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KHKHALID HUSSAIN2 Sept 2025, 04:46 pm

हिमालय में घातक GLOF संकट: क्या हम बाढ़ से बच सकते हैं?

Chaka, ( TVU 9 ) EXCLUSIVE REPORT हिमालय में अब बहु-घटकीय आपदाएँ विकसित हो रही हैं। हर गुजरते दिन के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों ने दिए संकेत जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों ने चरम मौसम की घटनाओं के कारण रिकॉर्ड स्तर पर सबसे घातक अगस्त का अनुभव रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विनाशकारी बादल फटने और भूस्खलन की एक श्रृंखला ने 130 से अधिक लोगों की जान ले ली। अब एक हालिया जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई है, जो इस क्षेत्र में जलवायु संबंधी आपदाओं के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करती है। मौसम वैज्ञानिकों का सुझाव है कि हम बाढ़, भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने के मिश्रण वाली बहु-घटकीय आपदाओं का सामना कर रहे हैं। टिकटैक डॉ. रियाज़ अहमद मीर (जलवायु वैज्ञानिक और शोधकर्ता) ने कहा, "हम बहुत बारिश और बादल फटने की घटनाएँ देख रहे हैं। सबसे पहले इसने रामबन को प्रभावित किया, फिर उत्तराखंड में हमने हिमाचल में नुकसान देखा, फिर जम्मू कश्मीर में हमने जम्मू में भारी वर्षा देखी और बहुत नुकसान हुआ। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण है। बादल फटने की आवृत्ति भी बढ़ गई है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह और भी ज़्यादा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूँ कि पूरे हिमालय में ग्लेशियरों में बर्फ है और हम उस पर निर्भर हैं, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण ये ग्लेशियर पिघल रहे हैं और इनसे बनने वाला पानी हिमालय में जमा हो जाता है जहाँ उन्हें जगह मिलती है और ग्लेशियरों की झीलें बढ़ रही हैं और पहले से मौजूद झीलें का पानी बढ़ने पर वो फैल रही हैं। इन झीलों के सिरे जो इसे असंगठित करते हैं, टूट जाते हैं और अचानक बाढ़ आ जाती है, कभी-कभी बादल फटते हैं, भूस्खलन इसे ट्रिगर करते हैं और ये सभी चीजें जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही हैं। जम्मू कश्मीर में हमारी कई झीलें जलवायु परिवर्तन के कारण भी असुरक्षित हो गई हैं और जब पानी नीचे आता है तो यह मनुष्यों को प्रभावित करता है। अभी जो कुछ भी हो रहा है, चाहे वह भारी बारिश हो। बादल फटना, भूस्खलन, बाढ़, ये सब अब एक मिश्रित रूप में घटित हो रहे हैं। हम कह सकते हैं कि हिमालय में अब कई घटकों वाली आपदाएँ विकसित हो रही हैं। खतरा बढ़ रहा है, जैसा कि आप ने दराली में देखा हैं, हमने पैडर में भी देखा। रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने से केंद्र शासित प्रदेश में ग्लेशियल झीलों की संख्या और आकार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार की निगरानी समिति ने जम्मू-कश्मीर और ऊपरी सिंधु क्षेत्र में 197 ग्लेशियल झीलों की पहचान उच्च जोखिम वाली के रूप में की है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा काफ़ी बढ़ गया है। TICTAC के साथ कश्मीर विश्वविद्यालय के पृथ्वी विज्ञान विभागाध्यक्ष, प्रोफ़ेसर गुलाम जिलानी ने कहा, "यह सब जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण हो रहा है, और आपने सही कहा कि बादल फटने की आवृत्ति बढ़ गई है। बादल फटना पहले भी होता था और एक और चीज़ है ग्लोफ़, लेकिन अब ये विनाशकारी क्यों हो गए? यह एक बड़ा सवाल है? मैं आपको बताता हूँ कि बादल फटना या ग्लोफ़ आपदा क्यों बन गया है। जब पहाड़ों में बारिश होती है, तो वह पहाड़ों के जलग्रहण क्षेत्र में एक साथ बह जाती है। प्रकृति ने पहाड़ों में रास्ते बनाए हैं, जहाँ से पानी बहता है। हज़ारों सालों से पहाड़ों से बहता यह पानी अपने साथ तलछट लेकर आया है और एक ऐसा क्षेत्र बनाया है जिसे भूवैज्ञानिक भाषा में हम फैन क्षेत्र कहते हैं। हमने क्या किया, हमने इस समतल क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया और घर बना लिए, अगर यह राजमार्ग पर है तो हमने होटल बना लिए और अब जब अब पहाड़ों में हल्की बारिश होती है, तो यह इस समतल क्षेत्र तक पहुँच जाती है जहाँ निर्माण कार्य हुआ है, यह पूरे निर्माण क्षेत्र को बहा ले जाती है जो एक आपदा में बदल जाता है। एक और ख़तरा: ग्लोफ़, हमारे पास ग्लेशियर झील है, वास्तव में ग्लेशियर झील क्या है, वे ऊँचाई पर स्थित झीलें जो ग्लेशियरों से ढकी हुई होती थी, अब जब ग्लेशियर पिघल रहे हैं तो पानी वहाँ गड्ढा बना रहा है। जो क्षेत्र ग्लेशियर को अवरुद्ध करता है वो मज़बूत नहीं होता। जब यह टूटता है तो यह तो सारा पानी एक साथ नीचे आ जाता है। चिनाब क्षेत्र में कुछ झील अस्थिर है। ज़ांस्कर की तरफ कुछ झीलें असुरक्षित हैं, वहाँ भी खतरा है। इसका कारण यह है कि हमने नदियों और जलाशयों के किनारों पर अतिक्रमण कर लिया है। अगर हमें इस आपदा से खुद को बचाना है, तो हमें किसी भी शहरीकरण से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी होगी। रिपोर्ट में किश्तवाड़ जिले को सबसे संवेदनशील क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है, जहाँ जम्मू और कश्मीर में सबसे अधिक ग्लेशियल झीलें हैं। किश्तवाड़ में, चार झीलें—मुंडिकसर, हंगू, पाटला पानी और एक अनाम झील—को असुरक्षित के रूप में वर्गीकृत किया गया है। राजौरी, गंदेरबल और अनंतनाग जैसे अन्य जिलों में भी कई उच्च-जोखिम वाली ग्लेशियल झीलें हैं। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में चसोटी बादल फटना और उत्तराखंड में उत्तरकाशी बादल फटना मुख्य रूप से तीव्र स्थानीय वर्षा के कारण ग्लेशियल झीलों के फटने से विस्फोट बाढ़ (GLOF) के कारण हुआ था। चल रही जाँच से पता चलता है कि इन क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाली ग्लेशियल झीलें, जो तेज़ी से पिघल रहे है के कारण और भी खतरा बढ़ गया हैं, और यह GLOF में योगदान कर सकती हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में GLOF जोखिमों से निपटने के लिए एक तकनीकी रूप से उन्नत दृष्टिकोण अपनाया है। 2024-25 के लिए GLOF प्रबंधन योजना में कई शमन रणनीतियों की रूपरेखा दी गई है। ग्र्फ़्स इन 1. Continuous Monitoring: High-risk lakes will be monitored using satellite imagery and ground expeditions. 2. Early Warning Systems: Deployment of systems to alert downstream communities of potential floods. 3. Engineering Interventions: Reinforcement of unstable moraine dams and construction of drainage channels to manage excess water. 4. Risk Mapping: Comprehensive mapping to identify vulnerable areas susceptible to flooding. 5. Community Preparedness Programs: Training locals in emergency response to enhance community resilience. ग्र्फ़्स आउट क्षेत्र भर में योजना के सफल क्रियान्वयन और उसकी सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों, आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों और समुदाय के सदस्यों के बीच सहयोग आवश्यक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो यह आने वाले भविष्य में और भी घातक होगा और इसके विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में, जो एक साथ हजारों लोगों की जान ले सकते हैं। खालिद हुसैन ज़ी मीडिया कश्मीर
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गोरखपुर में विश्व अल्जाइमर दिवस: जागरूकता कार्यक्रम से मस्तिष्क स्वास्थ्य बढ़ाने पर जोर

Gorakhpur, Uttar Pradesh:अल्जाइमर-डिमेंशिया को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बताए बचाव और उपचार के तरीके गोरखपुर के मेडिकल रोड स्थित जेमिनी रेजिडेंसी में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अल्जाइमर और डिमेंशिया के प्रति जागरूक करना रहा। संस्था की डायरेक्टर एवं मनोचिकित्सक डॉ. आकृति पांडेय ने कहा कि अल्जैकिमर और डिमेंशिया को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। समय रहते बीमारी की पहचान होने और उचित उपचार मिलने से मरीज की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. प्रभात अग्रवाल ने कम उम्र में होने वाले डिमेंशिया के कारणों और शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने और सही उपचार शुरू कराने पर जोर दिया। वहीं, जेरियाट्रिशियन डॉ. मीनाक्षी अवस्थी ने अल्जाइनलzheimerर और डिमेंशिया के बीच अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। पढ़ना-लिखना, संगीत सुनना, नियमित मानसिक गतिविधियों में शामिल होना और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। उन्होंने 60 वर्ष की उम्र के बाद नियमित व्यायाम और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा कुमारी नाम ने जानकारी दी। उन्होंने 40 वर्ष की उम्र के बाद मेनोपाज और मासिक चक्र से जुड़े बदलावों तथा उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया। साथ ही जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ मस्तिष्क को सक्रिय रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. शांतनु अग्रवाल, डॉ. रामेंद्र मणि त्रिपाठी, डॉ. मानसी श्रीवास्तव, रागिनी जायसवाल, श्रीमती रेखा पांडेय, बजरंगी पांडेय, डॉ. आलोक पांडेय, राजेश त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अल्जाइमर और डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी। मानसिक गतिविधियों और सामाजिक सक्रियता पर जोर। 60 वर्ष के बाद व्यायाम और संतुलित आहार की सलाह। महिलाओं में मेनोपाज के दौरान मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील। विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों के दिए जवाब。
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हिंमतनगर में सड़क हादसे से 16 pedestrians घायल, एक की मौत; कार में आग लगा दी गई

Idar, Gujarat:સાબરકાંઠાના હિંમતનગરમાં દોલગઢ પાટિયા નજીક પદયાત્રીઓને કાર અડફેટે લીધા જતા ગંભીર અકસ્માત થયો. 16 પદયાત્રીઓ ઈજાગ્રસ્ત થયા, જેમાંથી 12ને હિંમતનગર સિવિલ હોસ્પિટલ અને 4ને ખાનગી હોસ્પિટલમાં સારવાર માટે ખસેડવામાં આવ્યા. અકસ્માતમાં એક વ્યક્તિનું મૃત્યુ થયું છે. ઘટનાથી રોષે ભરાયેલા ટોળાએ કારને રોકી આગ ચાંપી દીધી હતી. એકસાથે પદયાત્રીઓમાંના મોટા ભાગના ઈજાગ્રસ્તોને તુરંત હોસ્પિટલ મોકલવામાં આવ્યા હતા. કારચાલક દારૂના નશામાં હોવાનું સામે આવ્યું હતું અને તેને ઝડપી લેવામાં આવ્યો છે. શુભાલ અંગે શુભાળે તપાસ હીટવhedરી પોલીસ હાથ ધરેલ છે.
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जोधपुर चुनाव मामले: हाईकोर्ट ने तत्काल राहत के संकेत के साथ सुनवाई तेज की

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। बाबा रामदेव जयंती के अवकाश के बावजूद सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनाव से जुड़े मामलों की गंभीरता और तत्काल राहत की जरूरत को देखते हुए विशेष सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर अवकाश के दिन हाईकोर्ट खोला गया। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की डिवीजन बेंच तथा जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ के समक्ष अलग-अलग मामलों में सुनवाई हुई। श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव से जुड़े मामलों में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक स्थिति जानी और आवश्यक निर्देश जारी किए। अपहरण मामले में एसपी को मतदाता तलाशने के निर्देश श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान एक मतदाता के कथित अपहरण के मामले में जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर तत्काल सुनवाई की। श्रीविजयनगर निवासी शशि पत्नी विजय कुमार टिन्ना की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि उनके पति विजय कुमार अन्य लोगों के साथ मतदान करने जा रहे थे। बजूवाला के पास तीन मतदाताओं पर फायरिंग कर उन्हें जबरन साथ ले जाने का आरोप लगाया गया। शाम पांच बजे तक बढ़ाया मतदान का समय याचिका में बताया गया कि घटना के बाद विजय कुमार का मोबाइल बंद था और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान का समय पहले सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था। घटनाक्रम के बाद मतदान की समय-सीमा बढ़ाकर शाम 5 बजे कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को श्रीगंगानगर एसपी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दोपहर 2 बजे कोर्ट दोबारा बैठी और श्रीगंगानगर एसपी वीसी के जरिए पेश हुए। खंडपीठ ने एसपी को निर्देश दिया कि विजय कुमार को शाम 4 बजे तक तलाश करना सुनिश्चित करें और यदि वे मिलते हैं तो उन्हें श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान का अवसर उपलब्ध कराया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी के साथ मुदित नागपाल और निशांत गाबा ने पैरवी की। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी उपस्थित हुए। चुनाव परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन इसी चुनाव में तीन निर्वाचित वार्ड सदस्यों पर कथित फायरिंग कर अपहरण किए जाने के आरोपों को लेकर जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ में भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य निर्वाचन आयोग सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। साथ ही अंतरिम व्यवस्था करते हुए स्पष्ट किया कि श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव का परिणाम रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि कथित रूप से अगवा किए गए तीनों मतदाता उनके राजनीतिक दल से संबंधित हैं। उनके मतदान नहीं करने की स्थिति में याचिकाकर्ता को तीन मतों से वंचित होना पड़ सकता है। विजय कुमार की पत्नी द्वारा पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात भी कोर्ट के समक्ष रखी गई। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। मतदान से रोकने की आशंका पर तत्काल राहत नहीं अवकाश के दिन ही मतदान से रोकने की आशंका से जुड़ी एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई हुई। संतोष बंसल व अन्य की आपराधिक विविध याचिका में बताया गया कि हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में वर्ष 2003 की कथित घटना को लेकर धोखाधड़ी और जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज है। याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई कि उनकी बेटी वंदना जैन को 21 सितंबर के चुनाव में मतदान करने से रोकने के लिए धमकियां दी जा रही हैं और उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। याची की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय ने पैरवी की। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वंदना जैन का नाम एफआईआर में नहीं है और वर्तमान में उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। रिकॉर्ड देखने के बाद हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। हालांकि तथ्यात्मक रिपोर्ट रिकॉर्ड पर लेते हुए केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
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जोधपुर NDPS कोर्ट ने 39 किलो डोडा पोस्त बरामदगी मामले में भंवरलाल को सजा

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय संख्या दो, जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मुजफ्फर चौधरी ने 13 वर्ष पुराने अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त बरामदगी के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी भंवरलाल को 5 वर्षों का कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक मनोहर लाल पालीवाल ने बताया कि दिनांक 12/11/2013 को थाना अधिकारी पुलिस थाना ओसियां पूरण सिंह को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। भंवरलाल निवासी कंवर जी खेजड़ी तापू ने अपने घर में अवैध डोडा पोस्त के बोरे छुपा कर रखे हैं तुरंत दबिश दी जाए तो भंवरलाल डोडा पोस्त सहित पकड़ा जा सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस ने जाप्ते के साथ दबिश दी। घर व खेत अपना होना बताया तब पास में पड़े सफेद वह काले कट्टों में भरी वस्तु के बारे में पूछने पर उसने घबराते हुए डोडा पोस्ट होना बताया जो डोडा पोस्त अवैध होने से थानाधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्जा पुलिस लिया व रूबरू मौतबिरान इलेक्ट्रॉनिक कांटा से कट्टों का वजन किया तो सफेद कट्टे में 19 किलोग्राम व हल्के काले रंग के कट्टे में 20 किलोग्राम कुल 39 किलोग्राम डोडा पोस्त हुआ बरामदगी संबंधी कार्रवाई मौके पर कर बरामद माल को माल खाना लाकर जमा करवाया व रिपोर्ट दर्ज की गई। दोराने अनुसंधान आरोपी को गिरफ्तार किया तथा बाद अनुसंधान आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 10 गवाह, 40 दस्तावेजी साक्ष्य और 04 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त भंवरलाल उर्फ भंवरु को दोषी ठहराते हुए उनके कब्जे से अवैध मादक पदार्थ डोडा पोست बरामदगी को देखते हुए 5 वर्षों का कठोर कारावास व 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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रेलवे कैजुअल कर्मचारियों की पेंशन: मृत्यु पूर्व नियुक्ति पर नहीं मिली पेंशन, हाईकोर्ट खारिज

Jodhpur, Rajasthan:​जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय वृहद पीठ ने रेलवे के कैजुअल कर्मचारियों की पेंशन पात्रता से जुड़े वर्षों पुराने कानूनी विवाद का निस्तारण कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अस्थाई दर्जा प्राप्त कैजुअल कर्मचारियों की यदि किसी नियमित/अस्थाई पद पर नियुक्ति से पूर्व मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिजन या विधवाएं पेंशनरी लाभ पाने के हकदार नहीं होंगे। ​मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण की वृहद पीठ ने आल्मा व अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए यह निर्णय दिया। याचिकाकर्ताओं के पति उत्तर रेलवे के जोधपुर मंडल में कैजुअल गैंगमैन, सब्स्टीट्यूट खलासी आदि के रूपत कार्यरत थे, जिनकी सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी। रेलवे द्वारा पेंशन से इनकार किए जाने के बाद परिजनों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का रुख किया, जहां से राहत न मिलने पर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। वर्ष 2003 में पूर्व के एक फैसले पर पुनर्विचार हेतु यह मामला फुल बेंच को भेजा गया था। ​सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंदा देवी मामला (2008) में इस संबंध में स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। इंडियन रेलवे एस्टेब्लिशमेंट मैनुअल के पैरा 1501 के अनुसार अस्थाई रेलवे कर्मचारी'' की परिभाषा में कैजुअल लेबर (चाहे उन्हें अस्थाई दर्जा मिला हो) शामिल नहीं हैं। केन्द्र सरकार की ओर से सीनियर पैनल काउंसिल प्रकाश चौधरी ने पक्ष रखा। ​हाईकोर्ट की फुल बेंच ने माना कि चूंकि याचिकाकर्ताओं के पति किसी अस्थाई पद पर नियुक्त होने से पहले ही दिवंगत हो गए थे, इसलिए वे रेलवे मैनुअल के तहत पेंशन के हकदार नहीं थे। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं。
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अंबाला के वामन द्वादशी मेले का भव्य आगाज़, सीएम सैनी ने दर्शन किया

Ambala, Haryana:अंबाला की ऐतिहासिक पहचान और आस्था से जुड़े प्रसिद्ध वामन द्वादशी मेले का आज भव्य आगाज हुआ। तीन दिवसीय इस मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने वामन भगवान के दर्शन कर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। अंबाला में इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन 125 साल से ज्यादा समय से हो रहा है। अंबाला में मेले की शुरुआत तीन दिवसीय कार्यक्रम के साथ होती है; 21, 22 और 23 सितंबर तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। मेले के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री ने भगवान का आशीर्वाद लिया और मेले में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात की। अंबाला का वामन द्वादशी मेला धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 125 साल से अधिक समय से आयोजन हो रहा है। पहली दिन हिंडोलों की परंपरा होती है, दूसरी दिन रोशनी और खेल प्रतियोगिताएं होती हैं, तीसरे दिन शोभायात्रा के साथ हिंडोलों का विसर्जन होता है और मेला समापन होता है। इस मेले का आयोजन अंबाला के लोगों के लिए आस्था, परंपरा और शहर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा एक खास आयोजन है, जिसमें हर साल श्रद्धालु और शहरवासी हिस्सा लेते हैं।
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एसडीएम के आदेश पर अहमदनगर पहुंची टीम, मकानों के कागज मांगने से मचा हड़कंप।

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Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर। नगर के मोहल्ला अहमदनगर वार्ड नंबर पांच में सोमवार को एसडीएम मयंक गोस्वामी के निर्देश पर राजस्व टीम पुलिस के साथ पहुंची और लोगों से मकानों व जमीन से संबंधित दस्तावेज मांगे। अचानक हुई इस कार्रवाई से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने टीम के सामने विरोध जताते हुए कार्रवाई का आधार और न्यायालय का आदेश अथवा लिखित नोटिस दिखाने की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में वर्ष 1970 के आसपास से परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। वर्तमान में यहां एक हजार से अधिक पक्के मकान बने हैं। लोगों का दावा है कि उनके बुजुर्गों ने जमीन कच्ची लिखा-पढ़ी के आधार पर खरीदी थी और इससे संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे लेखपाल कमल किशोर, अनिल चौधरी और शिशुपाल पुलिस के साथ मोहल्ले में पहुंचे और लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई न्यायालयी आदेश या नोटिस नहीं दिखाया गया। जबाब में एसडीएम मयंक गोस्वामी बताया गया। इस पर लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। बताया गया कि दीपक खंडेलवाल पुत्र विजय कुमार खंडेलवाल निवासी गनेशगंज ने शिकायत कर गाटा संख्या 421 अपने दादा की जमीन बताते हुए लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन उनके बुजुर्गों से खरीदी थी। अब उक्त लोग अवैध तरीको से अधिकारियों को गुमराह कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। हालांकि 50 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद आज तक किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई गई,अब 19 सितंबर 2026 से एसडीएम के द्वारा लोगों को परेशान किया जा रहा है जबकि यह आबादी क्षेत्र है बिना न्यायालय के आदेश अधिकारी हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं उसके बावजूद एसडीएम पूरनपुर के द्वारा हस्तक्षेप करते हुए लोगों पर अनावश्यक रूप से दबाव बनाते हुए उनके दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जल्द ही लोगों ने इस संबंध में धरना प्रदर्शन कर अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले अधिकारी व अन्य लोगों के खिलाफ आंदोलन करने को लेकर रणनीति बनाई जा रही हैं।
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जमुई के हरिहरपुर में बम हमले से अजय पंडित घायल, मौत की पुष्टि

Jamui, Bihar:जमुई : लछुआड़ थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव के मांझी टोला में सोमवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात अपराधियों ने 55 वर्षीय अजय पंडित को बम मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए जमुई पहुंचाया, जहां एक निजी क्लीनिक में पहुंचते ही चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान हरिहरपुर गांव निवासी अजय पंडित (55), पिता सरयुग पंडित के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सोमवार की शाम अज्ञात अपराधियों ने अजय पंडित को निशाना बनाकर बम से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जमुई ले जाया गया, लेकिन निजी क्लीनिक पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। बताया जाता की अजय पंडित एक किसान थे और गांव में समाज सेवा का भी काम करते थे。 घटना की सूचना मिलते ही लछुआड़ थानाध्यक्ष रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि हरिहरपुर गांव में अजय पंडित को बम मारकर घायल किए जाने की सूचना मिली थी। घायल को इलाज के लिए जमुई ले जाया गया, जहां निजी क्लीनिक में उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है。 घटना के बाद परिजन मृतक के शव को वापस हरिहरपुर गांव लेकर आए। मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया वहीं पूरे मामले को लेकर जमुई सदर एसडीपीओ दीप्ति मोनाली ने कहा कि अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर छानबीन की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में कोई पुष्टि की जा सकेगी। फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है और FSL की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है。
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कृष्णनगर में पांच साल के बच्चे पर पड़ोसी का हमला, आरोपी फरार

ADAnup Das28m ago
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস *পাঁচ বছরের শিশুর দুই পায়ে রাম দা দিয়ে কোপ মারলো এলাকার প্রতিবেশী এক যুবক, শিশুটিকে কৃষ্ণনগর জিলা হসপিটালে আনা হলে, রেফার করে দেওয়া হয় কলকাতায়।* আহত শিশুর নাম হাবিল মন্ডল বয়স পাঁচ, বাড়ি কৃষ্ণনগর কোতয়ালী থানার অধীন,ভান্ডারখোলা গ্রামে, যে کوप মেরেছে তার নাম বিশ্ব ঘোষ, শিশুটির দুই পায়ে কোপ করে, একটি পা বাদ হয়ে যাওয়ার সম্ববনা। আহত পাঁচ বছর শিশুটির আজ পাঁচ বছর পূর্ণ হয়, জন্মদিন পালন হবে, বাড়িতে কেক আনা হয়েছে,পায়েস ও রান্না করা হয়েছে, জানাযায় প্রতিবেশী এক শিশুর আজ অন্নপ্রাশন ছিল,সেই অনুষ্টানে হাবিল মন্ডল তার যমজ ভাই কে নিয়ে খেতে গিয়েছিল একই পাড়ার অন্নপ্রাশন বাড়িতে,সেখান থেকে ফেরার সময়, হাবিল কে লক্ষ করে পায়ে কোপ মারে এলাকার যুবক বিশ্ব ঘোষ, থানায় অভযোগে হয়,পুলিশ বিশ্ব ঘোষ কে খুঁজছে,সে পলাতক। আহত শিশুটির পিতা, এবং অভিযুক্ত ট্রাক ড্রাইভার। বাইট আহত শিশুটির আত্মীয়। এবং মা
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AMU में छात्र संघ चुनाव को लेकर धरना-धक्का, भूख हड़ताल जारी

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ AMU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बवाल डक पॉइंट पर छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम में जमकर धक्का-मुक्की छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र यासिर फहद भूख हड़ताल पर बैठे करीब 400-500 छात्रों के धरने पर M.A. उर्दू के छात्र यासिर फहद ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 48 घंटे पहले प्रॉक्टर कार्यालय में VC के नाम दिया था मेमोरेंडम 48 घंटे में चुनाव की तारीख घोषित नहीं होने पर भूख हड़ताल का किया था ऐलान धरना रोकने को लेकर करीब एक घंटे तक छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम में धक्का-मुक्की यासिर फहद ने प्रॉक्टोरियल टीम पर मारपीट और घसीटने के लगाए आरोप छात्र ने प्राइवेट पार्ट पर चोट करने का भी लगाया आरोप यासिर फहद का दावा चुनाव की तारीख लेकर ही उठूंगा प्रॉक्टोरियल टीम छात्रों को धरने से रोकने में नाकाम AMU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बार फिर गरमाया माहौल
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आजमगढ़ में सहज जन सेवा केंद्र संचालक गिरफ्तार, ग्रामीणों के खातों से धोखाधड़ी

Azamgarh, Uttar Pradesh:जनसेवा केंद्र संचालक द्वारा ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने के मामले में गिरफ्तार, कब्जे से नगद, ATM/क्रेडिट कार्ड, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, कूटरचित प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान की मुहर व अवैध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद। पुलिस के अनुसार कल 20 सितंबर को जिले के साइबर सेल को सहज जन सेवा केंद्र संचालक अनिल कुमार निवासी ग्राम जमुनीपुर, थाना मेहनाजपुर के विरुद्ध लोगों के साथ साइबर फ्रॉड एवं बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। उस शिकायत के संबंध में अभियुक्त के विरुद्ध थाना मेहनाजपुर पर मुकदमा सं. 83/2026, धारा 316(2) BNS व 66(C) IT Act, बढ़ोत्तरी धारा 336(3), 341(1), 317(2) BNS पंजीकृत है। शिकायत की जांच के दौरान साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अभियुक्त की लोकेशन प्राप्त की गयी। प्राप्त लोकेशन एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर साइबर सेल एवं मेहनाजपुर थाने के पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मुकदमे में वांछित अभियुक्त अनिल कुमार, जो मोटरसाइकिल से अपने घर जमुनीपुर की ओर आ रहा था उसे हिरासत में लिया गया। अभियोग से संबंधित वांछित अभियुक्त होने की पुष्टि होने पर उसकी नियमानुसार तलाशी ली गयी, जिसमें उसके कब्जे से 15,630 नगद, 3 मोबाइल, लैपटॉप, 2 माइक्रो ATM मशीन, बायोमैट्रिक मशीन, USB GPS रिसीवर मशीन, विभिन्न बैंकों के 18 ATM/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, 4 आधार कार्ड, कूटरचित प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत चाकीडीह की मुहर एवं मुहर लगे 3 हस्ताक्षरित सादे कागज बरामद हुए। बरामद मोटरसाइकिल के कागजात प्रस्तुत न कर पाने के कारण उस वाहन को धारा 207 एम.वी. एक्ट के अन्तर्गत सीज किया गया। वहीं पुलिस द्वारा प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि सहज जन सेवा केंद्र के संचालन के दौरान वह ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से बैंक पासबुक, ATM कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अपने पास रख लेता था तथा उनके बैंक खातों से धोखाधड़ी पूर्वक धनराशि ट्रांसफर/निकासी करता था। इसके अतिरिक्त अभियुक्त द्वारा ग्राम प्रधान की मुहर का दुरुपयोग कर कूटरचित/जाली प्रमाण पत्र तैयार किए जाने तथा लोगों के साथ धोखाधड़ी कर धनराशि का गबन किए जाने की बात भी प्रकाश में आयी है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अन्य आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। वहीं बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं दस्तावेजों की तकनीकी/फॉरेंसिक जांच तथा संबंधित बैंक खातों एवं लेन-देन के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
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बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत का दावा, अरुण साव पर कांग्रेस की चुटकी

Taga, Chhattisgarh:एंकर जांजगीर चाम्पा जिला के सरस्वती शिशु मंदिर मे आयोजित विद्या भारती मध्य क्षेत्र खेल कूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिरकत की उन्होंने प्रतियोगिता मे शामिल बालक बालिका खिलाड़ियों को बधाई दी और खेल कूद का जीवन मे महत्व बताया मिडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बारिश मे खस्ता हाल प्रदेश की शीघ्र मरम्मत कराने का दावा किया वही कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री के लिए चार नामो की घोषणा को मुंगेरी लाल के हसीन सपना कहते हुए चुटकी की और कांग्रेस को अपने हालत पर गौर करने की नसीहत दी जांजगीर चाम्पा जिला के प्रवास मे पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के उस बयान को मुंगेरी लाल के हसीन सपने बताया जिसमे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी विधान सभा चुनाव मे बीजेपी का सुपड़ा साफ होने का दावा करते हुए प्रदेश मे कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया और मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस के चार नेताओं का जिक्र किया है उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेसी मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रही है उन्होंने कहाँ कि प्रदेश मे हुए उपचुनाव मे कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है कांग्रेस की हालत गंभीर है पहले कांग्रेस अपनी हालत पर गौर कर ले, सपना देखने से किसी को रोका नहीं जा सकता, कांग्रेस देखती रहे मुंगेरी लाल के हसीन सपने, अरुण साव मे प्रदेश की बदहाल सड़को के पीछे बारिश को प्रमुख कारण बताया और बारिश के बाद प्रदेश की सभी सड़को की मरम्मत और निर्माण कार्यक्रम प्रारंभ होने के दावा किया और 15 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी सड़को की गड्डो को भरने का विश्वास दिलाया उन्होंने कहा सड़को की बदहाल स्थिति को स्वीकार करते हुए बारिश से सड़क खराब होने का दावा किया प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज जांजगीर चाम्पा जिला ने सरस्वती शिशु मंदिर मे आयोजित विद्या भारती मध्य क्षेत्र खेलकूद प्रतियोगिता मे पहुंच कर अलग अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों और उनके कोच के साथ आयोजन समिति को बधाई दी और जीवन के खेल के महत्व को समझाया उन्होंने कहा हार या जीत कोई मायने नहीं रखता ऐसे प्रतियोगिता से बच्चो का सर्वांगीण विकास होता है
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