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टोंक के तारण गांव में गड्ढे में फंसी स्कूल बस, बच्चों की जान पर बन आई डर

Tonk, Rajasthan:टोंक शहर में गड्ढे में फंसी स्कूल बस बच्चों की सांसें अटकी.. बच्चों को स्कूल ले जा रही बस गड्ढे में फंसी हादसा टला.... नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव का मामला... टोंक जिला मुख्यालय पर शुक्रवार की सुबह टोंक शहर के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव में उस समय बच्चो के जान आफत में पड़ गई जब सड़क किनारे मौजूद एक गड्ढे में बच्चो को स्कूल ले जा रही स्कूल बस फंस गई और बस पलटने की हालत बन गई जैसे तैसे कीचड़ में से होकर बच्चे बस से बाहर आये यह घटना नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है जहां सड़क पर भरा हुआ पानी और सड़क किनारे गड्ढे में रोज कोई न कोई बाइक सवार गिरता है तो कई बार चौपहिया वाहन भी फंसते है शुक्रवार को एक हादसा बच गया गनीमत यह रही कि निजी स्कूल की यह बस पलटी नहीं वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था इस मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि वह कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके है लेकिन नगर परिषद कोई ध्यान नहीं देती है ऐसी सूरत में उन्हें मंदिर से लेकर स्कूल तक कीचड़ से होकर जाना पड़ता है, घटना के बाद बच्चों के चेहरों पर भय देखने को मिला तो ग्रामीणों में नाराजगी। गांव में रहने वाले राजेश यादव ने बताया कि सालों से सड़क पर कीचड़ ओर गन्दा पानी भरा रहता है हम नगर परिषद और प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन नालियां नहीं होने से हमे नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है रोज नए हादसे पेश आते है लेकिन कोई सुनने वाला नजर नहीं आता है आज यह बस पलट सकती थी बड़ा हादसा टल गया हमारी मांग है कि गांव में नालियों का निर्माण हो। गांव के छात्र हर्षल यादव का कहना है कि आज बस में छोटे-छोटे बच्चे सवार थे अगर बस पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था गनीमत यह रही कि हादसा टल गया लेकिन हर रोज यहां ऐसी घटनाएं होती है हमे तो हर दिन कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में ही रहने वाले सोहन यादव ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मांग की है कि गांव के लोगों को कीचड़ की समस्या से निजात दिलाई जाए और पानी की निकासी के साथ ही नालियों का निर्माण जरूरी है। बाइट 01 वार्ड वासी बाइट 02 वार्ड वासी
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गोविंदगढ़ हंगामे में नया मोड़: भिंडरावाले के स्टिकर से जांच तेज

Alwar, Rajasthan:गोविंदगढ़ हंगामे में नया मोड़: जब्त बुलेट पर जरनैल सिंह भिंडरावाले का स्टिकर मिलने से जांच तेज अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस पर पथराव और हंगामे के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा जब्त की गई एक बुलेट बाइक पर खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले का फोटो और AK-47 जैसी राइफल की तस्वीर मिलने की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल रही है। इस खुलासे के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और लोग पुलिस जांच की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार, गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने स्टंट करने और पटाखों जैसी आवाज निकालने की शिकायत पर एक बुलेट बाइक को जब्त किया था। इसी बाइक पर यह यह स्टिकर लगा मिला। बाइक जब्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा हो गए थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बाद में पुलिस पर पथराव की घटना भी हुई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब इस मामले को केवल हंगामे और शांति भंग तक सीमित नहीं रखकर अन्य पहलुओं से भी जांच कर सकती है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि करीब छह महीने पहले इसी कॉलोनी से एक व्यक्ति को पाकिस्तानी जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, सात बाइक जब्त की हैं और 28 लोगों को शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिया है। साथ ही सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच जारी है।
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हाथियों का जोड़ा मैहर के अमरपाटन में घनी बस्तियों के पास, रेस्क्यू जारी

Maihar, Madhya Pradesh:मैहर जिले के अमरपाटन वन क्षेत्र में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भटककर आए दो जंगली हाथियों का जोड़ा ग्रामीण इलाके तक पहुंच गया। नर और मादा हाथी ग्राम जुड़मनिया के पास एक बगीचे में छिपे हुए मिले हैं। हाथियों की लोकेशन अमरपाटन शहर से महज करीब 3 किलोमीटर दूर होने के चलते पास इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम पूरी रात रेस्क्यू और निगरानी अभियान में जुटी रही। जानकारी के मुताबिक बांधवगढ़ क्षेत्र से निकले हाथियों का यह जोड़ा देर शाम मैहर जिले के अमरपाटन वन रेंज के ग्राम जुड़मनिया पहुंच गया। ग्रामीणों ने बगीचे में हाथियों की हलचल देख तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अलर्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि हाथियों का यह जोड़ा नर और मादा है, जो घने बगीचे के बीच छिपा हुआ है। आसपास आबादी होने के कारण वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने की है। देर रात एसडीओ, रेंजर सहित करीब दो दर्जन वनकर्मी मौके पर डटे रहे और लगातार हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को किसी तरह की उत्तेजना से बचाना जरूरी है, क्योंकि घबराहट में वे हमला भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शहडोल जिले में भी इन्हीं हाथियों के उत्पात की खबरें सामने आई थीं, जहां फसलों और ग्रामीण इलाकों में नुकसान की घटनाएं हुई थीं। अब मैहर जिले में हाथियों की एंट्री से वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है। फिलहाल वन विभाग की टीम पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन और निगरानी में जुटी हुई है। कोशिश की जा रही है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी क्षेत्र से निकालकर वापस जंगल की ओर भेजा जाए।
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निदा खान गिरफ्तार: लव जिहाद-धर्मांतरण केस से जुड़े बड़े राज सामने

Noida, Uttar Pradesh:धर्मांतरण और लव जिहाद केस की मास्टर माइंड निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, नाशिक पुलिस ने उसे छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया है, जानकारी के अनुसार अदालत द्वारा निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद नाशिक पुलिस ने यह कार्रवाई की, नासिक पुलिस की कई टीमें निदा खान को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी, यह मामला नाशिक की एक IT कंपनी में महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने से जुड़ा हुआ है, जांच में निदा खान का नाम मुख्य आरोपी के रुप में सामने आया था, इस मामले में छह पुरुष आरोपियों के साथ साथ निदा खान और कंपनी की HR अश्विनी चेनानी के खिलाफ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और सभी पुलिस की गिरफ्त में हैं, पुलिस का दावा है की निदा खान की गिरफ़्तारी और उस से पूछताछ के बाद इस रैकेट की बड़े राज भी बाहर आयेंगे और बड़े चेहरे भी बेपर्दा होंगे
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ED और बजरंग दल में फर्क नहीं, बीजेपी के राजनीतिक विंगों पर सच्चाई का सवाल

Delhi, Delhi:ईडी और बजरंग दल या बीजेपी युवा मोर्चा में ज़्यादा अंतर नहीं है। ये सब बीजेपी के पॉलिटिकल विंग हैं और बीजेपी के इशारे पर हल्ला हंगामा करते हैं। मोहाली में ईडी की रेड की पूरी सच्चाई ये है जो ईडी बताने से घबरा रही है। सुरेश कुमार बजाज जिसका यहाँ रेड हुई वो बीजेपी को लाखों रुपये डोनेट करता है। लेकिन ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज़ में ये नहीं लिखा कि इसके बीजेपी से नज़दीकी संबंध हैं? दूसरा बिल्डर गौरव धीर जिस पर रेड हुई वो कुछ दिन पहले Chandigarh Municipal Corporation के कार्यक्रम में राज्यपाल के साथ मंच साझा कर रहा था। लेकिन ईडी ने इसके बारे में भी नहीं लिखा कि इसके बीजेपी से नज़दीकी संबंध हैं? ये विडियो देखकर बीजेपी और ईडी को शायद थोड़ी शर्म आए।
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चंपावत मामले में पुलिस ने कहा- सामूहिक बलात्कार नहीं, गवाह ने रचा षडयंत्र

Dehradun, Uttarakhand:एंकर चंपावत में सामूहिक बलात्कार की घटना के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि सामूहिक बलात्कार की घटना नहीं हुई है यह एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया है। मामले में गवाह बनकर घूम रहे व्यक्ति ने ही पूरा षड्यंत्र रचा है। इस मामले में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा है कि इस घटना की जब जानकारी मिली थी तब अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि पीड़ित के अधिकारों को संरक्षित करते हुए कार्रवाई की जाए। लेकिन अब जब पुलिस ने मामले का खुलासा किया है तो ऐसे में यह ज्यादा जरूरी हो जाता है कि वह आरोपी जिसने नाबालिक को बहला फुसलाकर यह षड्यंत्र रचा है उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश का नाम खराब करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए
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रुद्रपुर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मजार बनाने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा

Vijayawada, Andhra Pradesh:स्लग – अवैध मजार स्थान– उधम सिंह नगर रिपोर्टर – विजय आहूजा ऐंकर – धामी सरकार के लैंड जेहाद के खिलाफ चल रहे बुलडोजर अभियान के बाद भी एक विशेष समुदाय के लोग सरकारी जमीनों पर कब्जा करने और मजार बनाने की हरकतों को छोड़ नहीं पा रहे है। रुद्रपुर में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक मुस्लिम ने पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके घर बना दिया और फिर अपने पिता की मृत्यु के बाद उनका शव घर में दफना कर मजार बना दी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने घर को सील कर दिया है वही मेयर विकास शर्मा ने अवैध मजार को ध्वस्त करने के निर्देश दिए है। पिछले दिन मेयर विकास शर्मा, अपर जिला अधिकारी पंकज उपाध्याय सहित नगर निगम और प्रशासन की टीम खेड़ा बस्ती में ईदगाह क्षेत्र की खाली जमीन का निरीक्षण कर रहे थे इसी दौरान नदी किनारे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिलने पर टीम चांद मस्जिद के पास पहुंची तो प्रशासन को सरकारी भूमि पर एक मकान बना हुआ दिखाई दिया जब प्रशासनिक टीम ने मकान के भीतर निरीक्षण किया तो अंदर एक मजार बनी हुई थी। जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारम्भिक जांच में अधिकारियों को जानकारी मिली कि अब्बास नामक व्यक्ति ने अपने पिता को घर के अंदर दफनाकर उसे मजार का रूप दे दिया है। आरोप है कि अब्बास ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके आसपास के प्लॉट भी बेच डाले हालांकि प्रशासन को मौके पर अब्बास नहीं मिला। जिसके बाद प्रशासन ने भवन को सील कर दिया। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाधय ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराकर अब्बास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा वहीं मेयर विकास शर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था की आड़ में सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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विश्व थैलेसीमिया डे पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट से राहत, जीवन बचाने की उम्मीद बढ़ी

Jaipur, Rajasthan:आज विश्व थैलेसीमिया डे है। थैलेसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) की मदद से इसका स्थायी उपचार संभव हो चुका है। बीएमटी की वजह से आज के समय में थैलेसीमिया से पीड़ित लोगों की जान भी बचाई जा रही है। थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। लंबे समय तक बार-बार रक्त चढ़ाने से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय, लिवर, हार्मोन एवं ग्रोथ संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मरीजों के लिए नियमित उपचार और विशेषज्ञ निगरानी अत्यंत आवश्यक होती है। हालांकि बोन मैरो ट्रांसप्लांट वर्तमान में थैलेसीमिया का सबसे प्रभावी और स्थायी उपचार माना जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज के खराब बोन मैरो को स्वस्थ स्टेम सेल्स से बदला जाता है, जिससे शरीर सामान्य रूप से स्वस्थ रक्त बनाना शुरू कर देता है। यदि मरीज को समय पर उपयुक्त डोनर मिल जाए, विशेष रूप से भाई-बहन में मैचिंग डोनर होने पर, तो बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सफलता दर काफी बेहतर होती है। अब हैप्लो-आइडेंटिकल ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक तकनीकों के कारण परिवार के अन्य सदस्यों से भी ट्रांसप्लांट संभव हो रहा है, जिससे अधिक मरीजों को उपचार का अवसर मिल पा रहा है। कम उम्र में किया गया बोन मैरो ट्रांसप्लांट बेहतर परिणाम देता है और इससे मरीज को भविष्य में बार-बार रक्त चढ़ाने और आयरन संबंधी दवाइयों की आवश्यकता से राहत मिल सकती है। राजस्थान सरकार की मां योजना और केन्द्र स्तर पर कॉल इंडिया प्रोग्राम के तहत थैलेसीमिया रोगी का निःषुल्क बीएमटी होता है। थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों में शुरुआती छह माह से एक साल के बीच ही खून की कमी होने लगती है। इसके प्रमुख लक्षणों में शरीर में अत्यधिक कमजोरी, चेहरा पीला पड़ना, बार-बार बुखार या संक्रमण होना, भूख कम लगना, वजन और लंबाई का सही तरीके से विकास नहीं होना, पेट का फूलना, सांस फूलना तथा बच्चे का जल्दी थक जाना शामिल हैं। बच्चों में बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। डॉ माथुर ने बताया कि यदि बच्चे में यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर थैलेसीमिया की जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान होने से उपचार बेहतर तरीके से संभव हो पाता है। बार-बार ब्लड चढ़ाने पर ऐलो इम्यूनाइजेशन का खतरा रहता है। थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए विवाह पूर्व और गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। यदि दोनों माता-पिता थैलेसीमिया माइनर हों तो बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने का खतरा करीब 25 फीसदी रहता है। ऐसे में समय पर जांच और जेनेटिक काउंसलिंग से इस बीमारी को रोका जा सकता है。
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अजमेर पुलिस ने लापता बच्ची को परिजनों को सौंपकर समाज के प्रति कर्तव्य निभाया

Ajmer, Rajasthan:उत्तर प्रदेश से दरगाह जियारत करने आए एक जायरीन परिवार की 4 वर्षीय छोटी बच्ची को लापता होने के बाद परिजनों से पुनः मिला कर अजमेर पुलिस ने सामाजिक सरोकार निभाया. पुलिस के मुताबिक जायरीन परिवार दरगाह के पास एक होटल में ठहरा था. होटल के बाहर से बच्ची खेलते खेलते परिवार की नजरों से ओझल हो गई. आस पास तलाश पर जब बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने दरगाह थाने पर बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करवाई. पुलिस ने इस पर बच्ची का फोटो कंट्रोल रूम के माध्यम से सर्कुलेट कर दिया. लगभग 4 घंटे बाद यह गुमशुदा बच्ची मदार गेट पुलिस चौकी के पास रोती बिलखती पुलिस ASI कैलाश चंद को मिली. मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को देकर बच्ची को दरगाह थाने लाया गया, जहां उसने अपने परिजनों को पहचान लिया. अपनी बच्ची को पुनः पाकर परिवार अजमेर पुलिस की प्रशंसा करता रहा. ASI कैलाश चंद ने बताया कार्यवाही के बाद गुमशुदा बच्ची को परिजनों को सौंप दिया गया.
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पद नहीं, संस्कार बड़े: सीधी कलेक्टर नवविवाहिताओं के चरण स्पर्श से इंसानियत दिखा दी

Sidhi, Madhya Pradesh:“जहाँ पद बड़ा नहीं, संस्कार बड़े दिखे…” सीधी कलेक्टर की अनोखी पहल ने जीता लोगों का दिल मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह उस समय भावुक और प्रेरणादायक बन गया, जब कलेक्टर विकास मिश्रा ने नवविवाहित कन्याओं के चरण स्पर्श कर भारतीय संस्कृति और सम्मान की अनूठी मिसाल पेश की। सीधी जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र कुसमी के गोतरा गांव में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। मंच पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच उस समय सभी की नजरें कलेक्टर विकास मिश्रा पर टिक गईं, जब उन्होंने नवविवाहित बेटियों के पास जाकर विनम्रता से उनके चरण स्पर्श किए। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश देने वाला क्षण बन गया। आमतौर पर बड़े पदों पर बैठे लोगों से दूरी और औपचारिक व्यवहार देखने को मिलता है, लेकिन कलेक्टर ने यह साबित कर दिया कि असली महानता पद में नहीं, बल्कि संस्कार और सम्मान में होती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। ग्रामीणों और उपस्थित महिलाओं ने कहा कि बेटियों को सम्मान देने का यह तरीका समाज के लिए प्रेरणा है। कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कलेक्टर विकास मिश्रा की सादगी, विनम्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की प्रशंसा कर रहे हैं। यूजर्स लिख रहे हैं“यही हैं भारतीय संस्कार…”“पद नहीं, व्यक्तित्व बड़ा होना चाहिए…”“ऐसे अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा हैं…”आज जब समाज आधुनिकता की दौड़ में अपने संस्कारों से दूर होता दिख रहा है, तब सीधी के कलेक्टर की यह पहल लोगों को यह याद दिलाती है कि सम्मान, विनम्रता और संस्कृति ही भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत है।यह भावुक दृश्य अब केवल एक कार्यक्रम की याद नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सकारात्मक संदेश बन चुका है।
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जगदलपुर में यूरिया आवंटन में अनियमितता: बस्तर से कोंडागांव भेजा गया यूरिया

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में यूरिया वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है, दरअसल रैक हैंडलर की मनमानी के चलते बस्तर जिले के हिस्से का यूरिया कोंडागांव जिले में भेज दिया गया, इस मामले का खुलासा होने के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए रैक हैंडलर से जुड़ी संस्था पर प्रतिबंधात्मक करवाई की, दरअसल 22 अप्रैल को मार्कफेड के द्वारा 26 सौ टन यूरिया बस्तर संभाग के लिए भेजा गया था, लेकिन ऊर्वरक एवं रसायन लिमिटेड से जुड़े रैक हैंडलर ने मनमानी तरीके से 100 टन यूरिया बस्तर जिले के स्थान पर कोंडागांव जिले में भेज दिया आरोप है कि रैक हैंडलर की बस्तर जिले के सोनारपाल और कोंडागांव जिले के घोड़ागांव में यूरिया बेचने का भी काम करता है, रैक हैंडलर ने कोंडागांव जिले में स्थित अपनी संस्था में 100 टन यूरिया भेज दिया था इसका खुलासा होते ही कृषि विभाग ने बस्तर जिले के सोनारपाल में संचालित भानु कृषि सेवा केंद्र में 21 दिन के लिए यूरिया के थोक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है, विभाग का कहना है कि जिले में किसानों की संख्या और उपज के आधार पर यूरिया का अलॉटमेंट किया जाता है दूसरी जिले में यूरिया भेजने से बस्तर जिले के किसानों को यूरिया की शॉर्टेज का सामना करना पड़ सकता है, इस स्थिति के मद्देनजर रैक हैंडलर से जुड़ी संस्था पर प्रतिबंधात्मक करवाई की गई है।
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