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सSingrauli में लाखों के जेवर चोरी का पर्दाफाश: अमन कुमार बर्मा गिरफ्तार

ADAjay DubeyJust now
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली में पुलिस ने घर में लाखों के सोने-चांदी के जेवर चुराने वाले आरोपी अमन कुमार बर्मा को गिरफ्तार किया. विंध्यनगर पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर 5 लाख रुपये मूल्य के 1200 ग्राम चांदी और 14 ग्राम सोने के आभूषण जब्त करने की पुष्टि की. रात के समय घर में घुसकर चोरी की वारदात की गई थी. आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया; पुलिस ने पचखोरा, बैढ़न के अमन बर्मा की पहचान की. शिकायत 26 जून 2026 को दर्ज की गई, जिसमें 21 जून की रात घर के दरवाजे खुले मिले और जेवर गायब थे. जांच के दौरान अवैध खबर मिली कि चोरी के आभूण बेचने की योजना बनाने वाला युवक पचखोरा में था; दबिश देकर हिरासत लिया गया. निशानदेही पर बरामद चांदी के करधन, हसुली, हाथ के कड़े, पनवा, बिछिया, चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठी, लॉकेट और मंगलसूत्र शामिल हैं.
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रामलला मंदिर दानपात्र चोरी पर धार्मिक-राजनीतिक विवाद, परमहंस ने निष्पक्ष जाँच की मांग की

Sidhi, Madhya Pradesh:अयोध्या स्थित भगवान श्रीरामलला मंदिर के दानपात्र से कथित चोरी के मामले को लेकर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि इसे देश-विदेश में भगवान श्रीराम के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला मामला भी करार दिया। उनका कहना है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर की दानराशि से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता बेहद गंभीर विषय है। जगद्गुरु परमहंस ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके अनुसार यदि चोरी हुई है तो यह जानना भी आवश्यक है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह सब हुआ। उन्होंने कहा कि मामले के वास्तविक मास्टरमाइंड की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। परमहंस ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक साजिश की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के कुछ नेता राम मंदिर और सनातन धर्म की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन निष्पक्ष जांच के माध्यम से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव या पक्षपात के अपना कार्य करना चाहिए। अपराधी चाहे किसी भी राजनीतिक दल, संगठन, जाति या पद से जुड़ा हो, उसके खिलाफ समान रूप से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। जगद्गुरु परमहंस ने यह भी मांग की कि यदि चोरी की पुष्टि होती है तो आरोपियों की संपत्ति जब्त कर या बेचकर चोरी की गई पूरी राशि राम मंदिर ट्रस्ट को वापस दिलाई जाए। उनका कहना है कि मंदिर की दानराशि श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और उसका एक-एक रुपया धार्मिक एवं जनहित कार्यों के लिए उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कथित मुख्य आरोपी टीनू यादव के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां निष्पक्षता के साथ पूरे मामले की तह तक जाएं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएं। परमहंस ने कहा कि राम मंदिर देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का केंद्र है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल मंदिर की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित एजेंसियां पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द पूरे मामले का खुलासा करेंगी, जिससे लोगों का विश्वास कायम रहे और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिल सके।
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कोंटा के प्राथमिक शाला भवन में खामियाँ, बारिश में दीवारों में दरार, सुरक्षा पर सवाल

Sukma, Chhattisgarh:बस्तर में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के बाद सरकार सुदूर ग्रामीण इलाकों तक सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का दावा कर रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है। ताजा मामला सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत तिम्मापुरम का है, जहां कांग्रेस के प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने स्कूल भवन का निरीक्षण कर निर्माण में गंभीर खामियां सामने आने का आरोप लगाया है। निरीक्षण के दौरान दुर्गेश राय ने पाया कि नव निर्मित प्राथमिक शाला भवन की स्लैब बीच से झूलती ہوئی दिखाई दे रही है, लगभग सभी कमरों में बारिश के दौरान पानी टपक रहा है और दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जिस भवन में छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ना है, उसकी यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। दुर्गेश राय का आरोप है कि निर्माण कार्य में तय गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। साथ ही बिना प्रभावी तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण के भुगतान कर दिए जाने की आशंका भी जताई गई है। उनका कहना है कि यदि भवन की स्थिति इतनी खराब है तो यह केवल निर्माण एजेंसी ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है。
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तीन घंटे में लूटकांड का खुलासा: मनिहारी पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार

Katihar, Bihar:मनिहारी पुलिस की बड़ी कामयाबी, तीन घंटे में लूटकांड का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार. गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी तकनीकी अनुसंधान, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के आधार पर कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा कर दिया. पुलिस ने घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. भारत फाइनेंस कंपनी के कर्मी से हुई लूट की घटना का मनिहारी पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर खुलासा कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है.
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देवघर-दुमका में डकैती की बड़ी योजना नाकाम, हथियार सहित दो अपराधी गिरफ्तार

Deoghar, Jharkhand:देवघर/दुमका। कुंडा थाना पुलिस ने डकैती की बड़ी वारदात को समय रहते विफल करते हुए अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कुंडा थाना कांड संख्या 82/2026 के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, 2 जुलाई की रात गुप्त सूचना मिली थी कि चांदडीह-सरकंडा जंगल में कुछ अपराधी हथियारों से लैस होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने जंगल में घेराबंदी कर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार अन्य अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांदडीह बसमता निवासी 22 वर्षीय अविनाश साह और जरमुंडी थाना क्षेत्र के कुलकांड निवासी 26 वर्षीय अमर पासवान के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लोहे का देसी कट्टा, 8 एमएम केएफ अंकित दो जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन तथा तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने डकैती की योजना बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
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खेल मैदान के पानी के नाले को लेकर विवाद में स्कूल स्टाफ पर हमला

Sikar, Rajasthan:खाटूश्यामजी कस्बे स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को खेल मैदान की चारदीवारी से गंदे पानी का नाला निकालने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नाला बंद कराने का विरोध करने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बनवारी लाल कुमावत और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी एएओ राधाकृष्ण यादव के साथ कथित रूप से अभद्रता और जबरदस्त मारपीट की गई। प्रधानाचार्य ने भागकर अपनी जान बचाई लेकिन एएओ यादव के साथ मारपीट में गंभीर चोट आई। आरोप है कि किशन कुमार जोशी, आषुतोष जोशी तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने राजकार्य में बाधा पहुंचाते हुए विद्यालय स्टाफ पर हमला कर दिया। मारपीट में एएओ राधाकृष्ण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावर उनका मोबाइल फोन और लोडर की चाबी भी छीनकर ले गए। घायल एएओ को खाटूश्यामजी उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया जहाँ डॉ. भंवर लाल कुलוריה ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सीकर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही खाटूश्यामजी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विद्यालय प्रबंधन इससे पहले भी खेल मैदान की चारदीवारी से गंदे पानी का नाला निकाले जाने के मामले में शिकायत दर्ज करा चुका है। ताजा घटना के बाद विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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श्री बदरीनाथ धाम मामले में जांच समिति, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दावा

Noida, Uttar Pradesh:बीकेटीसी ने सोशियल मीडिया का संज्ञान लिया श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी तथ्यों की पुष्टि से पहले भ्रामक आरोपों से बचें : मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ श्री बदरीनाथ/ देहरादून: 3 जुलाई ।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने कहा है कि सोशल मीडिया में श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे एवं दान में कथित हेराफेरी के संबंध में जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मंदिर समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच के लिए जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए गए हैं। तथा स्पष्टीकरण तलब किया गया है।जांच पूर्ण होने के उपरांत यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सोशियल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका "निजी सचिव" बताया जा रहा है, वह उनका कोई निजी सचिव नहीं है। संबंधित कर्मचारी श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है तथा वैयक्तिक सहायक के रूप में पूर्व में भी मंदिर समिति के तीन अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है। इसलिए सोशल मीडिया में उसके संबंध में प्रसारित किये जा रहे आरोप सही पाये जाते है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी इधर, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर से संबंधित जो प्रकरण गत 2 जुलाई शाम से सोशियल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें प्राप्त कथित शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की आज जांच करायी गयी है। उपलब्ध फुटेज में अपेक्षित स्पष्टता नहीं है, फिर भी विषय की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मामले से बीकेटीसी अध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है। मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित किए जाने संबंधी आख्या अध्यक्ष को प्रेषित की जा रही है। समिति गठित होने के बाद वह सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई प्रतिकूल तथ्य या अनियमितता संज्ञान में आती है तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि यह प्रकरण उत्तराखंड के विश्वविख्यात एवं करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब तक किसी भी आरोप की विधिवत जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। सभी से अपेक्षा है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतें, ताकि पवित्र धाम की गरिमा एवं छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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