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KHKHALID HUSSAIN30 Jul 2025, 02:32 pm

पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों का गुप्त पुनर्निर्माण: क्या है सच्चाई?

Chaka, ( TVU 9 ) EXCLUSIVE पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है; ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किए गए आतंकवादी शिविरों का गुप्त रूप से पुनर्निर्माण किया जा रहा है ताकि आतंकवादियों को फिर से संगठित किया जा सके: नवीनतम खुफिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। एक ताज़ा खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), और पाकिस्तान की अन्य सरकारी एजेंसियाँ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नष्ट किए गए बंकरों के पुनर्निर्माण के लिए बड़े आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रही हैं। कम से कम 13 नए आतंकी शिविर और लॉन्चपैड नई विधियों और तकनीकों से बनाए जा रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पाकिस्तानी सेना, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), और पाकिस्तान कुछ सरकारी विभाग इन सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धन और सहायता प्रदान कर रहे हैं, खासकर POK में नियंत्रण रेखा के पास और जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान पीओके में कम से कम 13 लॉन्चपैड और आतंकी शिविरों का पुनर्विकास कर रहा है, जिनमें केल, शारदी, दुधनियाल, अथमुकाम, जुरा, लीपा घाटी, टंडपानी, नैय्यली, जनकोट, और चकोटी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जम्मू क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चार लॉन्चपैड - मसरूर, चपरार, और शकरगढ़ में एक ड्रोन केंद्र - को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। इस बार पुनर्निर्माण एक अलग तरीके से किया जा रहा है, जिसमें भविष्य की सभी कार्रवाइयों को ध्यान में रखा गया है और तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भारतीय निगरानी से बचने और संभावित भविष्य के हमलों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए, पाकिस्तान छोटे, उच्च तकनीक वाले शिविर बनाकर एक नया तरीका अपना रहा है। ये "मिनी-कैंप" एक बार में 20-30 आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जबकि पहले के शिविर 70-80 आतंकवादियों को प्रशिक्षण देते थे।ये शिविर घने जंगलों में रडार कमोफ़्लेज और सॅटॅलाइट मास्किंग जैसी उन्नत तकनीकों से लैस हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि आईएसआई ने कथित तौर पर महत्वपूर्ण धनराशि देने का वादा किया है, कुछ सूत्रों ने पुनर्निर्माण प्रयासों के लिए 100 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के करचे का हवाला दिया है। पुनर्निर्माण में चीनी कंपनियों द्वारा सहायता प्रदान करने और संभवतः तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के भी अपुष्ट दावे हैं। यह सब जून में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ बहावलपुर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया था, जिसे भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इंटरसेप्ट किया था। इस बैठक में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), हिजबुल मुजाहिदीन और द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के शीर्ष कमांडरों के साथ-साथ आईएसआई के कुछ बड़े सदस्यों ने भी भाग लिया था, जिन पर आतंकवादी गतिविधियों के समन्वय और समर्थन में भूमिका निभाने का ज़िमा है। बैठक का एजेंडा ऑपरेशनल कमांड को पुनर्गठित करने, हथियारों का पुनर्वितरण करने और पाकिस्तान तथा जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रयासों को फिर से शुरू करने पर केंद्रित था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चर्चा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नष्ट किए गए आतंकी लॉन्चपैड और प्रशिक्षण शिविरों के पुनर्निर्माण पर केंद्रित थी। इस रणनीति में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास जंगली इलाकों में छोटे कैम्प बनाना है, जिस में उच्च तकनीक वाली सुविधाएँ शामिल है ताकि भारतीय निगरानी से बचा जा सके, रडार कैमोफ्लेज और सैटेलाइट मास्किंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा है और ऑपरेशनल कमांडरों को पुनर्गठित किया जा सके, जिन की कमी संभवतः भारतीय हमलों के दौरान प्रमुख आतंकवादी नेताओं की मौत के कारण हुआ है। भारत के आतंकवाद-रोधी अभियानों से कम हुए आतंकवादी समूहों की संख्या बढ़ाने के लिए पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रयासों को तेज़ करने की योजनाएँ भी बनाई गईं। इसमें स्थानीय लोगों को निशाना बनाना और पीओके में नेटवर्क का लाभ उठाना शामिल है। डब्ल्यूटी खालिद हुसैन 22 अप्रैल को पहलगाम में टीआरएफ द्वारा नागरिकों पर घातक हमले के बाद। भारत ने इस हमले का बदला लेने के लिए 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें 25 मिनट में 24 मिसाइल हमले किए गए, जिनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के सवाई नाला, अब्बास और बरनाला जैसे ठिकानों सहित नौ आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया। इस ऑपरेशन में लगभग 100 आतंकवादी मारे गए और इसे पहलगाम हमले का जवाब बताया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया। ऑपरेशन के बाद, तनाव बढ़ गया और पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए, जिनको भारत ने नाकाम कर दिया। बाद में युद्धविराम की घोषणा की गई। लेकिन भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं हुआ है, अगर कुछ भी होता है तो उसे दोगुनी ताकत से जवाब दिया जाएगा। वही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी पहलगाम हमले की निंदा की है, जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है और हमले के लिए टीआरएफ और लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया है। बाइट राशिद राहिल (रक्षा पत्रकार) ने कहा “अगर यह सच है कि आतंकवादी जंगली इलाकों में अपने बंकर बना रहे हैं और उन्हें पाकिस्तानी प्रतिष्ठान का समर्थन प्राप्त है तो भारत सरकार चुप नहीं बैठेगी क्योंकि प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए कहा है कि हमने उन्हें सबक सिखाया है और जो लोग सबक नहीं सीखेंगे, हम उन्हें भविष्य में सिखाएंगे। मैं नहीं मानता कि भारत की खुफिया एजेंसियां चुप रहेंगी या सेना चुप रहेगी अगर उन्होंने ऐसा कुछ किया तो उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की कुछ खुफिया रिपोर्ट्स कहती है कि इस में चीन की संलिप्तता का भी संकेत मिल रहा है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीनी कंपनियाँ तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रही हैं, जिसमें संभवतः रडार कैमोफ्लेज और सैटेलाइट मास्किंग जैसी उन्नत तकनीकें भी शामिल हैं, ताकि पाकिस्तान को भारतीय निगरानी से बचने के लिए पीओके के जंगली इलाकों में छोटे, उच्च तकनीक वाले आतंकी शिविर बनाने में मदद मिल सके। खालिद हुसैन ज़ी मीडिया कश्मीर
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होमगार्ड भर्ती का झांसा, करोड़ों की ठगी का खेल! फरीदपुर से दो जालसाज गिरफ्तार

Munna SinghMunna SinghFollow1h ago
Nagaria Vikram, Uttar Pradesh:बरेली के फरीदपुर में पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी युवाओं को यूपी होमगार्ड और सेना से जुड़े संस्थानों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। मामले की शुरुआत तब हुई जब फतेहगढ़ निवासी विवेक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके भाई की पहचान फरीदपुर के अरविंद राज से हुई थी। अरविंद और उसके साथियों ने कई युवाओं को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही कोई वैध नियुक्ति पत्र। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह ने बड़ी संख्या में युवाओं को अपना शिकार बनाया और बैंक खातों के लेन-देन से करोड़ों रुपये की ठगी के साक्ष्य भी मिले हैं। 24 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उमेश मौर्य और अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे, लेकिन नौकरी नहीं लगवा सके। फिलहाल पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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लुधियाना के गैਯासपुरा चौक पर मोबाइल चोरी की घटना, भीड़ ने आरोपी की पिटाई की

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਗਿਆسਪੁਰਾ ਚੌਕ 'ਤੇ ਦਿਨ-ਦਿਹਾੜੇ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਖੋਹਣ ਦੀ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਓਕਾ ਨੇ ਨਾਕਾਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਨੇ ਹਿੰਮਤ ਦਿਖਾਈ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਕਰਕੇ ਉਸਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ। ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਔਰਤ ਦਾ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਖੋਹ ਕੇ ਭੱਜ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਤੇਜ਼ ਰਫ਼ਤਾਰ ਕਾਰਨ ਆਪਣਾ ਸੰਤੁਲਨ ਗੁਆ ਬੈਠਾ ਅਤੇ ਰੋਡ ਤੇ ਆ ਰਹੇ ਪਿਕਅੱਪ ਟਰੱਕ ਨਾਲ ਟਕਰਾ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅੱਰ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਮੋਬਾਇਲ ਫੋਨ ਖੋਹ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ ਅਤੇ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਟਿਆ। ਘਟਨਾ ਸਥਾਨ 'ਤੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਗਏ ਅਤੇ ਕਈਆਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨਾਂ 'ਤੇ ਪੂਰੀ ਘਟਨਾ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਵੀ ਰਿਕਾਰਡ ਕੀਤੀ।ਪੀੜਤਾ ਆਪਣੇ ਬਿਮਾਰ ਪੁੱਤਰ ਲਈ ਦਵਾਈ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਸਪਤਾਲ ਤੋਂ ਵਾਪਸ ਆ ਰਹੀ ਸੀ ਜਦੋਂ ਇਹ ਘਟਨਾ ਵਾਪਰੀ। ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ 'ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੀ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਹਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਲੈ ਲਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀ ਤੋਂ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਹਰੀਰਾਮ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਦੇ ਦੋਹਤੇ ਦੀ ਤਬੀਅਤ ਠੀਿਕ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਉਸਦੀ ਧੀ ਨਿਸ਼ਾ ਉਸਨੂੰ ਦਵਾਈ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਜੀਕੇ ਹਸਪਤਾਲ ਗਈ ਸੀ। ਦਵਾਈ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਜਦੋਂ ਉਹ ਗਿਆਸਪੁਰਾ ਚੌਕ 'ਤੇ ਆਟੋ-ਰਿਕਸ਼ਾ ਬਦਲਣ ਲਈ ਉਤਰੀ, ਤਾਂ ਪਿੱਛੇ ਤੋਂ ਇੱਕ ਬਾਈਕ ਸਵਾਰ ਨੌਜਵਾਨ ਆਇਆ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਖੋਹ ਲਿਆ। ਜਿਵੇਂ ਹੀ ਨਿਸ਼ਾ ਦਾ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਖੋਹਿਆ ਗਿਆ, ਉਸਨੇ ਅਲਾਰਮ ਵਜਾਇਆ। ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਨੇ ਤੁਰੰਤ ਬਾਈਕਰ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਚਸ਼ਮਦੀਦਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਦੋਸ਼ੀ ਭੱਜਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ ਰਫ਼ਤਾਰ ਨਾਲ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਪਰ ਥੋੜ੍ਹੀ ਦੂਰੀ 'ਤੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਉਸਨੇ ਕੰਟਰੋਲ ਗੁਆ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਬਾਈਕ ਇੱਕ ਆ ਰਹੇ ਪਿਕਅੱਪ ਟਰੱਕ ਨਾਲ ਟਕਰਾ ਗਈ। ਹਾਦਸੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਫੜ ਲਿਆ। ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਆਏ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਉਸਦੀ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ। ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਇਸ ਘਟਨਾ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਵੀ ਬਣਾਈ। ਹਰੀਰਾਮ ਨੇ ਕਿਹਾ कि ਉਸਦੀ ਧੀ, ਨਿਸ਼ਾ, ਅੰਬੇਡਕਰ ਨਗਰ ਦੇ ਪੀਪਲ ਚੌਕ ਦੇ ਨੇੜੇ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਸ਼ੱਕੀ ਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਪੁਲਿਸ ਸ਼ੱਕੀ ਤੋਂ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਜਾਰੀ ਹੈ。
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जिम्स ग्रेटर नोएडा: धरने पर आउटसोर्स कर्मियों और पुलिस के बीच लाठीचार्ज जैसा तनाव

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे आउटसोर्स कर्मचारियों और पुलिस के बीच बुधवार देर रात तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। धरना समाप्त कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद मौके पर हंगामे का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन धरना स्थल से हटाया गया और इस दौरान महिला व पुरुष कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम धरना स्थल पर पहुंची और प्रदर्शन समाप्त करने के लिए दबाव बनाने लगी। कर्मचारियों के विरोध करने पर पुलिस ने उन्हें जबरन उठाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान लाठीचार्ज जैसी स्थिति बनी और कई कर्मचारियों को चोटें आईं। उनका कहना है कि अचानक धरना स्थल के हॉल की लाइट भी बंद कर दी गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों के अनुसार इस घटनाक्रम में कुछ महिला और पुरुष कर्मचारी घायल हुए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार दिलाया। घटना के दौरान policeकर्मी और कर्मचारियों के बीच काफी देर तक बहस और धक्का-मुक्की होती रही। धरनारत कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय प्रशासन और संस्थान प्रबंधन पुलिस के माध्यम से आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है और इससे उनका आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, देर रात हुए घटनाक्रम के बाद संस्थान परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस और जिम्स प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। गौरतलब है कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले 10 दिनों से नियमित होने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। इनके नियमित होने की मांग को छोड़कर बाकी सब मांगों को प्रबंधन के द्वारा माना जा चुका है।
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भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा का जन्मदिन, समर्थकों का उत्साह और सेवा संकल्प

Ajmer, Rajasthan:वरिष्ठ भाजपा नेता और राष्ट्रीय खो खो संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भंवर सिंह पलाड़ा का जन्मदिन बुधवार को उत्साह, उमंग और जनसमर्थन के अभूतपूर्व माहौल में सेवा संकल्प के साथ मनाया गया। जनाना अस्पताल के निकट स्थित उनके फार्म हाउस पर सुबह से देर शाम तक शुभचिंतकों, समर्थकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, युवाओं एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों का तांता लगा रहा भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष शिव सिंह पलाड़ा,उनकी पत्नी पूर्व जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा सहित परिजनों ने उन्हें बधाई दी । हजारों लोगों ने पहुंचकर पलाड़ा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। पलाड़ा ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ जन्मदिन की शुरुआत हुई।
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