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Muzaffarpur में प्रेम प्रसंग विवाद में महिला की गोली मारकर हत्या

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर में प्रेम प्रसंग के विवाद में घर में घुस कर घर में मासूम बच्चे के साथ सोई महिला को गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और मौके से गोली का खोखा बरामद करते हुए एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. घटनाक साहेबगंज थाना क्षेत्र के गौड़ा गांव की है. जहां गुरुवार की देर रात अपराधियों ने घर में घुसकर एक महिला की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी. मृतका की पहचान महेश पासवान की 35 वर्षीया पत्नी मीना देवी के रूप में हुई है. घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के एक पड़ोसी रंजीत पासवान को हिरासत में लिया है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है. दरअसल हरिश्चंद्र पासवान के पुत्र सुधीर कुमार ने गांव के ही रंजीत पासवान की बेटी से प्रेम विवाह किया था और इसी दुश्मनी को लेकर रंजीत पासवान पर आरोप लग रहा है कि उसने घर में घुसकर सुधीर की भोजाई मीना देवी को गोली मारकर हत्या कर दिया है. बताया जा रहा है मीना देवी रात में अपने दो छोटे बच्चों के साथ कमरे में सोई हुई थी. इसी दौरान देर रात अज्ञात अपराधी घर में घुस आए और मीना देवी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने के बाद महिला खून से लथपथ होकर वहीं गिर गई. फायरिंग की आवाज सुनकर जुटे परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. ​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सरैया एसडीपीओ अभिजीत कौर ने घटनास्थल का मुआयना किया. उन्होंने बताया कि पड़ोसी रंजीत पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस प्रेम प्रसंग, आपसी रंजिश और पूर्व वार्ड सदस्या से जुड़े विवाद समेत सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. बाइट - हरिचंद्र पासवान, परिजन बाइट - मीना देवी, मृतिका के सास
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सीवर हादसे में मृत सुनील: अस्पताल-खाप के समझौते पर 50 लाख मुआवजा

Jhajjar, Haryana:महाराजा अग्रसेन अस्पताल के सीवर हादसे में मृतक प्लंबर सुनील के मामले में दो दिन बाद खत्म हुआ विवाद। दलाल खाप 84 की पंचायत और प्रशासन के बीच बनी सहमति। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी को नौकरी और जीवनभर मेडिकल सुविधा देने पर बनी बात। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम और शव लेने के लिए हुए राजी। ग्रामीणों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई। बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन अस्पताल परिसर में सीवर हादसे में मृतक प्लंबर सुनील के मामले में दो दिन से चल रहा विवाद शुक्रवार को पंचायत के बाद शांत हो गया। प्रशासन और दलाल खाप 84 की पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने और शव लेने के लिए राजी हो गए। बाद में गांव में गमगीन माहौल में सुनील का अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार सुबह नागरिक अस्पताल में दलाल खाप 84 के प्रधान भूप सिंह की मौजूदगी में पंचायत हुई। इसमें विधायक राजेश जून, किसान नेता रमेश दलाल, जजपा नेता संजय दलाल सहित कई गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन की ओर से एसडीएम अभिनव सिवाच, तहसीलदार सुदेश और एसीपी प्रदीप नैन मौजूद रहे। करीब साढ़े तीन घंटे चली पंचायत में मृतक परिवार को न्याय दिलाने और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुनील को उसके काम से हटाकर सीवर में उतारा गया था। बाद में पांच सदस्यीय कमेटी और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता, सुनील की पत्नी को नौकरी और परिवार को जीवनभर मेडिकल सुविधा देने पर सहमति बनी। गौरतलब है कि सोमवार को अस्पताल परिसर में सीवर मेनहोल के कार्य के दौरान जहरीली गैस से चार कर्मचारी बेहोश हो गए थे। गंभीर हालत में सुनील को दिल्ली रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी。
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महोबा के कनकुआ में दबंगों के लाठीचार्ज से महिलाएं घायल, वीडियो वायरल

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर- महोबा जिले में लाठी-डंडों से लैस होकर आए बेखौफ दबँगों ने घर में घुसकर उत्पात मचाया। दबँगों की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जो कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर नामजद दबँगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दरअसल सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो महोबा के कनकुआ गांव का बताया जा रहा है, जहाँ गांव के रहने वाले चंद्रप्रकाश साहू के घर पर लाठी-डंडों से लैस होकर आए दबँगों ने जमकर उत्पात मचाया। विरोध करने पर घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और महिलाओं की बेरहमी से पिटाई कर दी। दबँगों के आतंक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जो जनपद की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। दबँगों के हमले में घायल चंद्रप्रकाश साहू ने बताया कि आज धीरज राजपूत, दीपेंद्र राजपूत अपने साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर मेरे घर आए और मारपीट करने लगे। हमारा कसूर सिर्फ इतना था कि यह लोग गाली-गलौच कर रहे थे जिसका हमने विरोध किया है और उस समय ये लोग चले गए; बाद में दोपहर के समय घर में आकर जमकर उत्पात मचाया। दबँगों की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस मारपीट में चंद्रप्रकाश साहू को गंभीर चोटें आई हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद दबँगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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पुष्कर में 10 दिन की ट्रेनिंग से कांग्रेस संगठन मजबूत होगा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर जिला अध्यक्षों को कांग्रेस पढ़ाएगी संगठन का पाठ, पुष्कर में 10 दिन चलेगी विशेष ट्रेनिंग कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। संगठन सृजन अभियान के तहत बनाए गए जिला अध्यक्षों को अब पार्टी की रीति-नीति और संगठनात्मक कार्यशैली की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कल से पुष्कर में 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इस ट्रेनिंग सेशन में जिला अध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। AICC की टीम जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण देगी। इसके साथ ही राजस्थान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग सत्रों में शामिल होकर मार्गदर्शन देंगे। PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता जिला अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने के तरीकों और पार्टी की कार्यशैली को लेकर जानकारी देंगे। अलग-अलग ट्रेनिंग सेशन के माध्यम से जिला अध्यक्षों को संगठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी。 इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्थान के साथ-साथ दिल्ली कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी शामिल होंगे। दोनों राज्यों के जिला अध्यक्ष पुष्कर में कांग्रेस की कार्यप्रणाली और मूल मंत्र को समझेंगे。 सूत्रों के अनुसार, इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में एक दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत कर कांग्रेस को आगे बढ़ाने, जिलों में संगठन को मजबूत करने और कार्यशैली को लेकर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं। ट्रेनिंग के दौरान जिला अध्यक्षों को कैंप से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। 10 दिनों तक सभी जिला अध्यक्ष पुष्कर में रहकर कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक मजबूती से जुड़े पहलुओं की ट्रेनिंग लेंगे。 कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को राहुल गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पार्टी का मानना है कि यदि जिला अध्यक्ष मजबूत तरीके से काम करेंगे तो संगठन की जड़ें भी मजबूत होंगी। आने वाले समय में प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं, ऐसे में जिला अध्यक्षों के लिए यह ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है。
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गोंडा: छोटे भाई ने बड़े भाई पर चाकू से हमला कर गिरफ्तार

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोलपुर गांव में टेबल फैन के विवाद के मामले में छोटे भाई विनेश कनौजिया को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय ने आरोपी विनेश कनौजिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. विनेश पर आरोप है कि इन्होंने अपने सगे भाई सुभाष कनोजिया को, जो इलेक्ट्रीशियन हैं, बाहर रहते हैं, कल गुरुवार को घर दरवाजे पर पंखा लगाते समय अचानक चाकू से हमला कर घायल कर दिया था. पीड़ित परिवार के अनुसार वे नशे में रहते हैं और अक्सर झगड़ा करते हैं, जिससे जानलेवा मामला दर्ज हुआ है. घायल सुभाष की पत्नी पूजा ने देवर के खिलाफ मुकदमा करवाया है.
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हरमाड़ा थाना पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार, लाखों के गहने बरामद

Jaipur, Rajasthan:हरमाड़ा जयपुर हरमाड़ा पुलिस ने दो शातिर चोरो को किया गिरफ्तार आरोपी रोहित मालावत,विपिन यादव को किया गिरफ्तार लाखों रुपये के जेवर और 93 हजार रुपये नगद किये बरामद नशे का शौक पूरा करने के लिए आरोपी करते थे चोरी हरमाड़ा SHO उदयसिंह यादव के नेतृत्व में कार्रवाई जयपुर के हरमाड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी रोहित मालावत और विपिन यादव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात तथा 93 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी सुनसान मकानों और बंद घरों को निशाना बनाकर चोरी करते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का माल बरामद कर लिया है। कार्रवाई हरमाड़ा थाना प्रभारी उदयसिंह यादव के नेतृत्व में विशेष टीम द्वारा की गई। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रहे है।
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दिल्ली: भलस्वा-गाज़ीपुर लैंडफिल बारिश से पहले साफ, दिसंबर तक लक्ष्य

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली को इन कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करना हमारा पहला लक्ष्य तीनों लैंडफील्ड साइड खाली करने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। भलस्वा लैंडफिल साइड पर मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है, मैन पावर बढ़ा दी गई है। गाजीपुर में भी नई जमीन ली गई है बहुत जल्द इन लैंडफील्ड से राहत मिलेगी। दिसंबर तक टारगेट किया गया लेकिन हमारी कोशिश है सितंबर तक यह खत्म कर दी जाए। बरसात से पहले भलस्वा लैंडफिल साइट साफ हो जाए इसके लिए योजना बना रही है। ओखला और गाज़ीपुर लैंडफिल साइड पर भी जोर-शोर से काम चल रहा है गाजीपुर पर नई जमीन ले ली गई है। विपक्ष बेरोजगार हैं हम उसका जवाब देंगे तो हम काम कब करेंगे हम काम करने में जुटे हुए हैं उनके पास झूठ फैलाने का काम है। वॉकथ्रू _ भलस्वा लैंडफिल दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने भलस्वा लैंडफिल साइट पहुंचकर निरीक्षण किया है अधिकारियों के साथ बैठक कर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, सरकार ने दिसंबर तक पूरी तरह से लैंडफिल साइट काम करने के टारगेट दिया है हालांकि कोशिश यह है की बारिश से पहले यह लैंडफिल साइड साफ हो जाए।
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मंडला की बदहाल सड़कों पर ऑटो चालकों ने खुद मरम्मत शुरू कर दी

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला नगर की खस्ताहाल सड़के अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी हैं। सड़कों पर बने गड्ढों से जहां आम वाहन चालक परेशान हैं, वहीं ऑटो चालकों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हो गए कि अब ऑटो चालकों ने खुद ही सड़कों की मरम्मत का जिम्मा उठा लिया है। नगर की सड़कों की बदहाल तस्वीरें जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। मुख्य मार्गों सहित कई इलाकों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आए दिन वाहन खराब हो रहे हैं और हादसों का खतरा भी बना रहता है। यही वजह है कि जो काम शासन को करना चाहिए अब वह ऑटो चालक कर रहे हैं। ऑटो चालक अपने खर्चे से गिट्टी, मुरम और अन्य सामग्री लाकर सड़कों के गड्ढे भर रहे हैं। चालकों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण उनके ऑटो में लगातार टूट-फूट होती है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। नगर में ऑटो चालकों द्वारा किया जा रहा यह काम अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि जब जिम्मेदार विभाग सड़कें सुधारने में नाकाम हैं, तब आम लोगों को खुद आगे आकर व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। फिलहाल ऑटो चालकों की यह पहल लोगों के लिए राहत जरूर बन रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और नगरवासियों को अच्छी सड़कें मिल पाएंगी।
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Weather whiplash से कश्मीर में तापमान का अचानक बड़ा बदलाव, पर्यटन प्रभावित

Chaka, “Weather whiplash” (मौसम का अचानक बदलना) इस समय कश्मीर की एक बड़ी समस्या है। लू की वजह से कश्मीर आने वाले टूरिस्ट निराश हो रहे हैं, और उन्हें कश्मीर की ठंडी, कम जानी-पहचानी घाटियों की ओर जाना पड़ रहा है। कश्मीर और आस-पास के मशहूर हिल स्टेशनों में मौसम का अनिश्चित मिजाज—जहाँ अचानक, बेमौसम बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ तेज़, रिकॉर्ड तोड़ने वाली लू भी पड़ रही है—जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का सीधा नतीजा है, जो इस क्षेत्र के मूल इकोसिस्टम को बदल रहा है। इस घटना को "weather whiplash" कहा जाता है, जिसमें मौसम की चरम स्थितियाँ तेज़ी से बदलती रहती हैं। कश्मीर के निचले मैदानी इलाकों में दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी से टूरिस्ट निराश हो गए हैं; वे बर्फीली पहाड़ी हवाओं की उम्मीद में आए थे, लेकिन उन्हें गर्मियों से पहले ही असामान्य गर्मी का सामना करना पड़ा। घाटी के निचले हिस्से में, श्रीनगर में तापमान 32.5°C तक पहुँच गया है (जो मौसम के औसत से 7 डिग्री ज़्यादा है), जबकि रात का तापमान भी सामान्य से ज़्यादा गर्म बना हुआ है। मौसम की वजह से टूरिस्ट श्रीनगर, डल झील या मुगल गार्डन में घूमने का समय सुबह जल्दी या देर शाम तक ही सीमित रखने पर मजबूर हैं। दिन के समय, लू के कारण डल झील और Kashmir के मैदानी इलाकों में मौजूद अन्य टूरिस्ट स्थल सुनसान नज़र आते हैं। निचले इलाकों में पड़ रही लू से निराश होकर, टूरिस्टों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ रही है, ताकि वे Kashmir के पहाड़ों में मौजूद कम जाने-पहचाने टूरिस्ट स्थलों पर सर्दियों जैसा मौसम पा सकें। यात्री घाटी के मुख्य निचले हिस्से से दूर, ऊँचे इलाकों में होटल बुक कर रहे हैं और वहीं ज़्यादा रातें बिता रहे हैं, जहाँ तापमान तेज़ी से गिरता है। कश्मीर के ऊपरी इलाकों में, जहाँ हाल ही में मई के महीने में बेमौसम बर्फबारी हुई है, तापमान काफी गिर गया है। गुरेज़, अपरवथ, कोंगडोरी, थाजवास जैसे ऊँचे इलाकों और गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम जैसे रिसॉर्ट्स में मौसम काफी ठंडा बना हुआ है; ठंडी जगहों की तलाश में आने वाले यात्रियों की संख्या में यहाँ अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस भीषण गर्मी का मुख्य कारण सर्दियों में लगातार बर्फबारी का न होना है। ऐतिहासिक रूप से, सर्दियों में जमा बर्फ की परतें (snowpacks) प्राकृतिक दर्पण का काम करती थीं, जो सूरज की किरणों को वापस अंतरिक्ष में भेज देती थीं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण, सर्दियाँ छोटी और सूखी होती जा रही हैं। जो थोड़ी-बहुत बर्फ गिरती भी है, वह मार्च आते-आते समय से पहले ही पिघल जाती है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि पश्चिमी हिमालय का ज़्यादातर मौसम 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) से प्रभावित होता है—ये भूमध्य सागर से उठने वाली नमी से भरी मौसम प्रणालियाँ हैं। जलवायु परिवर्तन ने इन प्रणालियों को अनियमित और अप्रत्याशित बना दिया है। सर्दियों में लगातार बर्फ़बारी करने के बजाय, अब ये प्रणालियाँ सर्दियों के चरम पर कमज़ोर पड़ जाती हैं और फिर वसंत और गर्मियों में अचानक गर्म, स्थानीय हवाओं से टकरा जाती हैं। इससे ऊँचे इलाकों में अचानक, तेज़ और बेमौसम बर्फ़बारी होती है, और घाटी में मूसलाधार बारिश होती है; जिससे महज़ 48 घंटों के भीतर तापमान में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसका एक और कारण है शहरों और कस्बों में तेज़ी से हो रहा कंक्रीट का निर्माण; यह दिन के समय की सौर विकिरण (सूरज की गर्मी) को सोख लेता है और रात में ठंडक होने से रोकता है, जिससे तापमान उम्मीद से कहीं ज़्यादा बढ़ जाता है। मौसम के मिज़ाज में आए इस बड़े बदलाव ने स्थानीय पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए एक के बाद एक कई संकट खड़े कर दिए हैं। केसर, मक्का और सेब जैसी महत्वपूर्ण फ़सलें तापमान के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं; समय से पहले पड़ने वाली गर्मी और सामान्य से अधिक तापमान, जिसके बाद अचानक ओलावृष्टि होती है, पेड़ों में समय से पहले फूल खिलने का कारण बनता है, फलों के बनने की प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाता है, और फ़सलों की बढ़त को रोक देता है। इसके अलावा, कोलाहोई जैसे मुख्य ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने से झेलम जैसी नदियों के लंबे समय तक बने रहने वाले जल प्रवाह में बाधा आती है। इससे गर्मियों में पीने के पानी की गंभीर किल्लत पैदा होती है और स्थानीय पनबिजली उत्पादन ठप पड़ जाता है।
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