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Narendra Kumar JaiswalNarendra Kumar JaiswalFollow5 Jul 2024, 06:08 am
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पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू SDM डॉ सरिता शर्मा अलर्ट।

MSMukut SharmaFollowJust now
Chaksu, Rajasthan:चाकसू (जयपुर) पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू प्रशासन अलर्ट गांव-गांव पहुंचकर अधिकारियों ने संभाला मोर्चा सुचारू पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू उपखंड के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक टीम ने किया निरीक्षण। SDM डॉ. सरिता शर्मा ने शिवदासपुरा एवं नांगलपूरण क्षेत्र में पहुंचकर पेयजल सप्लाई व्यवस्था का जायजा लिया और ग्रामीणों से पेयजल की उपलब्धता की जानकारी ली। वहीं तहसीलदार चाकसू,कोटखावदा सहित अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक। हालांकि पेयजल आपूर्ति पाई संतोषजनक, निरीक्षण के दौरान मिली कुछ शिकायतों पर SDM डॉ. सरिता शर्मा ने PHED एवं बीसलपुर परियोजना चाकसू-कोटखावदा के एईएन को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
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मुज़फ्फरपुर में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, राजद MLC का बड़ा दावा

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:Anchor - जहां एक तरफ़ पूरे देश में मुस्लिम समुदाय भी अब गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ सभी बीफ फैक्ट्री बंद करने की मांग कर रहे और आज पूरे देश मे बकरीद का त्यौहार मनाया जा रहा है.मुजफ्फरपुर मे भी मुस्लिम समाज धूमधाम से त्यौहार मना रहे है और इस दौरान नमाजियो ने नमाज अदा की है.अब इसी मुजफ्फरपुर मे ईद की नमाज के बाद राजद के मुस्लिम MLC व युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष मो कारी सोहेब ने बड़ा बयान दे दिया है.कारी सोहेब ने नमाज अदा करने के बाद केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर दी.गाय की कुर्बानी को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच MLC ने कहा कि सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देना होगा अन्यथा हम आंदोलन करेंगे.वहीं राजद MLC ने डिमांड की कि जितने बीफ एक्सपोर्ट फैक्ट्रीयां चल रही है उसे तत्काल बंद कराई जाए.उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी जमकर निशाना साधा और कहा की हम सनातन को मानते हैं,लेकिन यही बंगाल के मुख्यमंत्री ने गाय को 14 साल के बाद मारने की बात कह रहे हैं तो क्या माता बूढ़ी हो जायेगी तो उसे काट देंगे.ये भाजपा के लोगों का दोहरा चरित्र है क्योंकि येही लोग गाय को काटने वाले से चंदा ले कर झंडा खरीदते हैं, लेकिन अब गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए राष्ट्रीय जनता दल हिंदू समाज के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी. वहीं इसके पूर्व मुजफ्फरपुर के इस्लामिक स्कॉलर हाजी मोहम्मद परवेज अहमद सिद्दीकी ने पूर्व में ही लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए गाय की कुर्बानी पूर्वक लगाने की मांग देश के प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति से के साथ ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से कर चुके हैं जिसके बाद कई राज्यों में इसको लेकर आदेश भी निर्गत हुआ है.अब वही राजद के एमएलसी कारी सुहेब ने भी ईद की नमाज के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए उसके मारने पर रोक लगाने की मांग कर दी है. बाइट - मो कारी सोहेब, MLC, राजद *इनपुट - मणितोष कुमार*
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INLD के आरोप: पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ाकर आम जनता पर बोझ, 1 जून से विरोध

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ ब्रेकिंग इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संयोजक प्रो संपत सिंह की पीसी संपत सिंह ने कहा सरकार ने पैट्रोल डीजल का दाम बढ़ाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल दिया। सरकार ने मंहगाई और बढ़ा दी है। चुनाव से पहले जब कच्चे तेल का रेट 110 डॉलर बैरल था तब सरकार ने पैट्रोल डीजल का दाम नहीं बढ़ाए। जब चुनाव हो गए। तब तक कच्चे तेल का रेट करीब 90 डॉलर प्रति बैरल हो गया तब इन्होंने रेट कम करने की जगह रेट और बढ़ा दिए। पहले सेंटर्ल टैक्स पैट्रोल पर 9.50 रुपए प्रति लीटर डीजल पर थे 3.50 प्रति लीटर थे। तब पैट्रोल और डीज़ल का दाम कम था। तब भाजपा वाले मौजूदा सरकार की आलोचना करते थे। जब भाजपा सरकार आई इन्होंने टैक्स 3.50 रुपए से बढ़ाकर 32 रुपए कर दिया। पैट्रोल पर 9.50 रुपए से बढ़ाकर 33 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया。 इससे सरकार ने 75 लाख करोड़ का कमाई की। हरियाणा सरकार ने 1 लाख करोड़ कमा लिया。 प्रदेश में पहले डीजल पर करीब 8 प्रतिशत टैक्स था। जो अब 16.80 प्रतिशत है। जो दोगुना है। पैट्रोल पर 18 प्रतिशत टैक्स है。 जब संकट आता है तो आम पर उस संकट को डाला नहीं जाता उन्हें राहत दी जाती है। नेपाल भी राहत देने का काम कर रहा है。 हमारा रुपया तो पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मरे हुए देशों में भी कमजोर हुआ है。 हमारी पार्टी ने फैसला लिया है कि या तो सरकार 31 मई तक बढ़े हुए रेट वापिस ले ले या इनेलो पूरे प्रदेश में 1 जून से विरोध प्रदर्शन करेगी। ये प्रदर्शन जिला मुख्यालयों पर किए जाएंगे
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दिल्ली जेलों में QR स्कैन से जमानत के बाद रिहाई, कोर्ट ने निर्देश दिए

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के ذریعے की जाएगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट: आधार QR से जमानतधारी- कैदियों की पहचान तेज, रिहाई में देरी खत्म

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बाद भी अब जेल में नहीं रहेंगे कैदी! दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश, वेरिफिकेशन के लिए अपनाएं यह तरीका ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंक से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के जरिए की जाएगी।
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शक्तिनगर में नशे में धुत पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या, आरोपी फरार

Obra, Uttar Pradesh:रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र से सामने आई है। जहां नशे में धुत एक पति ने अपनी ही पत्नी की कपड़े से गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 25 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन घरेलू विवाद और नशे की हालत में पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि आरोपी पति मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस शव को कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। शक्तिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़िया बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला की हत्या की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। बताया जा रहा है कि आरोपी पति नशे की हालत में घर पहुंचा था और किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने कपड़े से पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 25 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल शक्तिनगर पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
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सहारनपुर में चार युवकों की गिरफ्तारी, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश

Saharanpur, Uttar Pradesh:यूपी ATS और STF ने सहारनपुर से चार युवकों को गिरफ्तार कर पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जांच एजेंसीयों के मुताबिक, यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्ठी और आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ और देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा था. सहारनपुर में महकाब और शाहरुख के परिवारों ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए युवकों को निर्दोष बताया है. जांच एजेंसीयों के मुताबिक, आरोपियों के तार पाकिस्तान में बैठे कथित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े मिले हैं. साहारनपुर के सरसावा क्षेत्र के ढीक्का कला गांव के रहने वाले महकाब और शाहरुख के घरवालों को जैसे ही गिरफ्तारी का पता चला, वो सदमे में चले गए. उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनके बेटे ऐसी हरकतों में शामिल होंगे. गांव में हर तरफ गिरफ्तारी की चर्चा है, जबकि परिवारों ने अपने बेटों को पूरी तरह निर्दोष बताया है.घरवालों का कहना है कि उनके बच्चों का किसी आतंकी संगठन, पाकिस्तान या देश विरोधी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है. गांव वालों के अनुसार दोनों युवक बेहद साधारण परिवारों से आते हैं और मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाते थे. परिवारों के मुताबिक कुछ दिन पहले भी एटीएस दोनों युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी. कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. इससे परिवारों को लगा कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन बुधवार को एटीएस और एसटीएफ की टीम दोबारा गांव पहुंची और दोनों युवकों को लखनऊ ले गई. इसी दौरान मुजफ्फरनगर के गगनदीप और उत्तराखंड के मुशर्रफ को भी हिरासत में लिया गया. बाद में एजेंसियों ने चारों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए उनके कथित मंसूबों का खुलासा करने का दावा किया.महकाब के पिता हसरत ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीनों से पंजाब के लुधियाना में वेल्डिंग का काम कर रहा था. महकाब आठवीं तक पढ़ा है और करीब 15 हजार रुपये महीना कमाकर परिवार की मदद करता था. वह तीन भाइयों में तीसरे नंबर का बेटा है.हसरत ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा मेहनत मजदूरी करने वाला सीधा-सादा लड़का है और उसे मोबाइल चलाने तक की ज्यादा जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन अचानक दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूरा परिवार सदमे में है. परिवार का कहना है कि बकरीद के दिन घर में किसी ने ठीक से नमाज तक नहीं पढ़ी. शाहरुख के पिता इकराम ने भी बेटे को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि शाहरुख केवल पांचवीं तक पढ़ा है और करीब डेढ़ महीने पहले देहरादून में टाइल और पत्थर लगाने का काम करने गया था. उसका काम एक राजमिस्त्री जैसा था. इकराम ने कहा कि अगर उनके बेटे को किसी तरह की विदेशी फंडिंग या गलत तरीके से पैसा मिलता तो परिवार की आर्थिक हालत बेहतर होती. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान से उनका क्या लेना-देना हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कई मामलों में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग बाद में निर्दोष पाए गए हैं. हालांकि, परिवारों और गांववालों का कहना है कि इन युवकों को सोशल मीडिया की भी ज्यादा जानकारी नहीं थी. गांव वालों के मुताबिक, महकाब और शाहरुख दोनों ही मिलनसार और मेहनती स्वभाव के थे. वे कभी किसी विवाद में शामिल नहीं रहे और मजदूरी कर अपने परिवारों की मदद करते थे.
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