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श्रीमाधोपुर में चुनाव प्रशिक्षण और मतगणना स्थल का निरीक्षण

Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर जिला कलेक्टर व एसपी पहुंचे श्रीमाधोपुर कलेक्टर आशीष मोदी,एसपी प्रवीण नायक नुनावत पहुंचे पोलिंग पार्टियों के प्रशिक्षण स्थल , राजकीय कन्या महाविद्यालय में किया मतगणना स्थल का निरिक्षण,पोलिंग पार्टियों को दिए दिशानिर्देश,प्रशिक्षण के दौरान दिए आवश्यक दिशानिर्देश, एसडीएम सौरव भाम्बु तथा तहसीलदार राजेश पूनियां एवं पुलिस के अधिकारी भी रहें मौजूद एंकर श्रीमाधोपुर में कल होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत श्रीमाधोपुर पहुंचे। अधिकारियों ने राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित पोलिंग पार्टियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान पोलिंग पार्टियों को ईवीएम मशीन के संचालन, मतदान प्रक्रिया, चुनाव संबंधी नियमों एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने मतदान प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। वहीं एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला कलेक्टर और एसपी ने 14 सितंबर को होने वाली मतगणना के लिए निर्धारित राजकीय कन्या महाविद्यालय स्थित मतगणना स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, कार्मिकों की आवाजाही, ईवीएम के सुरक्षित रखरखाव तथा मतगणना प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सौरव भाम्बु, तहसीलदार राकेश पूनियां सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।इस बार मतदान के बाद 14 सितंबर को राजकीय कन्या महाविद्यालय में मतगणना करवाई जाएगी।
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दिल्ली हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में सरकार से ठोस कदम की मांग तेज

Raipur, Chhattisgarh:दिल्ली के 5 मंजिला इमारत गिरने से 7 छात्रों की मौत के मामले में PCC chief दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में भी सरकार को संज्ञान लेना चाहिए. इन घटनाओं को देखते यहां पुराने भवनों का आकलन करके उन्हें पहचानना चाहिए. दीपक बैज ने खराब सड़कों को लेकर सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक भी सड़क ऐसी नहीं बची हैं जिसकी हालत ठीक हो. सरगुजा, बस्तर, जशपुर लगभग सभी सड़के खत्म हो चुके हैं. इन गड्ढों को भरने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं हैं. आम जन में भी आक्रोश हैं, धरना प्रदर्शन हो रहा है. रामविचार नेताम खुद गड्डे में फंसे रहे. उसके बाद भी मंत्री विकास होने के दावा कर रहे हैं.
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इलाहाबाद कोर्ट: ‘सर तन से जुदा’ नारे देश की एकता के लिए खतरा

Noida, Uttar Pradesh:दिनेश फलाहारी महाराज जी , अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास यह बहुत अच्छा फैसला आया है , संत समाज धयवाद देते है , ऐसे आक्रामक नारो की वजह से दंगे हो जाते हैं , आक्रोश बढ़ता है , न्यायलय के आदेश का सभी को स्वागत करना चाहिए . इस पर रिएक्शन मंगवाएं.. हिंदू संतों के या हिंदू संगठन के.. दूसरी तरफ मौलाना के.. सर तन से जुदा' नारा देश के लिए खतरा' इलাহाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान मौखिक और लिखित रूप से कड़ी टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा’ जैसे नारे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खुली चुनौती हैं. अदालत ने इसे ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’, ‘जय श्री राम’ या ‘सत श्री अकाल’ जैसे पारंपरिक धार्मिक नारों से बिल्कुल अलग बताया और इसे स सशस्त्र विद्रोह के लिए सीधा उकसावा करार दिया
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भागलपुर में गंगा बाढ़: पढ़ाई ऑनलाइन, स्थायी तटबंध की मांग तेज

Naya Chak, Bihar:भागलपुर में गंगा की बाढ़ ने हर तरफ हाहाकार मचा रखा है। आम लोगों के साथ-साथ अब इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुका है। हालात ऐसे हैं कि कॉलेज परिसर से लेकर भवन के प्रथम तल तक करीब 5 फीट से अधिक पानी जमा है। इस इलाके में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर से भी अधिक ऊपर बह रहा है, जिसके कारण आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज में पानी घुसने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के हॉस्टलों को भी खाली करवाना पड़ा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई फिलहाल ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि इंजीनियरिंग कॉलेज में बाढ़ का यह कोई नया संकट नहीं है। लगभग हर साल गंगा का पानी यहां पहुंच जाता है और करीब 20 दिन से लेकर एक महीने तक कॉलेज परिसर जलमग्न रहता है। इसका सीधा असर शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है। लगातार हो रही इस परेशानी के बीच अब स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार इंजीनियरिंग कॉलेज के ठीक पीछे गंगा किनारे एक मजबूत और स्थायी तटबंध का निर्माण कर दे, तो इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ-साथ आसपास मौजूद कई शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालय परिसर भी हर साल बाढ़ की त्रासदी से बच सकते हैं। सवाल यही है कि हर साल शिक्षा के मंदिर में घुसने वाले इस बाढ़ के पानी से आखिर स्थायी राहत कब मिलेगी?
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यूपी सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में 4000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है. प्रदेश की करीब 3.28 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इसका लाभ मिलेगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4 हजार रुपये और सहायिकाओं का 2 हजार रुपये बढ़ाया गया. चुनाव से पहले सरकार का फोकस ग्राउंड लेवल पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों पर माना जा रहा है. पहले बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात रसोइयों के मानदेय और सुविधाओं में भी वृद्धि की गई थी. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी और अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. प्रदेश में 1.89 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 1.39 लाख सहायिकाएं हैं. मानदेय बढ़ने से सवा तीन लाख से अधिक परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर तक पहुंच है. सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी उनकी अहम भूमिका रहती है. प्रदेश में 71,310 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई है. इनमें 21,804 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं. प्रदेश की करीब 3.28 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इसका लाभ मिलेगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4 हजार रुपये और सहायिकाओं का 2 हजार रुपये बढ़ाया गया. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी को भी बड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है जिसका फायदा यूपी चुनाव में दिखाई पड़ेगा.
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रायपुर में ITMS और PA सिस्टम से ट्रैफिक नियंत्रण, जाम पहले ही काबू

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ट्रैफिक पुलिस लगातार तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। शहर के व्यस्त चौराहों और मार्गों पर जाम और भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए अब PA सिस्टम के जरिए मौके पर ही अनाउंसमेंट किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS सेंटर से शहर के प्रमुख चौराहों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी यातायात का दबाव बढ़ता है या अनावश्यक भीड़ दिखाई देती है, वहां PA सिस्टम के जरिए वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने की अपील की जाती है। इस पहल से जाम की स्थिति बनने से पहले ही यातायात को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा नहीं करने की अपील की है।
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कोचिंग बंद कर संचालक फरार, छात्रों का हंगामा

Noida, Uttar Pradesh:कोचिंग बंद कर संचालक फरार, छात्रों का हंगामा लखनऊ के कपूरथला इलाके में कोचिंग संचालक पर सैकड़ों छात्रों के साथ धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। SSC, यूपी पुलिस और TET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली Galaxy Classes अचानक बंद हो गई। आरोप है कि कोचिंग संचालक 500 से ज्यादा छात्रों से हजारों रुपये फीस लेने के बाद फरार हो गए। कई महीनों से शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने की भी बात सामने आई है। कोचिंग बंद होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह तस्वीरें लखनऊ के कपूरथला इलाके की हैं जहां Galaxy Classes के बाहर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे हैं। हाथों में शिकायतें और चेहरे पर नाराजगी वजह है कोचिंग का अचानक बंद हो जाना। छात्रों का आरोप है कि Galaxy Classes में SSC, यूपी पुलिस और TET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। यहां 500 से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे थे। आरोप है कि छात्रों से 8 हजार से 16 हजार रुपये तक सालाना फीस ली गई। लेकिन अब आरोप है कि फीस लेने के बाद कोचिंग संचालक ने संस्थान बंद कर दिया। छात्र जब कोचिंग पहुंचे तो उन्हें वहां ताला मिला। संचालक और मैनेजर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। "हमने फीस जमा की थी... लेकिन अब कोचिंग बंद है। संचालक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हमारी पढ़ाई और पैसे दोनों फंस गए हैं." मामला सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है। आरोप है कि कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया। इसके बाद छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों में भी नाराजगी है। "हमने परीक्षा की तैयारी के लिए फीस दी थी। अचानक क्लास बंद कर दी गई। हमें कोई जानकारी नहीं दी गई कि आगे पढ़ाई कैसे होगी." छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद अलीगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों से जानकारी ली और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्रों की शिकायत, फीस से जुड़े दस्तावेज और कोचिंग संचालक से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। आरोप है कि कोचिंग के मालिक अजय कुमार और मैनेजर अवनीश कुमार फिलहाल मौके पर मौजूद नहीं हैं। पुलिस दोनों से संपर्क करने और पूरे मामले की वास्तविकता पता लगाने में जुटी है।
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सत्य निकेतन हादसे में दुर्ग के युवराज सोनी की मौत, दोस्त ने क्या कहा

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में दुर्ग के रहने वाले 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बी.कॉम का छात्र था महज 04 दिन पहले ही दिल्ली वापस लौटा था फिलहाल युवराज का पार्थिव शरीर लेकर उसके पिता जी एम्बुलेंस से दुर्ग आ रहे है. वी/ओ-हादसे के वक्त युवराज अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था दोनों बाहर घूमने जाने की योजना बना रहे थे बातचीत के दौरान अचानक युवराज की आवाज आनी बंद हो गई आर्यन फोन पर लगातार हेलो-हेलो करता रहा लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला करीब एक मिनट बाद फोन भी कट गया जब काफी देर तक युवराज से संपर्क नहीं हुआ और सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर सामने आई तो आर्यन घबराकर तुरंत मौके पर पहुंचा वहां मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था कई घंटे तक तलाश के बाद आर्यन को युवराज की मौत की खबर मिली फिलहाल युवराज सोनी का शव एम्स ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है युवराज कन्हैया सोनी का इकलौता बेटा था परिवार में माता-पिता और उसकी छोटी बहन है जो 9 वीं कक्षा में पढ़ती है पिता मेडिकल स्टोर चलाते हैं बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन दिल्ली रवाना हो गए थे फिलहाल परिजनों ने अंतिम यात्रा की तैयारी भी पूरी कर ली है. बाईट-1-कुलेश्वर सोनी मृतक के बड़े पापा वी/ओ-2-मृतक के दोस्त चिराग शर्मा ने बताया की युवराज पढ़ाई में बहुत ही होनहार था वह इस बनकर देश की सेवा करना चाहतता था इसलिए उसने देश के सबसे अग्रणी दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत मोतीलाल नेहरू कॉलेज को चुना था जहां वह बीकॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था बहुत ही शांत स्वभाव का युवराज इस तरह छोड़ कर चले जाएगा इसकी उम्मीद नहीं थी. बाईट-चिराग शर्मा मृतक का दोस्त
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हाईकोर्ट: 90 दिन में आदेश नहीं तो निलंबन स्वतः अमान्य नहीं

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को विभागीय चार्जशीट निर्धारित समय सीमा के भीतर दे दी गई है, तो 90 दिन के भीतर निलंबन अवधि बढ़ाने का आदेश पारित न होने के आधार पर निलंबन अपने आप अमान्य या प्रभावहीन नहीं होता चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कर्मचारी का निलंबन निरस्त कर उसे हुए तत्काल सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते सक्षम प्राधिकारी को यह निर्देश दिया कि वह निलंबन जारी रखने की आवश्यकता पर नए सिरे और निष्पक्ष रूप से विचार करे। याचिकाकर्ता कोरबा कलेक्टर कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ था। आईपीसी की धारा 509 (बी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट), 2000 की धारा 67 (ए) के तहत दर्ज एफआईआर के सिलसिले में 48 घंटे के अधिक समय तक हिरासत में रहने कारण, उसे 25 मार्च 2022 को एक आदेश जारी कर 23 मार्च 2022 से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद, 20 अप्रैल 2022 को कर्मचारी को विभागीय चार्जशीट दी गई। हालांकि, निलंबन की तारीख से 90 दिनों के भीतर उसकी निलंबन अवधि बढ़ाने का कोई आदेश पारित नहीं किया गया। लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद, सक्षम प्राधिकारी ने 28 अगस्त 2023 को आदेश जारी कर निलंबन की अवधि को आगे बढ़ा दिया।कर्मचारी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 18 जनवरी, 2024 को सिंगल बेंच ने मूल निलंबन आदेश और 28 अगस्त 2023 के विस्तार आदेश को निरस्त कर दिया तथा कर्मचारी को तत्काल सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया। इस फैसले के खिलाफ कलेक्टर कोरबा ने 100 दिनों की देरी माफी के आवेदन के साथ यह रिट अपील दायर की, जिसे डिवीजन बेंच ने स्वीकार कर लिया।
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