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ई-रिक्शा में यात्रियों का सामान चुराने वाली चार महिलाएं गिरफ्तार, 20 हजार रुपये बरामद

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollowJust now
Mau, Uttar Pradesh:मऊ। ई-रिक्शा में सफर के दौरान यात्रियों के सामान और नकदी पर हाथ साफ करने वाली चार महिलाओं को कोतवाली नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए 20 हजार रुपये लाल पर्स सहित बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गाजीपुर जिले के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के बिजहरी गांव निवासी सीमा देवी अपने मायके मऊ आ रही थीं। ट्रेन से उतरने के बाद उन्होंने आजमगढ़ मोड़ से ई-रिक्शा लिया। इसी दौरान सदर अस्पताल के पास चार अज्ञात महिलाएं भी ई-रिक्शा में सवार हो गईं। चारों महिलाएं तहसील सदर गेट के पास उतर गईं। उनके उतरने के बाद सीमा देवी ने अपना पर्स चेक किया तो उसमें रखे 20 हजार रुपये, सोने का लॉकेट और चांदी की पांच जूतियां गायब थीं। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने चारों महिलाओं पर चोरी करने का आरोप लगाया। पुलिस चारों महिलाओं को थाने ले गई, जहां महिला हेल्प डेस्क पर उपनिरीक्षक तृप्ति पाण्डेय ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से लाल पर्स सहित 20 हजार रुपये बरामद हुए।
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नेपाल से आ रही चरस खेप: मुजफ्फरपुर में DRI–STF ने 10 किलोग्राम पकड़ा

Muzaffarpur, Bihar:मujफ्फरपुर DRI और बिहार STF के संयुक्त कारवाई में चरस तस्करी का भंडाफोड़,10 किलोग्राम चरस जब्त, एक गिरफ्तार,बरामद चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़,नेपाल से बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी चरस की खेप। दरअसल देश में नशे के जाल को फैलाने वाली अंतरराष्ट्रीय ताकतों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की लगातर नज़र बनी हुई है और इसी करी मे डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुजफ्फरपुर और बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मिलकर एक अंतर-राज्यीय ड्रग्स तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है.DRI को खुफिया जानकारी मिली थी कि नेपाल के रास्ते भारत में भारी मात्रा में चरस की एक बड़ी खेप लाई जा रही है.इस सूचना पर मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की टीम ने भारत-नेपाल सीमा के बेहद दुर्गम इलाकों में जाल बिछाया और चरस तस्कर पर लगातार निगरानी रखी.तस्करों ने खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिराना प्लान बनाया था और वे इस ड्रग्स को कई अलग-अलग ट्रेनों और बसों के जरिए, रुक-रुक कर आगे भेजने वाले थे ताकि किसी को शक न हो,लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के आगे उनकी ये चाल फेल हो गई.गुरुवार दोपहर को टीम को पक्की खबर मिली कि एक संदिग्ध कैरियर बस के जरिए खेप लेकर निकल चुका है.बिना वक्त गंवाए, जॉइंट टीम ने पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के पास एक बस को रुकवाया और संदिग्ध तस्कर को दबोच लिया.पकड़े गए आरोपी की पहचान राजेश सहनी के रूप में हुई है और सुरक्षा एजेंसियों ने जब आरोपी के सामान की तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए.उसके पास से पूरे 10 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद हुई,जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.चरस के अलावा उसके पास से एक मोबाइल और कुछ कैश भी बरामद हुआ है.DRI और STF की टीम के पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कबूल किया है कि वह इस चरस को नेपाल से लेकर आया था.इसे उत्तर प्रदेश के बस्ती के रास्ते गुजरात के पाटन और देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाना था.यह सिंडिकेट उत्तर प्रदेश,पंजाब, हरियाणा,गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में फैले ड्रग्स नेटवर्क को नशा सप्लाई करता था.फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी राजेश सहनी को NDPS Act, 1985 की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है.DRI और बिहार STF अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के बाकी सदस्यों को बेनकाब करने, इसके मुख्य आकाओं तक पहुंचने और इस पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए आगे की तफ्तीश में जुट गई है.
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धनतेरस पर वैशाली में उपाध्यक्ष-पुलिस भिड़ंत, सीसीटीवी से सच्चाई सामने

Hajipur, Bihar:धनतेरस की शाम वैशाली के लालगंज में पुलिस और पूर्व नगर उपाध्यक्ष के बीच भिड़ंत से हड़कंप मच गया। तिनपुलवा चौक पर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना में पूर्व नगर उपाध्यक्ष दिलीप ठाकुर घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस और दिलीप ठाकुर, दोनों तरफ से मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। अब सीसीटीवी फुटेज से विवाद की सच्चाई सामने लाने की कोशिश हो रही है।दरअसल, दिलीप ठाकुर तिनपुलवा चौक के पास अपनी टायर दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान RD Travels की गाड़ी वहां रुकी और यात्री उतरने लगे। तभी लालगंज पुलिस मौके पर Reach पर पहुंची। किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों और दिलीप ठाकुर के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।आरोप है कि पुलिसकर्मी दिलीप ठाकुर को दुकान के पास खींचकर ले गए और उनके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए। वहीं पुलिस का भी आरोप है कि दारोगा और पूर्व नगर उपाध्यक्ष के बीच मारपीट हुई।घटना की सूचना पर एसडीपीओ गोपाल मंडल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। बाईट ---दिलीप ठाकुर घायल
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NTPC लेबर गेट पास दुर्गेश कॉम्प्लेक्स में भीषण आग, करोड़ों की संपत्ति जलकर राख

Barh, Bihar:बाढ़ एनटीपीसी लेबर गेट के पास शुक्रवार को दुर्गेश कॉम्प्लेक्स मार्केट में भीषण आग लग जाने से करोड़ों का सामान जलकर खाक हो गया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। मार्केट के अंदर आठ दुकानें आग की चपेट में आ गईं। इस भीषण अगलगी में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख होने کا दावा किया जा रहा है। वहीं, दुकानों में रखे 8 से 10 लाख रुपये कैश भी जलने की बात सामने आई है। दुर्गेश कॉम्प्लेक्स मार्केट में रितेश सिंह की कपड़ों की थोक दुकान सहित मोबाइल और टेंट-पंडाल से संबंधित दुकानें संचालित होती थीं। आग लगते ही देखते-देखते पूरे मार्केट में लपटें फैल गईं। कपड़े, मोबाइल फोन, टेंट-पंडाल का सामान और अन्य व्यवसायिक सामग्री आग की चपेट में आ गई। दुकानदारों का कहना है कि आग इतनी भयावह थी कि किसी भी दुकान से सामान निकालने का मौका नहीं मिला। आग के दौरान लगातार तेज धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी। शुरुआत में गैस सिलेंडर फटने की आशंका जताई गई, लेकिन दुकान मालिक के अनुसार, मोबाइल दुकान में रखे फोन की बैटरियां फटने से भी धमाके हो रहे थे।दुकानदारों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब एक घंटे तक का समय लग गया। दुकानदार का आरोप है कि यदि समय रहते दमकल की गाड़ियां पहुंच जातीं तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। इसी बीच बाढ़ एसडीपीओ-1 रामकृष्ण घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद एनटीपीसी और बिहार अग्निशमन विभाग की गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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धनबाद शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर निरसा विधायक का भूख हड़ताल खत्म

Dhanbad, Jharkhand:एकंर -- धनबाद शिक्षा विभाग में भरष्टाचार को लेकर मंगलवार को निरसा विधायक अरूप चटर्जी समाहरणालय परिसर डीसी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठे थे।अनशन के चौथे दिन डीसी के लिखित आश्वासन के बाद भूख हड़ताल विधायक ने खत्म किया। चौथे दिन धनबाद भाजपा विधायक राज सिन्हा,सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो,बगोदर पूर्व विधायक विनोद सिंह,जेएमएम नेता चंद्रशेखर अग्रवाल,अनशन स्थल पहुंचे।निरसा विधायक अरूप चटर्जी के आंदोलन को समर्थन दिया। धनबाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी शुक्रवार देर शाम विधायक अरूप चटर्जी से वार्ता कर 2 माह के भीतर सभी मामलों का निपटारा के साथ-साथ एक दिसंबर को जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक करने के लिखित आश्वासन के बाद अनशन को खत्म किया गया है। वही निरसा विधायक का आरोप है कि धनबाद में शिक्षा विभाग में 1600 से अधिक शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के साथ-साथ बीपीएल के छात्रों के नामांकन में गड़बड़ी, एकल विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा पैसे लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग किया गया था।ग्रामीण क्षेत्र के स्कुलो में शिक्षकों की कमी है।मांगों को लेकर आश्वस्त किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र स्कूलों में शिक्षकों की पोस्टिंग, और बड़े स्तर पर शिक्षकों के ट्रांसफर सूची में सुधार किया जाएगा।एक दिसंबर को जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक की जायेगी।डीसी द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया है।जिसके बाद अनशन को समाप्त किये है। बाइट-- अरूप चटर्जी(निरसा विधायक)व्हाईट शर्ट में बाइट -- अभिषेक झा (डीइओ,धनबाद)चेक ब्लू शर्ट में
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दीवाली पर जीरो पॉइंट पर बसों की कमी से यात्री घंटों इंतजार में फंसे

Greater Noida, Uttar Pradesh:दिवाली पर अपने घर पहुंचकर परिवार के साथ त्योहार मनाने की चाह में हजारों लोग सफर पर निकले हैं। ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर शुक्रवार को यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आगरा, लखनलि देवरिया और बिहार के पटना समेत कई शहरों को जाने वाले यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बसों की कमी और अव्यवस्थाओं के चलते जीरो पॉइंट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. हालात ऐसे हैं कि यात्राओं को तीन से चार घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन टिकट बुक कराने के बावजूद कई बसें निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रहीं हैं। लंबी प्रतीक्षा और भीड़ के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठने और सोने को मजबूर हैं। त्योहार के मौके पर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर निजी बस संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप लग रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना तक किराया मांगा जा रहा है। विरोध करने पर बस में नहीं बैठाने और सफर से मना करने की धमकी भी दी जा रही है। बसों की कमी, घंटों इंतजार और कथित अवैध वसूली से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हर साल दिवाली और अन्य बड़े त्योहारों पर जीरो पॉइंट पर इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त बसों और यातायात व्यवस्था के इंतजाम नहीं किए जाते। त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी में हजारों यात्री परेशानियों के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहे हैं.
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दीपावली पर जयपुर पुलिस का तोहफा: 40 मोबाइल लौटे, कीमत करीब 10 लाख

Jaipur, Rajasthan:दीपावली खुशियों का त्योहार है... और इस त्योहार पर जयपूर पुलिस ने भी 40 लोगों को खुशियों का खास तोहफा दिया है। जिन लोगों के मोबाइल फोन गुम हो गए थे या चोरी हो गए थे, उनके लिए पुलिस की ऑपरेशन रिकवरी मुहिम राहत बनकर आई है। साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय जयपुर ने CEIR पोर्टल की मदद से 40 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। खास बात यह है कि पुलिस ने मोबाइल बरामद करने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। ऑपरेशन रिकवरी से मिली राहत दीपावली पर जयपुर पुलिस ने आमजन को बड़ी राहत दी है। साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय जयपुर ने विशेष अभियान ऑपरेशन रिकवरी के तहत गुमशुदा और चोरी हुए 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपए है। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की मदद से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। खास बात यह है कि कुछ मोबाइल राजस्थान के बाहर भी इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी जुटाकर उनका पता लगाया और उन्हें बरामद करने में सफलता हासिल की। किश्तों पर खरीदे मोबाइल भी मिले बरामद मोबाइल फोन उनमें बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूरी करने वाले, किसान, विद्यार्थी और सरकारी व निजी कर्मचारी शामिल हैं। कई लोगों ने बड़ी मुश्किल से किस्तों पर मोबाइल खरीदे थे। मोबाइल गुम होने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ जरूरी डेटा और संपर्क खोने की परेशानी भी उठानी पड़ रही थी। ऐसे में दीपावली पर मोबाइल वापस मिलने से उनके चेहरों पर खुशी लौट आई। पीड़ितों ने जयपुर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए आभार जताया। अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई पुलिस आयुक्त जयपुर सचिन मित्तल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध डॉ. रामेश्वर सिंह और पुलिस उपायुक्त अपराध योगेश गोयल के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। DCP क्राइम योगेश गोयल के निर्देश पर थानाधिकारी साइबर पुलिस थाना हेमराज RPS के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने वर्ष 2025-26 सहित पिछले एक-दो वर्षों में गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई और CEIR पोर्टल के माध्यम से उनकी तलाश की। इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल अमरेश यादव, कांस्टेबल सुरेश कुमार, भूपसिंह, रविन्द्र कुमार और दिनेश कुमार शामिल रहे। कांस्टेबल रविन्द्र कुमार और दिनेश कुमार की विशेष भूमिका रही। पहले भी लौटाए 70 मोबाइल जयपुर साइबर पुलिस थाना इससे पहले भी ऑपरेशन मुस्कान-मोबाइल अभियान के तहत 70 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा चुका है। इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए थी। अब ऑपरेशन रिकवरी के तहत 40 मोबाइल और बरामद किए गए हैं। इस तरह दोनों अभियानों में कुल 110 मोबाइल फोन बरामाद कर लौटाए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है। पुलिस का कहना है कि गुमशुदा मोबाइल कीबरामदगी के लिए लगातार तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? जयपुर पुलिस ने आमजन से मोबाइल गुम होने पर तुरंत सतर्कता बरतने की अपील की है। सबसे पहले नजदीकी सिम रिटेलर से अपनी सिम बंद करवाएं। इसके बाद राजस्थान पुलिस के लॉस्ट आर्टिकल पोर्टल पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाएं। फिर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल के दोनों IMEI नंबर ब्लॉक करवाएं। CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू होती है। मोबाइल मिलने पर उसे उसके वास्तविक मालिक को वापस सौंपा जा सकता है। कुल मिलाकर जयपुर पुलिस का ऑपरेशन रिकवरी उन लोगों के लिए दीपावली का खास तोहफा साबित हुआ, जिन्होंने अपना मोबाइल खोने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लोगों को आर्थिक राहत दी, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत किया है।
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**कटोरा छीनोगे तो चढ बैठेंगे पुरवा विधायक अनिल सिंह के बयान से पुरवा की सियासत में उबाल**

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow31m ago
Murtazanagar, Uttar Pradesh:**उन्नाव।** पुरवा की सियासत में अनिल सिंह के बयान ने नया तूफान खड़ा करने वाले तेवर दिखाए हैं। सार्वजनिक मंच से उन्होंने विरोधियों को सिर्फ चुनावी चुनौती ही नहीं दी, बल्कि तीन महीने के बाद आने वाले चुनाव में उन्हें हराने का दम दिखाने का अल्टीमेटम तक दे दिया। भाषण के दौरान दबदबे का दावा, शेर-सियार की मिसाल और पुरवा छोड़कर भागने की नसीहत ने राजनीतिक मर्यादाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए। अनिल सिंह ने मंच से कहा, "यहां दबदबा सिर्फ अनिल सिंह का है और अनिल सिंह का ही दबदबा रहेगा।" उन्होंने दिल्ली से आकर पुरवा में उन्हें हराने की कोशिश करने वालों को भी चुनौती दी। उनके शब्द थे, "सोच-समझकर बदतमीजी करना, फिर किसी शेर की खाल से निकलकर सियार की खाल में मत घुसना।" वोट मांगने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम आपके दरवाजे वोट मांगने जाएंगे, मर्जी हो तो देना, नहीं मर्जी हो तो मत देना। लेकिन कटोरा छीनोगे तो चढ़ बैठेंगे। उन्होंने विरोध को बुरा न मानने की बात कही, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें हरा नहीं पाए तो बाद में विरोध झेलने के लिए तैयार रहना। अपने भाषण में उन्होंने ठाकुर, पंडित और लोधी समाज का जिक्र करते हुए कहा, कि बाद में यह मत कहना कि "हम भैया ठाकुर हैं, हम भैया पंडित हैं, हम भैया लोधी हैं।" इसके बाद विरोधियों को तीन महीने का समय देते हुए कहा कि जितना दम हो, मिलकर निपटा दो, लेकिन यदि नहीं हरा पाए तो पुरवा छोड़कर भाग जाना। **अब सवाल यह है कि पुरवा में सियासत का पैमाना क्या होगा—जनता का समर्थन या दबदबे का दावा? विरोधियों को हराने की चुनौती देना लोकतांत्रिक राजनीति है, लेकिन उन्हें पुरवा छोड़कर जाने की बात कहना किस राजनीतिक सोच को दर्शाता है? आखिर चुनाव में फैसला किसी नेता का दबदबा नहीं, जनता का वोट करता है।**
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