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प्रतापगढ़ पंचायत चुनाव: कांग्रेस का बड़ा दावा, रामलाल मीणा ने सरकार पर निशाना

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ में पंचायती राज चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी मुकाबला तेज हो रहा है। कांग्रेस की बैठक में जिला परिषद सदस्यों के नौ प्रत्याशियों के नामों पर सर्वसम्मति बनने के बाद पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने चुनावी मुद्दों और पार्टी की रणनीति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि बैठक में बूथ अध्यक्षों, पंचायत अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों, ब्लॉक और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से आवेदन लिए गए। रामलाल मीणा के अनुसार, पंचायत समिति सदस्यों के करीब 70 से 80 प्रतिशत नामों पर सहमति बन चुकी है, जबकि जिला परिषद के नौ प्रत्याशियों के नाम तय कर them प्रचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। उनका आरोप है कि पहले मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में मजदूरों को काम मिलता था, लेकिन अब ग्रामीणों को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों की फसल खराबे के मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर घेराव और आंदोलन किया गया था। उस दौरान मुआवजा दिलाने का लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद सभी प्रभावित किसानों को राहत नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में किसान अब भी मुआवजे से वंचित हैं। मीणा ने आरोप लगाया कि अनुसूचित क्षेत्र के युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने अपने पूर्व आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने पैदल मार्च कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाई थी। अधिकारियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को लेकर आश्वासन मिलने की बात भी उन्होंने कही। रामलाल मीणा ने चेतावनी दी कि यदि भर्ती में अपेक्षित संशोधन नहीं हुआ तो पंचायती राज चुनाव के बाद फिर से आंदोलन किया जाएगा। पंचायती राज चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर रामलाल मीणा ने कहा कि जनता अब जाति और समाज के नाम पर होने वाली राजनीति को समझने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतापगढ़ का विकास प्रभावित हुआ है और क्षेत्र कई साल पीछे चला गया है। मीणा ने अपने कार्यकाल में सात कॉलेज और करीब 1100 किलोमीटर सड़कों सहित विभिन्न विकास कार्य करवाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के तीन साल में अपेक्षित विकास नहीं हुआ और जनता का रुझान फिर कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है। भाजपा की ओर से पंचायत समितियों में चुनाव प्रभारी नियुक्त किए जाने के सवाल पर रामलाल मीणा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के कई नेताओं को चुनावी जिम्मेदारी देने के बावजूद पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक सफलता नहीं मिली। उन्होंने नगर परिषद चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि शहरी क्षेत्र में कांग्रेस की सफलता से ग्रामीण इलाकों में भी पार्टी का मनोबल बढ़ा है। मीणा ने कहा कि कांग्रेस जिला परिषद और पंचायत समितियों में जीत दर्ज कराएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में माहौल है। पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने आगामी पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता रोजगार, किसानों की समस्याओं और विकास के मुद्दों पर फैसला करेगी। हालांकि, भाजपा और बीएपी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब चुनावी मैदान में राजनीतिक दलों के दावों और आरोपों के बीच अंतिम फैसला मतदाता करेंगे।
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फुसरो बाजार में अतिक्रमण हटाव कार्रवाई छठ के बाद टाल, व्यापारियों से बातचीत शुरू

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के फुसरो में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। अभियान के दौरान दुकानदारों ने किया विरोध जिसके बाद छठ पर्व तक कार्रवाई स्थगित। नगर परिषद के अधिकारी और प्रशासन ने कहा जल्द हटा ले अतिक्रमण नहीं तो ये करवाई आगे भी चलेगा। प्रशासन ने कहा जाम की स्थिति बन जाती है जहां सड़क पर अतिक्रमण होने से एंबुलेंस सहित स्कूल की गाड़ियां फंस जा रही है। बताते चले कि बेरमो के फुसरो नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत फुसरो बाजार ओवरब्रिज के नीचे बेरमो प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अंचलाधिकारी बेरमो संजीत कुमार सिंह, फुसरो नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन और बेरमो थाना प्रभारी नित्यानंद महतो के नेतृत्व में संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए फुसरो-जैना मोड़- बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना था कि उन्हें पहले सूचना दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अचानक प्रशासन की टीम कार्रवाई करने पहुंच गई। दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कई लोग कर्ज लेकर दुकान चला रहे हैं। ऐसे में दुकान हटने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा. व्यवसायी संघ फुसरो के साथ वार्ता में बनी सहमति। मामले को लेकर युवा व्यवसायी संघ फुसरो के प्रतिनिधियों के साथ बेरमो प्रशासन की गई वार्ता जहां आगामी दुर्गा पूजा और छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए फुटकर विक्रेताओं की समस्याओं पर विचार किया गया। सहमति बनी कि व्यवसायी संघ फुसरो के द्वारा फुटकर विक्रेताओं की सूची तैयार कर बेरमो प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। साथ ही, उनके लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। सहमति के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की आगे की कार्रवाई छठ पर्व के बाद किए जाने पर निर्णय लिया गया। वहीं, सड़क जाम के दौरान शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सहमति बनने की बात सामने आई। प्रशासन की कार्रवाई और दुकानदारों के विरोध के बीच हुई इस वार्ता के बाद फिलहाल मामला शांत हुआ। अब छठ पर्व के बाद बेरमो प्रशासन और व्यवसायी संघ फुसरो के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर फुटकर विक्रेताओं के भविष्य और वैकल्पित व्यवस्था को लेकर नजरें टिकी हैं।
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Kotkapura में करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू, स्पीकर संधवां ने किया उद्घाटन

KCKhem ChandJust now
Kot Kapura, Punjab:ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ ਇੱਕ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਸਪੀਕਰ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਤਹਿਸੀਲ ਕੰਪਲੈਕਸ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਤਕਰੀਬਨ ਇੱਕ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ sਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਰਵਾਈ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੁਰਪ੍ਰਤੀਤ ਸਿੰਘ ਗੈਰੀ ਵੜਿੰਗ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੇ ਕੌਂਸਲਰਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਪਤਵੰਤੇ ਸੱਜਣਾਂ ਨੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ。 ਇਸ ਮੌਕੇ ਤਹਿਸੀਲ ਕੰਪਲੈਕਸ ਵਿੱਚ ਇੰਟਰਲਾਕ ਟਾਈਲਾਂ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਕੰਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 1 ਦੇ ਲਾਜਪਤ ਨਗਰ ਵਿੱਚ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਵਿਛਾਉਣ ਅਤੇ ਇੰਟਰਲਾਕ ਟਾਈਲਾਂ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣਗੇ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 16 ਦੀ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵਾਲੀ ਗਲੀ, ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 29 ਦੀ ਦੇਸ ਰਾਜ ਬਸਤੀ ਵਾਲੀ ਗਲੀ ਅਤੇ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 1 ਵਿੱਚ ਰਾਮ ਸ਼ਰਨ ਮੰਦਰ ਤੇ ਮਾਲਵਾ ਨਰਸਿੰਗ ਕਾਲਜ ਵਾਲੀ ਗਲੀ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ。 ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਗਲੀਆਂ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਅਤੇ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦੇਣਾ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂ ਬਿਹਤਰ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ。 ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਗੈਰੀ ਵੜਿੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਕਰਵਾਏ jਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਯਤਨ ਕੀਤੇ jਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੱਜੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨੇਪਰੇ ਚਾੜ੍ਹਨ ਲਈ ਉਪਰਾਲੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ。
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थरा नगर पालिका चुनाव परिणाम आज स्पष्ट होंगे; मतगणना दोपहर एक बजे शुरू

Palanpur, Gujarat:બનાસકાંઠા.. આજે થરા નગરપાલિકાની ચૂંટણીની મતગણતરી હાથ ધરાશે થરાની મોડલ સ્કૂલમાં সকালে 9 વાગ્યાથી મતગણતરી હાથ ધરાશે થરા પાલિકાના 6 વાર્ડ માટે 3 ટેબલ ઉપર 30 કર્મચારીઓ હાથ ધરશે મતગણતરી મતગણતરીને લઈને ચુસ્ત પોલીસ બંધોબસ્ત ગોઠવાયો થરા પાલિકાના 6 વોર્ડમાં ભાજપના 24 ,કોંગ્રેસના 24 અને આમ આદમી પાર્ટીના 11 ઉમેદવારો મળી કુલ 59 ઉમેદવારો મેદાને થરા નગરપાલિકાનું 81.18 ટકા થયું હતું મતદાન આજે 1 વાગ્યા પહેલા મતગણતરીનું ચિત્ર થઈ જશે સ્પષ્ટ થરા પાલિકાનું 2021ની ચૂંટણીમાં ભાજપને 20 અને કોંગ્રેસને 4 સીટો મળતાં ભાજપે પાલિકા ઉપર કર્યો હતો કબ્જો જોકે આજે પરિણામ બાદ જ સ્પષ્ટ થશે કે થરા પાલિકા ઉપર કયો પક્ષ સતા કરશે હાસિલ
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दारू के लिए पैसे नहीं देने पर बेटे ने पिता पर जानलेवा हमला, गिरफ्तार

Pimpri-Chinchwad, Maharashtra:दारू पिण्यासाठी पैसे दिले नाहीत, म्हणून जन्मदात्या आई-वडिलांवरच जीवघेणा हल्ला केल्याची धक्कादायक घटना पिंपरी-चिंचवडमधील भोसरी परिसरात घडली आहे... भोसरीतील श्रीरामनगर, चक्रपाणी वसाहतीत गुरुवारी, ८ ऑक्टोबरच्या रात्री ही घटना घडली. राहुल प्रल्हाद तळोले असं आरोपीचं नाव आहे... या संदर्भात सोमवारी ११ तारखेला रात्री उशिरा गुन्हा दाखल करण्यात आल्या नंतर पोलिसांनी त्याला अटक केली आहे. पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, दारूसाठी पैसे न दिल्याच्या रागातून आरोपीने वडील प्रल्हाद तळोले यांना शिवीगाळ करत लाथाबुक्क्यांनी मारहाण केली. तसेच त्यांच्या छातीवर लाथ मारली. त्यानंतर स्वयंपाकघरातील चाकू आणून त्याने वडिलांवर जीवघेणा हल्ला करण्याचा प्रयत्न केला. यावेळी भांडण सोडवण्यासाठी गेलेल्या ६३ वर्षीय आईच्या डाव्या हाताच्या मनगटावर चाकू लागल्याने त्या जखमी झाल्या. या प्रकरणी आरोपीच्या आईने भोसरी पोलिस ठाण्यात फिर्याद दिली असून, पोलिसांनी गुन्हा दाखल केला आहे. कौटुंबिक वादातून घडलेल्या या गंभीर घटनेचा पुढील तपास भोसरी पोलिस करत आहेत.
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पाकुड़ में नवरात्रि के अवसर पर डांडिया उत्सव, महिलाओं ने किया रंगारंग प्रदर्शन

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ में नवरात्रि के अवसर पर पाकुड़ शहर के शहरकोल स्थित जायसवाल धर्मशाला में डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया...इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया...कार्यक्रम की शुरूआत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई...इसके बाद महिलाओं ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया...मौके पर अध्यक्ष पूनम देवी ने कहा कि नवरात्रि में डांडिया आयोजन का विशेष धार्मिक महत्व है...धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह नृत्य देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है... डांडिया में इस्तेमाल की जाने वाली सजी हुई लकड़ियों को मां दुर्गा की तलवार का प्रतीक माना जाता है...इसी कारण इसे ह्यस्वॉर्ड डांसह्न यानी तलवार नृत्य भी कहा जाता है...कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए और जमकर मस्ती की...नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्साह और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली...उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं...साथ ही महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, अपनी प्रतिभा दिखाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है...कार्यक्रम के दौरान डांडिया नृत्य के अलावा कई तरह की प्रतियोगिताएंआयोजित की गईं...बच्चों और महिलाओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई...प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया...उपस्थित लोगों ने विभिन्न प्रकार प्रकार के व्यंजनों का आनंद लिया...
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उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण और सुरक्षा मानक कड़े लागू

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के संचालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, पंजीकरण और जरूरी सुविधाओं के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए पहले से उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 लागू है। इसके तहत निर्धारित पंजीकरण के बिना कोचिंग सेंटर चलाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। अधिनियम के उल्लंघन पर संबंधित मामलों में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की होगी जांच सरकार ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संस्थानों के पंजीकरण, भवन की स्थिति, अग्निशमन व्यवस्था, बिजली सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की जा रही है। बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर सख्ती कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिन भवनों के बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए स्वीकृत है, वहां नियमों के विरुद्ध कक्षाएं संचालित करने पर कार्रवाई की जा सकती है। अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास की व्यवस्था में कमी मिलने पर संस्थान को सील करने तक की कार्रवाई हो सकती है। विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर केंद्र सरकार ने भी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें पंजीकरण, फीस, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की योग्यता, शिकायत निवारण व्यवस्था और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल हैं। राज्यों को इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कानूनी व्यवस्था करने को कहा गया है।
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हरियाणा-जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए कड़ी तैयारी, 100% कवरेज सुनिश्चित

Chandigarh, Chandigarh:वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के उपायुक्तों को निर्देश: न कोई छूटे, न हो दोहराव की गुंजाइश चंडीगढ़, 12 अक्टूबर-हरियाणा ने जनगणना-2027 का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान 23 जिलों और 11 नगर निगमों में 51,907 मकान सूचीकरण ब्लॉक को सफलतापूर्वक कवर करने के बाद, हरियाणा अब जनसंख्या गणना के दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गया है। दूसरे चरण में 23 जिलों के अंतर्गत आने वाले 6,522 गांवों और 88 कस्बों में लगभग 70,000 गणना ब्लॉकों को कवर किया जाएगा। इस कार्य के लिए आरक्षित कार्मिकों सहित लगभग 74,800 प्रगणकों और 12,650 पर्यवेक्षकों की तैनाती प्रस्तावित है। पूरी प्रक्रिया 34 प्रधान जनगणना अधिकारियों की निगरानी में 203 जनगणना चार्ज के माध्यम से संचालित की जाएगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, जो जनगणना-2027 की राज्य नोडल अधिकारी भी हैं, ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि शत-प्रतिशत जनसंख्या कवरेज सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान न तो कोई व्यक्ति छूटने पाए और न ही दोहरी गणना की कोई संभावना रहे। इसके लिए सख्त जवाबदेही तय की जाए और सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं। डॉ. सुमिता मिश्रा ने ये निर्देश आज यहां प्रधान जनगणना अधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन में दिए। सम्मेलन में जनसंख्या गणना से पहले संचालन संबंधी तैयारियों, डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने, कार्मिकों की तैनाती, क्षेत्रीय निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की गई। वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जनगणना-2027 राष्ट्र निर्माण, विकास की योजना तैयार करने और प्रभावी शासन व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें, चार्ज अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करें और जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले संभावित संचालन संबंधी कठिनाइयों की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करें। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रथम चरण की सफलता हरियाणा के अधिकारियों के समर्पण और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की गुणवत्ता जिला स्तर पर अधिकारियों की गंभीरता, नेतृत्व और क्षेत्रीय निगरानी पर काफी हद तक निर्भर करती है। उपायुक्तों की भूमिका इस प्रक्रिया की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में निर्णायक होगी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि अधिकारी जनगणना के कार्य को अतिरिक्त विभागीय जिम्मेदारी के बजाय प्रार्वर्य पटल पर मानें और तैयारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों, तेजी से विकसित हो रही आवासीय बस्तियों, शहरी एवं झुग्गी-बस्ती वाले इलाकों तथा प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी व्यक्ति या परिवार के छूटने की संभावना को समाप्त करने के लिए पहले से व्यापक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान कवरेज, सटीकता और गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित कमियों की पहचान करने, दोहरी गणना रोकने और क्षेत्रीय निगरानी मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी तथा उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। वित्तायुक्त ने जनगणना ड्यूटी से छूट मांगने वाले आवेदनों की कड़ी जांच करने पर भी जोर दिया। इसमें उन कार्मिकों के अनुरोध भी शामिल होंगे, जिन्होंने प्रथम चरण में अपनी ड्यूटी पूरी की है। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता के लिए यह जरूरी है कि सक्षम कार्मिकों का चयन किया जाए और उन्हें समय पर प्रशिक्षण दिया जाए। डॉ. मिश्रा ने बताया कि दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और प्रधान जनगणना अधिकारियों के सम्मेलन में प्रशिक्षण प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। आगे चार्ज अधिकारियों, मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों, निर्धारित प्रक्रियाओं और समय-सीमा से पूरी तरह परिचित हों। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्मिकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने तथा समस्याओं की पहचान और समय पर समाधान के लिए पर्यवेक्षकों के साथ साप्ताहिक बैठकें करने के निर्देश दिए। जनभागीदारी को जनगणना की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए डॉ. मिश्रा ने उपायुक्तों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का तथ्यपरक जानकारी के जरिए समय पर खंडन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सोशल मीडिया, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, दीवार लेखन और पारंपरिक जन-उद्घोषणा माध्यमों के जरिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों तक पहुंच बनाने की योजना पर काम कर रही है। गीता जयंती और सूरजकुंड मेले जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों का भी जनगणना-2027 के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों को स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित करने में उपयोग किया जाएगा। वित्तायुक्त ने जनगणना कार्मिकों की सुविधाओं और कार्य संबंधी तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक संसाधन और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के लिए कुल 25,000 रुपये मानदेय देने का प्रावधान है। इसमें मकान सूचीकरण कार्य के लिए 9,000 रुपये और जनसंख्या गणना के लिए 16,000 रुपये शामिल हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता जनगणना अधिनियम, 1948 और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार कड़ाई से सुरक्षित रखी जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाओं, सूचना प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर क्षेत्रीय कार्य निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके। हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने अधिकारियों को तकनीकी और संचालन संबंधी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। प्रगणक स्मार्टफोन पर विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र करेंगे, जबकि जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यों, प्रशासनिक प्रगति और जनगणना से जुड़े कार्मिकों के बीच समन्वय की निगरानी की जाएगी。 उन्होंने बताया कि नागरिक 10 जनवरी से 24 जनवरी, 2027 तक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी, 2027 तक की जाएगी। इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च तक पांच दिवसीय पुनरीक्षण अभियान प्रस्तावित है, जिसके दौरान छूटे हुए व्यक्तियों की पहचान, विसंगतियों का सुधार और व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। जनगणना की संदर्भ तिथि एवं समय 1 मार्च, 2027 को रात्रि 12 बजे निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन स्व-गणना करने वाले परिवारों की जानकारी का भी प्रगणकों द्वारा घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, ताकि डिजिटल माध्यम से दर्ज विवरणों की क्षेत्रीय स्तर पर पुष्टि हो सके। पर्यवेक्षक 20 प्रतिशत रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे, जबकि चार्ज अधिकारियों को ऐसे रिकॉर्ड चिह्नित करने का अधिकार होगा, जिनकी अतिरिक्त क्षेत्रीय जांच आवश्यक हो。 सम्मेलन में जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, प्रश्नावली, डिजिटल एप्लिकेशन, स्व-गणना पोर्टल, वैधानिक प्रावधानों और विशेष क्षेत्रों में गणना की व्यवस्था पर तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए。 सम्मेलन में सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, महिला एवं विकास विभाग की निदेशक डॉ प्रियंका सोनी, मंडलायुक्त और विभिन्न जिलों के आयुक्त मौजूद रहे।
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हरियाणा में नशा तस्करी रोकथाम के लिए साइबर जांच तेज, कार्टेल ध्वस्त रणनीति

Chandigarh, Chandigarh:मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा हरियाणा सरकार प्रदेश में नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष साइबर जांच, ड्रग कार्टेल की वित्तीय गतिविधियों की निगरानी, दवाओं एवं रसायनों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने तथा अभियोजन प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत वर्ष 2026-29 के लिए तैयार की जा रही मादक पदार्थ नियंत्रण की राष्ट्रीय रूपरेखा के अनुरूप प्रदेश की रणनीति को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की उच्चस्तरीय बैठक में इन पहलों की समीक्षा की गई। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गत दिनों राज्यों को एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया गया है। उनका मानना है कि जिस तरह से देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म किया गया है, उसी तर्ज पर हमें नशे के कारोबार को खत्म करना है। इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करके बहुआयामी रणनीति पर काम करना होगा। एचएसएनसीबी के चेयरमैन संजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में अब तक 71 ड्रग कार्टेल की पहचान की गई है तथा उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी है। डार्कनेट के माध्यम से होने वाली नशा तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन की जांच के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में साइबर जांच की विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए एक साइबर विशेषज्ञ को भी Joड़ा गया है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन का पता लगाने, संगठित तस्करी नेटवर्क की पहचान करने तथा पुलिस, अभियोजन और नियामक एजेंसीों के बीच समन्वय मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। एडीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान NDPS एक्ट के तहत 3809 मामले दर्ज किए और 6824 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मामलों में 39.93 प्रतिशत तथा गिरफ्तारियों में 26.53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी से सितंबर 2025 के दौरान 2722 मामले दर्ज किए गए थे और 5393 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित मामलों की संख्या 346 से बढ़कर 380 हो गई, जबकि मध्यवर्ती मात्रा से जुड़े मामले 1887 से बढ़कर 2844 हो गए, जो 50.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 113 मामलों में 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ अटैच की गईं। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 49 मामलों में 5.92 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ अटैच की गई थीं। इस प्रकार अटैच की गई संपत्तियों के मूल्य में 229.72 प्रतिशत और संपत्ति अटैचमेंट से संबंधित मामलों में 130.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश ने संपत्तियां अटैच करने के लिए 30 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके मुकाबले अब तक 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 15.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों से संबंधित प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के विचाराधीन हैं। वर्ष 2007 से सितंबर 2026 तक 534 प्रभावित व्यक्तियों से संबंधित 318 मामलों में कुल 86.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं। एचएसएनसीबी के चेयरमैन संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 से सितंबर 2026 तक 167 नशा तस्करों से संबंधित 176 अनधिकृत अथवा अवैध कब्जे वाली संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मादक पदार्थों के मामलों में वित्तीय जांच को मजबूत करने के लिए ब्यूरो के मुख्यालय में एक विशेष वित्तीय जांच प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। इसके तहत 139 पुलिसकर्मियों को चार विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। ब्यूरो चिह्नित ड्रग कार्टेल से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय जांच कर रहा है, ताकि अवैध आय के स्रोतों और उनके वित्तीय नेटवर्क का पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की बरामदगी के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान हेरोइन की बरामदगी पिछले वर्ष की इसी अवधि के 43.176 किलोग्राम से बढ़कर 84.695 किलोग्राम हो गई, जो 96.16 प्रतिशत की वृद्धि है। अफीम की बरामदगी 235.550 किलोग्राम से बढ़कर 430.326 किलोग्राम हो गई, जबकि कोकीन की बरामदगी 1,004.76 ग्राम से बढ़कर 2,958.757 ग्राम तक पहुंच गई। इसी प्रकार एमडी और एमडीएमए की बरामदगी 525.036 ग्राम से बढ़कर 1,761.55 ग्राम हो गई। बैठक में प्रेगाबालिन, जोपिक्लोन और टैपेंटाडोल जैसी औषधियों के अवैध इस्तेमाल तथा उनके नशे के उद्देश्य से दुरुपयोग को उभरती चुनौती बताया गया। इन दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक नीतिगत एवं नियामकीय उपाय करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल हो सकने वाले प्रीकर्सर रसायनों की निगरानी को भी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बैठक में बताया गया कि पंजीकृत फर्मों का विवरण सत्यापन के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग के साथ साझा किया गया है। अवैध रूप से संचालित सिंथेटिक ड्रग निर्माण प्रयोगशालाओं की पहचान करने के लिए पुलिस की अग्रिम पंक्ति को भी सतर्क किया जा रहा है। थाना प्रभारियों, पुलिस चैकी प्रभारियों और गश्ती कर्मचारियों को ऐसी गतिविधियों के संकेतों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा जारी चेतावनी संकेतों की सूची प्रदेश के पुलिस थानों और पुलिस अधीक्षकों के कार्यालयों में प्रदर्शित की गई है। बैठक में नशा तस्करी के मामलों में अभियोजन और दोषसिद्धि की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि NDPS मामलों में दोषसिद्धि दर वर्ष 2023 में 48.81 प्रतिशत, वर्ष 2024 में 54.67 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 54.68 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान यह बढ़कर 58.34 प्रतिशत हो गई। चालू वर्ष में मध्यवर्ती मात्रा से जुड़े मामलों में दोषसिद्धि दर 69.89 प्रतिशत और वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मामलों में 62.09 प्रतिशत रही। प्रदेश में 21 फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में NDPS मामलों के लिए आठ समर्पित फास्ट ट्रैक अथवा विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। नशा तस्करी के मामलों का अधिक बोझ झेल रहे जिलों में अतिरिक्त फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। महत्वपूर्ण मामलों में अभियोजन को प्रभावी बनाने के लिए अभियोजन निदेशालय के समन्वय से 50 NDPS मामलों को विशेष निगरानी के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से एक मामले में 14 वर्ष के कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई है। बैठक में नशा तस्करी के मामलों में वांछित फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि 29 फरार आरोपियों की पहचान की गई है। इनके संबंध में दो ब्लू नोटिस और एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है तथा संबंधित जानकारी नई दिल्ली स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ साझा की गई है। जिला प्रशासन को कानून के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक मामलों में लुकआउट सर्कुलर जारी करने और पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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CBI ने सरकारी खातों के करोड़ों घोटाले में 4 गिरफ्तार, CA Siddharth Narula समेत

Panchkula, Haryana:सरकारी खाते से करोड़ों के घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, CA समेत 4 गिरफ्तार हरियाणा सरकार, CREST और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सरकारी खातों से करोड़ों रुपये के गबन और फर्जीवाड़े के मामले में CBI की इकोनॉमिक ऑफेंस ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच के बाद CBI ने चार आरोपियों - चार्टर्ड अकाउंटेंट सिद्धार्थ नरूला, मोहित गोयल, मनोज कुमार और चंडीगढ़ के कारोबारी गौरव कंसल को गिरफ्तार किया है。 सभी आरोपियों को पंचकूला की विशेष CBI अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है。 CBI जांच के मुताबिक सरकारी फंड को फर्जी कंपनियों, जाली बिलों और शेल कंपनियों के जरिए ट्रांसफर किया गया। इसके बाद पैसों को कैश में कन्वर्ट कर गबन कर लिया गया。 CBI मामले में मनी ट्रेल और अन्य सरकारी खातों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है.
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होटल ओमेक्स न्यू हजरतगंज के कमरे में लड़की की गिरकर मौत, जांच जारी

Lucknow, Uttar Pradesh:सादर अवगत कराना है कि आज दिनांक 12/10/2026 को समय करीब 18.34 को होटल ओमेक्स न्यू हजरतगंज के सिक्योरिटी इंचार्ज द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि होटल सेलेश्टियल ओमेक्स न्यू हजरतगंज के कमरा नंबर 1037 में एक लड़की समरीन पुत्री मो0 तज्जू उम्र करीब 24 निवासी 419/10 हाता सूरत सिंह थाना चौक लखनऊ एक लड़के अवनीश पुत्र संतलाल जायसवाल निवासी मोहल्ला फिरोजपुर खुर्द नगर पंचायत दोस्त पुर सुल्तानपुर के साथ दिनांक 12/10/2026 समय करीब 11.46 बजे कमरा नंबर 1037 में एंट्री की थी तथा समय करीब 6 बजे शाम को उक्त कमरे से नीचे गिर गई । मौके पर फील्ड यूनिट बुलवाकर फोटो ग्राफी एवं वीडियोग्राफी कर साक्ष्य सुरखित किए गए है शव को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भिजवाया गया है लॉ एंड ऑर्डर की कोई समस्या नहीं है तहरीर प्राप्त होने पर अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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