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सुजानगढ़ में दो दर्दनाक हादसों में दो युवकों की मौत

Churu, Rajasthan:चूरू。 सुजानगढ़ जिले में दो अलग-अलग हादसों में दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, दूसरा निजी बस की चपेट में आकर हादसे में मारा गया। परिजनों के अनुसार सालासर रोड पर बोबासर पुलिया के पास 36 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र सीताराम जाट निवासी पाटोदा तहसील लक्ष्मणगढ़, जिला सीकर pedestrians जा रहे थे, तभी निजी बस चालक द्वारा लापरवाही से बस चलाते हुए ओमप्रकाश को टक्कर मार दी गई। हादसे की सूचना पर सदर थाने के हैड कांस्टेबल महेन्द्र मीणा ने मौके पर पंहूच कर घटना की जानकारी ली। दूसरा हादसा सुजानगढ़ से छापर की ओर रेलवे ट्रैक पर हिसार-जोधपुर सवारी गाड़ी की चपेट में आकर एक अज्ञात युवक की मौत हो गई। शव के टुकड़े काफी दूर तक बिखर गये। कोतवाली थाने के एएसआई तेजाराम ने मृतक के शव को सुजानगढ़ के राजकीय उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है तथा मृतक की पहचान के प्रयास किये जा रहे हैं。
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नीट UG 2026: राजस्थान में 611 केंद्र, जयपुर में 106 केंद्र सबसे अधिक

Jaipur, Rajasthan:जयपुर नीट UG परीक्षा 2026 कल 2 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकृत प्रदेश के 611 सेंटर्स पर होगी परीक्षा कल होने वाली नीट UG परीक्षा 2026 को लेकर प्रदेश में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्यभर में इस बार करीब 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनके लिए 27 जिलों में 611 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। प्रशासन और NTA ने मिलकर इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त इंताम किए हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा 106 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। देखिए ये रिपोर्ट प्रदेश में NEET परीक्षा के लिए इस बार बड़े पैमाने पर सेंटर्स बनाए गए हैं। जिससे अभ्यर्थियों को अपने जिले या आसपास ही सेंटर मिल सके। मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर बाबूलाल गोयल के अनुसार सबसे ज्यादा सेंटर जयपुर में 106, सीकर में 102 और कोटा में 92 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा जोधपुर में 46, उदयपुर में 29 और अलवर में 25 केंद्र बनाए गए हैं। कुल मिलाकर 27 जिलों में 611 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी, यह व्यवस्था अभ्यर्थियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए की गई है। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए इस बार कड़े SOP लागू किए गए हैं। हर सेंटर पर पुलिस बल जिसमें पुरुष और महिला दोनों तैनात रहेगें... अभ्यर्थियों की सख्त तलाशी ली जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रश्न पत्र और OMR शीट के सुरक्षित परिवहन के लिए भी विशेष पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा केंद्र के 300 मीटर के दायरे में प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जहां अनधिकृत प्रवेश पर रोक रहेगी। किसी भी तरह की दूकाने, इ-मित्र, फोटोकॉपि और साइबर कैफे बंद रहेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे समय से पहले सेंटर पर पहुंचे और नियमों का पालन करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के पूरी हो। सरकार और प्रशासन दोनों इस परीक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार हैं, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके साथ ही मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर बाबूलाल गोयल ने बताया की अभ्यर्थियों के लिए यात्रा फ्री रखी गई है जिससे आने जाने में परेशानी ना हो । 2-5 एग्जाम का समय होगा जिसमे 1.30 बजे एंट्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाये गए है। जिसकी मॉनिटरिंग जयपुर से की जाएगी। परीक्षा केंद्र पर ड्रेस कोड एडवाइजरी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट UG 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड को लेकर एडवाइजरी जारी की है कि अभ्यर्थी ट्रांसपैरेंट पानी की बोतल साथ ला सकते है... धार्मिक आस्था से जुड़े चिह्न पहनने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य होगा ताकि जांत की सके। अभ्यर्थियों को हल्के कपड़े पहनने है, हालांकि आवश्यकता होने पर फुल स्लीव्स या ऊनी कपड़े पहन सकते हैं, इसके लिए भी समय से पहले पहुंचकर जांच करानी होगी। चप्पल या कम हील वाले फुटवियर पहनने के लिए निर्देशित किया गया है। कुल जिले: 27 | कुल केंद्र: 611 अजमेर – 16 अलवर – 25 बारां – 06 बाड़मेर – 08 भरतपुर – 16 भीलवाड़ा – 05 बीकानेर – 22 चित्तौड़गढ़ – 05 चूरू – 11 दौसा – 12 धौलपुर – 07 हनुमानगढ़ – 07 जयपुर – 106 जैसलमेर – 02 झुंझुनूं – 21 जोधपुर – 46 करौली – 11 कोटा – 92 कोटपूतली-बहरोड़ – 19 नागौर – 12 पाली – 05 सवाई माधोपुर – 05 सीकर – 102 सिरोही – 06 श्रीगंगानगर – 05 टोंक – 10 उदयपुर – 29
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रामसरोवर तालाब में डूबे नाबालिग भाइयों की मौत, रामदेवरा में मातम

Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन -रामदेवरा राम सरोवर तालाब में डूबने से एक नाबालाल युवक की हुई दर्दनाक मौत दोनों नाबालिक बालक फलोदी से घर पर बिना बताए आए थे रामदेवरा गर्मी को देखते हुए तालाब में नहाने के लिए उतरे वह एक भाई तैरना नहीं आने पर डूब गया घाट के आसपास लोगों ने युवक क़ो बचाने का जतन किया लेकिन उसे बचा नहीं पाए रामदेवरा पुलिस ने मृतक युवक का शव मोर्चरी में रखवाया है वह परिजनों को सूचित किया रामदेवरा, जैसलमेर धार्मिक नगरी रामदेवरा में शनिवार को रामसरोवर तालाब में नहा रहे एक नाबालिग की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद रामदेवरा पुलिस थाना के एएसआई रोहित पालीवाल मौके पर पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकाला और रामदेवरा हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। जानकारी के अनुसार शनिवार को दो नाबालिग भाई सुरेंद्र उम्र 15 वर्ष और महेंद्र उम्र 13 वर्ष घर से बिना बताए फलोदी से रामदेवरा आए। वहां पर दोपहर 3 बजे के करीब जब रामसरोवर तालाब के दूसरे किनारे दोनों भाई नहा रहे थे तभी छोटा भाई महेंद्र डूबने लगा तब बड़े भाई ने बचाने की कोशिश की लेकिन वो बचा नहीं पाया। जब आस पास मौजूद लोगो को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दूसरे भाई सुरेंद्र ने बताया कि वो दोनों भाई घर से बिना बताए ही रामदेवरा आए थे। वो फलोदी से ट्रेन से सुबह 10 बजे रामदेवरा आए थे और शाम की ट्रेन से वापिस जाने का प्लान था। उनके पिता भूरा लाल फलोदी मे मजदूरी पर गए थे। दोनों बच्चों के पास फोन नहीं था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया और शव हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों के आने के बाद शव सुपुर्द किया जाएगा। राम सरोवर तालाब में काफी मात्रा में पानी है ऐसे में जिन्हें तैरना नहीं आता है वह गहरे पानी में चले जाते हैं तो अचानक डूबने लगते हैं। परिवार जनों को घटना की जानकारी मिलने पर उनका रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है।
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Shilpa Shetty-Raj Kundra का दतिया दौरा: मां पीतांबरा के दरबार में पूजा

Datia, Madhya Pradesh:दतिया में बॉलीवुड अभिनेत्री Shilpa Shetty अपने पति Raj Kundra के साथ अचानक पहुंचीं। उन्होंने Pitambara Peeth में मां बगलामुखी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। अचानक आगमन से मंदिर परिसर में हलचल रही। पूजा के बाद दोनों ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। मंदिर पर पूजा पीठ के आचार्य चंद्र मोहन दीक्षित द्वारा करवाई गई उनकी यह धार्मिक यात्रा थी. श्री मां पीतांबरा पीठ मंदिर की मान्यता है यहां जो भी भक्त अपनी मुराद लेकर मां के दरबार में आता है सच्ची श्रद्धा भाव से अर्जी लगता है उसकी जरूर मनोकामना पूरी होती है मां पीतांबरा देवी को राजसत्ताकी देवी भी कहा जाता है
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मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने सरकार के ईरान रवैये पर कड़ा पत्र लिखा

Lucknow, Uttar Pradesh:मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने PM, गृहमंत्री और रक्षामंत्री को लिखा पत्र ईरान पर सरकार के रुख और पुलिस कार्रवाई पर जताई कड़ी नाराज़गी आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत पर शोक संदेश न देने की निंदा सरकार पर अमेरिकी दबाव में काम करने का लगाया आरोप ईरान पर हमलों को लेकर भारत की चुप्पी पर उठाए सवाल UP और कश्मीर में शोक मनाने वालों पर कार्रवाई का विरोध युवाओं की गिरफ्तारी और मुकदमों को बताया अन्यायपूर्ण तस्वीरों के अपमान पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भारत-ईरान संबंध मजबूत करने पर दिया ज़ोर रक्षा समझौतों और विदेश नीति पर पुनर्विचार की उठाई मांग
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कलेक्टर ने महुआ पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर गांव में सुशासन तिहार की झलक दी

Raipur, Chhattisgarh:पुसगुड़ा में सुशासन तिहार की आकर्षक तस्वीर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने महुआ पेड़ के नीचे लगाई जनचौपाल गांव तक पक्की सड़क, ग्राम विकास के लिए 20 लाख की स्वीकृति सहित लिए गए अहम् फैसले कलेक्टर को अपने बीच पाकर खुश हुए ग्रामीण स Sukma जिले में स्थित ग्राम पुसगुड़ा में शुक्रवार को कलेक्टर अमित कुमार ने महुआ पेड़ की छाँव में ग्रामीणों के बीच बैठकर जनसमस्याओं को सुना और संवाद किया। महुआ पेड़ के छाँव में लगी चौपाल करीब 106 की आबादी वाले छोटे से गांव में कलेक्टर का जमीन पर ग्रामीणों के साथ बैठना चर्चा का विषय बना है नियद नेल्लानार योजना 2.0, बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के तहत आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। कलेक्टर ने न केवल उनकी बातों को गंभीरता से सुना, बल्कि मौके पर ही समाधान की दिशा में कार्रवाई की। चौपाल के दौरान गांव के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। गांव को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु पक्की सड़क के लिए पंचायत से तत्काल प्रस्ताव मंगाया गया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांव के लिए एक ‘तूफान’ सवारी गाड़ी देने की घोषणा की गई। साथ ही सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि गर्भवती महिलाओं को पहले से चिन्हित कर समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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बिलासपुर के निजी अस्पताल में लापरवाही से आरक्षक की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर लापरवाही का खेल ठमने का नाम नहीं ले रहा है जहां सरकंडा थाने में पदस्थ एक जवान आरक्षक सत्यकुमार पाटले की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरक्षक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि शाम 4:00 बजे से 7:00 के बीच अस्पताल में मरीज को देखने के लिए डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं था साथ ही डॉक्टरों की घोर लापरवाही और गलत उपचार ने उनके घर के चिराग को बुझा दिया है। इस घटना के बाद से अस्पताल में तनाव का माहौल है और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, सरकंडा थाने में अपनी सेवाएं दे रहे आरक्षक सत्यकुमार पाटले को पथरी की शिकायत के बाद बीते 28 तारीख को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आरक्षक की स्थिति सामान्य थी और वे स्वस्थ लग रहे थे, लेकिन अचानक शाम उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उन्होंने दम तोड़ दिया। जवान की मौत की खबर सुनते ही परिजन और पुलिस विभाग के साथी स्तब्ध रह गए। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने मरीज की बिगड़ती हालत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया और इलाज में भारी अनदेखरी की गई। अस्पताल प्रबंधन की इस कथित लापरवाही के खिलाफ परिजनों ने अस्पताल में जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। सिविल लाइन टीआई एस.आर. साहू ने बताया कि मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की मांग पर इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश की गई है। कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर स्वस्थ दिख रहे आरक्षक की अचानक मौत किन कारणों से हुई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और मजिस्ट्रियल जांच के निष्कर्षों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिलासपुर का यह अस्पताल आए दिन विवादों और गंभीर आरोपों के घेरे में रहता है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब यहाँ डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगे हों, इससे पहले भी कई मरीजों की मौत पर बवाल हो चुका है।
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ऑपरेशन मुस्कान: सुल्तानपुर में 3 बच्चियाँ एक घंटे में सुरक्षित बरामद

Sultanpur, Uttar Pradesh:ऑपरेशन मुस्कान के तहत सुल्तानपुर पुलिस ने मात्र 1 घंटे के भीतर गायब हुई बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया है क्षेत्राधिकार लंभुआ आज दोपहर कोतवाली देहात पुलिस को सूचना मिली कि तीन बच्चियां जो कक्षा 5 में पढ़ती हैं वह सुबह स्कूल के लिए घर से निकली और दोपहर 2:30 बजे तक घर वापस नहीं पहुंची बच्चियों की गुमशुदा होने की खबर पर तत्काल स्थानीय थाने के पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो बच्चियां विद्यालय से 500 मीटर दूर एक स्थान पर बैठी मिली पूछताछ में पता चला कि आज यह तीनों स्कूल आने में देर हो गई थी जिस कारण डाट के डर से ये तीनों विद्यालय न जाकर बगल में ही 500 मीटर दूर पर जाकर बैठ गई थी फिलहाल पुलिस ने तीनों बच्चियों के परिजनों को उनके सुपुर्द कर दिया है
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बलरामपुर में तेंदुए का आतंक, बछिया पर हमला से दर्जनों गांव दहशत

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में तेंदुए का आतंक: घर के सामने बंधी बछिया पर हमला, 15 दिन से दहशत में दर्जन भर गांव बलरामपुर जनपद के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बनकटवा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत चौधरीडीह के मजरे शिकारी पुरवा में बीती रात तेंदुए ने घर के सामने बंधी एक बछिया पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 15 दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता लगातार बढ़ी है, जिससे लोग भयभीत हैं। ग्राम निवासी बेकारू पासवान ने बताया कि रात में उनकी मवेशी घर के सामने बंधी थी। तभी अचानक तेंदुआ आ धमका और बछिया को जमीन पर पटककर उसका गला काट दिया। “बछिया की चीख सुनकर नींद खुली, टॉर्च जलाकर देखा तो तेंदुआ वहीं खड़ा था,” उन्होंने बताया। शोर मचाने पर तेंदुआ धीरे-धीरे पास के हेंगहा नाले के जंगल की ओर चला गया। शुक्रवार सुबह घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे वन दरोगा मोहम्मद ज़हीर और वनरक्षक देवानंद मिश्रा ने घायल बछिया का उपचार कराया और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। ग्रामीण पारस, संचित, घनश्याम, विजय, गुठे, पाहू, रमेश, सुरेश, राजपता और रामकली समेत कई लोगों ने बताया कि तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ रहा है। रामगोपाल के अनुसार, गांव के पूरब स्थित हेंगहा नाले के किनारे एक छुट्टा मवेशी को तेंदुआ पहले ही अपना शिकार बना चुका है, जिसके अवशेष झाड़ियों में मिले थे。 आसपास के झरिहाडीह, गौरीपुरवा, महादेव बांकी, डेरवा, भटपुरवा और मदरहवा समेत दर्जन भर गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब तक आधा दर्जन बंदर और कुत्तों को भी निशाना बना चुका है। हालात ऐसे हैं कि किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में बनकटवा रेंजर शत्रोहन लाल ने बताया कि टीम को गांव में तैनात किया गया है और ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गश्त बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं。
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चमोली में शाम की तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना, जंगलों में आग बुझी

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के अधिकांश स्थानों पर आज शाम तेज और मूसलाधार बारिश होने से मौसम साफ और सुहावना हो गया है । कर्णप्रयाग क्षेत्र में भी आज शाम अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी और बढ़ती हीट वेव से राहत मिली, वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण लोग परेशान थे, लेकिन आज शाम को हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र का मौसम सुहाना बना दिया। पहाड़ों में आज शाम हुई तेज बारिश का सबसे बड़ा असर जंगलों में लगी आग पर देखने को मिला। बीते दिनों लगातार बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के चलते आसपास के जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं सामने आ रही थीं। हालांकि शनिवार शाम हुई तेज बारिश से जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक बुझ गई, जिससे वन विभाग और स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है। मौसम में आए इस बदलाव का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिला। बद्रीनाथ धाम की ओर जा रहे तीर्थयात्रियों और पर्यटक कर्णप्रयाग सहित आसपास के क्षेत्रों में ठंडे मौसम और बारिश का आनंद लेते नजर आए। कई यात्रियों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी के कारण यात्रा कठिन हो रही थी, लेकिन बारिश के बाद मौसम बेहद खुशनुमा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिनभर उमस और गर्मी बनी हुई थी, लेकिन शाम होते-होते अचानक काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते बाजारों और सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा वनाग्नि की घटनाओं पर भी नियंत्रण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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