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BBBINDU BHUSHAN THAKURFollow7 Nov 2024, 04:28 pm
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हेल्थ इंश्योरेंस बिलिंग विवाद: अस्पताल बनाम मरीज

Katni, Madhya Pradesh:स्लग इंश्योरेंस मेडिकल इंस्युरेन्स/मेडिक्लेम है , फिर भी भरने पड़ रहे हैं अस्पताल के बिल केस स्टडी के साथ स्टोरी करनी है. (प्राइवेट अस्पताल में ऐसे केस बिलिंग काउंटर पर मिल जाएंगे, के समय झगडे होते रहते हैं) इसके कई वजह है. - जैसे कंपनी या एजेंट के द्वारा पालिसी के बारे में ठीक से जानकारी नहीं देना, सबसे ज्यादा कटौती मेडिकल मैनेजमेंट केसेज़ में होती है. यानी जिसका कोर्स ऑफ़ ट्रीटमेंट decided नहीं होता है जैसे वायरल फीवर, डेंगू , चिकनगुनिया। ऐसी बीमरियों का कोई पैकेज नहीं होता और हॉस्पिटल stay स्पस्ट नहीं है. आजकल बैंक की तरफ से पालिसी बेचीं जा रही है. बैंक भी ग्राहकों को सही ढंग से टर्म एंड कंडीशन स्पस्ट नहीं करते है. एंकर कटनी में भी हेल्थ इंश्योरेंस से अनुबंधित हॉस्पिटल से कुछ ही है जहां पर हेल्थ इंश्योरेंस के माध्यम से ट्रीटमेंट किया जाता है हेल्थ इंश्योरेंस से ट्रीटमेंट करने पर अस्पताल प्रबंधन और मरीज के बीच अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है जिसका मुख्य कारण पॉलिसी धारक को उसकी पॉलिसी के विषय में ज्यादा मालूम नहीं होता है जिसके चलते विवादों की स्थिति बनती है वी ओ 1 निजी अस्पताल प्रबंधन के मैनेजमेंट हाइट ने बताया कि जब पेशेंट अस्पताल में आता है तो वह बहुत जल्दी में होता है पेशेंट का कहना होता है मेरे पास हेल्थ इंश्योरेंस है जिससे मेरा ट्रीटमेंट कर दिया जाए पर पॉलिसी धारक को यह नहीं पता होता है कि वह जिस बीमारी में भर्ती हुआ है वह बीमारी उसे पॉलिसी में कर होती है कि नहीं इस प्रकार की कैसे बहुत बार अस्पतालों में आते हैं फिर जब पॉलिसी कर बीमारी में नहीं होती है तो अस्पताल प्रबंधन उन्हें बल देता है तब पेशेंट की परिजन उसे बात को लेकर विवाद करते हैं तो इन सब का मुख्य कारण इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट का होता है कि वह अपनी पॉलिसी बेचने के लिए ग्राहक को उसकी डिटेल उसकी सही ढंग से पूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं करते हैं जिसके कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है इन सबका मुख्य कारण इंश्योरेंस कंपनी अपने उपभोक्ता को सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराती है ओर समस्या उत्पन्न होती है
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बस्तर में खाकी वर्दी लौट आई: पुलिस की सामान्य व्यवस्था फिर से मजबूत

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर से नक्सलवाद का असर कम होने के साथ ही अब बस्तर की पुलिस भी अपने परंपरागत स्वरूप में नजर आने लगी है, जिन इलाकों में कभी सुरक्षा चुनौतियों और नक्सली गतिविधियों के कारण पुलिस जवान कैमफ्लेज वर्दी में नजर आते थे, वहाँ अब खाकी की वापसी होने लगी है, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में पुलिस बल फिर से अपनी पारंपरिक वर्दी में ड्यूटी करता दिखाई दे रहा है, लंबे समय तक जंगल ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के कारण जवान कॉम्बैट यूनिफॉर्म में रहते थे, लेकिन अब सामान्य पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए खाकी वर्दी को प्राथमिकता दी जा रही है, फिलहाल संभाग मुख्यालय जगदलपुर के साथ ही कोंडागांव, कांकेर और दंतेवाड़ा के शहरी इलाकों में तैनात पुलिस कर्मियों को खाकी वर्दी में रहने के निर्देश जारी किए गए है धीरे धीरे हालात सामान्य होंगे और ऑपरेशन में कमी आएगी वैसे ही बाकी के इलाकों में भी यह बदलाव देखने की मिलेगा, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि अब क्षेत्र में हालात बेहतर हो रहे हैं और पुलिस जनता के बीच सामान्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, उन्होंने कहा खाकी वर्दी पुलिस और आम लोगों के बीच दूरी कम करने का प्रतीक है।
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हमीरपुर: लेखपाल पर 15 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के बाद जांच शुरू

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:-लेखपाल पर खतौनी में सुधार के नाम पर 15 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायतकर्ता भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से की लेखपाल की शिकायत, बिंवार में तैनात लेखपाल अनिल कुमार यादव पर रिश्वत लेने का आरोप, शिकायतकर्ता के मुताबिक 15 हजार की रिश्वत मांगने पर 10 हजार में तय हुई थी डील, 6 हजार रुपये नगद और 2 हजार रुपये गूगल पे में लेने का आरोप, शेष 2 हजार रुपये न देने पर दबाव बनाने का आरोप, शिकायतकर्ता ने करीब 11 माह पहले भेजे थे 2 हजार रुपये, पीड़ित ने शिकायत के साथ स्क्रीन शॉट किया संलग्न, दादा के नाम दर्ज जमीन की खतौनी में सुधार करने के लिए लेखपाल से मिला था शिकायतकर्ता, शिकायत के बाद मामले की जाँच के आदेश, मौदहा तहसील क्षेत्र के बिंवार इलाके का मामला।
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गोंडा: डीएम ने 206 स्कूलों से हाई टेंशन तार हटाने के निर्देश दिए

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से हैं। गोंडा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में विद्युत विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग की अधिकारियों के साथ विद्युत समस्याओं और स्कूलों के ऊपर से गई हाई टेंशन लाइनों को लेकर के समीक्षा बैठक की गई थी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने लापरवाही पर बिजली विभाग की अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई है डीएम ने कहा कि जितने भी सरकारी स्कूलों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गई है तत्काल प्रभाव से उन्हें वहां से हटाते हुए अलग शिफ्ट किया जाए। बिजली विभाग की अधिकारियों ने डीएम को अवगत कराया था कि 206 विद्यालयों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गई हुई है जहां 102 विद्यालयों के ऊपर से हटा दिया गया है इसी धीमी प्रगति और लापरवाही पर फटकार लगाई है। अगली बैठक तक की स्थिति में सुधार न होने पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कठोर कार्रवाई को लेकर के भी चेतावनी दी है। समीक्षा के दौरान विद्युत सर्किल क्षेत्र मनकापुर की अत्यंत खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक्सईएन विद्युत मनकापुर कमर फारुख को जमकर फटकार लगाते हुए शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और कार्यों में तेजी लाने की सख्त हिदायत दी है। जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी उचित कारण के विद्युत आपूर्ति में कटौती किए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि जनपद में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारू बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक खंडवार हाईटेंशन तारों की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाए। इसमें यह भी शामिल हो कि कितने लोगों को नोटिस जारी किए गए, कितने स्थानों पर हाईटेंशन तार हटाए गए, तथा वर्तमान में कितने स्थानों पर तार हटाने का कार्य प्रगति पर है।
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जालौन नगर पालिका पर कूड़ा डंपिंग आरोप, नगर की सफाई व्यवस्था बदहाल

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन नगर पालिका एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। नगर के कई स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिकारियों और एक ठेकेदार की कथित मिलीभगत के कारण शहर की सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्य और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पालिका की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, नगर में पहले जिस ठेकेदार द्वारा नाले का निर्माण कराया गया था, वह निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, उसी ठेकेदार को लगातार अन्य विकास कार्यों के ठेके दिए जा रहे हैं, जिससे नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला लौना रोड क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पूरे नगर का कूड़ा डलवाकर भराव कार्य कराए जाने का आरोप है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वहां बड़े पैमाने पर कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे इलाके में भयंकर दुर्गंध फैल गई है। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक चिंता की बात यह बताई जा रही है कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे गुजरते हैं। अभिभावकों का कहना है कि गंदगी, बदबू और प्रदूषित वातावरण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई बच्चों में उल्टी, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें सामने आने की बात भी कही जा रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि नाले से निकाली गई मिट्टी को हटाकर उसकी जगह कूड़ा डालकर भराव किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यह तरीका न केवल पर्यावरणीय मानकों के खिलाफ है, बल्कि भविष्य में जलभराव, संक्रमण और बीमारियों का बड़ा कारण बन सकता है। नगरवासियों में इस पूरे मामले को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा क्षेत्र में डाले गए कूड़े को तत्काल हटाकर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल नगर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और लोग कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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डायमंड हार्बर: फैकीर चांद कॉलेज से सुरक्षा के बीच मतदान कर्मी शांतिपूर्ण मतदान के लिए रवाना

Jalabaria, West Bengal:दक्षिण ২৪ পরগনা डায়মন্ড হারবার বিধানসভা ফকির চাঁদ কলেজ থেকে ডিসিআরসি সেন্টার হয়েছে সেই সেন্টার থেকে ভোট কর্মী না তাদের জিনিসপত্র নিয়ে একে একে বুতে যাচ্ছেন একসা গরমের মধ্যে দিয়ে ভোটকে শান্তিপূর্ণ করতে ভোট কর্মীরা উৎসাহের সঙ্গে তারা যাচ্ছে পাশাপাশি আগের তুলনায় এবারে 많은টাই নিরাপত্তা আছে বলে ভোট কর্মীদের দাবি তবে কেউ ভয় পাচ্ছে কেউ ভয় পাচ্ছে না তবে ভোট উৎসবে সবাই আনন্দের সঙ্গে ভোট করাবেন সবকিছু মধ্যে দিয়ে ডায়মন হারবার কপিচাঁদ কলেজে সকাল থেকে কোট কর্মীদের ভিড় ছিল চোখে পড়ার মতো
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बीमा क्लेम में दो साल की लंबी लड़ाई: माँ के इलाज के पैसे मिले

Ghaziabad, Uttar Pradesh:70 हज़ार प्रीमियम हर साल देने के बावजूद एक बेटे को अपनी माँ के इलाज के लिए मेडिक्लेम की पैसे पाने में लग गया दो साल का समय दो साल तक कोर्ट के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े बीमा कंपनी ने बीमा लोकपाल और कोर्ट के आदेश का भी उड़ा दिया था मज़ाक गौरव की माँ सोते वक़्त बिस्तर से गिर गई थी जिसके बाद उनके सिर में गंभीर चोट आ गई उन्हें फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों की सलाह पर उनका ऑपरेशन करना पड़ा जब बीमा कंपनी से क्लेम मांगा गया तो पहले तो बीमा कंपनी ने मंज़ूरी दे दी लेकिन असली नाटक शुरू हुआ था उस दिन जिस दिन गौरव की माँ को अस्पताल से छुट्टी होनी थी।गौरव पांडेय के अप्रूवल में से एक लाख रुपया घटा दिए गए। उसके बाद शुरू हुई बीमा कंपनी से क्लाइंट की लड़ाई की कहानी बीमा लोकपाल से शिकायत करने और जज के आदेश के बावजूद कम्पनी ने फिर से धोखा दे दिया जिस पर गौरव को क़ानूनी नोटिस भेजना पड़ा दो साल की कड़ी क़ानूनी लड़ाई के बाद 2025 दिसंबर में उनको उनके बकाए पैसे का भुगतान किया गया। हैरानी की बात ये है की सिर नया ज़ख्म होने के बावजूद बीमा कंपनी ने इस नए घाव को एक ऐसी बिमारी का नाम दे दिया जो की बीमा में कवर नहीं थी। जिसकी वजह से बीमा कंपनियों को पैसा न देना पड़े ऐसा इसलिए किया गया लेकिन गौरव ने भी हिम्मत नहीं हारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन दिखाते हुए यह बताया कि ये बीमारी वह बीमारी नहीं है जिसका दावा इंश्योरेंस कंपनी करके पैसा देने से आनाकानी कर रही है।
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