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बरनाला के युवक ने दुबई से लौटकर पंचायत तालाबों में मछली पालन से कमाई बढ़ाई
DSDEVINDER SHARMA
Feb 18, 2026 10:01:51
Barnala, Punjab
बरनाला का एक नौजवान विदेश छोडकर पंजाब में रोल माडल बन गया है। एक ज़मीनहीन नौजवान जिसके पास अपनी कोई जमीन नहीं है और उस नौजवान ने दुबई से लौटकर मछली पालन में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। बरनाला के हंडियाया कस्बे का एक नौजवान पंजाब के चार ज़िलों के 12 गांवों के पंचायत तालाबों में मछली पालन कर रहा है। सारे खर्चे निकालकर नौजवान मछली पालन से सालाना 12 लाख रुपये कमा रहा है। युवक ने चार साल दुबई में काम किया और यहां आकर मछली पालन शुरू किया। वह कई तरह की मछलियां तैयार करके बेचता है और अच्छी कमाई कर रहा है। युवा नौजवान के मुताबिक, विदेशों में गुलाम बनकर काम करने के बजाय पंजाब का नौजवान यहां मेहनत करके सब कुछ हासिल कर सकता है। उसने बताया कि पंजाब में पंचायत तालाबों में प्रवासी लोग मछली फार्मिंग का काम करते देखकर उसके मन में आया कि यह काम पंजाब के नौजवान भी कर सकते हैं, जिसके बाद उसने यह काम करना शुरू किया था और इस काम में सफलता हासिल की। बरनाला के डिप्टी कमिश्नर ने भी इस नौजवान की तारीफ़ की है और दूसरे नौजवानों को उससे मोटिवेट होने के लिए प्रेरित किया है। Visual and Elements - बरनाला का युवा मछली फार्मर दरोगा चौहान मछली फार्मिंग के अलग-अलग शॉट, नौजवान दरोगा चौहान, उसके साथियों और डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह की बाइट। V/o - इस मौके पर मछली पालन कर रहे नौजवान दरोगा चौहान ने बताया कि दसवीं पास करने के बाद, यहाँ कोई अच्छी नौकरी न मिलने की वजह से वह दुबई चले गए, जहाँ उन्होंने चार साल तक काम किया। लॉकडाउन के दौरान वह पंजाब वापस आ गए। यहाँ आने के बाद उन्होंने सोचा कि अब विदेश जाने का कोई खास फ़ायदा नहीं है, इसलिए उन्हें अपने गाँव में ही कोई काम शुरू करना चाहिए। उनकी नज़र मछली पालन की तरफ़ गई। बाहर से आए लोग गाँव के बड़े तालाबों पर आते थे और जाल से मछलियाँ पकड़कर ले जाते थे। इससे उन्हें यह आइडिया आया कि जब दूसरे लोग यह काम कर सकते हैं, तो हम पंजाबी क्यों नहीं कर सकते। इसके बाद उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, हंडिआया से ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने सबसे पहले पंचायत का एक तालाब कॉन्ट्रैक्ट पर लेकर मछली पालन शुरू किया। इससे उन्हें अच्छा मुनाफ़ा हुआ, जिससे उन्होंने धीरे-धीरे अपना काम बढ़ाया और आज उनके पास कम से कम 12 तालाब हैं जहाँ मछलियाँ पाली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी मछली पालन उनका अपना बिज़नेस है। उनके पास अपनी मेहनत है, अपनी दुकान है और वे डायरेक्ट सेल्स भी करते हैं। जो मछली बढ़ती है, उसे लुधियाना के मार्केट में बेचा जाता है। अभी उनकी इनकम काफी अच्छी है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक एकड़ में 25 क्विंटल तक मछली पैदा हो सकती है, लेकिन वे प्रति एकड़ करीब 18 क्विंटल मछली पैदा कर रहे हैं। खर्च निकालने के बाद वे प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये बचाते हैं। कुल सालाना इनकम करीब 24 से 25 लाख रुपये है, जबकि सारे खर्च निकालने के बाद 8 से 10 लाख रुपये तक का प्रॉफिट होता है। उनके पास अलग-अलग तरह की मछलियां हैं, जैसे कार्प, मृगल, गोल्डन और रोहू। इस बार उन्होंने पंगास मछली पालन भी किया, जिसके बहुत अच्छे रिजल्ट मिले। उन्होंने एक एकड़ में 45 क्विंटल पंगासियस मछली पैदा की और उससे भी अच्छा प्रॉफिट कमाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को विदेश जाने के बजाय पंजाब में ही मेहनत करनी चाहिए। वे खुद चार साल विदेश में रहे हैं और वहां मेहनत के अलावा कोई खास तरक्की नहीं हुई है। इसलिए युवा यहीं रहकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत के तालाबों में मछली पालन के लिए सरकार ज़्यादा मदद नहीं करती है। उन्हें सब्सिडी पर सिर्फ़ एक मोटरसाइकिल मिली है, कोई और खास मदद नहीं। उनके पास अपनी ज़मीन भी नहीं है, लेकिन तालाब लीज़ पर लेकर मछली पालन करके अच्छा पैसा कमा रहे हैं। बाइट – दरोगा चौहान (मछली पालक) Byte - बिंदू चौहान (सहयोगी) बाइट - परशोतम सिंह (सहयोगी) V/o - इस मौके पर बरनाला के डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है। आम तौर पर लोग विदेश की तरफ़ जाते हैं, लेकिन यह युवा जो दुबई गया था और कुछ समय वहाँ बिताकर पंजाब लौटा, उसने यहीं रहकर अपना रोज़गार शुरू कर दिया है। वह हंडिया का रहने वाला 33 साल का युवा है। उसने कहा कि उसने गाँव की पंचायत का तालाब किराए पर लेकर मछली पालन शुरू किया है। सरकार ने उसे एक गाड़ी दी है, जिस पर 60 परसेंट सब्सिडी दी जाती है। जो कोई भी मछली पालन का बिज़नेस शुरू करना चाहता है, वह इस सब्सिडी का फ़ायदा उठा सकता है। इस सब Subsidy का इस्तेमाल मछली का तालाब बनवाने का खर्च, गाड़ी खरीदने या मछली बेचने के लिए दुकान बनवाने में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के ज़रिए युवाओं को सही दिशा दी जा रही है, जो एक अच्छी पहल है। इस युवा ने अपने लेवल पर मछली पालन का बिज़नेस शुरू करके दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की है। हम चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग मछली पालन की तरफ़ आएं और सरकारी स्कीमों का फ़ायदा उठाएं। ऐसे युवाओं को ज़्यादा से ज़्यादा जागरूकता फैलाकर रोल मॉडल के तौर पर पेश किया जाना चाहिए, ताकि दूसरे लोग भी प्रेरित हो सकें। बाइट – हरप्रीत सिंह (DC, बरनाला)
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SSSanjay Sharma
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PSParambir Singh Aulakh
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BKBIMAL KUMAR
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TBTarsem Bhardwaj
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MSManish Sharma
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VKVarun Kaushal
FollowFeb 18, 2026 11:31:300
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MSManish Shanker
FollowFeb 18, 2026 11:16:36Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਸੈਕਟਰ 89 ਸਥਿਤ ਜਵੈਲਰ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਦੇਰ ਰਾਤ 2 ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਸਵਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅੰਧਾ ਧੁੰਦ ਫਾਇਰਿੰਗ। ਸੂਤਰਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਫਾਇਰਿੰਗ ਡੋਨੀ ਬੱਲ ਦੇ ਗੁਰਗਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਵਪਾਰੀ ਤੋਂ ਮੰਗੀ ਗਈ ਸੀ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਦੀ ਫਿਰੌਤੀ। ਫਰੌਤੀ ਨਾ ਦੇਣ ਤੇ ਡਰਾਉਣ ਦੀ ਨੀਅਤ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਫਾਇਰਿੰਗ。
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DSDEVINDER SHARMA
FollowFeb 18, 2026 11:16:170
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KPKomlata Punjabi
FollowFeb 18, 2026 11:05:510
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RBRohit Bansal
FollowFeb 18, 2026 11:02:310
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MSManish Shanker
FollowFeb 18, 2026 11:02:16Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:ਸੁਨਿਆਰੇ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਡੋਨੀ ਬਲ ਦੇ ਗੁਰਗਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਹਵਾਈ ਫਾਇਰ. Manish Shanker Mohali ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਸੈਕਟਰ 89 ਸਥਿਤ ਖੁਰਾਨਾ ਜਵੈਲਰਜ਼ ਨਾਮ ਦੇ ਬਿਜਨਸਮੈਨ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਗੈਂਗਸਟਰ ਡੋਨੀ ਬਲ ਦੇ ਗੁਰਗਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਵਾਈ ਫਾਇਰ。
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TBTarsem Bhardwaj
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VKVarun Kaushal
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RBRohit Bansal
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KSKuldeep Singh
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