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आगरा: नाले पर बनी दुकानों पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस, बुलडोजर की तैयारी

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग सुभाष बाजार में नाले पर बनी दुकानों पर नगर निगम का शिकंजा नाले के सहारे बनी दुकानों पर 3 दिन में अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा समय सीमा पूरी होने पर नगर निगम करेगा ध्वस्तीकरण, चल सकता है बुलडोजर नोटिस में नाले को 60–70 वर्ष पुराना व जर्जर बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी व्यापारियों का आरोप संपत्ति विभाग किराया वसूल रहा, अतिक्रमण विभाग बता रहा अवैध कब्जा मामले पर व्यापारियों ने नगर आयुक्त से की मुलाकात नगर आयुक्त के सामने रखा अपना पक्ष व्यापारियों ने कागजात दिखाने के लिये मांगा समय नगर आयुक्त ने two दिन में कागजात दिखाने के बाद पत्रावली अवलोकन के बाद निर्णय लेने की कही बात
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झुंझुनूं के कथित बाल विवाह मामले पर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:कथित बाल विवाह मामले को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन गोरक्षक संगठन और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसपी को ज्ञापन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल "शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं" का आरोप कथित बाल विवाह मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी मंड्रेला थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित बाल विवाह के मामले को लेकर मंगलवार को गोरक्षक संगठन और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टरेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 6 जुलाई को नाबालिग बालिका का कथित रूप से एक 40 वर्षीय व्यक्ति से विवाह कराया गया। उनका यह भी आरोप है कि 9 जुलाई को मंड्रेला थाने में इस संबंध में शिकायत के साथ कथित साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए, लेकिन इसके बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो नाबालिग बालिका का भविष्य प्रभावित हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच मानव तस्करी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर भी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि यदि किसी स्तर पर पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बालिका को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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CRD फेज-2 से राजस्थान में कारोबार और होमस्टे-शिक्षा प्रक्रियाएं आसान होंगी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान सरकार COMPLIANCE REDUCTION AND DEREGULATION (CRD) फेज-2 के तहत 28 बड़े सुधारों पर काम कर रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इन सुधारों की समीक्षा करते हुए विभागों को समयबद्ध अमल के निर्देश दिए। 16 सुधारों को केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 6 प्रस्ताव केंद्र के विचाराधीन हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) को सरल बनाने, परमिटेड अनटिल प्रोहिबिटेड सिद्धांत के अनुसार भूमि उपयोग व्यवस्था लागू करने तथा मास्टर प्लान बनने तक विकास और निर्माण स्वीकृतियों को सुगम बनाने पर चर्चा हुई। पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे पंजीकरण को आसान बनाने, अनावश्यक एनओसी खत्म करने और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के प्रस्तावों की समीक्षा भी हुई। लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, सेल्फ-डिक्लेरेशन आधारित अनुमोदन और जोखिम आधारित नियामक व्यवस्था लागू करने पर मंथन हुआ। निजी स्कूलों और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े भूमि, आधारभूत संरचना और अन्य नियामकीय प्रावधानों के युक्तिकरण पर भी विचार किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि सुधारों का उद्देश्य विकास की रफ्तार बढ़ाने के साथ जनहित और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाए रखना है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सुधारों को प्राथमिकता दें, जिनसे आमजन, उद्योग और व्यापार जगत को सीधे लाभ मिले। CRD फेज-2 के जरिए राज्य सरकार का फोकस केवल नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं है; सरकारी प्रक्रियाओं को कम जटिल, अधिक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाना है। अगर प्रस्तावित सुधार समयबद्ध तरीके से लागू होते हैं तो उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में कारोबार करना आसान होगा और आम लोगों को भी सरकारी अनुमतियों के लिए कम भागदौड़ करनी पड़ेगी। दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर
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दानतेश्वरी मंदिर खजाने के पारदर्शी ऑडिट की मांग तेज

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माँ दंतेश्वरी मंदिर एक बार फिर चर्चा में है, वजह है मंदिर के चढ़ावे, सोने-चांदी के आभूषण और उनसे जुड़े रिकॉर्ड पर उठ रहे सवाल, मंदिर के मुख्य पुजारी का दावा है कि वर्षों से चढ़ावे और आभूषणों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया, जबकि इस संबंध में की गई शिकायत और कोर्ट के आदेश के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी, अब मांग उठ रही है कि मंदिर के खजाने का पारदर्शी सत्यापन कराया जाए और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए, मुख्य पुजारी कृष्ण कुमार का कहना है कि रियासतकालीन दौर के आभूषणों का विस्तृत रिकॉर्ड सामने नहीं लाया गया, उनका आरोप है कि रिकॉर्ड केवल वजन तक सीमित है, जबकि आभूषणों की गुणवत्ता, शुद्धता और वास्तविक स्थिति का नियमित सत्यापन नहीं किया जाता, मंदिरों के रखरखाव और धार्मिक आयोजनों में हर साल बड़ी राशि खर्च होती है, ऐसे में श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े जानकारों का मानना है कि चढ़ावे, आभूषणों और मंदिर के खजाने का नियमित ऑडिट और सार्वजनिक रिकॉर्ड व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इस मामले में जिला कोर्ट ने 2020 में मंदिर समिति को ऑडिट का निर्देश दिया था लेकिन कोर्ट के इस आदेश का पालन भी नहीं हुआ।
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100 प्रतिशत मूंग खरीदी मांग पर किसानों का आंदोलन तेज, मुख्यमंत्री को ज्ञापन

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर नर्मदापुरम में किसानों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। यह आंदोलन अब सिर्फ किसान संगठनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम किसान भी बड़ी संख्या में इससे जुड़ रहे हैं। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर बिना किसी बैनर और संगठन के सैकड़ों किसान एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार की खरीदी सीमा का विरोध करते हुए एक पैर पर खड़े होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि सरकार की खरीदी नीति ने उन्हें असहाय बना दिया है। वीओ01- प्रदर्शन से पहले किसानों ने मां नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद जिला प्रशासन के माध्‍यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि बढ़ती लागत, महंगे बीज, खाद और मेहनत के बावजूद सरकार द्वारा तय की गई खरीदी मात्रा किसानों के साथ अन्याय है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रति हेक्टेयर केवल 1.20 क्विंटल मूंग खरीदी के फैसले को तानाशाही बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने तथा प्रदेश में 100 प्रतिशत मूंग खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की। बाइट(A1)- भगवति चोरे ( प्रदर्शनकारी किसान ) बाइट(A2)- नरेंद्र सोलंकी ( प्रदर्शनकारी किसान) बाइट(A3)- रमेश चोरे ( प्रदर्शनकारी किसान )
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NH-39 की दुर्दशा: पन्ना-छतरपुर मार्ग पर सुरक्षा दीवार टूटे, मार्ग जाम

Panna, Madhya Pradesh:पन्ना जिले को छतरपुर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 39 की हालत खराब है। गड्ढों के बीच सुरक्षा दीवार टूटी फूटी है या समाप्त ही है, साइड शोल्डर न भरे जाने से आये दिन लग रहा जाम। NHAI की उदासीन कार्यप्रणाली, पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से निकलने वाली मडला घाटियों में लगभग हर दिन लग रहा जाम, लाखों राहगीर परेशान। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के बीच NHAI ने बारिश शुरू होने के बाद 10 जुलाई 2026 को पन्ना टाइगर रिजर्व में सड़क के दोनों ओर साइड शोल्डर भरने की अनुमति के लिये आवेदन दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी कहते हैं कि NHAI अपने मन मुताबिक काम करना चाहती है। पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से बात करने पर वे कहते हैं कि प्रशासन लापरवाह है। पन्ना जिले से छतरपुर जिले को जोड़ने वाला यह मार्ग लाखों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है; लेकिन मौजूदा हालत से जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ा है।
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सीधी न्यायालय के आदेश पर महान नहर कार्यालय सील, भू-अर्जन बकाये के चलते

Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी. जिला न्यायालय के आदेश पर सोमवार (14 जुलाई 2026) को कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग सीधी का कार्यालय सील कर दिया गया। यह कार्रवाई माननीय जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार शर्मा तृतीय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की गई। जानकारी के अनुसार, प्रकरण क्रमांक EX-B/1600016/2016 (श्रीमती सुमित्राबाई बनाम म.प्र. शासन एवं अन्य) तथा EX-B/1600017/2016 (आशीष कुमार बनाम म.प्र. शासन एवं अन्य) में आदेश 21 नियम 54 के तहत न्यायालय ने सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कार्यालय के बाहर चस्पा किए गए न्यायालय के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सील किए गए भवन का उपयोग करना या सील से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना न्यायालय की अवमानना माना जाएगा, जिसके लिए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भू-अर्जन मुआवजे से जुड़ा है मामला प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला भू-अर्जन से संबंधित बकाया भुगतान को लेकर है। महान नहर संभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि बकाया राशि जमा करा दी गई है और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यालय की सील जल्द खुलवाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल न्यायालय के आदेश के चलते कार्यालय सील है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी。
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झुंझुनूं: खेतड़ी पंचायत प्रथम, 2 लाख पुरस्कार; स्वास्थ्य सेवा में चमके डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं विश्व जनसंख्या पखवाड़ा समापन पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह परिवार कल्याण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ सम्मान खेतड़ी पंचायत समिति जिले में रही प्रथम खेतड़ी पंचायत समिति को मिले 2 लाख रुपये हर ब्लॉक की उत्कृष्ट ग्राम पंचायत को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि डॉक्टर, एएनएम, आशा सहयोगिनी और स्वास्थ्यकर्मी हुए सम्मानित जनसंख्या स्थिरीकरण में बेहतर कार्य करने वालों को मिला सम्मान जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने किया सम्मानित सीएमएचओ बोले- स्वास्थ्य योजनाओं में झुंझुनूं को बनाएंगे अग्रणी विश्व जनसंख्या पखवाड़ा के समापन अवसर पर मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय के चुरू रोड स्थित अम्बेडकर भवन के सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग रहे। समारोह में पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, पीएमओ, आरसीएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, बीसीएमओ, चिकित्सा अधिकारी तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।कार्यक्रम में परिवार कल्याण एवं जनसंख्या स्थिरीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों, चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया।सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि वर्षभर परिवार कल्याण कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खेतड़ी पंचायत समिति को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जिसे 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अलावा जिले की प्रत्येक पंचायत समिति से एक-एक उत्कृष्ट ग्राम पंचायत का चयन कर 50-50 हजार रुपये की राशि दी गई। इस राशि का उपयोग संबंधित ग्राम पंचायत के उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास कार्यों में किया जाएगा।उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग की टीम पूरे वर्ष लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। विभाग का प्रयास है कि परिवार कल्याण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में झुंझुनूं प्रदेश में अग्रणी बना रहे। उन्होंने कहा कि जिले ने अंगदान और संकल्प पत्र अभियान में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है और अन्य योजनाओं में भी बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा गया है।जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि चिकित्सा विभाग ने जनसंख्या स्थिरीकरण और अन्य स्वास्थ्य मानकों पर बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित कर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों, एएनएम, आशा सहयोगिनियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान उनके बेहतर कार्य का सम्मान है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिलेगी।उन्होंने विश्वास जताया कि चिकित्सा विभाग की टीम भविष्य में भी बेहतर कार्य करते हुए आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बाइट 01 : डॉ. अरुण गर्ग, जिला कलेक्टर, झुंझुनूं बाइट 02 : डॉ. छोटेलाल गुर्जर, सीएमएचओ, झुंझुनूं (चश्मा लगाए हुए)
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