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Kupwara - Police Evacuates Civilians Amid India-Pakistan Tensions
Kupwara, 0905ZN_kupwara_police Amid ongoing clashes between India and Pakistan, the Kupwara Police on Friday cleared bunkers and relocated civilians living near the Line of Actual Control (LAC) to safer locations. The move was made in response to heightened tensions and potential threats to local residents. Inspector Reyaz Ahmad visited the affected areas to assess the situation and personally meet with the evacuated families. खालिद हुसैन0
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जेपीएनआईसी पर निजी संचालन के लिए छूट: 30 साल की लीज मंजूर, लागत बढ़ने की आशंका
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर एलडीए के दस्तावेजों से एक और अहम जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों के अनुसार, जेपीएनआईसी के संचालन के लिए सामान्य सरकारी व्यवस्था के बजाय एक निजी संचालन समिति गठित की गई थी। इस समिति में कुछ गैर-सरकारी लोगों को आजीवन और संस्थापक सदस्य बनाया गया था। इन सदस्यों को जेपीएनआईसी परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का निःशुल्क आजीवन उपयोग करने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान था। इनमें रेस्टोरेंट, जिम, होटल समेत अन्य सुविधाएं शामिल थीं। दस्तावेजों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव, पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सचिव गजेंद्र सिंह, सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, अंजू नारायण, वसीफ हसन और अनुपमा प्रकाश को आजीवन नि:शुल्क सदस्य बनाए जाने की व्यवस्था की गई थी। एलडीए के दस्तावेजों में कहा गया है कि सरकारी परियोजनाओं के संचालन में प्रचलित सामान्य व्यवस्था के बजाय जेपीएनआईसी के लिए निजी संचालन समिति बनाई गई। गैर-सरकारी सदस्यों को फाउंडर और लाइफटाइम मेंबर बनाकर उन्हें सुविधाओं के मुफ्त इस्तेमाल का अधिकार देना सरकारी परियोजनाओं के सामान्य नियमों से अलग व्यवस्था थी। जेपीएनआईसी को लेकर सरकार ने अब संचालन की नई व्यवस्था की है। अगस्त 2026 में कैबिनेट ने इसे निजी क्षेत्र के जरिए संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 30 साल की लीज पर संचालन देने का फैसला हुआ है। चयनित संचालक को अधूरे काम अपने खर्च से पूरे करने होंगे। जेपीएनआईसी को पूरा करने में अब भी करीब ₹200–250 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का अनुमान बताया गया है। परियोजना पर अब तक करीब ₹821.74 करोड़ खर्च होने की बात सरकारी पक्ष की ओर से कही गई है। गौरतलब है कि जेपीएनआईसी लंबे समय से बंद पड़ा है और इसका निर्माण अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था। अब इसके संचालन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को देने के साथ ही पुराने संचालन और सदस्यता प्रावधान भी चर्चा में आ गए हैं।0
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गंगा बाढ़ ने दानापुर दियारा जलमग्न, राहत सुविधाएं प्रभावित
Danapur, Bihar:गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। गंगा नदी का पानी दानापुर अनुमंडल के दियारा क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है जिसके कारण दियारावासी दहशत में हैं। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का पानी तेजी से घरों में घुसने लगा है जिससे हालात भयावह होते जा रहे हैं। दियारे में लगे लगभग हजारों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। गांवों के लोग अब पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। पूरा दियारा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। सबसे बुरा हाल दानापुर दियरा के गंगहारा, हेतनपुर, पुरानी पानापुर, मानस, कासीमचक, पतलापुर पंचायतों का है जहां दर्जनों गांवों की लाखों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। दियारे के सभी पंचायतों का संपर्क शहर मुख्यालय से टूट चुका है। ग्रामीण सड़कों पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं और हर ओर सिर्फ सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा है। बाढ़ पीड़ित बताते हैं कि घर से लेकर दुकान में बाढ़ का पानी घुस गया है, पूरा सामान बर्बाद हो चुका है। सरकारी सुविधा नदारद है। पूरा गांव जलमग्न हो चुका है, घरों में पानी घुस चुका है। आने-जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। दिन में तो सरकारी स्टीमर की व्यवस्था है लेकिन शाम होते नाव ही सहारा है। अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो स्थिति बहुत दैनिय है।0
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जनगणना 2.0: डिजिटल साक्षरता से बैंकिंग तक, जानिए सरकार क्या-क्या पूछेगी
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ इस बार जनगणना में लोगों से सिर्फ नाम-पता और परिवार की जानकारी ही नहीं ली जाएगी, बल्कि डिजिटल साक्षरता के बारे में भी सवाल पूछे जाएंगे। लोगों से कंप्यूटर सर्च इंजन का इस्तेमाल, ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी डिजिटल सुविधाओं के उपयोग से जुड़े सवाल किए जाएंगे। साथ ही बैंक खातों की संख्या, धर्म और मातृभाषा की जानकारी भी ली जाएगी। जनगणना के दूसरे चरण में घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक परिवार के सदस्यों से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत स्थिति से जुड़े करीब 40 सवाल पूछेंगे। विस्तृत आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना और लक्ष्य निर्धारण कर सकेगी। दिसंबर में शुरू होगा दूसरा चरण जनगणना का दूसरा चरण दिसंबर में शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। गृह मंत्रालय ने सभी 40 सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र और वैवाहिक स्थिति दर्ज की जाएगी। जनगणना में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तृत ब्योरा लिया जाएगा। पिछले वर्ष किए गए काम, व्यवसाय, उद्योग या सेवा के स्वरूप के साथ कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन की जानकारी भी मांगी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अपना स्थायी निवास छोड़कर किसी दूसरी जगह रह रहा है तो उससे स्थान परिवर्तन का कारण और वर्तमान निवास में रहने की अवधि भी पूछी जाएगी। पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी आधुनिक डिजिटल पहचान से जुड़े विवरण भी जनगणना में शामिल किए गए हैं। प्रगणक आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने की जानकारी लेंगे। वित्तीय स्थिति के आकलन के लिए केवल बैंक खातों की कुल संख्या पूछी जाएगी। खातों का व्यक्तिगत ब्योरा नहीं लिया जाएगा, ताकि लोगों की गोपनीयता बनी रहे। स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी होंगे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से जुड़ा सवाल भी शामिल किया गया है। 9.5 लाख कर्मचारी होंगे तैनात जनगणना के दूसरे चरण के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। घर-घर जानकारी एकत्र करने के लिए करीब 9.5 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मुख्य बिंदु: इस बार जनगणना में डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक खातों की संख्या, डिजिटल पहचान पत्र, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।0
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लखनऊ में चौकीदार हत्या की साजिश नाबालिग भाई ने रची; 88 हजार में प्लान बना
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में बड़े भाई की हत्या की साजिश का खुलासा, नाबालिग भाई ने दी थी सुपारी एंकर - लखनऊ के महिंगवां में चौकीदार सतीश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश किसी बाहर के दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के नाबालिग छोटे भाई ने रची थी। जमीन और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने दोस्तों के जरिए भाई की हत्या की सुपारी दी थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वी ओ - लखनऊ के महिंगवां में हुए चौकीदार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की देर रात गनेशपुर में प्लाटिंग साइट पर चौकीदार सतीश यादव की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस अलग-अलग एंगल से पड़ताल कर रही थी, लेकिन सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी। वी ओ - पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक के 17 वर्षीय छोटे भाई ने रची थी। जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक अपनी नानी से मिली जमीन बेच चुका था और पैतृक संपत्ति को लेकर भी परिवार पर दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार हत्या के लिए कुल 88 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 58 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में आनंद कुमार, दीपक रावत और रचित रावत को गिरफ्तार किया है, जबकि बलबीर नाम का आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वी ओ - जांच में एक चप्पल ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया। घटनास्थल से मिली चप्पल के आधार पर पुलिस दीपक तक पहुंची। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सामान और दो बाइक भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस, कॉल डिटेल और मौके से मिले साक्ष्यों की मदद से हत्याकांड का खुलासा किया गया। डीसीपी उत्तरी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। अब पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े बाकी तथ्यों की जांच कर रही है。0
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नाबालिग ने रची चौकीदार हत्या की साजिश, परिवार विवाद सामने आया
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में बड़े भाई की हत्या की साजिश का खुलासा, नाबालिग भाई ने दी थी सुपारीएंकर - लखनऊ के महिंगवां में चौकीदार सतीश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश किसी बाहर के दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के नाबालिग छोटे भाई ने रची थी। जमीन और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने दोस्तों के जरिए भाई की हत्या की सुपारी दी थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वी ओ - लखनऊ के महिंगवां में हुए चौकीदार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की देर रात गनेशपुर में प्लाटिंग साइट पर चौकीदार सतीश यादव की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस अलग-अलग एंगल से पड़ताल कर रही थी, लेकिन सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी। वी ओ - पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक के 17 वर्षीय छोटे भाई ने रची थी। जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक अपनी नानी से मिली जमीन बेच चुका था और पैतृक संपत्ति को लेकर भी परिवार पर दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार हत्या के लिए कुल 88 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 58 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में आनंद कुमार, दीपक रावत और रचित रावत को गिरफ्तार किया है, जबकि बलबीर नाम का आरोपी फरार है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वी ओ - जांच में एक चप्पल ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया। घटनास्थल से मिली चप्पल के आधार पर पुलिस दीपक तक पहुँचिे। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सामान और दो बाइक भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस, कॉल डिटेल और मौके से मिले साक्ष्यों की मदद से हत्याकांड का खुलासा किया गया। डीसीपी उत्तरी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। अब पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े बाकी तथ्यों की जांच कर रही है।0
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संगरिया में युवक के अपहरण का मामला: चार आरोपी गिरफ्तार, पंजाब नंबर की कार जब्त
Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh : संगरिया में युवक के अपहरण का मामला, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, दिनदहाड़े युवक को गाड़ी में डालकर ले गए थे आरोपी, अपहरण हुए युवक जसप्रनीत उर्फ जस्सी को भटिंडा से सकुशल किया दस्तयाब, मारपीट करने के बाद युवक का किया था अपहरण, संगरिया पुलिस ने पंजाब तक दबिश देकर आरोपियों को दबोचा, अपहरण की वारदात में इस्तेमाल पंजाब नंबर की कार भी पुलिस ने की जब्त, चारों आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस0
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नाम वापसी के बाद निकाय चुनाव: बागी-निर्दलीयों से गणित बदलेगा
Dholpur, Rajasthan:सिंबल की सियासत में कई पुराने चेहरों पर दांव, बगावत से बिगड़ सकता है गणित नाम वापसी के बाद आज साफ होगी तस्वीर - कितने बागी मैदान में डटे? नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद उठी नाराजगी का असली असर आज सामने आएगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपाऔर कांग्रेस अपने असंतुष्ट दावेदारों में से कितनों को मनाने में सफल रहीं और कितने बागी प्रत्याशी निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। इसके साथ ही 60 वार्डों में मुकाबले की वास्तविक तस्वीर भी साफ होगी। टिकट से वंचित कई दावेदारों के निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच दोनों प्रमुख दलों के सामने अधिकृत प्रत्याशियों के साथ नाराज दावेदारों को साधने की चुनौती रही है। पुराने चेहरों पर दलों ने लगाया दांव: निकाय चुनाव में एक वार्ड से कई दावेदार टिकट की मांग करते हैं, लेकिन सिंबल किसी एक को ही मिलता है। ऐसे में टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों के सामने पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़े रहने या निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प रहता है। पिछले कुछ दिनों में दोनों प्रमुख दलों के नेताओं ने ऐसे दावेदारों से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश की है। पिछले निकाय चुनाव में धौलपुर नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस को 22-22 सीटें मिली थीं। 15 निर्दलीय और एक बसपा प्रत्याशी भी विजयी हुआ था। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने के कारण बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। यही वजह है कि इस बार भी राजनीतिक दलों की नजर बागी दावेदारों और निर्दलीयों के प्रदर्शन पर रहेगी। महिला वोटरों की भूमिका होगी अहम नगर परिषद के 60 वार्डों में इस बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से करीब 12% ज्यादा है। ऐसे में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर महिला वोटरों के रुख से तय हो सकता है। प्रत्याशियों के लिए महिला मतदाताओं को साधना चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहेगा। खासकर सड़क, जलभराव, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा जैसे मुद्दे महिलाओं के मतदान निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं टिकट वितरण के बाद कुछ वार्डों में युवा दावेदारों की नाराजगी सामने आई है। इनमें से कुछ ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। अब नाम वापसी के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि कितने युवा दावेदार वास्तव में मैदान में हैं और कितने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में लौटे हैं। इससे दोनों दलों के स्थानीय संगठन की स्थिति का भी अंदाजा लगेगा। विकास के मुद्दे पर होगी परीक्षा: यदि प्रमुख दावेदार मैदान से हटकर पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में आते हैं तो मुकाबला सीधे दो प्रमुख दलों के बीच रह सकता है। वहीं मजबूत दावेदारों के निर्दलीय बने रहने पर कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। बागियों और निर्दलीयों के बीच मुकाबले का असर केवल राजनीतिक गणित तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के मतदाता सड़क, नाली, जलभराव, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी स्थानीय समस्याओं को भी चुनावी मुद्दा बना सकते हैं। ऐसे में मजबूत स्थानीय पकड़ वाला निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को चुनौती दे सकता है। मजबूत बागी ही बदल सकता है समीकरण... हर निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के लिए चुनौती बने, यह जरूरी नहीं है। लेकिन जिस दावेदार की वार्ड में व्यक्तिगत पकड़, लंबे समय से जनसंपर्क और अपना समर्थक वर्ग है, उसके मैदान में रहने से अधिकृत प्रत्याशी के सामने चुनौती बढ़ सकती है। खासकर करीबी मुकाबले वाले वार्डों में कुछ वोटों का बंटवारा भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है। आज नाम वापसी का आखिरी मौका, 3 बजे तक समय धौलपुर निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नाम वापसी पर नजर है। आज 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 9 और 11 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा0
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हनुमानगढ़ में हेरोइन सप्लायर गिरफ्तार; NDPS केस में गिरफ्तारी और पूछताछ जारी
Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ : वांछित हेरोइन सप्लायर गिरफ्तार, संगरिया थाना पुलिस को मिली सफलता, हेरोइन सप्लाई करने के मामले में शफीक मोहम्मद उर्फ शिक्का की पुलिस को थी तलाश, हेरोइन के साथ पकड़े गए तस्कर ने लिया था सप्लायर का नाम, NDPS एक्ट मामले में पुलिस ने की कार्रवाई, पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस0
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चीनी कीमतों पर अफवाहें, घबराने की जरूरत नहीं; स्टॉक मौजूद
Noida, Uttar Pradesh:चीनी फैक्ट्री में चीनी की कीमत 45-46 रुपये प्रति किलो है। अगर चीनी की रिटेल कीमत 6-8 रुपये बढ़ाई जाती है, तो चीनी की कीमत 50-53 रुपये तक आनी चाहिए। मुझे लगता है कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। हमारे पास नए सीज़न से पहले काफ़ी चीनी है। हम हर महीने रिलीज़ मैकेनिज़्म के तहत कोटे के हिसाब से चीनी बेच रहे हैं। यह कीमत में बनावटी बढ़ोतरी है। ऐसी अफ़वाहें हैं कि हमारे पास काफ़ी चीनी और स्टॉक नहीं है। इसीलिए हम घबरा रहे हैं। लेकिन घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।0
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भिवंडी महापालिका आवार में अवैध पार्किंग से हंगामा, अधिकारी जवाब के लिए तत्पर
Thane, Maharashtra:भिवंडी निजामपूर महापालिका मुख्यालयात येणाऱ्या नागरिक आणि अधिकाऱ्यांना पार्किंगमुळे नाहक त्रास सहन करावा लागत आहे. मनपा आवारात अनेक वाहने महिनोंमहिने धूळ खात पडून आहेत. याआधीही हा मुद्दा ऐरणीवर आला होता, तेव्हा प्रशासनाने नोटीस बजावून काही वाहनांवर कारवाई केली होती. मात्र कारवाईनंतर पुन्हा जैसे थे परिस्थिती निर्माण झाली आहे. महापालिका आवारात पुन्हा बेवारस आणि अनधिकृत वाहने मोठ्या प्रमाणात उभी केली जात आहेत. यामुळे आवारात गोंधळाचे वातावरण आहे. या अवैध पार्किंगला तात्काळ आळा घालावा, अशी जोरदार मागणी आता पालिकेतील अधिकारी आणि कर्मचारी वर्गातूनच होऊ लागली आहे. आता आयुक्त या प्रकरणी काय कारवाई करतात याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे. महापालिकेच्या आवारातच जर अवैध पार्किंगला आळा बसत नसेल, तर शहरातील वाहतूक कोंडीचा प्रश्न कसा सुटणार, असा सवाल उपस्थित होत आहे.0
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चित्तौड़गढ़: उदयलाल गुर्जर के खिलाफ बड़े एक्शन में करोड़ों की संपत्ति फ्रीज, ऑपरेशन त्रिनेत्र
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बिजयपुर थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(एफ)(1) के तहत तस्करी से अवैध रूप से अर्जित करीब 2 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। कार्रवाई उदयलाल उर्फ उदiyarाम उर्फ उदा गुर्जर के खिलाफ की गई। पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज होना सामने आया। SAFEMA दिल्ली से स्थाई अनुमोदन आदेश मिलने के बाद आरोपी की पत्नी के नाम खरीदी गई 0.95 हेक्टेयर जमीन और 2091 वर्गफीट रिहायशी मकान को फ्रीज किया गया।0
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कोटा के आकाश चौधरी ने 11वें प्रयास में सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इतिहास रचा
Kota, Rajasthan:कोटा के आकाश चौधरी ने 10 बार असफलता के बावजूद हार नहीं मानी और 11वें प्रयास में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सपना पूरा कर लिया। कक्षा 8वीं से ही वह घर से दूर रहे और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेलगावी में पढ़ाई की। शुरुआत में घर की याद और सख्त सैन्य अनुशासन मुश्किल लगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद को ढाल लिया। अनुशासन और मेहनत उनकी ताकत बन गए। पिता की सीख बनी हौसला आकाश रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे, लेकिन लगातार 10 प्रयासों में सफलता नहीं मिली। 10वें प्रयास के बाद उन्होंने तैयारी छोड़ने का मन बना लिया था। तभी पिता नरेंद्र चौधरी ने चींटी का उदाहरण देते हुए समझाया कि बार-बार गिरने के बावजूद कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए। पिता की सीख से आकाश ने फिर मेहनत शुरू की और 11वें प्रयास में सफलता हासिल कर ली। परिवार को बेटे पर गर्व नरेंद्र चौधरी खुद 17 साल सेना में सेवा दे चुके हैं और अब कोटा पुलिस लाइन में कांस्टेबल हैं। मां भी बेटे के बचपन से घर से दूर रहने को याद कर भावुक हैं। आज आकाश की सफलता पूरे परिवार के त्याग का फल है। उनकी कहानी युवाओं को संदेश देती है कि असफलता अंत नहीं, सफलता की राह का एक पड़ाव है।0
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दमोह में दो वकीलों के बीच पार्टी विवाद ने लीगल नोटिस तक पहुंचाया मामला
Damoh, Madhya Pradesh:दो वकील दोस्तों के बीच पार्टी को लेकर उठी बात कानूनी नोटिस तक पहुंची, हर कोई जानकार है हैरान..दमोह /अक्सर आपने दोस्तों के बीच पार्टी को लेकर तनातनी बहस बाजी तकरार और यहां तक की तूं तूं में में भी देखी होगी, कई बार इस छोटी सी बात पर कई कई दिनों तक दोस्तों में आपस में बातचीत भी बंद देखी होगी और बेहद सामान्य सी बातें है और कोई किसी को ये सब सुनाये तो सुनने वाला भी बहुत सामान्य सा लेगा। लेकिन एमपी के दमोह में जो हुआ वो जानकर आप हैरान रह जायेगे और शायद इससे पहले आपने ऐसा मामला न ही सुना हो, जी हां दमोह में बड़ा अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसे जानकर सब हैरान है और लोग कुछ कह भी नहीं पा रहे क्योंकि मामला न्यायालय की चौखट पर जाने की तैयारी में है और उस पर दो वकीलों के बीच है लिहाजा कानूनी दाव पेचों से भरा पूरा मामला है। दरअसल मामला कुछ इस तरह से है कि दमोह जिला न्यायालय में दो जाने माने युवा अधिवक्ता गोविंद तिवारी और विशाल राजपूत है। बीते दिनों एडवोकेट गोविंद तिवारी का जन्मदिन था, जिला अधिवक्ता संघ की परम्परा के मुताबिक बार रूम में उनका जन्मदिन मनाया गया, तमाम अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी और फिर तिवारी ने अपने कुछ अजीज एडवोकेट मित्रों को पार्टी देने की बात कही। इस फेहरिस्त में उनके साथी एडवोकेट विशाल राजपूत भी थे और सबने उनकी इस सहृदयता के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया लेकिन विशाल के मुताबिक पार्टी का केवल आश्वासन भर मिला पार्टी नहीं जिसके बाद एक बार फिर गोविंद तिवारी पर पार्टी को लेकर मित्रों ने दबाब बनाया तो विशाल बताते हैं कि इस बार लिखित आश्वासन मिला और सबको यही उम्मीद थी कि तय तारीख में पार्टी मिलेगी। जिस दिन का वादा किया गया था उस दिन पूरे दिन उनके मित्र बेहद खुश थे जो खुशी दोस्तों के बीच होती है और इस खुशी में उन्होंने शायद जमकर काम भी किया लेकिन विशाल बताते है कि शाम से पार्टी के लिये फोन काल का इंतजार करने के बाद भी उनके मित्र गोविंद तिवारी का फोन नहीं आया और आखिरकार लेट नाइट उन्होंने खाना खाया और इस वजह से उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा और इलाज में बड़ी रकम लग गई। मामला सिर्फ शिकवा शिकायत तक नहीं रहा बल्कि ये घटना अब कानूनी बन गई। दोस्तो के बीच का मामला लीगल नोटिस तक पहुंच गया। एडवोकेट विशाल ने एक अपने साथी अधिवक्ता गोविंद तिवारी को एक लीगल नोटिस भेजा है जिसमें सारी घटना का उल्लेख करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया है और भारतीय कानून में उल्लेखित धाराओं का हवाला दिया गया है क्षतिपूर्ति के रूप में 41 हजार 250 रुपए अदा करने की बात कही गई है। अब इस राशि पर उनका कहना है कि पार्टी न मिलने पर उन्हें रेस्टारेंट में एक हजार 750 रुपए का खाना खाना पड़ा और वो इस सब से मानसिक परेशान होकर बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा जिस पर 39 हजार 500 रुपए खर्च हुए है। नोटिस मिलने के बाद शायद अधिवक्ता तिवारी हैरान भी हुए हों क्योंकि दोस्तों के बीच होता तो बहुत कुछ है लेकिन बात इतनी बढ़ेगी कि लीगल नोटिस मिलेगा और बात न्यायालय तक जाएगी ये सोचा नहीं होगा। चूंकि मामला अब संवेदनशील हो गया लिहाजा उन्होंने भी कानूनी तरह से मामले को हैंडल करने का मन बनाया है। एडवोकेट तिवारी ने अपने सीनियर और दमोह के प्रसिद्ध एडवोकेट मनीष नगाइच के जरिये अपनी बात रखने का निर्णय लिया है। उनके वकील मनीष नगाइच के मुताबिक कानून में वादा खिलाफी को लेकर कार्यवाही का उल्लेख है और नियंगत तरीके से मामला कोर्ट में जा सकता है लेकिन दोनों हो अधिवक्ता होने के साथ साथ अच्छे मित्र है लिहाजा वो चाहेंगे कि समन्वय स्थापित हो और कोई रास्ता निकल आए ये उनकी कोशिश रहेगी और यदि रास्ता नहीं निकलता तो फिर विधिवत मुकदमा भी लड़ा जाएगा। अपने जूनियर और क्लाइंट गोविंद तिवारी की तरफ से जानकारी देते हुए सीनियर एडवोकेट मनीष नगाइच ने बताया कि नोटिस में जो लिखा गया है उस में बहुत सारी चीजें सही नहीं है। जिस दिन पार्टी का वादा किया गया था उस दिन पार्टी हुई थी और उसके बिल भी उनके पास है। फिलहाल आपसी तौर पर दो दोस्तों में सुलह कराने की कोशिश की जा रही है.0
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संभल आगरा मुरादाबाद हाईवे रोड चंदौसी बाईपास पर ट्रक खाई में पलटा चालक की मौत
Chandausi, Uttar Pradesh:थाना बनियाठेर क्षेत्र में आगरा-मुरादाबाद हाईवे के चंदौसी नए बाईपास पर मंगलवार रात करीब 11:45 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार के लक्सर से टायर लेकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। हादसे में ट्रक चालक शाहीद अहमद पुत्र मजीद अहमद, निवासी सरवत, थाना पुलिस लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर, उम्र 63 वर्ष की मौके पर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आने के कारण ट्रक अनियंत्रित हुआ और खाई में जा पलटा। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वही सुबह 10:00 के करीब परिजन थाने पहुंचे जहां पांच नाम आभार बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई0
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Khataling Himalaya Mahayatra begins from Akhodi, marking 42nd edition
New Tehri, Uttarakhand:टिहरी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और भगवान शिव की तपोस्थली खतलिंग ग्लेशियर की ऐतिहासिक यात्रा का 42वां संस्करण बुधवार को पर्वतीय लोकविकास समिति, भिलंगना क्षेत्र विकास समिति एवं इंद्रमणि बड़ोनी साहित्य एवं कला मंच घनसाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 42वीं ऐतिहासिक पांचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का शुभारंभ बुधवार को राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज अखोड़ी से हुआ। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और महायात्रा को रवाना किया। यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 5 सितंबर तक चलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। दीप प्रज्ज्वलित कर महायात्रा के कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर अखोड़ी स्थित विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने इंद्रमणि बडोनी के पसंदीदा केदारी नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भर दिए। बताते चलें कि उत्तराखंड के गांधी इंद्रमणि बडोनी ने वर्ष 1980 में खतलिंग यात्रा की शुरुआत की थी। तब से यह यात्रा निरंतर अपनी पहचान बनाती गई और अब इसका 42वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। यात्रा का उद्देश्य खतलिंग क्षेत्र की प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। खतलिंग यात्रा के माध्यम से हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति से रूबरू होते हैं। आयोजकों का कहना है कि ऐसी यात्राएं पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां की समस्याओं को सामने लाने का भी माध्यम बन सकती हैं। पर्वतीय लोक विकास समिति के अध्यक्ष व भारत सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ मीडिया सलाहकार सूर्य प्रकाश सेमवाल ने बताया कि यह खतलिंग यात्रा का 42वां संस्करण है। इस बार यात्रा की शुरुआत इंद्रमणि बडोनी के पैतृक गांव अखोड़ी से किया जाना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यात्रा के संस्थापक इंद्रमणि बडोनी की स्मृतियों को जीवंत रखते हुए विद्यालय के बच्चों ने उनके पसंदीदा केदारी नृत्य की प्रस्तुति दी। यात्रा को रवाना करते हुए एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि इस प्रकार की यात्राओं का आयोजन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों के ग्लेशियरों, बुग्यालों और प्राकृतिक संपदा की जानकारी मिलती है। साथ ही स्थानीय लोगों और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने में भी ऐसी यात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा 5 सितंबर तक चलेगी। यात्रा में क्षेत्र के विभिन्न स्थानीय देवी-देवताओं की डोलियां और निशान भी शामिल होंगे, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की लोक परंपराओं और संस्कृति का भी संरक्षण होगा।0
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