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17 महीने बाद अधूरी रायपुर अहीरान–सांतोर सड़क; ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री तक पहुंचने की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:บुहाना, झुंझुनूं 17 माह बाद भी अधूरी रायपुर अहीरान–सांतोर सड़क 60 लाख की सड़क पर 4 महीने से डामरीकरण बंद रोड़ी बिछाकर अधूरा छोड़ा निर्माण कार्य ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश, जल्द निर्माण पूरा करने की मांग 1800 मीटर सड़क का काम अब तक अधूरा अधूरी सड़क से राहगीरों को हो रही भारी परेशानी झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड क्षेत्र में रायपुर अहीरान से सांतोर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृति के 17 महीने बाद भी पूरा नहीं हो सका है। करीब 60 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क पर पिछले चार महीने से डामरीकरण का कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। सड़क पर रोड़ी बिछाने के बाद निर्माण कार्य रोक दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।करीब 1800 मीटर लंबी यह सड़क बुहाना उपखंड मुख्यालय और हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के बीच आवागमन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क अधूरी होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क की स्वीकृति के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया था। दिव्यांग युवक कुलदीप ने अपनी ट्राई साइकिल से जयपुर पहुंचकर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद सड़क निर्माण को मंजूरी मिली थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा, लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही रुक जाने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर रोड़ी बिछाने के बाद पिछले चार महीने से डामरीकरण शुरू नहीं किया गया, जिससे सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। धूल और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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नीट मामले पर राहुल गांधी के विरोध के दौरान प्रमोद तिवारी ने सरकार पर हमला

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने नीट मुद्दे और छात्रों की चिंताओं पर लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन पर कहा, "जिस तरह से हिंसा हुई है और नेता प्रतिपक्षम राहुल गांधी को बर्बताप्रक हिरासत में लिया गया। उसके विरोध में हमने काले कपड़े पहने। राहुल गांधी की जो तीन मांगे हैं उन तीन मांगों का हम समर्थन करते हैं...इस सरकार से हमें वैसे ही लड़ाई लड़ना होगा जैसे अंग्रेज़ों से हमारे पूर्वज लड़े थे। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कांग्रेस के आरोपों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणी पर उन्होंने कहा,"... छात्रों पर लाठीचार्ज हो, बर्बता हो, तो नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष चुपचाप बैठा रहें...और आप जिसके समय में पेपर लीक हुआ और आप कह रहे हैं कि हम छात्रों के भावनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं ये सरकार बेर्शम हो चुकी है।
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रामनगर में 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम से ही खुलेगा सच

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के नंदपुर गैबुवा क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आ गया है. मृतक की पहचान आशीष पंचौली पुत्र जगदीश पंचौली, निवासी नंदपुर गैबुवा के रूप में हुई है. देर रात युवक को गंभीर हालत में रामनगर के रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. चिकित्सक डॉ. तौहीद के अनुसार देर रात अस्पताल लाया गया था, अस्पताल पहुंचते तक उसकी मौत हो चुकी थी. शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले. गले पर निशान पाए गए हैं; प्रथम दृष्टया फांसी का आशंका जताई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा. अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया. पोस्टमार्टम आज 22 जुलाई को कराया जाएगा. पोस्टमार्टम से मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी. रामनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं जारी हैं; पुलिस बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी हुए निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रही. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
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कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप, प्राचार्य ने साजिश बताई

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:मेडिकल कॉलेज में करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप, कार्यवाहक प्राचार्य ने कहा- यह मेरे खिलाफ साजिश कानपुर देहात के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बना है सोशल मीडिया पर वायरल एक लंबा पोस्ट, जिसमें मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार, नियमों के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि पिछले करीब पांच महीनों के दौरान मेडिकल कॉलेज में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। पोस्ट में कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह, सेवानिवृत्त सीएमएस वंदना सिंह यादव, फार्मासिस्ट चंद्रकांत और डॉ. विमल कुमार यादव का नाम लेते हुए कई आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में आरोप है कि कार्यवाहक प्राचार्य का कार्यभार संभालने के बाद डॉ. विमल कुमार यादव को कंसाइनी का दायित्व दिया गया और इसके बाद विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं तथा ठेकों में अनियमितताएं हुईं। नर्सिंग स्टाफ की भर्ती, दवा खरीद, टेंडर प्रक्रिया और अन्य कार्यों में नियमों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने तथा कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं। वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि मेडिकल कॉलेज में दवा खरीद के सरकारी मानकों का पालन नहीं किया गया और बड़ी मात्रा में निजी कंपनियों से दवाएं खरीदी गईं। साथ ही लॉन्ड्री टेंडर, सरकारी आवास पर कब्जा, मेंटेनेंस कार्यों और प्रशिक्षण कंपनी के नाम पर फर्जी बिल भुगतान जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पोस्ट करने वाले ने दावा किया है कि उसके पास इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज, फोटो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इसी बीच नए प्राचार्य डॉ. अमरीश गुप्ता के कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि, इन सभी आरोपों को मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह उनके खिलाफ रची गई साजिश है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में उन्होंने कई प्रभावशाली और कथित माफिया तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके चलते अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। डॉ. हरप्रीत सिंह का कहना है कि वायरल पोस्ट में लगाए गए सभी आरोप निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं। उनके पास प्रत्येक आरोप का जवाब और उससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि सक्षम स्तर पर किसी भी प्रकार की जांच होती है तो वह पूरा सहयोग करेंगे और सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराएंगे। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्ष के खंडन तक सीमित है। इन आरोपों की किसी सक्षम सरकारी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। यदि शासन या स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कराता है, तभी आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वायरल पोस्ट ने मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।
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NEET पेपर लीक पर विपक्ष विरोध, पीएम से माफी और शिक्षा मंत्री इस्तीफा मांग

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Keshav Prasad Maurya (Deputy CM) On Opposition Protest Over Neet Paper Leak Issue/ Rahul Gandhi's Demand For PM Apology And Education Minister's Resignation प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर के बाहर राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। इसमें कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और अन्य पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और देश के प्रगति के माहौल को खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। लेखक का तर्क है कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो ऐसे विरोध प्रदर्शनों की कोई ज़रूरत नहीं है इन्हें संसद भवन परिसर के भीतर ही किया जाना चाहिए। यह लेख विपक्ष में एकता, विज़न और मिशन की कमी की आलोचना करता है और उन पर देश की तेज़ी से हो रही प्रगति और गरीबों, महिलाओं, युवाओं व किसानों के सशक्तिकरण में बाधा डालने का ही मकसद रखने का आरोप लगाता है। यह विपक्ष से आग्रह करता है कि वे सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के बजाय संसद में मुद्दे उठाएं, क्योंकि राजनीतिक दायरे में सड़कों पर प्रदर्शन करना अनुचित माना जाता है।
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उदयपुर के लकड़वास में पिंजरे में फंसा पैंथर, वन विभाग ने सुरक्षित किया

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के लकड़वास गाँव मे वन विभाग के पिंजरे में एक पैंथर कैद हो गया। पिंजरे में पैंथर के कैद होने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम पैंथर को सुरक्षित लेकर रवाना हुई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पैंथर ने गांव में एक गाय का शिकार कर लिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगा पैंथर को पकड़ने की मांग की। इस पर पैंथर के मूवमेंट वाले इलाके में विभाग ने पिंजरा लगाया और आखिर पैंथर उसमे कैद हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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आशा वर्कर्स ने 30 हजार वेतन और स्थायी दर्जे की मांग पर जेल भरो

Panchkula, Haryana:पंचकूला में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करने, स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और अन्य लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर की हजारों आशा वर्कर्स ने पंचकूला में प्रदर्शन किया। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) के आह्वान पर भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स पंचकूला बस स्टैंड पर पहुंचीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रानी ने की, जबकि संचालन राज्य अध्यक्ष सुनीता ने किया। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स पिछले 21 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, जबकि मानदेय और प्रोत्साहन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की ओर से यूनियन को 28 जुलाई को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक भी शामिल होंगे। यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्री को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की है। सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान और कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सरकार स्थायी प्रकृति के कार्य अस्थायी कर्मचारियों से करवाकर उनका शोषण कर रही है। उन्होंने कर्मचारी संगठनों के साथ हुए समझौतों को लागू करने की मांग की। आशा वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 अगस्त को प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इसमें करीब 20 हजार आशा वर्कर्स के शामिल होने का दावा किया गया है। इसके अलावा 17 अगस्त को रोहतक में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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