302006एक साथ चुनाव से देश का समय और पैसा बचेगा: राज्यपाल
DGDeepak Goyal
Jan 25, 2026 10:16:08
Jaipur, Rajasthan
एंकर- देश में चुनावी व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं.....लेकिन आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के राज्य स्तरीय प्रोगाम में राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने उन तमाम बहसों पर सीधा और दो टूक बयान दिया है। ईवीएम को लेकर उठने वाले संदेहों पर राज्यपाल ने कहा कि विरोध करने वाले अब तक कुछ भी साबित नहीं कर पाए हैं, और बिना सबूत ऐसी चर्चा करना देशहित में नहीं है। राज्यपाल ने एक साथ चुनाव कराने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बार-बार चुनाव से देश का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हों, तो वही पैसा विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
वीओ-1- राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आज 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ....राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा कि ईवीएम को लेकर बार-बार सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन विरोध करने वाले अपने आरोप सिद्ध नहीं कर पाते। जब कोई बात साबित ही नहीं हो पा रही है, तो उस पर चर्चा करना भी देशहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर के दौर में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायतें आती थीं, इसी वजह से ईवीएम व्यवस्था लाई गई। राज्यपाल ने चुनावी खर्च का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से समय और पैसा दोनों खर्च होते होते हैं। यदि एक साथ चुनाव कराए जाएं तो इससे भारी खर्च बचेगा और वही पैसा विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी एक देश, एक चुनाव की दिशा में सोच रही है, लेकिन इसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, जबकि इसका कोई ठोस कारण समझ में नहीं आता। राज्यपाल ने कहा कि 1950 में संविधान लागू होने से एक दिन पहले निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी, ताकि देश में स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया कायम रह सके। आज देश में लगभग 100 करोड़ मतदाता हैं, जबकि राजस्थान में 5 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। एसआईआर के दौरान करीब 50 लाख नाम सूची से हटाए गए, जो या तो उस पते पर नहीं रहते थे या फिर दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके थे। उन्होंने कहा कि बीएलओ ने बिना किसी पक्षपात के काम किया, न तो अपने स्तर पर नाम जोड़े गए और न ही मनमर्जी से हटाए गए। ऐसा सुना है जो बांग्लादेश या पाकिस्तान से लोग आते है। अपना कार्ड लेकर आते थे। ऐसा शुरू से हो रहा है। मैं शुरु में पत्रकारिता का काम करता था। 1967 में असम में ऐसी बात आई। डिब्रूगढ़ विधानसभा में हजारों नाम बाहर के आए थे। इस तरह की खबर भी अखबार में आई थीं। इसके बावजूद भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र है। अपने यहां सहिष्णुता है। भारत के नागरिक सभ्यता भी है। इसलिए हमारे यहां लोकशाही बढ़ रही है। मौर्य और गुप्त राज्यों के वक्त भी पाटलिपुत्र में नगर निगम था। उसका चुनाव हुआ था। 30 सदस्य चुने गए थे। अच्छी व्यवस्था के लिए कुछ कमेटियां भी बनी थी। ये सब हमारा इतिहास है। पंडित नेहरू ने अपनी किताब में यह लिखा है।
बाइट-हरिभाऊ किशनराव बागड़े,राज्यपाल
बाइट-नवीन महाजन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी
वीओ-2- जिला निर्वाचन अधिकारी और राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने एसआईआर के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा मैने 2002 में नाथद्वारा में पोस्टिंग के दौरान एसआईआर का काम किया हैं और अब फिर से राजसमंद कलक्टर रहते हुए एसआईआर का काम करने का मौका मिला हैं.....एसआईआर का काम जब शुरू हुआ तो हम रोज कार्यों की समीक्षा करते थे। हमने रोज वीसी करने का फैसला लिया। सभी कार्मिकों ने कहा कि वीसी करेंगे तो काम कब करेंगे। मैंने कहा कि हम शाम में करेंगे, आपके काम के समय के बाद। इससे हमें एसआईआर में बड़ी सफलता मिली। उन्होंने कहा लोकतंत्र जनसहभागिता से ही साकार होता है। यह एसआईआर पारदर्शिता और निष्पक्षता का उदाहरण बना, इसलिए दिल्ली में वैश्विक स्तर पर इसे मॉडल के रूप में रखा गया। बस्सी एसडीएम डॉ. गरिमा शर्मा ने बताया कि बीएलओ ने बेहतरीन काम किया। इस एसआईआर को लोकतांत्रिक उत्सव की तरह मनाया गया। सभी बीएलओ और सुपरवाइजर की निगरानी की गई और उन्हें प्रोत्साहित किया गया। एसडीएम बस्सी डॉ.गरिमा शर्मा ने बताया कि राजस्थान में बीएलओ ने अच्छा काम किया। इस एसआईआर को लोकतांत्रिक उत्सव के तरह मनाया। सभी बीएलओ और सुपरवाइजर की मॉनिटरिंग की गई। उन्हें प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर एसआईआर में बेहतरीन काम करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, पर्यवेक्षक, बूथ लेवल अधिकारी सहित विभिन्न श्रेणियों के कुल 79 अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें राजसमंद कलक्टर अरूण कुमार हसीजा, अलवर एवं खैरथल-तिजारा कलक्टर अर्तिका शुक्ला, बालोतरा कलक्टर सुशील कुमार, धौलपुर कलक्टर श्रीनिधि बीटी, चित्तौडगढ उपजिला निर्वाचन अधिकारी प्रभा गौतम, चूरू उपजिला निर्वाचन अधिकारी प्रभा गौतम, ईआरओ शिव एसडीएम यक्ष चौधरी, ईआरओ अजमेर शहर नरेन्द्र मीना, कोटा दक्षिण ईआरओ अनिल कुमार सिंघल, ईआरओ चौमूं दिलीप सिंह, खंडार ईआरओ वर्षा मीना, बस्सी ईआरओ डॉ.गरिमा शर्मा, शाहपुरा ईआरओ संजीव कुमार खेंदड, भरतपुर ईआरओ भारती गुप्ता, बामनवास ईआरओ प्रियंका कंडेला, एईआरओ विराटनगर लोकेन्द्र मीना, भीनमाल एईआरओ नीरज कुमारी, बेंगू एईआरओ रामचंद्र यादव को सम्मानित किया गया....कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने भी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
बाइट-वी.श्रीनिवास, मुख्य सचिव
बाइट-राजेश्चर सिंह, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग
बाइट-अरूण कुमार हसीजा, जिला निर्वाचन अधिकारी, राजसमंद
बाइट-गरिमा शर्मा, ईआरओ, बस्सी
बहरहाल, कुल मिलाकर राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मंच से राज्यपाल का संदेश साफ था लोकतंत्र में भरोसे से बड़ा कोई विकल्प नहीं है। ईवीएम पर बेवजह की शंकाओं से लेकर एक साथ चुनाव की जरूरत तक, राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि मजबूत लोकतंत्र के लिए ठोस तथ्यों, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर ही देश को आगे बढ़ना होगा। और इसी विश्वास के साथ भारत आज भी दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सशक्त लोकतंत्र बना हुआ है।
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