icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
804408
Mukesh KumarMukesh KumarFollow19 Jul 2024, 06:29 pm

जहानाबाद में गर्मी के कारण 10 छात्रा की बिगड़ी तबियत, बेहोशी हालत में एक को भेजा गया अस्पताल

Jehanabad, Bihar:

जहानाबाद के दक्षिणी स्थित डॉ भीम राव अंबेडकर छात्रावास में गर्मी के कारण 10 छात्रा की हालत बिगड़ी गई। जिसमें एक छात्रा बेहोश हो गई। वहीं आनन-फानन में सभी छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इस घटना से होस्टल में हड़कंप मच गया। बता दें कि जहानाबाद में इन दिनों लगातार गर्मी का प्रकोप बढ़ा हुआ है, इसके चलते लोगों को बेचैनी महसूस हो रही है। डॉक्टर का कहना है गर्मी से सिर दर्द व कमजोरी हो गई जिसके कारण ये सभी बीमार पड़ गए। फिलहाल मामले में स्कूल प्रशासन ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

8.65 करोड़ के अजूबा पुल पर अप्रोच रोड नहीं, ग्रामीणों ने बनाई लोहे की सीढ़ी

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड और रोसड़ा प्रखंड स्थित कलवाड़ा घाट का पुल विकास की बजाय अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। सरकारी योजना के तहत बना यह हाईटेक पुल आज इलाके में ‘अजूबा पुल’ के नाम से चर्चित हो चुका है। पुल का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन दोनों ओर अप्रोच रोड नहीं बनने के कारण लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को पुल पार करने के लिए लोहे की सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। मृत बागमती नदी पर डगरुआ-बलहा के बीच नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2013 में करीब 865.517 लाख रुपये की लागत से इस RCC उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया गया था। पुल का शिलान्यास तत्कालीन विधायक अशोक कुमार मुन्ना ने किया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अब तक अप्रोच पथ का निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण खानपुर और रोसड़ा प्रखंड के दर्जनों गांवों के लोगों को आज भी करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुद पहल की। गांव-गांव जाकर प्रति घर 200 से 400 रुपये तक चंदा इकट्ठा किया गया और पुल पर चढ़ने-उतारने के लिए लोहे की सीढ़ियां लगवाई गईं। अब लोग इन्हीं सीढ़ियों के सहारे जोखिम उठाकर पुल पार कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि सरकारी व्यवस्था और विकास योजनाओं की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासी ने बताया कि वर्ष 2013 से ही पुल की यही स्थिति बनी हुई है। गर्मी के दिनों में लोग किसी तरह नीचे से रास्ता निकाल लेते हैं, लेकिन बरसात के दौरान हालात बेहद खराब हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद के कारण अप्रोच रोड का निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। ग्रामीणों ने पुल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल की सतह पर हाथ फेरने से बालू झरने लगती है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होती है। लगभग आधा दर्जन से अधिक गांवों और दस हजार से ज्यादा आबादी के लिए बना यह पुल आज सुविधा के बजाय संघर्ष का प्रतीक बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुल से इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद थी, वही आज परेशानी का कारण बन गया है। किसान, छात्र, मरीज और आम लोग रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अप्रोच पथ का निर्माण पूरा कराया जाए, पुल की गुणवत्ता की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए।
0
0
Report

बागेश्वर धाम के ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन में लाखों श्रद्धालुओं ने सहभागिता दर्ज की

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -बागेश्वर धाम में छठवें ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 को प्रथम हवन के साथ हुई थी, जिसके बाद यह अभियान निरंतर श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहा है।,छठवें हवन में बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की उपस्थिति में धाम पर पहुंचे लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां अर्पित कीं। वहीं ऑनलाइन माध्यम से देश-विदेश के लगभग 1 लाख परिवारों ने अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और कार्यालयों में हवन कर इस आयोजन में सहभागिता निभाई,यह हवन परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्यता तथा व्यापार और कार्यक्षेत्र में उन्नति की कामना के उद्देश्य से आयोजित किया गया। बाबा बागेश्वर ने बताया कि भारत सहित लगभग 13 अन्य देशों के श्रद्धालु भी इस ऑनलाइन हवन अभियान से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से आहुतियां देकर सनातन परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक हवन से न केवल सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं का संरक्षण हो रहा है, बल्कि विश्वभर के सनातनियों में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरूकता भी बढ़ रही है। घर-घर हवन की परंपरा पुनर्जीवित होकर समाज को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य कर रही है,इस अवसर पर बाबा बागेश्वर ने आगामी सातवें ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन की घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं से 17 जुलाई को हवन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई सातवा हवन को बागेश्वर धाम से यह विशेष अनुष्ठान पुनः आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक परिवारों को जुड़कर हवन की आहुतियां अर्पित करनी चाहिए।पूरे अनुष्ठान का संचालन और मंत्रोच्चारण रसाचार्य द्वारा वैदिक विधि-विधान के साथ कराया गया, जिसके साथ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ एवं हवन संपन्न किया। बीडीओ-धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री -पीठाधीश्वर
0
0
Report
Advertisement

CBI FIR पर रविशंकर महाराज केस: HC ने गर्मी की छुट्टियों में सुनवाई से इनकार

Bilaspur, Chhattisgarh: बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो CBI द्वारा दर्ज एफआईआर, चार्जशीट को चुनौती देने वाली श्री रविशंकर महाराज की याचिका पर ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए याचिका को आगामी 15 जून को नियमित बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु व जस्टिस एनके चंद्रवंशी की डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता वैभव ए. गोवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग VC के माध्यम से उपस्थित होकर कोर्ट को बताया, इसी एफआईआर से जुड़े एक सह-आरोपी की याचिका पर हाई कोर्ट की नियमित बेंच में सुनवाई चल रही है। सीबीआई की ओर से यह भी दलील दी गई, हालांकि याचिकाकर्ता ने एफआईआर और चार्जशीट को चुनौती दी है, लेकिन उन्हें निचली अदालत से बीते 6 अप्रैल 2026 को ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में मामले में कोई ऐसी तात्कालिकता नहीं है, अधिवक्ता ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुनवाई करने की मांग की।याचिकाकर्ता रविशंकर महाराज की ओर से सीनियर एडवोकेट मनु शर्मा ने पैरवी की। सीनियर एडवोकेट ने डिवीजन बेंच से कहा, 18 जून 2026 को निचली अदालत में मामले में आरोप तय करने के बिंदु पर विचार होना है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि हाई कोर्ट से कोई अंतरिम राहत या सुरक्षा नहीं मिलती है, तो निचली अदालत में कार्यवाही आगे बढ़ जाएगी, इसलिए मामले की तुरंत सुनवाई जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने माना, चूंकि याचिकाकर्ता पहले से ही जमानत पर हैं, इसलिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इस पर विचार करने का कोई ठोस कारण नहीं है। हालांकि, 18 जून को होने वाली निचली अदालत की कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने मामले को 15 जून 2026 को नियमित बेंच के सामने लगाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही तत्काल सुनवाई के लिए दायर अंतरिम आवेदन को कोर्ट ने निराकृत कर दिया है।
0
0
Report

शासकीय अधिवक्ताओं ने 50% फीस वृद्धि को ऐतिहासिक निर्णय कहा

Noida, Uttar Pradesh:ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति शासकीय अधिवक्ता समुदाय ने जताया आभार, एक दशक बाद फीस वृद्धि का किया स्वागत महाधिवक्ता और उनकी पूरी टीम ने जताया आभार, कहा, ऐतिहासिक निर्णय राज्य हितों की प्रभावी पैरवी को मिलेगा नया बल, शासकीय अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद रिटेनरशिप एवं बहस फीस में 50% तक वृद्धि से अधिवक्ताओं में उत्साह, मुख्यमंत्री के निर्णय को बताया बहुप्रतीक्षित 05 जून, लखनऊ:- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न न्यायालयों में state government की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप एवं बहस फीस में वृद्धि किए जाने के निर्णय का अधिवक्ता समुदाय ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। राज्य के महाधिवक्ता और उनकी पूरी टीम ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है। जारी बयान में अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायालयों में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को समझते हुए इस विषय पर पहल की और अब उनके नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिमंडल ने रिटेनरशिप एवं बहस फीस में ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लेकर अधिवक्ता समुदाय की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षा को पूरा किया है। यह निर्णय केवल फीस वृद्धि का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायालयों में राज्य सरकार के मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पैरवी को और बल मिलेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जनपद न्यायालयों में कार्यरत जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, उप जिला शासकीय अधिवक्ता, नामित अधिवक्ता, विशेष अधिवक्ता एवं न्याय मित्रों से लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय में राज्य का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता, मुख्य स्थायी अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, ब्रीफ होल्डर, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड तथा विभिन्न श्रेणी के पैनल अधिवक्ताओं तक इस निर्णय का व्यापक लाभ Reach होगा। उन्होंने कहा कि बदलते न्यायिक परिदृश्य, मुकदमों की बढ़ती संख्या, जटिल विधिक विषयों तथा अधिवक्ताओं की बढ़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए पारिश्रमिक संरचना के पुनरीक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। विशेष रूप से जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में लगभग 10 वर्ष तथा महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्ष बाद संशोधन किया जाना प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समयानुकूल पुनरीक्षण की अवधारणा को स्वीकार करते हुए रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इससे अधिवक्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, राज्य के महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी तथा न्यायालयों में शासन का पक्ष पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा। सभी संबंधित अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के योगदान का सम्मान करते हुए न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने का कार्य किया है। यह निर्णय राज्य हितों की रक्षा, सुशासन की मजबूती तथा न्याय के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
0
0
Report

जांजगीर-चांपा पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 80 अफसर-कर्मचारी बदले, अपराध नियंत्रण तेज

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा जिले के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल। 80 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों का तबादला। 3 साल से अधिक समय से एक ही थाना, चौकी और यातायात शाखा में पदस्थ कर्मचारियों को बदला गया। यातायात शाखा से 23 पुलिसकर्मियों को विभिन्न थाना-चौकियों में भेजा गया, वहीं थानों से भी कर्मचारियों की यातायात्रा शाखा में पदस्थापना की गई। बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही में शुरू हो रहे नए पुलिस सहायता केंद्र के लिए प्रभारी सहित अलग से पुलिस बल तैनात किया गया। कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने जारी किया बड़ा प्रशासनिक आदेश। एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाकर जिलेभर में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बड़े फेरबदल को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है。
0
0
Report
Advertisement

उन्नाव DM का नवाचार: वीडियो मीटिंग से शिकायतों का क्वालिटेटिव निस्तारण

Unnao, Uttar Pradesh:शिकायतों के जनता दरबार में आने वाली शिकायतों को लेकर लगभग एक सी तस्वीर दिखाई देती है, शिकायतकर्ता शिकायत करता है और अधिकारी उसको मार्क कर अपने मातहतों को भेज देते हैं। कई बार शिकायत का निस्तारण हो जाता है लेकिन अधिकांश शिकायत निस्तारित नहीं होती, उन्नाव क़े DM घनश्याम मीणा ने इस समय इस जटिल समस्या का परमानेंट समाधान निकाला है, Zee media से बातचीत करते हुए उन्नाव क़े DM घनश्याम मीणा ने इस नवाचार के बारे में बताया की जनता दरबार के समय वो सभी अधिकारियों को जूम मीटिंग के माध्यम वीडियो कॉल पर जोड़ लेते हैं। जिस विभाग से जुड़ी समस्या होती है, सीधे उस विभाग के अधिकारी को वीडियो कॉल पर ही निर्देश देते हैं। उन्नाव में एक महीना पहले इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी,एक महीने का परिणाम यह है कि डीएम के पास शिकायतों की संख्या काफी कम पड़ गई है। DM घनश्याम मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जी का विजन है कि आम लोगों की शिकायतों का क्वालिटेटिव समाधान करना है। इसी को लेकर हमारे द्वारा एक नवाचार किया गया है जिसके माध्यम से हम सभी अधिकारियों को वीसी के माध्यम से 10 से 12 के बीच जोड़ते हैं। सभी तहसीलों के एसडीएम सभी ब्लॉकों के बीडीओ और सभी प्रमुख अधिकारियों को वीसी के माध्यम से जोड़ा जाता है। सभी को निर्देश दिया जाता है कि टाइम बाउंड मैनर में शिकायतों का क्वालिटेटिव निस्तारण किया जाए।
0
0
Report

चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अर्धनग्न महिला शव मिलने से सनसनी, पहचान की कोशिश जारी

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई जब प्रथम गेट पाडन पोल स्थित झरने के पास एक महिला का अर्धनग्न शव संदिग्ध अवस्था में मिला। शव मिलने की सूचना फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव करीब 3 से 4 दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी हुई है।
0
0
Report
Advertisement

झालावाड़ में लोन के नाम पर मानव तस्करी: 5 गिरफ्तार, 10 नाबालिग बचाई

Kota, Rajasthan:बैंकिंग न्यूज़: लोन के नाम पर मानव तस्करी और दस्तावेज़ जालसाजी का पर्दाफाश झालावाड़ (राजस्थान): पुलिस ने एक ऐसे अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ तले दबे परिवारों को निशाना बनाता था। यह गिरोह गरीब परिवारों को लोन और अच्छी कमाई का झांसा देकर उनकी नाबालिग बच्चियों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद, गिरोह इन बच्चियों के पहचान दस्तावेजों और अन्य पहचान पत्रों में फर्जी तरीके से उम्र बदलकर उन्हें बालिग दर्शाता था और मुंबई व नागपुर जैसे महानगरों के डांस बारों में देह व्यापार के लिए बेच देता था। पुलिस ने इस अमानवीय नेटवर्क को तोड़ते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है।
0
0
Report

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर अमिता श्रीवास ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया

Taga, Chhattisgarh:एंकर: जांजगीर-चांपा जिले के चाम्पा शहर के लिए आज गर्व और उत्सव का दिन रहा। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली बेटी अमिता श्रीवास स्वस्थ होकर अपने गृह नगर लौट आई हैं। 22 मई को 8,848 मीटर ऊंचे एवरेस्ट शिखर पर सफलता का परचम लहराने के बाद वापसी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर नेपाल के काठमांडू स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद घर पहुंचीं अमिता का चाम्पा में भव्य स्वागत किया गया। फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच नगरवासियों ने अपनी इस वीर बेटी का अभिनंदन किया। अमिता की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल जांजगीर-चांपा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा और साहस, संघर्ष तथा दृढ़ संकल्प का जीवंत उदाहरण बन गई है。
0
0
Report

योगी जन्मदिन पर वृक्षारोपण: कपिल देव ने बच्चों के साथ मां के नाम पेड़ लगाए

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर ब्रेकिंग विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन राज्यमंत्री कपिल देव ने स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ किया वृक्षारोपण विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर किया गया वृक्षारोपण मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने एक पेड़ मां के नाम लगाकर दिया संदेश मंत्री कपिल देव ने स्काउट गाइड्स को एक पेड़ मां के नाम लगाने का कराया संकल्प मंत्री कपिल देव ने कहा प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए पर्यावरण हमें जीवन देता है इसलिए वृक्षारोपण जरूरी है दिल्ली देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर किया गया वृक्षारोपण
0
0
Report
Advertisement

राहुल गांधी ने रुद्रपुर के छात्र इकनूर को जन्मदिन पर फोन से बधाई दी

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग– जन्मदिन की बधाई स्थान– उधम सिंह नगर ऐंकर–नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रुद्रपुर में रहने वाले इकनूर सिंह को फोन पर बधाई दी और दिल्ली आने का न्योता भी दिया। इकनूर नौवीं कक्षा का छात्र है। दरअसल 2023 में स्वर्ण मंदिर में इकनूर की मुलाकात राहुल गांधी से हुई थी। इकनूर तब अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवा करने अपने परिवार के साथ गया था उस दौरान राहुल गांधी भी सेवा कार्य में शामिल हुए थे। दो दिन तक राहुल और इकनूर ने एक साथ सेवा की इस दौरान राहुल और इकनूर ने मोबाइल नंबर शेयर किए थे जिसके बाद से दो लगातार एक दूसरे से कनेक्ट है ।अक्सर राहुल और इकनूर में मोबाइल पर बात होती है और राहुल इकनूर से पढ़ाई,खेलकूद और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी लेते थे। बृहस्पतिवार को इकनूर का जन्मदिन था और राहुल भी अल्मोड़ा की जनसभा में शामिल होने के लिए पंतनगर एयरपोर्ट आए थे। इस दौरान राहुल ने इकनूर को जन्मदिन की बधाई दी और इकनूर से खेल गतिविधियों की जानकारी भी ली। अब इकनूर और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
0
0
Report

सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर महादान रक्तदान

SSANDEEPFollow6m ago
Rampur Karkhana, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 55वें जन्मदिवस पर देवरिया में सेवा, समर्पण और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। जहां प्रदेश भर में मुख्यमंत्री का जन्मदिन उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, वहीं देवरिया के रामपुर कारखाना में सैकड़ों लोगों ने रक्तदान कर समाज सेवा का संदेश दिया। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सतीश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं का जोश देखते बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 55वें जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए रामपुर कारखाना में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शुरुआत में 55 लोगों के रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रति लोगों के उत्साह और सेवा भावना ने सभी अनुमान पीछे छोड़ दिए। बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक शिविर स्थल पर पहुंचे और रक्तदान कर मानवता की सेवा का संकल्प लिया। रक्तदान शिविर में पूरे दिन लोगों की भीड़ उमड़ती रही। रक्तदाताओं ने कहा कि जन्मदिन मनाने का सबसे बड़ा तरीका जरूरतमंदों की जिंदगी बचाना है। वहीं आयोजकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सेवा और राष्ट्रहित के संकल्प से प्रेरित होकर यह आयोजन किया गया है, ताकि समाज में मानवता और परोपकार का संदेश पहुंचे। देवरिया में आयोजित यह रक्तदान अभियान अब चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ मुख्यमंत्री के जन्मदिन का उत्सव, तो दूसरी तरफ जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का संकल्प। रक्तदान करने पहुंचे लोगों ने साबित कर दिया कि सच्चा उत्सव वही है, जो किसी की जिंदगी में नई उम्मीद और नया जीवन लेकर आए। बाइट--सतीश चंद्र वर्मा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बाईट--नीरज शाही पूर्व राज्य मंत्री यूपी
0
0
Report

योगी सरकार ने शासकीय वकीलों की रिटेनरशिप-बहस फीस में 50% वृद्धि का निर्णय लिया

Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति शासकीय अधिवक्ता समुदाय ने जताया आभार, एक दशक बाद फीस वृद्धि का किया स्वागत महाधिवक्ता और उनकी पूरी टीम ने जताया आभार, कहा, ऐतिहासिक निर्णय राज्य हितों की प्रभावी पैरवी को मिलेगा नया बल, शासकीय अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद रिटेनरशिप एवं बहस फीस में 50% तक वृद्धि से अधिवक्ताओं में उत्साह, मुख्यमंत्री के निर्णय को बताया बहुप्रतीक्षित 05 जून, लखनऊ:- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप एवं बहस फीस में वृद्धि किये जाने के निर्णय का अधिवक्ता समुदाय ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। राज्य के महाधिवक्ता और उनकी पूरी टीम ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है। जारी बयान में अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायालयों में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को समझते हुए इस विषय पर पहल की और अब उनके नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिमंडल ने रिटेनरशिप एवं बहस फीस में ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लेकर अधिवक्ता समुदाय की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षा को पूरा किया है। यह निर्णय केवल फीस वृद्धि का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायालयों में राज्य सरकार के मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पैरवी को और बल मिलेगा。 अधिवक्ताओं ने कहा कि जनपद न्यायालयों में कार्यरत जिला shas4456gya अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, उप जिला शासकीय अधिवक्ता, नामित अधिवक्ता, विशेष अधिवक्ता एवं न्याय मित्रों से लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय में राज्य का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ताओं, अपर महाधिवक्ताओं, मुख्य स्थायी अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, ब्रीफ होल্ডर, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड तथा विभिन्न श्रेणी के पैनल अधिवक्ताओं तक इस निर्णय का व्यापक लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बदलते न्यायिक परिदृश्य, मुकदमों की बढ़ती संख्या, जटिल विधिक विषयों तथा अधिवक्ताओं की बढ़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए पारिश्रमिक संरचना के पुनरीक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। विशेष रूप से जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में लगभग 10 वर्ष तथा महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्ष बाद संशोधन किया जाना प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समयानुकूल पुनरीक्षण की अवधारणा को स्वीकार करते हुए रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इससे अधिवक्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, राज्य के महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी तथा न्यायालयों में शासन का पक्ष पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा. सभी संबंधित अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के योगदान का सम्मान करते हुए न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने का कार्य किया है। यह निर्णय राज्य हितों की रक्षा, सुशासन की मजबूती तथा न्याय के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top