Back
जुगैल पंचायत में डिजिटल अंधकार, नेटवर्क-बिजली और स्कूल सुविधाओं के बिना जीवन
ADArvind Dubey
Nov 10, 2025 11:25:19
Obra, Uttar Pradesh
जुगैल पंचायत सोनभद्र जिले के चोपन विकासखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका अपनी विशाल भौगोलिक क्षेत्रीयता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन तकनीकी युग के दौर में यह पंचायत आज भी डिजिटल अंधकार में जी रही है। न बेहतर सड़क है, न पर्याप्त बिजली, और न ही नेटवर्क। इसके चलते सरकार की डिजिटल इंडिया और सबका साथ, सबका विकास जैसी बातों पर सवाल उठते हैं कि जुगैल जैसे इलाके आज भी उपेक्षित क्यों हैं।
मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सोनभद्र के चोपन विकासखंड में बसी जुगैल ग्राम पंचायत क्षेत्रफल के लिहाज से उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायतों में गिनी जाती है। लगभग 50 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र मुख्य धारा से अभी भी कटा हुआ है। यहां आपात स्थिति में एम्बुलेंस बुलाने के लिए लोग पहाड़ों पर चढ़कर नेटवर्क खोजते हैं। गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ने या किसी बच्चे के गंभीर बीमारी होने पर मोबाइल सिग्नल की अनुपस्थिति मौत और जिंदगी के बीच की दूरी बढ़ा देती है। स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत अत्यंत चिंताजनक है। जुगैल में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन डॉक्टर और एम्बुलेंस सेवा नेटवर्क की कमी से पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं। कई बार एम्बुलेंस ड्राइवर तक से संपर्क नहीं हो पाता है, जिससे गंभीर मरीजों को 70 से 100 किलोमीटर दूर रोबर्ट्सगंज या वाराणसी तक खुद के साधनों से जाना पड़ता है। कई गर्भवती महिलाएं समय पर इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ चुकी हैं।
मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से टेलीमेडिसिन, आयुष्मान कार्ड अपडेट, टीकाकरण ऐप और ई-स्वास्थ्य सेवाएँ सिर्फ नाम की रह गई हैं। शिक्षण क्षेत्र की स्थिति भी भयावह है। जुगैल की बेटियाँ स्नातक स्तर तक पढ़ाई के लिए अन्य गांव या कस्बों तक जाती हैं क्योंकि इंटर कॉलेज या डिग्री कॉलेज यहाँ नहीं है। डिजिटल क्लास, ऑनलाइन शिक्षा, सरकारी छात्रवृत्ति पोर्टल या यूपी बोर्ड वेबसाइट तक सब नेटवर्क की कमी के कारण ठप हैं। स्कूल के बच्चों ऑनलाइन टेस्ट या गृहकार्य भी नहीं कर पाते। शिक्षक और विद्यार्थी दोनों डिजिटल इंडिया की दौड़ से बाहर हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर नेटवर्क की कमी का सबसे बड़ा असर पड़ रहा है; घटनाओं की सूचना देने के लिए लोगों को पहाड़ियों पर 5–6 किलोमीटर दूर जाकर फोन मिलाने पड़ते हैं। रात के समय या बरसात में यह जोखिम भरा काम होता है और चोरी, झगड़े या जंगल में लगी आग जैसी घटनाएँ समय पर पुलिस तक नहीं पहुँच पातीं। थाना क्षेत्र जुगैल लगभग 40 किलोमीटर फैला है, ऐसे में संपर्क न होना संकट को और बढ़ा देता है। क्षेत्र में बैंकिंग, राशन कार्ड अपडेट, पेंशन या मनरेगा हाजिरी आदि सब कुछ मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भर हैं, पर नेटवर्क के अभाव में ये योजनाएं भी कागजों में ही क्रियान्वित हो पाती हैं। हर घर नल योजना के बावजूद पानी की भारी किल्लत है क्योंकि जल निगम के मॉनिटरिंग सेंटर तक डाटा भेजना संभव नहीं हो पाता।
क्षेत्र में हिंडाल्को और एनटीपीसी जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ चल रही हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार और सुविधाएं बाहरी लोगों को मिलती हैं, जबकि स्थानीय आदिवासी केवल प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट सह रहे हैं। नदियाँ दूषित हैं, हवा में धूल है, और जंगल खत्म हो रहे हैं।
इस संबंध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राहुल पांडेय ने बताया कि हमारे जुगैल में आज भी सड़क, बिजली, नेटवर्क, पेयजल और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं हैं। गांव की बेटियाँ पढ़ाई के लिए रोज कई किलोमीटर जाती हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो एम्बुलेंस तक बुलाना मुश्किल होता है। हमने डीएम को ज्ञापन दिया है ताकि मुख्यमंत्री तक यह आवाज पहुंचे। अब वक्त आ गया है कि जुगैल को काला पानी नहीं, बल्कि विकास की धरती बनाया जाए।
गत वर्ष डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोनभद्र दौरे के दौरान जुगैल की नेटवर्क समस्या पर तत्काल समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन साल गुजर गया টॉवर लगा जरूर, नेटवर्क अब भी गायब है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार वादा होता है, पर अमल नहीं होता। यह समस्या अब तकनीकी नहीं, बल्कि मानव अधिकारों से जुड़ा सवाल बन चुकी है। जुगैल की यह कहानी सिर्फ एक पंचायत की नहीं, बल्कि उन इलाकों की हकीकत है जो भारत के डिजिटल नक्शे से बाहर छूट गए हैं। जहां नेटवर्क का नो-सिग्नल मतलब है बिना इलाज के मौत, अधूरी पढ़ाई, और असुरक्षित जीवन। अब सवाल यह है कि क्या सरकार वाकई विकास की गूंज इस सीमावर्ती छोर तक पहुँचा पाएगी, या फिर जुगैल की पुकार एक बार फिर सिग्नल न मिलने के कारण गुम हो जाएगी।
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
MDMahendra Dubey
FollowDec 14, 2025 02:00:480
Report
HBHemang Barua
FollowDec 14, 2025 02:00:320
Report
RRRakesh Ranjan
FollowDec 14, 2025 02:00:150
Report
AAafssar alaam
FollowDec 14, 2025 01:49:030
Report
MGMOHIT Gomat
FollowDec 14, 2025 01:48:520
Report
MDMahendra Dubey
FollowDec 14, 2025 01:48:110
Report
GBGovindram Bareth
FollowDec 14, 2025 01:47:310
Report
ABAmit Bhardwaj1
FollowDec 14, 2025 01:47:070
Report
GBGovindram Bareth
FollowDec 14, 2025 01:46:580
Report
MDMahendra Dubey
FollowDec 14, 2025 01:46:200
Report
HGHarish Gupta
FollowDec 14, 2025 01:45:510
Report
HBHemang Barua
FollowDec 14, 2025 01:45:310
Report
AAAkshay Anand
FollowDec 14, 2025 01:45:130
Report
0
Report
HBHemang Barua
FollowDec 14, 2025 01:31:450
Report