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उज्जैन महाकाल मंदिर में उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने भक्ति और दर्शन किए

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन उज्जैन बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उज्जैन प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दरबार में उपस्थिति दर्ज कराई। "कालों के काल" महाकाल की शरण में पहुंचे उपमुख्यमंत्री बाबा की भक्ति भाव में सराबोर नजर आए। उन्होंने भस्म आरती के दौरान मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर बाबा की भक्ति में लीन होकर ध्यान लगाया और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। भस्म आरती के अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के पश्चात, उन्होंने गर्भगृह की चौखट से भगवान महाकाल के दर्शन किए। उपमुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुसार बाबा को जल अर्पित किया और पूरी श्रद्धा के साथ पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार की प्रगति, मां भारती के गौरव और समस्त देशवासियों के आरोग्य की कामना की। विजय कुमार सिन्हा ने सनातन संस्कृति की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकाल की ऊर्जा सकारात्मक समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने विशेष रूप से महिला शक्ति के उत्थान और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। मंदिर व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसे आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उदाहरण बताया。
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पटना सहित दक्षिण बिहार में तपिश 44°C तक, अप्रैल ने रिकॉर्ड तोड़ दिए

Patna, Bihar:हेडलाइन — इस साल अप्रैल में गर्मी ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़। मौसम विज्ञान केंद्र ने दक्षिण बिहार के पांच जिलों में आज ‘हॉट डे’ को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि लू जैसी स्थिति नहीं रहेगी, लेकिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। दूसरी ओर, उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। फिर भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटों में रोहतास जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पटना में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस साल अप्रैल में गर्मी ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रोहतास के डेहरी में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो बीते पांच सालों में सबसे अधिक है।
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सीतामढ़ी दौरे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पुनौरा धाम मंदिर सजावट और सुरक्षा तैनाती

Sitamarhi, Bihar:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज सीतामढ़ी दौरे पर रहेंगे, जिससे जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। माता जानकी की जन्मस्थली स्थित प्रसिद्ध पुनौरा धाम मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है और पूरे परिसर को आकर्षक रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुनौरा धाम मंदिर पहुंचकर मां जानकी की पूजा अर्चना करेंगे इसके बाद वे जगत गुरु रामभद्राचार्य से भी आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री माता जानकी मंदिर निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।
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ग्वालियर में ब्लैक आउट मॉकड्रिल: हवाई हमले की तयारी के साथ बचाव-रेस्क्यू अभ्यास

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से शुक्रवार की रात बहोड़ापुर स्थित पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस के अंतर्गत ब्लैक आउट म/mockड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान हवाई हमले की चेतावनी, ब्लैक आउट उपाय, आपातकालीन निकासी और खोज-बचाव अभियान का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। मकसद है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और नागरिक पूरी तरह तैयार रह सकें। यह म/mockड्रिल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम के रूप में की गई। Vo- दअरसल यह मॉकड्रिल की शुरुआत रात 8 बजे हवाई हमले के सायरन से हुई। सायरन बजते ही पूरे इलाके की लाइट बंद कर ब्लैक आउट किया गया। इसके बाद आपातकालीन टीमों ने मोर्चा संभाला। अभ्यास के दौरान बम फोड़े गए और घटना व आगजनी में घायल हुए लोगों को रेस्क्यू करने का प्रदर्शन किया गया। फायर की घटना पर कंट्रोल करने और घायलों को स्ट्रेचर से एम्बुलेंस तक ले जाकर उपचार के लिए भेजने की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के साथ NDRF का दल भी मौजूद रहा। NDRF की टीम ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और प्राथमिक उपचार देने का डेमो दिया। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया। म/mockड्रिल के बाद अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक आउट मॉकड्रिल का उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थिति में नागरिकों और प्रशासन को तैयार करना है। इसमें सायरन सिस्टम, लाइट बंद करना, सुरक्षित जगह पहुंचना और रेस्क्यू ऑपरेशन शामिल है। सभी विभागों का समन्वय परखा गया। शहर में समय समय पर ऐसी ड्रिल कराई जाएंगी। नागरिकों से अपील की गई है कि सायरन बजने पर घबराएं नहीं, लाइट बंद कर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता ही सुरक्षा है।
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डीडवाना में ट्रक के टायर फटने से भीषण आग, बड़ी घटना टली

Nagaur, Rajasthan:डीडवाना : चलते ट्रक में टायर फटने से लगी भीषण आग छापरी टोल प्लाजा के पास लगी ट्रक में आग गनीमत रही नहीं हुआ कोई बड़ा हादसा डीडवाना दमकल पहुंची मौके पर आग पर पाया काबू डीडवाना उपखंड के छापरी टोल प्लाजा के पास अलसुबह एक चलते ट्रक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक लुधियाना से प्लास्टिक की कलर की बाल्टियां भरकर अजमेर की ओर जा रहा था। सुबह करीब 3:15 बजे छापरी टोल प्लाजा के पास अचानक ट्रक का टायर फट गया, जिससे घर्षण के कारण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ट्रक के पिछले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया सूचना मिलते ही नगर परिषद डीडवाना की दमकल टीम मौके पर पहुंची। फायर पायलट अमित सिंह और फायरमैन राजूराम मुवाल ने बिना समय गंवाए तुरंत आग बुझाने का कार्य शुरू किया।कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया हादसे में ट्रक के पिछले हिस्से और उसमें रखी कलर की बाल्टियों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इंजन और ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है
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23 साल के ऋषभ दास की 60 साल तपस्या यात्रा शुरू, 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन

Ujjain, Madhya Pradesh:23 साल की उम्र में 60 साल की तपस्या का दावा : विश्व कल्याण के लिए दंडवत यात्रा पर निकले युवा संत ऋषभ दास नलखेड़ा से शुरुआत, रोज दंडवत कर बढ़ रहे आगे; बाल कृष्ण और गाड़ी बनी यात्रा का आकर्षण उज्जैन महज 23 साल की उम्र में युवा संत ऋषभ दास महाराज ने ऐसी कठिन तपस्या का मार्ग चुना है, जिसे पूरा करने में करीब 60 साल लगने का अनुमान है। विश्व कल्याण और संभावित आपदाओं से सृष्टि की रक्षा की कामना लेकर वे दंडवत प्रणाम यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा की शुरुआत 19 मार्च 2026 को नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर से हुई। यह यात्रा साधारण नहीं, बल्कि अत्यंत कठोर तपस्या मानी जाती है, जिसमें संत हर कदम पर दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ते हैं। ऋषभ दास के अनुसार वे प्रतिदिन लगभग ढाई से तीन किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाते हैं, जिसके चलते इस पूरी यात्रा को पूर्ण करने में करीब 60 वर्षों का समय लगेगा। इस यात्रा में एक विशेष आकर्षण भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। संत अपने साथ बाल स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को भी लेकर चल रहे हैं, जिन्हें एक छोटी बैटरी से चलने वाली गाड़ी में विराजित किया गया है। यह झांकी राह चलते लोगों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां श्रद्धालु रुककर दर्शन कर रहे हैं। ऋषभ दास के अनुसार वे इस यात्रा के दौरान देश के 12 ज्योतिर्लिंगों और 42 शक्तिपीठों के दर्शन करेंगे। साथ ही नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर जाने का भी उनका संकल्प है। उनके मुताबिक यात्रा का कुल रूट लगभग 80 हजार किलोमीटर का निर्धारित किया गया है। महाराज ने यह भी दावा किया कि वे पूर्व में भारत सहित नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन तक की यात्राएं कर चुके हैं। हालांकि इन दावों के स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। उनके अनुसार सात वर्ष की आयु में घर छोड़ने के बाद से ही उनका जीवन साधना और यात्राओं को समर्पित है, जिसकी शुरुआत वृंदावन से हुई थी। यह दंडवत यात्रा अपनी कठिनता, लंबी अवधि और अलग स्वरूप के कारण जहां एक ओर आस्था का प्रतीक बन रही है, वहीं एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर रही है—क्या इतनी लंबी और कठिन तपस्या को वे पूरी कर पाएंगे? संत ने इस मार्ग पर चलने का प्रण जरूर लिया है, लेकिन यह यात्रा अत्यंत कठिन मानी जा रही है। बाइट -संत ऋषभ दास
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जानकी नवमी पर सीतामढ़ी में भक्तों का उत्साह, डोला शोभा यात्रा संपन्न

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण एंकर आज जानकी नवमी के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी में इस खास दिन को लेकर श्रद्धालुओं में खासа उत्साह नजर आ रहा है।प्रसिद्ध पुनौरा धाम मंदिर से जानकी नवमी के अवसर पर माता जानकी का भव्य डोला शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह डोला यात्रा प्रसिद्ध हालेश्वर स्थान मंदिर की परिक्रमा करते हुए पुनौरा धाम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।जानकी नवमी को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है।
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मानगो अस्पताल में कैदी ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर दी; हड़कंप मचा

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के मानगो स्थित एमजीएम अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इलाजरत एक विचाराधीन कैदी ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, वहीं पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार लंबे समय से जेल में बंद था और वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर भी उसने आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसमें उसने अपना गला काटने का प्रयास किया था। हालांकि उस समय जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण उसकी जान बच गई थी। इसके बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कैदी वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर उसे कैदी वार्ड से डॉक्टर के पास जांच के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक उसने पुलिसकर्मी का हाथ छुड़ा लिया और तेजी से सातवीं मंजिल की ओर भाग गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने ऊंचाई से छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि एक कैदी का इस तरह से सुरक्षा घेरे से निकलकर ऊंचाई से कूद जाना कई लापरवाहियों की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि अशोक कुमार डिप्रेशन का शिकार था और उसका मानसिक इलाज भी चल रहा था। उसे पूर्व में रांची भी भेजा गया था, जहां उसकी मानसिक स्थिति का उपचार किया जा रहा था। बावजूद इसके, उसकी निगरानी में चूक होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और यह एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था दोनों की गंभीरता को उजागर करता है.
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बस्तर में लौह अयस्क अवैध कारोबार: चार गाड़ी चिन्हित, तीन फरार

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में लौह अयस्क के अवैध कारोबार और ओवरलोडिंग का बड़ा मामला सामने आया है, बस्तर परिवहन संघ ने खुद मोर्चा संभालते हुए संदिग्ध गाड़ियों का पीछा किया, जिसमें एक ट्रक पकड़ लिया गया, जबकि तीन गाड़ियां मौके से फरार होने में सफल रहीं, आरोप है कि बिना वैध दस्तावेज लौह अयस्क का परिवहन किया जा रहा था, मामले के खुलासे के बाद खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, ओवरलोड गाड़ियों के चलते नियमित सप्लाई प्रभावित हो रही थी और वैध ट्रांसपोर्टरों को नुकसान उठाना पड़ रहा था, शिकायतों के बाद संघ के सदस्यों ने निगरानी की और चार संदिग्ध गाड़ियों को चिन्हित किया, इधर खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा है कि वाहन के दस्तावेज, मालिकाना हक, माल के स्रोत और भंडारण से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे, यदि वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, फरार तीन गाड़ियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
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वेदांता हादसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं डीजीपी को दिया नोटिस,,

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollow20m ago
Binouri, Chhattisgarh:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के सक्‍ती जिले में स्थित एक थर्मल पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को बॉयलर ट्यूब विस्फोट के कारण कम से कम 25 श्रमिकों की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए। खबरों के अनुसार, विस्फोट से निकली अत्यधिक गर्म भाप ने श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया। आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो इससे पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आते हैं। इसलिए, आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में प्रभावित श्रमिकों को मुआवजे के संवितरण की स्थिति और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी शामिल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर को बंद करके ठंडा करने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान आरंभ किया। घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए 23 CAQUMS और एग्रीगेटर नीति घोषित

Chandigarh, Chandigarh:​ चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार द्वारा एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर पाॅलिसी लाई जाएगी。 मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न पहलों की व्यापक समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदूषण में 30-35 प्रतिशत तक कमी लाने के लक्ष्य के साथ बहु-क्षेत्रीय कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने एनसीआर के नगर निगम आयुक्तों तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे कम से कम पांच प्रमुख सड़कों की पहचान कर उन्हें मॉडल “डस्ट-फ्री” सड़कों के रूप में विकसित करें। इस सम्बन्ध में वर्ष 2026 के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने से लेकर कार्य पूर्ण होने तक की एक समग्र और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों तथा औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण को सटीक योजना और समयबद्ध कार्यान्वयन के माध्यम से प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना होगा。 पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की सघन जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वाहन प्रदूषण मानकों के अनुपालन को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए और एनसीआर के व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाकर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने चलती गाड़ियों के उत्सर्जन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग और उसके आधार पर चालान करने पर बल दिया。 मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदूषण जांच केंद्रों से डेटा एकत्रित किया जाए कि कितने मामलों में प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार किया गया अथवा कितने मामलों में उत्सर्जन मानक निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया。 परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर नीति लाई जाएगी। इससे निजी वाहनों का बड़ा बेड़ा नियामक ढांचे के तहत आएगा और यह सुनिश्चित होगा कि एग्रीगेटर से जुड़े वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें और क्षेत्र में परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के समग्र प्रयासों में योगदान दें। उन्होंने यह भी बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप एनसीआर के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं तथा शेष क्षेत्रों में 31 दिसंबर, 2026 तक इन्हें चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने “नया सफर योजना” के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत लगभग 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16,000 बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया जाएगा। योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन तथा टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी。 हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन ने बताया कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए सीएएक्यूएमएस की संख्या जुलाई 2026 तक 29 से बढ़ाकर 52 की जाएगी। इसके लिए मई माह के पहले सप्ताह में टेंडर जारी किए जाएंगे。 बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने बताया कि 889 औद्योगिक इकाइयों को निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सीईएमएस) स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें से 871 इकाइयों मे यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है और 735 इकाइयां सक्रिय रूप से डेटा साझा कर रही हैं। सभी बड़े और मध्यम उद्योगों को जुलाई तक तथा लघु उद्योगों को सितंबर 2026 तक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राज नारायण ने बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में धान की पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 13,000 सीआरएम मशीनों की कमी की पहचान की गई है, जिसे धान कटाई सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने एनसीआर के सात नगर निगमों की वर्ष 2026 की सिटी एक्शन प्लान की भी समीक्षा की। नगर निगम आयुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। इन कार्य-योजनाओं में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें परिवहन, पुलिस, जीएमडीए, एफएमडीए, एसएमडीए, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन, लोक निर्माण, एनएचएआई, ऊर्जा और उद्योग विभागों की समन्वित भूमिका सुनिश्चित की गई है। कार्य-योजना में सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस उत्सर्जन में कमी, यातायात जाम के बिंदुओं का समाधान, वायु निगरानी नेटवर्क का विस्तार, अंतिम मील कनेक्टिविटी, सड़कों की शुरू से अन्त तक पेवमेंट, हरित क्षेत्र का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा पार्किंग सुविधाओं का विस्तार शामिल है। साथ ही, पुराने ठोस अपशिष्ट को 31 मार्च, 2027 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है。 नगर निगमों द्वारा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग प्लांट और प्रत्येक 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट स्थापित करने की भी योजना है。 बैठक में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों, जल छिड़काव (वॉटर स्प्रिंकलर) तथा एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से धूल नियंत्रण उपायों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
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पखांजूर के अंदरूनी गांवों में लकवा से मरीज खटिया पर 19 किमी अस्पताल पहुंचे

Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर के अंदरूनी गांवों से बेंगाडा/बीनाگुंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्पष्ट हो रही है। एक लकवाग्रस्त युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं मिल सकी और मजबूरन 20 ग्रामीणों ने उसे खटिया में लादकर 19 किलोमीटर पैदल सफर तय किया। यह घटना नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा से लगे बीनाگुंडा गांव की है, जहां तीन दिन तक एंबुलेंस नहीं मिली और सड़क भी नदारद रही। करीब चार घंटे के संघर्ष के बाद छोटेबेठिया BSF कैंप से मदद मिल पाई और फिर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। यह मामला बताता है कि पिछले दिनों भी इस इलाके में एंबुलेंस सेवा अक्सर ठप रहती है, और गांव तक पहुंचना मुश्किल है। सवाल उठते हैं—क्या अंदरूनी गांवों में जिंदगी की कीमत सरकार के दावों के बराबर है, और कब तक मरीज खटिया पर स्थिर रहते रहेंगे?
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भिंड में फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट का भंडाफोड़: मौत के परमिट 3 लाख में

Bhind, Madhya Pradesh:2504ZMP_BHIND_FARJI_R हेडर-भिंड में ‘फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट’ का भंडाफोड़, 3 लाख में बिक रहा था मौत का परमिट! ये सिर्फ फर्जी कागजों का खेल नहीं था… ये था एक संगठित सिंडिकेट… जो पहचान पत्रों में छेड़छाड़ कर… सिस्टम को हैक कर… अवैध हथियारों को वैध बनाने का खेल खेला जा रहा था। सूत्रों की मानें तो, -एक फर्जी लाइसेंस की कीमत थी करीब 3 लाख रुपये -पेन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो से छेड़छाड़ कर तैयार किए जाते थे दस्तावेज -ऑनलाइन पोर्टल तक को गुमराह किया गया जैसे ही पुलिस की साइबर टीम ने रिकॉर्ड खंगाले… पूरा खेल खुलकर सामने आ गया। -सबसे बड़ा खुलासा- इस रैकेट में आर्म्स शाखा के कर्मचारी भी शामिल पाए गए… यानी, जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी… वही सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहे थे। -बरामदगी, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए -10 पिस्टल (32 बोर) -1 राइफल (315 बोर) बरामद की है… और 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। -अब सवाल ये है, आखिर इस सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं? क्या ये नेटवर्क सिर्फ भिंड तक सीमित है… या पूरे प्रदेश में फैला हुआ है? पुलिस का कहना है — जांच अभी जारी है… और इस फर्जीवाड़े से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा…
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