजोर होता है. लेकिन छात्र इस बात से इनकार करते हैं . पटना के कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का कहना है की स्कूल और कालेज की पढ़ाई से वे अपना कैरियर नहीं बना सकते और इसके लिए उन्हें एडवांस शिक्षा की जरुरत होती है . छात्रो का कहना है की आज की तारीख में NEET या ADVANCE-JEE के लिए जिस तरह की शिक्षा चाहिए उसके लिए कोचिंग की जरुरत होती है और सरकार यहाँ कोचिंग की टाइमिंग निर्धारित करेगी तो उन्हें पलायन कर दुसरे राज्यों में जाना पडेगा और वहां का खर्चा उनके परिजन को एफोर्ड करने में परेशानी आएगी . ऐसे में सरकार कोचिंग पहने वालो का डेटा तो ले लेकिन कोचिंग को समय में बांधे नहीं . WT छत्राओं के साथ WT छात्रों के साथ दरसल , समय की यह पाबंदी कड़ाई से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है. पर कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक और कोचिंग एसोसिएशन ऑफ भारत ने इसपर कडा एतराज जताया है . patna में कोचिंग चलने वाले शिक्षक बिपिन सिंह ने कहा की सरकार को नियमावली बनाने से पहले शिक्षको से बात करनी चाहिए तो वही कोचिंग एशोसिएशन के सचिव सुधीर कुमार सिंह कहते हैं की यह निर्णय हाईकोर्ट के स्टे का अवमानना है . BYTE बिपिन सिंह गोल कोचिंग सुधीर कुमार सिंह सचिव कोचिंग एशोसिएशन और भारत बहरहाल , सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस नए नियमावली से न केवल स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन में भी एक आवश्यक जवाबदेही तय की जा सकेगी.
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मालवा से पश्चिम बंगाल तक ड्रग रूट का खुलासा, करोड़ों का नशा ध्वस्त

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच। दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर नीमच पहुंचे रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। डीआईजी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मालवा से सप्लाई होने वाले इस अवैध नशे के तार सीधे पश्चिम बंगाल यानी वेस्ट बंगाल तक जुड़े हुए हैं, जहां तस्कर थोक मात्रा में करोड़ों का नशा सप्लाई कर रहे थे। हाल ही में मंदसौर में पकड़ी गई 20 किलो हाई-क्वालिटी ब्राउन शुगर की जांच में मालवा और पश्चिम बंगाल के इस खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इस साल अब तक नशा बनाने वाली 3 बड़ी अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मालवा-वेस्ट बंगाल ड्रग रूट पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने कुख्यात तस्कर दिलावर खान के पूरे नेटवर्क और चिकलाना में चल रही अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का फोकस अब सिर्फ माल ढोने वाले छोटे कैरियर पर नहीं है, बल्कि मालवा से लेकर बंगाल तक इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले असली सप्लायरों और खरीदारों (बायर्स) पर है, जिन्हें पुलिस लगातार दबोच रही है। नशे के इस काले साम्राज्य की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने अब सफेमा (SAFEMA) कानून के तहत ड्रग्स माफियाओं की करोड़ों की अचल संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, जिनके केस तैयार कर बॉम्बे भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही, राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं पर छिपे वांटेड तस्करों पर इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। डीआईजी ने पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता का भरोसा देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध पाया गया, तो उस पर भी सबसे कठोर ऐक्शन लिया जाएगा。
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हिमाचल डोप टेस्ट विवाद चंडीगढ़ तक पहुँचा; भारती और अजय वर्मा का टेस्ट आज

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में डोप टेस्ट का विवाद अब चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती और हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराया। अजय वर्मा ने पहले एक प्रेस वार्ता में नीरज भारती को चुनौती दी थी। इसके बाद भारती ने भी चुनौती स्वीकार की और दोनों ने आज टेस्ट कराया। गौर हो कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीरज भारती को नशेड़ी कहा था और इसके बाद ही डोप टेस्ट का विवाद शुरू हुआ。 दोनों की रिपोर्ट शाम तक आने वाली है, और नीरज भारती ने दावा किया है कि वे दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। नीरज भारती ने कहा कि उन्हें और अजय वर्मा दोनों को भरोसा है कि रिपोर्ट में कुछ नहीं आएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने यह टेस्ट करवाया है।
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12 घंटे के सड़क जाम के बीच प्रदीप बाखला मौत: ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े

Ansar Nagar, Jharkhand:12 घंटे से सड़क जाम: प्रदीप बाखला की मौत पर परिजनों की चीख-पुकार, मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमरिया-बगरा-बालूमाथ मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटना में संधली गांव निवासी प्रदीप बाखला की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात से शुरू हुआ सड़क जाम 12 घंटे बाद भी जारी है। परिजन और ग्रामीण मुआवजा तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि कोयला वाहन के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें प्रदीप बाखला की जान चली गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे और अन्य परिजन हैं। घटनास्थल पर परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल गमगीन बना हुआ है। ग्रामीण चतरा उपायुक्त को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं। वहीं सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अंचल अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जल्द ही सड़कों पर स्पीड मीटर और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
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